Kundlitkundlit
यमगण्ड काल · राँची

यमगण्ड कालराँची1 अगस्त 2026

शनिवार · श्रावण · कृष्ण पक्ष

पंचक · Chor Panchakनिरयण · लाहिड़ी
तिथि
तृतीया
नक्षत्र
शतभिषा
योग
शोभन
करण
वणिज
वार
शनिवार

Waning Gibbous

Sunrise 05:19 — Sunset 18:30 · day 13h 10m

94% illuminated · decreasing

पंचांग — पाँच अंग पञ्चाङ्ग

तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार, उनके समाप्ति समय के साथ, साथ ही मास और चंद्रमा तथा सूर्य की राशि — इस शहर के सूर्योदय के अनुसार गणना। आधी रात के बाद का समय पारंपरिक विस्तारित घड़ी में दिखता है (जैसे 27:23 = अगली सुबह 03:23)।

तिथि
Tritiyaतृतीया23:07 तकफिर Chaturthiचतुर्थी47:15 तक
What this means

The lunar day. It is set by how far the Moon has pulled ahead of the Sun — each 12 degrees of separation is one tithi. The tithi shapes which activities the tradition favours, and it ends at the time shown, when the next one begins.

Muhurta ChintamaniTithi-prakaranam (Nanda/Bhadra/Jaya/Rikta/Purna tithi-types)
नक्षत्र
Shatabhishaशतभिषा20:45 तकफिर Purva Bhadrapadaपूर्वभाद्रपदा45:37 तक
What this means

The Moon's star-mansion — the patch of sky it sits in today, one of 27. Each nakshatra has its own temperament that classical texts use to judge what the day is good for.

Brihat SamhitaNakshatra chapters (nakshatra qualities)
योग
Shobhanaशोभन23:23 तकफिर Atigandaअतिगण्ड46:29 तक
What this means

A combined Sun-and-Moon measure (one of 27 nitya-yogas) — not the physical posture practice. A few yogas, such as Vyatipata and Vaidhriti, are best avoided; most are ordinary.

Muhurta ChintamaniYoga enumeration (tyajya-yoga list, v. 33)
करण
Vanijaवणिज10:53 तकफिर Vishtiविष्टि23:07 तकक्रम: Vanija (10:53)Vishti (23:07)Bava (35:15)
What this means

Half of a tithi — each lunar day holds two karanas. One of them, Vishti (also called Bhadra), is treated as inauspicious; the rest are workable.

BPHSKarana-jnana-vidhi (11 karanas including Vishti)
वार
Shanivaraशनिवार
What this means

The weekday and its ruling planet. Each day's planet colours which tasks the tradition recommends — e.g. Thursday (Jupiter) for auspicious beginnings.

Muhurta ChintamaniVara-prakaranam (weekday lords)
मास (अमांत)
Shravanaश्रावणप्रविष्टे/गते: 17
What this means

The lunar month. India uses two reckonings — Amanta (new-moon to new-moon) and Purnimanta (full-moon to full-moon) — so the name can differ by region. An 'Adhika' (extra) month is inserted to keep the lunar and solar years aligned.

Nirnaya SindhuAdhikamasa-nirnaya (intercalary month)
मास (पूर्णिमांत)
Bhadrapadaभाद्रपद
पक्ष
कृष्ण पक्ष (घटता चंद्र)
What this means

The fortnight. Shukla is the waxing half (Moon growing toward full); Krishna is the waning half (toward the new moon).

Calendar definition

चंद्र राशि
Kumbhaकुम्भ39:27 तकफिर Meenaमीन
What this means

The zodiac sign the Moon occupies now. Together with your birth Moon-sign it drives Chandrabala — the Moon's day-to-day favourability for you.

