Kundlitkundlit

दिशा शूल

इंदौर · 14 जुलाई 2026

इस दिशा में यात्रा न करें

North उत्तर

Avoid travel toward this direction today

दिशा शूल

पंचांग — पाँच अंग पञ्चाङ्ग

तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार, उनके समाप्ति समय के साथ, साथ ही मास और चंद्रमा तथा सूर्य की राशि — इस शहर के सूर्योदय के अनुसार गणना। आधी रात के बाद का समय पारंपरिक विस्तारित घड़ी में दिखता है (जैसे 27:23 = अगली सुबह 03:23)।

तिथि
Amavasyaअमावस्या15:13 तकफिर Pratipadaप्रतिपदा35:51 तक
What this means

The lunar day. It is set by how far the Moon has pulled ahead of the Sun — each 12 degrees of separation is one tithi. The tithi shapes which activities the tradition favours, and it ends at the time shown, when the next one begins.

Muhurta ChintamaniTithi-prakaranam (Nanda/Bhadra/Jaya/Rikta/Purna tithi-types)
नक्षत्र
Punarvasuपुनर्वसु24:09 तकफिर Pushyaपुष्य45:46 तक
What this means

The Moon's star-mansion — the patch of sky it sits in today, one of 27. Each nakshatra has its own temperament that classical texts use to judge what the day is good for.

Brihat SamhitaNakshatra chapters (nakshatra qualities)
योग
Vyaghataव्याघात11:57 तकफिर Harshanaहर्षण32:04 तक
What this means

A combined Sun-and-Moon measure (one of 27 nitya-yogas) — not the physical posture practice. A few yogas, such as Vyatipata and Vaidhriti, are best avoided; most are ordinary.

Muhurta ChintamaniYoga enumeration (tyajya-yoga list, v. 33)
करण
Kimstughnaकिंस्तुघ्न15:13 तकफिर Kimstughnaकिंस्तुघ्न25:30 तकक्रम: Kimstughna (15:13)Kimstughna (25:30)Bava (35:51)
What this means

Half of a tithi — each lunar day holds two karanas. One of them, Vishti (also called Bhadra), is treated as inauspicious; the rest are workable.

BPHSKarana-jnana-vidhi (11 karanas including Vishti)
वार
Mangalavaraमङ्गलवार
What this means

The weekday and its ruling planet. Each day's planet colours which tasks the tradition recommends — e.g. Thursday (Jupiter) for auspicious beginnings.

Muhurta ChintamaniVara-prakaranam (weekday lords)
मास (अमांत)
Ashadhaआषाढप्रविष्टे/गते: 30
What this means

The lunar month. India uses two reckonings — Amanta (new-moon to new-moon) and Purnimanta (full-moon to full-moon) — so the name can differ by region. An 'Adhika' (extra) month is inserted to keep the lunar and solar years aligned.

Nirnaya SindhuAdhikamasa-nirnaya (intercalary month)
मास (पूर्णिमांत)
Shravanaश्रावण
पक्ष
कृष्ण पक्ष (घटता चंद्र)
What this means

The fortnight. Shukla is the waxing half (Moon growing toward full); Krishna is the waning half (toward the new moon).

Calendar definition

चंद्र राशि
Mithunaमिथुन18:49 तकफिर Karkaकर्क
What this means

The zodiac sign the Moon occupies now. Together with your birth Moon-sign it drives Chandrabala — the Moon's day-to-day favourability for you.

