Kundlitkundlit
होरा · श्रीनगर

होराश्रीनगर25 मई 2026

सोमवार · ज्येष्ठ · शुक्ल पक्ष

निरयण · लाहिड़ी
तिथि
दशमी
नक्षत्र
उत्तराफाल्गुनी
योग
वज्र
करण
तैतिल
वार
सोमवार

Waxing Gibbous

Sunrise 05:24 — Sunset 19:31 · day 14h 07m

66% illuminated · increasing

पंचांग — पाँच अंग पञ्चाङ्ग

तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार, उनके समाप्ति समय के साथ, साथ ही मास और चंद्रमा तथा सूर्य की राशि — इस शहर के सूर्योदय के अनुसार गणना। आधी रात के बाद का समय पारंपरिक विस्तारित घड़ी में दिखता है (जैसे 27:23 = अगली सुबह 03:23)।

तिथि
Dashamiदशमी29:11 तक
What this means

The lunar day. It is set by how far the Moon has pulled ahead of the Sun — each 12 degrees of separation is one tithi. The tithi shapes which activities the tradition favours, and it ends at the time shown, when the next one begins.

Muhurta ChintamaniTithi-prakaranam (Nanda/Bhadra/Jaya/Rikta/Purna tithi-types)
नक्षत्र
Uttara Phalguniउत्तराफाल्गुनी28:08 तक
What this means

The Moon's star-mansion — the patch of sky it sits in today, one of 27. Each nakshatra has its own temperament that classical texts use to judge what the day is good for.

Brihat SamhitaNakshatra chapters (nakshatra qualities)
योग
Vajraवज्र27:15 तक
What this means

A combined Sun-and-Moon measure (one of 27 nitya-yogas) — not the physical posture practice. A few yogas, such as Vyatipata and Vaidhriti, are best avoided; most are ordinary.

Muhurta ChintamaniYoga enumeration (tyajya-yoga list, v. 33)
करण
Taitilaतैतिल16:47 तक
What this means

Half of a tithi — each lunar day holds two karanas. One of them, Vishti (also called Bhadra), is treated as inauspicious; the rest are workable.

BPHSKarana-jnana-vidhi (11 karanas including Vishti)
वार
Somavaraसोमवार
What this means

The weekday and its ruling planet. Each day's planet colours which tasks the tradition recommends — e.g. Thursday (Jupiter) for auspicious beginnings.

Muhurta ChintamaniVara-prakaranam (weekday lords)
मास
Jyeshthaज्येष्ठ
What this means

The lunar month. India uses two reckonings — Amanta (new-moon to new-moon) and Purnimanta (full-moon to full-moon) — so the name can differ by region. An 'Adhika' (extra) month is inserted to keep the lunar and solar years aligned.

Nirnaya SindhuAdhikamasa-nirnaya (intercalary month)
पक्ष
शुक्ल पक्ष (बढ़ता चंद्र)
What this means

The fortnight. Shukla is the waxing half (Moon growing toward full); Krishna is the waning half (toward the new moon).

Calendar definition

चंद्र राशि
Simha
What this means

The zodiac sign the Moon occupies now. Together with your birth Moon-sign it drives Chandrabala — the Moon's day-to-day favourability for you.

Muhurta Chintamani2.4-2.5 (Chandrabala)
सूर्य राशि
Vrishabhaवृषभ

निरयण (लाहिड़ी) गणना; अंग समाप्ति समय शहर के वास्तविक सूर्योदय के अनुसार। “अधिक मास” उस अतिरिक्त चंद्र मास को दर्शाता है जिसमें कोई सौर संक्रांति नहीं होती।

यह पंचांग कैसे गणना होती है

इस पृष्ठ का हर समय सूर्य और चंद्रमा की वास्तविक स्थिति से स्विस एफेमेरिस (वही उच्च-परिशुद्धता खगोलीय इंजन जिसे पेशेवर खगोलशास्त्री उपयोग करते हैं) से निकाला जाता है, किसी छपे पंचांग या तय तालिका से नहीं।

