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यमगण्ड काल · लेस्टर

यमगण्ड काललेस्टर1 जुलाई 2026

बुधवार · आषाढ · कृष्ण पक्ष

निरयण · लाहिड़ी
तिथि
द्वितीया
नक्षत्र
उत्तराषाढा
योग
इन्द्र
करण
तैतिल
वार
बुधवार

Full Moon

Sunrise 04:47 — Sunset 21:29 · day 16h 42m

99% illuminated · decreasing

पंचांग — पाँच अंग पञ्चाङ्ग

तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार, उनके समाप्ति समय के साथ, साथ ही मास और चंद्रमा तथा सूर्य की राशि — इस शहर के सूर्योदय के अनुसार गणना। आधी रात के बाद का समय पारंपरिक विस्तारित घड़ी में दिखता है (जैसे 27:23 = अगली सुबह 03:23)।

तिथि
Dwitiyaद्वितीया29:08 तकफिर Tritiyaतृतीया54:50 तक
What this means

The lunar day. It is set by how far the Moon has pulled ahead of the Sun — each 12 degrees of separation is one tithi. The tithi shapes which activities the tradition favours, and it ends at the time shown, when the next one begins.

Muhurta ChintamaniTithi-prakaranam (Nanda/Bhadra/Jaya/Rikta/Purna tithi-types)
नक्षत्र
Uttara Ashadhaउत्तराषाढा28:57 तकफिर Shravanaश्रवण55:16 तक
What this means

The Moon's star-mansion — the patch of sky it sits in today, one of 27. Each nakshatra has its own temperament that classical texts use to judge what the day is good for.

Brihat SamhitaNakshatra chapters (nakshatra qualities)
योग
Indraइन्द्र11:34 तकफिर Vaidhritiवैधृति36:09 तक
What this means

A combined Sun-and-Moon measure (one of 27 nitya-yogas) — not the physical posture practice. A few yogas, such as Vyatipata and Vaidhriti, are best avoided; most are ordinary.

Muhurta ChintamaniYoga enumeration (tyajya-yoga list, v. 33)
करण
Taitilaतैतिल16:10 तकफिर Garajaगरज29:08 तकक्रम: Taitila (16:10)Garaja (29:08)
What this means

Half of a tithi — each lunar day holds two karanas. One of them, Vishti (also called Bhadra), is treated as inauspicious; the rest are workable.

BPHSKarana-jnana-vidhi (11 karanas including Vishti)
वार
Budhavaraबुधवार
What this means

The weekday and its ruling planet. Each day's planet colours which tasks the tradition recommends — e.g. Thursday (Jupiter) for auspicious beginnings.

Muhurta ChintamaniVara-prakaranam (weekday lords)
मास (अमांत)
Ashadhaआषाढप्रविष्टे/गते: 17
What this means

The lunar month. India uses two reckonings — Amanta (new-moon to new-moon) and Purnimanta (full-moon to full-moon) — so the name can differ by region. An 'Adhika' (extra) month is inserted to keep the lunar and solar years aligned.

Nirnaya SindhuAdhikamasa-nirnaya (intercalary month)
मास (पूर्णिमांत)
Shravanaश्रावण
पक्ष
कृष्ण पक्ष (घटता चंद्र)
What this means

The fortnight. Shukla is the waxing half (Moon growing toward full); Krishna is the waning half (toward the new moon).

Calendar definition

चंद्र राशि
Dhanuधनु09:01 तकफिर Makaraमकर
What this means

The zodiac sign the Moon occupies now. Together with your birth Moon-sign it drives Chandrabala — the Moon's day-to-day favourability for you.

Muhurta Chintamani2.4-2.5 (Chandrabala)
सूर्य राशि
Mithunaमिथुन

निरयण (लाहिड़ी) गणना; अंग समाप्ति समय शहर के वास्तविक सूर्योदय के अनुसार। “अधिक मास” उस अतिरिक्त चंद्र मास को दर्शाता है जिसमें कोई सौर संक्रांति नहीं होती।

यह पंचांग कैसे गणना होती है

इस पृष्ठ का हर समय सूर्य और चंद्रमा की वास्तविक स्थिति से स्विस एफेमेरिस (वही उच्च-परिशुद्धता खगोलीय इंजन जिसे पेशेवर खगोलशास्त्री उपयोग करते हैं) से निकाला जाता है, किसी छपे पंचांग या तय तालिका से नहीं।

