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ताराबलम्

श्रीनगर · 19 जून 2027

आज का नक्षत्र

Mula मूल

आज के लिए शुभ जन्म राशियाँ

Mithuna, Karka, Tula, Dhanu, Kumbha, Meena

पूरी 27-पंक्तियों वाली ताराबल तालिका नीचे खुली है।

ताराबलम्

पंचांग — पाँच अंग पञ्चाङ्ग

तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार, उनके समाप्ति समय के साथ, साथ ही मास और चंद्रमा तथा सूर्य की राशि — इस शहर के सूर्योदय के अनुसार गणना। आधी रात के बाद का समय पारंपरिक विस्तारित घड़ी में दिखता है (जैसे 27:23 = अगली सुबह 03:23)।

तिथि
Purnimaपूर्णिमा06:14 तकफिर Pratipadaप्रतिपदा32:15 तक
What this means

The lunar day. It is set by how far the Moon has pulled ahead of the Sun — each 12 degrees of separation is one tithi. The tithi shapes which activities the tradition favours, and it ends at the time shown, when the next one begins.

Muhurta ChintamaniTithi-prakaranam (Nanda/Bhadra/Jaya/Rikta/Purna tithi-types)
नक्षत्र
Mulaमूल26:12 तकफिर Purva Ashadhaपूर्वाषाढा53:04 तक
What this means

The Moon's star-mansion — the patch of sky it sits in today, one of 27. Each nakshatra has its own temperament that classical texts use to judge what the day is good for.

Brihat SamhitaNakshatra chapters (nakshatra qualities)
योग
Shubhaशुभ06:18 तकफिर Shuklaशुक्ल30:58 तक
What this means

A combined Sun-and-Moon measure (one of 27 nitya-yogas) — not the physical posture practice. A few yogas, such as Vyatipata and Vaidhriti, are best avoided; most are ordinary.

Muhurta ChintamaniYoga enumeration (tyajya-yoga list, v. 33)
करण
Bavaबव06:14 तकफिर Balavaबालव19:12 तकक्रम: Bava (06:14)Balava (19:12)Kaulava (32:15)
What this means

Half of a tithi — each lunar day holds two karanas. One of them, Vishti (also called Bhadra), is treated as inauspicious; the rest are workable.

BPHSKarana-jnana-vidhi (11 karanas including Vishti)
वार
Shanivaraशनिवार
What this means

The weekday and its ruling planet. Each day's planet colours which tasks the tradition recommends — e.g. Thursday (Jupiter) for auspicious beginnings.

Muhurta ChintamaniVara-prakaranam (weekday lords)
मास (अमांत)
Ashadhaआषाढप्रविष्टे/गते: 5
What this means

The lunar month. India uses two reckonings — Amanta (new-moon to new-moon) and Purnimanta (full-moon to full-moon) — so the name can differ by region. An 'Adhika' (extra) month is inserted to keep the lunar and solar years aligned.

Nirnaya SindhuAdhikamasa-nirnaya (intercalary month)
मास (पूर्णिमांत)
Ashadhaआषाढ
पक्ष
शुक्ल पक्ष (बढ़ता चंद्र)
What this means

The fortnight. Shukla is the waxing half (Moon growing toward full); Krishna is the waning half (toward the new moon).

Calendar definition

चंद्र राशि
Dhanuधनु59:49 तकफिर Makaraमकर
What this means

The zodiac sign the Moon occupies now. Together with your birth Moon-sign it drives Chandrabala — the Moon's day-to-day favourability for you.