Muhurta Chintamani2.4-2.5 (Chandrabala)
सूर्य राशि
Mithunaमिथुन

निरयण (लाहिड़ी) गणना; अंग समाप्ति समय शहर के वास्तविक सूर्योदय के अनुसार। “अधिक मास” उस अतिरिक्त चंद्र मास को दर्शाता है जिसमें कोई सौर संक्रांति नहीं होती।

यह पंचांग कैसे गणना होती है

इस पृष्ठ का हर समय सूर्य और चंद्रमा की वास्तविक स्थिति से स्विस एफेमेरिस (वही उच्च-परिशुद्धता खगोलीय इंजन जिसे पेशेवर खगोलशास्त्री उपयोग करते हैं) से निकाला जाता है, किसी छपे पंचांग या तय तालिका से नहीं।

  • निरयण राशिचक्र, लाहिड़ी अयनांश — भारत सरकार के कैलेंडर में यही मानक है (इस तिथि का अयनांश: 24.2277°)। सभी नक्षत्र, राशि, तिथि और योग की सीमाएँ इसी से बनती हैं।
  • स्थानीय वास्तविक सूर्योदय — मुहूर्त काल (राहु काल, चौघड़िया, होरा, अभिजित आदि) Indore के सटीक निर्देशांक के लिए गणना किए गए वास्तविक सूर्योदय से मापे जाते हैं, इसलिए वे आपके स्थान के लिए सही होते हैं, कोई क्षेत्रीय अनुमान नहीं।
  • दो मास परंपराएँ — हम अमांत (अमावस्या से अमावस्या) और पूर्णिमांत (पूर्णिमा से पूर्णिमा) दोनों चंद्र मास दिखाते हैं, क्योंकि भारत के अलग-अलग क्षेत्र अलग परंपरा मानते हैं; अधिक (मलमास) मास होने पर उसे अंकित किया जाता है।

महत्व और शुभ/अशुभ संकेत शास्त्रीय ग्रंथों (मुहूर्त चिंतामणि, बृहत् संहिता, पुराण आदि) से लिए जाते हैं और साथ में उद्धृत किए जाते हैं — हम कभी ऐसा प्रभाव नहीं बताते जो ग्रंथ में न हो।

आपका आज का पंचांग

अपना जन्म नक्षत्र और चंद्र राशि एक बार चुनें — फिर हम आज का आपका ताराबल और चंद्रबल पढ़कर बता देंगे। यह सिर्फ़ इसी डिवाइस पर सेव होता है; हमारे सर्वर पर कभी नहीं जाता।

आज क्या करना शुभ है?

आप जो करने वाले हैं वह चुनें। हम आज के पंचांग को शास्त्रीय मुहूर्त नियम से जाँचकर बताते हैं कि यह शुभ है या नहीं, सबसे अच्छा समय कौन-सा है, और यह किस ग्रंथ से है।

समय विवरण (तालिका)
कालआरंभसमाप्तिप्रकार
Rahu Kala15:5217:33अशुभ
Yamaghanda Kala09:1110:52अशुभ
Gulika Kala12:3214:12अशुभ
Abhijit Muhurta12:0512:59शुभ

शुभ मुहूर्त शुभ मुहूर्त

सूर्योदय और नक्षत्र के आधार पर बने वे समय जिन्हें शास्त्रीय मुहूर्त ग्रंथ साधना, अध्ययन और नई शुरुआत के लिए बताते हैं।

Brahma Muhurta

ब्रह्म मुहूर्त

04:15 – 05:03

Pratah Sandhya

प्रातः सन्ध्या

04:46 – 05:51

Vijaya Muhurta

विजय मुहूर्त

14:46 – 15:39

Godhuli Muhurta

गोधूलि मुहूर्त

19:01 – 19:25

Sayahna Sandhya

सायाह्न सन्ध्या

19:13 – 20:18

Nishita Muhurta

निशीथ मुहूर्त

24:08 – 24:56

Amrita Kalam

अमृत कालम्

10:40 – 12:05

स्रोत: मुहूर्त चिंतामणि; निर्णय सिंधु। उप-काल की गणना सूर्योदय + शहर के निर्देशांक पर सूर्य नक्षत्र की स्थिति से।

अशुभ काल अशुभ काल

राहु काल, यमगंड और गुलिक (ऊपर दिन की समय-रेखा में दिखाए गए) के अलावा, नई शुरुआत के लिए टालने योग्य शास्त्रीय काल।

