Kundlitkundlit
होरा · हावड़ा

होराहावड़ा6 मई 2026

बुधवार · वैशाख · कृष्ण पक्ष

निरयण · लाहिड़ी
तिथि
चतुर्थी
नक्षत्र
मूल
योग
सिद्ध
करण
बालव
वार
बुधवार

Waning Gibbous

Sunrise 05:02 — Sunset 18:04 · day 13h 02m

84% illuminated · decreasing

पंचांग — पाँच अंग पञ्चाङ्ग

तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार, उनके समाप्ति समय के साथ, साथ ही मास और चंद्रमा तथा सूर्य की राशि — इस शहर के सूर्योदय के अनुसार गणना। आधी रात के बाद का समय पारंपरिक विस्तारित घड़ी में दिखता है (जैसे 27:23 = अगली सुबह 03:23)।

तिथि
Chaturthiचतुर्थी07:51 तक
What this means

The lunar day. It is set by how far the Moon has pulled ahead of the Sun — each 12 degrees of separation is one tithi. The tithi shapes which activities the tradition favours, and it ends at the time shown, when the next one begins.

Muhurta ChintamaniTithi-prakaranam (Nanda/Bhadra/Jaya/Rikta/Purna tithi-types)
नक्षत्र
Mulaमूल15:53 तक
What this means

The Moon's star-mansion — the patch of sky it sits in today, one of 27. Each nakshatra has its own temperament that classical texts use to judge what the day is good for.

Brihat SamhitaNakshatra chapters (nakshatra qualities)
योग
Siddhaसिद्ध25:12 तक
What this means

A combined Sun-and-Moon measure (one of 27 nitya-yogas) — not the physical posture practice. A few yogas, such as Vyatipata and Vaidhriti, are best avoided; most are ordinary.

Muhurta ChintamaniYoga enumeration (tyajya-yoga list, v. 33)
करण
Balavaबालव07:51 तक
What this means

Half of a tithi — each lunar day holds two karanas. One of them, Vishti (also called Bhadra), is treated as inauspicious; the rest are workable.

BPHSKarana-jnana-vidhi (11 karanas including Vishti)
वार
Budhavaraबुधवार
What this means

The weekday and its ruling planet. Each day's planet colours which tasks the tradition recommends — e.g. Thursday (Jupiter) for auspicious beginnings.

Muhurta ChintamaniVara-prakaranam (weekday lords)
मास
Vaishakhaवैशाख
What this means

The lunar month. India uses two reckonings — Amanta (new-moon to new-moon) and Purnimanta (full-moon to full-moon) — so the name can differ by region. An 'Adhika' (extra) month is inserted to keep the lunar and solar years aligned.

Nirnaya SindhuAdhikamasa-nirnaya (intercalary month)
पक्ष
कृष्ण पक्ष (घटता चंद्र)
What this means

The fortnight. Shukla is the waxing half (Moon growing toward full); Krishna is the waning half (toward the new moon).

Calendar definition

चंद्र राशि
Dhanu
What this means

The zodiac sign the Moon occupies now. Together with your birth Moon-sign it drives Chandrabala — the Moon's day-to-day favourability for you.

Muhurta Chintamani2.4-2.5 (Chandrabala)
सूर्य राशि
Meshaमेष

निरयण (लाहिड़ी) गणना; अंग समाप्ति समय शहर के वास्तविक सूर्योदय के अनुसार। “अधिक मास” उस अतिरिक्त चंद्र मास को दर्शाता है जिसमें कोई सौर संक्रांति नहीं होती।

यह पंचांग कैसे गणना होती है

इस पृष्ठ का हर समय सूर्य और चंद्रमा की वास्तविक स्थिति से स्विस एफेमेरिस (वही उच्च-परिशुद्धता खगोलीय इंजन जिसे पेशेवर खगोलशास्त्री उपयोग करते हैं) से निकाला जाता है, किसी छपे पंचांग या तय तालिका से नहीं।

