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ताराबलम्

पुणे · 20 दिसम्बर 2026

आज का नक्षत्र

Ashwini अश्विनी

आज के लिए शुभ जन्म राशियाँ

Mesha, Mithuna, Karka, Tula, Vrishchika, Kumbha

पूरी 27-पंक्तियों वाली ताराबल तालिका नीचे खुली है।

ताराबलम्

पंचांग — पाँच अंग पञ्चाङ्ग

तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार, उनके समाप्ति समय के साथ, साथ ही मास और चंद्रमा तथा सूर्य की राशि — इस शहर के सूर्योदय के अनुसार गणना। आधी रात के बाद का समय पारंपरिक विस्तारित घड़ी में दिखता है (जैसे 27:23 = अगली सुबह 03:23)।

तिथि
Ekadashiएकादशी20:15 तक
What this means

The lunar day. It is set by how far the Moon has pulled ahead of the Sun — each 12 degrees of separation is one tithi. The tithi shapes which activities the tradition favours, and it ends at the time shown, when the next one begins.

Muhurta ChintamaniTithi-prakaranam (Nanda/Bhadra/Jaya/Rikta/Purna tithi-types)
नक्षत्र
Ashwiniअश्विनी14:55 तक
What this means

The Moon's star-mansion — the patch of sky it sits in today, one of 27. Each nakshatra has its own temperament that classical texts use to judge what the day is good for.

Brihat SamhitaNakshatra chapters (nakshatra qualities)
योग
Parighaपरिघ08:10 तक
What this means

A combined Sun-and-Moon measure (one of 27 nitya-yogas) — not the physical posture practice. A few yogas, such as Vyatipata and Vaidhriti, are best avoided; most are ordinary.

Muhurta ChintamaniYoga enumeration (tyajya-yoga list, v. 33)
करण
Vanijaवणिज09:18 तक
What this means

Half of a tithi — each lunar day holds two karanas. One of them, Vishti (also called Bhadra), is treated as inauspicious; the rest are workable.

BPHSKarana-jnana-vidhi (11 karanas including Vishti)
वार
Ravivaraरविवार
What this means

The weekday and its ruling planet. Each day's planet colours which tasks the tradition recommends — e.g. Thursday (Jupiter) for auspicious beginnings.

Muhurta ChintamaniVara-prakaranam (weekday lords)
मास
Paushaपौष
What this means

The lunar month. India uses two reckonings — Amanta (new-moon to new-moon) and Purnimanta (full-moon to full-moon) — so the name can differ by region. An 'Adhika' (extra) month is inserted to keep the lunar and solar years aligned.

Nirnaya SindhuAdhikamasa-nirnaya (intercalary month)
पक्ष
शुक्ल पक्ष (बढ़ता चंद्र)
What this means

The fortnight. Shukla is the waxing half (Moon growing toward full); Krishna is the waning half (toward the new moon).

Calendar definition

चंद्र राशि
Mesha
What this means

The zodiac sign the Moon occupies now. Together with your birth Moon-sign it drives Chandrabala — the Moon's day-to-day favourability for you.

Muhurta Chintamani2.4-2.5 (Chandrabala)
सूर्य राशि
Dhanuधनु

निरयण (लाहिड़ी) गणना; अंग समाप्ति समय शहर के वास्तविक सूर्योदय के अनुसार। “अधिक मास” उस अतिरिक्त चंद्र मास को दर्शाता है जिसमें कोई सौर संक्रांति नहीं होती।

यह पंचांग कैसे गणना होती है

इस पृष्ठ का हर समय सूर्य और चंद्रमा की वास्तविक स्थिति से स्विस एफेमेरिस (वही उच्च-परिशुद्धता खगोलीय इंजन जिसे पेशेवर खगोलशास्त्री उपयोग करते हैं) से निकाला जाता है, किसी छपे पंचांग या तय तालिका से नहीं।

