Kundlitkundlit

ताराबलम्

धनबाद · 7 मार्च 2026

आज का नक्षत्र

Chitra चित्रा

आज के लिए शुभ जन्म राशियाँ

Mesha, Vrishabha, Simha, Tula, Dhanu, Makara

पूरी 27-पंक्तियों वाली ताराबल तालिका नीचे खुली है।

ताराबलम्

पंचांग — पाँच अंग पञ्चाङ्ग

तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार, उनके समाप्ति समय के साथ, साथ ही मास और चंद्रमा तथा सूर्य की राशि — इस शहर के सूर्योदय के अनुसार गणना। आधी रात के बाद का समय पारंपरिक विस्तारित घड़ी में दिखता है (जैसे 27:23 = अगली सुबह 03:23)।

तिथि
Chaturthiचतुर्थी19:17 तक
What this means

The lunar day. It is set by how far the Moon has pulled ahead of the Sun — each 12 degrees of separation is one tithi. The tithi shapes which activities the tradition favours, and it ends at the time shown, when the next one begins.

Muhurta ChintamaniTithi-prakaranam (Nanda/Bhadra/Jaya/Rikta/Purna tithi-types)
नक्षत्र
Chitraचित्रा11:15 तक
What this means

The Moon's star-mansion — the patch of sky it sits in today, one of 27. Each nakshatra has its own temperament that classical texts use to judge what the day is good for.

Brihat SamhitaNakshatra chapters (nakshatra qualities)
योग
Vriddhiवृद्धि06:52 तक
What this means

A combined Sun-and-Moon measure (one of 27 nitya-yogas) — not the physical posture practice. A few yogas, such as Vyatipata and Vaidhriti, are best avoided; most are ordinary.

Muhurta ChintamaniYoga enumeration (tyajya-yoga list, v. 33)
करण
Bavaबव06:31 तक
What this means

Half of a tithi — each lunar day holds two karanas. One of them, Vishti (also called Bhadra), is treated as inauspicious; the rest are workable.

BPHSKarana-jnana-vidhi (11 karanas including Vishti)
वार
Shanivaraशनिवार
What this means

The weekday and its ruling planet. Each day's planet colours which tasks the tradition recommends — e.g. Thursday (Jupiter) for auspicious beginnings.

Muhurta ChintamaniVara-prakaranam (weekday lords)
मास
Phalgunaफाल्गुन
What this means

The lunar month. India uses two reckonings — Amanta (new-moon to new-moon) and Purnimanta (full-moon to full-moon) — so the name can differ by region. An 'Adhika' (extra) month is inserted to keep the lunar and solar years aligned.

Nirnaya SindhuAdhikamasa-nirnaya (intercalary month)
पक्ष
कृष्ण पक्ष (घटता चंद्र)
What this means

The fortnight. Shukla is the waxing half (Moon growing toward full); Krishna is the waning half (toward the new moon).

Calendar definition

चंद्र राशि
Tula
What this means

The zodiac sign the Moon occupies now. Together with your birth Moon-sign it drives Chandrabala — the Moon's day-to-day favourability for you.

Muhurta Chintamani2.4-2.5 (Chandrabala)
सूर्य राशि
Kumbhaकुम्भ

निरयण (लाहिड़ी) गणना; अंग समाप्ति समय शहर के वास्तविक सूर्योदय के अनुसार। “अधिक मास” उस अतिरिक्त चंद्र मास को दर्शाता है जिसमें कोई सौर संक्रांति नहीं होती।

यह पंचांग कैसे गणना होती है

इस पृष्ठ का हर समय सूर्य और चंद्रमा की वास्तविक स्थिति से स्विस एफेमेरिस (वही उच्च-परिशुद्धता खगोलीय इंजन जिसे पेशेवर खगोलशास्त्री उपयोग करते हैं) से निकाला जाता है, किसी छपे पंचांग या तय तालिका से नहीं।

