Kundlitkundlit

दिशा शूल

लखनऊ · 12 नवम्बर 2026

इस दिशा में यात्रा न करें

South दक्षिण

Avoid travel toward this direction today

दिशा शूल

पंचांग — पाँच अंग पञ्चाङ्ग

तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार, उनके समाप्ति समय के साथ, साथ ही मास और चंद्रमा तथा सूर्य की राशि — इस शहर के सूर्योदय के अनुसार गणना। आधी रात के बाद का समय पारंपरिक विस्तारित घड़ी में दिखता है (जैसे 27:23 = अगली सुबह 03:23)।

तिथि
Tritiyaतृतीया18:09 तक
What this means

The lunar day. It is set by how far the Moon has pulled ahead of the Sun — each 12 degrees of separation is one tithi. The tithi shapes which activities the tradition favours, and it ends at the time shown, when the next one begins.

Muhurta ChintamaniTithi-prakaranam (Nanda/Bhadra/Jaya/Rikta/Purna tithi-types)
नक्षत्र
Jyeshthaज्येष्ठा14:19 तक
What this means

The Moon's star-mansion — the patch of sky it sits in today, one of 27. Each nakshatra has its own temperament that classical texts use to judge what the day is good for.

Brihat SamhitaNakshatra chapters (nakshatra qualities)
योग
Sukarmaसुकर्मा28:26 तक
What this means

A combined Sun-and-Moon measure (one of 27 nitya-yogas) — not the physical posture practice. A few yogas, such as Vyatipata and Vaidhriti, are best avoided; most are ordinary.

Muhurta ChintamaniYoga enumeration (tyajya-yoga list, v. 33)
करण
Garajaगरज18:09 तक
What this means

Half of a tithi — each lunar day holds two karanas. One of them, Vishti (also called Bhadra), is treated as inauspicious; the rest are workable.

BPHSKarana-jnana-vidhi (11 karanas including Vishti)
वार
Guruvaraगुरुवार
What this means

The weekday and its ruling planet. Each day's planet colours which tasks the tradition recommends — e.g. Thursday (Jupiter) for auspicious beginnings.

Muhurta ChintamaniVara-prakaranam (weekday lords)
मास
Kartikaकार्तिक
What this means

The lunar month. India uses two reckonings — Amanta (new-moon to new-moon) and Purnimanta (full-moon to full-moon) — so the name can differ by region. An 'Adhika' (extra) month is inserted to keep the lunar and solar years aligned.

Nirnaya SindhuAdhikamasa-nirnaya (intercalary month)
पक्ष
शुक्ल पक्ष (बढ़ता चंद्र)
What this means

The fortnight. Shukla is the waxing half (Moon growing toward full); Krishna is the waning half (toward the new moon).

Calendar definition

चंद्र राशि
Vrishchika
What this means

The zodiac sign the Moon occupies now. Together with your birth Moon-sign it drives Chandrabala — the Moon's day-to-day favourability for you.

Muhurta Chintamani2.4-2.5 (Chandrabala)
सूर्य राशि
Tulaतुला

निरयण (लाहिड़ी) गणना; अंग समाप्ति समय शहर के वास्तविक सूर्योदय के अनुसार। “अधिक मास” उस अतिरिक्त चंद्र मास को दर्शाता है जिसमें कोई सौर संक्रांति नहीं होती।

यह पंचांग कैसे गणना होती है

इस पृष्ठ का हर समय सूर्य और चंद्रमा की वास्तविक स्थिति से स्विस एफेमेरिस (वही उच्च-परिशुद्धता खगोलीय इंजन जिसे पेशेवर खगोलशास्त्री उपयोग करते हैं) से निकाला जाता है, किसी छपे पंचांग या तय तालिका से नहीं।

