Kundlitkundlit
गुलिक काल · डलास

गुलिक कालडलास1 सितम्बर 2026

मङ्गलवार · भाद्रपद · कृष्ण पक्ष

निरयण · लाहिड़ी
तिथि
पञ्चमी
नक्षत्र
अश्विनी
योग
वृद्धि
करण
कौलव
वार
मङ्गलवार

Waning Gibbous

Sunrise 07:03 — Sunset 19:50 · day 12h 48m

80% illuminated · decreasing

पंचांग — पाँच अंग पञ्चाङ्ग

तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार, उनके समाप्ति समय के साथ, साथ ही मास और चंद्रमा तथा सूर्य की राशि — इस शहर के सूर्योदय के अनुसार गणना। आधी रात के बाद का समय पारंपरिक विस्तारित घड़ी में दिखता है (जैसे 27:23 = अगली सुबह 03:23)।

तिथि
Panchamiपञ्चमी19:43 तक
What this means

The lunar day. It is set by how far the Moon has pulled ahead of the Sun — each 12 degrees of separation is one tithi. The tithi shapes which activities the tradition favours, and it ends at the time shown, when the next one begins.

Muhurta ChintamaniTithi-prakaranam (Nanda/Bhadra/Jaya/Rikta/Purna tithi-types)
नक्षत्र
Ashwiniअश्विनी16:12 तक
What this means

The Moon's star-mansion — the patch of sky it sits in today, one of 27. Each nakshatra has its own temperament that classical texts use to judge what the day is good for.

Brihat SamhitaNakshatra chapters (nakshatra qualities)
योग
Vriddhiवृद्धि13:08 तक
What this means

A combined Sun-and-Moon measure (one of 27 nitya-yogas) — not the physical posture practice. A few yogas, such as Vyatipata and Vaidhriti, are best avoided; most are ordinary.

Muhurta ChintamaniYoga enumeration (tyajya-yoga list, v. 33)
करण
Kaulavaकौलव08:30 तक
What this means

Half of a tithi — each lunar day holds two karanas. One of them, Vishti (also called Bhadra), is treated as inauspicious; the rest are workable.

BPHSKarana-jnana-vidhi (11 karanas including Vishti)
वार
Mangalavaraमङ्गलवार
What this means

The weekday and its ruling planet. Each day's planet colours which tasks the tradition recommends — e.g. Thursday (Jupiter) for auspicious beginnings.

Muhurta ChintamaniVara-prakaranam (weekday lords)
मास
Bhadrapadaभाद्रपद
What this means

The lunar month. India uses two reckonings — Amanta (new-moon to new-moon) and Purnimanta (full-moon to full-moon) — so the name can differ by region. An 'Adhika' (extra) month is inserted to keep the lunar and solar years aligned.

Nirnaya SindhuAdhikamasa-nirnaya (intercalary month)
पक्ष
कृष्ण पक्ष (घटता चंद्र)
What this means

The fortnight. Shukla is the waxing half (Moon growing toward full); Krishna is the waning half (toward the new moon).

Calendar definition

चंद्र राशि
Mesha
What this means

The zodiac sign the Moon occupies now. Together with your birth Moon-sign it drives Chandrabala — the Moon's day-to-day favourability for you.

Muhurta Chintamani2.4-2.5 (Chandrabala)
सूर्य राशि
Simhaसिंह

निरयण (लाहिड़ी) गणना; अंग समाप्ति समय शहर के वास्तविक सूर्योदय के अनुसार। “अधिक मास” उस अतिरिक्त चंद्र मास को दर्शाता है जिसमें कोई सौर संक्रांति नहीं होती।

यह पंचांग कैसे गणना होती है

इस पृष्ठ का हर समय सूर्य और चंद्रमा की वास्तविक स्थिति से स्विस एफेमेरिस (वही उच्च-परिशुद्धता खगोलीय इंजन जिसे पेशेवर खगोलशास्त्री उपयोग करते हैं) से निकाला जाता है, किसी छपे पंचांग या तय तालिका से नहीं।

