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ताराबलम्

आगरा · 31 अगस्त 2026

आज का नक्षत्र

Revati रेवती

आज के लिए शुभ जन्म राशियाँ

Vrishabha, Mithuna, Kanya, Tula, Makara, Meena

पूरी 27-पंक्तियों वाली ताराबल तालिका नीचे खुली है।

ताराबलम्

पंचांग — पाँच अंग पञ्चाङ्ग

तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार, उनके समाप्ति समय के साथ, साथ ही मास और चंद्रमा तथा सूर्य की राशि — इस शहर के सूर्योदय के अनुसार गणना। आधी रात के बाद का समय पारंपरिक विस्तारित घड़ी में दिखता है (जैसे 27:23 = अगली सुबह 03:23)।

तिथि
Tritiyaतृतीया08:51 तक
What this means

The lunar day. It is set by how far the Moon has pulled ahead of the Sun — each 12 degrees of separation is one tithi. The tithi shapes which activities the tradition favours, and it ends at the time shown, when the next one begins.

Muhurta ChintamaniTithi-prakaranam (Nanda/Bhadra/Jaya/Rikta/Purna tithi-types)
नक्षत्र
Revatiरेवती27:24 तक
What this means

The Moon's star-mansion — the patch of sky it sits in today, one of 27. Each nakshatra has its own temperament that classical texts use to judge what the day is good for.

Brihat SamhitaNakshatra chapters (nakshatra qualities)
योग
Gandaगण्ड25:50 तक
What this means

A combined Sun-and-Moon measure (one of 27 nitya-yogas) — not the physical posture practice. A few yogas, such as Vyatipata and Vaidhriti, are best avoided; most are ordinary.

Muhurta ChintamaniYoga enumeration (tyajya-yoga list, v. 33)
करण
Vishtiविष्टि08:51 तक
What this means

Half of a tithi — each lunar day holds two karanas. One of them, Vishti (also called Bhadra), is treated as inauspicious; the rest are workable.

BPHSKarana-jnana-vidhi (11 karanas including Vishti)
वार
Somavaraसोमवार
What this means

The weekday and its ruling planet. Each day's planet colours which tasks the tradition recommends — e.g. Thursday (Jupiter) for auspicious beginnings.

Muhurta ChintamaniVara-prakaranam (weekday lords)
मास
Bhadrapadaभाद्रपद
What this means

The lunar month. India uses two reckonings — Amanta (new-moon to new-moon) and Purnimanta (full-moon to full-moon) — so the name can differ by region. An 'Adhika' (extra) month is inserted to keep the lunar and solar years aligned.

Nirnaya SindhuAdhikamasa-nirnaya (intercalary month)
पक्ष
कृष्ण पक्ष (घटता चंद्र)
What this means

The fortnight. Shukla is the waxing half (Moon growing toward full); Krishna is the waning half (toward the new moon).

Calendar definition

चंद्र राशि
Meena
What this means

The zodiac sign the Moon occupies now. Together with your birth Moon-sign it drives Chandrabala — the Moon's day-to-day favourability for you.

Muhurta Chintamani2.4-2.5 (Chandrabala)
सूर्य राशि
Simhaसिंह

निरयण (लाहिड़ी) गणना; अंग समाप्ति समय शहर के वास्तविक सूर्योदय के अनुसार। “अधिक मास” उस अतिरिक्त चंद्र मास को दर्शाता है जिसमें कोई सौर संक्रांति नहीं होती।

यह पंचांग कैसे गणना होती है

इस पृष्ठ का हर समय सूर्य और चंद्रमा की वास्तविक स्थिति से स्विस एफेमेरिस (वही उच्च-परिशुद्धता खगोलीय इंजन जिसे पेशेवर खगोलशास्त्री उपयोग करते हैं) से निकाला जाता है, किसी छपे पंचांग या तय तालिका से नहीं।

