Kundlitkundlit
होरा · अटलांटा

होराअटलांटा9 फरवरी 2026

सोमवार · माघ · कृष्ण पक्ष

निरयण · लाहिड़ी
तिथि
अष्टमी
नक्षत्र
विशाखा
योग
वृद्धि
करण
बालव
वार
सोमवार

Waning Half-Moon

Sunrise 07:28 — Sunset 18:15 · day 10h 47m

50% illuminated · decreasing

पंचांग — पाँच अंग पञ्चाङ्ग

तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार, उनके समाप्ति समय के साथ, साथ ही मास और चंद्रमा तथा सूर्य की राशि — इस शहर के सूर्योदय के अनुसार गणना। आधी रात के बाद का समय पारंपरिक विस्तारित घड़ी में दिखता है (जैसे 27:23 = अगली सुबह 03:23)।

तिथि
Ashtamiअष्टमी20:57 तक
What this means

The lunar day. It is set by how far the Moon has pulled ahead of the Sun — each 12 degrees of separation is one tithi. The tithi shapes which activities the tradition favours, and it ends at the time shown, when the next one begins.

Muhurta ChintamaniTithi-prakaranam (Nanda/Bhadra/Jaya/Rikta/Purna tithi-types)
नक्षत्र
Vishakhaविशाखा21:25 तक
What this means

The Moon's star-mansion — the patch of sky it sits in today, one of 27. Each nakshatra has its own temperament that classical texts use to judge what the day is good for.

Brihat SamhitaNakshatra chapters (nakshatra qualities)
योग
Vriddhiवृद्धि14:21 तक
What this means

A combined Sun-and-Moon measure (one of 27 nitya-yogas) — not the physical posture practice. A few yogas, such as Vyatipata and Vaidhriti, are best avoided; most are ordinary.

Muhurta ChintamaniYoga enumeration (tyajya-yoga list, v. 33)
करण
Balavaबालव07:43 तक
What this means

Half of a tithi — each lunar day holds two karanas. One of them, Vishti (also called Bhadra), is treated as inauspicious; the rest are workable.

BPHSKarana-jnana-vidhi (11 karanas including Vishti)
वार
Somavaraसोमवार
What this means

The weekday and its ruling planet. Each day's planet colours which tasks the tradition recommends — e.g. Thursday (Jupiter) for auspicious beginnings.

Muhurta ChintamaniVara-prakaranam (weekday lords)
मास
Maghaमाघ
What this means

The lunar month. India uses two reckonings — Amanta (new-moon to new-moon) and Purnimanta (full-moon to full-moon) — so the name can differ by region. An 'Adhika' (extra) month is inserted to keep the lunar and solar years aligned.

Nirnaya SindhuAdhikamasa-nirnaya (intercalary month)
पक्ष
कृष्ण पक्ष (घटता चंद्र)
What this means

The fortnight. Shukla is the waxing half (Moon growing toward full); Krishna is the waning half (toward the new moon).

Calendar definition

चंद्र राशि
Tula
What this means

The zodiac sign the Moon occupies now. Together with your birth Moon-sign it drives Chandrabala — the Moon's day-to-day favourability for you.

Muhurta Chintamani2.4-2.5 (Chandrabala)
सूर्य राशि
Makaraमकर

निरयण (लाहिड़ी) गणना; अंग समाप्ति समय शहर के वास्तविक सूर्योदय के अनुसार। “अधिक मास” उस अतिरिक्त चंद्र मास को दर्शाता है जिसमें कोई सौर संक्रांति नहीं होती।

यह पंचांग कैसे गणना होती है

इस पृष्ठ का हर समय सूर्य और चंद्रमा की वास्तविक स्थिति से स्विस एफेमेरिस (वही उच्च-परिशुद्धता खगोलीय इंजन जिसे पेशेवर खगोलशास्त्री उपयोग करते हैं) से निकाला जाता है, किसी छपे पंचांग या तय तालिका से नहीं।

