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होरा · पटना

होरापटना7 अक्टूबर 2025

मङ्गलवार · आश्विन · शुक्ल पक्ष

निरयण · लाहिड़ी
तिथि
पूर्णिमा
नक्षत्र
रेवती
योग
ध्रुव
करण
बव
वार
मङ्गलवार

Full Moon

Sunrise 05:45 — Sunset 17:28 · day 11h 44m

100% illuminated · increasing

पंचांग — पाँच अंग पञ्चाङ्ग

तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार, उनके समाप्ति समय के साथ, साथ ही मास और चंद्रमा तथा सूर्य की राशि — इस शहर के सूर्योदय के अनुसार गणना। आधी रात के बाद का समय पारंपरिक विस्तारित घड़ी में दिखता है (जैसे 27:23 = अगली सुबह 03:23)।

तिथि
Purnimaपूर्णिमा09:17 तक
What this means

The lunar day. It is set by how far the Moon has pulled ahead of the Sun — each 12 degrees of separation is one tithi. The tithi shapes which activities the tradition favours, and it ends at the time shown, when the next one begins.

Muhurta ChintamaniTithi-prakaranam (Nanda/Bhadra/Jaya/Rikta/Purna tithi-types)
नक्षत्र
Revatiरेवती25:28 तक
What this means

The Moon's star-mansion — the patch of sky it sits in today, one of 27. Each nakshatra has its own temperament that classical texts use to judge what the day is good for.

Brihat SamhitaNakshatra chapters (nakshatra qualities)
योग
Dhruvaध्रुव09:31 तक
What this means

A combined Sun-and-Moon measure (one of 27 nitya-yogas) — not the physical posture practice. A few yogas, such as Vyatipata and Vaidhriti, are best avoided; most are ordinary.

Muhurta ChintamaniYoga enumeration (tyajya-yoga list, v. 33)
करण
Bavaबव09:17 तक
What this means

Half of a tithi — each lunar day holds two karanas. One of them, Vishti (also called Bhadra), is treated as inauspicious; the rest are workable.

BPHSKarana-jnana-vidhi (11 karanas including Vishti)
वार
Mangalavaraमङ्गलवार
What this means

The weekday and its ruling planet. Each day's planet colours which tasks the tradition recommends — e.g. Thursday (Jupiter) for auspicious beginnings.

Muhurta ChintamaniVara-prakaranam (weekday lords)
मास
Ashwinaआश्विन
What this means

The lunar month. India uses two reckonings — Amanta (new-moon to new-moon) and Purnimanta (full-moon to full-moon) — so the name can differ by region. An 'Adhika' (extra) month is inserted to keep the lunar and solar years aligned.

Nirnaya SindhuAdhikamasa-nirnaya (intercalary month)
पक्ष
शुक्ल पक्ष (बढ़ता चंद्र)
What this means

The fortnight. Shukla is the waxing half (Moon growing toward full); Krishna is the waning half (toward the new moon).

Calendar definition

चंद्र राशि
Meena
What this means

The zodiac sign the Moon occupies now. Together with your birth Moon-sign it drives Chandrabala — the Moon's day-to-day favourability for you.

Muhurta Chintamani2.4-2.5 (Chandrabala)
सूर्य राशि
Kanyaकन्या

निरयण (लाहिड़ी) गणना; अंग समाप्ति समय शहर के वास्तविक सूर्योदय के अनुसार। “अधिक मास” उस अतिरिक्त चंद्र मास को दर्शाता है जिसमें कोई सौर संक्रांति नहीं होती।

यह पंचांग कैसे गणना होती है

इस पृष्ठ का हर समय सूर्य और चंद्रमा की वास्तविक स्थिति से स्विस एफेमेरिस (वही उच्च-परिशुद्धता खगोलीय इंजन जिसे पेशेवर खगोलशास्त्री उपयोग करते हैं) से निकाला जाता है, किसी छपे पंचांग या तय तालिका से नहीं।

