Kundlitkundlit

दिशा शूल

इंदौर · 8 अप्रैल 2027

इस दिशा में यात्रा न करें

South दक्षिण

Avoid travel toward this direction today

दिशा शूल

पंचांग — पाँच अंग पञ्चाङ्ग

तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार, उनके समाप्ति समय के साथ, साथ ही मास और चंद्रमा तथा सूर्य की राशि — इस शहर के सूर्योदय के अनुसार गणना। आधी रात के बाद का समय पारंपरिक विस्तारित घड़ी में दिखता है (जैसे 27:23 = अगली सुबह 03:23)।

तिथि
Dwitiyaद्वितीया27:10 तक
What this means

The lunar day. It is set by how far the Moon has pulled ahead of the Sun — each 12 degrees of separation is one tithi. The tithi shapes which activities the tradition favours, and it ends at the time shown, when the next one begins.

Muhurta ChintamaniTithi-prakaranam (Nanda/Bhadra/Jaya/Rikta/Purna tithi-types)
नक्षत्र
Ashwiniअश्विनी17:59 तक
What this means

The Moon's star-mansion — the patch of sky it sits in today, one of 27. Each nakshatra has its own temperament that classical texts use to judge what the day is good for.

Brihat SamhitaNakshatra chapters (nakshatra qualities)
योग
Vishkambhaविष्कम्भ27:25 तक
What this means

A combined Sun-and-Moon measure (one of 27 nitya-yogas) — not the physical posture practice. A few yogas, such as Vyatipata and Vaidhriti, are best avoided; most are ordinary.

Muhurta ChintamaniYoga enumeration (tyajya-yoga list, v. 33)
करण
Balavaबालव15:52 तक
What this means

Half of a tithi — each lunar day holds two karanas. One of them, Vishti (also called Bhadra), is treated as inauspicious; the rest are workable.

BPHSKarana-jnana-vidhi (11 karanas including Vishti)
वार
Guruvaraगुरुवार
What this means

The weekday and its ruling planet. Each day's planet colours which tasks the tradition recommends — e.g. Thursday (Jupiter) for auspicious beginnings.

Muhurta ChintamaniVara-prakaranam (weekday lords)
मास
Chaitraचैत्र
What this means

The lunar month. India uses two reckonings — Amanta (new-moon to new-moon) and Purnimanta (full-moon to full-moon) — so the name can differ by region. An 'Adhika' (extra) month is inserted to keep the lunar and solar years aligned.

Nirnaya SindhuAdhikamasa-nirnaya (intercalary month)
पक्ष
शुक्ल पक्ष (बढ़ता चंद्र)
What this means

The fortnight. Shukla is the waxing half (Moon growing toward full); Krishna is the waning half (toward the new moon).

Calendar definition

चंद्र राशि
Mesha
What this means

The zodiac sign the Moon occupies now. Together with your birth Moon-sign it drives Chandrabala — the Moon's day-to-day favourability for you.

Muhurta Chintamani2.4-2.5 (Chandrabala)
सूर्य राशि
Meenaमीन

निरयण (लाहिड़ी) गणना; अंग समाप्ति समय शहर के वास्तविक सूर्योदय के अनुसार। “अधिक मास” उस अतिरिक्त चंद्र मास को दर्शाता है जिसमें कोई सौर संक्रांति नहीं होती।

यह पंचांग कैसे गणना होती है

इस पृष्ठ का हर समय सूर्य और चंद्रमा की वास्तविक स्थिति से स्विस एफेमेरिस (वही उच्च-परिशुद्धता खगोलीय इंजन जिसे पेशेवर खगोलशास्त्री उपयोग करते हैं) से निकाला जाता है, किसी छपे पंचांग या तय तालिका से नहीं।