  • निरयण राशिचक्र, लाहिड़ी अयनांश — भारत सरकार के कैलेंडर में यही मानक है। सभी नक्षत्र, राशि, तिथि और योग की सीमाएँ इसी से बनती हैं।
  • स्थानीय वास्तविक सूर्योदय — मुहूर्त काल (राहु काल, चौघड़िया, होरा, अभिजित आदि) Howrah के सटीक निर्देशांक के लिए गणना किए गए वास्तविक सूर्योदय से मापे जाते हैं, इसलिए वे आपके स्थान के लिए सही होते हैं, कोई क्षेत्रीय अनुमान नहीं।
  • दो मास परंपराएँ — हम अमांत (अमावस्या से अमावस्या) और पूर्णिमांत (पूर्णिमा से पूर्णिमा) दोनों चंद्र मास दिखाते हैं, क्योंकि भारत के अलग-अलग क्षेत्र अलग परंपरा मानते हैं; अधिक (मलमास) मास होने पर उसे अंकित किया जाता है।

महत्व और शुभ/अशुभ संकेत शास्त्रीय ग्रंथों (मुहूर्त चिंतामणि, बृहत् संहिता, पुराण आदि) से लिए जाते हैं और साथ में उद्धृत किए जाते हैं — हम कभी ऐसा प्रभाव नहीं बताते जो ग्रंथ में न हो।

आपका आज का पंचांग

अपना जन्म नक्षत्र और चंद्र राशि एक बार चुनें — फिर हम आज का आपका ताराबल और चंद्रबल पढ़कर बता देंगे। यह सिर्फ़ इसी डिवाइस पर सेव होता है; हमारे सर्वर पर कभी नहीं जाता।

आज क्या करना शुभ है?

आप जो करने वाले हैं वह चुनें। हम आज के पंचांग को शास्त्रीय मुहूर्त नियम से जाँचकर बताते हैं कि यह शुभ है या नहीं, सबसे अच्छा समय कौन-सा है, और यह किस ग्रंथ से है।

Hora schedule (text table)
#PlanetStartEnd
1Mercury05:0206:07
2Moon06:0707:12
3Saturn07:1208:18
4Jupiter08:1809:23
5Mars09:2310:28
6Sun10:2811:33
7Venus11:3312:38
8Mercury12:3813:44
9Moon13:4414:49
10Saturn14:4915:54
11Jupiter15:5416:59
12Mars16:5918:04
13Sun18:0418:59
14Venus18:5919:54
15Mercury19:5420:49
16Moon20:4921:44
17Saturn21:4422:38
18Jupiter22:3823:33
19Mars23:3300:28
20Sun00:2801:23
21Venus01:2302:18
22Mercury02:1803:12
23Moon03:1204:07
24Saturn04:0705:02
समय विवरण (तालिका)
कालआरंभसमाप्तिप्रकार
Rahu Kala11:3313:11अशुभ
Yamaghanda Kala13:1114:49अशुभ
Gulika Kala09:5511:33अशुभ
Abhijit Muhurta11:0711:59शुभ

शुभ मुहूर्त शुभ मुहूर्त

सूर्योदय और नक्षत्र के आधार पर बने वे समय जिन्हें शास्त्रीय मुहूर्त ग्रंथ साधना, अध्ययन और नई शुरुआत के लिए बताते हैं।

Brahma Muhurta

ब्रह्म मुहूर्त

03:26 – 04:14

Pratah Sandhya

प्रातः सन्ध्या

03:57 – 05:02

Vijaya Muhurta

विजय मुहूर्त

13:44 – 14:36

Godhuli Muhurta

गोधूलि मुहूर्त

17:52 – 18:16

Sayahna Sandhya

सायाह्न सन्ध्या

18:04 – 19:09

Nishita Muhurta

निशीथ मुहूर्त

23:09 – 23:57

Amrita Kalam

अमृत कालम्

18:18 – 20:06

स्रोत: मुहूर्त चिंतामणि; निर्णय सिंधु। उप-काल की गणना सूर्योदय + शहर के निर्देशांक पर सूर्य नक्षत्र की स्थिति से।

अशुभ काल अशुभ काल

राहु काल, यमगंड और गुलिक (ऊपर दिन की समय-रेखा में दिखाए गए) के अलावा, नई शुरुआत के लिए टालने योग्य शास्त्रीय काल।

