आज पंचक है या नहीं — प्रकार और कब से कब तक
समीक्षक Pt. Deep Narayan Mishra, Consulting Astrologer · अंतिम समीक्षा 15 July 2026 · हम इसकी गणना कैसे करते हैं
पंचक करीब पाँच दिन का वह काल है जब चंद्रमा आख़िरी पाँच नक्षत्रों — धनिष्ठा के उत्तरार्ध से शतभिषा, पूर्वा भाद्रपद, उत्तरा भाद्रपद होते हुए रेवती तक — से गुज़रता है (कुंभ और मीन राशि में चंद्रमा)। परंपरा इसमें कुछ गिने-चुने काम टालने को कहती है — छत डालना, चारपाई बनवाना, लकड़ी/ईंधन इकट्ठा करना, दक्षिण दिशा की यात्रा और अंतिम संस्कार से जुड़े काम — रोज़मर्रा के काम नहीं। यह टूल बताता है कि आज आपके शहर में पंचक चल रहा है या नहीं, कौन-सा प्रकार है, और यह कब शुरू होकर कब खत्म होगा।
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शहर और तारीख चुनें और पूरा पेज खोलें — पंचक की स्थिति, प्रकार, और सटीक शुरुआत-समाप्ति समय के साथ।
पंचक के पाँच प्रकार
प्रकार उस वार से तय होता है जिस दिन पंचक शुरू होता है:
- रविवार से शुरू — रोग पंचक
- सोमवार से शुरू — राज पंचक
- मंगलवार से शुरू — अग्नि पंचक
- शुक्रवार से शुरू — चोर पंचक
- शनिवार से शुरू — मृत्यु पंचक
- बुधवार / गुरुवार से शुरू — कोई नामित प्रकार नहीं
पंचक में परंपरा क्या टालने को कहती है
- छत डालना
- चारपाई / पलंग बनवाना
- लकड़ी / ईंधन इकट्ठा करना
- दक्षिण दिशा की यात्रा
- अंतिम संस्कार से जुड़े काम (जिनके लिए अलग शांति विधि है)
रोज़मर्रा के सामान्य काम इसमें नहीं रोके जाते — टालने की सूची जान-बूझकर छोटी और सीमित है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
पंचक क्या है?
पंचक करीब पाँच दिन का वह काल है जब चंद्रमा आख़िरी पाँच नक्षत्रों — धनिष्ठा के उत्तरार्ध से शतभिषा, पूर्वा भाद्रपद, उत्तरा भाद्रपद होते हुए रेवती तक — से गुज़रता है, यानी चंद्रमा कुंभ और मीन राशि में होता है।
पंचक कितने प्रकार का होता है?
पंचक का प्रकार उस वार से तय होता है जिस दिन पंचक शुरू होता है — रविवार से रोग पंचक, सोमवार से राज पंचक, मंगलवार से अग्नि पंचक, शुक्रवार से चोर पंचक और शनिवार से मृत्यु पंचक। बुधवार या गुरुवार से शुरू होने वाले पंचक का कोई नामित प्रकार नहीं होता।
पंचक में कौन-से काम टाले जाते हैं?
परंपरा पंचक में कुछ गिने-चुने काम टालने को कहती है — छत डालना, चारपाई बनवाना, लकड़ी/ईंधन इकट्ठा करना, दक्षिण दिशा की यात्रा और अंतिम संस्कार से जुड़े काम। रोज़मर्रा के सामान्य काम इसमें नहीं रोके जाते।
पंचक कितने दिन चलता है?
चंद्रमा को धनिष्ठा के उत्तरार्ध से रेवती तक पहुँचने में करीब पाँच दिन लगते हैं, इसलिए पंचक हर चंद्र-चक्र में करीब पाँच दिन चलता है। सटीक शुरुआत और समाप्ति चंद्रमा की असली गति से तय होती है — यह टूल दोनों समय लाइव दिखाता है।
क्या पंचक का समय हर शहर के लिए अलग होता है?
पंचक चंद्रमा की नक्षत्र-स्थिति से तय होता है, लेकिन दिखाया जाने वाला समय आपके शहर की स्थानीय घड़ी में बदला जाता है। शहर और तारीख चुनें और उस दिन की पूरी स्थिति देखें।
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