  • निरयण राशिचक्र, लाहिड़ी अयनांश — भारत सरकार के कैलेंडर में यही मानक है। सभी नक्षत्र, राशि, तिथि और योग की सीमाएँ इसी से बनती हैं।
  • स्थानीय वास्तविक सूर्योदय — मुहूर्त काल (राहु काल, चौघड़िया, होरा, अभिजित आदि) Dallas के सटीक निर्देशांक के लिए गणना किए गए वास्तविक सूर्योदय से मापे जाते हैं, इसलिए वे आपके स्थान के लिए सही होते हैं, कोई क्षेत्रीय अनुमान नहीं।
  • दो मास परंपराएँ — हम अमांत (अमावस्या से अमावस्या) और पूर्णिमांत (पूर्णिमा से पूर्णिमा) दोनों चंद्र मास दिखाते हैं, क्योंकि भारत के अलग-अलग क्षेत्र अलग परंपरा मानते हैं; अधिक (मलमास) मास होने पर उसे अंकित किया जाता है।

महत्व और शुभ/अशुभ संकेत शास्त्रीय ग्रंथों (मुहूर्त चिंतामणि, बृहत् संहिता, पुराण आदि) से लिए जाते हैं और साथ में उद्धृत किए जाते हैं — हम कभी ऐसा प्रभाव नहीं बताते जो ग्रंथ में न हो।

आपका आज का पंचांग

अपना जन्म नक्षत्र और चंद्र राशि एक बार चुनें — फिर हम आज का आपका ताराबल और चंद्रबल पढ़कर बता देंगे। यह सिर्फ़ इसी डिवाइस पर सेव होता है; हमारे सर्वर पर कभी नहीं जाता।

आज क्या करना शुभ है?

आप जो करने वाले हैं वह चुनें। हम आज के पंचांग को शास्त्रीय मुहूर्त नियम से जाँचकर बताते हैं कि यह शुभ है या नहीं, सबसे अच्छा समय कौन-सा है, और यह किस ग्रंथ से है।

समय विवरण (तालिका)
कालआरंभसमाप्तिप्रकार
Rahu Kala16:3818:14अशुभ
Yamaghanda Kala10:1411:50अशुभ
Gulika Kala13:2615:02अशुभ
Abhijit Muhurta13:0113:52शुभ

शुभ मुहूर्त शुभ मुहूर्त

सूर्योदय और नक्षत्र के आधार पर बने वे समय जिन्हें शास्त्रीय मुहूर्त ग्रंथ साधना, अध्ययन और नई शुरुआत के लिए बताते हैं।

Brahma Muhurta

ब्रह्म मुहूर्त

05:27 – 06:15

Pratah Sandhya

प्रातः सन्ध्या

05:58 – 07:03

Vijaya Muhurta

विजय मुहूर्त

15:34 – 16:25

Godhuli Muhurta

गोधूलि मुहूर्त

19:38 – 20:02

Sayahna Sandhya

सायाह्न सन्ध्या

19:50 – 20:55

Nishita Muhurta

निशीथ मुहूर्त

01:02 – 01:50

Amrita Kalam

अमृत कालम्

12:19 – 13:52

स्रोत: मुहूर्त चिंतामणि; निर्णय सिंधु। उप-काल की गणना सूर्योदय + शहर के निर्देशांक पर सूर्य नक्षत्र की स्थिति से।

अशुभ काल अशुभ काल

राहु काल, यमगंड और गुलिक (ऊपर दिन की समय-रेखा में दिखाए गए) के अलावा, नई शुरुआत के लिए टालने योग्य शास्त्रीय काल।

Varjyam

वर्ज्यम्

12:19 – 13:52

नक्षत्र से निकला वह काल जिसे शास्त्र टालने को कहते हैं।

Dur Muhurtam 4

दुर्मुहूर्तम्

09:36 – 10:27

वार के अनुसार तय अशुभ उप-मुहूर्त।

Dur Muhurtam 9

दुर्मुहूर्तम्

13:52 – 14:43

वार के अनुसार तय अशुभ उप-मुहूर्त।

स्रोत: मुहूर्त चिंतामणि; धर्म सिंधु। उप-काल की गणना सूर्योदय + नक्षत्र की स्थिति से।