  • निरयण राशिचक्र, लाहिड़ी अयनांश — भारत सरकार के कैलेंडर में यही मानक है। सभी नक्षत्र, राशि, तिथि और योग की सीमाएँ इसी से बनती हैं।
  • स्थानीय वास्तविक सूर्योदय — मुहूर्त काल (राहु काल, चौघड़िया, होरा, अभिजित आदि) Srinagar के सटीक निर्देशांक के लिए गणना किए गए वास्तविक सूर्योदय से मापे जाते हैं, इसलिए वे आपके स्थान के लिए सही होते हैं, कोई क्षेत्रीय अनुमान नहीं।
  • दो मास परंपराएँ — हम अमांत (अमावस्या से अमावस्या) और पूर्णिमांत (पूर्णिमा से पूर्णिमा) दोनों चंद्र मास दिखाते हैं, क्योंकि भारत के अलग-अलग क्षेत्र अलग परंपरा मानते हैं; अधिक (मलमास) मास होने पर उसे अंकित किया जाता है।

महत्व और शुभ/अशुभ संकेत शास्त्रीय ग्रंथों (मुहूर्त चिंतामणि, बृहत् संहिता, पुराण आदि) से लिए जाते हैं और साथ में उद्धृत किए जाते हैं — हम कभी ऐसा प्रभाव नहीं बताते जो ग्रंथ में न हो।

आपका आज का पंचांग

अपना जन्म नक्षत्र और चंद्र राशि एक बार चुनें — फिर हम आज का आपका ताराबल और चंद्रबल पढ़कर बता देंगे। यह सिर्फ़ इसी डिवाइस पर सेव होता है; हमारे सर्वर पर कभी नहीं जाता।

आज क्या करना शुभ है?

आप जो करने वाले हैं वह चुनें। हम आज के पंचांग को शास्त्रीय मुहूर्त नियम से जाँचकर बताते हैं कि यह शुभ है या नहीं, सबसे अच्छा समय कौन-सा है, और यह किस ग्रंथ से है।

Hora schedule (text table)
#PlanetStartEnd
1Moon05:2406:35
2Saturn06:3507:45
3Jupiter07:4508:56
4Mars08:5610:06
5Sun10:0611:17
6Venus11:1712:27
7Mercury12:2713:38
8Moon13:3814:49
9Saturn14:4915:59
10Jupiter15:5917:10
11Mars17:1018:20
12Sun18:2019:31
13Venus19:3120:20
14Mercury20:2021:10
15Moon21:1021:59
16Saturn21:5922:49
17Jupiter22:4923:38
18Mars23:3800:27
19Sun00:2701:17
20Venus01:1702:06
21Mercury02:0602:56
22Moon02:5603:45
23Saturn03:4504:35
24Jupiter04:3505:24
समय विवरण (तालिका)
कालआरंभसमाप्तिप्रकार
Rahu Kala07:1008:56अशुभ
Yamaghanda Kala10:4212:27अशुभ
Gulika Kala14:1315:59अशुभ
Abhijit Muhurta11:5912:56शुभ

शुभ मुहूर्त शुभ मुहूर्त

सूर्योदय और नक्षत्र के आधार पर बने वे समय जिन्हें शास्त्रीय मुहूर्त ग्रंथ साधना, अध्ययन और नई शुरुआत के लिए बताते हैं।

Brahma Muhurta

ब्रह्म मुहूर्त

03:48 – 04:36

Pratah Sandhya

प्रातः सन्ध्या

04:19 – 05:24

Vijaya Muhurta

विजय मुहूर्त

14:49 – 15:45

Godhuli Muhurta

गोधूलि मुहूर्त

19:19 – 19:43

Sayahna Sandhya

सायाह्न सन्ध्या

19:31 – 20:36

Nishita Muhurta

निशीथ मुहूर्त

24:03 – 24:51

Amrita Kalam

अमृत कालम्

08:45 – 10:26

स्रोत: मुहूर्त चिंतामणि; निर्णय सिंधु। उप-काल की गणना सूर्योदय + शहर के निर्देशांक पर सूर्य नक्षत्र की स्थिति से।

अशुभ काल अशुभ काल

राहु काल, यमगंड और गुलिक (ऊपर दिन की समय-रेखा में दिखाए गए) के अलावा, नई शुरुआत के लिए टालने योग्य शास्त्रीय काल।