Muhurta Chintamani2.4-2.5 (Chandrabala)
सूर्य राशि
Karkaकर्क

निरयण (लाहिड़ी) गणना; अंग समाप्ति समय शहर के वास्तविक सूर्योदय के अनुसार। “अधिक मास” उस अतिरिक्त चंद्र मास को दर्शाता है जिसमें कोई सौर संक्रांति नहीं होती।

यह पंचांग कैसे गणना होती है

इस पृष्ठ का हर समय सूर्य और चंद्रमा की वास्तविक स्थिति से स्विस एफेमेरिस (वही उच्च-परिशुद्धता खगोलीय इंजन जिसे पेशेवर खगोलशास्त्री उपयोग करते हैं) से निकाला जाता है, किसी छपे पंचांग या तय तालिका से नहीं।

  • निरयण राशिचक्र, लाहिड़ी अयनांश — भारत सरकार के कैलेंडर में यही मानक है (इस तिथि का अयनांश: 24.2284°)। सभी नक्षत्र, राशि, तिथि और योग की सीमाएँ इसी से बनती हैं।
  • स्थानीय वास्तविक सूर्योदय — मुहूर्त काल (राहु काल, चौघड़िया, होरा, अभिजित आदि) Ranchi के सटीक निर्देशांक के लिए गणना किए गए वास्तविक सूर्योदय से मापे जाते हैं, इसलिए वे आपके स्थान के लिए सही होते हैं, कोई क्षेत्रीय अनुमान नहीं।
  • दो मास परंपराएँ — हम अमांत (अमावस्या से अमावस्या) और पूर्णिमांत (पूर्णिमा से पूर्णिमा) दोनों चंद्र मास दिखाते हैं, क्योंकि भारत के अलग-अलग क्षेत्र अलग परंपरा मानते हैं; अधिक (मलमास) मास होने पर उसे अंकित किया जाता है।

महत्व और शुभ/अशुभ संकेत शास्त्रीय ग्रंथों (मुहूर्त चिंतामणि, बृहत् संहिता, पुराण आदि) से लिए जाते हैं और साथ में उद्धृत किए जाते हैं — हम कभी ऐसा प्रभाव नहीं बताते जो ग्रंथ में न हो।

आपका आज का पंचांग

अपना जन्म नक्षत्र और चंद्र राशि एक बार चुनें — फिर हम आज का आपका ताराबल और चंद्रबल पढ़कर बता देंगे। यह सिर्फ़ इसी डिवाइस पर सेव होता है; हमारे सर्वर पर कभी नहीं जाता।

आज क्या करना शुभ है?

आप जो करने वाले हैं वह चुनें। हम आज के पंचांग को शास्त्रीय मुहूर्त नियम से जाँचकर बताते हैं कि यह शुभ है या नहीं, सबसे अच्छा समय कौन-सा है, और यह किस ग्रंथ से है।

समय विवरण (तालिका)
कालआरंभसमाप्तिप्रकार
Rahu Kala08:3710:16अशुभ
Yamaghanda Kala05:1906:58अशुभ
Gulika Kala05:1906:58अशुभ
Abhijit Muhurta11:2812:21शुभ

शुभ मुहूर्त शुभ मुहूर्त

सूर्योदय और नक्षत्र के आधार पर बने वे समय जिन्हें शास्त्रीय मुहूर्त ग्रंथ साधना, अध्ययन और नई शुरुआत के लिए बताते हैं।

Brahma Muhurta

ब्रह्म मुहूर्त

03:43 – 04:31

Pratah Sandhya

प्रातः सन्ध्या

04:14 – 05:19

Vijaya Muhurta

विजय मुहूर्त

14:06 – 14:59

Godhuli Muhurta

गोधूलि मुहूर्त

18:18 – 18:42

Sayahna Sandhya

सायाह्न सन्ध्या

18:30 – 19:35

Nishita Muhurta

निशीथ मुहूर्त

23:30 – 24:18

Amrita Kalam

अमृत कालम्

01:21 – 03:02

स्रोत: मुहूर्त चिंतामणि; निर्णय सिंधु। उप-काल की गणना सूर्योदय + शहर के निर्देशांक पर सूर्य नक्षत्र की स्थिति से।

