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ताराबलम्

श्रीनगर · 25 जून 2026

आज का नक्षत्र

Swati स्वाती

आज के लिए शुभ जन्म राशियाँ

Mesha, Vrishabha, Simha, Tula, Dhanu, Makara

पूरी 27-पंक्तियों वाली ताराबल तालिका नीचे खुली है।

ताराबलम्

पंचांग — पाँच अंग पञ्चाङ्ग

तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार, उनके समाप्ति समय के साथ, साथ ही मास और चंद्रमा तथा सूर्य की राशि — इस शहर के सूर्योदय के अनुसार गणना। आधी रात के बाद का समय पारंपरिक विस्तारित घड़ी में दिखता है (जैसे 27:23 = अगली सुबह 03:23)।

तिथि
Ekadashiएकादशी20:09 तकफिर Dwadashiद्वादशी46:22 तक
What this means

The lunar day. It is set by how far the Moon has pulled ahead of the Sun — each 12 degrees of separation is one tithi. The tithi shapes which activities the tradition favours, and it ends at the time shown, when the next one begins.

Muhurta ChintamaniTithi-prakaranam (Nanda/Bhadra/Jaya/Rikta/Purna tithi-types)
नक्षत्र
Swatiस्वाती16:29 तकफिर Vishakhaविशाखा43:16 तक
What this means

The Moon's star-mansion — the patch of sky it sits in today, one of 27. Each nakshatra has its own temperament that classical texts use to judge what the day is good for.

Brihat SamhitaNakshatra chapters (nakshatra qualities)
योग
Shivaशिव10:53 तकफिर Siddhaसिद्ध35:38 तक
What this means

A combined Sun-and-Moon measure (one of 27 nitya-yogas) — not the physical posture practice. A few yogas, such as Vyatipata and Vaidhriti, are best avoided; most are ordinary.

Muhurta ChintamaniYoga enumeration (tyajya-yoga list, v. 33)
करण
Vanijaवणिज07:08 तकफिर Vishtiविष्टि20:09 तकक्रम: Vanija (07:08)Vishti (20:09)Bava (33:14)
What this means

Half of a tithi — each lunar day holds two karanas. One of them, Vishti (also called Bhadra), is treated as inauspicious; the rest are workable.

BPHSKarana-jnana-vidhi (11 karanas including Vishti)
वार
Guruvaraगुरुवार
What this means

The weekday and its ruling planet. Each day's planet colours which tasks the tradition recommends — e.g. Thursday (Jupiter) for auspicious beginnings.

Muhurta ChintamaniVara-prakaranam (weekday lords)
मास (अमांत)
Ashadhaआषाढप्रविष्टे/गते: 11
What this means

The lunar month. India uses two reckonings — Amanta (new-moon to new-moon) and Purnimanta (full-moon to full-moon) — so the name can differ by region. An 'Adhika' (extra) month is inserted to keep the lunar and solar years aligned.

Nirnaya SindhuAdhikamasa-nirnaya (intercalary month)
मास (पूर्णिमांत)
Ashadhaआषाढ
पक्ष
शुक्ल पक्ष (बढ़ता चंद्र)
What this means

The fortnight. Shukla is the waxing half (Moon growing toward full); Krishna is the waning half (toward the new moon).

Calendar definition

चंद्र राशि
Tulaतुला36:33 तकफिर Vrishchikaवृश्चिक
What this means

The zodiac sign the Moon occupies now. Together with your birth Moon-sign it drives Chandrabala — the Moon's day-to-day favourability for you.

Muhurta Chintamani2.4-2.5 (Chandrabala)
सूर्य राशि
Mithunaमिथुन

निरयण (लाहिड़ी) गणना; अंग समाप्ति समय शहर के वास्तविक सूर्योदय के अनुसार। “अधिक मास” उस अतिरिक्त चंद्र मास को दर्शाता है जिसमें कोई सौर संक्रांति नहीं होती।

यह पंचांग कैसे गणना होती है

इस पृष्ठ का हर समय सूर्य और चंद्रमा की वास्तविक स्थिति से स्विस एफेमेरिस (वही उच्च-परिशुद्धता खगोलीय इंजन जिसे पेशेवर खगोलशास्त्री उपयोग करते हैं) से निकाला जाता है, किसी छपे पंचांग या तय तालिका से नहीं।