  • निरयण राशिचक्र, लाहिड़ी अयनांश — भारत सरकार के कैलेंडर में यही मानक है। सभी नक्षत्र, राशि, तिथि और योग की सीमाएँ इसी से बनती हैं।
  • स्थानीय वास्तविक सूर्योदय — मुहूर्त काल (राहु काल, चौघड़िया, होरा, अभिजित आदि) Dhanbad के सटीक निर्देशांक के लिए गणना किए गए वास्तविक सूर्योदय से मापे जाते हैं, इसलिए वे आपके स्थान के लिए सही होते हैं, कोई क्षेत्रीय अनुमान नहीं।
  • दो मास परंपराएँ — हम अमांत (अमावस्या से अमावस्या) और पूर्णिमांत (पूर्णिमा से पूर्णिमा) दोनों चंद्र मास दिखाते हैं, क्योंकि भारत के अलग-अलग क्षेत्र अलग परंपरा मानते हैं; अधिक (मलमास) मास होने पर उसे अंकित किया जाता है।

महत्व और शुभ/अशुभ संकेत शास्त्रीय ग्रंथों (मुहूर्त चिंतामणि, बृहत् संहिता, पुराण आदि) से लिए जाते हैं और साथ में उद्धृत किए जाते हैं — हम कभी ऐसा प्रभाव नहीं बताते जो ग्रंथ में न हो।

आपका आज का पंचांग

अपना जन्म नक्षत्र और चंद्र राशि एक बार चुनें — फिर हम आज का आपका ताराबल और चंद्रबल पढ़कर बता देंगे। यह सिर्फ़ इसी डिवाइस पर सेव होता है; हमारे सर्वर पर कभी नहीं जाता।

आज क्या करना शुभ है?

आप जो करने वाले हैं वह चुनें। हम आज के पंचांग को शास्त्रीय मुहूर्त नियम से जाँचकर बताते हैं कि यह शुभ है या नहीं, सबसे अच्छा समय कौन-सा है, और यह किस ग्रंथ से है।

समय विवरण (तालिका)
कालआरंभसमाप्तिप्रकार
Rahu Kala08:5810:27अशुभ
Yamaghanda Kala06:0207:30अशुभ
Gulika Kala06:0207:30अशुभ
Abhijit Muhurta11:3112:19शुभ

शुभ मुहूर्त शुभ मुहूर्त

सूर्योदय और नक्षत्र के आधार पर बने वे समय जिन्हें शास्त्रीय मुहूर्त ग्रंथ साधना, अध्ययन और नई शुरुआत के लिए बताते हैं।

Brahma Muhurta

ब्रह्म मुहूर्त

04:26 – 05:14

Pratah Sandhya

प्रातः सन्ध्या

04:57 – 06:02

Vijaya Muhurta

विजय मुहूर्त

13:53 – 14:40

Godhuli Muhurta

गोधूलि मुहूर्त

17:36 – 18:00

Sayahna Sandhya

सायाह्न सन्ध्या

17:48 – 18:53

Nishita Muhurta

निशीथ मुहूर्त

23:31 – 24:19

Amrita Kalam

अमृत कालम्

15:30 – 17:13

स्रोत: मुहूर्त चिंतामणि; निर्णय सिंधु। उप-काल की गणना सूर्योदय + शहर के निर्देशांक पर सूर्य नक्षत्र की स्थिति से।

अशुभ काल अशुभ काल

राहु काल, यमगंड और गुलिक (ऊपर दिन की समय-रेखा में दिखाए गए) के अलावा, नई शुरुआत के लिए टालने योग्य शास्त्रीय काल।

Varjyam

वर्ज्यम्

18:05 – 19:48

नक्षत्र से निकला वह काल जिसे शास्त्र टालने को कहते हैं।

Dur Muhurtam 1

दुर्मुहूर्तम्

06:02 – 06:49

वार के अनुसार तय अशुभ उप-मुहूर्त।

Dur Muhurtam 2

दुर्मुहूर्तम्

06:49 – 07:36

वार के अनुसार तय अशुभ उप-मुहूर्त।

स्रोत: मुहूर्त चिंतामणि; धर्म सिंधु। उप-काल की गणना सूर्योदय + नक्षत्र की स्थिति से।

आज का सूर्य सूर्य

सूर्य की राशि और नक्षत्र — ऊपर हीरो में दिखाए गए चंद्र-पक्ष की तिथि और नक्षत्र का सूर्य-पक्ष पूरक।