अशुभ काल अशुभ काल

राहु काल, यमगंड और गुलिक (ऊपर दिन की समय-रेखा में दिखाए गए) के अलावा, नई शुरुआत के लिए टालने योग्य शास्त्रीय काल।
पंचकChor Panchakचोर पंचक21:54 तकभद्रा10:53 – 23:07

Panchak active: Chor Panchak (onset-weekday flavour)

Varjyam

वर्ज्यम्

03:02 – 04:43

नक्षत्र से निकला वह काल जिसे शास्त्र टालने को कहते हैं।

Dur Muhurtam 1

दुर्मुहूर्तम्

05:19 – 06:12

वार के अनुसार तय अशुभ उप-मुहूर्त।

Dur Muhurtam 2

दुर्मुहूर्तम्

06:12 – 07:05

वार के अनुसार तय अशुभ उप-मुहूर्त।

स्रोत: मुहूर्त चिंतामणि; धर्म सिंधु। उप-काल की गणना सूर्योदय + नक्षत्र की स्थिति से।

आज का सूर्य सूर्य

सूर्य की राशि और नक्षत्र — ऊपर हीरो में दिखाए गए चंद्र-पक्ष की तिथि और नक्षत्र का सूर्य-पक्ष पूरक।

सूर्य राशि

Karka#4

सूर्य नक्षत्र

Pushya पुष्य

पाद 4 / 4

आज चंद्र पाद परिवर्तन

  • 08:08
  • 14:25
  • 20:42
  • 03:00

स्रोत: लाहिड़ी (चित्रपक्ष) निरयण गणना। पाद की गणना नक्षत्र को 3° 20′ के 4 बराबर भागों में बाँटकर।

हिंदू वर्ष विक्रम संवत्

इस वर्ष के विक्रम, शक और गुजराती संवत, साथ में 60-वर्षीय शासन-चक्र से चक्र का नाम (संवत्सर)।

विक्रम संवत

2083

Parabhava पराभव (8 Mar 2027 तक)

वर्ष हब देखें

शक संवत

1948

Kilaka कीलक

गुजराती संवत

2082

Vishvavasu विश्वावसु

मंत्री मंडल — वर्ष शासन

पददेवता
RajaJupiter
SasyadhipatiJupiter

बाकी शासन पद (8) इंजन द्वारा हल होते ही भर जाएँगे।

स्रोत: निर्णय सिंधु; सूर्यसिद्धांत। संवत्सर 60-वर्षीय बृहस्पति चक्र से।

दैनिक दिशाएँ दिशा

मुहूर्त चुनने में काम आने वाली दिन की दिशाएँ — यात्रा के लिए दिशा शूल, यज्ञ के लिए अग्निवास, लाभ की दिशा के लिए चंद्र/राहु वास, अनुष्ठान के समय के लिए शिववास।

Disha Shool

East पूर्व

अशुभ

स्रोत: Avoid travel toward this direction today

Nakshatra Shool

South दक्षिण

अशुभ

स्रोत: Avoid travel toward this direction while today's nakshatra prevails

Chandra Vasa

West पश्चिम

शुभ

स्रोत: Direction favored by today's moon position

Rahu Vasa

West पश्चिम

अशुभ

स्रोत: Direction occupied by Rahu; avoid offerings facing here

Agnivasa

Prithvi पृथ्वी

शुभ

स्रोत: Agni's dwelling for homa-suitability assessment

Shiva Vasa

Smashana श्मशान

अशुभ

स्रोत: Shiva's location for rudrabhisheka timing

Homahuti

Mars मङ्गल

अशुभ

स्रोत: Khala planet: offering inauspicious (खलग्रह के मुख में होमाहुति शुभ नहीं होती)

