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होरा · राँची

होराराँची23 मार्च 2027

मङ्गलवार · चैत्र · कृष्ण पक्ष

निरयण · लाहिड़ी
तिथि
प्रतिपदा
नक्षत्र
हस्त
योग
वृद्धि
करण
कौलव
वार
मङ्गलवार

Full Moon

Sunrise 05:51 — Sunset 17:59 · day 12h 08m

100% illuminated · decreasing

पंचांग — पाँच अंग पञ्चाङ्ग

तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार, उनके समाप्ति समय के साथ, साथ ही मास और चंद्रमा तथा सूर्य की राशि — इस शहर के सूर्योदय के अनुसार गणना। आधी रात के बाद का समय पारंपरिक विस्तारित घड़ी में दिखता है (जैसे 27:23 = अगली सुबह 03:23)।

तिथि
Pratipadaप्रतिपदा14:28 तक
What this means

The lunar day. It is set by how far the Moon has pulled ahead of the Sun — each 12 degrees of separation is one tithi. The tithi shapes which activities the tradition favours, and it ends at the time shown, when the next one begins.

Muhurta ChintamaniTithi-prakaranam (Nanda/Bhadra/Jaya/Rikta/Purna tithi-types)
नक्षत्र
Hastaहस्त19:49 तक
What this means

The Moon's star-mansion — the patch of sky it sits in today, one of 27. Each nakshatra has its own temperament that classical texts use to judge what the day is good for.

Brihat SamhitaNakshatra chapters (nakshatra qualities)
योग
Vriddhiवृद्धि11:27 तक
What this means

A combined Sun-and-Moon measure (one of 27 nitya-yogas) — not the physical posture practice. A few yogas, such as Vyatipata and Vaidhriti, are best avoided; most are ordinary.

Muhurta ChintamaniYoga enumeration (tyajya-yoga list, v. 33)
करण
Kaulavaकौलव14:28 तक
What this means

Half of a tithi — each lunar day holds two karanas. One of them, Vishti (also called Bhadra), is treated as inauspicious; the rest are workable.

BPHSKarana-jnana-vidhi (11 karanas including Vishti)
वार
Mangalavaraमङ्गलवार
What this means

The weekday and its ruling planet. Each day's planet colours which tasks the tradition recommends — e.g. Thursday (Jupiter) for auspicious beginnings.

Muhurta ChintamaniVara-prakaranam (weekday lords)
मास
Chaitraचैत्र
What this means

The lunar month. India uses two reckonings — Amanta (new-moon to new-moon) and Purnimanta (full-moon to full-moon) — so the name can differ by region. An 'Adhika' (extra) month is inserted to keep the lunar and solar years aligned.

Nirnaya SindhuAdhikamasa-nirnaya (intercalary month)
पक्ष
कृष्ण पक्ष (घटता चंद्र)
What this means

The fortnight. Shukla is the waxing half (Moon growing toward full); Krishna is the waning half (toward the new moon).

Calendar definition

चंद्र राशि
Kanya
What this means

The zodiac sign the Moon occupies now. Together with your birth Moon-sign it drives Chandrabala — the Moon's day-to-day favourability for you.

Muhurta Chintamani2.4-2.5 (Chandrabala)
सूर्य राशि
Meenaमीन

निरयण (लाहिड़ी) गणना; अंग समाप्ति समय शहर के वास्तविक सूर्योदय के अनुसार। “अधिक मास” उस अतिरिक्त चंद्र मास को दर्शाता है जिसमें कोई सौर संक्रांति नहीं होती।

यह पंचांग कैसे गणना होती है

इस पृष्ठ का हर समय सूर्य और चंद्रमा की वास्तविक स्थिति से स्विस एफेमेरिस (वही उच्च-परिशुद्धता खगोलीय इंजन जिसे पेशेवर खगोलशास्त्री उपयोग करते हैं) से निकाला जाता है, किसी छपे पंचांग या तय तालिका से नहीं।