  • निरयण राशिचक्र, लाहिड़ी अयनांश — भारत सरकार के कैलेंडर में यही मानक है। सभी नक्षत्र, राशि, तिथि और योग की सीमाएँ इसी से बनती हैं।
  • स्थानीय वास्तविक सूर्योदय — मुहूर्त काल (राहु काल, चौघड़िया, होरा, अभिजित आदि) Agra के सटीक निर्देशांक के लिए गणना किए गए वास्तविक सूर्योदय से मापे जाते हैं, इसलिए वे आपके स्थान के लिए सही होते हैं, कोई क्षेत्रीय अनुमान नहीं।
  • दो मास परंपराएँ — हम अमांत (अमावस्या से अमावस्या) और पूर्णिमांत (पूर्णिमा से पूर्णिमा) दोनों चंद्र मास दिखाते हैं, क्योंकि भारत के अलग-अलग क्षेत्र अलग परंपरा मानते हैं; अधिक (मलमास) मास होने पर उसे अंकित किया जाता है।

महत्व और शुभ/अशुभ संकेत शास्त्रीय ग्रंथों (मुहूर्त चिंतामणि, बृहत् संहिता, पुराण आदि) से लिए जाते हैं और साथ में उद्धृत किए जाते हैं — हम कभी ऐसा प्रभाव नहीं बताते जो ग्रंथ में न हो।

आपका आज का पंचांग

अपना जन्म नक्षत्र और चंद्र राशि एक बार चुनें — फिर हम आज का आपका ताराबल और चंद्रबल पढ़कर बता देंगे। यह सिर्फ़ इसी डिवाइस पर सेव होता है; हमारे सर्वर पर कभी नहीं जाता।

आज क्या करना शुभ है?

आप जो करने वाले हैं वह चुनें। हम आज के पंचांग को शास्त्रीय मुहूर्त नियम से जाँचकर बताते हैं कि यह शुभ है या नहीं, सबसे अच्छा समय कौन-सा है, और यह किस ग्रंथ से है।

समय विवरण (तालिका)
कालआरंभसमाप्तिप्रकार
Rahu Kala07:3209:07अशुभ
Yamaghanda Kala10:4312:18अशुभ
Gulika Kala13:5315:28अशुभ
Abhijit Muhurta11:5212:43शुभ

शुभ मुहूर्त शुभ मुहूर्त

सूर्योदय और नक्षत्र के आधार पर बने वे समय जिन्हें शास्त्रीय मुहूर्त ग्रंथ साधना, अध्ययन और नई शुरुआत के लिए बताते हैं।

Brahma Muhurta

ब्रह्म मुहूर्त

04:21 – 05:09

Pratah Sandhya

प्रातः सन्ध्या

04:52 – 05:57

Vijaya Muhurta

विजय मुहूर्त

14:25 – 15:15

Godhuli Muhurta

गोधूलि मुहूर्त

18:26 – 18:50

Sayahna Sandhya

सायाह्न सन्ध्या

18:38 – 19:43

Nishita Muhurta

निशीथ मुहूर्त

23:54 – 24:42

Amrita Kalam

अमृत कालम्

19:31 – 21:05

स्रोत: मुहूर्त चिंतामणि; निर्णय सिंधु। उप-काल की गणना सूर्योदय + शहर के निर्देशांक पर सूर्य नक्षत्र की स्थिति से।

अशुभ काल अशुभ काल

राहु काल, यमगंड और गुलिक (ऊपर दिन की समय-रेखा में दिखाए गए) के अलावा, नई शुरुआत के लिए टालने योग्य शास्त्रीय काल।

Varjyam

वर्ज्यम्

15:34 – 17:09

नक्षत्र से निकला वह काल जिसे शास्त्र टालने को कहते हैं।

Dur Muhurtam 12

दुर्मुहूर्तम्

15:15 – 16:06

वार के अनुसार तय अशुभ उप-मुहूर्त।

Dur Muhurtam 13

दुर्मुहूर्तम्

16:06 – 16:57

वार के अनुसार तय अशुभ उप-मुहूर्त।

स्रोत: मुहूर्त चिंतामणि; धर्म सिंधु। उप-काल की गणना सूर्योदय + नक्षत्र की स्थिति से।

