Kundlitkundlit

ताराबलम्

श्रीनगर · 10 अक्टूबर 2025

आज का नक्षत्र

Krittika कृत्तिका

आज के लिए शुभ जन्म राशियाँ

Vrishabha, Karka, Simha, Vrishchika, Dhanu, Meena

पूरी 27-पंक्तियों वाली ताराबल तालिका नीचे खुली है।

ताराबलम्

पंचांग — पाँच अंग पञ्चाङ्ग

तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार, उनके समाप्ति समय के साथ, साथ ही मास और चंद्रमा तथा सूर्य की राशि — इस शहर के सूर्योदय के अनुसार गणना। आधी रात के बाद का समय पारंपरिक विस्तारित घड़ी में दिखता है (जैसे 27:23 = अगली सुबह 03:23)।

तिथि
Chaturthiचतुर्थी19:39 तक
What this means

The lunar day. It is set by how far the Moon has pulled ahead of the Sun — each 12 degrees of separation is one tithi. The tithi shapes which activities the tradition favours, and it ends at the time shown, when the next one begins.

Muhurta ChintamaniTithi-prakaranam (Nanda/Bhadra/Jaya/Rikta/Purna tithi-types)
नक्षत्र
Krittikaकृत्तिका17:31 तक
What this means

The Moon's star-mansion — the patch of sky it sits in today, one of 27. Each nakshatra has its own temperament that classical texts use to judge what the day is good for.

Brihat SamhitaNakshatra chapters (nakshatra qualities)
योग
Siddhiसिद्धि17:41 तक
What this means

A combined Sun-and-Moon measure (one of 27 nitya-yogas) — not the physical posture practice. A few yogas, such as Vyatipata and Vaidhriti, are best avoided; most are ordinary.

Muhurta ChintamaniYoga enumeration (tyajya-yoga list, v. 33)
करण
Bavaबव09:14 तक
What this means

Half of a tithi — each lunar day holds two karanas. One of them, Vishti (also called Bhadra), is treated as inauspicious; the rest are workable.

BPHSKarana-jnana-vidhi (11 karanas including Vishti)
वार
Shukravaraशुक्रवार
What this means

The weekday and its ruling planet. Each day's planet colours which tasks the tradition recommends — e.g. Thursday (Jupiter) for auspicious beginnings.

Muhurta ChintamaniVara-prakaranam (weekday lords)
मास
Ashwinaआश्विन
What this means

The lunar month. India uses two reckonings — Amanta (new-moon to new-moon) and Purnimanta (full-moon to full-moon) — so the name can differ by region. An 'Adhika' (extra) month is inserted to keep the lunar and solar years aligned.

Nirnaya SindhuAdhikamasa-nirnaya (intercalary month)
पक्ष
कृष्ण पक्ष (घटता चंद्र)
What this means

The fortnight. Shukla is the waxing half (Moon growing toward full); Krishna is the waning half (toward the new moon).

Calendar definition

चंद्र राशि
Vrishabha
What this means

The zodiac sign the Moon occupies now. Together with your birth Moon-sign it drives Chandrabala — the Moon's day-to-day favourability for you.

Muhurta Chintamani2.4-2.5 (Chandrabala)
सूर्य राशि
Kanyaकन्या

निरयण (लाहिड़ी) गणना; अंग समाप्ति समय शहर के वास्तविक सूर्योदय के अनुसार। “अधिक मास” उस अतिरिक्त चंद्र मास को दर्शाता है जिसमें कोई सौर संक्रांति नहीं होती।

यह पंचांग कैसे गणना होती है

इस पृष्ठ का हर समय सूर्य और चंद्रमा की वास्तविक स्थिति से स्विस एफेमेरिस (वही उच्च-परिशुद्धता खगोलीय इंजन जिसे पेशेवर खगोलशास्त्री उपयोग करते हैं) से निकाला जाता है, किसी छपे पंचांग या तय तालिका से नहीं।

