दिशा शूल
पटना · 7 जुलाई 2025
इस दिशा में यात्रा न करें
East पूर्व
Avoid travel toward this direction today
दिशा शूल
पंचांग — पाँच अंग पञ्चाङ्ग
तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार, उनके समाप्ति समय के साथ, साथ ही मास और चंद्रमा तथा सूर्य की राशि — इस शहर के सूर्योदय के अनुसार गणना। आधी रात के बाद का समय पारंपरिक विस्तारित घड़ी में दिखता है (जैसे 27:23 = अगली सुबह 03:23)।
- तिथि
- Dwadashiद्वादशी23:10 तक
What this means
The lunar day. It is set by how far the Moon has pulled ahead of the Sun — each 12 degrees of separation is one tithi. The tithi shapes which activities the tradition favours, and it ends at the time shown, when the next one begins.
Muhurta Chintamani — Tithi-prakaranam (Nanda/Bhadra/Jaya/Rikta/Purna tithi-types) - नक्षत्र
- Anuradhaअनुराधा25:11 तक
What this means
The Moon's star-mansion — the patch of sky it sits in today, one of 27. Each nakshatra has its own temperament that classical texts use to judge what the day is good for.
Brihat Samhita — Nakshatra chapters (nakshatra qualities) - योग
- Shubhaशुभ22:02 तक
What this means
A combined Sun-and-Moon measure (one of 27 nitya-yogas) — not the physical posture practice. A few yogas, such as Vyatipata and Vaidhriti, are best avoided; most are ordinary.
Muhurta Chintamani — Yoga enumeration (tyajya-yoga list, v. 33) - करण
- Bavaबव10:16 तक
What this means
Half of a tithi — each lunar day holds two karanas. One of them, Vishti (also called Bhadra), is treated as inauspicious; the rest are workable.
BPHS — Karana-jnana-vidhi (11 karanas including Vishti) - वार
- Somavaraसोमवार
What this means
The weekday and its ruling planet. Each day's planet colours which tasks the tradition recommends — e.g. Thursday (Jupiter) for auspicious beginnings.
Muhurta Chintamani — Vara-prakaranam (weekday lords) - मास
- Ashadhaआषाढ
What this means
The lunar month. India uses two reckonings — Amanta (new-moon to new-moon) and Purnimanta (full-moon to full-moon) — so the name can differ by region. An 'Adhika' (extra) month is inserted to keep the lunar and solar years aligned.
Nirnaya Sindhu — Adhikamasa-nirnaya (intercalary month) - पक्ष
- शुक्ल पक्ष (बढ़ता चंद्र)
What this means
The fortnight. Shukla is the waxing half (Moon growing toward full); Krishna is the waning half (toward the new moon).
Calendar definition
- चंद्र राशि
- Vrishchika
What this means
The zodiac sign the Moon occupies now. Together with your birth Moon-sign it drives Chandrabala — the Moon's day-to-day favourability for you.
Muhurta Chintamani — 2.4-2.5 (Chandrabala) - सूर्य राशि
- Mithunaमिथुन
निरयण (लाहिड़ी) गणना; अंग समाप्ति समय शहर के वास्तविक सूर्योदय के अनुसार। “अधिक मास” उस अतिरिक्त चंद्र मास को दर्शाता है जिसमें कोई सौर संक्रांति नहीं होती।
यह पंचांग कैसे गणना होती है
इस पृष्ठ का हर समय सूर्य और चंद्रमा की वास्तविक स्थिति से स्विस एफेमेरिस (वही उच्च-परिशुद्धता खगोलीय इंजन जिसे पेशेवर खगोलशास्त्री उपयोग करते हैं) से निकाला जाता है, किसी छपे पंचांग या तय तालिका से नहीं।
- निरयण राशिचक्र, लाहिड़ी अयनांश — भारत सरकार के कैलेंडर में यही मानक है। सभी नक्षत्र, राशि, तिथि और योग की सीमाएँ इसी से बनती हैं।
- स्थानीय वास्तविक सूर्योदय — मुहूर्त काल (राहु काल, चौघड़िया, होरा, अभिजित आदि) Patna के सटीक निर्देशांक के लिए गणना किए गए वास्तविक सूर्योदय से मापे जाते हैं, इसलिए वे आपके स्थान के लिए सही होते हैं, कोई क्षेत्रीय अनुमान नहीं।
- दो मास परंपराएँ — हम अमांत (अमावस्या से अमावस्या) और पूर्णिमांत (पूर्णिमा से पूर्णिमा) दोनों चंद्र मास दिखाते हैं, क्योंकि भारत के अलग-अलग क्षेत्र अलग परंपरा मानते हैं; अधिक (मलमास) मास होने पर उसे अंकित किया जाता है।
महत्व और शुभ/अशुभ संकेत शास्त्रीय ग्रंथों (मुहूर्त चिंतामणि, बृहत् संहिता, पुराण आदि) से लिए जाते हैं और साथ में उद्धृत किए जाते हैं — हम कभी ऐसा प्रभाव नहीं बताते जो ग्रंथ में न हो।
आपका आज का पंचांग
अपना जन्म नक्षत्र और चंद्र राशि एक बार चुनें — फिर हम आज का आपका ताराबल और चंद्रबल पढ़कर बता देंगे। यह सिर्फ़ इसी डिवाइस पर सेव होता है; हमारे सर्वर पर कभी नहीं जाता।
आज क्या करना शुभ है?
