Kundlit पर और
कुंडली रिपोर्ट और लाइव सलाह
मुफ़्त टूल और AI चैट
ऑर्डर से पहले
चौघड़िया
10:51 – 12:20
दिन का पहला शुभ समय: लाभ
स्थानीय समय · चेन्नई
मङ्गलवार · फाल्गुन · शुक्ल पक्ष
पूर्णिमा
सूर्योदय 06:24 — सूर्यास्त 18:17 · दिन 11 घंटे 52 मिनट
≈ 100% रोशन · बढ़ता चंद्रमा
तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार, उनके समाप्ति समय के साथ, साथ ही मास और चंद्रमा तथा सूर्य की राशि — इस शहर के सूर्योदय के अनुसार गणना। आधी रात के बाद का समय पारंपरिक विस्तारित घड़ी में दिखता है (जैसे 27:23 = अगली सुबह 03:23)।
तिथि चंद्रमा का दिन है। सूर्य से चंद्रमा की दूरी में हर 12 अंश पर तिथि बदलती है। परंपरा में काम चुनते समय तिथि देखी जाती है। दिखाए गए समाप्ति समय पर अगली तिथि शुरू होती है।
Muhurta Chintamani — Tithi-prakaranam (Nanda/Bhadra/Jaya/Rikta/Purna tithi-types)इस पृष्ठ का हर समय सूर्य और चंद्रमा की वास्तविक स्थिति से स्विस एफेमेरिस (वही उच्च-परिशुद्धता खगोलीय इंजन जिसे पेशेवर खगोलशास्त्री उपयोग करते हैं) से निकाला जाता है, किसी छपे पंचांग या तय तालिका से नहीं।
महत्व और शुभ/अशुभ संकेत शास्त्रीय ग्रंथों (मुहूर्त चिंतामणि, बृहत् संहिता, पुराण आदि) से लिए जाते हैं और साथ में उद्धृत किए जाते हैं — हम कभी ऐसा प्रभाव नहीं बताते जो ग्रंथ में न हो।
अपना जन्म नक्षत्र और चंद्र राशि चुनें। देखें कि आज का दिन आपके लिए कैसा है। यह सिर्फ़ इसी डिवाइस पर सेव होता है, हमारे सर्वर पर नहीं।
अपना काम चुनें। देखें कि आज उसे करना ठीक है या नहीं। साथ में अच्छा समय और शास्त्रीय स्रोत भी देखें।
| काल | आरंभ | समाप्ति | प्रकार |
|---|---|---|---|
| राहु काल | 15:18 | 16:48 | अशुभ |
| यमगण्ड काल | 09:22 | 10:51 | अशुभ |
| गुलिक काल | 12:20 | 13:49 | अशुभ |
| अभिजीत मुहूर्त |
ब्रह्म मुहूर्त
04:48 – 05:36
प्रातः सन्ध्या
05:19 – 06:24
विजय मुहूर्त
14:19 – 15:07
गोधूलि मुहूर्त
18:05 – 18:29
सायाह्न सन्ध्या
18:17 – 19:22
निशीथ मुहूर्त
23:56 – 24:44
अमृत कालम्
20:29 – 22:03
स्रोत: मुहूर्त चिंतामणि; निर्णय सिंधु। उप-काल की गणना सूर्योदय + शहर के निर्देशांक पर सूर्य नक्षत्र की स्थिति से।
वर्ज्यम्
19:41 – 21:16
नक्षत्र से निकला वह काल जिसे शास्त्र टालने को कहते हैं।
दुर्मुहूर्तम्
08:47 – 09:34
वार के अनुसार तय अशुभ उप-मुहूर्त।
दुर्मुहूर्तम्
12:44 – 13:32
वार के अनुसार तय अशुभ उप-मुहूर्त।
स्रोत: मुहूर्त चिंतामणि; धर्म सिंधु। उप-काल की गणना सूर्योदय + नक्षत्र की स्थिति से।
सूर्य राशि
Kumbha#11
सूर्य नक्षत्र
Shatabhisha शतभिषा
पाद 4 / 4
आज चंद्र पाद परिवर्तन
स्रोत: लाहिड़ी (चित्रपक्ष) निरयण गणना। पाद की गणना नक्षत्र को 3° 20′ के 4 बराबर भागों में बाँटकर।
| पद | देवता |
|---|---|
| राजा | गुरु |
| सस्याधिपति | गुरु |
बाकी शासन पद (8) इंजन द्वारा हल होते ही भर जाएँगे।
स्रोत: निर्णय सिंधु; सूर्यसिद्धांत। संवत्सर 60-वर्षीय बृहस्पति चक्र से।
Magha Gand Mool: Mool Shanti and Pitru-tarpana advised; ruled by Ketu.
