Kundlitkundlit

दिशा शूल

श्रीनगर · 5 जनवरी 2026

इस दिशा में यात्रा न करें

East पूर्व

Avoid travel toward this direction today

दिशा शूल

पंचांग — पाँच अंग पञ्चाङ्ग

तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार, उनके समाप्ति समय के साथ, साथ ही मास और चंद्रमा तथा सूर्य की राशि — इस शहर के सूर्योदय के अनुसार गणना। आधी रात के बाद का समय पारंपरिक विस्तारित घड़ी में दिखता है (जैसे 27:23 = अगली सुबह 03:23)।

तिथि
Dwitiyaद्वितीया09:57 तक
What this means

The lunar day. It is set by how far the Moon has pulled ahead of the Sun — each 12 degrees of separation is one tithi. The tithi shapes which activities the tradition favours, and it ends at the time shown, when the next one begins.

Muhurta ChintamaniTithi-prakaranam (Nanda/Bhadra/Jaya/Rikta/Purna tithi-types)
नक्षत्र
Pushyaपुष्य13:25 तक
What this means

The Moon's star-mansion — the patch of sky it sits in today, one of 27. Each nakshatra has its own temperament that classical texts use to judge what the day is good for.

Brihat SamhitaNakshatra chapters (nakshatra qualities)
योग
Vishkambhaविष्कम्भ22:47 तक
What this means

A combined Sun-and-Moon measure (one of 27 nitya-yogas) — not the physical posture practice. A few yogas, such as Vyatipata and Vaidhriti, are best avoided; most are ordinary.

Muhurta ChintamaniYoga enumeration (tyajya-yoga list, v. 33)
करण
Garajaगरज09:57 तक
What this means

Half of a tithi — each lunar day holds two karanas. One of them, Vishti (also called Bhadra), is treated as inauspicious; the rest are workable.

BPHSKarana-jnana-vidhi (11 karanas including Vishti)
वार
Somavaraसोमवार
What this means

The weekday and its ruling planet. Each day's planet colours which tasks the tradition recommends — e.g. Thursday (Jupiter) for auspicious beginnings.

Muhurta ChintamaniVara-prakaranam (weekday lords)
मास
Paushaपौष
What this means

The lunar month. India uses two reckonings — Amanta (new-moon to new-moon) and Purnimanta (full-moon to full-moon) — so the name can differ by region. An 'Adhika' (extra) month is inserted to keep the lunar and solar years aligned.

Nirnaya SindhuAdhikamasa-nirnaya (intercalary month)
पक्ष
कृष्ण पक्ष (घटता चंद्र)
What this means

The fortnight. Shukla is the waxing half (Moon growing toward full); Krishna is the waning half (toward the new moon).

Calendar definition

चंद्र राशि
Karka
What this means

The zodiac sign the Moon occupies now. Together with your birth Moon-sign it drives Chandrabala — the Moon's day-to-day favourability for you.

Muhurta Chintamani2.4-2.5 (Chandrabala)
सूर्य राशि
Dhanuधनु

निरयण (लाहिड़ी) गणना; अंग समाप्ति समय शहर के वास्तविक सूर्योदय के अनुसार। “अधिक मास” उस अतिरिक्त चंद्र मास को दर्शाता है जिसमें कोई सौर संक्रांति नहीं होती।

यह पंचांग कैसे गणना होती है

इस पृष्ठ का हर समय सूर्य और चंद्रमा की वास्तविक स्थिति से स्विस एफेमेरिस (वही उच्च-परिशुद्धता खगोलीय इंजन जिसे पेशेवर खगोलशास्त्री उपयोग करते हैं) से निकाला जाता है, किसी छपे पंचांग या तय तालिका से नहीं।

