Kundlitkundlit
होरा · राँची

होराराँची25 अप्रैल 2027

रविवार · वैशाख · कृष्ण पक्ष

निरयण · लाहिड़ी
तिथि
चतुर्थी
नक्षत्र
ज्येष्ठा
योग
परिघ
करण
बालव
वार
रविवार

Waning Gibbous

Sunrise 05:21 — Sunset 18:12 · day 12h 52m

84% illuminated · decreasing

पंचांग — पाँच अंग पञ्चाङ्ग

तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार, उनके समाप्ति समय के साथ, साथ ही मास और चंद्रमा तथा सूर्य की राशि — इस शहर के सूर्योदय के अनुसार गणना। आधी रात के बाद का समय पारंपरिक विस्तारित घड़ी में दिखता है (जैसे 27:23 = अगली सुबह 03:23)।

तिथि
Chaturthiचतुर्थी05:42 तक
What this means

The lunar day. It is set by how far the Moon has pulled ahead of the Sun — each 12 degrees of separation is one tithi. The tithi shapes which activities the tradition favours, and it ends at the time shown, when the next one begins.

Muhurta ChintamaniTithi-prakaranam (Nanda/Bhadra/Jaya/Rikta/Purna tithi-types)
नक्षत्र
Jyeshthaज्येष्ठा08:57 तक
What this means

The Moon's star-mansion — the patch of sky it sits in today, one of 27. Each nakshatra has its own temperament that classical texts use to judge what the day is good for.

Brihat SamhitaNakshatra chapters (nakshatra qualities)
योग
Parighaपरिघ14:11 तक
What this means

A combined Sun-and-Moon measure (one of 27 nitya-yogas) — not the physical posture practice. A few yogas, such as Vyatipata and Vaidhriti, are best avoided; most are ordinary.

Muhurta ChintamaniYoga enumeration (tyajya-yoga list, v. 33)
करण
Balavaबालव05:42 तक
What this means

Half of a tithi — each lunar day holds two karanas. One of them, Vishti (also called Bhadra), is treated as inauspicious; the rest are workable.

BPHSKarana-jnana-vidhi (11 karanas including Vishti)
वार
Ravivaraरविवार
What this means

The weekday and its ruling planet. Each day's planet colours which tasks the tradition recommends — e.g. Thursday (Jupiter) for auspicious beginnings.

Muhurta ChintamaniVara-prakaranam (weekday lords)
मास
Vaishakhaवैशाख
What this means

The lunar month. India uses two reckonings — Amanta (new-moon to new-moon) and Purnimanta (full-moon to full-moon) — so the name can differ by region. An 'Adhika' (extra) month is inserted to keep the lunar and solar years aligned.

Nirnaya SindhuAdhikamasa-nirnaya (intercalary month)
पक्ष
कृष्ण पक्ष (घटता चंद्र)
What this means

The fortnight. Shukla is the waxing half (Moon growing toward full); Krishna is the waning half (toward the new moon).

Calendar definition

चंद्र राशि
Vrishchika
What this means

The zodiac sign the Moon occupies now. Together with your birth Moon-sign it drives Chandrabala — the Moon's day-to-day favourability for you.

Muhurta Chintamani2.4-2.5 (Chandrabala)
सूर्य राशि
Meshaमेष

निरयण (लाहिड़ी) गणना; अंग समाप्ति समय शहर के वास्तविक सूर्योदय के अनुसार। “अधिक मास” उस अतिरिक्त चंद्र मास को दर्शाता है जिसमें कोई सौर संक्रांति नहीं होती।

यह पंचांग कैसे गणना होती है

इस पृष्ठ का हर समय सूर्य और चंद्रमा की वास्तविक स्थिति से स्विस एफेमेरिस (वही उच्च-परिशुद्धता खगोलीय इंजन जिसे पेशेवर खगोलशास्त्री उपयोग करते हैं) से निकाला जाता है, किसी छपे पंचांग या तय तालिका से नहीं।