  • निरयण राशिचक्र, लाहिड़ी अयनांश — भारत सरकार के कैलेंडर में यही मानक है। सभी नक्षत्र, राशि, तिथि और योग की सीमाएँ इसी से बनती हैं।
  • स्थानीय वास्तविक सूर्योदय — मुहूर्त काल (राहु काल, चौघड़िया, होरा, अभिजित आदि) Indore के सटीक निर्देशांक के लिए गणना किए गए वास्तविक सूर्योदय से मापे जाते हैं, इसलिए वे आपके स्थान के लिए सही होते हैं, कोई क्षेत्रीय अनुमान नहीं।
  • दो मास परंपराएँ — हम अमांत (अमावस्या से अमावस्या) और पूर्णिमांत (पूर्णिमा से पूर्णिमा) दोनों चंद्र मास दिखाते हैं, क्योंकि भारत के अलग-अलग क्षेत्र अलग परंपरा मानते हैं; अधिक (मलमास) मास होने पर उसे अंकित किया जाता है।

महत्व और शुभ/अशुभ संकेत शास्त्रीय ग्रंथों (मुहूर्त चिंतामणि, बृहत् संहिता, पुराण आदि) से लिए जाते हैं और साथ में उद्धृत किए जाते हैं — हम कभी ऐसा प्रभाव नहीं बताते जो ग्रंथ में न हो।

आपका आज का पंचांग

अपना जन्म नक्षत्र और चंद्र राशि एक बार चुनें — फिर हम आज का आपका ताराबल और चंद्रबल पढ़कर बता देंगे। यह सिर्फ़ इसी डिवाइस पर सेव होता है; हमारे सर्वर पर कभी नहीं जाता।

आज क्या करना शुभ है?

आप जो करने वाले हैं वह चुनें। हम आज के पंचांग को शास्त्रीय मुहूर्त नियम से जाँचकर बताते हैं कि यह शुभ है या नहीं, सबसे अच्छा समय कौन-सा है, और यह किस ग्रंथ से है।

समय विवरण (तालिका)
कालआरंभसमाप्तिप्रकार
Rahu Kala14:0215:36अशुभ
Yamaghanda Kala07:4709:21अशुभ
Gulika Kala09:2110:55अशुभ
Abhijit Muhurta12:0312:53शुभ

शुभ मुहूर्त शुभ मुहूर्त

सूर्योदय और नक्षत्र के आधार पर बने वे समय जिन्हें शास्त्रीय मुहूर्त ग्रंथ साधना, अध्ययन और नई शुरुआत के लिए बताते हैं।

Brahma Muhurta

ब्रह्म मुहूर्त

04:38 – 05:26

Pratah Sandhya

प्रातः सन्ध्या

05:09 – 06:14

Vijaya Muhurta

विजय मुहूर्त

14:33 – 15:23

Godhuli Muhurta

गोधूलि मुहूर्त

18:31 – 18:55

Sayahna Sandhya

सायाह्न सन्ध्या

18:43 – 19:48

Nishita Muhurta

निशीथ मुहूर्त

24:04 – 24:52

Amrita Kalam

अमृत कालम्

14:04 – 15:38

स्रोत: मुहूर्त चिंतामणि; निर्णय सिंधु। उप-काल की गणना सूर्योदय + शहर के निर्देशांक पर सूर्य नक्षत्र की स्थिति से।

अशुभ काल अशुभ काल

राहु काल, यमगंड और गुलिक (ऊपर दिन की समय-रेखा में दिखाए गए) के अलावा, नई शुरुआत के लिए टालने योग्य शास्त्रीय काल।

Varjyam

वर्ज्यम्

14:04 – 15:38

नक्षत्र से निकला वह काल जिसे शास्त्र टालने को कहते हैं।

Dur Muhurtam 9

दुर्मुहूर्तम्

12:53 – 13:43

वार के अनुसार तय अशुभ उप-मुहूर्त।

Dur Muhurtam 13

दुर्मुहूर्तम्

16:13 – 17:03

वार के अनुसार तय अशुभ उप-मुहूर्त।

स्रोत: मुहूर्त चिंतामणि; धर्म सिंधु। उप-काल की गणना सूर्योदय + नक्षत्र की स्थिति से।