दिशा शूल
उत्तर
अशुभ
स्रोत: आज इस दिशा में यात्रा करने से बचें
नक्षत्र शूल
उत्तर
अशुभ
स्रोत: आज का नक्षत्र रहने तक इस दिशा में यात्रा करने से बचें।
चंद्र वास
पूर्व
शुभ
स्रोत: आज चंद्रमा की स्थिति के अनुसार यह दिशा शुभ है।
राहु वास
तमिल योग
मुसल
अशुभ
स्रोत: आज का तमिल योग अशुभ है; नई शुरुआत टालें।
आज अनुकूल जन्म राशियाँ
मिथुन, सिंह, तुला, वृश्चिक, कुम्भ, मीन
चंद्राष्टम (टालें): मकर
| # | जन्म नक्षत्र | तारा | गुण |
|---|---|---|---|
| 1 | Ashwini | Janma जन्म | प्रतिकूल |
| 2 | Bharani | Ati-Mitra अतिमित्र | अनुकूल |
| 3 | Krittika | Mitra मित्र | अनुकूल |
ऋतु (वैदिक)
शिशिर
ऋतु (दृक)
शिशिर
अयन
उत्तरायण
दिनमान
11 घंटे 52 मिनट
रात्रिमान
12 घंटे 8 मिनट
मध्याह्न
12:20
स्रोत: सूर्यसिद्धांत। दिनमान = सूर्योदय→सूर्यास्त के मिनट; मध्याह्न = स्थानीय सौर दोपहर।
| कलियुग वर्ष | 5127 |
| कलि अहर्गण | 1872637 |
| जूलियन दिन | 2461102.5 |
| संशोधित जूलियन दिन | 61102 |
| राता डाई | 739678 |
| राष्ट्रीय नागरिक (शक) | Phalguna 12, 1947 Shaka |
| राष्ट्रीय निरयण (शक) | Phalguna 19, 1947 Shaka |
| लाहिड़ी अयनांश | 24.2226° |
दिन के जूलियन दिन और लाहिड़ी अयनांश से निकाला गया।
मंगलवार, 3 मार्च 2026 को चेन्नई का पंचांग एक खास लय लेकर आता है। आज सूर्योदय प्रातः 06:24 बजे होता है और सायं 18:17 बजे अस्त होता है, जिससे दिन में 11 घंटे 52 मिनट का उजाला मिलता है। शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि के साथ मघा नक्षत्र दिन को दिशा देता है। दिन का योग सुकर्मा है, जो इस 3 मार्च 2026 के पंचांग को पूरा करता है। सूर्योदय से पहले रात्रि 04:48 से प्रातः 05:36 तक ब्रह्म मुहूर्त रहता है — प्रार्थना और मनन के लिए आदर्श समय।
आज राहु काल अपराह्ण 15:18 से अपराह्ण 16:48 के बीच है; यह समय नई शुरुआत के लिए टालना बेहतर है। आज दिशाशूल उत्तर दिशा में है — मंगलवार को इस ओर नई यात्रा टालने की परंपरा है। दिन का सबसे शुभ चौघड़िया लाभ (प्रातः 10:51–दोपहर 12:20) है — नई शुरुआत के लिए यही चुनें। मघा नक्षत्र का स्वामी केतु है, और यही ग्रह-गणना को चेन्नई की स्थानीय लय से बाँधता है।
नक्षत्र आकाश के 27 हिस्सों में से वह हिस्सा है जहाँ आज चंद्रमा है। हर नक्षत्र का अपना स्वभाव है। शास्त्रीय ग्रंथ इसके आधार पर बताते हैं कि दिन किन कामों के लिए अच्छा है।
Brihat Samhita — Nakshatra chapters (nakshatra qualities)यह सूर्य और चंद्रमा की स्थिति से बने 27 योगों में से एक है। यह आसन वाला योग नहीं है। व्यतीपात और वैधृति जैसे कुछ योग टालने योग्य हैं; अधिकांश सामान्य हैं।
Muhurta Chintamani — Yoga enumeration (tyajya-yoga list, v. 33)करण आधी तिथि है; एक तिथि में दो करण होते हैं। विष्टि, जिसे भद्रा भी कहते हैं, अशुभ माना जाता है। बाकी करणों में काम किया जा सकता है।
BPHS — Karana-jnana-vidhi (11 karanas including Vishti)वार सप्ताह का दिन और उसका स्वामी ग्रह है। परंपरा में ग्रह के अनुसार काम चुने जाते हैं। जैसे बृहस्पति का दिन गुरुवार शुभ शुरुआत के लिए बताया जाता है।