Varjyam

वर्ज्यम्

13:30 – 14:56

नक्षत्र से निकला वह काल जिसे शास्त्र टालने को कहते हैं।

Dur Muhurtam 4

दुर्मुहूर्तम्

08:31 – 09:25

वार के अनुसार तय अशुभ उप-मुहूर्त।

Dur Muhurtam 9

दुर्मुहूर्तम्

12:59 – 13:52

वार के अनुसार तय अशुभ उप-मुहूर्त।

स्रोत: मुहूर्त चिंतामणि; धर्म सिंधु। उप-काल की गणना सूर्योदय + नक्षत्र की स्थिति से।

आज का सूर्य सूर्य

सूर्य की राशि और नक्षत्र — ऊपर हीरो में दिखाए गए चंद्र-पक्ष की तिथि और नक्षत्र का सूर्य-पक्ष पूरक।

सूर्य राशि

Mithuna#3

सूर्य नक्षत्र

Punarvasu पुनर्वसु

पाद 3 / 4

आज चंद्र पाद परिवर्तन

  • 08:10
  • 13:31
  • 18:51
  • 24:11
  • 05:32

स्रोत: लाहिड़ी (चित्रपक्ष) निरयण गणना। पाद की गणना नक्षत्र को 3° 20′ के 4 बराबर भागों में बाँटकर।

हिंदू वर्ष विक्रम संवत्

इस वर्ष के विक्रम, शक और गुजराती संवत, साथ में 60-वर्षीय शासन-चक्र से चक्र का नाम (संवत्सर)।

विक्रम संवत

2083

Parabhava पराभव (8 Mar 2027 तक)

वर्ष हब देखें

शक संवत

1948

Kilaka कीलक

गुजराती संवत

2082

Vishvavasu विश्वावसु

मंत्री मंडल — वर्ष शासन

पददेवता
RajaJupiter
SasyadhipatiJupiter

बाकी शासन पद (8) इंजन द्वारा हल होते ही भर जाएँगे।

स्रोत: निर्णय सिंधु; सूर्यसिद्धांत। संवत्सर 60-वर्षीय बृहस्पति चक्र से।

दैनिक दिशाएँ दिशा

मुहूर्त चुनने में काम आने वाली दिन की दिशाएँ — यात्रा के लिए दिशा शूल, यज्ञ के लिए अग्निवास, लाभ की दिशा के लिए चंद्र/राहु वास, अनुष्ठान के समय के लिए शिववास।

Disha Shool

North उत्तर

अशुभ

स्रोत: Avoid travel toward this direction today

Nakshatra Shool

West पश्चिम

अशुभ

स्रोत: Avoid travel toward this direction while today's nakshatra prevails

Chandra Vasa

West पश्चिम

शुभ

स्रोत: Direction favored by today's moon position

Rahu Vasa

North उत्तर

अशुभ

स्रोत: Direction occupied by Rahu; avoid offerings facing here

Agnivasa

Swarga स्वर्ग

शुभ

स्रोत: Agni's dwelling for homa-suitability assessment

Shiva Vasa

Vrishabha वृषभ

शुभ

स्रोत: Shiva's location for rudrabhisheka timing

Homahuti

Sun सूर्य

शुभ

स्रोत: Benefic planet: offering auspicious

Anandadi Yoga

Sthira स्थिर

शुभ

स्रोत: Auspicious day-yoga (Anandadi)

तमिल योग தமிழ் யோகம்

नक्षत्र और वार से बना दिन का तमिल-परंपरा का योग — तमिल मुहूर्त में काम आने वाला सिद्ध / अमृत / मरण / मुशल परिवार।

Tamil Yoga

Mushala मुसल

अशुभ

स्रोत: Inauspicious Tamil yoga -- avoid new ventures

आज की बल तालिका

ताराबल और चंद्रबल — मुहूर्त चुनने में काम आने वाली दो शास्त्रीय बल जाँच। यदि आपका जन्म नक्षत्र या जन्म राशि अनुकूल सूची में आए, तो दिन नई शुरुआत के लिए ठीक है।