Varjyam

वर्ज्यम्

10:26 – 12:07

नक्षत्र से निकला वह काल जिसे शास्त्र टालने को कहते हैं।

Dur Muhurtam 12

दुर्मुहूर्तम्

15:45 – 16:41

वार के अनुसार तय अशुभ उप-मुहूर्त।

Dur Muhurtam 13

दुर्मुहूर्तम्

16:41 – 17:38

वार के अनुसार तय अशुभ उप-मुहूर्त।

स्रोत: मुहूर्त चिंतामणि; धर्म सिंधु। उप-काल की गणना सूर्योदय + नक्षत्र की स्थिति से।

आज का सूर्य सूर्य

सूर्य की राशि और नक्षत्र — ऊपर हीरो में दिखाए गए चंद्र-पक्ष की तिथि और नक्षत्र का सूर्य-पक्ष पूरक।

सूर्य राशि

Vrishabha#2

सूर्य नक्षत्र

Krittika कृत्तिका

पाद 4 / 4 · समाप्त 15:37

आज चंद्र पाद परिवर्तन

  • 09:09
  • 15:29
  • 21:49
  • 04:09

स्रोत: लाहिड़ी (चित्रपक्ष) निरयण गणना। पाद की गणना नक्षत्र को 3° 20′ के 4 बराबर भागों में बाँटकर।

हिंदू वर्ष विक्रम संवत्

इस वर्ष के विक्रम, शक और गुजराती संवत, साथ में 60-वर्षीय शासन-चक्र से चक्र का नाम (संवत्सर)।

विक्रम संवत

2083

Parabhava पराभव

वर्ष हब देखें

शक संवत

1948

Kilaka कीलक

गुजराती संवत

2082

Vishvavasu विश्वावसु

मंत्री मंडल — वर्ष शासन

पददेवता
RajaMars
MantriMars

बाकी शासन पद (8) इंजन द्वारा हल होते ही भर जाएँगे।

स्रोत: निर्णय सिंधु; सूर्यसिद्धांत। संवत्सर 60-वर्षीय बृहस्पति चक्र से।

दैनिक दिशाएँ दिशा

मुहूर्त चुनने में काम आने वाली दिन की दिशाएँ — यात्रा के लिए दिशा शूल, यज्ञ के लिए अग्निवास, लाभ की दिशा के लिए चंद्र/राहु वास, अनुष्ठान के समय के लिए शिववास।

Disha Shool

East पूर्व

अशुभ

स्रोत: Avoid travel toward this direction today

Chandra Vasa

East पूर्व

शुभ

स्रोत: Direction favored by today's moon position

Rahu Vasa

Northwest वायव्य

अशुभ

स्रोत: Direction occupied by Rahu; avoid offerings facing here

Agnivasa

Swarga स्वर्ग

शुभ

स्रोत: Agni's dwelling for homa-suitability assessment

Shiva Vasa

Bhojana भोजन

सामान्य

स्रोत: Shiva's location for rudrabhisheka timing

Homahuti

Saturn शनि

अशुभ

स्रोत: Khala planet: offering inauspicious (खलग्रह के मुख में होमाहुति शुभ नहीं होती)

आज की बल तालिका

ताराबल और चंद्रबल — मुहूर्त चुनने में काम आने वाली दो शास्त्रीय बल जाँच। यदि आपका जन्म नक्षत्र या जन्म राशि अनुकूल सूची में आए, तो दिन नई शुरुआत के लिए ठीक है।

