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यमगण्ड काल · कानपुर

यमगण्ड कालकानपुर15 जुलाई 2027

गुरुवार · आषाढ · शुक्ल पक्ष

गंड मूलनिरयण · लाहिड़ी
तिथि
द्वादशी
नक्षत्र
ज्येष्ठा
योग
शुक्ल
करण
बालव
वार
गुरुवार

Waxing Gibbous

Sunrise 05:26 — Sunset 19:02 · day 13h 37m

88% illuminated · increasing

पंचांग — पाँच अंग पञ्चाङ्ग

तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार, उनके समाप्ति समय के साथ, साथ ही मास और चंद्रमा तथा सूर्य की राशि — इस शहर के सूर्योदय के अनुसार गणना। आधी रात के बाद का समय पारंपरिक विस्तारित घड़ी में दिखता है (जैसे 27:23 = अगली सुबह 03:23)।

तिथि
Dwadashiद्वादशी14:40 तकफिर Trayodashiत्रयोदशी40:35 तक
What this means

The lunar day. It is set by how far the Moon has pulled ahead of the Sun — each 12 degrees of separation is one tithi. The tithi shapes which activities the tradition favours, and it ends at the time shown, when the next one begins.

Muhurta ChintamaniTithi-prakaranam (Nanda/Bhadra/Jaya/Rikta/Purna tithi-types)
नक्षत्र
Jyeshthaज्येष्ठा29:39 तकफिर Mulaमूल56:21 तक
What this means

The Moon's star-mansion — the patch of sky it sits in today, one of 27. Each nakshatra has its own temperament that classical texts use to judge what the day is good for.

Brihat SamhitaNakshatra chapters (nakshatra qualities)
योग
Shuklaशुक्ल13:03 तकफिर Brahmaब्रह्म37:35 तक
What this means

A combined Sun-and-Moon measure (one of 27 nitya-yogas) — not the physical posture practice. A few yogas, such as Vyatipata and Vaidhriti, are best avoided; most are ordinary.

Muhurta ChintamaniYoga enumeration (tyajya-yoga list, v. 33)
करण
Balavaबालव14:40 तकफिर Kaulavaकौलव27:35 तकक्रम: Balava (14:40)Kaulava (27:35)Taitila (40:35)
What this means

Half of a tithi — each lunar day holds two karanas. One of them, Vishti (also called Bhadra), is treated as inauspicious; the rest are workable.

BPHSKarana-jnana-vidhi (11 karanas including Vishti)
वार
Guruvaraगुरुवार
What this means

The weekday and its ruling planet. Each day's planet colours which tasks the tradition recommends — e.g. Thursday (Jupiter) for auspicious beginnings.

Muhurta ChintamaniVara-prakaranam (weekday lords)
मास (अमांत)
Ashadhaआषाढप्रविष्टे/गते: 31
What this means

The lunar month. India uses two reckonings — Amanta (new-moon to new-moon) and Purnimanta (full-moon to full-moon) — so the name can differ by region. An 'Adhika' (extra) month is inserted to keep the lunar and solar years aligned.

Nirnaya SindhuAdhikamasa-nirnaya (intercalary month)
मास (पूर्णिमांत)
Ashadhaआषाढ
पक्ष
शुक्ल पक्ष (बढ़ता चंद्र)
What this means

The fortnight. Shukla is the waxing half (Moon growing toward full); Krishna is the waning half (toward the new moon).

Calendar definition

चंद्र राशि
Vrishchikaवृश्चिक29:39 तकफिर Dhanuधनु
What this means

The zodiac sign the Moon occupies now. Together with your birth Moon-sign it drives Chandrabala — the Moon's day-to-day favourability for you.

Muhurta Chintamani2.4-2.5 (Chandrabala)
सूर्य राशि
Mithunaमिथुन

निरयण (लाहिड़ी) गणना; अंग समाप्ति समय शहर के वास्तविक सूर्योदय के अनुसार। “अधिक मास” उस अतिरिक्त चंद्र मास को दर्शाता है जिसमें कोई सौर संक्रांति नहीं होती।

यह पंचांग कैसे गणना होती है

इस पृष्ठ का हर समय सूर्य और चंद्रमा की वास्तविक स्थिति से स्विस एफेमेरिस (वही उच्च-परिशुद्धता खगोलीय इंजन जिसे पेशेवर खगोलशास्त्री उपयोग करते हैं) से निकाला जाता है, किसी छपे पंचांग या तय तालिका से नहीं।