Muhurta Chintamani2.4-2.5 (Chandrabala)
सूर्य राशि
Mithunaमिथुन

निरयण (लाहिड़ी) गणना; अंग समाप्ति समय शहर के वास्तविक सूर्योदय के अनुसार। “अधिक मास” उस अतिरिक्त चंद्र मास को दर्शाता है जिसमें कोई सौर संक्रांति नहीं होती।

यह पंचांग कैसे गणना होती है

इस पृष्ठ का हर समय सूर्य और चंद्रमा की वास्तविक स्थिति से स्विस एफेमेरिस (वही उच्च-परिशुद्धता खगोलीय इंजन जिसे पेशेवर खगोलशास्त्री उपयोग करते हैं) से निकाला जाता है, किसी छपे पंचांग या तय तालिका से नहीं।

  • निरयण राशिचक्र, लाहिड़ी अयनांश — भारत सरकार के कैलेंडर में यही मानक है (इस तिथि का अयनांश: 24.2407°)। सभी नक्षत्र, राशि, तिथि और योग की सीमाएँ इसी से बनती हैं।
  • स्थानीय वास्तविक सूर्योदय — मुहूर्त काल (राहु काल, चौघड़िया, होरा, अभिजित आदि) Srinagar के सटीक निर्देशांक के लिए गणना किए गए वास्तविक सूर्योदय से मापे जाते हैं, इसलिए वे आपके स्थान के लिए सही होते हैं, कोई क्षेत्रीय अनुमान नहीं।
  • दो मास परंपराएँ — हम अमांत (अमावस्या से अमावस्या) और पूर्णिमांत (पूर्णिमा से पूर्णिमा) दोनों चंद्र मास दिखाते हैं, क्योंकि भारत के अलग-अलग क्षेत्र अलग परंपरा मानते हैं; अधिक (मलमास) मास होने पर उसे अंकित किया जाता है।

महत्व और शुभ/अशुभ संकेत शास्त्रीय ग्रंथों (मुहूर्त चिंतामणि, बृहत् संहिता, पुराण आदि) से लिए जाते हैं और साथ में उद्धृत किए जाते हैं — हम कभी ऐसा प्रभाव नहीं बताते जो ग्रंथ में न हो।

आपका आज का पंचांग

अपना जन्म नक्षत्र और चंद्र राशि एक बार चुनें — फिर हम आज का आपका ताराबल और चंद्रबल पढ़कर बता देंगे। यह सिर्फ़ इसी डिवाइस पर सेव होता है; हमारे सर्वर पर कभी नहीं जाता।

आज क्या करना शुभ है?

आप जो करने वाले हैं वह चुनें। हम आज के पंचांग को शास्त्रीय मुहूर्त नियम से जाँचकर बताते हैं कि यह शुभ है या नहीं, सबसे अच्छा समय कौन-सा है, और यह किस ग्रंथ से है।

समय विवरण (तालिका)
कालआरंभसमाप्तिप्रकार
Rahu Kala08:5610:44अशुभ
Yamaghanda Kala05:2007:08अशुभ
Gulika Kala05:2007:08अशुभ
Abhijit Muhurta12:0313:00शुभ

शुभ मुहूर्त शुभ मुहूर्त

सूर्योदय और नक्षत्र के आधार पर बने वे समय जिन्हें शास्त्रीय मुहूर्त ग्रंथ साधना, अध्ययन और नई शुरुआत के लिए बताते हैं।

Brahma Muhurta

ब्रह्म मुहूर्त

03:44 – 04:32

Pratah Sandhya

प्रातः सन्ध्या

04:15 – 05:20

Vijaya Muhurta

विजय मुहूर्त

14:55 – 15:53

Godhuli Muhurta

गोधूलि मुहूर्त

19:31 – 19:55

Sayahna Sandhya

सायाह्न सन्ध्या

19:43 – 20:48

Nishita Muhurta

निशीथ मुहूर्त

24:08 – 24:56

Amrita Kalam

अमृत कालम्

04:59 – 06:45

स्रोत: मुहूर्त चिंतामणि; निर्णय सिंधु। उप-काल की गणना सूर्योदय + शहर के निर्देशांक पर सूर्य नक्षत्र की स्थिति से।

