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ऑर्डर से पहले
यमगण्ड काल
06:57 – 08:17
नए काम शुरू करने के लिए इस समय से बचें।
स्थानीय समय · भोपाल
शनिवार · मार्गशीर्ष · कृष्ण पक्ष
अमावस्या
सूर्योदय 06:57 — सूर्यास्त 17:38 · दिन 10 घंटे 40 मिनट
≈ 0% रोशन · घटता चंद्रमा
तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार, उनके समाप्ति समय के साथ, साथ ही मास और चंद्रमा तथा सूर्य की राशि — इस शहर के सूर्योदय के अनुसार गणना। आधी रात के बाद का समय पारंपरिक विस्तारित घड़ी में दिखता है (जैसे 27:23 = अगली सुबह 03:23)।
तिथि चंद्रमा का दिन है। सूर्य से चंद्रमा की दूरी में हर 12 अंश पर तिथि बदलती है। परंपरा में काम चुनते समय तिथि देखी जाती है। दिखाए गए समाप्ति समय पर अगली तिथि शुरू होती है।
Muhurta Chintamani — Tithi-prakaranam (Nanda/Bhadra/Jaya/Rikta/Purna tithi-types)इस पृष्ठ का हर समय सूर्य और चंद्रमा की वास्तविक स्थिति से स्विस एफेमेरिस (वही उच्च-परिशुद्धता खगोलीय इंजन जिसे पेशेवर खगोलशास्त्री उपयोग करते हैं) से निकाला जाता है, किसी छपे पंचांग या तय तालिका से नहीं।
महत्व और शुभ/अशुभ संकेत शास्त्रीय ग्रंथों (मुहूर्त चिंतामणि, बृहत् संहिता, पुराण आदि) से लिए जाते हैं और साथ में उद्धृत किए जाते हैं — हम कभी ऐसा प्रभाव नहीं बताते जो ग्रंथ में न हो।
अपना जन्म नक्षत्र और चंद्र राशि चुनें। देखें कि आज का दिन आपके लिए कैसा है। यह सिर्फ़ इसी डिवाइस पर सेव होता है, हमारे सर्वर पर नहीं।
अपना काम चुनें। देखें कि आज उसे करना ठीक है या नहीं। साथ में अच्छा समय और शास्त्रीय स्रोत भी देखें।
| काल | आरंभ | समाप्ति | प्रकार |
|---|---|---|---|
| राहु काल | 09:37 | 10:57 | अशुभ |
| यमगण्ड काल | 06:57 | 08:17 | अशुभ |
| गुलिक काल | 06:57 | 08:17 | अशुभ |
| अभिजीत मुहूर्त |
ब्रह्म मुहूर्त
05:21 – 06:09
प्रातः सन्ध्या
05:52 – 06:57
विजय मुहूर्त
14:04 – 14:47
गोधूलि मुहूर्त
17:26 – 17:50
सायाह्न सन्ध्या
17:38 – 18:43
निशीथ मुहूर्त
23:53 – 24:41
अमृत कालम्
04:09 – 05:55
स्रोत: मुहूर्त चिंतामणि; निर्णय सिंधु। उप-काल की गणना सूर्योदय + शहर के निर्देशांक पर सूर्य नक्षत्र की स्थिति से।
वर्ज्यम्
07:41 – 09:27
नक्षत्र से निकला वह काल जिसे शास्त्र टालने को कहते हैं।
दुर्मुहूर्तम्
06:57 – 07:40
वार के अनुसार तय अशुभ उप-मुहूर्त।
दुर्मुहूर्तम्
07:40 – 08:23
वार के अनुसार तय अशुभ उप-मुहूर्त।
स्रोत: मुहूर्त चिंतामणि; धर्म सिंधु। उप-काल की गणना सूर्योदय + नक्षत्र की स्थिति से।
सूर्य राशि
Dhanu#9
सूर्य नक्षत्र
Mula मूल
पाद 2 / 4
आज चंद्र पाद परिवर्तन
स्रोत: लाहिड़ी (चित्रपक्ष) निरयण गणना। पाद की गणना नक्षत्र को 3° 20′ के 4 बराबर भागों में बाँटकर।
| पद | देवता |
|---|---|
| राजा | सूर्य |
| सस्याधिपति | बुध |
बाकी शासन पद (8) इंजन द्वारा हल होते ही भर जाएँगे।
स्रोत: निर्णय सिंधु; सूर्यसिद्धांत। संवत्सर 60-वर्षीय बृहस्पति चक्र से।
Mula Gand Mool: Mool Shanti advised; ruled by Ketu, gandanta star.
