Kundlitkundlit
होरा · धनबाद

होराधनबाद14 नवम्बर 2026

शनिवार · कार्तिक · शुक्ल पक्ष

निरयण · लाहिड़ी
तिथि
पञ्चमी
नक्षत्र
पूर्वाषाढा
योग
शूल
करण
बव
वार
शनिवार

Waxing Crescent

Sunrise 05:59 — Sunset 16:58 · day 10h 59m

19% illuminated · increasing

पंचांग — पाँच अंग पञ्चाङ्ग

तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार, उनके समाप्ति समय के साथ, साथ ही मास और चंद्रमा तथा सूर्य की राशि — इस शहर के सूर्योदय के अनुसार गणना। आधी रात के बाद का समय पारंपरिक विस्तारित घड़ी में दिखता है (जैसे 27:23 = अगली सुबह 03:23)।

तिथि
Panchamiपञ्चमी23:24 तक
What this means

The lunar day. It is set by how far the Moon has pulled ahead of the Sun — each 12 degrees of separation is one tithi. The tithi shapes which activities the tradition favours, and it ends at the time shown, when the next one begins.

Muhurta ChintamaniTithi-prakaranam (Nanda/Bhadra/Jaya/Rikta/Purna tithi-types)
नक्षत्र
Purva Ashadhaपूर्वाषाढा20:24 तक
What this means

The Moon's star-mansion — the patch of sky it sits in today, one of 27. Each nakshatra has its own temperament that classical texts use to judge what the day is good for.

Brihat SamhitaNakshatra chapters (nakshatra qualities)
योग
Shulaशूल30:22 तक
What this means

A combined Sun-and-Moon measure (one of 27 nitya-yogas) — not the physical posture practice. A few yogas, such as Vyatipata and Vaidhriti, are best avoided; most are ordinary.

Muhurta ChintamaniYoga enumeration (tyajya-yoga list, v. 33)
करण
Bavaबव10:03 तक
What this means

Half of a tithi — each lunar day holds two karanas. One of them, Vishti (also called Bhadra), is treated as inauspicious; the rest are workable.

BPHSKarana-jnana-vidhi (11 karanas including Vishti)
वार
Shanivaraशनिवार
What this means

The weekday and its ruling planet. Each day's planet colours which tasks the tradition recommends — e.g. Thursday (Jupiter) for auspicious beginnings.

Muhurta ChintamaniVara-prakaranam (weekday lords)
मास
Kartikaकार्तिक
What this means

The lunar month. India uses two reckonings — Amanta (new-moon to new-moon) and Purnimanta (full-moon to full-moon) — so the name can differ by region. An 'Adhika' (extra) month is inserted to keep the lunar and solar years aligned.

Nirnaya SindhuAdhikamasa-nirnaya (intercalary month)
पक्ष
शुक्ल पक्ष (बढ़ता चंद्र)
What this means

The fortnight. Shukla is the waxing half (Moon growing toward full); Krishna is the waning half (toward the new moon).

Calendar definition

चंद्र राशि
Dhanu
What this means

The zodiac sign the Moon occupies now. Together with your birth Moon-sign it drives Chandrabala — the Moon's day-to-day favourability for you.

Muhurta Chintamani2.4-2.5 (Chandrabala)
सूर्य राशि
Tulaतुला

निरयण (लाहिड़ी) गणना; अंग समाप्ति समय शहर के वास्तविक सूर्योदय के अनुसार। “अधिक मास” उस अतिरिक्त चंद्र मास को दर्शाता है जिसमें कोई सौर संक्रांति नहीं होती।

यह पंचांग कैसे गणना होती है

इस पृष्ठ का हर समय सूर्य और चंद्रमा की वास्तविक स्थिति से स्विस एफेमेरिस (वही उच्च-परिशुद्धता खगोलीय इंजन जिसे पेशेवर खगोलशास्त्री उपयोग करते हैं) से निकाला जाता है, किसी छपे पंचांग या तय तालिका से नहीं।