  • निरयण राशिचक्र, लाहिड़ी अयनांश — भारत सरकार के कैलेंडर में यही मानक है। सभी नक्षत्र, राशि, तिथि और योग की सीमाएँ इसी से बनती हैं।
  • स्थानीय वास्तविक सूर्योदय — मुहूर्त काल (राहु काल, चौघड़िया, होरा, अभिजित आदि) Patna के सटीक निर्देशांक के लिए गणना किए गए वास्तविक सूर्योदय से मापे जाते हैं, इसलिए वे आपके स्थान के लिए सही होते हैं, कोई क्षेत्रीय अनुमान नहीं।
  • दो मास परंपराएँ — हम अमांत (अमावस्या से अमावस्या) और पूर्णिमांत (पूर्णिमा से पूर्णिमा) दोनों चंद्र मास दिखाते हैं, क्योंकि भारत के अलग-अलग क्षेत्र अलग परंपरा मानते हैं; अधिक (मलमास) मास होने पर उसे अंकित किया जाता है।

महत्व और शुभ/अशुभ संकेत शास्त्रीय ग्रंथों (मुहूर्त चिंतामणि, बृहत् संहिता, पुराण आदि) से लिए जाते हैं और साथ में उद्धृत किए जाते हैं — हम कभी ऐसा प्रभाव नहीं बताते जो ग्रंथ में न हो।

आपका आज का पंचांग

अपना जन्म नक्षत्र और चंद्र राशि एक बार चुनें — फिर हम आज का आपका ताराबल और चंद्रबल पढ़कर बता देंगे। यह सिर्फ़ इसी डिवाइस पर सेव होता है; हमारे सर्वर पर कभी नहीं जाता।

आज क्या करना शुभ है?

आप जो करने वाले हैं वह चुनें। हम आज के पंचांग को शास्त्रीय मुहूर्त नियम से जाँचकर बताते हैं कि यह शुभ है या नहीं, सबसे अच्छा समय कौन-सा है, और यह किस ग्रंथ से है।

Hora schedule (text table)
#PlanetStartEnd
1Mars05:4506:43
2Sun06:4307:42
3Venus07:4208:41
4Mercury08:4109:39
5Moon09:3910:38
6Saturn10:3811:37
7Jupiter11:3712:35
8Mars12:3513:34
9Sun13:3414:33
10Venus14:3315:31
11Mercury15:3116:30
12Moon16:3017:28
13Saturn17:2818:30
14Jupiter18:3019:31
15Mars19:3120:33
16Sun20:3321:34
17Venus21:3422:35
18Mercury22:3523:37
19Moon23:3700:38
20Saturn00:3801:39
21Jupiter01:3902:41
22Mars02:4103:42
23Sun03:4204:43
24Venus04:4305:45
समय विवरण (तालिका)
कालआरंभसमाप्तिप्रकार
Rahu Kala14:3316:00अशुभ
Yamaghanda Kala08:4110:09अशुभ
Gulika Kala11:3713:05अशुभ
Abhijit Muhurta11:1312:00शुभ

शुभ मुहूर्त शुभ मुहूर्त

सूर्योदय और नक्षत्र के आधार पर बने वे समय जिन्हें शास्त्रीय मुहूर्त ग्रंथ साधना, अध्ययन और नई शुरुआत के लिए बताते हैं।

Brahma Muhurta

ब्रह्म मुहूर्त

04:09 – 04:57

Pratah Sandhya

प्रातः सन्ध्या

04:40 – 05:45

Vijaya Muhurta

विजय मुहूर्त

13:34 – 14:21

Godhuli Muhurta

गोधूलि मुहूर्त

17:16 – 17:40

Sayahna Sandhya

सायाह्न सन्ध्या

17:28 – 18:33

Nishita Muhurta

निशीथ मुहूर्त

23:13 – 24:01

Amrita Kalam

अमृत कालम्

18:19 – 19:45

स्रोत: मुहूर्त चिंतामणि; निर्णय सिंधु। उप-काल की गणना सूर्योदय + शहर के निर्देशांक पर सूर्य नक्षत्र की स्थिति से।

अशुभ काल अशुभ काल

राहु काल, यमगंड और गुलिक (ऊपर दिन की समय-रेखा में दिखाए गए) के अलावा, नई शुरुआत के लिए टालने योग्य शास्त्रीय काल।

Varjyam

वर्ज्यम्

14:45 – 16:10

नक्षत्र से निकला वह काल जिसे शास्त्र टालने को कहते हैं।

Dur Muhurtam 4

दुर्मुहूर्तम्

08:05 – 08:52

वार के अनुसार तय अशुभ उप-मुहूर्त।

Dur Muhurtam 9

दुर्मुहूर्तम्

12:00 – 12:47

वार के अनुसार तय अशुभ उप-मुहूर्त।

स्रोत: मुहूर्त चिंतामणि; धर्म सिंधु। उप-काल की गणना सूर्योदय + नक्षत्र की स्थिति से।

