पूर्णिमा कैलेंडर
पूर्णिमा शुक्ल पक्ष की 15वीं तिथि है — यानी पूरे चाँद वाला दिन। यह हर चांद्र मास में एक बार आती है और उसी चांद्र मास के नाम से जानी जाती है: कार्तिक पूर्णिमा, शरद पूर्णिमा, वैशाख पूर्णिमा वगैरह। सटीक समय इस बात पर निर्भर करता है कि किसी शहर के स्थानीय पंचांग में चाँद सूर्य से 180° पर कब पहुँचता है।
शहर अनुसार पूर्णिमा तिथियाँ — 2026
- मुंबईMumbai
- दिल्लीDelhi
- बेंगलुरुBengaluru
- हैदराबादHyderabad
- अहमदाबादAhmedabad
- चेन्नईChennai
- कोलकाताKolkata
- पुणेPune
- जयपुरJaipur
- लखनऊLucknow
- कानपुरKanpur
- नागपुरNagpur
- इंदौरIndore
- भोपालBhopal
- पटनाPatna
- वडोदराVadodara
पूर्णिमा का महत्व
वैदिक कैलेंडर में पूरे चाँद को चंद्र की सकारात्मक ऊर्जा का चरम माना जाता है। बड़े त्योहार पूर्णिमा को पड़ते हैं: गुरु पूर्णिमा (आषाढ़), शरद पूर्णिमा (अश्विन), कार्तिक पूर्णिमा (देव दीपावली और पुष्कर मेले से जुड़ी), और होली (फाल्गुन)। सत्यनारायण व्रत, जो पूरे भारत में किया जाता है, पूर्णिमा को ही होता है। तिथि समय क्षेत्र के साथ बदलती है — स्थानीय सूर्योदय तय करता है कि पूर्णिमा कब शुरू होती है और कब खत्म।
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