  • निरयण राशिचक्र, लाहिड़ी अयनांश — भारत सरकार के कैलेंडर में यही मानक है। सभी नक्षत्र, राशि, तिथि और योग की सीमाएँ इसी से बनती हैं।
  • स्थानीय वास्तविक सूर्योदय — मुहूर्त काल (राहु काल, चौघड़िया, होरा, अभिजित आदि) Srinagar के सटीक निर्देशांक के लिए गणना किए गए वास्तविक सूर्योदय से मापे जाते हैं, इसलिए वे आपके स्थान के लिए सही होते हैं, कोई क्षेत्रीय अनुमान नहीं।
  • दो मास परंपराएँ — हम अमांत (अमावस्या से अमावस्या) और पूर्णिमांत (पूर्णिमा से पूर्णिमा) दोनों चंद्र मास दिखाते हैं, क्योंकि भारत के अलग-अलग क्षेत्र अलग परंपरा मानते हैं; अधिक (मलमास) मास होने पर उसे अंकित किया जाता है।

महत्व और शुभ/अशुभ संकेत शास्त्रीय ग्रंथों (मुहूर्त चिंतामणि, बृहत् संहिता, पुराण आदि) से लिए जाते हैं और साथ में उद्धृत किए जाते हैं — हम कभी ऐसा प्रभाव नहीं बताते जो ग्रंथ में न हो।

आपका आज का पंचांग

अपना जन्म नक्षत्र और चंद्र राशि एक बार चुनें — फिर हम आज का आपका ताराबल और चंद्रबल पढ़कर बता देंगे। यह सिर्फ़ इसी डिवाइस पर सेव होता है; हमारे सर्वर पर कभी नहीं जाता।

आज क्या करना शुभ है?

आप जो करने वाले हैं वह चुनें। हम आज के पंचांग को शास्त्रीय मुहूर्त नियम से जाँचकर बताते हैं कि यह शुभ है या नहीं, सबसे अच्छा समय कौन-सा है, और यह किस ग्रंथ से है।

समय विवरण (तालिका)
कालआरंभसमाप्तिप्रकार
Rahu Kala08:5210:07अशुभ
Yamaghanda Kala11:2112:36अशुभ
Gulika Kala13:5015:05अशुभ
Abhijit Muhurta12:1612:56शुभ

शुभ मुहूर्त शुभ मुहूर्त

सूर्योदय और नक्षत्र के आधार पर बने वे समय जिन्हें शास्त्रीय मुहूर्त ग्रंथ साधना, अध्ययन और नई शुरुआत के लिए बताते हैं।

Brahma Muhurta

ब्रह्म मुहूर्त

06:02 – 06:50

Pratah Sandhya

प्रातः सन्ध्या

06:33 – 07:38

Vijaya Muhurta

विजय मुहूर्त

14:15 – 14:55

Godhuli Muhurta

गोधूलि मुहूर्त

17:22 – 17:46

Sayahna Sandhya

सायाह्न सन्ध्या

17:34 – 18:39

Nishita Muhurta

निशीथ मुहूर्त

24:12 – 01:00

Amrita Kalam

अमृत कालम्

19:38 – 21:07

स्रोत: मुहूर्त चिंतामणि; निर्णय सिंधु। उप-काल की गणना सूर्योदय + शहर के निर्देशांक पर सूर्य नक्षत्र की स्थिति से।

अशुभ काल अशुभ काल

राहु काल, यमगंड और गुलिक (ऊपर दिन की समय-रेखा में दिखाए गए) के अलावा, नई शुरुआत के लिए टालने योग्य शास्त्रीय काल।

Varjyam

वर्ज्यम्

22:36 – 24:04

नक्षत्र से निकला वह काल जिसे शास्त्र टालने को कहते हैं।

Dur Muhurtam 12

दुर्मुहूर्तम्

14:55 – 15:34

वार के अनुसार तय अशुभ उप-मुहूर्त।

Dur Muhurtam 13

दुर्मुहूर्तम्

15:34 – 16:14

वार के अनुसार तय अशुभ उप-मुहूर्त।

स्रोत: मुहूर्त चिंतामणि; धर्म सिंधु। उप-काल की गणना सूर्योदय + नक्षत्र की स्थिति से।