  • निरयण राशिचक्र, लाहिड़ी अयनांश — भारत सरकार के कैलेंडर में यही मानक है। सभी नक्षत्र, राशि, तिथि और योग की सीमाएँ इसी से बनती हैं।
  • स्थानीय वास्तविक सूर्योदय — मुहूर्त काल (राहु काल, चौघड़िया, होरा, अभिजित आदि) Ranchi के सटीक निर्देशांक के लिए गणना किए गए वास्तविक सूर्योदय से मापे जाते हैं, इसलिए वे आपके स्थान के लिए सही होते हैं, कोई क्षेत्रीय अनुमान नहीं।
  • दो मास परंपराएँ — हम अमांत (अमावस्या से अमावस्या) और पूर्णिमांत (पूर्णिमा से पूर्णिमा) दोनों चंद्र मास दिखाते हैं, क्योंकि भारत के अलग-अलग क्षेत्र अलग परंपरा मानते हैं; अधिक (मलमास) मास होने पर उसे अंकित किया जाता है।

महत्व और शुभ/अशुभ संकेत शास्त्रीय ग्रंथों (मुहूर्त चिंतामणि, बृहत् संहिता, पुराण आदि) से लिए जाते हैं और साथ में उद्धृत किए जाते हैं — हम कभी ऐसा प्रभाव नहीं बताते जो ग्रंथ में न हो।

आपका आज का पंचांग

अपना जन्म नक्षत्र और चंद्र राशि एक बार चुनें — फिर हम आज का आपका ताराबल और चंद्रबल पढ़कर बता देंगे। यह सिर्फ़ इसी डिवाइस पर सेव होता है; हमारे सर्वर पर कभी नहीं जाता।

आज क्या करना शुभ है?

आप जो करने वाले हैं वह चुनें। हम आज के पंचांग को शास्त्रीय मुहूर्त नियम से जाँचकर बताते हैं कि यह शुभ है या नहीं, सबसे अच्छा समय कौन-सा है, और यह किस ग्रंथ से है।

Hora schedule (text table)
#PlanetStartEnd
1Sun05:2106:25
2Venus06:2507:29
3Mercury07:2908:34
4Moon08:3409:38
5Saturn09:3810:42
6Jupiter10:4211:46
7Mars11:4612:51
8Sun12:5113:55
9Venus13:5514:59
10Mercury14:5916:04
11Moon16:0417:08
12Saturn17:0818:12
13Jupiter18:1219:08
14Mars19:0820:04
15Sun20:0420:59
16Venus20:5921:55
17Mercury21:5522:51
18Moon22:5123:46
19Saturn23:4600:42
20Jupiter00:4201:38
21Mars01:3802:34
22Sun02:3403:29
23Venus03:2904:25
24Mercury04:2505:21
समय विवरण (तालिका)
कालआरंभसमाप्तिप्रकार
Rahu Kala16:3618:12अशुभ
Yamaghanda Kala11:4613:23अशुभ
Gulika Kala14:5916:36अशुभ
Abhijit Muhurta11:2112:12शुभ

शुभ मुहूर्त शुभ मुहूर्त

सूर्योदय और नक्षत्र के आधार पर बने वे समय जिन्हें शास्त्रीय मुहूर्त ग्रंथ साधना, अध्ययन और नई शुरुआत के लिए बताते हैं।

Brahma Muhurta

ब्रह्म मुहूर्त

03:45 – 04:33

Pratah Sandhya

प्रातः सन्ध्या

04:16 – 05:21

Vijaya Muhurta

विजय मुहूर्त

13:55 – 14:47

Godhuli Muhurta

गोधूलि मुहूर्त

18:00 – 18:24

Sayahna Sandhya

सायाह्न सन्ध्या

18:12 – 19:17

Nishita Muhurta

निशीथ मुहूर्त

23:22 – 24:10

Amrita Kalam

अमृत कालम्

19:57 – 21:41

स्रोत: मुहूर्त चिंतामणि; निर्णय सिंधु। उप-काल की गणना सूर्योदय + शहर के निर्देशांक पर सूर्य नक्षत्र की स्थिति से।

अशुभ काल अशुभ काल

राहु काल, यमगंड और गुलिक (ऊपर दिन की समय-रेखा में दिखाए गए) के अलावा, नई शुरुआत के लिए टालने योग्य शास्त्रीय काल।

Varjyam

वर्ज्यम्

13:01 – 14:45

नक्षत्र से निकला वह काल जिसे शास्त्र टालने को कहते हैं।

Dur Muhurtam 14

दुर्मुहूर्तम्

16:29 – 17:21

वार के अनुसार तय अशुभ उप-मुहूर्त।

स्रोत: मुहूर्त चिंतामणि; धर्म सिंधु। उप-काल की गणना सूर्योदय + नक्षत्र की स्थिति से।