आज का सूर्य सूर्य

सूर्य की राशि और नक्षत्र — ऊपर हीरो में दिखाए गए चंद्र-पक्ष की तिथि और नक्षत्र का सूर्य-पक्ष पूरक।

सूर्य राशि

Meena#12

सूर्य नक्षत्र

Revati रेवती

पाद 3 / 4

आज चंद्र पाद परिवर्तन

  • 06:15
  • 12:06
  • 17:56
  • 23:47
  • 05:37

स्रोत: लाहिड़ी (चित्रपक्ष) निरयण गणना। पाद की गणना नक्षत्र को 3° 20′ के 4 बराबर भागों में बाँटकर।

हिंदू वर्ष विक्रम संवत्

इस वर्ष के विक्रम, शक और गुजराती संवत, साथ में 60-वर्षीय शासन-चक्र से चक्र का नाम (संवत्सर)।

विक्रम संवत

2084

Plavanga प्लवङ्ग

वर्ष हब देखें

शक संवत

1949

Saumya सौम्य

गुजराती संवत

2083

Parabhava पराभव

मंत्री मंडल — वर्ष शासन

पददेवता
RajaMars
MantriMars

बाकी शासन पद (8) इंजन द्वारा हल होते ही भर जाएँगे।

स्रोत: निर्णय सिंधु; सूर्यसिद्धांत। संवत्सर 60-वर्षीय बृहस्पति चक्र से।

दैनिक दिशाएँ दिशा

मुहूर्त चुनने में काम आने वाली दिन की दिशाएँ — यात्रा के लिए दिशा शूल, यज्ञ के लिए अग्निवास, लाभ की दिशा के लिए चंद्र/राहु वास, अनुष्ठान के समय के लिए शिववास।

Disha Shool

South दक्षिण

अशुभ

स्रोत: Avoid travel toward this direction today

Chandra Vasa

East पूर्व

शुभ

स्रोत: Direction favored by today's moon position

Rahu Vasa

South दक्षिण

अशुभ

स्रोत: Direction occupied by Rahu; avoid offerings facing here

Agnivasa

Swarga स्वर्ग

शुभ

स्रोत: Agni's dwelling for homa-suitability assessment

Shiva Vasa

Vrishabha वृषभ

शुभ

स्रोत: Shiva's location for rudrabhisheka timing

Homahuti

Sun सूर्य

शुभ

स्रोत: Benefic planet: offering auspicious

आज की बल तालिका

ताराबल और चंद्रबल — मुहूर्त चुनने में काम आने वाली दो शास्त्रीय बल जाँच। यदि आपका जन्म नक्षत्र या जन्म राशि अनुकूल सूची में आए, तो दिन नई शुरुआत के लिए ठीक है।

आज अनुकूल जन्म राशियाँ

Mesha, Mithuna, Karka, Tula, Vrishchika, Kumbha

ताराबल — सभी 27 जन्म नक्षत्र
#जन्म नक्षत्रतारागुण
1AshwiniJanma जन्मसामान्य
2BharaniAti-Mitra अतिमित्रसामान्य
3KrittikaMitra मित्रसामान्य
4RohiniVadha वधसामान्य
5MrigashiraSadhaka साधकसामान्य
6ArdraPratyari प्रत्यरिसामान्य
7PunarvasuKshema क्षेमसामान्य
8PushyaVipat विपत्सामान्य
9AshleshaSampat सम्पत्सामान्य
10MaghaJanma जन्मसामान्य
11Purva PhalguniAti-Mitra अतिमित्रसामान्य
12Uttara PhalguniMitra मित्रसामान्य
13HastaVadha वधसामान्य
14ChitraSadhaka साधकसामान्य
15SwatiPratyari प्रत्यरिसामान्य
16VishakhaKshema क्षेमसामान्य
17AnuradhaVipat विपत्सामान्य
18JyeshthaSampat सम्पत्सामान्य
19MulaJanma जन्मसामान्य
20Purva AshadhaAti-Mitra अतिमित्रसामान्य
21Uttara AshadhaMitra मित्रसामान्य
22ShravanaVadha वधसामान्य
23DhanishthaSadhaka साधकसामान्य
24ShatabhishaPratyari प्रत्यरिसामान्य
25Purva BhadrapadaKshema क्षेमसामान्य
26Uttara BhadrapadaVipat विपत्सामान्य
27RevatiSampat सम्पत्सामान्य
चंद्रबल — सभी 12 जन्म राशि
#जन्म राशिजन्म से भावअनुकूल
1Mesha1हाँ
2Vrishabha12नहीं
3Mithuna11हाँ
4Karka10हाँ
5Simha9नहीं
6Kanya8नहीं
7Tula7हाँ
8Vrishchika6हाँ
9Dhanu5नहीं
10Makara4नहीं
11Kumbha3हाँ
12Meena2नहीं