आज का सूर्य सूर्य

सूर्य की राशि और नक्षत्र — ऊपर हीरो में दिखाए गए चंद्र-पक्ष की तिथि और नक्षत्र का सूर्य-पक्ष पूरक।

सूर्य राशि

Simha#5

सूर्य नक्षत्र

Purva Phalguni पूर्वाफाल्गुनी

पाद 1 / 4

आज चंद्र पाद परिवर्तन

  • 09:40
  • 15:34
  • 21:28
  • 03:22

स्रोत: लाहिड़ी (चित्रपक्ष) निरयण गणना। पाद की गणना नक्षत्र को 3° 20′ के 4 बराबर भागों में बाँटकर।

हिंदू वर्ष विक्रम संवत्

इस वर्ष के विक्रम, शक और गुजराती संवत, साथ में 60-वर्षीय शासन-चक्र से चक्र का नाम (संवत्सर)।

विक्रम संवत

2083

Parabhava पराभव

वर्ष हब देखें

शक संवत

1948

Kilaka कीलक

गुजराती संवत

2082

Vishvavasu विश्वावसु

मंत्री मंडल — वर्ष शासन

पददेवता
RajaMars
MantriMars

बाकी शासन पद (8) इंजन द्वारा हल होते ही भर जाएँगे।

स्रोत: निर्णय सिंधु; सूर्यसिद्धांत। संवत्सर 60-वर्षीय बृहस्पति चक्र से।

दैनिक दिशाएँ दिशा

मुहूर्त चुनने में काम आने वाली दिन की दिशाएँ — यात्रा के लिए दिशा शूल, यज्ञ के लिए अग्निवास, लाभ की दिशा के लिए चंद्र/राहु वास, अनुष्ठान के समय के लिए शिववास।

Disha Shool

East पूर्व

अशुभ

स्रोत: Avoid travel toward this direction today

Chandra Vasa

North उत्तर

शुभ

स्रोत: Direction favored by today's moon position

Rahu Vasa

Northwest वायव्य

अशुभ

स्रोत: Direction occupied by Rahu; avoid offerings facing here

Agnivasa

Patala पाताल

अशुभ

स्रोत: Agni's dwelling for homa-suitability assessment

Shiva Vasa

Smashana श्मशान

अशुभ

स्रोत: Shiva's location for rudrabhisheka timing

Homahuti

Mars मङ्गल

अशुभ

स्रोत: Khala planet: offering inauspicious (खलग्रह के मुख में होमाहुति शुभ नहीं होती)

आज की बल तालिका

ताराबल और चंद्रबल — मुहूर्त चुनने में काम आने वाली दो शास्त्रीय बल जाँच। यदि आपका जन्म नक्षत्र या जन्म राशि अनुकूल सूची में आए, तो दिन नई शुरुआत के लिए ठीक है।