आप जो करने वाले हैं वह चुनें। हम आज के पंचांग को शास्त्रीय मुहूर्त नियम से जाँचकर बताते हैं कि यह शुभ है या नहीं, सबसे अच्छा समय कौन-सा है, और यह किस ग्रंथ से है।
समय विवरण (तालिका)
| काल | आरंभ | समाप्ति | प्रकार |
|---|---|---|---|
| Rahu Kala | 06:47 | 08:29 | अशुभ |
| Yamaghanda Kala | 10:12 | 11:54 | अशुभ |
| Gulika Kala | 13:36 | 15:18 | अशुभ |
| Abhijit Muhurta | 11:27 | 12:21 | शुभ |
शुभ मुहूर्त शुभ मुहूर्त
Brahma Muhurta
ब्रह्म मुहूर्त
03:29 – 04:17
Pratah Sandhya
प्रातः सन्ध्या
04:00 – 05:05
Vijaya Muhurta
विजय मुहूर्त
14:10 – 15:05
Godhuli Muhurta
गोधूलि मुहूर्त
18:31 – 18:55
Sayahna Sandhya
सायाह्न सन्ध्या
18:43 – 19:48
Nishita Muhurta
निशीथ मुहूर्त
23:30 – 24:18
Amrita Kalam
अमृत कालम्
07:31 – 09:17
स्रोत: मुहूर्त चिंतामणि; निर्णय सिंधु। उप-काल की गणना सूर्योदय + शहर के निर्देशांक पर सूर्य नक्षत्र की स्थिति से।
अशुभ काल अशुभ काल
Varjyam
वर्ज्यम्
03:06 – 04:52
नक्षत्र से निकला वह काल जिसे शास्त्र टालने को कहते हैं।
Dur Muhurtam 12
दुर्मुहूर्तम्
15:05 – 15:59
वार के अनुसार तय अशुभ उप-मुहूर्त।
Dur Muhurtam 13
दुर्मुहूर्तम्
15:59 – 16:54
वार के अनुसार तय अशुभ उप-मुहूर्त।
स्रोत: मुहूर्त चिंतामणि; धर्म सिंधु। उप-काल की गणना सूर्योदय + नक्षत्र की स्थिति से।
आज का सूर्य सूर्य
सूर्य राशि
Mithuna#3
सूर्य नक्षत्र
Punarvasu पुनर्वसु
पाद 1 / 4
आज चंद्र पाद परिवर्तन
- 05:21
- 11:57
- 18:34
- 01:10
स्रोत: लाहिड़ी (चित्रपक्ष) निरयण गणना। पाद की गणना नक्षत्र को 3° 20′ के 4 बराबर भागों में बाँटकर।
हिंदू वर्ष विक्रम संवत्
शक संवत
1947
Plavanga प्लवङ्ग
गुजराती संवत
2081
Krodhi क्रोधी
मंत्री मंडल — वर्ष शासन
| पद | देवता |
|---|---|
| Raja | Sun |
| Mantri | Sun |
बाकी शासन पद (8) इंजन द्वारा हल होते ही भर जाएँगे।
स्रोत: निर्णय सिंधु; सूर्यसिद्धांत। संवत्सर 60-वर्षीय बृहस्पति चक्र से।
दैनिक दिशाएँ दिशा
Disha Shool
East पूर्व
अशुभ
स्रोत: Avoid travel toward this direction today
Chandra Vasa
North उत्तर
शुभ
स्रोत: Direction favored by today's moon position
Rahu Vasa
Northwest वायव्य
अशुभ
स्रोत: Direction occupied by Rahu; avoid offerings facing here
Agnivasa
Patala पाताल
अशुभ
स्रोत: Agni's dwelling for homa-suitability assessment
Shiva Vasa
Gauri-sannidhi गौरीसन्निधि
शुभ
स्रोत: Shiva's location for rudrabhisheka timing
Homahuti
Saturn शनि
अशुभ
स्रोत: Khala planet: offering inauspicious (खलग्रह के मुख में होमाहुति शुभ नहीं होती)
आज की बल तालिका
आज अनुकूल जन्म राशियाँ
Vrishabha, Mithuna, Kanya, Vrishchika, Makara, Kumbha