आज का सूर्य सूर्य

सूर्य की राशि और नक्षत्र — ऊपर हीरो में दिखाए गए चंद्र-पक्ष की तिथि और नक्षत्र का सूर्य-पक्ष पूरक।

सूर्य राशि

Mesha#1

सूर्य नक्षत्र

Ashwini अश्विनी

पाद 4 / 4

आज चंद्र पाद परिवर्तन

  • 08:59
  • 15:36
  • 22:12
  • 04:49

स्रोत: लाहिड़ी (चित्रपक्ष) निरयण गणना। पाद की गणना नक्षत्र को 3° 20′ के 4 बराबर भागों में बाँटकर।

हिंदू वर्ष विक्रम संवत्

इस वर्ष के विक्रम, शक और गुजराती संवत, साथ में 60-वर्षीय शासन-चक्र से चक्र का नाम (संवत्सर)।

विक्रम संवत

2084

Plavanga प्लवङ्ग

वर्ष हब देखें

शक संवत

1949

Saumya सौम्य

गुजराती संवत

2083

Parabhava पराभव

मंत्री मंडल — वर्ष शासन

पददेवता
RajaMercury
MantriMercury

बाकी शासन पद (8) इंजन द्वारा हल होते ही भर जाएँगे।

स्रोत: निर्णय सिंधु; सूर्यसिद्धांत। संवत्सर 60-वर्षीय बृहस्पति चक्र से।

दैनिक दिशाएँ दिशा

मुहूर्त चुनने में काम आने वाली दिन की दिशाएँ — यात्रा के लिए दिशा शूल, यज्ञ के लिए अग्निवास, लाभ की दिशा के लिए चंद्र/राहु वास, अनुष्ठान के समय के लिए शिववास।

Disha Shool

West पश्चिम

अशुभ

स्रोत: Avoid travel toward this direction today

Chandra Vasa

North उत्तर

शुभ

स्रोत: Direction favored by today's moon position

Rahu Vasa

Southwest नैऋत्य

अशुभ

स्रोत: Direction occupied by Rahu; avoid offerings facing here

Agnivasa

Akasha आकाश

सामान्य

स्रोत: Agni's dwelling for homa-suitability assessment

Shiva Vasa

Gauri-sannidhi गौरीसन्निधि

शुभ

स्रोत: Shiva's location for rudrabhisheka timing

Homahuti

Mars मङ्गल

अशुभ

स्रोत: Khala planet: offering inauspicious (खलग्रह के मुख में होमाहुति शुभ नहीं होती)

आज की बल तालिका

ताराबल और चंद्रबल — मुहूर्त चुनने में काम आने वाली दो शास्त्रीय बल जाँच। यदि आपका जन्म नक्षत्र या जन्म राशि अनुकूल सूची में आए, तो दिन नई शुरुआत के लिए ठीक है।

आज अनुकूल जन्म राशियाँ

Vrishabha, Mithuna, Kanya, Vrishchika, Makara, Kumbha

ताराबल — सभी 27 जन्म नक्षत्र
#जन्म नक्षत्रतारागुण
1AshwiniAti-Mitra अतिमित्रसामान्य
2BharaniMitra मित्रसामान्य
3KrittikaVadha वधसामान्य
4RohiniSadhaka साधकसामान्य
5MrigashiraPratyari प्रत्यरिसामान्य
6ArdraKshema क्षेमसामान्य
7PunarvasuVipat विपत्सामान्य
8PushyaSampat सम्पत्सामान्य
9AshleshaJanma जन्मसामान्य
10MaghaAti-Mitra अतिमित्रसामान्य
11Purva PhalguniMitra मित्रसामान्य
12Uttara PhalguniVadha वधसामान्य
13HastaSadhaka साधकसामान्य
14ChitraPratyari प्रत्यरिसामान्य
15SwatiKshema क्षेमसामान्य
16VishakhaVipat विपत्सामान्य
17AnuradhaSampat सम्पत्सामान्य
18JyeshthaJanma जन्मसामान्य
19MulaAti-Mitra अतिमित्रसामान्य
20Purva AshadhaMitra मित्रसामान्य
21Uttara AshadhaVadha वधसामान्य
22ShravanaSadhaka साधकसामान्य
23DhanishthaPratyari प्रत्यरिसामान्य
24ShatabhishaKshema क्षेमसामान्य
25Purva BhadrapadaVipat विपत्सामान्य
26Uttara BhadrapadaSampat सम्पत्सामान्य
27RevatiJanma जन्मसामान्य
चंद्रबल — सभी 12 जन्म राशि
#जन्म राशिजन्म से भावअनुकूल
1Mesha8नहीं
2Vrishabha7हाँ
3Mithuna6हाँ
4Karka5नहीं
5Simha4नहीं
6Kanya3हाँ
7Tula2नहीं
8Vrishchika1हाँ
9Dhanu12नहीं
10Makara11हाँ
11Kumbha10हाँ
12Meena9नहीं