  • निरयण राशिचक्र, लाहिड़ी अयनांश — भारत सरकार के कैलेंडर में यही मानक है। सभी नक्षत्र, राशि, तिथि और योग की सीमाएँ इसी से बनती हैं।
  • स्थानीय वास्तविक सूर्योदय — मुहूर्त काल (राहु काल, चौघड़िया, होरा, अभिजित आदि) Dhanbad के सटीक निर्देशांक के लिए गणना किए गए वास्तविक सूर्योदय से मापे जाते हैं, इसलिए वे आपके स्थान के लिए सही होते हैं, कोई क्षेत्रीय अनुमान नहीं।
  • दो मास परंपराएँ — हम अमांत (अमावस्या से अमावस्या) और पूर्णिमांत (पूर्णिमा से पूर्णिमा) दोनों चंद्र मास दिखाते हैं, क्योंकि भारत के अलग-अलग क्षेत्र अलग परंपरा मानते हैं; अधिक (मलमास) मास होने पर उसे अंकित किया जाता है।

महत्व और शुभ/अशुभ संकेत शास्त्रीय ग्रंथों (मुहूर्त चिंतामणि, बृहत् संहिता, पुराण आदि) से लिए जाते हैं और साथ में उद्धृत किए जाते हैं — हम कभी ऐसा प्रभाव नहीं बताते जो ग्रंथ में न हो।

आपका आज का पंचांग

अपना जन्म नक्षत्र और चंद्र राशि एक बार चुनें — फिर हम आज का आपका ताराबल और चंद्रबल पढ़कर बता देंगे। यह सिर्फ़ इसी डिवाइस पर सेव होता है; हमारे सर्वर पर कभी नहीं जाता।

आज क्या करना शुभ है?

आप जो करने वाले हैं वह चुनें। हम आज के पंचांग को शास्त्रीय मुहूर्त नियम से जाँचकर बताते हैं कि यह शुभ है या नहीं, सबसे अच्छा समय कौन-सा है, और यह किस ग्रंथ से है।

Hora schedule (text table)
#PlanetStartEnd
1Saturn05:5906:54
2Jupiter06:5407:48
3Mars07:4808:43
4Sun08:4309:38
5Venus09:3810:33
6Mercury10:3311:28
7Moon11:2812:23
8Saturn12:2313:18
9Jupiter13:1814:13
10Mars14:1315:08
11Sun15:0816:03
12Venus16:0316:58
13Mercury16:5818:03
14Moon18:0319:08
15Saturn19:0820:13
16Jupiter20:1321:18
17Mars21:1822:23
18Sun22:2323:28
19Venus23:2800:33
20Mercury00:3301:38
21Moon01:3802:43
22Saturn02:4303:48
23Jupiter03:4804:54
24Mars04:5405:59
समय विवरण (तालिका)
कालआरंभसमाप्तिप्रकार
Rahu Kala08:4310:06अशुभ
Yamaghanda Kala05:5907:21अशुभ
Gulika Kala05:5907:21अशुभ
Abhijit Muhurta11:0611:50शुभ

शुभ मुहूर्त शुभ मुहूर्त

सूर्योदय और नक्षत्र के आधार पर बने वे समय जिन्हें शास्त्रीय मुहूर्त ग्रंथ साधना, अध्ययन और नई शुरुआत के लिए बताते हैं।

Brahma Muhurta

ब्रह्म मुहूर्त

04:23 – 05:11

Pratah Sandhya

प्रातः सन्ध्या

04:54 – 05:59

Vijaya Muhurta

विजय मुहूर्त

13:18 – 14:02

Godhuli Muhurta

गोधूलि मुहूर्त

16:46 – 17:10

Sayahna Sandhya

सायाह्न सन्ध्या

16:58 – 18:03

Nishita Muhurta

निशीथ मुहूर्त

23:04 – 23:52

Amrita Kalam

अमृत कालम्

15:53 – 17:41

स्रोत: मुहूर्त चिंतामणि; निर्णय सिंधु। उप-काल की गणना सूर्योदय + शहर के निर्देशांक पर सूर्य नक्षत्र की स्थिति से।

अशुभ काल अशुभ काल

राहु काल, यमगंड और गुलिक (ऊपर दिन की समय-रेखा में दिखाए गए) के अलावा, नई शुरुआत के लिए टालने योग्य शास्त्रीय काल।