आज का सूर्य सूर्य

सूर्य की राशि और नक्षत्र — ऊपर हीरो में दिखाए गए चंद्र-पक्ष की तिथि और नक्षत्र का सूर्य-पक्ष पूरक।

सूर्य राशि

Dhanu#9

सूर्य नक्षत्र

Purva Ashadha पूर्वाषाढा

पाद 3 / 4

आज चंद्र पाद परिवर्तन

  • 07:48
  • 13:29
  • 19:10
  • 24:50
  • 06:31

स्रोत: लाहिड़ी (चित्रपक्ष) निरयण गणना। पाद की गणना नक्षत्र को 3° 20′ के 4 बराबर भागों में बाँटकर।

हिंदू वर्ष विक्रम संवत्

इस वर्ष के विक्रम, शक और गुजराती संवत, साथ में 60-वर्षीय शासन-चक्र से चक्र का नाम (संवत्सर)।

विक्रम संवत

2083

Parabhava पराभव

वर्ष हब देखें

शक संवत

1948

Kilaka कीलक

गुजराती संवत

2082

Vishvavasu विश्वावसु

मंत्री मंडल — वर्ष शासन

पददेवता
RajaSun
MantriSun

बाकी शासन पद (8) इंजन द्वारा हल होते ही भर जाएँगे।

स्रोत: निर्णय सिंधु; सूर्यसिद्धांत। संवत्सर 60-वर्षीय बृहस्पति चक्र से।

दैनिक दिशाएँ दिशा

मुहूर्त चुनने में काम आने वाली दिन की दिशाएँ — यात्रा के लिए दिशा शूल, यज्ञ के लिए अग्निवास, लाभ की दिशा के लिए चंद्र/राहु वास, अनुष्ठान के समय के लिए शिववास।

Disha Shool

East पूर्व

अशुभ

स्रोत: Avoid travel toward this direction today

Chandra Vasa

North उत्तर

शुभ

स्रोत: Direction favored by today's moon position

Rahu Vasa

Northwest वायव्य

अशुभ

स्रोत: Direction occupied by Rahu; avoid offerings facing here

Agnivasa

Patala पाताल

अशुभ

स्रोत: Agni's dwelling for homa-suitability assessment

Shiva Vasa

Bhojana भोजन

सामान्य

स्रोत: Shiva's location for rudrabhisheka timing

Homahuti

Mars मङ्गल

अशुभ

स्रोत: Khala planet: offering inauspicious (खलग्रह के मुख में होमाहुति शुभ नहीं होती)

आज की बल तालिका

ताराबल और चंद्रबल — मुहूर्त चुनने में काम आने वाली दो शास्त्रीय बल जाँच। यदि आपका जन्म नक्षत्र या जन्म राशि अनुकूल सूची में आए, तो दिन नई शुरुआत के लिए ठीक है।

