Kundlitkundlit

दिशा शूल

इंदौर · 21 अगस्त 2025

इस दिशा में यात्रा न करें

South दक्षिण

Avoid travel toward this direction today

दिशा शूल

पंचांग — पाँच अंग पञ्चाङ्ग

तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार, उनके समाप्ति समय के साथ, साथ ही मास और चंद्रमा तथा सूर्य की राशि — इस शहर के सूर्योदय के अनुसार गणना। आधी रात के बाद का समय पारंपरिक विस्तारित घड़ी में दिखता है (जैसे 27:23 = अगली सुबह 03:23)।

तिथि
Trayodashiत्रयोदशी12:45 तक
What this means

The lunar day. It is set by how far the Moon has pulled ahead of the Sun — each 12 degrees of separation is one tithi. The tithi shapes which activities the tradition favours, and it ends at the time shown, when the next one begins.

Muhurta ChintamaniTithi-prakaranam (Nanda/Bhadra/Jaya/Rikta/Purna tithi-types)
नक्षत्र
Pushyaपुष्य24:08 तक
What this means

The Moon's star-mansion — the patch of sky it sits in today, one of 27. Each nakshatra has its own temperament that classical texts use to judge what the day is good for.

Brihat SamhitaNakshatra chapters (nakshatra qualities)
योग
Vyatipataव्यतीपात16:14 तक
What this means

A combined Sun-and-Moon measure (one of 27 nitya-yogas) — not the physical posture practice. A few yogas, such as Vyatipata and Vaidhriti, are best avoided; most are ordinary.

Muhurta ChintamaniYoga enumeration (tyajya-yoga list, v. 33)
करण
Vanijaवणिज12:45 तक
What this means

Half of a tithi — each lunar day holds two karanas. One of them, Vishti (also called Bhadra), is treated as inauspicious; the rest are workable.

BPHSKarana-jnana-vidhi (11 karanas including Vishti)
वार
Guruvaraगुरुवार
What this means

The weekday and its ruling planet. Each day's planet colours which tasks the tradition recommends — e.g. Thursday (Jupiter) for auspicious beginnings.

Muhurta ChintamaniVara-prakaranam (weekday lords)
मास
Bhadrapadaभाद्रपद
What this means

The lunar month. India uses two reckonings — Amanta (new-moon to new-moon) and Purnimanta (full-moon to full-moon) — so the name can differ by region. An 'Adhika' (extra) month is inserted to keep the lunar and solar years aligned.

Nirnaya SindhuAdhikamasa-nirnaya (intercalary month)
पक्ष
कृष्ण पक्ष (घटता चंद्र)
What this means

The fortnight. Shukla is the waxing half (Moon growing toward full); Krishna is the waning half (toward the new moon).

Calendar definition

चंद्र राशि
Karka
What this means

The zodiac sign the Moon occupies now. Together with your birth Moon-sign it drives Chandrabala — the Moon's day-to-day favourability for you.

Muhurta Chintamani2.4-2.5 (Chandrabala)
सूर्य राशि
Simhaसिंह

निरयण (लाहिड़ी) गणना; अंग समाप्ति समय शहर के वास्तविक सूर्योदय के अनुसार। “अधिक मास” उस अतिरिक्त चंद्र मास को दर्शाता है जिसमें कोई सौर संक्रांति नहीं होती।

यह पंचांग कैसे गणना होती है

इस पृष्ठ का हर समय सूर्य और चंद्रमा की वास्तविक स्थिति से स्विस एफेमेरिस (वही उच्च-परिशुद्धता खगोलीय इंजन जिसे पेशेवर खगोलशास्त्री उपयोग करते हैं) से निकाला जाता है, किसी छपे पंचांग या तय तालिका से नहीं।