  • निरयण राशिचक्र, लाहिड़ी अयनांश — भारत सरकार के कैलेंडर में यही मानक है (इस तिथि का अयनांश: 24.2272°)। सभी नक्षत्र, राशि, तिथि और योग की सीमाएँ इसी से बनती हैं।
  • स्थानीय वास्तविक सूर्योदय — मुहूर्त काल (राहु काल, चौघड़िया, होरा, अभिजित आदि) Leicester के सटीक निर्देशांक के लिए गणना किए गए वास्तविक सूर्योदय से मापे जाते हैं, इसलिए वे आपके स्थान के लिए सही होते हैं, कोई क्षेत्रीय अनुमान नहीं।
  • दो मास परंपराएँ — हम अमांत (अमावस्या से अमावस्या) और पूर्णिमांत (पूर्णिमा से पूर्णिमा) दोनों चंद्र मास दिखाते हैं, क्योंकि भारत के अलग-अलग क्षेत्र अलग परंपरा मानते हैं; अधिक (मलमास) मास होने पर उसे अंकित किया जाता है।

महत्व और शुभ/अशुभ संकेत शास्त्रीय ग्रंथों (मुहूर्त चिंतामणि, बृहत् संहिता, पुराण आदि) से लिए जाते हैं और साथ में उद्धृत किए जाते हैं — हम कभी ऐसा प्रभाव नहीं बताते जो ग्रंथ में न हो।

आपका आज का पंचांग

अपना जन्म नक्षत्र और चंद्र राशि एक बार चुनें — फिर हम आज का आपका ताराबल और चंद्रबल पढ़कर बता देंगे। यह सिर्फ़ इसी डिवाइस पर सेव होता है; हमारे सर्वर पर कभी नहीं जाता।

आज क्या करना शुभ है?

आप जो करने वाले हैं वह चुनें। हम आज के पंचांग को शास्त्रीय मुहूर्त नियम से जाँचकर बताते हैं कि यह शुभ है या नहीं, सबसे अच्छा समय कौन-सा है, और यह किस ग्रंथ से है।

समय विवरण (तालिका)
कालआरंभसमाप्तिप्रकार
Rahu Kala13:0815:13अशुभ
Yamaghanda Kala15:1317:18अशुभ
Gulika Kala11:0213:08अशुभ
Abhijit Muhurta12:3413:41शुभ

शुभ मुहूर्त शुभ मुहूर्त

सूर्योदय और नक्षत्र के आधार पर बने वे समय जिन्हें शास्त्रीय मुहूर्त ग्रंथ साधना, अध्ययन और नई शुरुआत के लिए बताते हैं।

Brahma Muhurta

ब्रह्म मुहूर्त

03:11 – 03:59

Pratah Sandhya

प्रातः सन्ध्या

03:42 – 04:47

Vijaya Muhurta

विजय मुहूर्त

15:55 – 17:02

Godhuli Muhurta

गोधूलि मुहूर्त

21:17 – 21:41

Sayahna Sandhya

सायाह्न सन्ध्या

21:29 – 22:34

Nishita Muhurta

निशीथ मुहूर्त

24:44 – 01:32

Amrita Kalam

अमृत कालम्

12:59 – 14:46

स्रोत: मुहूर्त चिंतामणि; निर्णय सिंधु। उप-काल की गणना सूर्योदय + शहर के निर्देशांक पर सूर्य नक्षत्र की स्थिति से।

अशुभ काल अशुभ काल

राहु काल, यमगंड और गुलिक (ऊपर दिन की समय-रेखा में दिखाए गए) के अलावा, नई शुरुआत के लिए टालने योग्य शास्त्रीय काल।

Varjyam

वर्ज्यम्

11:13 – 12:59

नक्षत्र से निकला वह काल जिसे शास्त्र टालने को कहते हैं।

Dur Muhurtam 8

दुर्मुहूर्तम्

12:34 – 13:41

वार के अनुसार तय अशुभ उप-मुहूर्त।

स्रोत: मुहूर्त चिंतामणि; धर्म सिंधु। उप-काल की गणना सूर्योदय + नक्षत्र की स्थिति से।

आज का सूर्य सूर्य

सूर्य की राशि और नक्षत्र — ऊपर हीरो में दिखाए गए चंद्र-पक्ष की तिथि और नक्षत्र का सूर्य-पक्ष पूरक।

