रत्नमाला अप्सरा साधना किटRatnamala Apsara Sadhana Kit
पारंपरिक उद्देश्य — सौंदर्य, समृद्धि और रत्न आभूषणों की प्राप्ति के लिए दिव्य साधना। किट में गुरुजी द्वारा प्राण-प्रतिष्ठित यंत्र, माला और तस्वीर आते हैं।
ऑर्डर मिलने पर तैयार की जाती है। वापसी योग्य नहीं।
इस किट में क्या आता है
गुरुजी द्वारा प्राण-प्रतिष्ठित यंत्र, माला और तस्वीर।
इस साधना के लिए साथ में:
- बाजोट और धारण के लिए सफेद वस्त्र
- गुलाब जल
- गुलाब की पंखुड़ियां और फूल
- शुद्ध गाय का घी
- सुगंधित इत्र
- अगरबत्ती
- भोग के लिए मिष्ठान
इस अध्याय की पूरी सामग्री-सूची गाइड में है। ऊपर जो नहीं लिखा, उसका प्रबंध आपको स्वयं करना होगा।
शुरू करने से पहले गुरु-दीक्षा आवश्यक है
यह साधना अकेले शुरू करने के लिए नहीं है। पहले योग्य गुरु से दीक्षा आवश्यक है। यदि अभी गुरु नहीं हैं, तो गाइड पढ़ें — कुंडलिट आपको दीक्षा की प्रक्रिया समझने और गुरुजी से जुड़ने में सहायता करेगा।
पूरी गाइड पढ़ेंरत्नमाला अप्सरा साधना किट में गुरुजी द्वारा प्राण-प्रतिष्ठित यंत्र, माला और तस्वीर आते हैं, साथ में इस अध्याय में बताई गई 7 सामग्री, इसलिए शुरू करने से पहले दुकान-दुकान भटकना नहीं पड़ता। इस साधना की चरण-दर-चरण विधि, मंत्र, नियम, सावधानियाँ और गुरुजी का मूल वीडियो अप्सरा साधना गाइड में हैं — जो अलग से खरीदी जाती है और आपके खाते में पढ़ी जाती है। किसी भी साधना को शुरू करने से पहले गुरु-दीक्षा आवश्यक है। वर्णित लाभ पारंपरिक मान्यताएँ हैं, गारंटीकृत परिणाम नहीं।
इस साधना के पारंपरिक लाभ
- साधक को रत्न और आभूषण प्रदान करने की मान्यता
- दरिद्रता का नाश और समृद्धि लाने की मान्यता
- सौंदर्य वृद्धि और यौवन बनाए रखने की मान्यता
- जीवन में उमंग और आनंद भरने की मान्यता
- साधक की सभी इच्छाओं और आवश्यकताओं की पूर्ति की मान्यता
- जीवन को सुगंधमय और आनंदमय बनाने की मान्यता
ये पारंपरिक मान्यताएँ हैं, गारंटीकृत परिणाम नहीं। साधना गुरु-दीक्षा के बाद ही करें।
एक नज़र में यह साधना
- अवधि
- पूर्णिमा से पूर्णिमा तक 30 दिन
- आरंभ समय
- पूर्णिमा
किट में सामग्री है; विधि गाइड में है।
इस साधना की चरण-दर-चरण विधि, मंत्र, नियम, सावधानियाँ और गुरुजी का मूल वीडियो अप्सरा साधना गाइड में हैं — जो अलग से खरीदी जाती है और आपके खाते में पढ़ी जाती है।