  • निरयण राशिचक्र, लाहिड़ी अयनांश — भारत सरकार के कैलेंडर में यही मानक है (इस तिथि का अयनांश: 24.2270°)। सभी नक्षत्र, राशि, तिथि और योग की सीमाएँ इसी से बनती हैं।
  • स्थानीय वास्तविक सूर्योदय — मुहूर्त काल (राहु काल, चौघड़िया, होरा, अभिजित आदि) Srinagar के सटीक निर्देशांक के लिए गणना किए गए वास्तविक सूर्योदय से मापे जाते हैं, इसलिए वे आपके स्थान के लिए सही होते हैं, कोई क्षेत्रीय अनुमान नहीं।
  • दो मास परंपराएँ — हम अमांत (अमावस्या से अमावस्या) और पूर्णिमांत (पूर्णिमा से पूर्णिमा) दोनों चंद्र मास दिखाते हैं, क्योंकि भारत के अलग-अलग क्षेत्र अलग परंपरा मानते हैं; अधिक (मलमास) मास होने पर उसे अंकित किया जाता है।

महत्व और शुभ/अशुभ संकेत शास्त्रीय ग्रंथों (मुहूर्त चिंतामणि, बृहत् संहिता, पुराण आदि) से लिए जाते हैं और साथ में उद्धृत किए जाते हैं — हम कभी ऐसा प्रभाव नहीं बताते जो ग्रंथ में न हो।

आपका आज का पंचांग

अपना जन्म नक्षत्र और चंद्र राशि एक बार चुनें — फिर हम आज का आपका ताराबल और चंद्रबल पढ़कर बता देंगे। यह सिर्फ़ इसी डिवाइस पर सेव होता है; हमारे सर्वर पर कभी नहीं जाता।

आज क्या करना शुभ है?

आप जो करने वाले हैं वह चुनें। हम आज के पंचांग को शास्त्रीय मुहूर्त नियम से जाँचकर बताते हैं कि यह शुभ है या नहीं, सबसे अच्छा समय कौन-सा है, और यह किस ग्रंथ से है।

समय विवरण (तालिका)
कालआरंभसमाप्तिप्रकार
Rahu Kala14:2116:09अशुभ
Yamaghanda Kala07:0908:57अशुभ
Gulika Kala08:5710:45अशुभ
Abhijit Muhurta12:0413:02शुभ

शुभ मुहूर्त शुभ मुहूर्त

सूर्योदय और नक्षत्र के आधार पर बने वे समय जिन्हें शास्त्रीय मुहूर्त ग्रंथ साधना, अध्ययन और नई शुरुआत के लिए बताते हैं।

Brahma Muhurta

ब्रह्म मुहूर्त

03:45 – 04:33

Pratah Sandhya

प्रातः सन्ध्या

04:16 – 05:21

Vijaya Muhurta

विजय मुहूर्त

14:57 – 15:54

Godhuli Muhurta

गोधूलि मुहूर्त

19:32 – 19:56

Sayahna Sandhya

सायाह्न सन्ध्या

19:44 – 20:49

Nishita Muhurta

निशीथ मुहूर्त

24:09 – 24:57

Amrita Kalam

अमृत कालम्

22:49 – 24:35

स्रोत: मुहूर्त चिंतामणि; निर्णय सिंधु। उप-काल की गणना सूर्योदय + शहर के निर्देशांक पर सूर्य नक्षत्र की स्थिति से।

अशुभ काल अशुभ काल

राहु काल, यमगंड और गुलिक (ऊपर दिन की समय-रेखा में दिखाए गए) के अलावा, नई शुरुआत के लिए टालने योग्य शास्त्रीय काल।
भद्रा07:08 – 20:09

Varjyam

वर्ज्यम्

20:10 – 21:56

नक्षत्र से निकला वह काल जिसे शास्त्र टालने को कहते हैं।

Dur Muhurtam 9

दुर्मुहूर्तम्

13:02 – 13:59

वार के अनुसार तय अशुभ उप-मुहूर्त।

Dur Muhurtam 13

दुर्मुहूर्तम्

16:52 – 17:49

वार के अनुसार तय अशुभ उप-मुहूर्त।

स्रोत: मुहूर्त चिंतामणि; धर्म सिंधु। उप-काल की गणना सूर्योदय + नक्षत्र की स्थिति से।

आज का सूर्य सूर्य

सूर्य की राशि और नक्षत्र — ऊपर हीरो में दिखाए गए चंद्र-पक्ष की तिथि और नक्षत्र का सूर्य-पक्ष पूरक।

सूर्य राशि

Mithuna#3

सूर्य नक्षत्र

Ardra आर्द्रा

पाद 1 / 4

आज चंद्र पाद परिवर्तन

  • 09:51
  • 16:31
  • 23:11

स्रोत: लाहिड़ी (चित्रपक्ष) निरयण गणना। पाद की गणना नक्षत्र को 3° 20′ के 4 बराबर भागों में बाँटकर।