दिशा शूल
पूर्व
अशुभ
स्रोत: आज इस दिशा में यात्रा करने से बचें
नक्षत्र शूल
पूर्व
अशुभ
स्रोत: आज का नक्षत्र रहने तक इस दिशा में यात्रा करने से बचें।
चंद्र वास
पूर्व
शुभ
स्रोत: आज चंद्रमा की स्थिति के अनुसार यह दिशा शुभ है।
राहु वास
तमिल योग
मुसल
अशुभ
स्रोत: आज का तमिल योग अशुभ है; नई शुरुआत टालें।
आज अनुकूल जन्म राशियाँ
मिथुन, कर्क, तुला, धनु, कुम्भ, मीन
चंद्राष्टम (टालें): वृषभ
| # | जन्म नक्षत्र | तारा | गुण |
|---|---|---|---|
| 1 | Ashwini | Janma जन्म | प्रतिकूल |
| 2 | Bharani | Ati-Mitra अतिमित्र | अनुकूल |
| 3 | Krittika | Mitra मित्र | अनुकूल |
ऋतु (वैदिक)
हेमन्त
ऋतु (दृक)
हेमन्त
अयन
दक्षिणायन
दिनमान
10 घंटे 40 मिनट
रात्रिमान
13 घंटे 20 मिनट
मध्याह्न
12:17
स्रोत: सूर्यसिद्धांत। दिनमान = सूर्योदय→सूर्यास्त के मिनट; मध्याह्न = स्थानीय सौर दोपहर।
| कलियुग वर्ष | 5126 |
| कलि अहर्गण | 1872564 |
| जूलियन दिन | 2461029.5 |
| संशोधित जूलियन दिन | 61029 |
| राता डाई | 739605 |
| राष्ट्रीय नागरिक (शक) | Agrahayana 29, 1947 Shaka |
| राष्ट्रीय निरयण (शक) | Pausha 5, 1947 Shaka |
| लाहिड़ी अयनांश | 24.2198° |
दिन के जूलियन दिन और लाहिड़ी अयनांश से निकाला गया।
शनिवार, 20 दिसम्बर 2025 — भोपाल के लिए यह दिन पंचांग की दृष्टि से ध्यान देने योग्य है। दिन की शुरुआत प्रातः 06:57 बजे सूर्योदय से होती है और अपराह्ण 17:38 बजे अस्त होता है, जिससे दिन में 10 घंटे 40 मिनट का उजाला मिलता है। आज की तिथि कृष्ण पक्ष की अमावस्या है, और नक्षत्र मूल रहेगा। आज गण्ड योग रहेगा — यही दिन के मूल पंचांग की पहचान बनाता है। ब्रह्म मुहूर्त — सुबह से पहले का ध्यान-काल — प्रातः 05:21 से प्रातः 06:09 तक रहता है, जो पूजा और अध्ययन के लिए सबसे शुभ माना जाता है।
प्रातः 09:37 से प्रातः 10:57 तक राहु काल रहता है, इसलिए भोपाल में इस खिड़की में शुभ काम रोक कर रखें। शनिवार का दिशाशूल पूर्व दिशा है; इस दिशा में नया प्रस्थान न करें तो अच्छा। शुभ पक्ष में शुभ चौघड़िया (प्रातः 08:17–प्रातः 09:37) दिन की सबसे अच्छी खिड़की है। केतु के स्वामित्व वाला मूल नक्षत्र इस प्राचीन पंचांग को भोपाल के क्षितिज तक ले आता है।
नक्षत्र आकाश के 27 हिस्सों में से वह हिस्सा है जहाँ आज चंद्रमा है। हर नक्षत्र का अपना स्वभाव है। शास्त्रीय ग्रंथ इसके आधार पर बताते हैं कि दिन किन कामों के लिए अच्छा है।
Brihat Samhita — Nakshatra chapters (nakshatra qualities)यह सूर्य और चंद्रमा की स्थिति से बने 27 योगों में से एक है। यह आसन वाला योग नहीं है। व्यतीपात और वैधृति जैसे कुछ योग टालने योग्य हैं; अधिकांश सामान्य हैं।