  • निरयण राशिचक्र, लाहिड़ी अयनांश — भारत सरकार के कैलेंडर में यही मानक है (इस तिथि का अयनांश: 24.2417°)। सभी नक्षत्र, राशि, तिथि और योग की सीमाएँ इसी से बनती हैं।
  • स्थानीय वास्तविक सूर्योदय — मुहूर्त काल (राहु काल, चौघड़िया, होरा, अभिजित आदि) Kanpur के सटीक निर्देशांक के लिए गणना किए गए वास्तविक सूर्योदय से मापे जाते हैं, इसलिए वे आपके स्थान के लिए सही होते हैं, कोई क्षेत्रीय अनुमान नहीं।
  • दो मास परंपराएँ — हम अमांत (अमावस्या से अमावस्या) और पूर्णिमांत (पूर्णिमा से पूर्णिमा) दोनों चंद्र मास दिखाते हैं, क्योंकि भारत के अलग-अलग क्षेत्र अलग परंपरा मानते हैं; अधिक (मलमास) मास होने पर उसे अंकित किया जाता है।

महत्व और शुभ/अशुभ संकेत शास्त्रीय ग्रंथों (मुहूर्त चिंतामणि, बृहत् संहिता, पुराण आदि) से लिए जाते हैं और साथ में उद्धृत किए जाते हैं — हम कभी ऐसा प्रभाव नहीं बताते जो ग्रंथ में न हो।

आपका आज का पंचांग

अपना जन्म नक्षत्र और चंद्र राशि एक बार चुनें — फिर हम आज का आपका ताराबल और चंद्रबल पढ़कर बता देंगे। यह सिर्फ़ इसी डिवाइस पर सेव होता है; हमारे सर्वर पर कभी नहीं जाता।

आज क्या करना शुभ है?

आप जो करने वाले हैं वह चुनें। हम आज के पंचांग को शास्त्रीय मुहूर्त नियम से जाँचकर बताते हैं कि यह शुभ है या नहीं, सबसे अच्छा समय कौन-सा है, और यह किस ग्रंथ से है।

समय विवरण (तालिका)
कालआरंभसमाप्तिप्रकार
Rahu Kala13:5615:38अशुभ
Yamaghanda Kala07:0808:50अशुभ
Gulika Kala08:5010:32अशुभ
Abhijit Muhurta11:4712:41शुभ

शुभ मुहूर्त शुभ मुहूर्त

सूर्योदय और नक्षत्र के आधार पर बने वे समय जिन्हें शास्त्रीय मुहूर्त ग्रंथ साधना, अध्ययन और नई शुरुआत के लिए बताते हैं।

Brahma Muhurta

ब्रह्म मुहूर्त

03:50 – 04:38

Pratah Sandhya

प्रातः सन्ध्या

04:21 – 05:26

Vijaya Muhurta

विजय मुहूर्त

14:30 – 15:25

Godhuli Muhurta

गोधूलि मुहूर्त

18:50 – 19:14

Sayahna Sandhya

सायाह्न सन्ध्या

19:02 – 20:07

Nishita Muhurta

निशीथ मुहूर्त

23:50 – 24:38

Amrita Kalam

अमृत कालम्

16:29 – 18:14

स्रोत: मुहूर्त चिंतामणि; निर्णय सिंधु। उप-काल की गणना सूर्योदय + शहर के निर्देशांक पर सूर्य नक्षत्र की स्थिति से।

अशुभ काल अशुभ काल

राहु काल, यमगंड और गुलिक (ऊपर दिन की समय-रेखा में दिखाए गए) के अलावा, नई शुरुआत के लिए टालने योग्य शास्त्रीय काल।

Varjyam

वर्ज्यम्

09:27 – 11:12

नक्षत्र से निकला वह काल जिसे शास्त्र टालने को कहते हैं।

Dur Muhurtam 9

दुर्मुहूर्तम्

12:41 – 13:36

वार के अनुसार तय अशुभ उप-मुहूर्त।

Dur Muhurtam 13

दुर्मुहूर्तम्

16:19 – 17:13

वार के अनुसार तय अशुभ उप-मुहूर्त।

स्रोत: मुहूर्त चिंतामणि; धर्म सिंधु। उप-काल की गणना सूर्योदय + नक्षत्र की स्थिति से।

आज का सूर्य सूर्य

सूर्य की राशि और नक्षत्र — ऊपर हीरो में दिखाए गए चंद्र-पक्ष की तिथि और नक्षत्र का सूर्य-पक्ष पूरक।