स्रोत: मुहूर्त चिंतामणि; बृहत् संहिता। ताराबल जन्म-नक्षत्र से आज के नक्षत्र तक 9-चक्र का उपयोग करता है।

उदय लग्न (उगती राशि) समय-रेखा

दिन के हर समय पूर्वी क्षितिज पर कौन सी राशि उग रही है। खंड की चौड़ाई वास्तविक उदय अवधि के अनुपात में है।
सभी 13 खंड (तालिका)
#राशिआरंभसमाप्ति
12Meena मीन06:1406:39
1Mesha मेष06:3908:19
2Vrishabha वृषभ08:1910:19
3Mithuna मिथुन10:1912:29
4Karka कर्क12:2914:49
5Simha सिंह14:4916:59
6Kanya कन्या16:5919:09
7Tula तुला19:0921:24
8Vrishchika वृश्चिक21:2423:39
9Dhanu धनु23:3901:44
10Makara मकर01:4403:29
11Kumbha कुम्भ03:2905:04
12Meena मीन05:0406:14

पंचक रहित मुहूर्त पञ्चक रहित मुहूर्त

पंचक श्रेणी के अनुसार 15 शास्त्रीय दिन-मुहूर्त खंड। हरा = शुभ; गुलाबी = टालें। चौड़ाई वास्तविक अवधि के अनुपात में है।
सभी 15 खंड (तालिका)
#नामआरंभसमाप्तिगुण
1Mrityu मृत्यु06:1407:04अशुभ
2Agni अग्नि07:0407:53अशुभ
3Raja राज07:5308:43अशुभ
4Chora चोर08:4309:33अशुभ
5Shubha शुभ09:3310:23शुभ
6Roga रोग10:2311:13अशुभ
7Mrityu मृत्यु11:1312:03अशुभ
8Agni अग्नि12:0312:53अशुभ
9Raja राज12:5313:43अशुभ
10Chora चोर13:4314:33अशुभ
11Shubha शुभ14:3315:23शुभ
12Roga रोग15:2316:13अशुभ
13Mrityu मृत्यु16:1317:03अशुभ
14Agni अग्नि17:0317:53अशुभ
15Raja राज17:5318:43अशुभ

स्रोत: मुहूर्त चिंतामणि; निर्णय सिंधु।

ऋतु और अयन

वैदिक ऋतु, अयन, दिन/रात की लंबाई और सौर-दोपहर — आज के पंचांग के आसपास का ऋतु ढाँचा।

ऋतु (वैदिक)

Vasantaवसन्त

ऋतु (दृक)

Shishiraशिशिर

अयन

Uttarayanaउत्तरायण

दिनमान

12h 29m

रात्रिमान

11h 31m

मध्याह्न

12:28

स्रोत: सूर्यसिद्धांत। दिनमान = सूर्योदय→सूर्यास्त के मिनट; मध्याह्न = स्थानीय सौर दोपहर।

