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ऑर्डर से पहले
राहु काल
16:23 – 17:56
नए काम शुरू करने के लिए इस समय से बचें।
स्थानीय समय · पटना
रविवार · भाद्रपद · शुक्ल पक्ष
बढ़ता चंद्रमा — आधे से ज़्यादा
सूर्योदय 05:34 — सूर्यास्त 17:56 · दिन 12 घंटे 22 मिनट
≈ 86% रोशन · बढ़ता चंद्रमा
तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार, उनके समाप्ति समय के साथ, साथ ही मास और चंद्रमा तथा सूर्य की राशि — इस शहर के सूर्योदय के अनुसार गणना। आधी रात के बाद का समय पारंपरिक विस्तारित घड़ी में दिखता है (जैसे 27:23 = अगली सुबह 03:23)।
तिथि चंद्रमा का दिन है। सूर्य से चंद्रमा की दूरी में हर 12 अंश पर तिथि बदलती है। परंपरा में काम चुनते समय तिथि देखी जाती है। दिखाए गए समाप्ति समय पर अगली तिथि शुरू होती है।
Muhurta Chintamani — Tithi-prakaranam (Nanda/Bhadra/Jaya/Rikta/Purna tithi-types)इस पृष्ठ का हर समय सूर्य और चंद्रमा की वास्तविक स्थिति से स्विस एफेमेरिस (वही उच्च-परिशुद्धता खगोलीय इंजन जिसे पेशेवर खगोलशास्त्री उपयोग करते हैं) से निकाला जाता है, किसी छपे पंचांग या तय तालिका से नहीं।
महत्व और शुभ/अशुभ संकेत शास्त्रीय ग्रंथों (मुहूर्त चिंतामणि, बृहत् संहिता, पुराण आदि) से लिए जाते हैं और साथ में उद्धृत किए जाते हैं — हम कभी ऐसा प्रभाव नहीं बताते जो ग्रंथ में न हो।
अपना जन्म नक्षत्र और चंद्र राशि चुनें। देखें कि आज का दिन आपके लिए कैसा है। यह सिर्फ़ इसी डिवाइस पर सेव होता है, हमारे सर्वर पर नहीं।
अपना काम चुनें। देखें कि आज उसे करना ठीक है या नहीं। साथ में अच्छा समय और शास्त्रीय स्रोत भी देखें।
| काल | आरंभ | समाप्ति | प्रकार |
|---|---|---|---|
| राहु काल | 16:23 | 17:56 | अशुभ |
| यमगण्ड काल | 11:45 | 13:18 | अशुभ |
| गुलिक काल | 14:51 | 16:23 | अशुभ |
| अभिजीत मुहूर्त |
ब्रह्म मुहूर्त
03:58 – 04:46
प्रातः सन्ध्या
04:29 – 05:34
विजय मुहूर्त
13:49 – 14:38
गोधूलि मुहूर्त
17:44 – 18:08
सायाह्न सन्ध्या
17:56 – 19:01
निशीथ मुहूर्त
23:21 – 24:09
अमृत कालम्
06:35 – 08:24
स्रोत: मुहूर्त चिंतामणि; निर्णय सिंधु। उप-काल की गणना सूर्योदय + शहर के निर्देशांक पर सूर्य नक्षत्र की स्थिति से।
वर्ज्यम्
07:30 – 09:18
नक्षत्र से निकला वह काल जिसे शास्त्र टालने को कहते हैं।
दुर्मुहूर्तम्
16:17 – 17:07
वार के अनुसार तय अशुभ उप-मुहूर्त।
स्रोत: मुहूर्त चिंतामणि; धर्म सिंधु। उप-काल की गणना सूर्योदय + नक्षत्र की स्थिति से।
सूर्य राशि
Simha#5
सूर्य नक्षत्र
Purva Phalguni पूर्वाफाल्गुनी
पाद 4 / 4
आज चंद्र पाद परिवर्तन
स्रोत: लाहिड़ी (चित्रपक्ष) निरयण गणना। पाद की गणना नक्षत्र को 3° 20′ के 4 बराबर भागों में बाँटकर।