आज का सूर्य सूर्य

सूर्य की राशि और नक्षत्र — ऊपर हीरो में दिखाए गए चंद्र-पक्ष की तिथि और नक्षत्र का सूर्य-पक्ष पूरक।

सूर्य राशि

Simha#5

सूर्य नक्षत्र

Purva Phalguni पूर्वाफाल्गुनी

पाद 1 / 4

आज चंद्र पाद परिवर्तन

  • 10:23
  • 16:10
  • 21:56
  • 03:43

स्रोत: लाहिड़ी (चित्रपक्ष) निरयण गणना। पाद की गणना नक्षत्र को 3° 20′ के 4 बराबर भागों में बाँटकर।

हिंदू वर्ष विक्रम संवत्

इस वर्ष के विक्रम, शक और गुजराती संवत, साथ में 60-वर्षीय शासन-चक्र से चक्र का नाम (संवत्सर)।

विक्रम संवत

2083

Parabhava पराभव

वर्ष हब देखें

शक संवत

1948

Kilaka कीलक

गुजराती संवत

2082

Vishvavasu विश्वावसु

मंत्री मंडल — वर्ष शासन

पददेवता
RajaMoon
MantriMoon

बाकी शासन पद (8) इंजन द्वारा हल होते ही भर जाएँगे।

स्रोत: निर्णय सिंधु; सूर्यसिद्धांत। संवत्सर 60-वर्षीय बृहस्पति चक्र से।

दैनिक दिशाएँ दिशा

मुहूर्त चुनने में काम आने वाली दिन की दिशाएँ — यात्रा के लिए दिशा शूल, यज्ञ के लिए अग्निवास, लाभ की दिशा के लिए चंद्र/राहु वास, अनुष्ठान के समय के लिए शिववास।

Disha Shool

North उत्तर

अशुभ

स्रोत: Avoid travel toward this direction today

Chandra Vasa

East पूर्व

शुभ

स्रोत: Direction favored by today's moon position

Rahu Vasa

North उत्तर

अशुभ

स्रोत: Direction occupied by Rahu; avoid offerings facing here

Agnivasa

Swarga स्वर्ग

शुभ

स्रोत: Agni's dwelling for homa-suitability assessment

Shiva Vasa

Sabha सभा

शुभ

स्रोत: Shiva's location for rudrabhisheka timing

Homahuti

Mars मङ्गल

अशुभ

स्रोत: Khala planet: offering inauspicious (खलग्रह के मुख में होमाहुति शुभ नहीं होती)

आज की बल तालिका

ताराबल और चंद्रबल — मुहूर्त चुनने में काम आने वाली दो शास्त्रीय बल जाँच। यदि आपका जन्म नक्षत्र या जन्म राशि अनुकूल सूची में आए, तो दिन नई शुरुआत के लिए ठीक है।

आज अनुकूल जन्म राशियाँ

Mesha, Mithuna, Karka, Tula, Vrishchika, Kumbha

ताराबल — सभी 27 जन्म नक्षत्र
#जन्म नक्षत्रतारागुण
1AshwiniJanma जन्मसामान्य
2BharaniAti-Mitra अतिमित्रसामान्य
3KrittikaMitra मित्रसामान्य
4RohiniVadha वधसामान्य
5MrigashiraSadhaka साधकसामान्य
6ArdraPratyari प्रत्यरिसामान्य
7PunarvasuKshema क्षेमसामान्य
8PushyaVipat विपत्सामान्य
9AshleshaSampat सम्पत्सामान्य
10MaghaJanma जन्मसामान्य
11Purva PhalguniAti-Mitra अतिमित्रसामान्य
12Uttara PhalguniMitra मित्रसामान्य
13HastaVadha वधसामान्य
14ChitraSadhaka साधकसामान्य
15SwatiPratyari प्रत्यरिसामान्य
16VishakhaKshema क्षेमसामान्य
17AnuradhaVipat विपत्सामान्य
18JyeshthaSampat सम्पत्सामान्य
19MulaJanma जन्मसामान्य
20Purva AshadhaAti-Mitra अतिमित्रसामान्य
21Uttara AshadhaMitra मित्रसामान्य
22ShravanaVadha वधसामान्य
23DhanishthaSadhaka साधकसामान्य
24ShatabhishaPratyari प्रत्यरिसामान्य
25Purva BhadrapadaKshema क्षेमसामान्य
26Uttara BhadrapadaVipat विपत्सामान्य
27RevatiSampat सम्पत्सामान्य
चंद्रबल — सभी 12 जन्म राशि
#जन्म राशिजन्म से भावअनुकूल
1Mesha1हाँ
2Vrishabha12नहीं
3Mithuna11हाँ
4Karka10हाँ
5Simha9नहीं
6Kanya8नहीं
7Tula7हाँ
8Vrishchika6हाँ
9Dhanu5नहीं
10Makara4नहीं
11Kumbha3हाँ
12Meena2नहीं

