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ताराबलम्

शिकागो · 8 जून 2026

आज का नक्षत्र

Purva Bhadrapada पूर्वभाद्रपदा

आज के लिए शुभ जन्म राशियाँ

Mesha, Vrishabha, Simha, Kanya, Dhanu, Kumbha

पूरी 27-पंक्तियों वाली ताराबल तालिका नीचे खुली है।

ताराबलम्

पंचांग — पाँच अंग पञ्चाङ्ग

तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार, उनके समाप्ति समय के साथ, साथ ही मास और चंद्रमा तथा सूर्य की राशि — इस शहर के सूर्योदय के अनुसार गणना। आधी रात के बाद का समय पारंपरिक विस्तारित घड़ी में दिखता है (जैसे 27:23 = अगली सुबह 03:23)।

तिथि
Ashtamiअष्टमी16:54 तकफिर Navamiनवमी40:05 तक
What this means

The lunar day. It is set by how far the Moon has pulled ahead of the Sun — each 12 degrees of separation is one tithi. The tithi shapes which activities the tradition favours, and it ends at the time shown, when the next one begins.

Muhurta ChintamaniTithi-prakaranam (Nanda/Bhadra/Jaya/Rikta/Purna tithi-types)
नक्षत्र
Purva Bhadrapadaपूर्वभाद्रपदा23:09 तकफिर Uttara Bhadrapadaउत्तरभाद्रपदा46:51 तक
What this means

The Moon's star-mansion — the patch of sky it sits in today, one of 27. Each nakshatra has its own temperament that classical texts use to judge what the day is good for.

Brihat SamhitaNakshatra chapters (nakshatra qualities)
योग
Pritiप्रीति21:48 तकफिर Ayushmanआयुष्मान्44:00 तक
What this means

A combined Sun-and-Moon measure (one of 27 nitya-yogas) — not the physical posture practice. A few yogas, such as Vyatipata and Vaidhriti, are best avoided; most are ordinary.

Muhurta ChintamaniYoga enumeration (tyajya-yoga list, v. 33)
करण
Kaulavaकौलव16:54 तकफिर Taitilaतैतिल28:35 तकक्रम: Kaulava (16:54)Taitila (28:35)Garaja (40:05)
What this means

Half of a tithi — each lunar day holds two karanas. One of them, Vishti (also called Bhadra), is treated as inauspicious; the rest are workable.

BPHSKarana-jnana-vidhi (11 karanas including Vishti)
वार
Somavaraसोमवार
What this means

The weekday and its ruling planet. Each day's planet colours which tasks the tradition recommends — e.g. Thursday (Jupiter) for auspicious beginnings.

Muhurta ChintamaniVara-prakaranam (weekday lords)
मास (अमांत)
अधिक Jyeshthaज्येष्ठप्रविष्टे/गते: 26अधिक मास
What this means

The lunar month. India uses two reckonings — Amanta (new-moon to new-moon) and Purnimanta (full-moon to full-moon) — so the name can differ by region. An 'Adhika' (extra) month is inserted to keep the lunar and solar years aligned.

Nirnaya SindhuAdhikamasa-nirnaya (intercalary month)
मास (पूर्णिमांत)
अधिक Jyeshthaज्येष्ठअधिक मास
पक्ष
कृष्ण पक्ष (घटता चंद्र)
What this means

The fortnight. Shukla is the waxing half (Moon growing toward full); Krishna is the waning half (toward the new moon).

Calendar definition

चंद्र राशि
Kumbhaकुम्भ17:06 तकफिर Meenaमीन
What this means

The zodiac sign the Moon occupies now. Together with your birth Moon-sign it drives Chandrabala — the Moon's day-to-day favourability for you.

Muhurta Chintamani2.4-2.5 (Chandrabala)
सूर्य राशि
Vrishabhaवृषभ

निरयण (लाहिड़ी) गणना; अंग समाप्ति समय शहर के वास्तविक सूर्योदय के अनुसार। “अधिक मास” उस अतिरिक्त चंद्र मास को दर्शाता है जिसमें कोई सौर संक्रांति नहीं होती।

यह पंचांग कैसे गणना होती है

इस पृष्ठ का हर समय सूर्य और चंद्रमा की वास्तविक स्थिति से स्विस एफेमेरिस (वही उच्च-परिशुद्धता खगोलीय इंजन जिसे पेशेवर खगोलशास्त्री उपयोग करते हैं) से निकाला जाता है, किसी छपे पंचांग या तय तालिका से नहीं।