आज अनुकूल जन्म राशियाँ

Vrishabha, Mithuna, Kanya, Tula, Makara, Meena

ताराबल — सभी 27 जन्म नक्षत्र
#जन्म नक्षत्रतारागुण
1AshwiniAti-Mitra अतिमित्रसामान्य
2BharaniMitra मित्रसामान्य
3KrittikaVadha वधसामान्य
4RohiniSadhaka साधकसामान्य
5MrigashiraPratyari प्रत्यरिसामान्य
6ArdraKshema क्षेमसामान्य
7PunarvasuVipat विपत्सामान्य
8PushyaSampat सम्पत्सामान्य
9AshleshaJanma जन्मसामान्य
10MaghaAti-Mitra अतिमित्रसामान्य
11Purva PhalguniMitra मित्रसामान्य
12Uttara PhalguniVadha वधसामान्य
13HastaSadhaka साधकसामान्य
14ChitraPratyari प्रत्यरिसामान्य
15SwatiKshema क्षेमसामान्य
16VishakhaVipat विपत्सामान्य
17AnuradhaSampat सम्पत्सामान्य
18JyeshthaJanma जन्मसामान्य
19MulaAti-Mitra अतिमित्रसामान्य
20Purva AshadhaMitra मित्रसामान्य
21Uttara AshadhaVadha वधसामान्य
22ShravanaSadhaka साधकसामान्य
23DhanishthaPratyari प्रत्यरिसामान्य
24ShatabhishaKshema क्षेमसामान्य
25Purva BhadrapadaVipat विपत्सामान्य
26Uttara BhadrapadaSampat सम्पत्सामान्य
27RevatiJanma जन्मसामान्य
चंद्रबल — सभी 12 जन्म राशि
#जन्म राशिजन्म से भावअनुकूल
1Mesha12नहीं
2Vrishabha11हाँ
3Mithuna10हाँ
4Karka9नहीं
5Simha8नहीं
6Kanya7हाँ
7Tula6हाँ
8Vrishchika5नहीं
9Dhanu4नहीं
10Makara3हाँ
11Kumbha2नहीं
12Meena1हाँ

स्रोत: मुहूर्त चिंतामणि; बृहत् संहिता। ताराबल जन्म-नक्षत्र से आज के नक्षत्र तक 9-चक्र का उपयोग करता है।

उदय लग्न (उगती राशि) समय-रेखा

दिन के हर समय पूर्वी क्षितिज पर कौन सी राशि उग रही है। खंड की चौड़ाई वास्तविक उदय अवधि के अनुपात में है।
सभी 13 खंड (तालिका)
#राशिआरंभसमाप्ति
5Simha सिंह05:5707:17
6Kanya कन्या07:1709:32
7Tula तुला09:3211:52
8Vrishchika वृश्चिक11:5214:07
9Dhanu धनु14:0716:12
10Makara मकर16:1217:57
11Kumbha कुम्भ17:5719:22
12Meena मीन19:2220:52
1Mesha मेष20:5222:27
2Vrishabha वृषभ22:2724:22
3Mithuna मिथुन24:2202:37
4Karka कर्क02:3704:57
5Simha सिंह04:5705:57

पंचक रहित मुहूर्त पञ्चक रहित मुहूर्त

पंचक श्रेणी के अनुसार 15 शास्त्रीय दिन-मुहूर्त खंड। हरा = शुभ; गुलाबी = टालें। चौड़ाई वास्तविक अवधि के अनुपात में है।
सभी 15 खंड (तालिका)
#नामआरंभसमाप्तिगुण
1Chora चोर05:5706:48अशुभ
2Shubha शुभ06:4807:39शुभ
3Roga रोग07:3908:29अशुभ
4Mrityu मृत्यु08:2909:20अशुभ
5Agni अग्नि09:2010:11अशुभ
6Raja राज10:1111:02अशुभ
7Chora चोर11:0211:52अशुभ
8Shubha शुभ11:5212:43शुभ
9Roga रोग12:4313:34अशुभ
10Mrityu मृत्यु13:3414:25अशुभ
11Agni अग्नि14:2515:15अशुभ
12Raja राज15:1516:06अशुभ
13Chora चोर16:0616:57अशुभ
14Shubha शुभ16:5717:47शुभ
15Roga रोग17:4718:38अशुभ

स्रोत: मुहूर्त चिंतामणि; निर्णय सिंधु।

ऋतु और अयन

वैदिक ऋतु, अयन, दिन/रात की लंबाई और सौर-दोपहर — आज के पंचांग के आसपास का ऋतु ढाँचा।

ऋतु (वैदिक)

Varshaवर्षा

ऋतु (दृक)