आज अनुकूल जन्म राशियाँ

Mesha, Mithuna, Simha, Kanya, Dhanu, Makara

चंद्राष्टम (टालें): Vrishchika

ताराबल — सभी 27 जन्म नक्षत्र
#जन्म नक्षत्रतारागुण
1AshwiniVadha वधसामान्य
2BharaniSadhaka साधकसामान्य
3KrittikaPratyari प्रत्यरिसामान्य
4RohiniKshema क्षेमसामान्य
5MrigashiraVipat विपत्सामान्य
6ArdraSampat सम्पत्सामान्य
7PunarvasuJanma जन्मसामान्य
8PushyaAti-Mitra अतिमित्रसामान्य
9AshleshaMitra मित्रसामान्य
10MaghaVadha वधसामान्य
11Purva PhalguniSadhaka साधकसामान्य
12Uttara PhalguniPratyari प्रत्यरिसामान्य
13HastaKshema क्षेमसामान्य
14ChitraVipat विपत्सामान्य
15SwatiSampat सम्पत्सामान्य
16VishakhaJanma जन्मसामान्य
17AnuradhaAti-Mitra अतिमित्रसामान्य
18JyeshthaMitra मित्रसामान्य
19MulaVadha वधसामान्य
20Purva AshadhaSadhaka साधकसामान्य
21Uttara AshadhaPratyari प्रत्यरिसामान्य
22ShravanaKshema क्षेमसामान्य
23DhanishthaVipat विपत्सामान्य
24ShatabhishaSampat सम्पत्सामान्य
25Purva BhadrapadaJanma जन्मसामान्य
26Uttara BhadrapadaAti-Mitra अतिमित्रसामान्य
27RevatiMitra मित्रसामान्य
चंद्रबल — सभी 12 जन्म राशि
#जन्म राशिजन्म से भावअनुकूल
1Mesha3हाँ
2Vrishabha2नहीं
3Mithuna1हाँ
4Karka12नहीं
5Simha11हाँ
6Kanya10हाँ
7Tula9नहीं
8Vrishchika8नहीं
9Dhanu7हाँ
10Makara6हाँ
11Kumbha5नहीं
12Meena4नहीं

स्रोत: मुहूर्त चिंतामणि; बृहत् संहिता। ताराबल जन्म-नक्षत्र से आज के नक्षत्र तक 9-चक्र का उपयोग करता है।

उदय लग्न (उगती राशि) समय-रेखा

दिन के हर समय पूर्वी क्षितिज पर कौन सी राशि उग रही है। खंड की चौड़ाई वास्तविक उदय अवधि के अनुपात में है।
सभी 13 खंड (तालिका)
#राशिआरंभसमाप्ति
3Mithuna मिथुन05:5106:06
4Karka कर्क06:0608:26
5Simha सिंह08:2610:36
6Kanya कन्या10:3612:46
7Tula तुला12:4615:01
8Vrishchika वृश्चिक15:0117:16
9Dhanu धनु17:1619:21
10Makara मकर19:2121:06
11Kumbha कुम्भ21:0622:41
12Meena मीन22:4124:11
1Mesha मेष24:1101:51
2Vrishabha वृषभ01:5103:51
3Mithuna मिथुन03:5105:51