  • निरयण राशिचक्र, लाहिड़ी अयनांश — भारत सरकार के कैलेंडर में यही मानक है। सभी नक्षत्र, राशि, तिथि और योग की सीमाएँ इसी से बनती हैं।
  • स्थानीय वास्तविक सूर्योदय — मुहूर्त काल (राहु काल, चौघड़िया, होरा, अभिजित आदि) Atlanta के सटीक निर्देशांक के लिए गणना किए गए वास्तविक सूर्योदय से मापे जाते हैं, इसलिए वे आपके स्थान के लिए सही होते हैं, कोई क्षेत्रीय अनुमान नहीं।
  • दो मास परंपराएँ — हम अमांत (अमावस्या से अमावस्या) और पूर्णिमांत (पूर्णिमा से पूर्णिमा) दोनों चंद्र मास दिखाते हैं, क्योंकि भारत के अलग-अलग क्षेत्र अलग परंपरा मानते हैं; अधिक (मलमास) मास होने पर उसे अंकित किया जाता है।

महत्व और शुभ/अशुभ संकेत शास्त्रीय ग्रंथों (मुहूर्त चिंतामणि, बृहत् संहिता, पुराण आदि) से लिए जाते हैं और साथ में उद्धृत किए जाते हैं — हम कभी ऐसा प्रभाव नहीं बताते जो ग्रंथ में न हो।

आपका आज का पंचांग

अपना जन्म नक्षत्र और चंद्र राशि एक बार चुनें — फिर हम आज का आपका ताराबल और चंद्रबल पढ़कर बता देंगे। यह सिर्फ़ इसी डिवाइस पर सेव होता है; हमारे सर्वर पर कभी नहीं जाता।

आज क्या करना शुभ है?

आप जो करने वाले हैं वह चुनें। हम आज के पंचांग को शास्त्रीय मुहूर्त नियम से जाँचकर बताते हैं कि यह शुभ है या नहीं, सबसे अच्छा समय कौन-सा है, और यह किस ग्रंथ से है।

Hora schedule (text table)
#PlanetStartEnd
1Moon07:2808:22
2Saturn08:2209:16
3Jupiter09:1610:10
4Mars10:1011:04
5Sun11:0411:58
6Venus11:5812:51
7Mercury12:5113:45
8Moon13:4514:39
9Saturn14:3915:33
10Jupiter15:3316:27
11Mars16:2717:21
12Sun17:2118:15
13Venus18:1519:21
14Mercury19:2120:27
15Moon20:2721:33
16Saturn21:3322:39
17Jupiter22:3923:45
18Mars23:4500:51
19Sun00:5101:58
20Venus01:5803:04
21Mercury03:0404:10
22Moon04:1005:16
23Saturn05:1606:22
24Jupiter06:2207:28
समय विवरण (तालिका)
कालआरंभसमाप्तिप्रकार
Rahu Kala08:4910:10अशुभ
Yamaghanda Kala11:3112:51अशुभ
Gulika Kala14:1215:33अशुभ
Abhijit Muhurta12:3013:13शुभ

शुभ मुहूर्त शुभ मुहूर्त

सूर्योदय और नक्षत्र के आधार पर बने वे समय जिन्हें शास्त्रीय मुहूर्त ग्रंथ साधना, अध्ययन और नई शुरुआत के लिए बताते हैं।

Brahma Muhurta

ब्रह्म मुहूर्त

05:52 – 06:40

Pratah Sandhya

प्रातः सन्ध्या

06:23 – 07:28

Vijaya Muhurta

विजय मुहूर्त

14:39 – 15:22

Godhuli Muhurta

गोधूलि मुहूर्त

18:03 – 18:27

Sayahna Sandhya

सायाह्न सन्ध्या

18:15 – 19:20

Nishita Muhurta

निशीथ मुहूर्त

24:27 – 01:15

Amrita Kalam

अमृत कालम्

24:49 – 02:36

स्रोत: मुहूर्त चिंतामणि; निर्णय सिंधु। उप-काल की गणना सूर्योदय + शहर के निर्देशांक पर सूर्य नक्षत्र की स्थिति से।

अशुभ काल अशुभ काल

राहु काल, यमगंड और गुलिक (ऊपर दिन की समय-रेखा में दिखाए गए) के अलावा, नई शुरुआत के लिए टालने योग्य शास्त्रीय काल।

Varjyam

वर्ज्यम्

24:49 – 02:36

नक्षत्र से निकला वह काल जिसे शास्त्र टालने को कहते हैं।

Dur Muhurtam 12

दुर्मुहूर्तम्

15:22 – 16:05

वार के अनुसार तय अशुभ उप-मुहूर्त।

Dur Muhurtam 13

दुर्मुहूर्तम्

16:05 – 16:48

वार के अनुसार तय अशुभ उप-मुहूर्त।

स्रोत: मुहूर्त चिंतामणि; धर्म सिंधु। उप-काल की गणना सूर्योदय + नक्षत्र की स्थिति से।