  • निरयण राशिचक्र, लाहिड़ी अयनांश — भारत सरकार के कैलेंडर में यही मानक है (इस तिथि का अयनांश: 24.2263°)। सभी नक्षत्र, राशि, तिथि और योग की सीमाएँ इसी से बनती हैं।
  • स्थानीय वास्तविक सूर्योदय — मुहूर्त काल (राहु काल, चौघड़िया, होरा, अभिजित आदि) Chicago के सटीक निर्देशांक के लिए गणना किए गए वास्तविक सूर्योदय से मापे जाते हैं, इसलिए वे आपके स्थान के लिए सही होते हैं, कोई क्षेत्रीय अनुमान नहीं।
  • दो मास परंपराएँ — हम अमांत (अमावस्या से अमावस्या) और पूर्णिमांत (पूर्णिमा से पूर्णिमा) दोनों चंद्र मास दिखाते हैं, क्योंकि भारत के अलग-अलग क्षेत्र अलग परंपरा मानते हैं; अधिक (मलमास) मास होने पर उसे अंकित किया जाता है।

महत्व और शुभ/अशुभ संकेत शास्त्रीय ग्रंथों (मुहूर्त चिंतामणि, बृहत् संहिता, पुराण आदि) से लिए जाते हैं और साथ में उद्धृत किए जाते हैं — हम कभी ऐसा प्रभाव नहीं बताते जो ग्रंथ में न हो।

आपका आज का पंचांग

अपना जन्म नक्षत्र और चंद्र राशि एक बार चुनें — फिर हम आज का आपका ताराबल और चंद्रबल पढ़कर बता देंगे। यह सिर्फ़ इसी डिवाइस पर सेव होता है; हमारे सर्वर पर कभी नहीं जाता।

आज क्या करना शुभ है?

आप जो करने वाले हैं वह चुनें। हम आज के पंचांग को शास्त्रीय मुहूर्त नियम से जाँचकर बताते हैं कि यह शुभ है या नहीं, सबसे अच्छा समय कौन-सा है, और यह किस ग्रंथ से है।

समय विवरण (तालिका)
कालआरंभसमाप्तिप्रकार
Rahu Kala07:1009:03अशुभ
Yamaghanda Kala10:5612:49अशुभ
Gulika Kala14:4216:36अशुभ
Abhijit Muhurta12:1913:19शुभ

शुभ मुहूर्त शुभ मुहूर्त

सूर्योदय और नक्षत्र के आधार पर बने वे समय जिन्हें शास्त्रीय मुहूर्त ग्रंथ साधना, अध्ययन और नई शुरुआत के लिए बताते हैं।

Brahma Muhurta

ब्रह्म मुहूर्त

03:40 – 04:28

Pratah Sandhya

प्रातः सन्ध्या

04:11 – 05:16

Vijaya Muhurta

विजय मुहूर्त

15:20 – 16:21

Godhuli Muhurta

गोधूलि मुहूर्त

20:10 – 20:34

Sayahna Sandhya

सायाह्न सन्ध्या

20:22 – 21:27

Nishita Muhurta

निशीथ मुहूर्त

24:25 – 01:13

Amrita Kalam

अमृत कालम्

19:04 – 20:42

स्रोत: मुहूर्त चिंतामणि; निर्णय सिंधु। उप-काल की गणना सूर्योदय + शहर के निर्देशांक पर सूर्य नक्षत्र की स्थिति से।

अशुभ काल अशुभ काल

राहु काल, यमगंड और गुलिक (ऊपर दिन की समय-रेखा में दिखाए गए) के अलावा, नई शुरुआत के लिए टालने योग्य शास्त्रीय काल।
पंचकMrityu Panchakमृत्यु पंचक05:16 तक

Panchak active: Mrityu Panchak (onset-weekday flavour)

Varjyam

वर्ज्यम्

05:11 – 06:49

नक्षत्र से निकला वह काल जिसे शास्त्र टालने को कहते हैं।

Dur Muhurtam 12

दुर्मुहूर्तम्

16:21 – 17:21

वार के अनुसार तय अशुभ उप-मुहूर्त।

Dur Muhurtam 13

दुर्मुहूर्तम्

17:21 – 18:21

वार के अनुसार तय अशुभ उप-मुहूर्त।

स्रोत: मुहूर्त चिंतामणि; धर्म सिंधु। उप-काल की गणना सूर्योदय + नक्षत्र की स्थिति से।