  • निरयण राशिचक्र, लाहिड़ी अयनांश — भारत सरकार के कैलेंडर में यही मानक है। सभी नक्षत्र, राशि, तिथि और योग की सीमाएँ इसी से बनती हैं।
  • स्थानीय वास्तविक सूर्योदय — मुहूर्त काल (राहु काल, चौघड़िया, होरा, अभिजित आदि) Lucknow के सटीक निर्देशांक के लिए गणना किए गए वास्तविक सूर्योदय से मापे जाते हैं, इसलिए वे आपके स्थान के लिए सही होते हैं, कोई क्षेत्रीय अनुमान नहीं।
  • दो मास परंपराएँ — हम अमांत (अमावस्या से अमावस्या) और पूर्णिमांत (पूर्णिमा से पूर्णिमा) दोनों चंद्र मास दिखाते हैं, क्योंकि भारत के अलग-अलग क्षेत्र अलग परंपरा मानते हैं; अधिक (मलमास) मास होने पर उसे अंकित किया जाता है।

महत्व और शुभ/अशुभ संकेत शास्त्रीय ग्रंथों (मुहूर्त चिंतामणि, बृहत् संहिता, पुराण आदि) से लिए जाते हैं और साथ में उद्धृत किए जाते हैं — हम कभी ऐसा प्रभाव नहीं बताते जो ग्रंथ में न हो।

आपका आज का पंचांग

अपना जन्म नक्षत्र और चंद्र राशि एक बार चुनें — फिर हम आज का आपका ताराबल और चंद्रबल पढ़कर बता देंगे। यह सिर्फ़ इसी डिवाइस पर सेव होता है; हमारे सर्वर पर कभी नहीं जाता।

आज क्या करना शुभ है?

आप जो करने वाले हैं वह चुनें। हम आज के पंचांग को शास्त्रीय मुहूर्त नियम से जाँचकर बताते हैं कि यह शुभ है या नहीं, सबसे अच्छा समय कौन-सा है, और यह किस ग्रंथ से है।

समय विवरण (तालिका)
कालआरंभसमाप्तिप्रकार
Rahu Kala13:1114:33अशुभ
Yamaghanda Kala07:4509:07अशुभ
Gulika Kala09:0710:28अशुभ
Abhijit Muhurta11:2812:11शुभ

शुभ मुहूर्त शुभ मुहूर्त

सूर्योदय और नक्षत्र के आधार पर बने वे समय जिन्हें शास्त्रीय मुहूर्त ग्रंथ साधना, अध्ययन और नई शुरुआत के लिए बताते हैं।

Brahma Muhurta

ब्रह्म मुहूर्त

04:48 – 05:36

Pratah Sandhya

प्रातः सन्ध्या

05:19 – 06:24

Vijaya Muhurta

विजय मुहूर्त

13:38 – 14:22

Godhuli Muhurta

गोधूलि मुहूर्त

17:03 – 17:27

Sayahna Sandhya

सायाह्न सन्ध्या

17:15 – 18:20

Nishita Muhurta

निशीथ मुहूर्त

23:26 – 24:14

Amrita Kalam

अमृत कालम्

24:58 – 02:45

स्रोत: मुहूर्त चिंतामणि; निर्णय सिंधु। उप-काल की गणना सूर्योदय + शहर के निर्देशांक पर सूर्य नक्षत्र की स्थिति से।

अशुभ काल अशुभ काल

राहु काल, यमगंड और गुलिक (ऊपर दिन की समय-रेखा में दिखाए गए) के अलावा, नई शुरुआत के लिए टालने योग्य शास्त्रीय काल।

Varjyam

वर्ज्यम्

17:51 – 19:38

नक्षत्र से निकला वह काल जिसे शास्त्र टालने को कहते हैं।

Dur Muhurtam 9

दुर्मुहूर्तम्

12:11 – 12:55

वार के अनुसार तय अशुभ उप-मुहूर्त।

Dur Muhurtam 13

दुर्मुहूर्तम्

15:05 – 15:49

वार के अनुसार तय अशुभ उप-मुहूर्त।

स्रोत: मुहूर्त चिंतामणि; धर्म सिंधु। उप-काल की गणना सूर्योदय + नक्षत्र की स्थिति से।