पंचक रहित मुहूर्त पञ्चक रहित मुहूर्त

पंचक श्रेणी के अनुसार 15 शास्त्रीय दिन-मुहूर्त खंड। हरा = शुभ; गुलाबी = टालें। चौड़ाई वास्तविक अवधि के अनुपात में है।
सभी 15 खंड (तालिका)
#नामआरंभसमाप्तिगुण
1Raja राज05:5106:44अशुभ
2Chora चोर06:4407:38अशुभ
3Shubha शुभ07:3808:31शुभ
4Roga रोग08:3109:25अशुभ
5Mrityu मृत्यु09:2510:18अशुभ
6Agni अग्नि10:1811:12अशुभ
7Raja राज11:1212:05अशुभ
8Chora चोर12:0512:59अशुभ
9Shubha शुभ12:5913:52शुभ
10Roga रोग13:5214:46अशुभ
11Mrityu मृत्यु14:4615:39अशुभ
12Agni अग्नि15:3916:33अशुभ
13Raja राज16:3317:26अशुभ
14Chora चोर17:2618:20अशुभ
15Shubha शुभ18:2019:13शुभ

स्रोत: मुहूर्त चिंतामणि; निर्णय सिंधु।

ऋतु और अयन

वैदिक ऋतु, अयन, दिन/रात की लंबाई और सौर-दोपहर — आज के पंचांग के आसपास का ऋतु ढाँचा।

ऋतु (वैदिक)

Grishmaग्रीष्म

ऋतु (दृक)

Grishmaग्रीष्म

अयन

Uttarayanaउत्तरायण

दिनमान

13h 22m

रात्रिमान

10h 38m

मध्याह्न

12:32

स्रोत: सूर्यसिद्धांत। दिनमान = सूर्योदय→सूर्यास्त के मिनट; मध्याह्न = स्थानीय सौर दोपहर।

पंचांग और युग पञ्चाङ्ग गणना

इस तिथि के लिए संदर्भ दिन-गणना और कैलेंडर पहचान — कलियुग वर्ष, अहर्गण, जूलियन दिन और राष्ट्रीय (शक) नागरिक तिथियाँ।
पंचांग / युग विवरण
कलियुग वर्ष5127
कलि अहर्गण1872770
जूलियन दिन2461235.5
संशोधित जूलियन दिन61235
राता डाई739811
राष्ट्रीय नागरिक (शक)Ashadha 23, 1948 Shaka
राष्ट्रीय निरयण (शक)Ashadha 30, 1948 Shaka
लाहिड़ी अयनांश24.2277°

दिन के जूलियन दिन और लाहिड़ी अयनांश से निकाला गया।

दिशा शूल - इंदौर, 14 जुलाई 2026

इंदौर में मंगलवार, 14 जुलाई 2026 का दिन अपनी अलग ऊर्जा के साथ शुरू होता है। इंदौर में सूरज प्रातः 05:51 बजे निकलता है और सायं 19:13 बजे अस्त होता है, जिससे दिन में 13 घंटे 22 मिनट का उजाला मिलता है। तिथि अमावस्या (कृष्ण पक्ष) है और दिन का नक्षत्र पुनर्वसु है। व्याघात योग पूरे दिन पर असर डालता है। इंदौर के लिए ब्रह्म मुहूर्त रात्रि 04:15 से प्रातः 05:03 तक है; यही वह समय है जिसे शास्त्र साधना और पढ़ाई के लिए सर्वोत्तम बताते हैं।