आज का सूर्य सूर्य

सूर्य की राशि और नक्षत्र — ऊपर हीरो में दिखाए गए चंद्र-पक्ष की तिथि और नक्षत्र का सूर्य-पक्ष पूरक।

सूर्य राशि

Makara#10

सूर्य नक्षत्र

Dhanishtha धनिष्ठा

पाद 1 / 4

आज चंद्र पाद परिवर्तन

  • 07:57
  • 14:41
  • 21:26
  • 04:10

स्रोत: लाहिड़ी (चित्रपक्ष) निरयण गणना। पाद की गणना नक्षत्र को 3° 20′ के 4 बराबर भागों में बाँटकर।

हिंदू वर्ष विक्रम संवत्

इस वर्ष के विक्रम, शक और गुजराती संवत, साथ में 60-वर्षीय शासन-चक्र से चक्र का नाम (संवत्सर)।

विक्रम संवत

2083

Parabhava पराभव

वर्ष हब देखें

शक संवत

1948

Kilaka कीलक

गुजराती संवत

2082

Vishvavasu विश्वावसु

मंत्री मंडल — वर्ष शासन

पददेवता
RajaSun
MantriSun

बाकी शासन पद (8) इंजन द्वारा हल होते ही भर जाएँगे।

स्रोत: निर्णय सिंधु; सूर्यसिद्धांत। संवत्सर 60-वर्षीय बृहस्पति चक्र से।

दैनिक दिशाएँ दिशा

मुहूर्त चुनने में काम आने वाली दिन की दिशाएँ — यात्रा के लिए दिशा शूल, यज्ञ के लिए अग्निवास, लाभ की दिशा के लिए चंद्र/राहु वास, अनुष्ठान के समय के लिए शिववास।

Disha Shool

East पूर्व

अशुभ

स्रोत: Avoid travel toward this direction today

Chandra Vasa

West पश्चिम

शुभ

स्रोत: Direction favored by today's moon position

Rahu Vasa

Northwest वायव्य

अशुभ

स्रोत: Direction occupied by Rahu; avoid offerings facing here

Agnivasa

Prithvi पृथ्वी

शुभ

स्रोत: Agni's dwelling for homa-suitability assessment

Shiva Vasa

Vrishabha वृषभ

शुभ

स्रोत: Shiva's location for rudrabhisheka timing

Homahuti

Jupiter गुरु

शुभ

स्रोत: Benefic planet: offering auspicious

आज की बल तालिका

ताराबल और चंद्रबल — मुहूर्त चुनने में काम आने वाली दो शास्त्रीय बल जाँच। यदि आपका जन्म नक्षत्र या जन्म राशि अनुकूल सूची में आए, तो दिन नई शुरुआत के लिए ठीक है।

आज अनुकूल जन्म राशियाँ

Mesha, Vrishabha, Simha, Tula, Dhanu, Makara

ताराबल — सभी 27 जन्म नक्षत्र
#जन्म नक्षत्रतारागुण
1AshwiniVadha वधसामान्य
2BharaniSadhaka साधकसामान्य
3KrittikaPratyari प्रत्यरिसामान्य
4RohiniKshema क्षेमसामान्य
5MrigashiraVipat विपत्सामान्य
6ArdraSampat सम्पत्सामान्य
7PunarvasuJanma जन्मसामान्य
8PushyaAti-Mitra अतिमित्रसामान्य
9AshleshaMitra मित्रसामान्य
10MaghaVadha वधसामान्य
11Purva PhalguniSadhaka साधकसामान्य
12Uttara PhalguniPratyari प्रत्यरिसामान्य
13HastaKshema क्षेमसामान्य
14ChitraVipat विपत्सामान्य
15SwatiSampat सम्पत्सामान्य
16VishakhaJanma जन्मसामान्य
17AnuradhaAti-Mitra अतिमित्रसामान्य
18JyeshthaMitra मित्रसामान्य
19MulaVadha वधसामान्य
20Purva AshadhaSadhaka साधकसामान्य
21Uttara AshadhaPratyari प्रत्यरिसामान्य
22ShravanaKshema क्षेमसामान्य
23DhanishthaVipat विपत्सामान्य
24ShatabhishaSampat सम्पत्सामान्य
25Purva BhadrapadaJanma जन्मसामान्य
26Uttara BhadrapadaAti-Mitra अतिमित्रसामान्य
27RevatiMitra मित्रसामान्य
चंद्रबल — सभी 12 जन्म राशि
#जन्म राशिजन्म से भावअनुकूल
1Mesha7हाँ
2Vrishabha6हाँ
3Mithuna5नहीं
4Karka4नहीं
5Simha3हाँ
6Kanya2नहीं
7Tula1हाँ
8Vrishchika12नहीं
9Dhanu11हाँ
10Makara10हाँ
11Kumbha9नहीं
12Meena8नहीं