स्रोत: मुहूर्त चिंतामणि; बृहत् संहिता। ताराबल जन्म-नक्षत्र से आज के नक्षत्र तक 9-चक्र का उपयोग करता है।

उदय लग्न (उगती राशि) समय-रेखा

दिन के हर समय पूर्वी क्षितिज पर कौन सी राशि उग रही है। खंड की चौड़ाई वास्तविक उदय अवधि के अनुपात में है।
सभी 13 खंड (तालिका)
#राशिआरंभसमाप्ति
1Mesha मेष05:2106:31
2Vrishabha वृषभ06:3108:31
3Mithuna मिथुन08:3110:46
4Karka कर्क10:4613:01
5Simha सिंह13:0115:11
6Kanya कन्या15:1117:26
7Tula तुला17:2619:41
8Vrishchika वृश्चिक19:4121:56
9Dhanu धनु21:5624:01
10Makara मकर24:0101:46
11Kumbha कुम्भ01:4603:21
12Meena मीन03:2104:51
1Mesha मेष04:5105:21

पंचक रहित मुहूर्त पञ्चक रहित मुहूर्त

पंचक श्रेणी के अनुसार 15 शास्त्रीय दिन-मुहूर्त खंड। हरा = शुभ; गुलाबी = टालें। चौड़ाई वास्तविक अवधि के अनुपात में है।
सभी 15 खंड (तालिका)
#नामआरंभसमाप्तिगुण
1Mrityu मृत्यु05:2106:12अशुभ
2Agni अग्नि06:1207:04अशुभ
3Raja राज07:0407:55अशुभ
4Chora चोर07:5508:46अशुभ
5Shubha शुभ08:4609:38शुभ
6Roga रोग09:3810:29अशुभ
7Mrityu मृत्यु10:2911:21अशुभ
8Agni अग्नि11:2112:12अशुभ
9Raja राज12:1213:04अशुभ
10Chora चोर13:0413:55अशुभ
11Shubha शुभ13:5514:47शुभ
12Roga रोग14:4715:38अशुभ
13Mrityu मृत्यु15:3816:29अशुभ
14Agni अग्नि16:2917:21अशुभ
15Raja राज17:2118:12अशुभ

स्रोत: मुहूर्त चिंतामणि; निर्णय सिंधु।

ऋतु और अयन

वैदिक ऋतु, अयन, दिन/रात की लंबाई और सौर-दोपहर — आज के पंचांग के आसपास का ऋतु ढाँचा।

ऋतु (वैदिक)

Vasantaवसन्त

ऋतु (दृक)

Vasantaवसन्त

अयन

Uttarayanaउत्तरायण

दिनमान

12h 52m

रात्रिमान

11h 8m

मध्याह्न

11:46

स्रोत: सूर्यसिद्धांत। दिनमान = सूर्योदय→सूर्यास्त के मिनट; मध्याह्न = स्थानीय सौर दोपहर।

होरा - राँची, 25 अप्रैल 2027

राँची में रविवार, 25 अप्रैल 2027 का दिन अपनी अलग ऊर्जा के साथ शुरू होता है। राँची में सूरज प्रातः 05:21 बजे निकलता है और सायं 18:12 बजे अस्त होता है, जिससे दिन में 12 घंटे 52 मिनट का उजाला मिलता है। कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि के साथ ज्येष्ठा नक्षत्र दिन को दिशा देता है। दिन का योग परिघ है, जो इस 25 अप्रैल 2027 के पंचांग को पूरा करता है। सूर्योदय से पहले रात्रि 03:45 से रात्रि 04:33 तक ब्रह्म मुहूर्त रहता है — प्रार्थना और मनन के लिए आदर्श समय।