स्रोत: मुहूर्त चिंतामणि; बृहत् संहिता। ताराबल जन्म-नक्षत्र से आज के नक्षत्र तक 9-चक्र का उपयोग करता है।

उदय लग्न (उगती राशि) समय-रेखा

दिन के हर समय पूर्वी क्षितिज पर कौन सी राशि उग रही है। खंड की चौड़ाई वास्तविक उदय अवधि के अनुपात में है।
सभी 13 खंड (तालिका)
#राशिआरंभसमाप्ति
5Simha सिंह07:0308:18
6Kanya कन्या08:1810:43
7Tula तुला10:4313:03
8Vrishchika वृश्चिक13:0315:23
9Dhanu धनु15:2317:28
10Makara मकर17:2819:08
11Kumbha कुम्भ19:0820:28
12Meena मीन20:2821:48
1Mesha मेष21:4823:23
2Vrishabha वृषभ23:2301:13
3Mithuna मिथुन01:1303:28
4Karka कर्क03:2805:53
5Simha सिंह05:5307:03

पंचक रहित मुहूर्त पञ्चक रहित मुहूर्त

पंचक श्रेणी के अनुसार 15 शास्त्रीय दिन-मुहूर्त खंड। हरा = शुभ; गुलाबी = टालें। चौड़ाई वास्तविक अवधि के अनुपात में है।
सभी 15 खंड (तालिका)
#नामआरंभसमाप्तिगुण
1Shubha शुभ07:0307:54शुभ
2Roga रोग07:5408:45अशुभ
3Mrityu मृत्यु08:4509:36अशुभ
4Agni अग्नि09:3610:27अशुभ
5Raja राज10:2711:18अशुभ
6Chora चोर11:1812:10अशुभ
7Shubha शुभ12:1013:01शुभ
8Roga रोग13:0113:52अशुभ
9Mrityu मृत्यु13:5214:43अशुभ
10Agni अग्नि14:4315:34अशुभ
11Raja राज15:3416:25अशुभ
12Chora चोर16:2517:17अशुभ
13Shubha शुभ17:1718:08शुभ
14Roga रोग18:0818:59अशुभ
15Mrityu मृत्यु18:5919:50अशुभ

स्रोत: मुहूर्त चिंतामणि; निर्णय सिंधु।

ऋतु और अयन

वैदिक ऋतु, अयन, दिन/रात की लंबाई और सौर-दोपहर — आज के पंचांग के आसपास का ऋतु ढाँचा।

ऋतु (वैदिक)

Varshaवर्षा

ऋतु (दृक)

Varshaवर्षा

अयन

Dakshinayanaदक्षिणायन

दिनमान

12h 48m

रात्रिमान

11h 12m

मध्याह्न

13:26

स्रोत: सूर्यसिद्धांत। दिनमान = सूर्योदय→सूर्यास्त के मिनट; मध्याह्न = स्थानीय सौर दोपहर।

गुलिक काल - डलास, 1 सितम्बर 2026

डलास के आकाश में मंगलवार, 1 सितम्बर 2026 का दिन एक विशेष संयोग लेकर आता है। सूर्य प्रातः 07:03 बजे उगता है और सायं 19:50 बजे अस्त होता है, जिससे दिन में 12 घंटे 48 मिनट का उजाला मिलता है। तिथि पञ्चमी (कृष्ण पक्ष) है और दिन का नक्षत्र अश्विनी है। वृद्धि योग पूरे दिन पर असर डालता है। डलास के लिए ब्रह्म मुहूर्त प्रातः 05:27 से प्रातः 06:15 तक है; यही वह समय है जिसे शास्त्र साधना और पढ़ाई के लिए सर्वोत्तम बताते हैं।