अशुभ काल अशुभ काल

राहु काल, यमगंड और गुलिक (ऊपर दिन की समय-रेखा में दिखाए गए) के अलावा, नई शुरुआत के लिए टालने योग्य शास्त्रीय काल।

Varjyam

वर्ज्यम्

08:31 – 10:17

नक्षत्र से निकला वह काल जिसे शास्त्र टालने को कहते हैं।

Dur Muhurtam 1

दुर्मुहूर्तम्

05:20 – 06:18

वार के अनुसार तय अशुभ उप-मुहूर्त।

Dur Muhurtam 2

दुर्मुहूर्तम्

06:18 – 07:15

वार के अनुसार तय अशुभ उप-मुहूर्त।

स्रोत: मुहूर्त चिंतामणि; धर्म सिंधु। उप-काल की गणना सूर्योदय + नक्षत्र की स्थिति से।

आज का सूर्य सूर्य

सूर्य की राशि और नक्षत्र — ऊपर हीरो में दिखाए गए चंद्र-पक्ष की तिथि और नक्षत्र का सूर्य-पक्ष पूरक।

सूर्य राशि

Mithuna#3

सूर्य नक्षत्र

Mrigashira मृगशिरा

पाद 3 / 4

आज चंद्र पाद परिवर्तन

  • 06:17
  • 12:56
  • 19:34
  • 02:13

स्रोत: लाहिड़ी (चित्रपक्ष) निरयण गणना। पाद की गणना नक्षत्र को 3° 20′ के 4 बराबर भागों में बाँटकर।

हिंदू वर्ष विक्रम संवत्

इस वर्ष के विक्रम, शक और गुजराती संवत, साथ में 60-वर्षीय शासन-चक्र से चक्र का नाम (संवत्सर)।

विक्रम संवत

2084

Plavanga प्लवङ्ग (25 Feb 2028 तक)

वर्ष हब देखें

शक संवत

1949

Saumya सौम्य

गुजराती संवत

2083

Parabhava पराभव

मंत्री मंडल — वर्ष शासन

पददेवता
RajaMercury
SasyadhipatiSaturn

बाकी शासन पद (8) इंजन द्वारा हल होते ही भर जाएँगे।

स्रोत: निर्णय सिंधु; सूर्यसिद्धांत। संवत्सर 60-वर्षीय बृहस्पति चक्र से।

दैनिक दिशाएँ दिशा

मुहूर्त चुनने में काम आने वाली दिन की दिशाएँ — यात्रा के लिए दिशा शूल, यज्ञ के लिए अग्निवास, लाभ की दिशा के लिए चंद्र/राहु वास, अनुष्ठान के समय के लिए शिववास।
गंड मूलMulaमूल02:12 तक

Mula Gand Mool: Mool Shanti advised; ruled by Ketu, gandanta star.

Disha Shool

East पूर्व

अशुभ

स्रोत: Avoid travel toward this direction today

Nakshatra Shool

East पूर्व

अशुभ

स्रोत: Avoid travel toward this direction while today's nakshatra prevails

Chandra Vasa

East पूर्व

शुभ

स्रोत: Direction favored by today's moon position

Rahu Vasa

West पश्चिम

अशुभ

स्रोत: Direction occupied by Rahu; avoid offerings facing here

Agnivasa

Prithvi पृथ्वी

शुभ

स्रोत: Agni's dwelling for homa-suitability assessment

Shiva Vasa

Kailasha कैलाश

शुभ

स्रोत: Shiva's location for rudrabhisheka timing

Homahuti

Moon चन्द्र

शुभ

स्रोत: Benefic planet: offering auspicious

Anandadi Yoga

Gada गद

अशुभ

स्रोत: Inauspicious day-yoga (Anandadi) -- avoid new ventures

तमिल योग தமிழ் யோகம்

नक्षत्र और वार से बना दिन का तमिल-परंपरा का योग — तमिल मुहूर्त में काम आने वाला सिद्ध / अमृत / मरण / मुशल परिवार।