दिशा शूल - इंदौर, 8 अप्रैल 2027

गुरुवार, 8 अप्रैल 2027 — इंदौर के लिए यह दिन पंचांग की दृष्टि से ध्यान देने योग्य है। दिन की शुरुआत प्रातः 06:14 बजे सूर्योदय से होती है और सायं 18:43 बजे अस्त होता है, जिससे दिन में 12 घंटे 29 मिनट का उजाला मिलता है। तिथि द्वितीया (शुक्ल पक्ष) है और दिन का नक्षत्र अश्विनी है। विष्कम्भ योग पूरे दिन पर असर डालता है। इंदौर के लिए ब्रह्म मुहूर्त रात्रि 04:38 से प्रातः 05:26 तक है; यही वह समय है जिसे शास्त्र साधना और पढ़ाई के लिए सर्वोत्तम बताते हैं।

इंदौर में राहु काल अपराह्ण 14:02 से अपराह्ण 15:36 तक रहेगा — इस दौरान कोई नया काम शुरू न करें। दिशाशूल आज दक्षिण की ओर है, इसलिए गुरुवार को उस दिशा की यात्रा कुछ देर टाल दें। अच्छे समय के लिए शुभ चौघड़िया (प्रातः 06:14–प्रातः 07:47) सबसे उत्तम मुहूर्त है। अश्विनी नक्षत्र केतु के अधिकार में है, जिससे यह दिन आकाशीय समय और इंदौर की भूमि — दोनों से जुड़ जाता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इंदौर में 8 अप्रैल 2027 को राहु काल कब है?
इंदौर में 8 अप्रैल 2027 को राहु काल अपराह्ण 14:02 से अपराह्ण 15:36 तक रहता है। यह करीब 90 मिनट की खिड़की राहु के अधीन होती है और नया काम, यात्रा या शुभ कार्य शुरू करने से आमतौर पर बचा जाता है। यह समय हर दिन सूर्योदय के अनुसार बदलता है, इसलिए हर शहर में अलग होता है।
इंदौर में 8 अप्रैल 2027 को सूर्योदय प्रातः 06:14 बजे क्यों होता है?
इंदौर में 8 अप्रैल 2027 को सूर्योदय प्रातः 06:14 बजे होता है — यह शहर के अक्षांश (22.72°N) और इस तारीख को पृथ्वी के झुकाव से तय होता है। सूर्योदय और सूर्यास्त (सायं 18:43) वैदिक दिन की लंबाई तय करते हैं और राहु काल से लेकर चौघड़िया तक सभी गणनाएँ इंदौर के स्थानीय क्षितिज से जोड़ते हैं।
इंदौर में 8 अप्रैल 2027 को कौन-सा योग है?
इंदौर में 8 अप्रैल 2027 को विष्कम्भ योग है, जो प्रातः 05:36 से रात्रि 03:25 तक सक्रिय रहता है। पंचांग में योग सूर्य और चन्द्र की मिली-जुली स्थिति से बनता है और 27 योगों के चक्र में घूमता है। विष्कम्भ योग का अपना स्वभाव होता है जो दिन के कामों की शुभता पर असर डालता है।

संबंधित पंचांग पृष्ठ

दैनिक प्रामाणिकता

तांत्रिक बंदा खिड़कियाँ

Vat

वट

स्रोत:

Amla

आँवला

स्रोत:

Palash (Snake and Progeny)

पलाश (सर्प व पुत्र)

स्रोत:

साधना विधान

Yama Dvitiya Tarpana

यम द्वितीया तर्पण

- Dharmasindhu, Yama Smriti

दिन दुर्लभता अंक

0.30571780149553474/ 100

इंदौर — 8 अप्रैल

सूर्योदय
प्रातः 06:14
सूर्यास्त
सायं 18:43
तिथि
द्वितीया (शुक्ल पक्ष)
नक्षत्र
अश्विनी (द्वितीय पाद)
योग
विष्कम्भ
करण
बालव
माह
चैत्र
चन्द्र राशि
मेष
सूर्य राशि
मीन
राहु काल
अपराह्ण 14:02–अपराह्ण 15:36
शुभ चौघड़िया
शुभ (प्रातः 06:14–प्रातः 07:47)