आज का सूर्य सूर्य

सूर्य की राशि और नक्षत्र — ऊपर हीरो में दिखाए गए चंद्र-पक्ष की तिथि और नक्षत्र का सूर्य-पक्ष पूरक।

सूर्य राशि

Vrishabha#2

सूर्य नक्षत्र

Mrigashira मृगशिरा

पाद 1 / 4

आज चंद्र पाद परिवर्तन

  • 10:56
  • 17:00
  • 23:05
  • 05:09

स्रोत: लाहिड़ी (चित्रपक्ष) निरयण गणना। पाद की गणना नक्षत्र को 3° 20′ के 4 बराबर भागों में बाँटकर।

हिंदू वर्ष विक्रम संवत्

इस वर्ष के विक्रम, शक और गुजराती संवत, साथ में 60-वर्षीय शासन-चक्र से चक्र का नाम (संवत्सर)।

विक्रम संवत

2083

Parabhava पराभव (7 Mar 2027 तक)

वर्ष हब देखें

शक संवत

1948

Kilaka कीलक

गुजराती संवत

2082

Vishvavasu विश्वावसु

मंत्री मंडल — वर्ष शासन

पददेवता
RajaJupiter
SasyadhipatiJupiter

बाकी शासन पद (8) इंजन द्वारा हल होते ही भर जाएँगे।

स्रोत: निर्णय सिंधु; सूर्यसिद्धांत। संवत्सर 60-वर्षीय बृहस्पति चक्र से।

दैनिक दिशाएँ दिशा

मुहूर्त चुनने में काम आने वाली दिन की दिशाएँ — यात्रा के लिए दिशा शूल, यज्ञ के लिए अग्निवास, लाभ की दिशा के लिए चंद्र/राहु वास, अनुष्ठान के समय के लिए शिववास।

Disha Shool

East पूर्व

अशुभ

स्रोत: Avoid travel toward this direction today

Nakshatra Shool

South दक्षिण

अशुभ

स्रोत: Avoid travel toward this direction while today's nakshatra prevails

Chandra Vasa

West पश्चिम

शुभ

स्रोत: Direction favored by today's moon position

Rahu Vasa

Northwest वायव्य

अशुभ

स्रोत: Direction occupied by Rahu; avoid offerings facing here

Agnivasa

Akasha आकाश

सामान्य

स्रोत: Agni's dwelling for homa-suitability assessment

Shiva Vasa

Vrishabha वृषभ

शुभ

स्रोत: Shiva's location for rudrabhisheka timing

Homahuti

Jupiter गुरु

शुभ

स्रोत: Benefic planet: offering auspicious

Anandadi Yoga

Musala मुसल

अशुभ

स्रोत: Inauspicious day-yoga (Anandadi) -- avoid new ventures

तमिल योग தமிழ் யோகம்

नक्षत्र और वार से बना दिन का तमिल-परंपरा का योग — तमिल मुहूर्त में काम आने वाला सिद्ध / अमृत / मरण / मुशल परिवार।

Tamil Yoga

Mushala मुसल

अशुभ

स्रोत: Inauspicious Tamil yoga -- avoid new ventures

आज की बल तालिका

ताराबल और चंद्रबल — मुहूर्त चुनने में काम आने वाली दो शास्त्रीय बल जाँच। यदि आपका जन्म नक्षत्र या जन्म राशि अनुकूल सूची में आए, तो दिन नई शुरुआत के लिए ठीक है।