आज का सूर्य सूर्य

सूर्य की राशि और नक्षत्र — ऊपर हीरो में दिखाए गए चंद्र-पक्ष की तिथि और नक्षत्र का सूर्य-पक्ष पूरक।

सूर्य राशि

Kanya#6

सूर्य नक्षत्र

Hasta हस्त

पाद 3 / 4

आज चंद्र पाद परिवर्तन

  • 09:23
  • 14:44
  • 20:06
  • 01:27

स्रोत: लाहिड़ी (चित्रपक्ष) निरयण गणना। पाद की गणना नक्षत्र को 3° 20′ के 4 बराबर भागों में बाँटकर।

हिंदू वर्ष विक्रम संवत्

इस वर्ष के विक्रम, शक और गुजराती संवत, साथ में 60-वर्षीय शासन-चक्र से चक्र का नाम (संवत्सर)।

विक्रम संवत

2082

Vishvavasu विश्वावसु

वर्ष हब देखें

शक संवत

1947

Plavanga प्लवङ्ग

गुजराती संवत

2081

Krodhi क्रोधी

मंत्री मंडल — वर्ष शासन

पददेवता
RajaSun
MantriSun

बाकी शासन पद (8) इंजन द्वारा हल होते ही भर जाएँगे।

स्रोत: निर्णय सिंधु; सूर्यसिद्धांत। संवत्सर 60-वर्षीय बृहस्पति चक्र से।

दैनिक दिशाएँ दिशा

मुहूर्त चुनने में काम आने वाली दिन की दिशाएँ — यात्रा के लिए दिशा शूल, यज्ञ के लिए अग्निवास, लाभ की दिशा के लिए चंद्र/राहु वास, अनुष्ठान के समय के लिए शिववास।

Disha Shool

North उत्तर

अशुभ

स्रोत: Avoid travel toward this direction today

Chandra Vasa

North उत्तर

शुभ

स्रोत: Direction favored by today's moon position

Rahu Vasa

North उत्तर

अशुभ

स्रोत: Direction occupied by Rahu; avoid offerings facing here

Agnivasa

Prithvi पृथ्वी

शुभ

स्रोत: Agni's dwelling for homa-suitability assessment

Shiva Vasa

Kailasha कैलाश

शुभ

स्रोत: Shiva's location for rudrabhisheka timing

Homahuti

Moon चन्द्र

शुभ

स्रोत: Benefic planet: offering auspicious

आज की बल तालिका

ताराबल और चंद्रबल — मुहूर्त चुनने में काम आने वाली दो शास्त्रीय बल जाँच। यदि आपका जन्म नक्षत्र या जन्म राशि अनुकूल सूची में आए, तो दिन नई शुरुआत के लिए ठीक है।

आज अनुकूल जन्म राशियाँ

Vrishabha, Mithuna, Kanya, Tula, Makara, Meena

ताराबल — सभी 27 जन्म नक्षत्र
#जन्म नक्षत्रतारागुण
1AshwiniAti-Mitra अतिमित्रसामान्य
2BharaniMitra मित्रसामान्य
3KrittikaVadha वधसामान्य
4RohiniSadhaka साधकसामान्य
5MrigashiraPratyari प्रत्यरिसामान्य
6ArdraKshema क्षेमसामान्य
7PunarvasuVipat विपत्सामान्य
8PushyaSampat सम्पत्सामान्य
9AshleshaJanma जन्मसामान्य
10MaghaAti-Mitra अतिमित्रसामान्य
11Purva PhalguniMitra मित्रसामान्य
12Uttara PhalguniVadha वधसामान्य
13HastaSadhaka साधकसामान्य
14ChitraPratyari प्रत्यरिसामान्य
15SwatiKshema क्षेमसामान्य
16VishakhaVipat विपत्सामान्य
17AnuradhaSampat सम्पत्सामान्य
18JyeshthaJanma जन्मसामान्य
19MulaAti-Mitra अतिमित्रसामान्य
20Purva AshadhaMitra मित्रसामान्य
21Uttara AshadhaVadha वधसामान्य
22ShravanaSadhaka साधकसामान्य
23DhanishthaPratyari प्रत्यरिसामान्य
24ShatabhishaKshema क्षेमसामान्य
25Purva BhadrapadaVipat विपत्सामान्य
26Uttara BhadrapadaSampat सम्पत्सामान्य
27RevatiJanma जन्मसामान्य
चंद्रबल — सभी 12 जन्म राशि
#जन्म राशिजन्म से भावअनुकूल
1Mesha12नहीं
2Vrishabha11हाँ
3Mithuna10हाँ
4Karka9नहीं
5Simha8नहीं
6Kanya7हाँ
7Tula6हाँ
8Vrishchika5नहीं
9Dhanu4नहीं
10Makara3हाँ
11Kumbha2नहीं
12Meena1हाँ