| पद | देवता |
|---|---|
| राजा | बुध |
| सस्याधिपति | शनि |
बाकी शासन पद (8) इंजन द्वारा हल होते ही भर जाएँगे।
स्रोत: निर्णय सिंधु; सूर्यसिद्धांत। संवत्सर 60-वर्षीय बृहस्पति चक्र से।
दिशा शूल
पश्चिम
अशुभ
स्रोत: आज इस दिशा में यात्रा करने से बचें
नक्षत्र शूल
दक्षिण
अशुभ
स्रोत: आज का नक्षत्र रहने तक इस दिशा में यात्रा करने से बचें।
चंद्र वास
दक्षिण
शुभ
स्रोत: आज चंद्रमा की स्थिति के अनुसार यह दिशा शुभ है।
राहु वास
नैऋत्य
अशुभ
स्रोत: राहु इस दिशा में है; इस ओर मुख करके चढ़ावा देने से बचें।
अग्निवास
तमिल योग
सिद्ध
शुभ
स्रोत: आज का तमिल योग शुभ है।
आज अनुकूल जन्म राशियाँ
मेष, कर्क, सिंह, वृश्चिक, मकर, मीन
चंद्राष्टम (टालें): मिथुन
| # | जन्म नक्षत्र | तारा | गुण |
|---|---|---|---|
| 1 | Ashwini | Kshema क्षेम | अनुकूल |
| 2 | Bharani | Vipat विपत् | प्रतिकूल |
| 3 | Krittika | Sampat सम्पत् | अनुकूल |
ऋतु (वैदिक)
वर्षा
ऋतु (दृक)
वर्षा
अयन
दक्षिणायन
दिनमान
12 घंटे 22 मिनट
रात्रिमान
11 घंटे 38 मिनट
मध्याह्न
11:45
स्रोत: सूर्यसिद्धांत। दिनमान = सूर्योदय→सूर्यास्त के मिनट; मध्याह्न = स्थानीय सौर दोपहर।
| कलियुग वर्ष | 5128 |
| कलि अहर्गण | 1873195 |
| जूलियन दिन | 2461660.5 |
| संशोधित जूलियन दिन | 61660 |
| राता डाई | 740236 |
| राष्ट्रीय नागरिक (शक) | Bhadra 21, 1949 Shaka |
| राष्ट्रीय निरयण (शक) | Bhadrapada 27, 1949 Shaka |
| लाहिड़ी अयनांश | 24.244° |
दिन के जूलियन दिन और लाहिड़ी अयनांश से निकाला गया।
पटना में रविवार, 12 सितम्बर 2027 का दिन अपनी अलग ऊर्जा के साथ शुरू होता है। पटना में सूरज प्रातः 05:34 बजे निकलता है और अपराह्ण 17:56 बजे अस्त होता है, जिससे दिन में 12 घंटे 22 मिनट का उजाला मिलता है। आज की तिथि शुक्ल पक्ष की द्वादशी है, और नक्षत्र श्रवण रहेगा। आज शोभन योग रहेगा — यही दिन के मूल पंचांग की पहचान बनाता है। ब्रह्म मुहूर्त — सुबह से पहले का ध्यान-काल — रात्रि 03:58 से रात्रि 04:46 तक रहता है, जो पूजा और अध्ययन के लिए सबसे शुभ माना जाता है।
अपराह्ण 16:23 से अपराह्ण 17:56 तक राहु काल रहता है, इसलिए पटना में इस खिड़की में शुभ काम रोक कर रखें। रविवार का दिशाशूल पश्चिम दिशा है; इस दिशा में नया प्रस्थान न करें तो अच्छा। शुभ पक्ष में लाभ चौघड़िया (प्रातः 08:40–प्रातः 10:13) दिन की सबसे अच्छी खिड़की है। चन्द्र के स्वामित्व वाला श्रवण नक्षत्र इस प्राचीन पंचांग को पटना के क्षितिज तक ले आता है।
नक्षत्र आकाश के 27 हिस्सों में से वह हिस्सा है जहाँ आज चंद्रमा है। हर नक्षत्र का अपना स्वभाव है। शास्त्रीय ग्रंथ इसके आधार पर बताते हैं कि दिन किन कामों के लिए अच्छा है।