Varjyam

वर्ज्यम्

04:08 – 05:56

नक्षत्र से निकला वह काल जिसे शास्त्र टालने को कहते हैं।

Dur Muhurtam 1

दुर्मुहूर्तम्

05:59 – 06:43

वार के अनुसार तय अशुभ उप-मुहूर्त।

Dur Muhurtam 2

दुर्मुहूर्तम्

06:43 – 07:26

वार के अनुसार तय अशुभ उप-मुहूर्त।

स्रोत: मुहूर्त चिंतामणि; धर्म सिंधु। उप-काल की गणना सूर्योदय + नक्षत्र की स्थिति से।

आज का सूर्य सूर्य

सूर्य की राशि और नक्षत्र — ऊपर हीरो में दिखाए गए चंद्र-पक्ष की तिथि और नक्षत्र का सूर्य-पक्ष पूरक।

सूर्य राशि

Tula#7

सूर्य नक्षत्र

Vishakha विशाखा

पाद 3 / 4

आज चंद्र पाद परिवर्तन

  • 06:50
  • 13:37
  • 20:24
  • 03:11

स्रोत: लाहिड़ी (चित्रपक्ष) निरयण गणना। पाद की गणना नक्षत्र को 3° 20′ के 4 बराबर भागों में बाँटकर।

हिंदू वर्ष विक्रम संवत्

इस वर्ष के विक्रम, शक और गुजराती संवत, साथ में 60-वर्षीय शासन-चक्र से चक्र का नाम (संवत्सर)।

विक्रम संवत

2083

Parabhava पराभव

वर्ष हब देखें

शक संवत

1948

Kilaka कीलक

गुजराती संवत

2082

Vishvavasu विश्वावसु

मंत्री मंडल — वर्ष शासन

पददेवता
RajaMars
MantriMars

बाकी शासन पद (8) इंजन द्वारा हल होते ही भर जाएँगे।

स्रोत: निर्णय सिंधु; सूर्यसिद्धांत। संवत्सर 60-वर्षीय बृहस्पति चक्र से।

दैनिक दिशाएँ दिशा

मुहूर्त चुनने में काम आने वाली दिन की दिशाएँ — यात्रा के लिए दिशा शूल, यज्ञ के लिए अग्निवास, लाभ की दिशा के लिए चंद्र/राहु वास, अनुष्ठान के समय के लिए शिववास।

Disha Shool

East पूर्व

अशुभ

स्रोत: Avoid travel toward this direction today

Chandra Vasa

East पूर्व

शुभ

स्रोत: Direction favored by today's moon position

Rahu Vasa

West पश्चिम

अशुभ

स्रोत: Direction occupied by Rahu; avoid offerings facing here

Agnivasa

Swarga स्वर्ग

शुभ

स्रोत: Agni's dwelling for homa-suitability assessment

Shiva Vasa

Gauri-sannidhi गौरीसन्निधि

शुभ

स्रोत: Shiva's location for rudrabhisheka timing

Homahuti

Mercury बुध

शुभ

स्रोत: Benefic planet: offering auspicious

आज की बल तालिका

ताराबल और चंद्रबल — मुहूर्त चुनने में काम आने वाली दो शास्त्रीय बल जाँच। यदि आपका जन्म नक्षत्र या जन्म राशि अनुकूल सूची में आए, तो दिन नई शुरुआत के लिए ठीक है।

आज अनुकूल जन्म राशियाँ

Mithuna, Karka, Tula, Dhanu, Kumbha, Meena

ताराबल — सभी 27 जन्म नक्षत्र
#जन्म नक्षत्रतारागुण
1AshwiniSampat सम्पत्सामान्य
2BharaniJanma जन्मसामान्य
3KrittikaAti-Mitra अतिमित्रसामान्य
4RohiniMitra मित्रसामान्य
5MrigashiraVadha वधसामान्य
6ArdraSadhaka साधकसामान्य
7PunarvasuPratyari प्रत्यरिसामान्य
8PushyaKshema क्षेमसामान्य
9AshleshaVipat विपत्सामान्य
10MaghaSampat सम्पत्सामान्य
11Purva PhalguniJanma जन्मसामान्य
12Uttara PhalguniAti-Mitra अतिमित्रसामान्य
13HastaMitra मित्रसामान्य
14ChitraVadha वधसामान्य
15SwatiSadhaka साधकसामान्य
16VishakhaPratyari प्रत्यरिसामान्य
17AnuradhaKshema क्षेमसामान्य
18JyeshthaVipat विपत्सामान्य
19MulaSampat सम्पत्सामान्य
20Purva AshadhaJanma जन्मसामान्य
21Uttara AshadhaAti-Mitra अतिमित्रसामान्य
22ShravanaMitra मित्रसामान्य
23DhanishthaVadha वधसामान्य
24ShatabhishaSadhaka साधकसामान्य
25Purva BhadrapadaPratyari प्रत्यरिसामान्य
26Uttara BhadrapadaKshema क्षेमसामान्य
27RevatiVipat विपत्सामान्य
चंद्रबल — सभी 12 जन्म राशि
#जन्म राशिजन्म से भावअनुकूल
1Mesha9नहीं
2Vrishabha8नहीं
3Mithuna7हाँ
4Karka6हाँ
5Simha5नहीं
6Kanya4नहीं
7Tula3हाँ
8Vrishchika2नहीं
9Dhanu1हाँ
10Makara12नहीं
11Kumbha11हाँ
12Meena10हाँ