सूर्य राशि

Kumbha#11

सूर्य नक्षत्र

Purva Bhadrapada पूर्वभाद्रपदा

पाद 1 / 4

आज चंद्र पाद परिवर्तन

  • 11:17
  • 17:50
  • 24:22

स्रोत: लाहिड़ी (चित्रपक्ष) निरयण गणना। पाद की गणना नक्षत्र को 3° 20′ के 4 बराबर भागों में बाँटकर।

हिंदू वर्ष विक्रम संवत्

इस वर्ष के विक्रम, शक और गुजराती संवत, साथ में 60-वर्षीय शासन-चक्र से चक्र का नाम (संवत्सर)।

विक्रम संवत

2083

Parabhava पराभव

वर्ष हब देखें

शक संवत

1948

Kilaka कीलक

गुजराती संवत

2082

Vishvavasu विश्वावसु

मंत्री मंडल — वर्ष शासन

पददेवता
RajaSun
MantriSun

बाकी शासन पद (8) इंजन द्वारा हल होते ही भर जाएँगे।

स्रोत: निर्णय सिंधु; सूर्यसिद्धांत। संवत्सर 60-वर्षीय बृहस्पति चक्र से।

दैनिक दिशाएँ दिशा

मुहूर्त चुनने में काम आने वाली दिन की दिशाएँ — यात्रा के लिए दिशा शूल, यज्ञ के लिए अग्निवास, लाभ की दिशा के लिए चंद्र/राहु वास, अनुष्ठान के समय के लिए शिववास।

Disha Shool

East पूर्व

अशुभ

स्रोत: Avoid travel toward this direction today

Chandra Vasa

West पश्चिम

शुभ

स्रोत: Direction favored by today's moon position

Rahu Vasa

West पश्चिम

अशुभ

स्रोत: Direction occupied by Rahu; avoid offerings facing here

Agnivasa

Swarga स्वर्ग

शुभ

स्रोत: Agni's dwelling for homa-suitability assessment

Shiva Vasa

Gauri-sannidhi गौरीसन्निधि

शुभ

स्रोत: Shiva's location for rudrabhisheka timing

Homahuti

Mars मङ्गल

अशुभ

स्रोत: Khala planet: offering inauspicious (खलग्रह के मुख में होमाहुति शुभ नहीं होती)

आज की बल तालिका

ताराबल और चंद्रबल — मुहूर्त चुनने में काम आने वाली दो शास्त्रीय बल जाँच। यदि आपका जन्म नक्षत्र या जन्म राशि अनुकूल सूची में आए, तो दिन नई शुरुआत के लिए ठीक है।

आज अनुकूल जन्म राशियाँ

Mesha, Vrishabha, Simha, Tula, Dhanu, Makara

ताराबल — सभी 27 जन्म नक्षत्र
#जन्म नक्षत्रतारागुण
1AshwiniPratyari प्रत्यरिसामान्य
2BharaniKshema क्षेमसामान्य
3KrittikaVipat विपत्सामान्य
4RohiniSampat सम्पत्सामान्य
5MrigashiraJanma जन्मसामान्य
6ArdraAti-Mitra अतिमित्रसामान्य
7PunarvasuMitra मित्रसामान्य
8PushyaVadha वधसामान्य
9AshleshaSadhaka साधकसामान्य
10MaghaPratyari प्रत्यरिसामान्य
11Purva PhalguniKshema क्षेमसामान्य
12Uttara PhalguniVipat विपत्सामान्य
13HastaSampat सम्पत्सामान्य
14ChitraJanma जन्मसामान्य
15SwatiAti-Mitra अतिमित्रसामान्य
16VishakhaMitra मित्रसामान्य
17AnuradhaVadha वधसामान्य
18JyeshthaSadhaka साधकसामान्य
19MulaPratyari प्रत्यरिसामान्य
20Purva AshadhaKshema क्षेमसामान्य
21Uttara AshadhaVipat विपत्सामान्य
22ShravanaSampat सम्पत्सामान्य
23DhanishthaJanma जन्मसामान्य
24ShatabhishaAti-Mitra अतिमित्रसामान्य
25Purva BhadrapadaMitra मित्रसामान्य
26Uttara BhadrapadaVadha वधसामान्य
27RevatiSadhaka साधकसामान्य
चंद्रबल — सभी 12 जन्म राशि
#जन्म राशिजन्म से भावअनुकूल
1Mesha7हाँ
2Vrishabha6हाँ
3Mithuna5नहीं
4Karka4नहीं
5Simha3हाँ
6Kanya2नहीं
7Tula1हाँ
8Vrishchika12नहीं
9Dhanu11हाँ
10Makara10हाँ
11Kumbha9नहीं
12Meena8नहीं