आज अनुकूल जन्म राशियाँ

Mesha, Vrishabha, Simha, Kanya, Dhanu, Kumbha

चंद्राष्टम (टालें): Karka

ताराबल — सभी 27 जन्म नक्षत्र
#जन्म नक्षत्रतारागुण
1AshwiniVadha वधसामान्य
2BharaniSadhaka साधकसामान्य
3KrittikaPratyari प्रत्यरिसामान्य
4RohiniKshema क्षेमसामान्य
5MrigashiraVipat विपत्सामान्य
6ArdraSampat सम्पत्सामान्य
7PunarvasuJanma जन्मसामान्य
8PushyaAti-Mitra अतिमित्रसामान्य
9AshleshaMitra मित्रसामान्य
10MaghaVadha वधसामान्य
11Purva PhalguniSadhaka साधकसामान्य
12Uttara PhalguniPratyari प्रत्यरिसामान्य
13HastaKshema क्षेमसामान्य
14ChitraVipat विपत्सामान्य
15SwatiSampat सम्पत्सामान्य
16VishakhaJanma जन्मसामान्य
17AnuradhaAti-Mitra अतिमित्रसामान्य
18JyeshthaMitra मित्रसामान्य
19MulaVadha वधसामान्य
20Purva AshadhaSadhaka साधकसामान्य
21Uttara AshadhaPratyari प्रत्यरिसामान्य
22ShravanaKshema क्षेमसामान्य
23DhanishthaVipat विपत्सामान्य
24ShatabhishaSampat सम्पत्सामान्य
25Purva BhadrapadaJanma जन्मसामान्य
26Uttara BhadrapadaAti-Mitra अतिमित्रसामान्य
27RevatiMitra मित्रसामान्य
चंद्रबल — सभी 12 जन्म राशि
#जन्म राशिजन्म से भावअनुकूल
1Mesha11हाँ
2Vrishabha10हाँ
3Mithuna9नहीं
4Karka8नहीं
5Simha7हाँ
6Kanya6हाँ
7Tula5नहीं
8Vrishchika4नहीं
9Dhanu3हाँ
10Makara2नहीं
11Kumbha1हाँ
12Meena12नहीं

स्रोत: मुहूर्त चिंतामणि; बृहत् संहिता। ताराबल जन्म-नक्षत्र से आज के नक्षत्र तक 9-चक्र का उपयोग करता है।

उदय लग्न (उगती राशि) समय-रेखा

दिन के हर समय पूर्वी क्षितिज पर कौन सी राशि उग रही है। खंड की चौड़ाई वास्तविक उदय अवधि के अनुपात में है।
सभी 13 खंड (तालिका)
#राशिआरंभसमाप्ति
2Vrishabha वृषभ05:1605:51
3Mithuna मिथुन05:5108:06
4Karka कर्क08:0610:41
5Simha सिंह10:4113:16
6Kanya कन्या13:1615:46
7Tula तुला15:4618:21
8Vrishchika वृश्चिक18:2120:46
9Dhanu धनु20:4622:46
10Makara मकर22:4624:16
11Kumbha कुम्भ24:1601:31
12Meena मीन01:3102:36
1Mesha मेष02:3603:56
2Vrishabha वृषभ03:5605:16

पंचक रहित मुहूर्त पञ्चक रहित मुहूर्त

पंचक श्रेणी के अनुसार 15 शास्त्रीय दिन-मुहूर्त खंड। हरा = शुभ; गुलाबी = टालें। चौड़ाई वास्तविक अवधि के अनुपात में है।
सभी 15 खंड (तालिका)
#नामआरंभसमाप्तिगुण
1Mrityu मृत्यु05:1606:17अशुभ
2Agni अग्नि06:1707:17अशुभ
3Raja राज07:1708:18अशुभ
4Chora चोर08:1809:18अशुभ
5Shubha शुभ09:1810:18शुभ
6Roga रोग10:1811:19अशुभ
7Mrityu मृत्यु11:1912:19अशुभ
8Agni अग्नि12:1913:19अशुभ
9Raja राज13:1914:20अशुभ
10Chora चोर14:2015:20अशुभ
11Shubha शुभ15:2016:21शुभ
12Roga रोग16:2117:21अशुभ
13Mrityu मृत्यु17:2118:21अशुभ
14Agni अग्नि18:2119:22अशुभ
15Raja राज19:2220:22अशुभ

स्रोत: मुहूर्त चिंतामणि; निर्णय सिंधु।

ऋतु और अयन

वैदिक ऋतु, अयन, दिन/रात की लंबाई और सौर-दोपहर — आज के पंचांग के आसपास का ऋतु ढाँचा।

ऋतु (वैदिक)

Grishmaग्रीष्म

ऋतु (दृक)

Vasantaवसन्त

अयन

Uttarayanaउत्तरायण

दिनमान

15h 6m

रात्रिमान

8h 54m

मध्याह्न

12:49

स्रोत: सूर्यसिद्धांत। दिनमान = सूर्योदय→सूर्यास्त के मिनट; मध्याह्न = स्थानीय सौर दोपहर।