आज का सूर्य सूर्य

सूर्य की राशि और नक्षत्र — ऊपर हीरो में दिखाए गए चंद्र-पक्ष की तिथि और नक्षत्र का सूर्य-पक्ष पूरक।

सूर्य राशि

Tula#7

सूर्य नक्षत्र

Vishakha विशाखा

पाद 2 / 4

आज चंद्र पाद परिवर्तन

  • 07:37
  • 14:20
  • 21:04
  • 03:47

स्रोत: लाहिड़ी (चित्रपक्ष) निरयण गणना। पाद की गणना नक्षत्र को 3° 20′ के 4 बराबर भागों में बाँटकर।

हिंदू वर्ष विक्रम संवत्

इस वर्ष के विक्रम, शक और गुजराती संवत, साथ में 60-वर्षीय शासन-चक्र से चक्र का नाम (संवत्सर)।

विक्रम संवत

2083

Parabhava पराभव

वर्ष हब देखें

शक संवत

1948

Kilaka कीलक

गुजराती संवत

2082

Vishvavasu विश्वावसु

मंत्री मंडल — वर्ष शासन

पददेवता
RajaMars
MantriMars

बाकी शासन पद (8) इंजन द्वारा हल होते ही भर जाएँगे।

स्रोत: निर्णय सिंधु; सूर्यसिद्धांत। संवत्सर 60-वर्षीय बृहस्पति चक्र से।

दैनिक दिशाएँ दिशा

मुहूर्त चुनने में काम आने वाली दिन की दिशाएँ — यात्रा के लिए दिशा शूल, यज्ञ के लिए अग्निवास, लाभ की दिशा के लिए चंद्र/राहु वास, अनुष्ठान के समय के लिए शिववास।

Disha Shool

South दक्षिण

अशुभ

स्रोत: Avoid travel toward this direction today

Chandra Vasa

North उत्तर

शुभ

स्रोत: Direction favored by today's moon position

Rahu Vasa

South दक्षिण

अशुभ

स्रोत: Direction occupied by Rahu; avoid offerings facing here

Agnivasa

Akasha आकाश

सामान्य

स्रोत: Agni's dwelling for homa-suitability assessment

Shiva Vasa

Bhojana भोजन

सामान्य

स्रोत: Shiva's location for rudrabhisheka timing

Homahuti

Sun सूर्य

शुभ

स्रोत: Benefic planet: offering auspicious

आज की बल तालिका

ताराबल और चंद्रबल — मुहूर्त चुनने में काम आने वाली दो शास्त्रीय बल जाँच। यदि आपका जन्म नक्षत्र या जन्म राशि अनुकूल सूची में आए, तो दिन नई शुरुआत के लिए ठीक है।

आज अनुकूल जन्म राशियाँ

Vrishabha, Mithuna, Kanya, Vrishchika, Makara, Kumbha

ताराबल — सभी 27 जन्म नक्षत्र
#जन्म नक्षत्रतारागुण
1AshwiniAti-Mitra अतिमित्रसामान्य
2BharaniMitra मित्रसामान्य
3KrittikaVadha वधसामान्य
4RohiniSadhaka साधकसामान्य
5MrigashiraPratyari प्रत्यरिसामान्य
6ArdraKshema क्षेमसामान्य
7PunarvasuVipat विपत्सामान्य
8PushyaSampat सम्पत्सामान्य
9AshleshaJanma जन्मसामान्य
10MaghaAti-Mitra अतिमित्रसामान्य
11Purva PhalguniMitra मित्रसामान्य
12Uttara PhalguniVadha वधसामान्य
13HastaSadhaka साधकसामान्य
14ChitraPratyari प्रत्यरिसामान्य
15SwatiKshema क्षेमसामान्य
16VishakhaVipat विपत्सामान्य
17AnuradhaSampat सम्पत्सामान्य
18JyeshthaJanma जन्मसामान्य
19MulaAti-Mitra अतिमित्रसामान्य
20Purva AshadhaMitra मित्रसामान्य
21Uttara AshadhaVadha वधसामान्य
22ShravanaSadhaka साधकसामान्य
23DhanishthaPratyari प्रत्यरिसामान्य
24ShatabhishaKshema क्षेमसामान्य
25Purva BhadrapadaVipat विपत्सामान्य
26Uttara BhadrapadaSampat सम्पत्सामान्य
27RevatiJanma जन्मसामान्य
चंद्रबल — सभी 12 जन्म राशि
#जन्म राशिजन्म से भावअनुकूल
1Mesha8नहीं
2Vrishabha7हाँ
3Mithuna6हाँ
4Karka5नहीं
5Simha4नहीं
6Kanya3हाँ
7Tula2नहीं
8Vrishchika1हाँ
9Dhanu12नहीं
10Makara11हाँ
11Kumbha10हाँ
12Meena9नहीं