सूर्य राशि

Mithuna#3

सूर्य नक्षत्र

Ardra आर्द्रा

पाद 3 / 4

आज चंद्र पाद परिवर्तन

  • 09:01
  • 15:39
  • 22:18

स्रोत: लाहिड़ी (चित्रपक्ष) निरयण गणना। पाद की गणना नक्षत्र को 3° 20′ के 4 बराबर भागों में बाँटकर।

हिंदू वर्ष विक्रम संवत्

इस वर्ष के विक्रम, शक और गुजराती संवत, साथ में 60-वर्षीय शासन-चक्र से चक्र का नाम (संवत्सर)।

विक्रम संवत

2083

Parabhava पराभव (8 Mar 2027 तक)

वर्ष हब देखें

शक संवत

1948

Kilaka कीलक

गुजराती संवत

2082

Vishvavasu विश्वावसु

मंत्री मंडल — वर्ष शासन

पददेवता
RajaJupiter
SasyadhipatiJupiter

बाकी शासन पद (8) इंजन द्वारा हल होते ही भर जाएँगे।

स्रोत: निर्णय सिंधु; सूर्यसिद्धांत। संवत्सर 60-वर्षीय बृहस्पति चक्र से।

दैनिक दिशाएँ दिशा

मुहूर्त चुनने में काम आने वाली दिन की दिशाएँ — यात्रा के लिए दिशा शूल, यज्ञ के लिए अग्निवास, लाभ की दिशा के लिए चंद्र/राहु वास, अनुष्ठान के समय के लिए शिववास।

Disha Shool

North उत्तर

अशुभ

स्रोत: Avoid travel toward this direction today

Nakshatra Shool

East पूर्व

अशुभ

स्रोत: Avoid travel toward this direction while today's nakshatra prevails

Chandra Vasa

East पूर्व

शुभ

स्रोत: Direction favored by today's moon position

Rahu Vasa

Southeast आग्नेय

अशुभ

स्रोत: Direction occupied by Rahu; avoid offerings facing here

Agnivasa

Akasha आकाश

सामान्य

स्रोत: Agni's dwelling for homa-suitability assessment

Shiva Vasa

Bhojana भोजन

सामान्य

स्रोत: Shiva's location for rudrabhisheka timing

Homahuti

Mars मङ्गल

अशुभ

स्रोत: Khala planet: offering inauspicious (खलग्रह के मुख में होमाहुति शुभ नहीं होती)

Anandadi Yoga

Vajra वज्र

अशुभ

स्रोत: Inauspicious day-yoga (Anandadi) -- avoid new ventures

तमिल योग தமிழ் யோகம்

नक्षत्र और वार से बना दिन का तमिल-परंपरा का योग — तमिल मुहूर्त में काम आने वाला सिद्ध / अमृत / मरण / मुशल परिवार।

Tamil Yoga

Siddha सिद्ध

शुभ

स्रोत: Auspicious Tamil yoga

आज की बल तालिका

ताराबल और चंद्रबल — मुहूर्त चुनने में काम आने वाली दो शास्त्रीय बल जाँच। यदि आपका जन्म नक्षत्र या जन्म राशि अनुकूल सूची में आए, तो दिन नई शुरुआत के लिए ठीक है।