सूर्य राशि

Mithuna#3

सूर्य नक्षत्र

Punarvasu पुनर्वसु

पाद 3 / 4

आज चंद्र पाद परिवर्तन

  • 09:53
  • 16:28
  • 23:04

स्रोत: लाहिड़ी (चित्रपक्ष) निरयण गणना। पाद की गणना नक्षत्र को 3° 20′ के 4 बराबर भागों में बाँटकर।

हिंदू वर्ष विक्रम संवत्

इस वर्ष के विक्रम, शक और गुजराती संवत, साथ में 60-वर्षीय शासन-चक्र से चक्र का नाम (संवत्सर)।

विक्रम संवत

2084

Plavanga प्लवङ्ग (25 Feb 2028 तक)

वर्ष हब देखें

शक संवत

1949

Saumya सौम्य

गुजराती संवत

2083

Parabhava पराभव

मंत्री मंडल — वर्ष शासन

पददेवता
RajaMercury
SasyadhipatiSaturn

बाकी शासन पद (8) इंजन द्वारा हल होते ही भर जाएँगे।

स्रोत: निर्णय सिंधु; सूर्यसिद्धांत। संवत्सर 60-वर्षीय बृहस्पति चक्र से।

दैनिक दिशाएँ दिशा

मुहूर्त चुनने में काम आने वाली दिन की दिशाएँ — यात्रा के लिए दिशा शूल, यज्ञ के लिए अग्निवास, लाभ की दिशा के लिए चंद्र/राहु वास, अनुष्ठान के समय के लिए शिववास।
गंड मूलJyeshthaज्येष्ठा05:39 तक

Jyeshtha Gand Mool: Mool Shanti advised; junction of Vrishchika-Dhanu.

Disha Shool

South दक्षिण

अशुभ

स्रोत: Avoid travel toward this direction today

Nakshatra Shool

East पूर्व

अशुभ

स्रोत: Avoid travel toward this direction while today's nakshatra prevails

Chandra Vasa

North उत्तर

शुभ

स्रोत: Direction favored by today's moon position

Rahu Vasa

South दक्षिण

अशुभ

स्रोत: Direction occupied by Rahu; avoid offerings facing here

Agnivasa

Patala पाताल

अशुभ

स्रोत: Agni's dwelling for homa-suitability assessment

Shiva Vasa

Gauri-sannidhi गौरीसन्निधि

शुभ

स्रोत: Shiva's location for rudrabhisheka timing

Homahuti

Saturn शनि

अशुभ

स्रोत: Khala planet: offering inauspicious (खलग्रह के मुख में होमाहुति शुभ नहीं होती)

Anandadi Yoga

Ananda आनन्द

शुभ

स्रोत: Auspicious day-yoga (Anandadi)

तमिल योग தமிழ் யோகம்

नक्षत्र और वार से बना दिन का तमिल-परंपरा का योग — तमिल मुहूर्त में काम आने वाला सिद्ध / अमृत / मरण / मुशल परिवार।

Tamil Yoga

Mushala मुसल

अशुभ

स्रोत: Inauspicious Tamil yoga -- avoid new ventures

आज की बल तालिका

ताराबल और चंद्रबल — मुहूर्त चुनने में काम आने वाली दो शास्त्रीय बल जाँच। यदि आपका जन्म नक्षत्र या जन्म राशि अनुकूल सूची में आए, तो दिन नई शुरुआत के लिए ठीक है।