  • निरयण राशिचक्र, लाहिड़ी अयनांश — भारत सरकार के कैलेंडर में यही मानक है। सभी नक्षत्र, राशि, तिथि और योग की सीमाएँ इसी से बनती हैं।
  • स्थानीय वास्तविक सूर्योदय — मुहूर्त काल (राहु काल, चौघड़िया, होरा, अभिजित आदि) Ranchi के सटीक निर्देशांक के लिए गणना किए गए वास्तविक सूर्योदय से मापे जाते हैं, इसलिए वे आपके स्थान के लिए सही होते हैं, कोई क्षेत्रीय अनुमान नहीं।
  • दो मास परंपराएँ — हम अमांत (अमावस्या से अमावस्या) और पूर्णिमांत (पूर्णिमा से पूर्णिमा) दोनों चंद्र मास दिखाते हैं, क्योंकि भारत के अलग-अलग क्षेत्र अलग परंपरा मानते हैं; अधिक (मलमास) मास होने पर उसे अंकित किया जाता है।

महत्व और शुभ/अशुभ संकेत शास्त्रीय ग्रंथों (मुहूर्त चिंतामणि, बृहत् संहिता, पुराण आदि) से लिए जाते हैं और साथ में उद्धृत किए जाते हैं — हम कभी ऐसा प्रभाव नहीं बताते जो ग्रंथ में न हो।

आपका आज का पंचांग

अपना जन्म नक्षत्र और चंद्र राशि एक बार चुनें — फिर हम आज का आपका ताराबल और चंद्रबल पढ़कर बता देंगे। यह सिर्फ़ इसी डिवाइस पर सेव होता है; हमारे सर्वर पर कभी नहीं जाता।

आज क्या करना शुभ है?

आप जो करने वाले हैं वह चुनें। हम आज के पंचांग को शास्त्रीय मुहूर्त नियम से जाँचकर बताते हैं कि यह शुभ है या नहीं, सबसे अच्छा समय कौन-सा है, और यह किस ग्रंथ से है।

Hora schedule (text table)
#PlanetStartEnd
1Mars05:5106:52
2Sun06:5207:52
3Venus07:5208:53
4Mercury08:5309:54
5Moon09:5410:54
6Saturn10:5411:55
7Jupiter11:5512:56
8Mars12:5613:57
9Sun13:5714:57
10Venus14:5715:58
11Mercury15:5816:59
12Moon16:5917:59
13Saturn17:5918:59
14Jupiter18:5919:58
15Mars19:5820:57
16Sun20:5721:57
17Venus21:5722:56
18Mercury22:5623:55
19Moon23:5500:54
20Saturn00:5401:54
21Jupiter01:5402:53
22Mars02:5303:52
23Sun03:5204:52
24Venus04:5205:51
समय विवरण (तालिका)
कालआरंभसमाप्तिप्रकार
Rahu Kala14:5716:28अशुभ
Yamaghanda Kala08:5310:24अशुभ
Gulika Kala11:5513:26अशुभ
Abhijit Muhurta11:3112:19शुभ

शुभ मुहूर्त शुभ मुहूर्त

सूर्योदय और नक्षत्र के आधार पर बने वे समय जिन्हें शास्त्रीय मुहूर्त ग्रंथ साधना, अध्ययन और नई शुरुआत के लिए बताते हैं।

Brahma Muhurta

ब्रह्म मुहूर्त

04:15 – 05:03

Pratah Sandhya

प्रातः सन्ध्या

04:46 – 05:51

Vijaya Muhurta

विजय मुहूर्त

13:57 – 14:45

Godhuli Muhurta

गोधूलि मुहूर्त

17:47 – 18:11

Sayahna Sandhya

सायाह्न सन्ध्या

17:59 – 19:04

Nishita Muhurta

निशीथ मुहूर्त

23:31 – 24:19

Amrita Kalam

अमृत कालम्

05:13 – 06:45

स्रोत: मुहूर्त चिंतामणि; निर्णय सिंधु। उप-काल की गणना सूर्योदय + शहर के निर्देशांक पर सूर्य नक्षत्र की स्थिति से।