  • निरयण राशिचक्र, लाहिड़ी अयनांश — भारत सरकार के कैलेंडर में यही मानक है। सभी नक्षत्र, राशि, तिथि और योग की सीमाएँ इसी से बनती हैं।
  • स्थानीय वास्तविक सूर्योदय — मुहूर्त काल (राहु काल, चौघड़िया, होरा, अभिजित आदि) Pune के सटीक निर्देशांक के लिए गणना किए गए वास्तविक सूर्योदय से मापे जाते हैं, इसलिए वे आपके स्थान के लिए सही होते हैं, कोई क्षेत्रीय अनुमान नहीं।
  • दो मास परंपराएँ — हम अमांत (अमावस्या से अमावस्या) और पूर्णिमांत (पूर्णिमा से पूर्णिमा) दोनों चंद्र मास दिखाते हैं, क्योंकि भारत के अलग-अलग क्षेत्र अलग परंपरा मानते हैं; अधिक (मलमास) मास होने पर उसे अंकित किया जाता है।

महत्व और शुभ/अशुभ संकेत शास्त्रीय ग्रंथों (मुहूर्त चिंतामणि, बृहत् संहिता, पुराण आदि) से लिए जाते हैं और साथ में उद्धृत किए जाते हैं — हम कभी ऐसा प्रभाव नहीं बताते जो ग्रंथ में न हो।

आपका आज का पंचांग

अपना जन्म नक्षत्र और चंद्र राशि एक बार चुनें — फिर हम आज का आपका ताराबल और चंद्रबल पढ़कर बता देंगे। यह सिर्फ़ इसी डिवाइस पर सेव होता है; हमारे सर्वर पर कभी नहीं जाता।

आज क्या करना शुभ है?

आप जो करने वाले हैं वह चुनें। हम आज के पंचांग को शास्त्रीय मुहूर्त नियम से जाँचकर बताते हैं कि यह शुभ है या नहीं, सबसे अच्छा समय कौन-सा है, और यह किस ग्रंथ से है।

समय विवरण (तालिका)
कालआरंभसमाप्तिप्रकार
Rahu Kala16:3918:01अशुभ
Yamaghanda Kala12:3213:54अशुभ
Gulika Kala15:1616:39अशुभ
Abhijit Muhurta12:1012:54शुभ

शुभ मुहूर्त शुभ मुहूर्त

सूर्योदय और नक्षत्र के आधार पर बने वे समय जिन्हें शास्त्रीय मुहूर्त ग्रंथ साधना, अध्ययन और नई शुरुआत के लिए बताते हैं।

Brahma Muhurta

ब्रह्म मुहूर्त

05:26 – 06:14

Pratah Sandhya

प्रातः सन्ध्या

05:57 – 07:02

Vijaya Muhurta

विजय मुहूर्त

14:21 – 15:05

Godhuli Muhurta

गोधूलि मुहूर्त

17:49 – 18:13

Sayahna Sandhya

सायाह्न सन्ध्या

18:01 – 19:06

Nishita Muhurta

निशीथ मुहूर्त

24:08 – 24:56

Amrita Kalam

अमृत कालम्

11:06 – 12:38

स्रोत: मुहूर्त चिंतामणि; निर्णय सिंधु। उप-काल की गणना सूर्योदय + शहर के निर्देशांक पर सूर्य नक्षत्र की स्थिति से।

अशुभ काल अशुभ काल

राहु काल, यमगंड और गुलिक (ऊपर दिन की समय-रेखा में दिखाए गए) के अलावा, नई शुरुआत के लिए टालने योग्य शास्त्रीय काल।

Varjyam

वर्ज्यम्

11:06 – 12:38

नक्षत्र से निकला वह काल जिसे शास्त्र टालने को कहते हैं।

Dur Muhurtam 14

दुर्मुहूर्तम्

16:33 – 17:17

वार के अनुसार तय अशुभ उप-मुहूर्त।

स्रोत: मुहूर्त चिंतामणि; धर्म सिंधु। उप-काल की गणना सूर्योदय + नक्षत्र की स्थिति से।