आज अनुकूल जन्म राशियाँ

Vrishabha, Mithuna, Kanya, Vrishchika, Makara, Kumbha

चंद्राष्टम (टालें): Mesha

ताराबल — सभी 27 जन्म नक्षत्र
#जन्म नक्षत्रतारागुण
1AshwiniAti-Mitra अतिमित्रअनुकूल
2BharaniMitra मित्रअनुकूल
3KrittikaVadha वधप्रतिकूल
4RohiniSadhaka साधकअनुकूल
5MrigashiraPratyari प्रत्यरिप्रतिकूल
6ArdraKshema क्षेमअनुकूल
7PunarvasuVipat विपत्प्रतिकूल
8PushyaSampat सम्पत्अनुकूल
9AshleshaJanma जन्मप्रतिकूल
10MaghaAti-Mitra अतिमित्रअनुकूल
11Purva PhalguniMitra मित्रअनुकूल
12Uttara PhalguniVadha वधप्रतिकूल
13HastaSadhaka साधकअनुकूल
14ChitraPratyari प्रत्यरिप्रतिकूल
15SwatiKshema क्षेमअनुकूल
16VishakhaVipat विपत्प्रतिकूल
17AnuradhaSampat सम्पत्अनुकूल
18JyeshthaJanma जन्मप्रतिकूल
19MulaAti-Mitra अतिमित्रअनुकूल
20Purva AshadhaMitra मित्रअनुकूल
21Uttara AshadhaVadha वधप्रतिकूल
22ShravanaSadhaka साधकअनुकूल
23DhanishthaPratyari प्रत्यरिप्रतिकूल
24ShatabhishaKshema क्षेमअनुकूल
25Purva BhadrapadaVipat विपत्प्रतिकूल
26Uttara BhadrapadaSampat सम्पत्अनुकूल
27RevatiJanma जन्मप्रतिकूल
चंद्रबल — सभी 12 जन्म राशि
#जन्म राशिजन्म से भावअनुकूल
1Mesha8नहीं
2Vrishabha7हाँ
3Mithuna6हाँ
4Karka5नहीं
5Simha4नहीं
6Kanya3हाँ
7Tula2नहीं
8Vrishchika1हाँ
9Dhanu12नहीं
10Makara11हाँ
11Kumbha10हाँ
12Meena9नहीं

स्रोत: मुहूर्त चिंतामणि; बृहत् संहिता। ताराबल जन्म-नक्षत्र से आज के नक्षत्र तक 9-चक्र का उपयोग करता है।

उदय लग्न (उगती राशि) समय-रेखा

दिन के हर समय पूर्वी क्षितिज पर कौन सी राशि उग रही है। खंड की चौड़ाई वास्तविक उदय अवधि के अनुपात में है।
सभी 13 खंड (तालिका)
#राशिआरंभसमाप्ति
3Mithuna मिथुन05:2605:41
4Karka कर्क05:4108:01
5Simha सिंह08:0110:16
6Kanya कन्या10:1612:26
7Tula तुला12:2614:46
8Vrishchika वृश्चिक14:4617:01
9Dhanu धनु17:0119:06
10Makara मकर19:0620:51
11Kumbha कुम्भ20:5122:21
12Meena मीन22:2123:46
1Mesha मेष23:4601:26
2Vrishabha वृषभ01:2603:21
3Mithuna मिथुन03:2105:26

पंचक रहित मुहूर्त पञ्चक रहित मुहूर्त

पंचक श्रेणी के अनुसार 15 शास्त्रीय दिन-मुहूर्त खंड। हरा = शुभ; गुलाबी = टालें। चौड़ाई वास्तविक अवधि के अनुपात में है।
सभी 15 खंड (तालिका)
#नामआरंभसमाप्तिगुण
1Chora चोर05:2606:20अशुभ
2Shubha शुभ06:2007:15शुभ
3Roga रोग07:1508:09अशुभ
4Mrityu मृत्यु08:0909:03अशुभ
5Agni अग्नि09:0309:58अशुभ
6Raja राज09:5810:52अशुभ
7Chora चोर10:5211:47अशुभ
8Shubha शुभ11:4712:41शुभ
9Roga रोग12:4113:36अशुभ
10Mrityu मृत्यु13:3614:30अशुभ
11Agni अग्नि14:3015:25अशुभ
12Raja राज15:2516:19अशुभ
13Chora चोर16:1917:13अशुभ
14Shubha शुभ17:1318:08शुभ
15Roga रोग18:0819:02अशुभ

स्रोत: मुहूर्त चिंतामणि; निर्णय सिंधु।

ऋतु और अयन

वैदिक ऋतु, अयन, दिन/रात की लंबाई और सौर-दोपहर — आज के पंचांग के आसपास का ऋतु ढाँचा।

ऋतु (वैदिक)

Grishmaग्रीष्म

ऋतु (दृक)

Grishmaग्रीष्म

अयन

Uttarayanaउत्तरायण

दिनमान

13h 37m

रात्रिमान

10h 23m

मध्याह्न

12:14

स्रोत: सूर्यसिद्धांत। दिनमान = सूर्योदय→सूर्यास्त के मिनट; मध्याह्न = स्थानीय सौर दोपहर।

पंचांग और युग पञ्चाङ्ग गणना

इस तिथि के लिए संदर्भ दिन-गणना और कैलेंडर पहचान — कलियुग वर्ष, अहर्गण, जूलियन दिन और राष्ट्रीय (शक) नागरिक तिथियाँ।
पंचांग / युग विवरण
कलियुग वर्ष5128
कलि अहर्गण1873136
जूलियन दिन2461601.5
संशोधित जूलियन दिन61601
राता डाई740177
राष्ट्रीय नागरिक (शक)Ashadha 24, 1949 Shaka
राष्ट्रीय निरयण (शक)Ashadha 31, 1949 Shaka
लाहिड़ी अयनांश24.2417°