Anandadi Yoga

Vardhamana वर्धमान

शुभ

स्रोत: Auspicious day-yoga (Anandadi)

तमिल योग தமிழ் யோகம்

नक्षत्र और वार से बना दिन का तमिल-परंपरा का योग — तमिल मुहूर्त में काम आने वाला सिद्ध / अमृत / मरण / मुशल परिवार।

Tamil Yoga

Siddha सिद्ध

शुभ

स्रोत: Auspicious Tamil yoga

आज की बल तालिका

ताराबल और चंद्रबल — मुहूर्त चुनने में काम आने वाली दो शास्त्रीय बल जाँच। यदि आपका जन्म नक्षत्र या जन्म राशि अनुकूल सूची में आए, तो दिन नई शुरुआत के लिए ठीक है।

आज अनुकूल जन्म राशियाँ

Mesha, Vrishabha, Simha, Kanya, Dhanu, Kumbha

चंद्राष्टम (टालें): Karka

ताराबल — सभी 27 जन्म नक्षत्र
#जन्म नक्षत्रतारागुण
1AshwiniSadhaka साधकसामान्य
2BharaniPratyari प्रत्यरिसामान्य
3KrittikaKshema क्षेमसामान्य
4RohiniVipat विपत्सामान्य
5MrigashiraSampat सम्पत्सामान्य
6ArdraJanma जन्मसामान्य
7PunarvasuAti-Mitra अतिमित्रसामान्य
8PushyaMitra मित्रसामान्य
9AshleshaVadha वधसामान्य
10MaghaSadhaka साधकसामान्य
11Purva PhalguniPratyari प्रत्यरिसामान्य
12Uttara PhalguniKshema क्षेमसामान्य
13HastaVipat विपत्सामान्य
14ChitraSampat सम्पत्सामान्य
15SwatiJanma जन्मसामान्य
16VishakhaAti-Mitra अतिमित्रसामान्य
17AnuradhaMitra मित्रसामान्य
18JyeshthaVadha वधसामान्य
19MulaSadhaka साधकसामान्य
20Purva AshadhaPratyari प्रत्यरिसामान्य
21Uttara AshadhaKshema क्षेमसामान्य
22ShravanaVipat विपत्सामान्य
23DhanishthaSampat सम्पत्सामान्य
24ShatabhishaJanma जन्मसामान्य
25Purva BhadrapadaAti-Mitra अतिमित्रसामान्य
26Uttara BhadrapadaMitra मित्रसामान्य
27RevatiVadha वधसामान्य
चंद्रबल — सभी 12 जन्म राशि
#जन्म राशिजन्म से भावअनुकूल
1Mesha11हाँ
2Vrishabha10हाँ
3Mithuna9नहीं
4Karka8नहीं
5Simha7हाँ
6Kanya6हाँ
7Tula5नहीं
8Vrishchika4नहीं
9Dhanu3हाँ
10Makara2नहीं
11Kumbha1हाँ
12Meena12नहीं

स्रोत: मुहूर्त चिंतामणि; बृहत् संहिता। ताराबल जन्म-नक्षत्र से आज के नक्षत्र तक 9-चक्र का उपयोग करता है।

उदय लग्न (उगती राशि) समय-रेखा

दिन के हर समय पूर्वी क्षितिज पर कौन सी राशि उग रही है। खंड की चौड़ाई वास्तविक उदय अवधि के अनुपात में है।
सभी 13 खंड (तालिका)
#राशिआरंभसमाप्ति
4Karka कर्क05:1906:34
5Simha सिंह06:3408:44
6Kanya कन्या08:4410:59
7Tula तुला10:5913:14
8Vrishchika वृश्चिक13:1415:29
9Dhanu धनु15:2917:34
10Makara मकर17:3419:19
11Kumbha कुम्भ19:1920:54
12Meena मीन20:5422:24
1Mesha मेष22:2424:04
2Vrishabha वृषभ24:0401:59
3Mithuna मिथुन01:5904:14
4Karka कर्क04:1405:19