  • निरयण राशिचक्र, लाहिड़ी अयनांश — भारत सरकार के कैलेंडर में यही मानक है। सभी नक्षत्र, राशि, तिथि और योग की सीमाएँ इसी से बनती हैं।
  • स्थानीय वास्तविक सूर्योदय — मुहूर्त काल (राहु काल, चौघड़िया, होरा, अभिजित आदि) Srinagar के सटीक निर्देशांक के लिए गणना किए गए वास्तविक सूर्योदय से मापे जाते हैं, इसलिए वे आपके स्थान के लिए सही होते हैं, कोई क्षेत्रीय अनुमान नहीं।
  • दो मास परंपराएँ — हम अमांत (अमावस्या से अमावस्या) और पूर्णिमांत (पूर्णिमा से पूर्णिमा) दोनों चंद्र मास दिखाते हैं, क्योंकि भारत के अलग-अलग क्षेत्र अलग परंपरा मानते हैं; अधिक (मलमास) मास होने पर उसे अंकित किया जाता है।

महत्व और शुभ/अशुभ संकेत शास्त्रीय ग्रंथों (मुहूर्त चिंतामणि, बृहत् संहिता, पुराण आदि) से लिए जाते हैं और साथ में उद्धृत किए जाते हैं — हम कभी ऐसा प्रभाव नहीं बताते जो ग्रंथ में न हो।

आपका आज का पंचांग

अपना जन्म नक्षत्र और चंद्र राशि एक बार चुनें — फिर हम आज का आपका ताराबल और चंद्रबल पढ़कर बता देंगे। यह सिर्फ़ इसी डिवाइस पर सेव होता है; हमारे सर्वर पर कभी नहीं जाता।

आज क्या करना शुभ है?

आप जो करने वाले हैं वह चुनें। हम आज के पंचांग को शास्त्रीय मुहूर्त नियम से जाँचकर बताते हैं कि यह शुभ है या नहीं, सबसे अच्छा समय कौन-सा है, और यह किस ग्रंथ से है।

समय विवरण (तालिका)
कालआरंभसमाप्तिप्रकार
Rahu Kala10:5112:17अशुभ
Yamaghanda Kala15:0916:35अशुभ
Gulika Kala07:5909:25अशुभ
Abhijit Muhurta11:5412:40शुभ

शुभ मुहूर्त शुभ मुहूर्त

सूर्योदय और नक्षत्र के आधार पर बने वे समय जिन्हें शास्त्रीय मुहूर्त ग्रंथ साधना, अध्ययन और नई शुरुआत के लिए बताते हैं।

Brahma Muhurta

ब्रह्म मुहूर्त

04:57 – 05:45

Pratah Sandhya

प्रातः सन्ध्या

05:28 – 06:33

Vijaya Muhurta

विजय मुहूर्त

14:12 – 14:58

Godhuli Muhurta

गोधूलि मुहूर्त

17:50 – 18:14

Sayahna Sandhya

सायाह्न सन्ध्या

18:02 – 19:07

Nishita Muhurta

निशीथ मुहूर्त

23:53 – 24:41

Amrita Kalam

अमृत कालम्

06:47 – 08:12

स्रोत: मुहूर्त चिंतामणि; निर्णय सिंधु। उप-काल की गणना सूर्योदय + शहर के निर्देशांक पर सूर्य नक्षत्र की स्थिति से।

अशुभ काल अशुभ काल

राहु काल, यमगंड और गुलिक (ऊपर दिन की समय-रेखा में दिखाए गए) के अलावा, नई शुरुआत के लिए टालने योग्य शास्त्रीय काल।

Varjyam

वर्ज्यम्

06:47 – 08:12

नक्षत्र से निकला वह काल जिसे शास्त्र टालने को कहते हैं।

Dur Muhurtam 4

दुर्मुहूर्तम्

08:50 – 09:36

वार के अनुसार तय अशुभ उप-मुहूर्त।

Dur Muhurtam 9

दुर्मुहूर्तम्

12:40 – 13:26

वार के अनुसार तय अशुभ उप-मुहूर्त।

स्रोत: मुहूर्त चिंतामणि; धर्म सिंधु। उप-काल की गणना सूर्योदय + नक्षत्र की स्थिति से।