स्रोत: मुहूर्त चिंतामणि; बृहत् संहिता। ताराबल जन्म-नक्षत्र से आज के नक्षत्र तक 9-चक्र का उपयोग करता है।

उदय लग्न (उगती राशि) समय-रेखा

दिन के हर समय पूर्वी क्षितिज पर कौन सी राशि उग रही है। खंड की चौड़ाई वास्तविक उदय अवधि के अनुपात में है।
सभी 13 खंड (तालिका)
#राशिआरंभसमाप्ति
7Tula तुला06:2406:49
8Vrishchika वृश्चिक06:4909:09
9Dhanu धनु09:0911:14
10Makara मकर11:1412:54
11Kumbha कुम्भ12:5414:24
12Meena मीन14:2415:54
1Mesha मेष15:5417:29
2Vrishabha वृषभ17:2919:24
3Mithuna मिथुन19:2421:39
4Karka कर्क21:3923:59
5Simha सिंह23:5902:14
6Kanya कन्या02:1404:29
7Tula तुला04:2906:24

पंचक रहित मुहूर्त पञ्चक रहित मुहूर्त

पंचक श्रेणी के अनुसार 15 शास्त्रीय दिन-मुहूर्त खंड। हरा = शुभ; गुलाबी = टालें। चौड़ाई वास्तविक अवधि के अनुपात में है।
सभी 15 खंड (तालिका)
#नामआरंभसमाप्तिगुण
1Mrityu मृत्यु06:2407:07अशुभ
2Agni अग्नि07:0707:51अशुभ
3Raja राज07:5108:34अशुभ
4Chora चोर08:3409:18अशुभ
5Shubha शुभ09:1810:01शुभ
6Roga रोग10:0110:45अशुभ
7Mrityu मृत्यु10:4511:28अशुभ
8Agni अग्नि11:2812:11अशुभ
9Raja राज12:1112:55अशुभ
10Chora चोर12:5513:38अशुभ
11Shubha शुभ13:3814:22शुभ
12Roga रोग14:2215:05अशुभ
13Mrityu मृत्यु15:0515:49अशुभ
14Agni अग्नि15:4916:32अशुभ
15Raja राज16:3217:15अशुभ

स्रोत: मुहूर्त चिंतामणि; निर्णय सिंधु।

ऋतु और अयन

वैदिक ऋतु, अयन, दिन/रात की लंबाई और सौर-दोपहर — आज के पंचांग के आसपास का ऋतु ढाँचा।

ऋतु (वैदिक)

Sharadशरद्

ऋतु (दृक)

Sharadशरद्

अयन

Dakshinayanaदक्षिणायन

दिनमान

10h 51m

रात्रिमान

13h 9m

मध्याह्न

11:50

स्रोत: सूर्यसिद्धांत। दिनमान = सूर्योदय→सूर्यास्त के मिनट; मध्याह्न = स्थानीय सौर दोपहर।