आज राहु काल अपराह्ण 16:36 से सायं 18:12 के बीच है; यह समय नई शुरुआत के लिए टालना बेहतर है। आज दिशाशूल पश्चिम दिशा में है — रविवार को इस ओर नई यात्रा टालने की परंपरा है। दिन का सबसे शुभ चौघड़िया लाभ (प्रातः 08:34–प्रातः 10:10) है — नई शुरुआत के लिए यही चुनें। ज्येष्ठा नक्षत्र का स्वामी बुध है, और यही ग्रह-गणना को राँची की स्थानीय लय से बाँधता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राँची में 25 अप्रैल 2027 को राहु काल कब है?
राँची में 25 अप्रैल 2027 को राहु काल अपराह्ण 16:36 से सायं 18:12 तक रहता है। यह करीब 90 मिनट की खिड़की राहु के अधीन होती है और नया काम, यात्रा या शुभ कार्य शुरू करने से आमतौर पर बचा जाता है। यह समय हर दिन सूर्योदय के अनुसार बदलता है, इसलिए हर शहर में अलग होता है।
राँची में 25 अप्रैल 2027 को सूर्योदय प्रातः 05:21 बजे क्यों होता है?
राँची में 25 अप्रैल 2027 को सूर्योदय प्रातः 05:21 बजे होता है — यह शहर के अक्षांश (23.34°N) और इस तारीख को पृथ्वी के झुकाव से तय होता है। सूर्योदय और सूर्यास्त (सायं 18:12) वैदिक दिन की लंबाई तय करते हैं और राहु काल से लेकर चौघड़िया तक सभी गणनाएँ राँची के स्थानीय क्षितिज से जोड़ते हैं।
राँची में 25 अप्रैल 2027 को कौन-सा योग है?
राँची में 25 अप्रैल 2027 को परिघ योग है, जो अपराह्ण 13:58 से अपराह्ण 14:11 तक सक्रिय रहता है। पंचांग में योग सूर्य और चन्द्र की मिली-जुली स्थिति से बनता है और 27 योगों के चक्र में घूमता है। परिघ योग का अपना स्वभाव होता है जो दिन के कामों की शुभता पर असर डालता है।

संबंधित पंचांग पृष्ठ

दैनिक प्रामाणिकता

तांत्रिक बंदा खिड़कियाँ

Dadima (Anar)

दाडिम (अनार)

स्रोत:

साधना विधान

Ganesha Puja & Modaka Offering

गणेश पूजा

- Ganesha Purana

Chaturthi Ganesha Vrata

चतुर्थी गणेश व्रत

- Ganesha Purana, Mudgala Purana

Sankalpa Vrata

संकल्प व्रत

- Dharmasindhu, Vrata Ratnakara

Devi Kavacham Patha

देवी कवचम् पाठ

- Devi Mahatmya, Markandeya Purana

दिन दुर्लभता अंक

0.3377045767697364/ 100

राँची — 25 अप्रैल

सूर्योदय
प्रातः 05:21
सूर्यास्त
सायं 18:12
तिथि
चतुर्थी (कृष्ण पक्ष)
नक्षत्र
ज्येष्ठा (चतुर्थ पाद)
योग
परिघ
करण
बालव
माह
वैशाख
चन्द्र राशि
वृश्चिक
सूर्य राशि
मेष
राहु काल
अपराह्ण 16:36–सायं 18:12
शुभ चौघड़िया
लाभ (प्रातः 08:34–प्रातः 10:10)
Embed this Hora on your site
Theme
Width
HTML iframe
<iframe src="https://kundlit.com/embed/hora?city=Ranchi" width="360" height="420" loading="lazy" referrerpolicy="no-referrer-when-downgrade" style="border:0;border-radius:12px;max-width:100%" title="Hora — Kundlit"></iframe>
WordPress
[iframe src="https://kundlit.com/embed/hora?city=Ranchi" width="360" height="420"]
URL only
https://kundlit.com/embed/hora?city=Ranchi

Free to embed, including on commercial sites. Attribution is built into the widget — please don't remove it. The widget loads ~3KB of styles and one live API call; no cookies, no tracking scripts.

Live preview