अशुभ काल अशुभ काल

राहु काल, यमगंड और गुलिक (ऊपर दिन की समय-रेखा में दिखाए गए) के अलावा, नई शुरुआत के लिए टालने योग्य शास्त्रीय काल।

Varjyam

वर्ज्यम्

04:50 – 06:22

नक्षत्र से निकला वह काल जिसे शास्त्र टालने को कहते हैं।

Dur Muhurtam 4

दुर्मुहूर्तम्

08:17 – 09:05

वार के अनुसार तय अशुभ उप-मुहूर्त।

Dur Muhurtam 9

दुर्मुहूर्तम्

12:19 – 13:08

वार के अनुसार तय अशुभ उप-मुहूर्त।

स्रोत: मुहूर्त चिंतामणि; धर्म सिंधु। उप-काल की गणना सूर्योदय + नक्षत्र की स्थिति से।

आज का सूर्य सूर्य

सूर्य की राशि और नक्षत्र — ऊपर हीरो में दिखाए गए चंद्र-पक्ष की तिथि और नक्षत्र का सूर्य-पक्ष पूरक।

सूर्य राशि

Meena#12

सूर्य नक्षत्र

Uttara Bhadrapada उत्तरभाद्रपदा

पाद 2 / 4

आज चंद्र पाद परिवर्तन

  • 08:15
  • 14:04
  • 19:54
  • 01:43

स्रोत: लाहिड़ी (चित्रपक्ष) निरयण गणना। पाद की गणना नक्षत्र को 3° 20′ के 4 बराबर भागों में बाँटकर।

हिंदू वर्ष विक्रम संवत्

इस वर्ष के विक्रम, शक और गुजराती संवत, साथ में 60-वर्षीय शासन-चक्र से चक्र का नाम (संवत्सर)।

विक्रम संवत

2084

Plavanga प्लवङ्ग

वर्ष हब देखें

शक संवत

1949

Saumya सौम्य

गुजराती संवत

2083

Parabhava पराभव

मंत्री मंडल — वर्ष शासन

पददेवता
RajaMars
MantriMars

बाकी शासन पद (8) इंजन द्वारा हल होते ही भर जाएँगे।

स्रोत: निर्णय सिंधु; सूर्यसिद्धांत। संवत्सर 60-वर्षीय बृहस्पति चक्र से।

दैनिक दिशाएँ दिशा

मुहूर्त चुनने में काम आने वाली दिन की दिशाएँ — यात्रा के लिए दिशा शूल, यज्ञ के लिए अग्निवास, लाभ की दिशा के लिए चंद्र/राहु वास, अनुष्ठान के समय के लिए शिववास।

Disha Shool

North उत्तर

अशुभ

स्रोत: Avoid travel toward this direction today

Chandra Vasa

South दक्षिण

शुभ

स्रोत: Direction favored by today's moon position

Rahu Vasa

North उत्तर

अशुभ

स्रोत: Direction occupied by Rahu; avoid offerings facing here

Agnivasa

Swarga स्वर्ग

शुभ

स्रोत: Agni's dwelling for homa-suitability assessment

Shiva Vasa

Vrishabha वृषभ

शुभ

स्रोत: Shiva's location for rudrabhisheka timing

Homahuti

Moon चन्द्र

शुभ

स्रोत: Benefic planet: offering auspicious

आज की बल तालिका

ताराबल और चंद्रबल — मुहूर्त चुनने में काम आने वाली दो शास्त्रीय बल जाँच। यदि आपका जन्म नक्षत्र या जन्म राशि अनुकूल सूची में आए, तो दिन नई शुरुआत के लिए ठीक है।