आज का सूर्य सूर्य

सूर्य की राशि और नक्षत्र — ऊपर हीरो में दिखाए गए चंद्र-पक्ष की तिथि और नक्षत्र का सूर्य-पक्ष पूरक।

सूर्य राशि

Kanya#6

सूर्य नक्षत्र

Hasta हस्त

पाद 4 / 4 · समाप्त 20:11

आज चंद्र पाद परिवर्तन

  • 06:45
  • 12:09
  • 17:34
  • 22:59
  • 04:23

स्रोत: लाहिड़ी (चित्रपक्ष) निरयण गणना। पाद की गणना नक्षत्र को 3° 20′ के 4 बराबर भागों में बाँटकर।

हिंदू वर्ष विक्रम संवत्

इस वर्ष के विक्रम, शक और गुजराती संवत, साथ में 60-वर्षीय शासन-चक्र से चक्र का नाम (संवत्सर)।

विक्रम संवत

2082

Vishvavasu विश्वावसु

वर्ष हब देखें

शक संवत

1947

Plavanga प्लवङ्ग

गुजराती संवत

2081

Krodhi क्रोधी

मंत्री मंडल — वर्ष शासन

पददेवता
RajaSun
MantriSun

बाकी शासन पद (8) इंजन द्वारा हल होते ही भर जाएँगे।

स्रोत: निर्णय सिंधु; सूर्यसिद्धांत। संवत्सर 60-वर्षीय बृहस्पति चक्र से।

दैनिक दिशाएँ दिशा

मुहूर्त चुनने में काम आने वाली दिन की दिशाएँ — यात्रा के लिए दिशा शूल, यज्ञ के लिए अग्निवास, लाभ की दिशा के लिए चंद्र/राहु वास, अनुष्ठान के समय के लिए शिववास।

Disha Shool

West पश्चिम

अशुभ

स्रोत: Avoid travel toward this direction today

Chandra Vasa

South दक्षिण

शुभ

स्रोत: Direction favored by today's moon position

Rahu Vasa

East पूर्व

अशुभ

स्रोत: Direction occupied by Rahu; avoid offerings facing here

Agnivasa

Swarga स्वर्ग

शुभ

स्रोत: Agni's dwelling for homa-suitability assessment

Shiva Vasa

Gauri-sannidhi गौरीसन्निधि

शुभ

स्रोत: Shiva's location for rudrabhisheka timing

Homahuti

Mars मङ्गल

अशुभ

स्रोत: Khala planet: offering inauspicious (खलग्रह के मुख में होमाहुति शुभ नहीं होती)

आज की बल तालिका

ताराबल और चंद्रबल — मुहूर्त चुनने में काम आने वाली दो शास्त्रीय बल जाँच। यदि आपका जन्म नक्षत्र या जन्म राशि अनुकूल सूची में आए, तो दिन नई शुरुआत के लिए ठीक है।