स्रोत: मुहूर्त चिंतामणि; बृहत् संहिता। ताराबल जन्म-नक्षत्र से आज के नक्षत्र तक 9-चक्र का उपयोग करता है।

उदय लग्न (उगती राशि) समय-रेखा

दिन के हर समय पूर्वी क्षितिज पर कौन सी राशि उग रही है। खंड की चौड़ाई वास्तविक उदय अवधि के अनुपात में है।
सभी 13 खंड (तालिका)
#राशिआरंभसमाप्ति
11Kumbha कुम्भ06:0206:32
12Meena मीन06:3208:02
1Mesha मेष08:0209:42
2Vrishabha वृषभ09:4211:37
3Mithuna मिथुन11:3713:52
4Karka कर्क13:5216:07
5Simha सिंह16:0718:22
6Kanya कन्या18:2220:32
7Tula तुला20:3222:47
8Vrishchika वृश्चिक22:4701:02
9Dhanu धनु01:0203:07
10Makara मकर03:0704:52
11Kumbha कुम्भ04:5206:02

पंचक रहित मुहूर्त पञ्चक रहित मुहूर्त

पंचक श्रेणी के अनुसार 15 शास्त्रीय दिन-मुहूर्त खंड। हरा = शुभ; गुलाबी = टालें। चौड़ाई वास्तविक अवधि के अनुपात में है।
सभी 15 खंड (तालिका)
#नामआरंभसमाप्तिगुण
1Raja राज06:0206:49अशुभ
2Chora चोर06:4907:36अशुभ
3Shubha शुभ07:3608:23शुभ
4Roga रोग08:2309:10अशुभ
5Mrityu मृत्यु09:1009:57अशुभ
6Agni अग्नि09:5710:44अशुभ
7Raja राज10:4411:31अशुभ
8Chora चोर11:3112:19अशुभ
9Shubha शुभ12:1913:06शुभ
10Roga रोग13:0613:53अशुभ
11Mrityu मृत्यु13:5314:40अशुभ
12Agni अग्नि14:4015:27अशुभ
13Raja राज15:2716:14अशुभ
14Chora चोर16:1417:01अशुभ
15Shubha शुभ17:0117:48शुभ

स्रोत: मुहूर्त चिंतामणि; निर्णय सिंधु।

ऋतु और अयन

वैदिक ऋतु, अयन, दिन/रात की लंबाई और सौर-दोपहर — आज के पंचांग के आसपास का ऋतु ढाँचा।

ऋतु (वैदिक)

Shishiraशिशिर

ऋतु (दृक)

Shishiraशिशिर

अयन

Uttarayanaउत्तरायण

दिनमान

11h 47m

रात्रिमान

12h 13m

मध्याह्न

11:55

स्रोत: सूर्यसिद्धांत। दिनमान = सूर्योदय→सूर्यास्त के मिनट; मध्याह्न = स्थानीय सौर दोपहर।

ताराबलम् - धनबाद, 7 मार्च 2026

शनिवार, 7 मार्च 2026 को धनबाद का पंचांग एक खास लय लेकर आता है। आज सूर्योदय प्रातः 06:02 बजे होता है और अपराह्ण 17:48 बजे अस्त होता है, जिससे दिन में 11 घंटे 47 मिनट का उजाला मिलता है। तिथि चतुर्थी (कृष्ण पक्ष) है और दिन का नक्षत्र चित्रा है। वृद्धि योग पूरे दिन पर असर डालता है। धनबाद के लिए ब्रह्म मुहूर्त रात्रि 04:26 से प्रातः 05:14 तक है; यही वह समय है जिसे शास्त्र साधना और पढ़ाई के लिए सर्वोत्तम बताते हैं।