Tamil Yoga

Mushala मुसल

अशुभ

स्रोत: Inauspicious Tamil yoga -- avoid new ventures

आज की बल तालिका

ताराबल और चंद्रबल — मुहूर्त चुनने में काम आने वाली दो शास्त्रीय बल जाँच। यदि आपका जन्म नक्षत्र या जन्म राशि अनुकूल सूची में आए, तो दिन नई शुरुआत के लिए ठीक है।

आज अनुकूल जन्म राशियाँ

Mithuna, Karka, Tula, Dhanu, Kumbha, Meena

चंद्राष्टम (टालें): Vrishabha

ताराबल — सभी 27 जन्म नक्षत्र
#जन्म नक्षत्रतारागुण
1AshwiniJanma जन्मसामान्य
2BharaniAti-Mitra अतिमित्रसामान्य
3KrittikaMitra मित्रसामान्य
4RohiniVadha वधसामान्य
5MrigashiraSadhaka साधकसामान्य
6ArdraPratyari प्रत्यरिसामान्य
7PunarvasuKshema क्षेमसामान्य
8PushyaVipat विपत्सामान्य
9AshleshaSampat सम्पत्सामान्य
10MaghaJanma जन्मसामान्य
11Purva PhalguniAti-Mitra अतिमित्रसामान्य
12Uttara PhalguniMitra मित्रसामान्य
13HastaVadha वधसामान्य
14ChitraSadhaka साधकसामान्य
15SwatiPratyari प्रत्यरिसामान्य
16VishakhaKshema क्षेमसामान्य
17AnuradhaVipat विपत्सामान्य
18JyeshthaSampat सम्पत्सामान्य
19MulaJanma जन्मसामान्य
20Purva AshadhaAti-Mitra अतिमित्रसामान्य
21Uttara AshadhaMitra मित्रसामान्य
22ShravanaVadha वधसामान्य
23DhanishthaSadhaka साधकसामान्य
24ShatabhishaPratyari प्रत्यरिसामान्य
25Purva BhadrapadaKshema क्षेमसामान्य
26Uttara BhadrapadaVipat विपत्सामान्य
27RevatiSampat सम्पत्सामान्य
चंद्रबल — सभी 12 जन्म राशि
#जन्म राशिजन्म से भावअनुकूल
1Mesha9नहीं
2Vrishabha8नहीं
3Mithuna7हाँ
4Karka6हाँ
5Simha5नहीं
6Kanya4नहीं
7Tula3हाँ
8Vrishchika2नहीं
9Dhanu1हाँ
10Makara12नहीं
11Kumbha11हाँ
12Meena10हाँ

स्रोत: मुहूर्त चिंतामणि; बृहत् संहिता। ताराबल जन्म-नक्षत्र से आज के नक्षत्र तक 9-चक्र का उपयोग करता है।

उदय लग्न (उगती राशि) समय-रेखा

दिन के हर समय पूर्वी क्षितिज पर कौन सी राशि उग रही है। खंड की चौड़ाई वास्तविक उदय अवधि के अनुपात में है।
सभी 13 खंड (तालिका)
#राशिआरंभसमाप्ति
3Mithuna मिथुन05:2007:30
4Karka कर्क07:3009:55
5Simha सिंह09:5512:15
6Kanya कन्या12:1514:40
7Tula तुला14:4017:05
8Vrishchika वृश्चिक17:0519:25
9Dhanu धनु19:2521:30
10Makara मकर21:3023:05
11Kumbha कुम्भ23:0524:25
12Meena मीन24:2501:45
1Mesha मेष01:4503:15
2Vrishabha वृषभ03:1505:10
3Mithuna मिथुन05:1005:20