आज अनुकूल जन्म राशियाँ

Vrishabha, Karka, Simha, Vrishchika, Dhanu, Meena

ताराबल — सभी 27 जन्म नक्षत्र
#जन्म नक्षत्रतारागुण
1AshwiniVipat विपत्सामान्य
2BharaniSampat सम्पत्सामान्य
3KrittikaJanma जन्मसामान्य
4RohiniAti-Mitra अतिमित्रसामान्य
5MrigashiraMitra मित्रसामान्य
6ArdraVadha वधसामान्य
7PunarvasuSadhaka साधकसामान्य
8PushyaPratyari प्रत्यरिसामान्य
9AshleshaKshema क्षेमसामान्य
10MaghaVipat विपत्सामान्य
11Purva PhalguniSampat सम्पत्सामान्य
12Uttara PhalguniJanma जन्मसामान्य
13HastaAti-Mitra अतिमित्रसामान्य
14ChitraMitra मित्रसामान्य
15SwatiVadha वधसामान्य
16VishakhaSadhaka साधकसामान्य
17AnuradhaPratyari प्रत्यरिसामान्य
18JyeshthaKshema क्षेमसामान्य
19MulaVipat विपत्सामान्य
20Purva AshadhaSampat सम्पत्सामान्य
21Uttara AshadhaJanma जन्मसामान्य
22ShravanaAti-Mitra अतिमित्रसामान्य
23DhanishthaMitra मित्रसामान्य
24ShatabhishaVadha वधसामान्य
25Purva BhadrapadaSadhaka साधकसामान्य
26Uttara BhadrapadaPratyari प्रत्यरिसामान्य
27RevatiKshema क्षेमसामान्य
चंद्रबल — सभी 12 जन्म राशि
#जन्म राशिजन्म से भावअनुकूल
1Mesha2नहीं
2Vrishabha1हाँ
3Mithuna12नहीं
4Karka11हाँ
5Simha10हाँ
6Kanya9नहीं
7Tula8नहीं
8Vrishchika7हाँ
9Dhanu6हाँ
10Makara5नहीं
11Kumbha4नहीं
12Meena3हाँ

स्रोत: मुहूर्त चिंतामणि; बृहत् संहिता। ताराबल जन्म-नक्षत्र से आज के नक्षत्र तक 9-चक्र का उपयोग करता है।

उदय लग्न (उगती राशि) समय-रेखा

दिन के हर समय पूर्वी क्षितिज पर कौन सी राशि उग रही है। खंड की चौड़ाई वास्तविक उदय अवधि के अनुपात में है।
सभी 13 खंड (तालिका)
#राशिआरंभसमाप्ति
6Kanya कन्या06:3307:13
7Tula तुला07:1309:38
8Vrishchika वृश्चिक09:3811:58
9Dhanu धनु11:5814:03
10Makara मकर14:0315:38
11Kumbha कुम्भ15:3817:03
12Meena मीन17:0318:18
1Mesha मेष18:1819:48
2Vrishabha वृषभ19:4821:43
3Mithuna मिथुन21:4323:58
4Karka कर्क23:5802:23
5Simha सिंह02:2304:48
6Kanya कन्या04:4806:33

पंचक रहित मुहूर्त पञ्चक रहित मुहूर्त

पंचक श्रेणी के अनुसार 15 शास्त्रीय दिन-मुहूर्त खंड। हरा = शुभ; गुलाबी = टालें। चौड़ाई वास्तविक अवधि के अनुपात में है।
सभी 15 खंड (तालिका)
#नामआरंभसमाप्तिगुण
1Raja राज06:3307:18अशुभ
2Chora चोर07:1808:04अशुभ
3Shubha शुभ08:0408:50शुभ
4Roga रोग08:5009:36अशुभ
5Mrityu मृत्यु09:3610:22अशुभ
6Agni अग्नि10:2211:08अशुभ
7Raja राज11:0811:54अशुभ
8Chora चोर11:5412:40अशुभ
9Shubha शुभ12:4013:26शुभ
10Roga रोग13:2614:12अशुभ
11Mrityu मृत्यु14:1214:58अशुभ
12Agni अग्नि14:5815:44अशुभ
13Raja राज15:4416:30अशुभ
14Chora चोर16:3017:16अशुभ
15Shubha शुभ17:1618:02शुभ

स्रोत: मुहूर्त चिंतामणि; निर्णय सिंधु।

ऋतु और अयन

वैदिक ऋतु, अयन, दिन/रात की लंबाई और सौर-दोपहर — आज के पंचांग के आसपास का ऋतु ढाँचा।

ऋतु (वैदिक)

Sharadशरद्

ऋतु (दृक)