स्रोत: मुहूर्त चिंतामणि; बृहत् संहिता। ताराबल जन्म-नक्षत्र से आज के नक्षत्र तक 9-चक्र का उपयोग करता है।

उदय लग्न (उगती राशि) समय-रेखा

दिन के हर समय पूर्वी क्षितिज पर कौन सी राशि उग रही है। खंड की चौड़ाई वास्तविक उदय अवधि के अनुपात में है।
सभी 13 खंड (तालिका)
#राशिआरंभसमाप्ति
7Tula तुला05:5906:14
8Vrishchika वृश्चिक06:1408:34
9Dhanu धनु08:3410:39
10Makara मकर10:3912:24
11Kumbha कुम्भ12:2413:54
12Meena मीन13:5415:24
1Mesha मेष15:2417:04
2Vrishabha वृषभ17:0419:04
3Mithuna मिथुन19:0421:19
4Karka कर्क21:1923:34
5Simha सिंह23:3401:44
6Kanya कन्या01:4403:59
7Tula तुला03:5905:59

पंचक रहित मुहूर्त पञ्चक रहित मुहूर्त

पंचक श्रेणी के अनुसार 15 शास्त्रीय दिन-मुहूर्त खंड। हरा = शुभ; गुलाबी = टालें। चौड़ाई वास्तविक अवधि के अनुपात में है।
सभी 15 खंड (तालिका)
#नामआरंभसमाप्तिगुण
1Mrityu मृत्यु05:5906:43अशुभ
2Agni अग्नि06:4307:26अशुभ
3Raja राज07:2608:10अशुभ
4Chora चोर08:1008:54अशुभ
5Shubha शुभ08:5409:38शुभ
6Roga रोग09:3810:22अशुभ
7Mrityu मृत्यु10:2211:06अशुभ
8Agni अग्नि11:0611:50अशुभ
9Raja राज11:5012:34अशुभ
10Chora चोर12:3413:18अशुभ
11Shubha शुभ13:1814:02शुभ
12Roga रोग14:0214:46अशुभ
13Mrityu मृत्यु14:4615:30अशुभ
14Agni अग्नि15:3016:14अशुभ
15Raja राज16:1416:58अशुभ

स्रोत: मुहूर्त चिंतामणि; निर्णय सिंधु।

ऋतु और अयन

वैदिक ऋतु, अयन, दिन/रात की लंबाई और सौर-दोपहर — आज के पंचांग के आसपास का ऋतु ढाँचा।

ऋतु (वैदिक)

Sharadशरद्

ऋतु (दृक)

Sharadशरद्

अयन

Dakshinayanaदक्षिणायन

दिनमान

10h 59m

रात्रिमान

13h 1m

मध्याह्न

11:28

स्रोत: सूर्यसिद्धांत। दिनमान = सूर्योदय→सूर्यास्त के मिनट; मध्याह्न = स्थानीय सौर दोपहर।

होरा - धनबाद, 14 नवम्बर 2026

धनबाद में शनिवार, 14 नवम्बर 2026 का दिन अपनी अलग ऊर्जा के साथ शुरू होता है। धनबाद में सूरज प्रातः 05:59 बजे निकलता है और अपराह्ण 16:58 बजे अस्त होता है, जिससे दिन में 10 घंटे 59 मिनट का उजाला मिलता है। तिथि पञ्चमी (शुक्ल पक्ष) है और दिन का नक्षत्र पूर्वाषाढा है। शूल योग पूरे दिन पर असर डालता है। धनबाद के लिए ब्रह्म मुहूर्त रात्रि 04:23 से प्रातः 05:11 तक है; यही वह समय है जिसे शास्त्र साधना और पढ़ाई के लिए सर्वोत्तम बताते हैं।