आज अनुकूल जन्म राशियाँ

Mesha, Karka, Kanya, Vrishchika, Dhanu, Meena

ताराबल — सभी 27 जन्म नक्षत्र
#जन्म नक्षत्रतारागुण
1AshwiniKshema क्षेमसामान्य
2BharaniVipat विपत्सामान्य
3KrittikaSampat सम्पत्सामान्य
4RohiniJanma जन्मसामान्य
5MrigashiraAti-Mitra अतिमित्रसामान्य
6ArdraMitra मित्रसामान्य
7PunarvasuVadha वधसामान्य
8PushyaSadhaka साधकसामान्य
9AshleshaPratyari प्रत्यरिसामान्य
10MaghaKshema क्षेमसामान्य
11Purva PhalguniVipat विपत्सामान्य
12Uttara PhalguniSampat सम्पत्सामान्य
13HastaJanma जन्मसामान्य
14ChitraAti-Mitra अतिमित्रसामान्य
15SwatiMitra मित्रसामान्य
16VishakhaVadha वधसामान्य
17AnuradhaSadhaka साधकसामान्य
18JyeshthaPratyari प्रत्यरिसामान्य
19MulaKshema क्षेमसामान्य
20Purva AshadhaVipat विपत्सामान्य
21Uttara AshadhaSampat सम्पत्सामान्य
22ShravanaJanma जन्मसामान्य
23DhanishthaAti-Mitra अतिमित्रसामान्य
24ShatabhishaMitra मित्रसामान्य
25Purva BhadrapadaVadha वधसामान्य
26Uttara BhadrapadaSadhaka साधकसामान्य
27RevatiPratyari प्रत्यरिसामान्य
चंद्रबल — सभी 12 जन्म राशि
#जन्म राशिजन्म से भावअनुकूल
1Mesha6हाँ
2Vrishabha5नहीं
3Mithuna4नहीं
4Karka3हाँ
5Simha2नहीं
6Kanya1हाँ
7Tula12नहीं
8Vrishchika11हाँ
9Dhanu10हाँ
10Makara9नहीं
11Kumbha8नहीं
12Meena7हाँ

स्रोत: मुहूर्त चिंतामणि; बृहत् संहिता। ताराबल जन्म-नक्षत्र से आज के नक्षत्र तक 9-चक्र का उपयोग करता है।

उदय लग्न (उगती राशि) समय-रेखा

दिन के हर समय पूर्वी क्षितिज पर कौन सी राशि उग रही है। खंड की चौड़ाई वास्तविक उदय अवधि के अनुपात में है।
सभी 13 खंड (तालिका)
#राशिआरंभसमाप्ति
12Meena मीन05:5107:01
1Mesha मेष07:0108:41
2Vrishabha वृषभ08:4110:41
3Mithuna मिथुन10:4112:56
4Karka कर्क12:5615:11
5Simha सिंह15:1117:21
6Kanya कन्या17:2119:36
7Tula तुला19:3621:46
8Vrishchika वृश्चिक21:4624:06
9Dhanu धनु24:0602:11
10Makara मकर02:1103:56
11Kumbha कुम्भ03:5605:31
12Meena मीन05:3105:51

पंचक रहित मुहूर्त पञ्चक रहित मुहूर्त

पंचक श्रेणी के अनुसार 15 शास्त्रीय दिन-मुहूर्त खंड। हरा = शुभ; गुलाबी = टालें। चौड़ाई वास्तविक अवधि के अनुपात में है।
सभी 15 खंड (तालिका)
#नामआरंभसमाप्तिगुण
1Mrityu मृत्यु05:5106:39अशुभ
2Agni अग्नि06:3907:28अशुभ
3Raja राज07:2808:17अशुभ
4Chora चोर08:1709:05अशुभ
5Shubha शुभ09:0509:54शुभ
6Roga रोग09:5410:42अशुभ
7Mrityu मृत्यु10:4211:31अशुभ
8Agni अग्नि11:3112:19अशुभ
9Raja राज12:1913:08अशुभ
10Chora चोर13:0813:57अशुभ
11Shubha शुभ13:5714:45शुभ
12Roga रोग14:4515:34अशुभ
13Mrityu मृत्यु15:3416:22अशुभ
14Agni अग्नि16:2217:11अशुभ
15Raja राज17:1117:59अशुभ

स्रोत: मुहूर्त चिंतामणि; निर्णय सिंधु।

ऋतु और अयन

वैदिक ऋतु, अयन, दिन/रात की लंबाई और सौर-दोपहर — आज के पंचांग के आसपास का ऋतु ढाँचा।

ऋतु (वैदिक)