इंदौर में राहु काल अपराह्ण 15:52 से अपराह्ण 17:33 तक रहेगा — इस दौरान कोई नया काम शुरू न करें। दिशाशूल आज उत्तर की ओर है, इसलिए मंगलवार को उस दिशा की यात्रा कुछ देर टाल दें। अच्छे समय के लिए लाभ चौघड़िया (प्रातः 10:52–दोपहर 12:32) सबसे उत्तम मुहूर्त है। पुनर्वसु नक्षत्र गुरु के अधिकार में है, जिससे यह दिन आकाशीय समय और इंदौर की भूमि — दोनों से जुड़ जाता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इंदौर में 14 जुलाई 2026 को राहु काल कब है?
इंदौर में 14 जुलाई 2026 को राहु काल अपराह्ण 15:52 से अपराह्ण 17:33 तक रहता है। यह करीब 90 मिनट की खिड़की राहु के अधीन होती है और नया काम, यात्रा या शुभ कार्य शुरू करने से आमतौर पर बचा जाता है। यह समय हर दिन सूर्योदय के अनुसार बदलता है, इसलिए हर शहर में अलग होता है।
इंदौर में 14 जुलाई 2026 को सूर्योदय प्रातः 05:51 बजे क्यों होता है?
इंदौर में 14 जुलाई 2026 को सूर्योदय प्रातः 05:51 बजे होता है — यह शहर के अक्षांश (22.72°N) और इस तारीख को पृथ्वी के झुकाव से तय होता है। सूर्योदय और सूर्यास्त (सायं 19:13) वैदिक दिन की लंबाई तय करते हैं और राहु काल से लेकर चौघड़िया तक सभी गणनाएँ इंदौर के स्थानीय क्षितिज से जोड़ते हैं।
क्या 14 जुलाई 2026 को अमावस्या है?
हाँ, इंदौर से गणना करने पर 14 जुलाई 2026 को अमावस्या (नया चाँद) है। अमावस्या तिथि सायं 18:49 से अपराह्ण 15:13 तक रहती है। यह दिन पितरों के तर्पण के लिए विशेष माना जाता है, और कई लोग व्रत रखते हैं या शिव-काली मंदिर जाते हैं।

संबंधित पंचांग पृष्ठ

दैनिक प्रामाणिकता

तांत्रिक बंदा खिड़कियाँ

Anar

अनार

स्रोत:

Kachnar

कचनार

स्रोत:

Mehandi

मेहंदी

स्रोत:

साधना विधान

Kali Maha Mantra Japa

काली महामन्त्र जप

- Rudrayamala Tantra

Bhuvaneshwari Mantra Japa

भुवनेश्वरी मन्त्र जप

- Rudrayamala Tantra, Tantrasara

Devi Kavacham Patha

देवी कवचम् पाठ

- Devi Mahatmya, Markandeya Purana

Baglamukhi Stambhana Sadhana

बगलामुखी स्तम्भन साधना

- Baglamukhi Tantra, Rudrayamala, Mantra Mahodadhi

Chinnamasta Sadhana

छिन्नमस्ता साधना

- Shakta Pramoda, Tantrasara, Chinnamasta Tantra, Mantra Mahodadhi

Smashan Sadhana

श्मशान साधना

- Mahanirvana Tantra, Kaulajnana Nirnaya, Kamakhya Tantra, Rudrayamala

Kimstughna Karana Sadhana

किंस्तुघ्न करण साधना

- Muhurta Chintamani

Pitru Tarpana

पितृ तर्पण

- Dharmasindhu, Nirnaya Sindhu

Tila Homa (Sesame Oblation)

तिल होम

- Graha Shanti Vidhi

Chandi Patha (Durga Saptashati)

चण्डी पाठ

- Markandeya Purana, Devi Mahatmya

Tara Sadhana

तारा साधना

- Tara Tantra, Todala Tantra, Tantrasara (Krishnananda)

Dhumavati Sadhana

धूमावती साधना

- Shakta Pramoda, Dhumavati Tantra, Mantra Mahodadhi, Tantrasara (Krishnananda)

Bhuvaneshwari Amavasya Dhyana

भुवनेश्वरी अमावस्या ध्यान

- Tantrasara, Todala Tantra

दिन दुर्लभता अंक

0.5692677753303671/ 100

इंदौर — 14 जुलाई

सूर्योदय
प्रातः 05:51
सूर्यास्त
सायं 19:13
तिथि
अमावस्या (कृष्ण पक्ष)
नक्षत्र
पुनर्वसु (प्रथम पाद)
योग
व्याघात
करण
किंस्तुघ्न, किंस्तुघ्न
माह
आषाढ
चन्द्र राशि
मिथुन → कर्क
सूर्य राशि
मिथुन
राहु काल
अपराह्ण 15:52–अपराह्ण 17:33
शुभ चौघड़िया
लाभ (प्रातः 10:52–दोपहर 12:32)