स्रोत: मुहूर्त चिंतामणि; बृहत् संहिता। ताराबल जन्म-नक्षत्र से आज के नक्षत्र तक 9-चक्र का उपयोग करता है।

उदय लग्न (उगती राशि) समय-रेखा

दिन के हर समय पूर्वी क्षितिज पर कौन सी राशि उग रही है। खंड की चौड़ाई वास्तविक उदय अवधि के अनुपात में है।
सभी 13 खंड (तालिका)
#राशिआरंभसमाप्ति
10Makara मकर07:2807:43
11Kumbha कुम्भ07:4309:08
12Meena मीन09:0810:23
1Mesha मेष10:2311:53
2Vrishabha वृषभ11:5313:48
3Mithuna मिथुन13:4816:03
4Karka कर्क16:0318:28
5Simha सिंह18:2820:53
6Kanya कन्या20:5323:13
7Tula तुला23:1301:38
8Vrishchika वृश्चिक01:3803:58
9Dhanu धनु03:5806:03
10Makara मकर06:0307:28

पंचक रहित मुहूर्त पञ्चक रहित मुहूर्त

पंचक श्रेणी के अनुसार 15 शास्त्रीय दिन-मुहूर्त खंड। हरा = शुभ; गुलाबी = टालें। चौड़ाई वास्तविक अवधि के अनुपात में है।
सभी 15 खंड (तालिका)
#नामआरंभसमाप्तिगुण
1Chora चोर07:2808:11अशुभ
2Shubha शुभ08:1108:54शुभ
3Roga रोग08:5409:37अशुभ
4Mrityu मृत्यु09:3710:21अशुभ
5Agni अग्नि10:2111:04अशुभ
6Raja राज11:0411:47अशुभ
7Chora चोर11:4712:30अशुभ
8Shubha शुभ12:3013:13शुभ
9Roga रोग13:1313:56अशुभ
10Mrityu मृत्यु13:5614:39अशुभ
11Agni अग्नि14:3915:22अशुभ
12Raja राज15:2216:05अशुभ
13Chora चोर16:0516:48अशुभ
14Shubha शुभ16:4817:32शुभ
15Roga रोग17:3218:15अशुभ

स्रोत: मुहूर्त चिंतामणि; निर्णय सिंधु।

ऋतु और अयन

वैदिक ऋतु, अयन, दिन/रात की लंबाई और सौर-दोपहर — आज के पंचांग के आसपास का ऋतु ढाँचा।

ऋतु (वैदिक)

Shishiraशिशिर

ऋतु (दृक)

Hemantaहेमन्त

अयन

Uttarayanaउत्तरायण

दिनमान

10h 47m

रात्रिमान

13h 13m

मध्याह्न

12:51

स्रोत: सूर्यसिद्धांत। दिनमान = सूर्योदय→सूर्यास्त के मिनट; मध्याह्न = स्थानीय सौर दोपहर।

होरा - अटलांटा, 9 फरवरी 2026

सोमवार, 9 फरवरी 2026 को अटलांटा का पंचांग एक खास लय लेकर आता है। आज सूर्योदय प्रातः 07:28 बजे होता है और सायं 18:15 बजे अस्त होता है, जिससे दिन में 10 घंटे 47 मिनट का उजाला मिलता है। आज की तिथि कृष्ण पक्ष की अष्टमी है, और नक्षत्र विशाखा रहेगा। आज वृद्धि योग रहेगा — यही दिन के मूल पंचांग की पहचान बनाता है। ब्रह्म मुहूर्त — सुबह से पहले का ध्यान-काल — प्रातः 05:52 से प्रातः 06:40 तक रहता है, जो पूजा और अध्ययन के लिए सबसे शुभ माना जाता है।