आज अनुकूल जन्म राशियाँ

Mithuna, Karka, Tula, Dhanu, Kumbha, Meena

चंद्राष्टम (टालें): Vrishabha

ताराबल — सभी 27 जन्म नक्षत्र
#जन्म नक्षत्रतारागुण
1AshwiniVipat विपत्सामान्य
2BharaniSampat सम्पत्सामान्य
3KrittikaJanma जन्मसामान्य
4RohiniAti-Mitra अतिमित्रसामान्य
5MrigashiraMitra मित्रसामान्य
6ArdraVadha वधसामान्य
7PunarvasuSadhaka साधकसामान्य
8PushyaPratyari प्रत्यरिसामान्य
9AshleshaKshema क्षेमसामान्य
10MaghaVipat विपत्सामान्य
11Purva PhalguniSampat सम्पत्सामान्य
12Uttara PhalguniJanma जन्मसामान्य
13HastaAti-Mitra अतिमित्रसामान्य
14ChitraMitra मित्रसामान्य
15SwatiVadha वधसामान्य
16VishakhaSadhaka साधकसामान्य
17AnuradhaPratyari प्रत्यरिसामान्य
18JyeshthaKshema क्षेमसामान्य
19MulaVipat विपत्सामान्य
20Purva AshadhaSampat सम्पत्सामान्य
21Uttara AshadhaJanma जन्मसामान्य
22ShravanaAti-Mitra अतिमित्रसामान्य
23DhanishthaMitra मित्रसामान्य
24ShatabhishaVadha वधसामान्य
25Purva BhadrapadaSadhaka साधकसामान्य
26Uttara BhadrapadaPratyari प्रत्यरिसामान्य
27RevatiKshema क्षेमसामान्य
चंद्रबल — सभी 12 जन्म राशि
#जन्म राशिजन्म से भावअनुकूल
1Mesha9नहीं
2Vrishabha8नहीं
3Mithuna7हाँ
4Karka6हाँ
5Simha5नहीं
6Kanya4नहीं
7Tula3हाँ
8Vrishchika2नहीं
9Dhanu1हाँ
10Makara12नहीं
11Kumbha11हाँ
12Meena10हाँ

स्रोत: मुहूर्त चिंतामणि; बृहत् संहिता। ताराबल जन्म-नक्षत्र से आज के नक्षत्र तक 9-चक्र का उपयोग करता है।

उदय लग्न (उगती राशि) समय-रेखा

दिन के हर समय पूर्वी क्षितिज पर कौन सी राशि उग रही है। खंड की चौड़ाई वास्तविक उदय अवधि के अनुपात में है।
सभी 13 खंड (तालिका)
#राशिआरंभसमाप्ति
3Mithuna मिथुन04:4706:12
4Karka कर्क06:1209:02
5Simha सिंह09:0211:57
6Kanya कन्या11:5714:47
7Tula तुला14:4717:42
8Vrishchika वृश्चिक17:4220:22
9Dhanu धनु20:2222:12
10Makara मकर22:1223:27
11Kumbha कुम्भ23:2724:17
12Meena मीन24:1701:07
1Mesha मेष01:0702:07
2Vrishabha वृषभ02:0703:42
3Mithuna मिथुन03:4204:47

पंचक रहित मुहूर्त पञ्चक रहित मुहूर्त

पंचक श्रेणी के अनुसार 15 शास्त्रीय दिन-मुहूर्त खंड। हरा = शुभ; गुलाबी = टालें। चौड़ाई वास्तविक अवधि के अनुपात में है।
सभी 15 खंड (तालिका)
#नामआरंभसमाप्तिगुण
1Shubha शुभ04:4705:53शुभ
2Roga रोग05:5307:00अशुभ
3Mrityu मृत्यु07:0008:07अशुभ
4Agni अग्नि08:0709:14अशुभ
5Raja राज09:1410:21अशुभ
6Chora चोर10:2111:28अशुभ
7Shubha शुभ11:2812:34शुभ
8Roga रोग12:3413:41अशुभ
9Mrityu मृत्यु13:4114:48अशुभ
10Agni अग्नि14:4815:55अशुभ
11Raja राज15:5517:02अशुभ
12Chora चोर17:0218:08अशुभ
13Shubha शुभ18:0819:15शुभ
14Roga रोग19:1520:22अशुभ
15Mrityu मृत्यु20:2221:29अशुभ

स्रोत: मुहूर्त चिंतामणि; निर्णय सिंधु।

ऋतु और अयन

वैदिक ऋतु, अयन, दिन/रात की लंबाई और सौर-दोपहर — आज के पंचांग के आसपास का ऋतु ढाँचा।

ऋतु (वैदिक)

Grishmaग्रीष्म

ऋतु (दृक)

Grishmaग्रीष्म

अयन

Uttarayanaउत्तरायण

दिनमान

16h 42m

रात्रिमान

7h 18m

मध्याह्न

13:08

स्रोत: सूर्यसिद्धांत। दिनमान = सूर्योदय→सूर्यास्त के मिनट; मध्याह्न = स्थानीय सौर दोपहर।