पंचांग और युग पञ्चाङ्ग गणना

इस तिथि के लिए संदर्भ दिन-गणना और कैलेंडर पहचान — कलियुग वर्ष, अहर्गण, जूलियन दिन और राष्ट्रीय (शक) नागरिक तिथियाँ।
पंचांग / युग विवरण
कलियुग वर्ष5127
कलि अहर्गण1872734
जूलियन दिन2461199.5
संशोधित जूलियन दिन61199
राता डाई739775
राष्ट्रीय नागरिक (शक)Jyeshtha 18, 1948 Shaka
राष्ट्रीय निरयण (शक)Jyeshtha 26, 1948 Shaka
लाहिड़ी अयनांश24.2263°

दिन के जूलियन दिन और लाहिड़ी अयनांश से निकाला गया।

ताराबलम् - शिकागो, 8 जून 2026

सोमवार, 8 जून 2026 को शिकागो का पंचांग एक खास लय लेकर आता है। आज सूर्योदय प्रातः 05:16 बजे होता है और सायं 20:22 बजे अस्त होता है, जिससे दिन में 15 घंटे 6 मिनट का उजाला मिलता है। कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि के साथ पूर्वभाद्रपदा नक्षत्र दिन को दिशा देता है। दिन का योग प्रीति है, जो इस 8 जून 2026 के पंचांग को पूरा करता है। सूर्योदय से पहले रात्रि 03:40 से रात्रि 04:28 तक ब्रह्म मुहूर्त रहता है — प्रार्थना और मनन के लिए आदर्श समय।

आज राहु काल प्रातः 07:10 से प्रातः 09:03 के बीच है; यह समय नई शुरुआत के लिए टालना बेहतर है। आज दिशाशूल पूर्व दिशा में है — सोमवार को इस ओर नई यात्रा टालने की परंपरा है। दिन का सबसे शुभ चौघड़िया अमृत (प्रातः 05:16–प्रातः 07:10) है — नई शुरुआत के लिए यही चुनें। पूर्वभाद्रपदा नक्षत्र का स्वामी गुरु है, और यही ग्रह-गणना को शिकागो की स्थानीय लय से बाँधता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शिकागो में 8 जून 2026 को राहु काल कब है?
शिकागो में 8 जून 2026 को राहु काल प्रातः 07:10 से प्रातः 09:03 तक रहता है। यह करीब 90 मिनट की खिड़की राहु के अधीन होती है और नया काम, यात्रा या शुभ कार्य शुरू करने से आमतौर पर बचा जाता है। यह समय हर दिन सूर्योदय के अनुसार बदलता है, इसलिए हर शहर में अलग होता है।
शिकागो में 8 जून 2026 को सूर्योदय प्रातः 05:16 बजे क्यों होता है?
शिकागो में 8 जून 2026 को सूर्योदय प्रातः 05:16 बजे होता है — यह शहर के अक्षांश (41.88°N) और इस तारीख को पृथ्वी के झुकाव से तय होता है। सूर्योदय और सूर्यास्त (सायं 20:22) वैदिक दिन की लंबाई तय करते हैं और राहु काल से लेकर चौघड़िया तक सभी गणनाएँ शिकागो के स्थानीय क्षितिज से जोड़ते हैं।
शिकागो में 8 जून 2026 को कौन-सा योग है?
शिकागो में 8 जून 2026 को प्रीति योग है, जो रात्रि 22:58 से रात्रि 21:48 तक सक्रिय रहता है। पंचांग में योग सूर्य और चन्द्र की मिली-जुली स्थिति से बनता है और 27 योगों के चक्र में घूमता है। प्रीति योग का अपना स्वभाव होता है जो दिन के कामों की शुभता पर असर डालता है।

संबंधित पंचांग पृष्ठ

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दिन दुर्लभता अंक

0.16606645103860285/ 100

शिकागो — 8 जून

सूर्योदय
प्रातः 05:16
सूर्यास्त
सायं 20:22
तिथि
अष्टमी (कृष्ण पक्ष)
नक्षत्र
पूर्वभाद्रपदा (द्वितीय पाद)
योग
प्रीति
करण
कौलव, तैतिल
माह
अधिक ज्येष्ठ
चन्द्र राशि
कुम्भ → मीन
सूर्य राशि
वृषभ
राहु काल
प्रातः 07:10–प्रातः 09:03
शुभ चौघड़िया
अमृत (प्रातः 05:16–प्रातः 07:10)