Muhurta Chintamani — Yoga enumeration (tyajya-yoga list, v. 33)करण आधी तिथि है; एक तिथि में दो करण होते हैं। विष्टि, जिसे भद्रा भी कहते हैं, अशुभ माना जाता है। बाकी करणों में काम किया जा सकता है।
BPHS — Karana-jnana-vidhi (11 karanas including Vishti)वार सप्ताह का दिन और उसका स्वामी ग्रह है। परंपरा में ग्रह के अनुसार काम चुने जाते हैं। जैसे बृहस्पति का दिन गुरुवार शुभ शुरुआत के लिए बताया जाता है।
Muhurta Chintamani — Vara-prakaranam (weekday lords)यह चंद्र मास है। अमांत मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है। पूर्णिमांत मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है। इसलिए क्षेत्र के अनुसार मास का नाम अलग हो सकता है। चंद्र और सौर वर्ष मिलाने के लिए अधिक मास जोड़ा जाता है।
Nirnaya Sindhu — Adhikamasa-nirnaya (intercalary month)पक्ष लगभग पंद्रह दिनों का होता है। शुक्ल पक्ष में चंद्रमा पूर्णिमा की ओर बढ़ता है। कृष्ण पक्ष में वह अमावस्या की ओर घटता है।
कैलेंडर की परिभाषा
यह वह राशि है जिसमें आज चंद्रमा है। इसे आपकी जन्म चंद्र राशि से मिलाकर चंद्रबल देखा जाता है। चंद्रबल बताता है कि आज चंद्रमा आपके लिए कितना अनुकूल है।
Muhurta Chintamani — 2.4-2.5 (Chandrabala)निरयण (लाहिड़ी) गणना; अंग समाप्ति समय शहर के वास्तविक सूर्योदय के अनुसार। “अधिक मास” उस अतिरिक्त चंद्र मास को दर्शाता है जिसमें कोई सौर संक्रांति नहीं होती।
| 11:56 |
| 12:39 |
| शुभ |
पश्चिम
अशुभ
स्रोत: राहु इस दिशा में है; इस ओर मुख करके चढ़ावा देने से बचें।
अग्निवास
स्वर्ग
शुभ
स्रोत: हवन के लिए दिन चुनने में अग्नि का यह स्थान देखा जाता है।
शिववास
वृषभ
शुभ
स्रोत: रुद्राभिषेक का समय चुनने के लिए शिव का यह स्थान देखा जाता है।
होमाहुति
सूर्य
शुभ
स्रोत: शुभ ग्रह के मुख में होमाहुति शुभ होती है।
आनंदादि योग
गद
अशुभ
स्रोत: आज का आनंदादि योग अशुभ है; नई शुरुआत टालें।
| 4 | Rohini | Vadha वध | प्रतिकूल |
| 5 | Mrigashira | Sadhaka साधक | अनुकूल |
| 6 | Ardra | Pratyari प्रत्यरि | प्रतिकूल |
| 7 | Punarvasu | Kshema क्षेम | अनुकूल |
| 8 | Pushya | Vipat विपत् | प्रतिकूल |
| 9 | Ashlesha | Sampat सम्पत् | अनुकूल |
| 10 | Magha | Janma जन्म | प्रतिकूल |
| 11 | Purva Phalguni | Ati-Mitra अतिमित्र | अनुकूल |
| 12 | Uttara Phalguni | Mitra मित्र | अनुकूल |
| 13 | Hasta | Vadha वध | प्रतिकूल |
| 14 | Chitra | Sadhaka साधक | अनुकूल |
| 15 | Swati | Pratyari प्रत्यरि | प्रतिकूल |
| 16 | Vishakha | Kshema क्षेम | अनुकूल |
| 17 | Anuradha | Vipat विपत् | प्रतिकूल |
| 18 | Jyeshtha | Sampat सम्पत् | अनुकूल |
| 19 | Mula | Janma जन्म | प्रतिकूल |
| 20 | Purva Ashadha | Ati-Mitra अतिमित्र | अनुकूल |