हिंदू वर्ष विक्रम संवत्

इस वर्ष के विक्रम, शक और गुजराती संवत, साथ में 60-वर्षीय शासन-चक्र से चक्र का नाम (संवत्सर)।

विक्रम संवत

2083

Parabhava पराभव (8 Mar 2027 तक)

वर्ष हब देखें

शक संवत

1948

Kilaka कीलक

गुजराती संवत

2082

Vishvavasu विश्वावसु

मंत्री मंडल — वर्ष शासन

पददेवता
RajaJupiter
SasyadhipatiJupiter

बाकी शासन पद (8) इंजन द्वारा हल होते ही भर जाएँगे।

स्रोत: निर्णय सिंधु; सूर्यसिद्धांत। संवत्सर 60-वर्षीय बृहस्पति चक्र से।

दैनिक दिशाएँ दिशा

मुहूर्त चुनने में काम आने वाली दिन की दिशाएँ — यात्रा के लिए दिशा शूल, यज्ञ के लिए अग्निवास, लाभ की दिशा के लिए चंद्र/राहु वास, अनुष्ठान के समय के लिए शिववास।

Disha Shool

South दक्षिण

अशुभ

स्रोत: Avoid travel toward this direction today

Nakshatra Shool

North उत्तर

अशुभ

स्रोत: Avoid travel toward this direction while today's nakshatra prevails

Chandra Vasa

West पश्चिम

शुभ

स्रोत: Direction favored by today's moon position

Rahu Vasa

South दक्षिण

अशुभ

स्रोत: Direction occupied by Rahu; avoid offerings facing here

Agnivasa

Patala पाताल

अशुभ

स्रोत: Agni's dwelling for homa-suitability assessment

Shiva Vasa

Smashana श्मशान

अशुभ

स्रोत: Shiva's location for rudrabhisheka timing

Homahuti

Saturn शनि

अशुभ

स्रोत: Khala planet: offering inauspicious (खलग्रह के मुख में होमाहुति शुभ नहीं होती)

Anandadi Yoga

Sthira स्थिर

शुभ

स्रोत: Auspicious day-yoga (Anandadi)

तमिल योग தமிழ் யோகம்

नक्षत्र और वार से बना दिन का तमिल-परंपरा का योग — तमिल मुहूर्त में काम आने वाला सिद्ध / अमृत / मरण / मुशल परिवार।

Tamil Yoga

Siddha सिद्ध

शुभ

स्रोत: Auspicious Tamil yoga

आज की बल तालिका

ताराबल और चंद्रबल — मुहूर्त चुनने में काम आने वाली दो शास्त्रीय बल जाँच। यदि आपका जन्म नक्षत्र या जन्म राशि अनुकूल सूची में आए, तो दिन नई शुरुआत के लिए ठीक है।

आज अनुकूल जन्म राशियाँ

Mesha, Vrishabha, Simha, Tula, Dhanu, Makara

चंद्राष्टम (टालें): Meena

ताराबल — सभी 27 जन्म नक्षत्र
#जन्म नक्षत्रतारागुण
1AshwiniSadhaka साधकसामान्य
2BharaniPratyari प्रत्यरिसामान्य
3KrittikaKshema क्षेमसामान्य
4RohiniVipat विपत्सामान्य
5MrigashiraSampat सम्पत्सामान्य
6ArdraJanma जन्मसामान्य
7PunarvasuAti-Mitra अतिमित्रसामान्य
8PushyaMitra मित्रसामान्य
9AshleshaVadha वधसामान्य
10MaghaSadhaka साधकसामान्य
11Purva PhalguniPratyari प्रत्यरिसामान्य
12Uttara PhalguniKshema क्षेमसामान्य
13HastaVipat विपत्सामान्य
14ChitraSampat सम्पत्सामान्य
15SwatiJanma जन्मसामान्य
16VishakhaAti-Mitra अतिमित्रसामान्य
17AnuradhaMitra मित्रसामान्य
18JyeshthaVadha वधसामान्य
19MulaSadhaka साधकसामान्य
20Purva AshadhaPratyari प्रत्यरिसामान्य
21Uttara AshadhaKshema क्षेमसामान्य
22ShravanaVipat विपत्सामान्य
23DhanishthaSampat सम्पत्सामान्य
24ShatabhishaJanma जन्मसामान्य
25Purva BhadrapadaAti-Mitra अतिमित्रसामान्य
26Uttara BhadrapadaMitra मित्रसामान्य
27RevatiVadha वधसामान्य
चंद्रबल — सभी 12 जन्म राशि
#जन्म राशिजन्म से भावअनुकूल
1Mesha7हाँ
2Vrishabha6हाँ
3Mithuna5नहीं
4Karka4नहीं
5Simha3हाँ
6Kanya2नहीं
7Tula1हाँ
8Vrishchika12नहीं
9Dhanu11हाँ
10Makara10हाँ
11Kumbha9नहीं
12Meena8नहीं