आज अनुकूल जन्म राशियाँ

Mithuna, Simha, Tula, Vrishchika, Kumbha, Meena

ताराबल — सभी 27 जन्म नक्षत्र
#जन्म नक्षत्रतारागुण
1AshwiniVipat विपत्सामान्य
2BharaniSampat सम्पत्सामान्य
3KrittikaJanma जन्मसामान्य
4RohiniAti-Mitra अतिमित्रसामान्य
5MrigashiraMitra मित्रसामान्य
6ArdraVadha वधसामान्य
7PunarvasuSadhaka साधकसामान्य
8PushyaPratyari प्रत्यरिसामान्य
9AshleshaKshema क्षेमसामान्य
10MaghaVipat विपत्सामान्य
11Purva PhalguniSampat सम्पत्सामान्य
12Uttara PhalguniJanma जन्मसामान्य
13HastaAti-Mitra अतिमित्रसामान्य
14ChitraMitra मित्रसामान्य
15SwatiVadha वधसामान्य
16VishakhaSadhaka साधकसामान्य
17AnuradhaPratyari प्रत्यरिसामान्य
18JyeshthaKshema क्षेमसामान्य
19MulaVipat विपत्सामान्य
20Purva AshadhaSampat सम्पत्सामान्य
21Uttara AshadhaJanma जन्मसामान्य
22ShravanaAti-Mitra अतिमित्रसामान्य
23DhanishthaMitra मित्रसामान्य
24ShatabhishaVadha वधसामान्य
25Purva BhadrapadaSadhaka साधकसामान्य
26Uttara BhadrapadaPratyari प्रत्यरिसामान्य
27RevatiKshema क्षेमसामान्य
चंद्रबल — सभी 12 जन्म राशि
#जन्म राशिजन्म से भावअनुकूल
1Mesha5नहीं
2Vrishabha4नहीं
3Mithuna3हाँ
4Karka2नहीं
5Simha1हाँ
6Kanya12नहीं
7Tula11हाँ
8Vrishchika10हाँ
9Dhanu9नहीं
10Makara8नहीं
11Kumbha7हाँ
12Meena6हाँ

स्रोत: मुहूर्त चिंतामणि; बृहत् संहिता। ताराबल जन्म-नक्षत्र से आज के नक्षत्र तक 9-चक्र का उपयोग करता है।

उदय लग्न (उगती राशि) समय-रेखा

दिन के हर समय पूर्वी क्षितिज पर कौन सी राशि उग रही है। खंड की चौड़ाई वास्तविक उदय अवधि के अनुपात में है।
सभी 13 खंड (तालिका)
#राशिआरंभसमाप्ति
2Vrishabha वृषभ05:2406:49
3Mithuna मिथुन06:4909:04
4Karka कर्क09:0411:29
5Simha सिंह11:2913:54
6Kanya कन्या13:5416:14
7Tula तुला16:1418:39
8Vrishchika वृश्चिक18:3921:04
9Dhanu धनु21:0423:04
10Makara मकर23:0424:44
11Kumbha कुम्भ24:4402:04
12Meena मीन02:0403:24
1Mesha मेष03:2404:54
2Vrishabha वृषभ04:5405:24

पंचक रहित मुहूर्त पञ्चक रहित मुहूर्त

पंचक श्रेणी के अनुसार 15 शास्त्रीय दिन-मुहूर्त खंड। हरा = शुभ; गुलाबी = टालें। चौड़ाई वास्तविक अवधि के अनुपात में है।
सभी 15 खंड (तालिका)
#नामआरंभसमाप्तिगुण
1Shubha शुभ05:2406:20शुभ
2Roga रोग06:2007:17अशुभ
3Mrityu मृत्यु07:1708:13अशुभ
4Agni अग्नि08:1309:10अशुभ
5Raja राज09:1010:06अशुभ
6Chora चोर10:0611:03अशुभ
7Shubha शुभ11:0311:59शुभ
8Roga रोग11:5912:56अशुभ
9Mrityu मृत्यु12:5613:52अशुभ
10Agni अग्नि13:5214:49अशुभ
11Raja राज14:4915:45अशुभ
12Chora चोर15:4516:41अशुभ
13Shubha शुभ16:4117:38शुभ
14Roga रोग17:3818:34अशुभ
15Mrityu मृत्यु18:3419:31अशुभ

स्रोत: मुहूर्त चिंतामणि; निर्णय सिंधु।

ऋतु और अयन

वैदिक ऋतु, अयन, दिन/रात की लंबाई और सौर-दोपहर — आज के पंचांग के आसपास का ऋतु ढाँचा।

ऋतु (वैदिक)

Grishmaग्रीष्म

ऋतु (दृक)

Vasantaवसन्त

अयन

Uttarayanaउत्तरायण

दिनमान

14h 7m

रात्रिमान

9h 53m

मध्याह्न

12:27

स्रोत: सूर्यसिद्धांत। दिनमान = सूर्योदय→सूर्यास्त के मिनट; मध्याह्न = स्थानीय सौर दोपहर।