दिन के जूलियन दिन और लाहिड़ी अयनांश से निकाला गया।

यमगण्ड काल - कानपुर, 15 जुलाई 2027

कानपुर के आकाश में गुरुवार, 15 जुलाई 2027 का दिन एक विशेष संयोग लेकर आता है। सूर्य प्रातः 05:26 बजे उगता है और सायं 19:02 बजे अस्त होता है, जिससे दिन में 13 घंटे 37 मिनट का उजाला मिलता है। आज की तिथि शुक्ल पक्ष की द्वादशी है, और नक्षत्र ज्येष्ठा रहेगा। आज शुक्ल योग रहेगा — यही दिन के मूल पंचांग की पहचान बनाता है। ब्रह्म मुहूर्त — सुबह से पहले का ध्यान-काल — रात्रि 03:50 से रात्रि 04:38 तक रहता है, जो पूजा और अध्ययन के लिए सबसे शुभ माना जाता है।

अपराह्ण 13:56 से अपराह्ण 15:38 तक राहु काल रहता है, इसलिए कानपुर में इस खिड़की में शुभ काम रोक कर रखें। गुरुवार का दिशाशूल दक्षिण दिशा है; इस दिशा में नया प्रस्थान न करें तो अच्छा। शुभ पक्ष में शुभ चौघड़िया (प्रातः 05:26–प्रातः 07:08) दिन की सबसे अच्छी खिड़की है। बुध के स्वामित्व वाला ज्येष्ठा नक्षत्र इस प्राचीन पंचांग को कानपुर के क्षितिज तक ले आता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कानपुर में 15 जुलाई 2027 को राहु काल कब है?
कानपुर में 15 जुलाई 2027 को राहु काल अपराह्ण 13:56 से अपराह्ण 15:38 तक रहता है। यह करीब 90 मिनट की खिड़की राहु के अधीन होती है और नया काम, यात्रा या शुभ कार्य शुरू करने से आमतौर पर बचा जाता है। यह समय हर दिन सूर्योदय के अनुसार बदलता है, इसलिए हर शहर में अलग होता है।
कानपुर में 15 जुलाई 2027 को सूर्योदय प्रातः 05:26 बजे क्यों होता है?
कानपुर में 15 जुलाई 2027 को सूर्योदय प्रातः 05:26 बजे होता है — यह शहर के अक्षांश (26.45°N) और इस तारीख को पृथ्वी के झुकाव से तय होता है। सूर्योदय और सूर्यास्त (सायं 19:02) वैदिक दिन की लंबाई तय करते हैं और राहु काल से लेकर चौघड़िया तक सभी गणनाएँ कानपुर के स्थानीय क्षितिज से जोड़ते हैं।
कानपुर में 15 जुलाई 2027 को कौन-सा योग है?
कानपुर में 15 जुलाई 2027 को शुक्ल योग है, जो दोपहर 12:49 से अपराह्ण 13:03 तक सक्रिय रहता है। पंचांग में योग सूर्य और चन्द्र की मिली-जुली स्थिति से बनता है और 27 योगों के चक्र में घूमता है। शुक्ल योग का अपना स्वभाव होता है जो दिन के कामों की शुभता पर असर डालता है।

संबंधित पंचांग पृष्ठ

दैनिक प्रामाणिकता

तांत्रिक बंदा खिड़कियाँ

Dadima (Anar)

दाडिम (अनार)

स्रोत:

साधना विधान

Dwadashi Vishnu Puja

द्वादशी विष्णु पूजा

- Vishnu Purana, Padma Purana

दिन दुर्लभता अंक

0.16721515148356325/ 100

कानपुर — 15 जुलाई

सूर्योदय
प्रातः 05:26
सूर्यास्त
सायं 19:02
तिथि
द्वादशी (शुक्ल पक्ष)
नक्षत्र
ज्येष्ठा (प्रथम पाद)
योग
शुक्ल
करण
बालव, कौलव
माह
आषाढ
चन्द्र राशि
वृश्चिक → धनु
सूर्य राशि
मिथुन
राहु काल
अपराह्ण 13:56–अपराह्ण 15:38
शुभ चौघड़िया
शुभ (प्रातः 05:26–प्रातः 07:08)
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