आज अनुकूल जन्म राशियाँ

Vrishabha, Karka, Kanya, Tula, Makara, Kumbha

ताराबल — सभी 27 जन्म नक्षत्र
#जन्म नक्षत्रतारागुण
1AshwiniMitra मित्रसामान्य
2BharaniVadha वधसामान्य
3KrittikaSadhaka साधकसामान्य
4RohiniPratyari प्रत्यरिसामान्य
5MrigashiraKshema क्षेमसामान्य
6ArdraVipat विपत्सामान्य
7PunarvasuSampat सम्पत्सामान्य
8PushyaJanma जन्मसामान्य
9AshleshaAti-Mitra अतिमित्रसामान्य
10MaghaMitra मित्रसामान्य
11Purva PhalguniVadha वधसामान्य
12Uttara PhalguniSadhaka साधकसामान्य
13HastaPratyari प्रत्यरिसामान्य
14ChitraKshema क्षेमसामान्य
15SwatiVipat विपत्सामान्य
16VishakhaSampat सम्पत्सामान्य
17AnuradhaJanma जन्मसामान्य
18JyeshthaAti-Mitra अतिमित्रसामान्य
19MulaMitra मित्रसामान्य
20Purva AshadhaVadha वधसामान्य
21Uttara AshadhaSadhaka साधकसामान्य
22ShravanaPratyari प्रत्यरिसामान्य
23DhanishthaKshema क्षेमसामान्य
24ShatabhishaVipat विपत्सामान्य
25Purva BhadrapadaSampat सम्पत्सामान्य
26Uttara BhadrapadaJanma जन्मसामान्य
27RevatiAti-Mitra अतिमित्रसामान्य
चंद्रबल — सभी 12 जन्म राशि
#जन्म राशिजन्म से भावअनुकूल
1Mesha4नहीं
2Vrishabha3हाँ
3Mithuna2नहीं
4Karka1हाँ
5Simha12नहीं
6Kanya11हाँ
7Tula10हाँ
8Vrishchika9नहीं
9Dhanu8नहीं
10Makara7हाँ
11Kumbha6हाँ
12Meena5नहीं

स्रोत: मुहूर्त चिंतामणि; बृहत् संहिता। ताराबल जन्म-नक्षत्र से आज के नक्षत्र तक 9-चक्र का उपयोग करता है।

उदय लग्न (उगती राशि) समय-रेखा

दिन के हर समय पूर्वी क्षितिज पर कौन सी राशि उग रही है। खंड की चौड़ाई वास्तविक उदय अवधि के अनुपात में है।
सभी 13 खंड (तालिका)
#राशिआरंभसमाप्ति
9Dhanu धनु07:3808:18
10Makara मकर08:1809:58
11Kumbha कुम्भ09:5811:18
12Meena मीन11:1812:38
1Mesha मेष12:3814:08
2Vrishabha वृषभ14:0815:58
3Mithuna मिथुन15:5818:18
4Karka कर्क18:1820:43
5Simha सिंह20:4323:03
6Kanya कन्या23:0301:28
7Tula तुला01:2803:53
8Vrishchika वृश्चिक03:5306:13
9Dhanu धनु06:1307:38

पंचक रहित मुहूर्त पञ्चक रहित मुहूर्त

पंचक श्रेणी के अनुसार 15 शास्त्रीय दिन-मुहूर्त खंड। हरा = शुभ; गुलाबी = टालें। चौड़ाई वास्तविक अवधि के अनुपात में है।
सभी 15 खंड (तालिका)
#नामआरंभसमाप्तिगुण
1Agni अग्नि07:3808:17अशुभ
2Raja राज08:1708:57अशुभ
3Chora चोर08:5709:37अशुभ
4Shubha शुभ09:3710:17शुभ
5Roga रोग10:1710:56अशुभ
6Mrityu मृत्यु10:5611:36अशुभ
7Agni अग्नि11:3612:16अशुभ
8Raja राज12:1612:56अशुभ
9Chora चोर12:5613:35अशुभ
10Shubha शुभ13:3514:15शुभ
11Roga रोग14:1514:55अशुभ
12Mrityu मृत्यु14:5515:34अशुभ
13Agni अग्नि15:3416:14अशुभ
14Raja राज16:1416:54अशुभ
15Chora चोर16:5417:34अशुभ

स्रोत: मुहूर्त चिंतामणि; निर्णय सिंधु।

ऋतु और अयन

वैदिक ऋतु, अयन, दिन/रात की लंबाई और सौर-दोपहर — आज के पंचांग के आसपास का ऋतु ढाँचा।

ऋतु (वैदिक)

Hemantaहेमन्त

ऋतु (दृक)

Hemantaहेमन्त

अयन

Dakshinayanaदक्षिणायन

दिनमान

9h 56m

रात्रिमान

14h 4m

मध्याह्न

12:36

स्रोत: सूर्यसिद्धांत। दिनमान = सूर्योदय→सूर्यास्त के मिनट; मध्याह्न = स्थानीय सौर दोपहर।