धनबाद में राहु काल प्रातः 08:58 से प्रातः 10:27 तक रहेगा — इस दौरान कोई नया काम शुरू न करें। दिशाशूल आज पूर्व की ओर है, इसलिए शनिवार को उस दिशा की यात्रा कुछ देर टाल दें। अच्छे समय के लिए शुभ चौघड़िया (प्रातः 07:30–प्रातः 08:58) सबसे उत्तम मुहूर्त है। चित्रा नक्षत्र मंगल के अधिकार में है, जिससे यह दिन आकाशीय समय और धनबाद की भूमि — दोनों से जुड़ जाता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

धनबाद में 7 मार्च 2026 को राहु काल कब है?
धनबाद में 7 मार्च 2026 को राहु काल प्रातः 08:58 से प्रातः 10:27 तक रहता है। यह करीब 90 मिनट की खिड़की राहु के अधीन होती है और नया काम, यात्रा या शुभ कार्य शुरू करने से आमतौर पर बचा जाता है। यह समय हर दिन सूर्योदय के अनुसार बदलता है, इसलिए हर शहर में अलग होता है।
धनबाद में 7 मार्च 2026 को सूर्योदय प्रातः 06:02 बजे क्यों होता है?
धनबाद में 7 मार्च 2026 को सूर्योदय प्रातः 06:02 बजे होता है — यह शहर के अक्षांश (23.80°N) और इस तारीख को पृथ्वी के झुकाव से तय होता है। सूर्योदय और सूर्यास्त (अपराह्ण 17:48) वैदिक दिन की लंबाई तय करते हैं और राहु काल से लेकर चौघड़िया तक सभी गणनाएँ धनबाद के स्थानीय क्षितिज से जोड़ते हैं।
धनबाद में 7 मार्च 2026 को कौन-सा योग है?
धनबाद में 7 मार्च 2026 को वृद्धि योग है, जो प्रातः 07:05 से प्रातः 06:52 तक सक्रिय रहता है। पंचांग में योग सूर्य और चन्द्र की मिली-जुली स्थिति से बनता है और 27 योगों के चक्र में घूमता है। वृद्धि योग का अपना स्वभाव होता है जो दिन के कामों की शुभता पर असर डालता है।

संबंधित पंचांग पृष्ठ

दैनिक प्रामाणिकता

तांत्रिक बंदा खिड़कियाँ

Ber (Chitra/Vishakha prayoga)

बेर (चित्रा विशाखा)

स्रोत:

Mulahiti

मुलहठी

स्रोत:

साधना विधान

Ganesha Puja & Modaka Offering

गणेश पूजा

- Ganesha Purana

Chaturthi Ganesha Vrata

चतुर्थी गणेश व्रत

- Ganesha Purana, Mudgala Purana

Sankalpa Vrata

संकल्प व्रत

- Dharmasindhu, Vrata Ratnakara

Devi Kavacham Patha

देवी कवचम् पाठ

- Devi Mahatmya, Markandeya Purana

Bava Karana Auspicious Puja

बव करण शुभ पूजा

- Muhurta Chintamani

Sarvartha Siddhi Yoga Sadhana

सर्वार्थसिद्धि योग साधना

- Muhurta Chintamani

Sarvartha Siddhi Yoga Sadhana

सर्वार्थ सिद्धि योग साधना

- Muhurta Chintamani

दिन दुर्लभता अंक

0.3377045767697364/ 100

धनबाद — 7 मार्च

सूर्योदय
प्रातः 06:02
सूर्यास्त
अपराह्ण 17:48
तिथि
चतुर्थी (कृष्ण पक्ष)
नक्षत्र
चित्रा (चतुर्थ पाद)
योग
वृद्धि
करण
बव
माह
फाल्गुन
चन्द्र राशि
तुला
सूर्य राशि
कुम्भ
राहु काल
प्रातः 08:58–प्रातः 10:27
शुभ चौघड़िया
शुभ (प्रातः 07:30–प्रातः 08:58)