आज का सूर्य सूर्य

सूर्य की राशि और नक्षत्र — ऊपर हीरो में दिखाए गए चंद्र-पक्ष की तिथि और नक्षत्र का सूर्य-पक्ष पूरक।

सूर्य राशि

Dhanu#9

सूर्य नक्षत्र

Mula मूल

पाद 2 / 4

आज चंद्र पाद परिवर्तन

  • 09:13
  • 14:50
  • 20:27
  • 02:03

स्रोत: लाहिड़ी (चित्रपक्ष) निरयण गणना। पाद की गणना नक्षत्र को 3° 20′ के 4 बराबर भागों में बाँटकर।

हिंदू वर्ष विक्रम संवत्

इस वर्ष के विक्रम, शक और गुजराती संवत, साथ में 60-वर्षीय शासन-चक्र से चक्र का नाम (संवत्सर)।

विक्रम संवत

2083

Parabhava पराभव

वर्ष हब देखें

शक संवत

1948

Kilaka कीलक

गुजराती संवत

2082

Vishvavasu विश्वावसु

मंत्री मंडल — वर्ष शासन

पददेवता
RajaMars
MantriMars

बाकी शासन पद (8) इंजन द्वारा हल होते ही भर जाएँगे।

स्रोत: निर्णय सिंधु; सूर्यसिद्धांत। संवत्सर 60-वर्षीय बृहस्पति चक्र से।

दैनिक दिशाएँ दिशा

मुहूर्त चुनने में काम आने वाली दिन की दिशाएँ — यात्रा के लिए दिशा शूल, यज्ञ के लिए अग्निवास, लाभ की दिशा के लिए चंद्र/राहु वास, अनुष्ठान के समय के लिए शिववास।

Disha Shool

West पश्चिम

अशुभ

स्रोत: Avoid travel toward this direction today

Chandra Vasa

East पूर्व

शुभ

स्रोत: Direction favored by today's moon position

Rahu Vasa

Southwest नैऋत्य

अशुभ

स्रोत: Direction occupied by Rahu; avoid offerings facing here

Agnivasa

Prithvi पृथ्वी

शुभ

स्रोत: Agni's dwelling for homa-suitability assessment

Shiva Vasa

Smashana श्मशान

अशुभ

स्रोत: Shiva's location for rudrabhisheka timing

Homahuti

Saturn शनि

अशुभ

स्रोत: Khala planet: offering inauspicious (खलग्रह के मुख में होमाहुति शुभ नहीं होती)

आज की बल तालिका

ताराबल और चंद्रबल — मुहूर्त चुनने में काम आने वाली दो शास्त्रीय बल जाँच। यदि आपका जन्म नक्षत्र या जन्म राशि अनुकूल सूची में आए, तो दिन नई शुरुआत के लिए ठीक है।