Varjyam

वर्ज्यम्

21:54 – 23:42

नक्षत्र से निकला वह काल जिसे शास्त्र टालने को कहते हैं।

Dur Muhurtam 8

दुर्मुहूर्तम्

11:07 – 11:59

वार के अनुसार तय अशुभ उप-मुहूर्त।

स्रोत: मुहूर्त चिंतामणि; धर्म सिंधु। उप-काल की गणना सूर्योदय + नक्षत्र की स्थिति से।

आज का सूर्य सूर्य

सूर्य की राशि और नक्षत्र — ऊपर हीरो में दिखाए गए चंद्र-पक्ष की तिथि और नक्षत्र का सूर्य-पक्ष पूरक।

सूर्य राशि

Mesha#1

सूर्य नक्षत्र

Bharani भरणी

पाद 3 / 4

आज चंद्र पाद परिवर्तन

  • 09:09
  • 15:53
  • 22:37

स्रोत: लाहिड़ी (चित्रपक्ष) निरयण गणना। पाद की गणना नक्षत्र को 3° 20′ के 4 बराबर भागों में बाँटकर।

हिंदू वर्ष विक्रम संवत्

इस वर्ष के विक्रम, शक और गुजराती संवत, साथ में 60-वर्षीय शासन-चक्र से चक्र का नाम (संवत्सर)।

विक्रम संवत

2083

Parabhava पराभव

वर्ष हब देखें

शक संवत

1948

Kilaka कीलक

गुजराती संवत

2082

Vishvavasu विश्वावसु

मंत्री मंडल — वर्ष शासन

पददेवता
RajaMars
MantriMars

बाकी शासन पद (8) इंजन द्वारा हल होते ही भर जाएँगे।

स्रोत: निर्णय सिंधु; सूर्यसिद्धांत। संवत्सर 60-वर्षीय बृहस्पति चक्र से।

दैनिक दिशाएँ दिशा

मुहूर्त चुनने में काम आने वाली दिन की दिशाएँ — यात्रा के लिए दिशा शूल, यज्ञ के लिए अग्निवास, लाभ की दिशा के लिए चंद्र/राहु वास, अनुष्ठान के समय के लिए शिववास।

Disha Shool

North उत्तर

अशुभ

स्रोत: Avoid travel toward this direction today

Chandra Vasa

East पूर्व

शुभ

स्रोत: Direction favored by today's moon position

Rahu Vasa

Southeast आग्नेय

अशुभ

स्रोत: Direction occupied by Rahu; avoid offerings facing here

Agnivasa

Akasha आकाश

सामान्य

स्रोत: Agni's dwelling for homa-suitability assessment

Shiva Vasa

Gauri-sannidhi गौरीसन्निधि

शुभ

स्रोत: Shiva's location for rudrabhisheka timing

Homahuti

Mars मङ्गल

अशुभ

स्रोत: Khala planet: offering inauspicious (खलग्रह के मुख में होमाहुति शुभ नहीं होती)

आज की बल तालिका

ताराबल और चंद्रबल — मुहूर्त चुनने में काम आने वाली दो शास्त्रीय बल जाँच। यदि आपका जन्म नक्षत्र या जन्म राशि अनुकूल सूची में आए, तो दिन नई शुरुआत के लिए ठीक है।