स्रोत: मुहूर्त चिंतामणि; बृहत् संहिता। ताराबल जन्म-नक्षत्र से आज के नक्षत्र तक 9-चक्र का उपयोग करता है।

उदय लग्न (उगती राशि) समय-रेखा

दिन के हर समय पूर्वी क्षितिज पर कौन सी राशि उग रही है। खंड की चौड़ाई वास्तविक उदय अवधि के अनुपात में है।
सभी 13 खंड (तालिका)
#राशिआरंभसमाप्ति
3Mithuna मिथुन05:2107:01
4Karka कर्क07:0109:26
5Simha सिंह09:2611:51
6Kanya कन्या11:5114:16
7Tula तुला14:1616:41
8Vrishchika वृश्चिक16:4119:01
9Dhanu धनु19:0121:01
10Makara मकर21:0122:41
11Kumbha कुम्भ22:4124:01
12Meena मीन24:0101:21
1Mesha मेष01:2102:51
2Vrishabha वृषभ02:5104:41
3Mithuna मिथुन04:4105:21

पंचक रहित मुहूर्त पञ्चक रहित मुहूर्त

पंचक श्रेणी के अनुसार 15 शास्त्रीय दिन-मुहूर्त खंड। हरा = शुभ; गुलाबी = टालें। चौड़ाई वास्तविक अवधि के अनुपात में है।
सभी 15 खंड (तालिका)
#नामआरंभसमाप्तिगुण
1Roga रोग05:2106:19अशुभ
2Mrityu मृत्यु06:1907:17अशुभ
3Agni अग्नि07:1708:14अशुभ
4Raja राज08:1409:12अशुभ
5Chora चोर09:1210:09अशुभ
6Shubha शुभ10:0911:07शुभ
7Roga रोग11:0712:04अशुभ
8Mrityu मृत्यु12:0413:02अशुभ
9Agni अग्नि13:0213:59अशुभ
10Raja राज13:5914:57अशुभ
11Chora चोर14:5715:54अशुभ
12Shubha शुभ15:5416:52शुभ
13Roga रोग16:5217:49अशुभ
14Mrityu मृत्यु17:4918:47अशुभ
15Agni अग्नि18:4719:44अशुभ

स्रोत: मुहूर्त चिंतामणि; निर्णय सिंधु।

ऋतु और अयन

वैदिक ऋतु, अयन, दिन/रात की लंबाई और सौर-दोपहर — आज के पंचांग के आसपास का ऋतु ढाँचा।

ऋतु (वैदिक)

Grishmaग्रीष्म

ऋतु (दृक)

Grishmaग्रीष्म

अयन

Uttarayanaउत्तरायण

दिनमान

14h 23m

रात्रिमान

9h 37m

मध्याह्न

12:33

स्रोत: सूर्यसिद्धांत। दिनमान = सूर्योदय→सूर्यास्त के मिनट; मध्याह्न = स्थानीय सौर दोपहर।

पंचांग और युग पञ्चाङ्ग गणना

इस तिथि के लिए संदर्भ दिन-गणना और कैलेंडर पहचान — कलियुग वर्ष, अहर्गण, जूलियन दिन और राष्ट्रीय (शक) नागरिक तिथियाँ।
पंचांग / युग विवरण
कलियुग वर्ष5127
कलि अहर्गण1872751
जूलियन दिन2461216.5
संशोधित जूलियन दिन61216
राता डाई739792
राष्ट्रीय नागरिक (शक)Ashadha 4, 1948 Shaka
राष्ट्रीय निरयण (शक)Ashadha 11, 1948 Shaka
लाहिड़ी अयनांश24.227°

दिन के जूलियन दिन और लाहिड़ी अयनांश से निकाला गया।

ताराबलम् - श्रीनगर, 25 जून 2026

गुरुवार, 25 जून 2026 को श्रीनगर का पंचांग एक खास लय लेकर आता है। आज सूर्योदय प्रातः 05:21 बजे होता है और सायं 19:44 बजे अस्त होता है, जिससे दिन में 14 घंटे 23 मिनट का उजाला मिलता है। आज की तिथि शुक्ल पक्ष की एकादशी है, और नक्षत्र स्वाती रहेगा। आज शिव योग रहेगा — यही दिन के मूल पंचांग की पहचान बनाता है। ब्रह्म मुहूर्त — सुबह से पहले का ध्यान-काल — रात्रि 03:45 से रात्रि 04:33 तक रहता है, जो पूजा और अध्ययन के लिए सबसे शुभ माना जाता है।