Muhurta Chintamani — Vara-prakaranam (weekday lords)यह चंद्र मास है। अमांत मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है। पूर्णिमांत मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है। इसलिए क्षेत्र के अनुसार मास का नाम अलग हो सकता है। चंद्र और सौर वर्ष मिलाने के लिए अधिक मास जोड़ा जाता है।
Nirnaya Sindhu — Adhikamasa-nirnaya (intercalary month)पक्ष लगभग पंद्रह दिनों का होता है। शुक्ल पक्ष में चंद्रमा पूर्णिमा की ओर बढ़ता है। कृष्ण पक्ष में वह अमावस्या की ओर घटता है।
कैलेंडर की परिभाषा
यह वह राशि है जिसमें आज चंद्रमा है। इसे आपकी जन्म चंद्र राशि से मिलाकर चंद्रबल देखा जाता है। चंद्रबल बताता है कि आज चंद्रमा आपके लिए कितना अनुकूल है।
Muhurta Chintamani — 2.4-2.5 (Chandrabala)निरयण (लाहिड़ी) गणना; अंग समाप्ति समय शहर के वास्तविक सूर्योदय के अनुसार। “अधिक मास” उस अतिरिक्त चंद्र मास को दर्शाता है जिसमें कोई सौर संक्रांति नहीं होती।
| Name | Devanagari | Planet | Period | Start | End | Quality |
|---|---|---|---|---|---|---|
| Rog | रोग | Mars | day | 06:24 | 07:53 | bad |
| Udveg | उद्वेग | Sun | day | 07:53 | 09:22 | bad |
| Char | चर | Venus | day | 09:22 | 10:51 | neutral |
| Labh | लाभ | Mercury | day | 10:51 | 12:20 | good |
| Amrit | अमृत | Moon | day | 12:20 | 13:49 | good |
| Kaal | काल | Saturn | day | 13:49 | 15:18 | bad |
| Shubh | शुभ | Jupiter | day | 15:18 | 16:48 | good |
| Rog | रोग | Mars | day | 16:48 | 18:17 | bad |
| Kaal | काल | Saturn | night | 18:17 | 19:48 | bad |
| Labh | लाभ | Mercury | night | 19:48 | 21:18 | good |
| Udveg | उद्वेग | Sun | night | 21:18 | 22:49 | bad |
| Shubh | शुभ | Jupiter | night | 22:49 | 24:20 | good |
| Amrit | अमृत | Moon | night | 24:20 | 01:51 | good |
| Char | चर | Venus | night | 01:51 | 03:22 | neutral |
| Rog | रोग | Mars | night | 03:22 | 04:53 | bad |
| Kaal | काल | Saturn | night | 04:53 | 06:24 | bad |
| 11:57 |
| 12:44 |
| शुभ |
उत्तर
अशुभ
स्रोत: राहु इस दिशा में है; इस ओर मुख करके चढ़ावा देने से बचें।
अग्निवास
स्वर्ग
शुभ
स्रोत: हवन के लिए दिन चुनने में अग्नि का यह स्थान देखा जाता है।
शिववास
कैलाश
शुभ
स्रोत: रुद्राभिषेक का समय चुनने के लिए शिव का यह स्थान देखा जाता है।
होमाहुति
चन्द्र
शुभ
स्रोत: शुभ ग्रह के मुख में होमाहुति शुभ होती है।
आनंदादि योग
आनन्द
शुभ
स्रोत: आज का आनंदादि योग शुभ है।
| 4 | Rohini | Vadha वध | प्रतिकूल |
| 5 | Mrigashira | Sadhaka साधक | अनुकूल |
| 6 | Ardra | Pratyari प्रत्यरि | प्रतिकूल |
| 7 | Punarvasu | Kshema क्षेम | अनुकूल |
| 8 | Pushya | Vipat विपत् | प्रतिकूल |
| 9 | Ashlesha | Sampat सम्पत् | अनुकूल |
| 10 | Magha | Janma जन्म | प्रतिकूल |
| 11 | Purva Phalguni | Ati-Mitra अतिमित्र | अनुकूल |
| 12 | Uttara Phalguni | Mitra मित्र | अनुकूल |
| 13 | Hasta | Vadha वध | प्रतिकूल |
| 14 | Chitra | Sadhaka साधक | अनुकूल |
| 15 | Swati | Pratyari प्रत्यरि | प्रतिकूल |