स्रोत: मुहूर्त चिंतामणि; बृहत् संहिता। ताराबल जन्म-नक्षत्र से आज के नक्षत्र तक 9-चक्र का उपयोग करता है।

उदय लग्न (उगती राशि) समय-रेखा

दिन के हर समय पूर्वी क्षितिज पर कौन सी राशि उग रही है। खंड की चौड़ाई वास्तविक उदय अवधि के अनुपात में है।
सभी 13 खंड (तालिका)
#राशिआरंभसमाप्ति
6Kanya कन्या05:4506:35
7Tula तुला06:3508:55
8Vrishchika वृश्चिक08:5511:10
9Dhanu धनु11:1013:15
10Makara मकर13:1515:00
11Kumbha कुम्भ15:0016:30
12Meena मीन16:3018:00
1Mesha मेष18:0019:35
2Vrishabha वृषभ19:3521:35
3Mithuna मिथुन21:3523:45
4Karka कर्क23:4502:05
5Simha सिंह02:0504:20
6Kanya कन्या04:2005:45

पंचक रहित मुहूर्त पञ्चक रहित मुहूर्त

पंचक श्रेणी के अनुसार 15 शास्त्रीय दिन-मुहूर्त खंड। हरा = शुभ; गुलाबी = टालें। चौड़ाई वास्तविक अवधि के अनुपात में है।
सभी 15 खंड (तालिका)
#नामआरंभसमाप्तिगुण
1Agni अग्नि05:4506:32अशुभ
2Raja राज06:3207:19अशुभ
3Chora चोर07:1908:05अशुभ
4Shubha शुभ08:0508:52शुभ
5Roga रोग08:5209:39अशुभ
6Mrityu मृत्यु09:3910:26अशुभ
7Agni अग्नि10:2611:13अशुभ
8Raja राज11:1312:00अशुभ
9Chora चोर12:0012:47अशुभ
10Shubha शुभ12:4713:34शुभ
11Roga रोग13:3414:21अशुभ
12Mrityu मृत्यु14:2115:08अशुभ
13Agni अग्नि15:0815:55अशुभ
14Raja राज15:5516:42अशुभ
15Chora चोर16:4217:28अशुभ

स्रोत: मुहूर्त चिंतामणि; निर्णय सिंधु।

ऋतु और अयन

वैदिक ऋतु, अयन, दिन/रात की लंबाई और सौर-दोपहर — आज के पंचांग के आसपास का ऋतु ढाँचा।

ऋतु (वैदिक)

Sharadशरद्

ऋतु (दृक)

Varshaवर्षा

अयन

Dakshinayanaदक्षिणायन

दिनमान

11h 44m

रात्रिमान

12h 16m

मध्याह्न

11:37

स्रोत: सूर्यसिद्धांत। दिनमान = सूर्योदय→सूर्यास्त के मिनट; मध्याह्न = स्थानीय सौर दोपहर।

होरा - पटना, 7 अक्टूबर 2025

पटना के आकाश में मंगलवार, 7 अक्टूबर 2025 का दिन एक विशेष संयोग लेकर आता है। सूर्य प्रातः 05:45 बजे उगता है और अपराह्ण 17:28 बजे अस्त होता है, जिससे दिन में 11 घंटे 44 मिनट का उजाला मिलता है। आज की तिथि शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा है, और नक्षत्र रेवती रहेगा। आज ध्रुव योग रहेगा — यही दिन के मूल पंचांग की पहचान बनाता है। ब्रह्म मुहूर्त — सुबह से पहले का ध्यान-काल — रात्रि 04:09 से रात्रि 04:57 तक रहता है, जो पूजा और अध्ययन के लिए सबसे शुभ माना जाता है।