अपराह्ण 14:21 से अपराह्ण 16:09 तक राहु काल रहता है, इसलिए श्रीनगर में इस खिड़की में शुभ काम रोक कर रखें। गुरुवार का दिशाशूल दक्षिण दिशा है; इस दिशा में नया प्रस्थान न करें तो अच्छा। शुभ पक्ष में शुभ चौघड़िया (प्रातः 05:21–प्रातः 07:09) दिन की सबसे अच्छी खिड़की है। राहु के स्वामित्व वाला स्वाती नक्षत्र इस प्राचीन पंचांग को श्रीनगर के क्षितिज तक ले आता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

श्रीनगर में 25 जून 2026 को राहु काल कब है?
श्रीनगर में 25 जून 2026 को राहु काल अपराह्ण 14:21 से अपराह्ण 16:09 तक रहता है। यह करीब 90 मिनट की खिड़की राहु के अधीन होती है और नया काम, यात्रा या शुभ कार्य शुरू करने से आमतौर पर बचा जाता है। यह समय हर दिन सूर्योदय के अनुसार बदलता है, इसलिए हर शहर में अलग होता है।
श्रीनगर में 25 जून 2026 को सूर्योदय प्रातः 05:21 बजे क्यों होता है?
श्रीनगर में 25 जून 2026 को सूर्योदय प्रातः 05:21 बजे होता है — यह शहर के अक्षांश (34.08°N) और इस तारीख को पृथ्वी के झुकाव से तय होता है। सूर्योदय और सूर्यास्त (सायं 19:44) वैदिक दिन की लंबाई तय करते हैं और राहु काल से लेकर चौघड़िया तक सभी गणनाएँ श्रीनगर के स्थानीय क्षितिज से जोड़ते हैं।
क्या 25 जून 2026 को एकादशी है?
हाँ, श्रीनगर से देखने पर 25 जून 2026 को शुक्ल एकादशी है। एकादशी तिथि सायं 18:12 से सायं 20:09 तक रहती है। एकादशी वैष्णव परंपरा की सबसे पवित्र तिथियों में से एक है — भक्त व्रत रखते हैं, अन्न से परहेज़ करते हैं और दिनभर जप-पाठ करते हैं।

संबंधित पंचांग पृष्ठ

दैनिक प्रामाणिकता

तांत्रिक बंदा खिड़कियाँ

Beri

बेरी

स्रोत:

Dhataki

धातकी

स्रोत:

Ber (Swati prayoga — wealth)

बेर (स्वाति — धन)

स्रोत:

साधना विधान

Guru Ekadashi Vrata

गुरु एकादशी व्रत

- Padma Purana, Vishnu Purana

Bhuvaneshwari Ekadashi Vrata

भुवनेश्वरी एकादशी व्रत

- Navadurga Dashamahavidya Rahasya

Shiva Yoga Sadhana

शिव योग साधना

- Shiva Purana, Muhurta Chintamani

Vishnu Sahasranama Patha

विष्णु सहस्रनाम पाठ

- Mahabharata, Anushasana Parva

Sankalpa Vrata

संकल्प व्रत

- Dharmasindhu, Vrata Ratnakara

Shodashi (Tripura Sundari) Sadhana

षोडशी (त्रिपुरसुन्दरी) साधना

- Vamakeshvara Tantra, Yogini Hridaya, Lalita Sahasranama (Brahmanda Purana), Saundaryalahari (Adi Shankaracharya)

Siddha Yoga Maha Sadhana

सिद्ध योग महासाधना

- Muhurta Chintamani, Dharmasindhu

दिन दुर्लभता अंक

0.511714571835499/ 100

श्रीनगर — 25 जून

सूर्योदय
प्रातः 05:21
सूर्यास्त
सायं 19:44
तिथि
एकादशी (शुक्ल पक्ष)
नक्षत्र
स्वाती (तृतीय पाद)
योग
शिव
करण
वणिज, विष्टि
माह
आषाढ
चन्द्र राशि
तुला → वृश्चिक
सूर्य राशि
मिथुन
राहु काल
अपराह्ण 14:21–अपराह्ण 16:09
शुभ चौघड़िया
शुभ (प्रातः 05:21–प्रातः 07:09)