ताराबल — सभी 27 जन्म नक्षत्र
| # | जन्म नक्षत्र | तारा | गुण |
|---|---|---|---|
| 1 | Ashwini | Mitra मित्र | सामान्य |
| 2 | Bharani | Vadha वध | सामान्य |
| 3 | Krittika | Sadhaka साधक | सामान्य |
| 4 | Rohini | Pratyari प्रत्यरि | सामान्य |
| 5 | Mrigashira | Kshema क्षेम | सामान्य |
| 6 | Ardra | Vipat विपत् | सामान्य |
| 7 | Punarvasu | Sampat सम्पत् | सामान्य |
| 8 | Pushya | Janma जन्म | सामान्य |
| 9 | Ashlesha | Ati-Mitra अतिमित्र | सामान्य |
| 10 | Magha | Mitra मित्र | सामान्य |
| 11 | Purva Phalguni | Vadha वध | सामान्य |
| 12 | Uttara Phalguni | Sadhaka साधक | सामान्य |
| 13 | Hasta | Pratyari प्रत्यरि | सामान्य |
| 14 | Chitra | Kshema क्षेम | सामान्य |
| 15 | Swati | Vipat विपत् | सामान्य |
| 16 | Vishakha | Sampat सम्पत् | सामान्य |
| 17 | Anuradha | Janma जन्म | सामान्य |
| 18 | Jyeshtha | Ati-Mitra अतिमित्र | सामान्य |
| 19 | Mula | Mitra मित्र | सामान्य |
| 20 | Purva Ashadha | Vadha वध | सामान्य |
| 21 | Uttara Ashadha | Sadhaka साधक | सामान्य |
| 22 | Shravana | Pratyari प्रत्यरि | सामान्य |
| 23 | Dhanishtha | Kshema क्षेम | सामान्य |
| 24 | Shatabhisha | Vipat विपत् | सामान्य |
| 25 | Purva Bhadrapada | Sampat सम्पत् | सामान्य |
| 26 | Uttara Bhadrapada | Janma जन्म | सामान्य |
| 27 | Revati | Ati-Mitra अतिमित्र | सामान्य |
चंद्रबल — सभी 12 जन्म राशि
| # | जन्म राशि | जन्म से भाव | अनुकूल |
|---|---|---|---|
| 1 | Mesha | 8 | नहीं |
| 2 | Vrishabha | 7 | हाँ |
| 3 | Mithuna | 6 | हाँ |
| 4 | Karka | 5 | नहीं |
| 5 | Simha | 4 | नहीं |
| 6 | Kanya | 3 | हाँ |
| 7 | Tula | 2 | नहीं |
| 8 | Vrishchika | 1 | हाँ |
| 9 | Dhanu | 12 | नहीं |
| 10 | Makara | 11 | हाँ |
| 11 | Kumbha | 10 | हाँ |
| 12 | Meena | 9 | नहीं |
स्रोत: मुहूर्त चिंतामणि; बृहत् संहिता। ताराबल जन्म-नक्षत्र से आज के नक्षत्र तक 9-चक्र का उपयोग करता है।
उदय लग्न (उगती राशि) समय-रेखा
सभी 13 खंड (तालिका)
| # | राशि | आरंभ | समाप्ति |
|---|---|---|---|
| 3 | Mithuna मिथुन | 05:05 | 05:50 |
| 4 | Karka कर्क | 05:50 | 08:10 |
| 5 | Simha सिंह | 08:10 | 10:25 |
| 6 | Kanya कन्या | 10:25 | 12:35 |
| 7 | Tula तुला | 12:35 | 14:55 |
| 8 | Vrishchika वृश्चिक | 14:55 | 17:10 |
| 9 | Dhanu धनु | 17:10 | 19:15 |
| 10 | Makara मकर | 19:15 | 21:00 |
| 11 | Kumbha कुम्भ | 21:00 | 22:30 |
| 12 | Meena मीन | 22:30 | 24:00 |
| 1 | Mesha मेष | 24:00 | 01:35 |
| 2 | Vrishabha वृषभ | 01:35 | 03:35 |
| 3 | Mithuna मिथुन | 03:35 | 05:05 |