धनबाद में राहु काल प्रातः 08:43 से प्रातः 10:06 तक रहेगा — इस दौरान कोई नया काम शुरू न करें। दिशाशूल आज पूर्व की ओर है, इसलिए शनिवार को उस दिशा की यात्रा कुछ देर टाल दें। अच्छे समय के लिए शुभ चौघड़िया (प्रातः 07:21–प्रातः 08:43) सबसे उत्तम मुहूर्त है। पूर्वाषाढा नक्षत्र शुक्र के अधिकार में है, जिससे यह दिन आकाशीय समय और धनबाद की भूमि — दोनों से जुड़ जाता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

धनबाद में 14 नवम्बर 2026 को राहु काल कब है?
धनबाद में 14 नवम्बर 2026 को राहु काल प्रातः 08:43 से प्रातः 10:06 तक रहता है। यह करीब 90 मिनट की खिड़की राहु के अधीन होती है और नया काम, यात्रा या शुभ कार्य शुरू करने से आमतौर पर बचा जाता है। यह समय हर दिन सूर्योदय के अनुसार बदलता है, इसलिए हर शहर में अलग होता है।
धनबाद में 14 नवम्बर 2026 को सूर्योदय प्रातः 05:59 बजे क्यों होता है?
धनबाद में 14 नवम्बर 2026 को सूर्योदय प्रातः 05:59 बजे होता है — यह शहर के अक्षांश (23.80°N) और इस तारीख को पृथ्वी के झुकाव से तय होता है। सूर्योदय और सूर्यास्त (अपराह्ण 16:58) वैदिक दिन की लंबाई तय करते हैं और राहु काल से लेकर चौघड़िया तक सभी गणनाएँ धनबाद के स्थानीय क्षितिज से जोड़ते हैं।
धनबाद में 14 नवम्बर 2026 को कौन-सा योग है?
धनबाद में 14 नवम्बर 2026 को शूल योग है, जो प्रातः 05:23 से प्रातः 06:22 तक सक्रिय रहता है। पंचांग में योग सूर्य और चन्द्र की मिली-जुली स्थिति से बनता है और 27 योगों के चक्र में घूमता है। शूल योग का अपना स्वभाव होता है जो दिन के कामों की शुभता पर असर डालता है।

संबंधित पंचांग पृष्ठ

दैनिक प्रामाणिकता

साधना विधान

Naga Panchami Puja

नाग पंचमी पूजा

- Garuda Purana, Narada Purana

Bava Karana Auspicious Puja

बव करण शुभ पूजा

- Muhurta Chintamani

दिन दुर्लभता अंक

0.31088336643526826/ 100

धनबाद — 14 नवम्बर

सूर्योदय
प्रातः 05:59
सूर्यास्त
अपराह्ण 16:58
तिथि
पञ्चमी (शुक्ल पक्ष)
नक्षत्र
पूर्वाषाढा (द्वितीय पाद)
योग
शूल
करण
बव
माह
कार्तिक
चन्द्र राशि
धनु
सूर्य राशि
तुला
राहु काल
प्रातः 08:43–प्रातः 10:06
शुभ चौघड़िया
शुभ (प्रातः 07:21–प्रातः 08:43)
Embed this Hora on your site
Theme
Width
HTML iframe
<iframe src="https://kundlit.com/embed/hora?city=Dhanbad" width="360" height="420" loading="lazy" referrerpolicy="no-referrer-when-downgrade" style="border:0;border-radius:12px;max-width:100%" title="Hora — Kundlit"></iframe>
WordPress
[iframe src="https://kundlit.com/embed/hora?city=Dhanbad" width="360" height="420"]
URL only
https://kundlit.com/embed/hora?city=Dhanbad

Free to embed, including on commercial sites. Attribution is built into the widget — please don't remove it. The widget loads ~3KB of styles and one live API call; no cookies, no tracking scripts.

Live preview