दिशा शूल - लखनऊ, 12 नवम्बर 2026

गुरुवार, 12 नवम्बर 2026 को लखनऊ का पंचांग एक खास लय लेकर आता है। आज सूर्योदय प्रातः 06:24 बजे होता है और अपराह्ण 17:15 बजे अस्त होता है, जिससे दिन में 10 घंटे 51 मिनट का उजाला मिलता है। शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि के साथ ज्येष्ठा नक्षत्र दिन को दिशा देता है। दिन का योग सुकर्मा है, जो इस 12 नवम्बर 2026 के पंचांग को पूरा करता है। सूर्योदय से पहले रात्रि 04:48 से प्रातः 05:36 तक ब्रह्म मुहूर्त रहता है — प्रार्थना और मनन के लिए आदर्श समय।

आज राहु काल अपराह्ण 13:11 से अपराह्ण 14:33 के बीच है; यह समय नई शुरुआत के लिए टालना बेहतर है। आज दिशाशूल दक्षिण दिशा में है — गुरुवार को इस ओर नई यात्रा टालने की परंपरा है। दिन का सबसे शुभ चौघड़िया शुभ (प्रातः 06:24–प्रातः 07:45) है — नई शुरुआत के लिए यही चुनें। ज्येष्ठा नक्षत्र का स्वामी बुध है, और यही ग्रह-गणना को लखनऊ की स्थानीय लय से बाँधता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

लखनऊ में 12 नवम्बर 2026 को राहु काल कब है?
लखनऊ में 12 नवम्बर 2026 को राहु काल अपराह्ण 13:11 से अपराह्ण 14:33 तक रहता है। यह करीब 90 मिनट की खिड़की राहु के अधीन होती है और नया काम, यात्रा या शुभ कार्य शुरू करने से आमतौर पर बचा जाता है। यह समय हर दिन सूर्योदय के अनुसार बदलता है, इसलिए हर शहर में अलग होता है।
लखनऊ में 12 नवम्बर 2026 को सूर्योदय प्रातः 06:24 बजे क्यों होता है?
लखनऊ में 12 नवम्बर 2026 को सूर्योदय प्रातः 06:24 बजे होता है — यह शहर के अक्षांश (26.85°N) और इस तारीख को पृथ्वी के झुकाव से तय होता है। सूर्योदय और सूर्यास्त (अपराह्ण 17:15) वैदिक दिन की लंबाई तय करते हैं और राहु काल से लेकर चौघड़िया तक सभी गणनाएँ लखनऊ के स्थानीय क्षितिज से जोड़ते हैं।
लखनऊ में 12 नवम्बर 2026 को कौन-सा योग है?
लखनऊ में 12 नवम्बर 2026 को सुकर्मा योग है, जो रात्रि 03:40 से रात्रि 04:26 तक सक्रिय रहता है। पंचांग में योग सूर्य और चन्द्र की मिली-जुली स्थिति से बनता है और 27 योगों के चक्र में घूमता है। सुकर्मा योग का अपना स्वभाव होता है जो दिन के कामों की शुभता पर असर डालता है।

संबंधित पंचांग पृष्ठ

दैनिक प्रामाणिकता

तांत्रिक बंदा खिड़कियाँ

Dadima (Anar)

दाडिम (अनार)

स्रोत:

साधना विधान

Gauri Tritiya Puja

गौरी तृतीया पूजा

- Skanda Purana, Gauri Mahatmya

दिन दुर्लभता अंक

0.16836565566729245/ 100

लखनऊ — 12 नवम्बर

सूर्योदय
प्रातः 06:24
सूर्यास्त
अपराह्ण 17:15
तिथि
तृतीया (शुक्ल पक्ष)
नक्षत्र
ज्येष्ठा (तृतीय पाद)
योग
सुकर्मा
करण
गरज
माह
कार्तिक
चन्द्र राशि
वृश्चिक
सूर्य राशि
तुला
राहु काल
अपराह्ण 13:11–अपराह्ण 14:33
शुभ चौघड़िया
शुभ (प्रातः 06:24–प्रातः 07:45)