होरा - श्रीनगर, 25 मई 2026

श्रीनगर के आकाश में सोमवार, 25 मई 2026 का दिन एक विशेष संयोग लेकर आता है। सूर्य प्रातः 05:24 बजे उगता है और सायं 19:31 बजे अस्त होता है, जिससे दिन में 14 घंटे 7 मिनट का उजाला मिलता है। आज की तिथि शुक्ल पक्ष की दशमी है, और नक्षत्र उत्तराफाल्गुनी रहेगा। आज वज्र योग रहेगा — यही दिन के मूल पंचांग की पहचान बनाता है। ब्रह्म मुहूर्त — सुबह से पहले का ध्यान-काल — रात्रि 03:48 से रात्रि 04:36 तक रहता है, जो पूजा और अध्ययन के लिए सबसे शुभ माना जाता है।

प्रातः 07:10 से प्रातः 08:56 तक राहु काल रहता है, इसलिए श्रीनगर में इस खिड़की में शुभ काम रोक कर रखें। सोमवार का दिशाशूल पूर्व दिशा है; इस दिशा में नया प्रस्थान न करें तो अच्छा। शुभ पक्ष में अमृत चौघड़िया (प्रातः 05:24–प्रातः 07:10) दिन की सबसे अच्छी खिड़की है। सूर्य के स्वामित्व वाला उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र इस प्राचीन पंचांग को श्रीनगर के क्षितिज तक ले आता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

श्रीनगर में 25 मई 2026 को राहु काल कब है?
श्रीनगर में 25 मई 2026 को राहु काल प्रातः 07:10 से प्रातः 08:56 तक रहता है। यह करीब 90 मिनट की खिड़की राहु के अधीन होती है और नया काम, यात्रा या शुभ कार्य शुरू करने से आमतौर पर बचा जाता है। यह समय हर दिन सूर्योदय के अनुसार बदलता है, इसलिए हर शहर में अलग होता है।
श्रीनगर में 25 मई 2026 को सूर्योदय प्रातः 05:24 बजे क्यों होता है?
श्रीनगर में 25 मई 2026 को सूर्योदय प्रातः 05:24 बजे होता है — यह शहर के अक्षांश (34.08°N) और इस तारीख को पृथ्वी के झुकाव से तय होता है। सूर्योदय और सूर्यास्त (सायं 19:31) वैदिक दिन की लंबाई तय करते हैं और राहु काल से लेकर चौघड़िया तक सभी गणनाएँ श्रीनगर के स्थानीय क्षितिज से जोड़ते हैं।
श्रीनगर में 25 मई 2026 को कौन-सा योग है?
श्रीनगर में 25 मई 2026 को वज्र योग है, जो रात्रि 03:44 से रात्रि 03:15 तक सक्रिय रहता है। पंचांग में योग सूर्य और चन्द्र की मिली-जुली स्थिति से बनता है और 27 योगों के चक्र में घूमता है। वज्र योग का अपना स्वभाव होता है जो दिन के कामों की शुभता पर असर डालता है।

संबंधित पंचांग पृष्ठ

दैनिक प्रामाणिकता

दिन दुर्लभता अंक

0.1666405765813298/ 100

श्रीनगर — 25 मई

सूर्योदय
प्रातः 05:24
सूर्यास्त
सायं 19:31
तिथि
दशमी (शुक्ल पक्ष)
नक्षत्र
उत्तराफाल्गुनी (प्रथम पाद)
योग
वज्र
करण
तैतिल
माह
ज्येष्ठ
चन्द्र राशि
सिंह
सूर्य राशि
वृषभ
राहु काल
प्रातः 07:10–प्रातः 08:56
शुभ चौघड़िया
अमृत (प्रातः 05:24–प्रातः 07:10)
Embed this Hora on your site
Theme
Width
HTML iframe
<iframe src="https://kundlit.com/embed/hora?city=Srinagar" width="360" height="420" loading="lazy" referrerpolicy="no-referrer-when-downgrade" style="border:0;border-radius:12px;max-width:100%" title="Hora — Kundlit"></iframe>
WordPress
[iframe src="https://kundlit.com/embed/hora?city=Srinagar" width="360" height="420"]
URL only
https://kundlit.com/embed/hora?city=Srinagar

Free to embed, including on commercial sites. Attribution is built into the widget — please don't remove it. The widget loads ~3KB of styles and one live API call; no cookies, no tracking scripts.

Live preview