प्रातः 08:49 से प्रातः 10:10 तक राहु काल रहता है, इसलिए अटलांटा में इस खिड़की में शुभ काम रोक कर रखें। सोमवार का दिशाशूल पूर्व दिशा है; इस दिशा में नया प्रस्थान न करें तो अच्छा। शुभ पक्ष में अमृत चौघड़िया (प्रातः 07:28–प्रातः 08:49) दिन की सबसे अच्छी खिड़की है। गुरु के स्वामित्व वाला विशाखा नक्षत्र इस प्राचीन पंचांग को अटलांटा के क्षितिज तक ले आता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अटलांटा में 9 फरवरी 2026 को राहु काल कब है?
अटलांटा में 9 फरवरी 2026 को राहु काल प्रातः 08:49 से प्रातः 10:10 तक रहता है। यह करीब 90 मिनट की खिड़की राहु के अधीन होती है और नया काम, यात्रा या शुभ कार्य शुरू करने से आमतौर पर बचा जाता है। यह समय हर दिन सूर्योदय के अनुसार बदलता है, इसलिए हर शहर में अलग होता है।
अटलांटा में 9 फरवरी 2026 को सूर्योदय प्रातः 07:28 बजे क्यों होता है?
अटलांटा में 9 फरवरी 2026 को सूर्योदय प्रातः 07:28 बजे होता है — यह शहर के अक्षांश (33.75°N) और इस तारीख को पृथ्वी के झुकाव से तय होता है। सूर्योदय और सूर्यास्त (सायं 18:15) वैदिक दिन की लंबाई तय करते हैं और राहु काल से लेकर चौघड़िया तक सभी गणनाएँ अटलांटा के स्थानीय क्षितिज से जोड़ते हैं।
अटलांटा में 9 फरवरी 2026 को कौन-सा योग है?
अटलांटा में 9 फरवरी 2026 को वृद्धि योग है, जो अपराह्ण 13:38 से अपराह्ण 14:21 तक सक्रिय रहता है। पंचांग में योग सूर्य और चन्द्र की मिली-जुली स्थिति से बनता है और 27 योगों के चक्र में घूमता है। वृद्धि योग का अपना स्वभाव होता है जो दिन के कामों की शुभता पर असर डालता है।

संबंधित पंचांग पृष्ठ

दैनिक प्रामाणिकता

तांत्रिक बंदा खिड़कियाँ

Neem

निम्ब

स्रोत:

Lajjavati

लज्जावती

स्रोत:

Ber (Chitra/Vishakha prayoga)

बेर (चित्रा विशाखा)

स्रोत:

साधना विधान

Kali Ashtami Puja

काली अष्टमी पूजा

- Kali Tantra, Mahanirvana Tantra

Ashtami Durga Puja

अष्टमी दुर्गा पूजा

- Devi Mahatmya, Durga Saptashati

दिन दुर्लभता अंक

0.16606645103860285/ 100

अटलांटा — 9 फरवरी

सूर्योदय
प्रातः 07:28
सूर्यास्त
सायं 18:15
तिथि
अष्टमी (कृष्ण पक्ष)
नक्षत्र
विशाखा (द्वितीय पाद)
योग
वृद्धि
करण
बालव
माह
माघ
चन्द्र राशि
तुला
सूर्य राशि
मकर
राहु काल
प्रातः 08:49–प्रातः 10:10
शुभ चौघड़िया
अमृत (प्रातः 07:28–प्रातः 08:49)
Embed this Hora on your site
Theme
Width
HTML iframe
<iframe src="https://kundlit.com/embed/hora?city=Atlanta" width="360" height="420" loading="lazy" referrerpolicy="no-referrer-when-downgrade" style="border:0;border-radius:12px;max-width:100%" title="Hora — Kundlit"></iframe>
WordPress
[iframe src="https://kundlit.com/embed/hora?city=Atlanta" width="360" height="420"]
URL only
https://kundlit.com/embed/hora?city=Atlanta

Free to embed, including on commercial sites. Attribution is built into the widget — please don't remove it. The widget loads ~3KB of styles and one live API call; no cookies, no tracking scripts.

Live preview