Vasantaवसन्त

ऋतु (दृक)

Shishiraशिशिर

अयन

Uttarayanaउत्तरायण

दिनमान

12h 8m

रात्रिमान

11h 52m

मध्याह्न

11:55

स्रोत: सूर्यसिद्धांत। दिनमान = सूर्योदय→सूर्यास्त के मिनट; मध्याह्न = स्थानीय सौर दोपहर।

होरा - राँची, 23 मार्च 2027

मंगलवार, 23 मार्च 2027 — राँची के लिए यह दिन पंचांग की दृष्टि से ध्यान देने योग्य है। दिन की शुरुआत प्रातः 05:51 बजे सूर्योदय से होती है और अपराह्ण 17:59 बजे अस्त होता है, जिससे दिन में 12 घंटे 8 मिनट का उजाला मिलता है। आज की तिथि कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा है, और नक्षत्र हस्त रहेगा। आज वृद्धि योग रहेगा — यही दिन के मूल पंचांग की पहचान बनाता है। ब्रह्म मुहूर्त — सुबह से पहले का ध्यान-काल — रात्रि 04:15 से प्रातः 05:03 तक रहता है, जो पूजा और अध्ययन के लिए सबसे शुभ माना जाता है।

अपराह्ण 14:57 से अपराह्ण 16:28 तक राहु काल रहता है, इसलिए राँची में इस खिड़की में शुभ काम रोक कर रखें। मंगलवार का दिशाशूल उत्तर दिशा है; इस दिशा में नया प्रस्थान न करें तो अच्छा। शुभ पक्ष में लाभ चौघड़िया (प्रातः 10:24–प्रातः 11:55) दिन की सबसे अच्छी खिड़की है। चन्द्र के स्वामित्व वाला हस्त नक्षत्र इस प्राचीन पंचांग को राँची के क्षितिज तक ले आता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राँची में 23 मार्च 2027 को राहु काल कब है?
राँची में 23 मार्च 2027 को राहु काल अपराह्ण 14:57 से अपराह्ण 16:28 तक रहता है। यह करीब 90 मिनट की खिड़की राहु के अधीन होती है और नया काम, यात्रा या शुभ कार्य शुरू करने से आमतौर पर बचा जाता है। यह समय हर दिन सूर्योदय के अनुसार बदलता है, इसलिए हर शहर में अलग होता है।
राँची में 23 मार्च 2027 को सूर्योदय प्रातः 05:51 बजे क्यों होता है?
राँची में 23 मार्च 2027 को सूर्योदय प्रातः 05:51 बजे होता है — यह शहर के अक्षांश (23.34°N) और इस तारीख को पृथ्वी के झुकाव से तय होता है। सूर्योदय और सूर्यास्त (अपराह्ण 17:59) वैदिक दिन की लंबाई तय करते हैं और राहु काल से लेकर चौघड़िया तक सभी गणनाएँ राँची के स्थानीय क्षितिज से जोड़ते हैं।
राँची में 23 मार्च 2027 को कौन-सा योग है?
राँची में 23 मार्च 2027 को वृद्धि योग है, जो अपराह्ण 14:04 से प्रातः 11:27 तक सक्रिय रहता है। पंचांग में योग सूर्य और चन्द्र की मिली-जुली स्थिति से बनता है और 27 योगों के चक्र में घूमता है। वृद्धि योग का अपना स्वभाव होता है जो दिन के कामों की शुभता पर असर डालता है।

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- Muhurta Chintamani, Dharmasindhu

राँची — 23 मार्च

सूर्योदय
प्रातः 05:51
सूर्यास्त
अपराह्ण 17:59
तिथि
प्रतिपदा (कृष्ण पक्ष)
नक्षत्र
हस्त (द्वितीय पाद)
योग
वृद्धि
करण
कौलव
माह
चैत्र
चन्द्र राशि
कन्या
सूर्य राशि
मीन
राहु काल
अपराह्ण 14:57–अपराह्ण 16:28
शुभ चौघड़िया
लाभ (प्रातः 10:24–प्रातः 11:55)
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