पंचक रहित मुहूर्त पञ्चक रहित मुहूर्त

पंचक श्रेणी के अनुसार 15 शास्त्रीय दिन-मुहूर्त खंड। हरा = शुभ; गुलाबी = टालें। चौड़ाई वास्तविक अवधि के अनुपात में है।
सभी 15 खंड (तालिका)
#नामआरंभसमाप्तिगुण
1Chora चोर05:2006:18अशुभ
2Shubha शुभ06:1807:15शुभ
3Roga रोग07:1508:13अशुभ
4Mrityu मृत्यु08:1309:10अशुभ
5Agni अग्नि09:1010:08अशुभ
6Raja राज10:0811:05अशुभ
7Chora चोर11:0512:03अशुभ
8Shubha शुभ12:0313:00शुभ
9Roga रोग13:0013:58अशुभ
10Mrityu मृत्यु13:5814:55अशुभ
11Agni अग्नि14:5515:53अशुभ
12Raja राज15:5316:51अशुभ
13Chora चोर16:5117:48अशुभ
14Shubha शुभ17:4818:46शुभ
15Roga रोग18:4619:43अशुभ

स्रोत: मुहूर्त चिंतामणि; निर्णय सिंधु।

ऋतु और अयन

वैदिक ऋतु, अयन, दिन/रात की लंबाई और सौर-दोपहर — आज के पंचांग के आसपास का ऋतु ढाँचा।

ऋतु (वैदिक)

Grishmaग्रीष्म

ऋतु (दृक)

Grishmaग्रीष्म

अयन

Uttarayanaउत्तरायण

दिनमान

14h 23m

रात्रिमान

9h 37m

मध्याह्न

12:32

स्रोत: सूर्यसिद्धांत। दिनमान = सूर्योदय→सूर्यास्त के मिनट; मध्याह्न = स्थानीय सौर दोपहर।

पंचांग और युग पञ्चाङ्ग गणना

इस तिथि के लिए संदर्भ दिन-गणना और कैलेंडर पहचान — कलियुग वर्ष, अहर्गण, जूलियन दिन और राष्ट्रीय (शक) नागरिक तिथियाँ।
पंचांग / युग विवरण
कलियुग वर्ष5128
कलि अहर्गण1873110
जूलियन दिन2461575.5
संशोधित जूलियन दिन61575
राता डाई740151
राष्ट्रीय नागरिक (शक)Jyeshtha 29, 1949 Shaka
राष्ट्रीय निरयण (शक)Ashadha 5, 1949 Shaka
लाहिड़ी अयनांश24.2407°

दिन के जूलियन दिन और लाहिड़ी अयनांश से निकाला गया।

ताराबलम् - श्रीनगर, 19 जून 2027

शनिवार, 19 जून 2027 को श्रीनगर का पंचांग एक खास लय लेकर आता है। आज सूर्योदय प्रातः 05:20 बजे होता है और सायं 19:43 बजे अस्त होता है, जिससे दिन में 14 घंटे 23 मिनट का उजाला मिलता है। तिथि पूर्णिमा (शुक्ल पक्ष) है और दिन का नक्षत्र मूल है। शुभ योग पूरे दिन पर असर डालता है। श्रीनगर के लिए ब्रह्म मुहूर्त रात्रि 03:44 से रात्रि 04:32 तक है; यही वह समय है जिसे शास्त्र साधना और पढ़ाई के लिए सर्वोत्तम बताते हैं।

श्रीनगर में राहु काल प्रातः 08:56 से प्रातः 10:44 तक रहेगा — इस दौरान कोई नया काम शुरू न करें। दिशाशूल आज पूर्व की ओर है, इसलिए शनिवार को उस दिशा की यात्रा कुछ देर टाल दें। अच्छे समय के लिए शुभ चौघड़िया (प्रातः 07:08–प्रातः 08:56) सबसे उत्तम मुहूर्त है। मूल नक्षत्र केतु के अधिकार में है, जिससे यह दिन आकाशीय समय और श्रीनगर की भूमि — दोनों से जुड़ जाता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