आज अनुकूल जन्म राशियाँ

Mesha, Mithuna, Karka, Tula, Vrishchika, Kumbha

ताराबल — सभी 27 जन्म नक्षत्र
#जन्म नक्षत्रतारागुण
1AshwiniJanma जन्मसामान्य
2BharaniAti-Mitra अतिमित्रसामान्य
3KrittikaMitra मित्रसामान्य
4RohiniVadha वधसामान्य
5MrigashiraSadhaka साधकसामान्य
6ArdraPratyari प्रत्यरिसामान्य
7PunarvasuKshema क्षेमसामान्य
8PushyaVipat विपत्सामान्य
9AshleshaSampat सम्पत्सामान्य
10MaghaJanma जन्मसामान्य
11Purva PhalguniAti-Mitra अतिमित्रसामान्य
12Uttara PhalguniMitra मित्रसामान्य
13HastaVadha वधसामान्य
14ChitraSadhaka साधकसामान्य
15SwatiPratyari प्रत्यरिसामान्य
16VishakhaKshema क्षेमसामान्य
17AnuradhaVipat विपत्सामान्य
18JyeshthaSampat सम्पत्सामान्य
19MulaJanma जन्मसामान्य
20Purva AshadhaAti-Mitra अतिमित्रसामान्य
21Uttara AshadhaMitra मित्रसामान्य
22ShravanaVadha वधसामान्य
23DhanishthaSadhaka साधकसामान्य
24ShatabhishaPratyari प्रत्यरिसामान्य
25Purva BhadrapadaKshema क्षेमसामान्य
26Uttara BhadrapadaVipat विपत्सामान्य
27RevatiSampat सम्पत्सामान्य
चंद्रबल — सभी 12 जन्म राशि
#जन्म राशिजन्म से भावअनुकूल
1Mesha1हाँ
2Vrishabha12नहीं
3Mithuna11हाँ
4Karka10हाँ
5Simha9नहीं
6Kanya8नहीं
7Tula7हाँ
8Vrishchika6हाँ
9Dhanu5नहीं
10Makara4नहीं
11Kumbha3हाँ
12Meena2नहीं

स्रोत: मुहूर्त चिंतामणि; बृहत् संहिता। ताराबल जन्म-नक्षत्र से आज के नक्षत्र तक 9-चक्र का उपयोग करता है।

उदय लग्न (उगती राशि) समय-रेखा

दिन के हर समय पूर्वी क्षितिज पर कौन सी राशि उग रही है। खंड की चौड़ाई वास्तविक उदय अवधि के अनुपात में है।
सभी 13 खंड (तालिका)
#राशिआरंभसमाप्ति
9Dhanu धनु07:0208:57
10Makara मकर08:5710:47
11Kumbha कुम्भ10:4712:22
12Meena मीन12:2213:57
1Mesha मेष13:5715:42
2Vrishabha वृषभ15:4217:42
3Mithuna मिथुन17:4219:52
4Karka कर्क19:5222:07
5Simha सिंह22:0724:17
6Kanya कन्या24:1702:22
7Tula तुला02:2204:32
8Vrishchika वृश्चिक04:3206:47
9Dhanu धनु06:4707:02

पंचक रहित मुहूर्त पञ्चक रहित मुहूर्त

पंचक श्रेणी के अनुसार 15 शास्त्रीय दिन-मुहूर्त खंड। हरा = शुभ; गुलाबी = टालें। चौड़ाई वास्तविक अवधि के अनुपात में है।
सभी 15 खंड (तालिका)
#नामआरंभसमाप्तिगुण
1Roga रोग07:0207:46अशुभ
2Mrityu मृत्यु07:4608:30अशुभ
3Agni अग्नि08:3009:14अशुभ
4Raja राज09:1409:58अशुभ
5Chora चोर09:5810:42अशुभ
6Shubha शुभ10:4211:26शुभ
7Roga रोग11:2612:10अशुभ
8Mrityu मृत्यु12:1012:54अशुभ
9Agni अग्नि12:5413:37अशुभ
10Raja राज13:3714:21अशुभ
11Chora चोर14:2115:05अशुभ
12Shubha शुभ15:0515:49शुभ
13Roga रोग15:4916:33अशुभ
14Mrityu मृत्यु16:3317:17अशुभ
15Agni अग्नि17:1718:01अशुभ

स्रोत: मुहूर्त चिंतामणि; निर्णय सिंधु।

ऋतु और अयन

वैदिक ऋतु, अयन, दिन/रात की लंबाई और सौर-दोपहर — आज के पंचांग के आसपास का ऋतु ढाँचा।

ऋतु (वैदिक)

Hemantaहेमन्त

ऋतु (दृक)

Hemantaहेमन्त

अयन

Dakshinayanaदक्षिणायन

दिनमान

10h 59m

रात्रिमान

13h 1m

मध्याह्न

12:32

स्रोत: सूर्यसिद्धांत। दिनमान = सूर्योदय→सूर्यास्त के मिनट; मध्याह्न = स्थानीय सौर दोपहर।