पंचक रहित मुहूर्त पञ्चक रहित मुहूर्त

पंचक श्रेणी के अनुसार 15 शास्त्रीय दिन-मुहूर्त खंड। हरा = शुभ; गुलाबी = टालें। चौड़ाई वास्तविक अवधि के अनुपात में है।
सभी 15 खंड (तालिका)
#नामआरंभसमाप्तिगुण
1Roga रोग05:1906:12अशुभ
2Mrityu मृत्यु06:1207:05अशुभ
3Agni अग्नि07:0507:57अशुभ
4Raja राज07:5708:50अशुभ
5Chora चोर08:5009:43अशुभ
6Shubha शुभ09:4310:35शुभ
7Roga रोग10:3511:28अशुभ
8Mrityu मृत्यु11:2812:21अशुभ
9Agni अग्नि12:2113:14अशुभ
10Raja राज13:1414:06अशुभ
11Chora चोर14:0614:59अशुभ
12Shubha शुभ14:5915:52शुभ
13Roga रोग15:5216:44अशुभ
14Mrityu मृत्यु16:4417:37अशुभ
15Agni अग्नि17:3718:30अशुभ

स्रोत: मुहूर्त चिंतामणि; निर्णय सिंधु।

ऋतु और अयन

वैदिक ऋतु, अयन, दिन/रात की लंबाई और सौर-दोपहर — आज के पंचांग के आसपास का ऋतु ढाँचा।

ऋतु (वैदिक)

Varshaवर्षा

ऋतु (दृक)

Grishmaग्रीष्म

अयन

Dakshinayanaदक्षिणायन

दिनमान

13h 10m

रात्रिमान

10h 50m

मध्याह्न

11:54

स्रोत: सूर्यसिद्धांत। दिनमान = सूर्योदय→सूर्यास्त के मिनट; मध्याह्न = स्थानीय सौर दोपहर।

पंचांग और युग पञ्चाङ्ग गणना

इस तिथि के लिए संदर्भ दिन-गणना और कैलेंडर पहचान — कलियुग वर्ष, अहर्गण, जूलियन दिन और राष्ट्रीय (शक) नागरिक तिथियाँ।
पंचांग / युग विवरण
कलियुग वर्ष5127
कलि अहर्गण1872788
जूलियन दिन2461253.5
संशोधित जूलियन दिन61253
राता डाई739829
राष्ट्रीय नागरिक (शक)Shravana 10, 1948 Shaka
राष्ट्रीय निरयण (शक)Shravana 17, 1948 Shaka
लाहिड़ी अयनांश24.2284°

दिन के जूलियन दिन और लाहिड़ी अयनांश से निकाला गया।

यमगण्ड काल - राँची, 1 अगस्त 2026

शनिवार, 1 अगस्त 2026 — राँची के लिए यह दिन पंचांग की दृष्टि से ध्यान देने योग्य है। दिन की शुरुआत प्रातः 05:19 बजे सूर्योदय से होती है और सायं 18:30 बजे अस्त होता है, जिससे दिन में 13 घंटे 10 मिनट का उजाला मिलता है। तिथि तृतीया (कृष्ण पक्ष) है और दिन का नक्षत्र शतभिषा है। शोभन योग पूरे दिन पर असर डालता है। राँची के लिए ब्रह्म मुहूर्त रात्रि 03:43 से रात्रि 04:31 तक है; यही वह समय है जिसे शास्त्र साधना और पढ़ाई के लिए सर्वोत्तम बताते हैं।