आज अनुकूल जन्म राशियाँ

Mithuna, Karka, Tula, Dhanu, Kumbha, Meena

ताराबल — सभी 27 जन्म नक्षत्र
#जन्म नक्षत्रतारागुण
1AshwiniJanma जन्मसामान्य
2BharaniAti-Mitra अतिमित्रसामान्य
3KrittikaMitra मित्रसामान्य
4RohiniVadha वधसामान्य
5MrigashiraSadhaka साधकसामान्य
6ArdraPratyari प्रत्यरिसामान्य
7PunarvasuKshema क्षेमसामान्य
8PushyaVipat विपत्सामान्य
9AshleshaSampat सम्पत्सामान्य
10MaghaJanma जन्मसामान्य
11Purva PhalguniAti-Mitra अतिमित्रसामान्य
12Uttara PhalguniMitra मित्रसामान्य
13HastaVadha वधसामान्य
14ChitraSadhaka साधकसामान्य
15SwatiPratyari प्रत्यरिसामान्य
16VishakhaKshema क्षेमसामान्य
17AnuradhaVipat विपत्सामान्य
18JyeshthaSampat सम्पत्सामान्य
19MulaJanma जन्मसामान्य
20Purva AshadhaAti-Mitra अतिमित्रसामान्य
21Uttara AshadhaMitra मित्रसामान्य
22ShravanaVadha वधसामान्य
23DhanishthaSadhaka साधकसामान्य
24ShatabhishaPratyari प्रत्यरिसामान्य
25Purva BhadrapadaKshema क्षेमसामान्य
26Uttara BhadrapadaVipat विपत्सामान्य
27RevatiSampat सम्पत्सामान्य
चंद्रबल — सभी 12 जन्म राशि
#जन्म राशिजन्म से भावअनुकूल
1Mesha9नहीं
2Vrishabha8नहीं
3Mithuna7हाँ
4Karka6हाँ
5Simha5नहीं
6Kanya4नहीं
7Tula3हाँ
8Vrishchika2नहीं
9Dhanu1हाँ
10Makara12नहीं
11Kumbha11हाँ
12Meena10हाँ

स्रोत: मुहूर्त चिंतामणि; बृहत् संहिता। ताराबल जन्म-नक्षत्र से आज के नक्षत्र तक 9-चक्र का उपयोग करता है।

उदय लग्न (उगती राशि) समय-रेखा

दिन के हर समय पूर्वी क्षितिज पर कौन सी राशि उग रही है। खंड की चौड़ाई वास्तविक उदय अवधि के अनुपात में है।
सभी 13 खंड (तालिका)
#राशिआरंभसमाप्ति
1Mesha मेष05:0205:37
2Vrishabha वृषभ05:3707:37
3Mithuna मिथुन07:3709:52
4Karka कर्क09:5212:07
5Simha सिंह12:0714:17
6Kanya कन्या14:1716:27
7Tula तुला16:2718:42
8Vrishchika वृश्चिक18:4220:57
9Dhanu धनु20:5723:02
10Makara मकर23:0224:47
11Kumbha कुम्भ24:4702:22
12Meena मीन02:2203:52
1Mesha मेष03:5205:02

पंचक रहित मुहूर्त पञ्चक रहित मुहूर्त

पंचक श्रेणी के अनुसार 15 शास्त्रीय दिन-मुहूर्त खंड। हरा = शुभ; गुलाबी = टालें। चौड़ाई वास्तविक अवधि के अनुपात में है।
सभी 15 खंड (तालिका)
#नामआरंभसमाप्तिगुण
1Shubha शुभ05:0205:54शुभ
2Roga रोग05:5406:46अशुभ
3Mrityu मृत्यु06:4607:38अशुभ
4Agni अग्नि07:3808:31अशुभ
5Raja राज08:3109:23अशुभ
6Chora चोर09:2310:15अशुभ
7Shubha शुभ10:1511:07शुभ
8Roga रोग11:0711:59अशुभ
9Mrityu मृत्यु11:5912:51अशुभ
10Agni अग्नि12:5113:44अशुभ
11Raja राज13:4414:36अशुभ
12Chora चोर14:3615:28अशुभ
13Shubha शुभ15:2816:20शुभ
14Roga रोग16:2017:12अशुभ
15Mrityu मृत्यु17:1218:04अशुभ

स्रोत: मुहूर्त चिंतामणि; निर्णय सिंधु।

ऋतु और अयन

वैदिक ऋतु, अयन, दिन/रात की लंबाई और सौर-दोपहर — आज के पंचांग के आसपास का ऋतु ढाँचा।

ऋतु (वैदिक)

Vasantaवसन्त

ऋतु (दृक)

Vasantaवसन्त

अयन

Uttarayanaउत्तरायण

दिनमान

13h 2m

रात्रिमान

10h 58m

मध्याह्न

11:33

स्रोत: सूर्यसिद्धांत। दिनमान = सूर्योदय→सूर्यास्त के मिनट; मध्याह्न = स्थानीय सौर दोपहर।