पंचक रहित मुहूर्त पञ्चक रहित मुहूर्त
सभी 15 खंड (तालिका)
| # | नाम | आरंभ | समाप्ति | गुण |
|---|---|---|---|---|
| 1 | Roga रोग | 05:05 | 05:59 | अशुभ |
| 2 | Mrityu मृत्यु | 05:59 | 06:54 | अशुभ |
| 3 | Agni अग्नि | 06:54 | 07:48 | अशुभ |
| 4 | Raja राज | 07:48 | 08:43 | अशुभ |
| 5 | Chora चोर | 08:43 | 09:38 | अशुभ |
| 6 | Shubha शुभ | 09:38 | 10:32 | शुभ |
| 7 | Roga रोग | 10:32 | 11:27 | अशुभ |
| 8 | Mrityu मृत्यु | 11:27 | 12:21 | अशुभ |
| 9 | Agni अग्नि | 12:21 | 13:16 | अशुभ |
| 10 | Raja राज | 13:16 | 14:10 | अशुभ |
| 11 | Chora चोर | 14:10 | 15:05 | अशुभ |
| 12 | Shubha शुभ | 15:05 | 15:59 | शुभ |
| 13 | Roga रोग | 15:59 | 16:54 | अशुभ |
| 14 | Mrityu मृत्यु | 16:54 | 17:48 | अशुभ |
| 15 | Agni अग्नि | 17:48 | 18:43 | अशुभ |
स्रोत: मुहूर्त चिंतामणि; निर्णय सिंधु।
ऋतु और अयन
ऋतु (वैदिक)
Grishmaग्रीष्म
ऋतु (दृक)
Grishmaग्रीष्म
अयन
Uttarayanaउत्तरायण
दिनमान
13h 38m
रात्रिमान
10h 22m
मध्याह्न
11:54
स्रोत: सूर्यसिद्धांत। दिनमान = सूर्योदय→सूर्यास्त के मिनट; मध्याह्न = स्थानीय सौर दोपहर।
दिशा शूल - पटना, 7 जुलाई 2025
पटना में सोमवार, 7 जुलाई 2025 का दिन अपनी अलग ऊर्जा के साथ शुरू होता है। पटना में सूरज प्रातः 05:05 बजे निकलता है और सायं 18:43 बजे अस्त होता है, जिससे दिन में 13 घंटे 38 मिनट का उजाला मिलता है। आज की तिथि शुक्ल पक्ष की द्वादशी है, और नक्षत्र अनुराधा रहेगा। आज शुभ योग रहेगा — यही दिन के मूल पंचांग की पहचान बनाता है। ब्रह्म मुहूर्त — सुबह से पहले का ध्यान-काल — रात्रि 03:29 से रात्रि 04:17 तक रहता है, जो पूजा और अध्ययन के लिए सबसे शुभ माना जाता है।
प्रातः 06:47 से प्रातः 08:29 तक राहु काल रहता है, इसलिए पटना में इस खिड़की में शुभ काम रोक कर रखें। सोमवार का दिशाशूल पूर्व दिशा है; इस दिशा में नया प्रस्थान न करें तो अच्छा। शुभ पक्ष में अमृत चौघड़िया (प्रातः 05:05–प्रातः 06:47) दिन की सबसे अच्छी खिड़की है। शनि के स्वामित्व वाला अनुराधा नक्षत्र इस प्राचीन पंचांग को पटना के क्षितिज तक ले आता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
पटना में 7 जुलाई 2025 को राहु काल कब है?
पटना में 7 जुलाई 2025 को सूर्योदय प्रातः 05:05 बजे क्यों होता है?
पटना में 7 जुलाई 2025 को कौन-सा योग है?
संबंधित पंचांग पृष्ठ
पटना — 7 जुलाई
- सूर्योदय
- प्रातः 05:05
- सूर्यास्त
- सायं 18:43
- तिथि
- द्वादशी (शुक्ल पक्ष)
- नक्षत्र
- अनुराधा (प्रथम पाद)
- योग
- शुभ
- करण
- बव
- माह
- आषाढ
- चन्द्र राशि
- वृश्चिक
- सूर्य राशि
- मिथुन
- राहु काल
- प्रातः 06:47–प्रातः 08:29
- शुभ चौघड़िया
- अमृत (प्रातः 05:05–प्रातः 06:47)