अपराह्ण 14:33 से अपराह्ण 16:00 तक राहु काल रहता है, इसलिए पटना में इस खिड़की में शुभ काम रोक कर रखें। मंगलवार का दिशाशूल उत्तर दिशा है; इस दिशा में नया प्रस्थान न करें तो अच्छा। शुभ पक्ष में लाभ चौघड़िया (प्रातः 10:09–प्रातः 11:37) दिन की सबसे अच्छी खिड़की है। बुध के स्वामित्व वाला रेवती नक्षत्र इस प्राचीन पंचांग को पटना के क्षितिज तक ले आता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पटना में 7 अक्टूबर 2025 को राहु काल कब है?
पटना में 7 अक्टूबर 2025 को राहु काल अपराह्ण 14:33 से अपराह्ण 16:00 तक रहता है। यह करीब 90 मिनट की खिड़की राहु के अधीन होती है और नया काम, यात्रा या शुभ कार्य शुरू करने से आमतौर पर बचा जाता है। यह समय हर दिन सूर्योदय के अनुसार बदलता है, इसलिए हर शहर में अलग होता है।
पटना में 7 अक्टूबर 2025 को सूर्योदय प्रातः 05:45 बजे क्यों होता है?
पटना में 7 अक्टूबर 2025 को सूर्योदय प्रातः 05:45 बजे होता है — यह शहर के अक्षांश (25.59°N) और इस तारीख को पृथ्वी के झुकाव से तय होता है। सूर्योदय और सूर्यास्त (अपराह्ण 17:28) वैदिक दिन की लंबाई तय करते हैं और राहु काल से लेकर चौघड़िया तक सभी गणनाएँ पटना के स्थानीय क्षितिज से जोड़ते हैं।
क्या 7 अक्टूबर 2025 को पूर्णिमा है?
हाँ, पटना के लिए 7 अक्टूबर 2025 को पूर्णिमा (पूरा चाँद) है। पूर्णिमा तिथि दोपहर 12:24 से प्रातः 09:17 तक सक्रिय रहती है। पूर्णिमा को पूजा, दान और नई साधना शुरू करने के लिए बहुत शुभ माना जाता है — सत्यनारायण पूजा और गुरु पूर्णिमा जैसे पर्व इसी तिथि पर आते हैं।

संबंधित पंचांग पृष्ठ

दैनिक प्रामाणिकता

तांत्रिक बंदा खिड़कियाँ

Vat

वट

स्रोत:

Dhav

धव

स्रोत:

साधना विधान

Bhuvaneshwari Mantra Japa

भुवनेश्वरी मन्त्र जप

- Rudrayamala Tantra, Tantrasara

Lakshmi Puja

लक्ष्मी पूजा

- Shri Sukta, Lakshmi Tantra

Chandi Patha (Durga Saptashati)

चण्डी पाठ

- Markandeya Purana, Devi Mahatmya

Tara Sadhana

तारा साधना

- Tara Tantra, Todala Tantra, Tantrasara (Krishnananda)

Matangi Sadhana

मातंगी साधना

- Matangi Tantra, Shakta Pramoda, Tantrasara, Mantra Mahodadhi

Kamala Sadhana

कमला साधना

- Shakta Pramoda, Todala Tantra, Kamala Tantra, Mantra Mahodadhi

Shodashi (Tripura Sundari) Sadhana

षोडशी (त्रिपुरसुन्दरी) साधना

- Vamakeshvara Tantra, Yogini Hridaya, Lalita Sahasranama (Brahmanda Purana), Saundaryalahari (Adi Shankaracharya)

Bhuvaneshwari Purnima Puja

भुवनेश्वरी पूर्णिमा पूजा

- Tantrasara, Shakta Pramoda

Purnima Satyanarayan Puja

पूर्णिमा सत्यनारायण पूजा

- Skanda Purana, Satyanarayan Katha

Phalguna Purnima Holika Dahan

फाल्गुन पूर्णिमा होलिका दहन

- Narada Purana, Bhavishya Purana

Bava Karana Auspicious Puja

बव करण शुभ पूजा

- Muhurta Chintamani

दिन दुर्लभता अंक

0.3275364117031564/ 100

पटना — 7 अक्टूबर

सूर्योदय
प्रातः 05:45
सूर्यास्त
अपराह्ण 17:28
तिथि
पूर्णिमा (शुक्ल पक्ष)
नक्षत्र
रेवती (प्रथम पाद)
योग
ध्रुव
करण
बव
माह
आश्विन
चन्द्र राशि
मीन
सूर्य राशि
कन्या
राहु काल
अपराह्ण 14:33–अपराह्ण 16:00
शुभ चौघड़िया
लाभ (प्रातः 10:09–प्रातः 11:37)
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