ताराबलम् - पुणे, 20 दिसम्बर 2026

पुणे में रविवार, 20 दिसम्बर 2026 का दिन अपनी अलग ऊर्जा के साथ शुरू होता है। पुणे में सूरज प्रातः 07:02 बजे निकलता है और सायं 18:01 बजे अस्त होता है, जिससे दिन में 10 घंटे 59 मिनट का उजाला मिलता है। शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि के साथ अश्विनी नक्षत्र दिन को दिशा देता है। दिन का योग परिघ है, जो इस 20 दिसम्बर 2026 के पंचांग को पूरा करता है। सूर्योदय से पहले प्रातः 05:26 से प्रातः 06:14 तक ब्रह्म मुहूर्त रहता है — प्रार्थना और मनन के लिए आदर्श समय।

आज राहु काल अपराह्ण 16:39 से सायं 18:01 के बीच है; यह समय नई शुरुआत के लिए टालना बेहतर है। आज दिशाशूल पश्चिम दिशा में है — रविवार को इस ओर नई यात्रा टालने की परंपरा है। दिन का सबसे शुभ चौघड़िया लाभ (प्रातः 09:47–प्रातः 11:09) है — नई शुरुआत के लिए यही चुनें। अश्विनी नक्षत्र का स्वामी केतु है, और यही ग्रह-गणना को पुणे की स्थानीय लय से बाँधता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पुणे में 20 दिसम्बर 2026 को राहु काल कब है?
पुणे में 20 दिसम्बर 2026 को राहु काल अपराह्ण 16:39 से सायं 18:01 तक रहता है। यह करीब 90 मिनट की खिड़की राहु के अधीन होती है और नया काम, यात्रा या शुभ कार्य शुरू करने से आमतौर पर बचा जाता है। यह समय हर दिन सूर्योदय के अनुसार बदलता है, इसलिए हर शहर में अलग होता है।
पुणे में 20 दिसम्बर 2026 को सूर्योदय प्रातः 07:02 बजे क्यों होता है?
पुणे में 20 दिसम्बर 2026 को सूर्योदय प्रातः 07:02 बजे होता है — यह शहर के अक्षांश (18.52°N) और इस तारीख को पृथ्वी के झुकाव से तय होता है। सूर्योदय और सूर्यास्त (सायं 18:01) वैदिक दिन की लंबाई तय करते हैं और राहु काल से लेकर चौघड़िया तक सभी गणनाएँ पुणे के स्थानीय क्षितिज से जोड़ते हैं।
क्या 20 दिसम्बर 2026 को एकादशी है?
हाँ, पुणे से देखने पर 20 दिसम्बर 2026 को शुक्ल एकादशी है। एकादशी तिथि रात्रि 22:09 से सायं 20:15 तक रहती है। एकादशी वैष्णव परंपरा की सबसे पवित्र तिथियों में से एक है — भक्त व्रत रखते हैं, अन्न से परहेज़ करते हैं और दिनभर जप-पाठ करते हैं।

संबंधित पंचांग पृष्ठ

दैनिक प्रामाणिकता

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साधना विधान

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नक्षत्र-वार योग साधना

- Muhurta Chintamani, Brihat Samhita

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संकल्प व्रत

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- Navadurga Dashamahavidya Rahasya

दिन दुर्लभता अंक

0.5582905827314665/ 100

पुणे — 20 दिसम्बर

सूर्योदय
प्रातः 07:02
सूर्यास्त
सायं 18:01
तिथि
एकादशी (शुक्ल पक्ष)
नक्षत्र
अश्विनी (तृतीय पाद)
योग
परिघ
करण
वणिज
माह
पौष
चन्द्र राशि
मेष
सूर्य राशि
धनु
राहु काल
अपराह्ण 16:39–सायं 18:01
शुभ चौघड़िया
लाभ (प्रातः 09:47–प्रातः 11:09)