दिशा शूल - श्रीनगर, 5 जनवरी 2026

श्रीनगर में सोमवार, 5 जनवरी 2026 का दिन अपनी अलग ऊर्जा के साथ शुरू होता है। श्रीनगर में सूरज प्रातः 07:38 बजे निकलता है और अपराह्ण 17:34 बजे अस्त होता है, जिससे दिन में 9 घंटे 56 मिनट का उजाला मिलता है। आज की तिथि कृष्ण पक्ष की द्वितीया है, और नक्षत्र पुष्य रहेगा। आज विष्कम्भ योग रहेगा — यही दिन के मूल पंचांग की पहचान बनाता है। ब्रह्म मुहूर्त — सुबह से पहले का ध्यान-काल — प्रातः 06:02 से प्रातः 06:50 तक रहता है, जो पूजा और अध्ययन के लिए सबसे शुभ माना जाता है।

प्रातः 08:52 से प्रातः 10:07 तक राहु काल रहता है, इसलिए श्रीनगर में इस खिड़की में शुभ काम रोक कर रखें। सोमवार का दिशाशूल पूर्व दिशा है; इस दिशा में नया प्रस्थान न करें तो अच्छा। शुभ पक्ष में अमृत चौघड़िया (प्रातः 07:38–प्रातः 08:52) दिन की सबसे अच्छी खिड़की है। शनि के स्वामित्व वाला पुष्य नक्षत्र इस प्राचीन पंचांग को श्रीनगर के क्षितिज तक ले आता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

श्रीनगर में 5 जनवरी 2026 को राहु काल कब है?
श्रीनगर में 5 जनवरी 2026 को राहु काल प्रातः 08:52 से प्रातः 10:07 तक रहता है। यह करीब 90 मिनट की खिड़की राहु के अधीन होती है और नया काम, यात्रा या शुभ कार्य शुरू करने से आमतौर पर बचा जाता है। यह समय हर दिन सूर्योदय के अनुसार बदलता है, इसलिए हर शहर में अलग होता है।
श्रीनगर में 5 जनवरी 2026 को सूर्योदय प्रातः 07:38 बजे क्यों होता है?
श्रीनगर में 5 जनवरी 2026 को सूर्योदय प्रातः 07:38 बजे होता है — यह शहर के अक्षांश (34.08°N) और इस तारीख को पृथ्वी के झुकाव से तय होता है। सूर्योदय और सूर्यास्त (अपराह्ण 17:34) वैदिक दिन की लंबाई तय करते हैं और राहु काल से लेकर चौघड़िया तक सभी गणनाएँ श्रीनगर के स्थानीय क्षितिज से जोड़ते हैं।
श्रीनगर में 5 जनवरी 2026 को कौन-सा योग है?
श्रीनगर में 5 जनवरी 2026 को विष्कम्भ योग है, जो रात्रि 01:47 से रात्रि 22:47 तक सक्रिय रहता है। पंचांग में योग सूर्य और चन्द्र की मिली-जुली स्थिति से बनता है और 27 योगों के चक्र में घूमता है। विष्कम्भ योग का अपना स्वभाव होता है जो दिन के कामों की शुभता पर असर डालता है।

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- Muhurta Chintamani, Dharmasindhu

दिन दुर्लभता अंक

0.30571780149553474/ 100

श्रीनगर — 5 जनवरी

सूर्योदय
प्रातः 07:38
सूर्यास्त
अपराह्ण 17:34
तिथि
द्वितीया (कृष्ण पक्ष)
नक्षत्र
पुष्य (तृतीय पाद)
योग
विष्कम्भ
करण
गरज
माह
पौष
चन्द्र राशि
कर्क
सूर्य राशि
धनु
राहु काल
प्रातः 08:52–प्रातः 10:07
शुभ चौघड़िया
अमृत (प्रातः 07:38–प्रातः 08:52)