| 16 | Vishakha | Kshema क्षेम | अनुकूल |
| 17 | Anuradha | Vipat विपत् | प्रतिकूल |
| 18 | Jyeshtha | Sampat सम्पत् | अनुकूल |
| 19 | Mula | Janma जन्म | प्रतिकूल |
| 20 | Purva Ashadha | Ati-Mitra अतिमित्र | अनुकूल |
| 21 | Uttara Ashadha | Mitra मित्र | अनुकूल |
| 22 | Shravana | Vadha वध | प्रतिकूल |
| 23 | Dhanishtha | Sadhaka साधक | अनुकूल |
| 24 | Shatabhisha | Pratyari प्रत्यरि | प्रतिकूल |
| 25 | Purva Bhadrapada | Kshema क्षेम | अनुकूल |
| 26 | Uttara Bhadrapada | Vipat विपत् | प्रतिकूल |
| 27 | Revati | Sampat सम्पत् | अनुकूल |
| # | जन्म राशि | जन्म से भाव | अनुकूल |
|---|---|---|---|
| 1 | मेष | 5 | नहीं |
| 2 | वृषभ | 4 | नहीं |
| 3 | मिथुन | 3 | हाँ |
| 4 | कर्क | 2 | नहीं |
| 5 | सिंह | 1 | हाँ |
| 6 | कन्या | 12 | नहीं |
| 7 | तुला | 11 | हाँ |
| 8 | वृश्चिक | 10 | हाँ |
| 9 | धनु | 9 | नहीं |
| 10 | मकर | 8 | नहीं |
| 11 | कुम्भ | 7 | हाँ |
| 12 | मीन | 6 | हाँ |
स्रोत: मुहूर्त चिंतामणि; बृहत् संहिता। ताराबल जन्म-नक्षत्र से आज के नक्षत्र तक 9-चक्र का उपयोग करता है।
| # | राशि | आरंभ | समाप्ति |
|---|---|---|---|
| 11 | Kumbha कुम्भ | 06:24 | 07:09 |
| 12 | Meena मीन | 07:09 | 08:49 |
| 1 | Mesha मेष | 08:49 | 10:34 |
| 2 | Vrishabha वृषभ | 10:34 | 12:39 |
| 3 | Mithuna मिथुन | 12:39 | 14:49 |
| 4 | Karka कर्क | 14:49 | 16:59 |
| 5 | Simha सिंह | 16:59 | 19:04 |
| 6 | Kanya कन्या | 19:04 | 21:04 |
| 7 | Tula तुला | 21:04 | 23:09 |
| 8 | Vrishchika वृश्चिक | 23:09 | 01:24 |
| 9 | Dhanu धनु | 01:24 | 03:29 |
| 10 | Makara मकर | 03:29 | 05:24 |
| 11 | Kumbha कुम्भ | 05:24 | 06:24 |
| # | नाम | आरंभ | समाप्ति | गुण |
|---|---|---|---|---|
| 1 | Raja राज | 06:24 | 07:12 | अशुभ |
| 2 | Chora चोर | 07:12 | 07:59 | अशुभ |
| 3 | Shubha शुभ | 07:59 | 08:47 | शुभ |
| 4 | Roga रोग | 08:47 | 09:34 | अशुभ |
| 5 | Mrityu मृत्यु | 09:34 | 10:22 | अशुभ |
| 6 | Agni अग्नि | 10:22 | 11:09 | अशुभ |
| 7 | Raja राज | 11:09 | 11:57 | अशुभ |
| 8 | Chora चोर | 11:57 | 12:44 | अशुभ |
| 9 | Shubha शुभ | 12:44 | 13:32 | शुभ |
| 10 | Roga रोग | 13:32 | 14:19 | अशुभ |
| 11 | Mrityu मृत्यु | 14:19 | 15:07 | अशुभ |
| 12 | Agni अग्नि | 15:07 | 15:54 | अशुभ |
| 13 | Raja राज | 15:54 | 16:42 | अशुभ |
| 14 | Chora चोर | 16:42 | 17:29 | अशुभ |
| 15 | Shubha शुभ | 17:29 | 18:17 | शुभ |
स्रोत: मुहूर्त चिंतामणि; निर्णय सिंधु।
कमला साधना
Shakta Pramoda, Todala Tantra, Kamala Tantra, Mantra Mahodadhi
षोडशी (त्रिपुरसुन्दरी) साधना
Vamakeshvara Tantra, Yogini Hridaya, Lalita Sahasranama (Brahmanda Purana), Saundaryalahari (Adi Shankaracharya)
भुवनेश्वरी पूर्णिमा पूजा
Tantrasara, Shakta Pramoda
पूर्णिमा सत्यनारायण पूजा
Skanda Purana, Satyanarayan Katha
बव करण शुभ पूजा
Muhurta Chintamani
सर्वार्थसिद्धि योग साधना
Muhurta Chintamani
सर्वार्थ सिद्धि योग साधना
Muhurta Chintamani
62/ 100 अंक