Brihat Samhita — Nakshatra chapters (nakshatra qualities)यह सूर्य और चंद्रमा की स्थिति से बने 27 योगों में से एक है। यह आसन वाला योग नहीं है। व्यतीपात और वैधृति जैसे कुछ योग टालने योग्य हैं; अधिकांश सामान्य हैं।
Muhurta Chintamani — Yoga enumeration (tyajya-yoga list, v. 33)करण आधी तिथि है; एक तिथि में दो करण होते हैं। विष्टि, जिसे भद्रा भी कहते हैं, अशुभ माना जाता है। बाकी करणों में काम किया जा सकता है।
BPHS — Karana-jnana-vidhi (11 karanas including Vishti)वार सप्ताह का दिन और उसका स्वामी ग्रह है। परंपरा में ग्रह के अनुसार काम चुने जाते हैं। जैसे बृहस्पति का दिन गुरुवार शुभ शुरुआत के लिए बताया जाता है।
Muhurta Chintamani — Vara-prakaranam (weekday lords)यह चंद्र मास है। अमांत मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है। पूर्णिमांत मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है। इसलिए क्षेत्र के अनुसार मास का नाम अलग हो सकता है। चंद्र और सौर वर्ष मिलाने के लिए अधिक मास जोड़ा जाता है।
Nirnaya Sindhu — Adhikamasa-nirnaya (intercalary month)पक्ष लगभग पंद्रह दिनों का होता है। शुक्ल पक्ष में चंद्रमा पूर्णिमा की ओर बढ़ता है। कृष्ण पक्ष में वह अमावस्या की ओर घटता है।
कैलेंडर की परिभाषा
यह वह राशि है जिसमें आज चंद्रमा है। इसे आपकी जन्म चंद्र राशि से मिलाकर चंद्रबल देखा जाता है। चंद्रबल बताता है कि आज चंद्रमा आपके लिए कितना अनुकूल है।
Muhurta Chintamani — 2.4-2.5 (Chandrabala)निरयण (लाहिड़ी) गणना; अंग समाप्ति समय शहर के वास्तविक सूर्योदय के अनुसार। “अधिक मास” उस अतिरिक्त चंद्र मास को दर्शाता है जिसमें कोई सौर संक्रांति नहीं होती।
| 11:20 |
| 12:10 |
| शुभ |
पाताल
अशुभ
स्रोत: हवन के लिए दिन चुनने में अग्नि का यह स्थान देखा जाता है।
शिववास
गौरीसन्निधि
शुभ
स्रोत: रुद्राभिषेक का समय चुनने के लिए शिव का यह स्थान देखा जाता है।
होमाहुति
शनि
अशुभ
स्रोत: खलग्रह के मुख में होमाहुति शुभ नहीं होती।
आनंदादि योग
गद
अशुभ
स्रोत: आज का आनंदादि योग अशुभ है; नई शुरुआत टालें।
| 4 | Rohini | Janma जन्म | प्रतिकूल |
| 5 | Mrigashira | Ati-Mitra अतिमित्र | अनुकूल |
| 6 | Ardra | Mitra मित्र | अनुकूल |
| 7 | Punarvasu | Vadha वध | प्रतिकूल |
| 8 | Pushya | Sadhaka साधक | अनुकूल |
| 9 | Ashlesha | Pratyari प्रत्यरि | प्रतिकूल |
| 10 | Magha | Kshema क्षेम | अनुकूल |
| 11 | Purva Phalguni | Vipat विपत् | प्रतिकूल |
| 12 | Uttara Phalguni | Sampat सम्पत् | अनुकूल |
| 13 | Hasta | Janma जन्म | प्रतिकूल |
| 14 | Chitra | Ati-Mitra अतिमित्र | अनुकूल |