| 21 | Uttara Ashadha | Mitra मित्र | अनुकूल |
| 22 | Shravana | Vadha वध | प्रतिकूल |
| 23 | Dhanishtha | Sadhaka साधक | अनुकूल |
| 24 | Shatabhisha | Pratyari प्रत्यरि | प्रतिकूल |
| 25 | Purva Bhadrapada | Kshema क्षेम | अनुकूल |
| 26 | Uttara Bhadrapada | Vipat विपत् | प्रतिकूल |
| 27 | Revati | Sampat सम्पत् | अनुकूल |
| # | जन्म राशि | जन्म से भाव | अनुकूल |
|---|---|---|---|
| 1 | मेष | 9 | नहीं |
| 2 | वृषभ | 8 | नहीं |
| 3 | मिथुन | 7 | हाँ |
| 4 | कर्क | 6 | हाँ |
| 5 | सिंह | 5 | नहीं |
| 6 | कन्या | 4 | नहीं |
| 7 | तुला | 3 | हाँ |
| 8 | वृश्चिक | 2 | नहीं |
| 9 | धनु | 1 | हाँ |
| 10 | मकर | 12 | नहीं |
| 11 | कुम्भ | 11 | हाँ |
| 12 | मीन | 10 | हाँ |
स्रोत: मुहूर्त चिंतामणि; बृहत् संहिता। ताराबल जन्म-नक्षत्र से आज के नक्षत्र तक 9-चक्र का उपयोग करता है।
| # | राशि | आरंभ | समाप्ति |
|---|---|---|---|
| 9 | Dhanu धनु | 06:57 | 08:47 |
| 10 | Makara मकर | 08:47 | 10:37 |
| 11 | Kumbha कुम्भ | 10:37 | 12:07 |
| 12 | Meena मीन | 12:07 | 13:37 |
| 1 | Mesha मेष | 13:37 | 15:17 |
| 2 | Vrishabha वृषभ | 15:17 | 17:17 |
| 3 | Mithuna मिथुन | 17:17 | 19:32 |
| 4 | Karka कर्क | 19:32 | 21:47 |
| 5 | Simha सिंह | 21:47 | 23:57 |
| 6 | Kanya कन्या | 23:57 | 02:07 |
| 7 | Tula तुला | 02:07 | 04:22 |
| 8 | Vrishchika वृश्चिक | 04:22 | 06:42 |
| 9 | Dhanu धनु | 06:42 | 06:57 |
| # | नाम | आरंभ | समाप्ति | गुण |
|---|---|---|---|---|
| 1 | Mrityu मृत्यु | 06:57 | 07:40 | अशुभ |
| 2 | Agni अग्नि | 07:40 | 08:23 | अशुभ |
| 3 | Raja राज | 08:23 | 09:05 | अशुभ |
| 4 | Chora चोर | 09:05 | 09:48 | अशुभ |
| 5 | Shubha शुभ | 09:48 | 10:31 | शुभ |
| 6 | Roga रोग | 10:31 | 11:13 | अशुभ |
| 7 | Mrityu मृत्यु | 11:13 | 11:56 | अशुभ |
| 8 | Agni अग्नि | 11:56 | 12:39 | अशुभ |
| 9 | Raja राज | 12:39 | 13:21 | अशुभ |
| 10 | Chora चोर | 13:21 | 14:04 | अशुभ |
| 11 | Shubha शुभ | 14:04 | 14:47 | शुभ |
| 12 | Roga रोग | 14:47 | 15:29 | अशुभ |
| 13 | Mrityu मृत्यु | 15:29 | 16:12 | अशुभ |
| 14 | Agni अग्नि | 16:12 | 16:55 | अशुभ |
| 15 | Raja राज | 16:55 | 17:38 | अशुभ |
स्रोत: मुहूर्त चिंतामणि; निर्णय सिंधु।
किंस्तुघ्न करण साधना
Muhurta Chintamani
काली महामन्त्र जप
Rudrayamala Tantra
देवी कवचम् पाठ
Devi Mahatmya, Markandeya Purana
चण्डी पाठ
Markandeya Purana, Devi Mahatmya
बगलामुखी स्तम्भन साधना
Baglamukhi Tantra, Rudrayamala, Mantra Mahodadhi
तारा साधना
Tara Tantra, Todala Tantra, Tantrasara (Krishnananda)
66/ 100 अंक