डलास में राहु काल अपराह्ण 16:38 से सायं 18:14 तक रहेगा — इस दौरान कोई नया काम शुरू न करें। दिशाशूल आज उत्तर की ओर है, इसलिए मंगलवार को उस दिशा की यात्रा कुछ देर टाल दें। अच्छे समय के लिए लाभ चौघड़िया (प्रातः 11:50–अपराह्ण 13:26) सबसे उत्तम मुहूर्त है। अश्विनी नक्षत्र केतु के अधिकार में है, जिससे यह दिन आकाशीय समय और डलास की भूमि — दोनों से जुड़ जाता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

डलास में 1 सितम्बर 2026 को राहु काल कब है?
डलास में 1 सितम्बर 2026 को राहु काल अपराह्ण 16:38 से सायं 18:14 तक रहता है। यह करीब 90 मिनट की खिड़की राहु के अधीन होती है और नया काम, यात्रा या शुभ कार्य शुरू करने से आमतौर पर बचा जाता है। यह समय हर दिन सूर्योदय के अनुसार बदलता है, इसलिए हर शहर में अलग होता है।
डलास में 1 सितम्बर 2026 को सूर्योदय प्रातः 07:03 बजे क्यों होता है?
डलास में 1 सितम्बर 2026 को सूर्योदय प्रातः 07:03 बजे होता है — यह शहर के अक्षांश (32.78°N) और इस तारीख को पृथ्वी के झुकाव से तय होता है। सूर्योदय और सूर्यास्त (सायं 19:50) वैदिक दिन की लंबाई तय करते हैं और राहु काल से लेकर चौघड़िया तक सभी गणनाएँ डलास के स्थानीय क्षितिज से जोड़ते हैं।
डलास में 1 सितम्बर 2026 को कौन-सा योग है?
डलास में 1 सितम्बर 2026 को वृद्धि योग है, जो अपराह्ण 15:20 से अपराह्ण 13:08 तक सक्रिय रहता है। पंचांग में योग सूर्य और चन्द्र की मिली-जुली स्थिति से बनता है और 27 योगों के चक्र में घूमता है। वृद्धि योग का अपना स्वभाव होता है जो दिन के कामों की शुभता पर असर डालता है।

संबंधित पंचांग पृष्ठ

दैनिक प्रामाणिकता

तांत्रिक बंदा खिड़कियाँ

Vat

वट

स्रोत:

Amla

आँवला

स्रोत:

Palash (Snake and Progeny)

पलाश (सर्प व पुत्र)

स्रोत:

साधना विधान

Naga Panchami Puja

नाग पंचमी पूजा

- Garuda Purana, Narada Purana

दिन दुर्लभता अंक

0.1649195417824354/ 100

डलास — 1 सितम्बर

सूर्योदय
प्रातः 07:03
सूर्यास्त
सायं 19:50
तिथि
पञ्चमी (कृष्ण पक्ष)
नक्षत्र
अश्विनी (तृतीय पाद)
योग
वृद्धि
करण
कौलव
माह
भाद्रपद
चन्द्र राशि
मेष
सूर्य राशि
सिंह
राहु काल
अपराह्ण 16:38–सायं 18:14
शुभ चौघड़िया
लाभ (प्रातः 11:50–अपराह्ण 13:26)
Embed this Gulika Kala on your site
Theme
Width
HTML iframe
<iframe src="https://kundlit.com/embed/gulika-kala?city=Dallas" width="360" height="320" loading="lazy" referrerpolicy="no-referrer-when-downgrade" style="border:0;border-radius:12px;max-width:100%" title="Gulika Kala — Kundlit"></iframe>
WordPress
[iframe src="https://kundlit.com/embed/gulika-kala?city=Dallas" width="360" height="320"]
URL only
https://kundlit.com/embed/gulika-kala?city=Dallas

Free to embed, including on commercial sites. Attribution is built into the widget — please don't remove it. The widget loads ~3KB of styles and one live API call; no cookies, no tracking scripts.

Live preview