पंचांग और युग पञ्चाङ्ग गणना

इस तिथि के लिए संदर्भ दिन-गणना और कैलेंडर पहचान — कलियुग वर्ष, अहर्गण, जूलियन दिन और राष्ट्रीय (शक) नागरिक तिथियाँ।
पंचांग / युग विवरण
कलियुग वर्ष5127
कलि अहर्गण1872757
जूलियन दिन2461222.5
संशोधित जूलियन दिन61222
राता डाई739798
राष्ट्रीय नागरिक (शक)Ashadha 10, 1948 Shaka
राष्ट्रीय निरयण (शक)Ashadha 17, 1948 Shaka
लाहिड़ी अयनांश24.2272°

दिन के जूलियन दिन और लाहिड़ी अयनांश से निकाला गया।

यमगण्ड काल - लेस्टर, 1 जुलाई 2026

बुधवार, 1 जुलाई 2026 को लेस्टर का पंचांग एक खास लय लेकर आता है। आज सूर्योदय रात्रि 04:47 बजे होता है और रात्रि 21:29 बजे अस्त होता है, जिससे दिन में 16 घंटे 42 मिनट का उजाला मिलता है। कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि के साथ उत्तराषाढा नक्षत्र दिन को दिशा देता है। दिन का योग इन्द्र है, जो इस 1 जुलाई 2026 के पंचांग को पूरा करता है। सूर्योदय से पहले रात्रि 03:11 से रात्रि 03:59 तक ब्रह्म मुहूर्त रहता है — प्रार्थना और मनन के लिए आदर्श समय।

आज राहु काल अपराह्ण 13:08 से अपराह्ण 15:13 के बीच है; यह समय नई शुरुआत के लिए टालना बेहतर है। आज दिशाशूल उत्तर दिशा में है — बुधवार को इस ओर नई यात्रा टालने की परंपरा है। दिन का सबसे शुभ चौघड़िया लाभ (रात्रि 04:47–प्रातः 06:52) है — नई शुरुआत के लिए यही चुनें। उत्तराषाढा नक्षत्र का स्वामी सूर्य है, और यही ग्रह-गणना को लेस्टर की स्थानीय लय से बाँधता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

लेस्टर में 1 जुलाई 2026 को राहु काल कब है?
लेस्टर में 1 जुलाई 2026 को राहु काल अपराह्ण 13:08 से अपराह्ण 15:13 तक रहता है। यह करीब 90 मिनट की खिड़की राहु के अधीन होती है और नया काम, यात्रा या शुभ कार्य शुरू करने से आमतौर पर बचा जाता है। यह समय हर दिन सूर्योदय के अनुसार बदलता है, इसलिए हर शहर में अलग होता है।
लेस्टर में 1 जुलाई 2026 को सूर्योदय रात्रि 04:47 बजे क्यों होता है?
लेस्टर में 1 जुलाई 2026 को सूर्योदय रात्रि 04:47 बजे होता है — यह शहर के अक्षांश (52.64°N) और इस तारीख को पृथ्वी के झुकाव से तय होता है। सूर्योदय और सूर्यास्त (रात्रि 21:29) वैदिक दिन की लंबाई तय करते हैं और राहु काल से लेकर चौघड़िया तक सभी गणनाएँ लेस्टर के स्थानीय क्षितिज से जोड़ते हैं।
लेस्टर में 1 जुलाई 2026 को कौन-सा योग है?
लेस्टर में 1 जुलाई 2026 को इन्द्र योग है, जो प्रातः 10:49 से प्रातः 11:34 तक सक्रिय रहता है। पंचांग में योग सूर्य और चन्द्र की मिली-जुली स्थिति से बनता है और 27 योगों के चक्र में घूमता है। इन्द्र योग का अपना स्वभाव होता है जो दिन के कामों की शुभता पर असर डालता है।

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साधना विधान

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इन्द्र योग साधना

- Rig Veda, Muhurta Chintamani

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सिद्ध योग महासाधना

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दिन दुर्लभता अंक

0.3071874917278944/ 100

लेस्टर — 1 जुलाई

सूर्योदय
रात्रि 04:47
सूर्यास्त
रात्रि 21:29
तिथि
द्वितीया (कृष्ण पक्ष)
नक्षत्र
उत्तराषाढा (प्रथम पाद)
योग
इन्द्र
करण
तैतिल, गरज
माह
आषाढ
चन्द्र राशि
धनु → मकर
सूर्य राशि
मिथुन
राहु काल
अपराह्ण 13:08–अपराह्ण 15:13
शुभ चौघड़िया
लाभ (रात्रि 04:47–प्रातः 06:52)
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