श्रीनगर में 19 जून 2027 को राहु काल कब है?
श्रीनगर में 19 जून 2027 को राहु काल प्रातः 08:56 से प्रातः 10:44 तक रहता है। यह करीब 90 मिनट की खिड़की राहु के अधीन होती है और नया काम, यात्रा या शुभ कार्य शुरू करने से आमतौर पर बचा जाता है। यह समय हर दिन सूर्योदय के अनुसार बदलता है, इसलिए हर शहर में अलग होता है।
श्रीनगर में 19 जून 2027 को सूर्योदय प्रातः 05:20 बजे क्यों होता है?
श्रीनगर में 19 जून 2027 को सूर्योदय प्रातः 05:20 बजे होता है — यह शहर के अक्षांश (34.08°N) और इस तारीख को पृथ्वी के झुकाव से तय होता है। सूर्योदय और सूर्यास्त (सायं 19:43) वैदिक दिन की लंबाई तय करते हैं और राहु काल से लेकर चौघड़िया तक सभी गणनाएँ श्रीनगर के स्थानीय क्षितिज से जोड़ते हैं।
क्या 19 जून 2027 को पूर्णिमा है?
हाँ, श्रीनगर के लिए 19 जून 2027 को पूर्णिमा (पूरा चाँद) है। पूर्णिमा तिथि रात्रि 04:35 से प्रातः 06:14 तक सक्रिय रहती है। पूर्णिमा को पूजा, दान और नई साधना शुरू करने के लिए बहुत शुभ माना जाता है — सत्यनारायण पूजा और गुरु पूर्णिमा जैसे पर्व इसी तिथि पर आते हैं।

संबंधित पंचांग पृष्ठ

दैनिक प्रामाणिकता

तांत्रिक बंदा खिड़कियाँ

Sal

साल

स्रोत:

साधना विधान

Bhuvaneshwari Mantra Japa

भुवनेश्वरी मन्त्र जप

- Rudrayamala Tantra, Tantrasara

Lakshmi Puja

लक्ष्मी पूजा

- Shri Sukta, Lakshmi Tantra

Chandi Patha (Durga Saptashati)

चण्डी पाठ

- Markandeya Purana, Devi Mahatmya

Tara Sadhana

तारा साधना

- Tara Tantra, Todala Tantra, Tantrasara (Krishnananda)

Matangi Sadhana

मातंगी साधना

- Matangi Tantra, Shakta Pramoda, Tantrasara, Mantra Mahodadhi

Kamala Sadhana

कमला साधना

- Shakta Pramoda, Todala Tantra, Kamala Tantra, Mantra Mahodadhi

Shodashi (Tripura Sundari) Sadhana

षोडशी (त्रिपुरसुन्दरी) साधना

- Vamakeshvara Tantra, Yogini Hridaya, Lalita Sahasranama (Brahmanda Purana), Saundaryalahari (Adi Shankaracharya)

Bhuvaneshwari Purnima Puja

भुवनेश्वरी पूर्णिमा पूजा

- Tantrasara, Shakta Pramoda

Purnima Satyanarayan Puja

पूर्णिमा सत्यनारायण पूजा

- Skanda Purana, Satyanarayan Katha

Phalguna Purnima Holika Dahan

फाल्गुन पूर्णिमा होलिका दहन

- Narada Purana, Bhavishya Purana

Bava Karana Auspicious Puja

बव करण शुभ पूजा

- Muhurta Chintamani

दिन दुर्लभता अंक

0.3275364117031564/ 100

श्रीनगर — 19 जून

सूर्योदय
प्रातः 05:20
सूर्यास्त
सायं 19:43
तिथि
पूर्णिमा (शुक्ल पक्ष)
नक्षत्र
मूल (प्रथम पाद)
योग
शुभ
करण
बव, बालव
माह
आषाढ
चन्द्र राशि
धनु → मकर
सूर्य राशि
मिथुन
राहु काल
प्रातः 08:56–प्रातः 10:44
शुभ चौघड़िया
शुभ (प्रातः 07:08–प्रातः 08:56)