| 15 | Swati | Mitra मित्र | अनुकूल |
| 16 | Vishakha | Vadha वध | प्रतिकूल |
| 17 | Anuradha | Sadhaka साधक | अनुकूल |
| 18 | Jyeshtha | Pratyari प्रत्यरि | प्रतिकूल |
| 19 | Mula | Kshema क्षेम | अनुकूल |
| 20 | Purva Ashadha | Vipat विपत् | प्रतिकूल |
| 21 | Uttara Ashadha | Sampat सम्पत् | अनुकूल |
| 22 | Shravana | Janma जन्म | प्रतिकूल |
| 23 | Dhanishtha | Ati-Mitra अतिमित्र | अनुकूल |
| 24 | Shatabhisha | Mitra मित्र | अनुकूल |
| 25 | Purva Bhadrapada | Vadha वध | प्रतिकूल |
| 26 | Uttara Bhadrapada | Sadhaka साधक | अनुकूल |
| 27 | Revati | Pratyari प्रत्यरि | प्रतिकूल |
| # | जन्म राशि | जन्म से भाव | अनुकूल |
|---|---|---|---|
| 1 | मेष | 10 | हाँ |
| 2 | वृषभ | 9 | नहीं |
| 3 | मिथुन | 8 | नहीं |
| 4 | कर्क | 7 | हाँ |
| 5 | सिंह | 6 | हाँ |
| 6 | कन्या | 5 | नहीं |
| 7 | तुला | 4 | नहीं |
| 8 | वृश्चिक | 3 | हाँ |
| 9 | धनु | 2 | नहीं |
| 10 | मकर | 1 | हाँ |
| 11 | कुम्भ | 12 | नहीं |
| 12 | मीन | 11 | हाँ |
स्रोत: मुहूर्त चिंतामणि; बृहत् संहिता। ताराबल जन्म-नक्षत्र से आज के नक्षत्र तक 9-चक्र का उपयोग करता है।
| # | राशि | आरंभ | समाप्ति |
|---|---|---|---|
| 5 | Simha सिंह | 05:34 | 06:04 |
| 6 | Kanya कन्या | 06:04 | 08:14 |
| 7 | Tula तुला | 08:14 | 10:34 |
| 8 | Vrishchika वृश्चिक | 10:34 | 12:49 |
| 9 | Dhanu धनु | 12:49 | 14:54 |
| 10 | Makara मकर | 14:54 | 16:39 |
| 11 | Kumbha कुम्भ | 16:39 | 18:09 |
| 12 | Meena मीन | 18:09 | 19:39 |
| 1 | Mesha मेष | 19:39 | 21:14 |
| 2 | Vrishabha वृषभ | 21:14 | 23:14 |
| 3 | Mithuna मिथुन | 23:14 | 01:24 |
| 4 | Karka कर्क | 01:24 | 03:44 |
| 5 | Simha सिंह | 03:44 | 05:34 |
| # | नाम | आरंभ | समाप्ति | गुण |
|---|---|---|---|---|
| 1 | Chora चोर | 05:34 | 06:24 | अशुभ |
| 2 | Shubha शुभ | 06:24 | 07:13 | शुभ |
| 3 | Roga रोग | 07:13 | 08:03 | अशुभ |
| 4 | Mrityu मृत्यु | 08:03 | 08:52 | अशुभ |
| 5 | Agni अग्नि | 08:52 | 09:42 | अशुभ |
| 6 | Raja राज | 09:42 | 10:31 | अशुभ |
| 7 | Chora चोर | 10:31 | 11:20 | अशुभ |
| 8 | Shubha शुभ | 11:20 | 12:10 | शुभ |
| 9 | Roga रोग | 12:10 | 12:59 | अशुभ |
| 10 | Mrityu मृत्यु | 12:59 | 13:49 | अशुभ |
| 11 | Agni अग्नि | 13:49 | 14:38 | अशुभ |
| 12 | Raja राज | 14:38 | 15:28 | अशुभ |
| 13 | Chora चोर | 15:28 | 16:17 | अशुभ |
| 14 | Shubha शुभ | 16:17 | 17:07 | शुभ |
| 15 | Roga रोग | 17:07 | 17:56 | अशुभ |
स्रोत: मुहूर्त चिंतामणि; निर्णय सिंधु।