Varshaवर्षा

अयन

Dakshinayanaदक्षिणायन

दिनमान

12h 41m

रात्रिमान

11h 19m

मध्याह्न

12:18

स्रोत: सूर्यसिद्धांत। दिनमान = सूर्योदय→सूर्यास्त के मिनट; मध्याह्न = स्थानीय सौर दोपहर।

ताराबलम् - आगरा, 31 अगस्त 2026

आगरा के आकाश में सोमवार, 31 अगस्त 2026 का दिन एक विशेष संयोग लेकर आता है। सूर्य प्रातः 05:57 बजे उगता है और सायं 18:38 बजे अस्त होता है, जिससे दिन में 12 घंटे 41 मिनट का उजाला मिलता है। कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि के साथ रेवती नक्षत्र दिन को दिशा देता है। दिन का योग गण्ड है, जो इस 31 अगस्त 2026 के पंचांग को पूरा करता है। सूर्योदय से पहले रात्रि 04:21 से प्रातः 05:09 तक ब्रह्म मुहूर्त रहता है — प्रार्थना और मनन के लिए आदर्श समय।

आज राहु काल प्रातः 07:32 से प्रातः 09:07 के बीच है; यह समय नई शुरुआत के लिए टालना बेहतर है। आज दिशाशूल पूर्व दिशा में है — सोमवार को इस ओर नई यात्रा टालने की परंपरा है। दिन का सबसे शुभ चौघड़िया अमृत (प्रातः 05:57–प्रातः 07:32) है — नई शुरुआत के लिए यही चुनें। रेवती नक्षत्र का स्वामी बुध है, और यही ग्रह-गणना को आगरा की स्थानीय लय से बाँधता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आगरा में 31 अगस्त 2026 को राहु काल कब है?
आगरा में 31 अगस्त 2026 को राहु काल प्रातः 07:32 से प्रातः 09:07 तक रहता है। यह करीब 90 मिनट की खिड़की राहु के अधीन होती है और नया काम, यात्रा या शुभ कार्य शुरू करने से आमतौर पर बचा जाता है। यह समय हर दिन सूर्योदय के अनुसार बदलता है, इसलिए हर शहर में अलग होता है।
आगरा में 31 अगस्त 2026 को सूर्योदय प्रातः 05:57 बजे क्यों होता है?
आगरा में 31 अगस्त 2026 को सूर्योदय प्रातः 05:57 बजे होता है — यह शहर के अक्षांश (27.18°N) और इस तारीख को पृथ्वी के झुकाव से तय होता है। सूर्योदय और सूर्यास्त (सायं 18:38) वैदिक दिन की लंबाई तय करते हैं और राहु काल से लेकर चौघड़िया तक सभी गणनाएँ आगरा के स्थानीय क्षितिज से जोड़ते हैं।
आगरा में 31 अगस्त 2026 को कौन-सा योग है?
आगरा में 31 अगस्त 2026 को गण्ड योग है, जो रात्रि 03:46 से रात्रि 01:50 तक सक्रिय रहता है। पंचांग में योग सूर्य और चन्द्र की मिली-जुली स्थिति से बनता है और 27 योगों के चक्र में घूमता है। गण्ड योग का अपना स्वभाव होता है जो दिन के कामों की शुभता पर असर डालता है।

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दिन दुर्लभता अंक

0.3116263153966671/ 100

आगरा — 31 अगस्त

सूर्योदय
प्रातः 05:57
सूर्यास्त
सायं 18:38
तिथि
तृतीया (कृष्ण पक्ष)
नक्षत्र
रेवती (प्रथम पाद)
योग
गण्ड
करण
विष्टि
माह
भाद्रपद
चन्द्र राशि
मीन
सूर्य राशि
सिंह
राहु काल
प्रातः 07:32–प्रातः 09:07
शुभ चौघड़िया
अमृत (प्रातः 05:57–प्रातः 07:32)