Varshaवर्षा

अयन

Dakshinayanaदक्षिणायन

दिनमान

11h 29m

रात्रिमान

12h 31m

मध्याह्न

12:17

स्रोत: सूर्यसिद्धांत। दिनमान = सूर्योदय→सूर्यास्त के मिनट; मध्याह्न = स्थानीय सौर दोपहर।

ताराबलम् - श्रीनगर, 10 अक्टूबर 2025

शुक्रवार, 10 अक्टूबर 2025 को श्रीनगर का पंचांग एक खास लय लेकर आता है। आज सूर्योदय प्रातः 06:33 बजे होता है और सायं 18:02 बजे अस्त होता है, जिससे दिन में 11 घंटे 29 मिनट का उजाला मिलता है। तिथि चतुर्थी (कृष्ण पक्ष) है और दिन का नक्षत्र कृत्तिका है। सिद्धि योग पूरे दिन पर असर डालता है। श्रीनगर के लिए ब्रह्म मुहूर्त रात्रि 04:57 से प्रातः 05:45 तक है; यही वह समय है जिसे शास्त्र साधना और पढ़ाई के लिए सर्वोत्तम बताते हैं।

श्रीनगर में राहु काल प्रातः 10:51 से दोपहर 12:17 तक रहेगा — इस दौरान कोई नया काम शुरू न करें। दिशाशूल आज पश्चिम की ओर है, इसलिए शुक्रवार को उस दिशा की यात्रा कुछ देर टाल दें। अच्छे समय के लिए लाभ चौघड़िया (प्रातः 07:59–प्रातः 09:25) सबसे उत्तम मुहूर्त है। कृत्तिका नक्षत्र सूर्य के अधिकार में है, जिससे यह दिन आकाशीय समय और श्रीनगर की भूमि — दोनों से जुड़ जाता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

श्रीनगर में 10 अक्टूबर 2025 को राहु काल कब है?
श्रीनगर में 10 अक्टूबर 2025 को राहु काल प्रातः 10:51 से दोपहर 12:17 तक रहता है। यह करीब 90 मिनट की खिड़की राहु के अधीन होती है और नया काम, यात्रा या शुभ कार्य शुरू करने से आमतौर पर बचा जाता है। यह समय हर दिन सूर्योदय के अनुसार बदलता है, इसलिए हर शहर में अलग होता है।
श्रीनगर में 10 अक्टूबर 2025 को सूर्योदय प्रातः 06:33 बजे क्यों होता है?
श्रीनगर में 10 अक्टूबर 2025 को सूर्योदय प्रातः 06:33 बजे होता है — यह शहर के अक्षांश (34.08°N) और इस तारीख को पृथ्वी के झुकाव से तय होता है। सूर्योदय और सूर्यास्त (सायं 18:02) वैदिक दिन की लंबाई तय करते हैं और राहु काल से लेकर चौघड़िया तक सभी गणनाएँ श्रीनगर के स्थानीय क्षितिज से जोड़ते हैं।
श्रीनगर में 10 अक्टूबर 2025 को कौन-सा योग है?
श्रीनगर में 10 अक्टूबर 2025 को सिद्धि योग है, जो रात्रि 21:32 से अपराह्ण 17:41 तक सक्रिय रहता है। पंचांग में योग सूर्य और चन्द्र की मिली-जुली स्थिति से बनता है और 27 योगों के चक्र में घूमता है। सिद्धि योग का अपना स्वभाव होता है जो दिन के कामों की शुभता पर असर डालता है।

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दिन दुर्लभता अंक

0.3377045767697364/ 100

श्रीनगर — 10 अक्टूबर

सूर्योदय
प्रातः 06:33
सूर्यास्त
सायं 18:02
तिथि
चतुर्थी (कृष्ण पक्ष)
नक्षत्र
कृत्तिका (द्वितीय पाद)
योग
सिद्धि
करण
बव
माह
आश्विन
चन्द्र राशि
वृषभ
सूर्य राशि
कन्या
राहु काल
प्रातः 10:51–दोपहर 12:17
शुभ चौघड़िया
लाभ (प्रातः 07:59–प्रातः 09:25)