राँची में राहु काल प्रातः 08:37 से प्रातः 10:16 तक रहेगा — इस दौरान कोई नया काम शुरू न करें। दिशाशूल आज पूर्व की ओर है, इसलिए शनिवार को उस दिशा की यात्रा कुछ देर टाल दें। अच्छे समय के लिए शुभ चौघड़िया (प्रातः 06:58–प्रातः 08:37) सबसे उत्तम मुहूर्त है। शतभिषा नक्षत्र राहु के अधिकार में है, जिससे यह दिन आकाशीय समय और राँची की भूमि — दोनों से जुड़ जाता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राँची में 1 अगस्त 2026 को राहु काल कब है?
राँची में 1 अगस्त 2026 को राहु काल प्रातः 08:37 से प्रातः 10:16 तक रहता है। यह करीब 90 मिनट की खिड़की राहु के अधीन होती है और नया काम, यात्रा या शुभ कार्य शुरू करने से आमतौर पर बचा जाता है। यह समय हर दिन सूर्योदय के अनुसार बदलता है, इसलिए हर शहर में अलग होता है।
राँची में 1 अगस्त 2026 को सूर्योदय प्रातः 05:19 बजे क्यों होता है?
राँची में 1 अगस्त 2026 को सूर्योदय प्रातः 05:19 बजे होता है — यह शहर के अक्षांश (23.34°N) और इस तारीख को पृथ्वी के झुकाव से तय होता है। सूर्योदय और सूर्यास्त (सायं 18:30) वैदिक दिन की लंबाई तय करते हैं और राहु काल से लेकर चौघड़िया तक सभी गणनाएँ राँची के स्थानीय क्षितिज से जोड़ते हैं।
राँची में 1 अगस्त 2026 को कौन-सा योग है?
राँची में 1 अगस्त 2026 को शोभन योग है, जो रात्रि 23:54 से रात्रि 23:23 तक सक्रिय रहता है। पंचांग में योग सूर्य और चन्द्र की मिली-जुली स्थिति से बनता है और 27 योगों के चक्र में घूमता है। शोभन योग का अपना स्वभाव होता है जो दिन के कामों की शुभता पर असर डालता है।

संबंधित पंचांग पृष्ठ

दैनिक प्रामाणिकता

तांत्रिक बंदा खिड़कियाँ

Kela

केला

स्रोत:

Kadamba (Shatabhisha — Varuna)

कदम्ब (शतभिषा — वरुण)

स्रोत:

साधना विधान

Gauri Tritiya Puja

गौरी तृतीया पूजा

- Skanda Purana, Gauri Mahatmya

Siddha Yoga Maha Sadhana

सिद्ध योग महासाधना

- Muhurta Chintamani, Dharmasindhu

दिन दुर्लभता अंक

0.16836565566729245/ 100

राँची — 1 अगस्त

सूर्योदय
प्रातः 05:19
सूर्यास्त
सायं 18:30
तिथि
तृतीया (कृष्ण पक्ष)
नक्षत्र
शतभिषा (द्वितीय पाद)
योग
शोभन
करण
वणिज, विष्टि
माह
श्रावण
चन्द्र राशि
कुम्भ → मीन
सूर्य राशि
कर्क
राहु काल
प्रातः 08:37–प्रातः 10:16
शुभ चौघड़िया
शुभ (प्रातः 06:58–प्रातः 08:37)
Embed this Yamaganda Kala on your site
Theme
Width
HTML iframe
<iframe src="https://kundlit.com/embed/yamaganda?city=Ranchi" width="360" height="320" loading="lazy" referrerpolicy="no-referrer-when-downgrade" style="border:0;border-radius:12px;max-width:100%" title="Yamaganda Kala — Kundlit"></iframe>
WordPress
[iframe src="https://kundlit.com/embed/yamaganda?city=Ranchi" width="360" height="320"]
URL only
https://kundlit.com/embed/yamaganda?city=Ranchi

Free to embed, including on commercial sites. Attribution is built into the widget — please don't remove it. The widget loads ~3KB of styles and one live API call; no cookies, no tracking scripts.

Live preview