होरा - हावड़ा, 6 मई 2026

बुधवार, 6 मई 2026 को हावड़ा का पंचांग एक खास लय लेकर आता है। आज सूर्योदय प्रातः 05:02 बजे होता है और सायं 18:04 बजे अस्त होता है, जिससे दिन में 13 घंटे 2 मिनट का उजाला मिलता है। तिथि चतुर्थी (कृष्ण पक्ष) है और दिन का नक्षत्र मूल है। सिद्ध योग पूरे दिन पर असर डालता है। हावड़ा के लिए ब्रह्म मुहूर्त रात्रि 03:26 से रात्रि 04:14 तक है; यही वह समय है जिसे शास्त्र साधना और पढ़ाई के लिए सर्वोत्तम बताते हैं।

हावड़ा में राहु काल प्रातः 11:33 से अपराह्ण 13:11 तक रहेगा — इस दौरान कोई नया काम शुरू न करें। दिशाशूल आज उत्तर की ओर है, इसलिए बुधवार को उस दिशा की यात्रा कुछ देर टाल दें। अच्छे समय के लिए लाभ चौघड़िया (प्रातः 05:02–प्रातः 06:40) सबसे उत्तम मुहूर्त है। मूल नक्षत्र केतु के अधिकार में है, जिससे यह दिन आकाशीय समय और हावड़ा की भूमि — दोनों से जुड़ जाता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हावड़ा में 6 मई 2026 को राहु काल कब है?
हावड़ा में 6 मई 2026 को राहु काल प्रातः 11:33 से अपराह्ण 13:11 तक रहता है। यह करीब 90 मिनट की खिड़की राहु के अधीन होती है और नया काम, यात्रा या शुभ कार्य शुरू करने से आमतौर पर बचा जाता है। यह समय हर दिन सूर्योदय के अनुसार बदलता है, इसलिए हर शहर में अलग होता है।
हावड़ा में 6 मई 2026 को सूर्योदय प्रातः 05:02 बजे क्यों होता है?
हावड़ा में 6 मई 2026 को सूर्योदय प्रातः 05:02 बजे होता है — यह शहर के अक्षांश (22.60°N) और इस तारीख को पृथ्वी के झुकाव से तय होता है। सूर्योदय और सूर्यास्त (सायं 18:04) वैदिक दिन की लंबाई तय करते हैं और राहु काल से लेकर चौघड़िया तक सभी गणनाएँ हावड़ा के स्थानीय क्षितिज से जोड़ते हैं।
हावड़ा में 6 मई 2026 को कौन-सा योग है?
हावड़ा में 6 मई 2026 को सिद्ध योग है, जो रात्रि 00:16 से रात्रि 01:12 तक सक्रिय रहता है। पंचांग में योग सूर्य और चन्द्र की मिली-जुली स्थिति से बनता है और 27 योगों के चक्र में घूमता है। सिद्ध योग का अपना स्वभाव होता है जो दिन के कामों की शुभता पर असर डालता है।

संबंधित पंचांग पृष्ठ

दैनिक प्रामाणिकता

तांत्रिक बंदा खिड़कियाँ

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स्रोत:

साधना विधान

Ganesha Puja & Modaka Offering

गणेश पूजा

- Ganesha Purana

Chaturthi Ganesha Vrata

चतुर्थी गणेश व्रत

- Ganesha Purana, Mudgala Purana

Siddha Yoga Maha Sadhana

सिद्ध योग महासाधना

- Muhurta Chintamani, Dharmasindhu

Sankalpa Vrata

संकल्प व्रत

- Dharmasindhu, Vrata Ratnakara

Devi Kavacham Patha

देवी कवचम् पाठ

- Devi Mahatmya, Markandeya Purana

दिन दुर्लभता अंक

0.3377045767697364/ 100

हावड़ा — 6 मई

सूर्योदय
प्रातः 05:02
सूर्यास्त
सायं 18:04
तिथि
चतुर्थी (कृष्ण पक्ष)
नक्षत्र
मूल (तृतीय पाद)
योग
सिद्ध
करण
बालव
माह
वैशाख
चन्द्र राशि
धनु
सूर्य राशि
मेष
राहु काल
प्रातः 11:33–अपराह्ण 13:11
शुभ चौघड़िया
लाभ (प्रातः 05:02–प्रातः 06:40)
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