  • निरयण राशिचक्र, लाहिड़ी अयनांश — भारत सरकार के कैलेंडर में यही मानक है। सभी नक्षत्र, राशि, तिथि और योग की सीमाएँ इसी से बनती हैं।
  • स्थानीय वास्तविक सूर्योदय — मुहूर्त काल (राहु काल, चौघड़िया, होरा, अभिजित आदि) Indore के सटीक निर्देशांक के लिए गणना किए गए वास्तविक सूर्योदय से मापे जाते हैं, इसलिए वे आपके स्थान के लिए सही होते हैं, कोई क्षेत्रीय अनुमान नहीं।
  • दो मास परंपराएँ — हम अमांत (अमावस्या से अमावस्या) और पूर्णिमांत (पूर्णिमा से पूर्णिमा) दोनों चंद्र मास दिखाते हैं, क्योंकि भारत के अलग-अलग क्षेत्र अलग परंपरा मानते हैं; अधिक (मलमास) मास होने पर उसे अंकित किया जाता है।

महत्व और शुभ/अशुभ संकेत शास्त्रीय ग्रंथों (मुहूर्त चिंतामणि, बृहत् संहिता, पुराण आदि) से लिए जाते हैं और साथ में उद्धृत किए जाते हैं — हम कभी ऐसा प्रभाव नहीं बताते जो ग्रंथ में न हो।

आपका आज का पंचांग

अपना जन्म नक्षत्र और चंद्र राशि एक बार चुनें — फिर हम आज का आपका ताराबल और चंद्रबल पढ़कर बता देंगे। यह सिर्फ़ इसी डिवाइस पर सेव होता है; हमारे सर्वर पर कभी नहीं जाता।

आज क्या करना शुभ है?

आप जो करने वाले हैं वह चुनें। हम आज के पंचांग को शास्त्रीय मुहूर्त नियम से जाँचकर बताते हैं कि यह शुभ है या नहीं, सबसे अच्छा समय कौन-सा है, और यह किस ग्रंथ से है।

समय विवरण (तालिका)
कालआरंभसमाप्तिप्रकार
Rahu Kala14:0515:41अशुभ
Yamaghanda Kala07:4209:18अशुभ
Gulika Kala09:1810:53अशुभ
Abhijit Muhurta12:0412:55शुभ

शुभ मुहूर्त शुभ मुहूर्त

सूर्योदय और नक्षत्र के आधार पर बने वे समय जिन्हें शास्त्रीय मुहूर्त ग्रंथ साधना, अध्ययन और नई शुरुआत के लिए बताते हैं।

Brahma Muhurta

ब्रह्म मुहूर्त

04:30 – 05:18

Pratah Sandhya

प्रातः सन्ध्या

05:01 – 06:06

Vijaya Muhurta

विजय मुहूर्त

14:37 – 15:28

Godhuli Muhurta

गोधूलि मुहूर्त

18:40 – 19:04

Sayahna Sandhya

सायाह्न सन्ध्या

18:52 – 19:57

Nishita Muhurta

निशीथ मुहूर्त

24:05 – 24:53

Amrita Kalam

अमृत कालम्

05:11 – 06:46

स्रोत: मुहूर्त चिंतामणि; निर्णय सिंधु। उप-काल की गणना सूर्योदय + शहर के निर्देशांक पर सूर्य नक्षत्र की स्थिति से।

अशुभ काल अशुभ काल

राहु काल, यमगंड और गुलिक (ऊपर दिन की समय-रेखा में दिखाए गए) के अलावा, नई शुरुआत के लिए टालने योग्य शास्त्रीय काल।

Varjyam

वर्ज्यम्

08:21 – 09:55

नक्षत्र से निकला वह काल जिसे शास्त्र टालने को कहते हैं।

Dur Muhurtam 9

दुर्मुहूर्तम्

12:55 – 13:46

वार के अनुसार तय अशुभ उप-मुहूर्त।

Dur Muhurtam 13

दुर्मुहूर्तम्

16:19 – 17:10

वार के अनुसार तय अशुभ उप-मुहूर्त।

स्रोत: मुहूर्त चिंतामणि; धर्म सिंधु। उप-काल की गणना सूर्योदय + नक्षत्र की स्थिति से।

आज का सूर्य सूर्य

सूर्य की राशि और नक्षत्र — ऊपर हीरो में दिखाए गए चंद्र-पक्ष की तिथि और नक्षत्र का सूर्य-पक्ष पूरक।

सूर्य राशि

Simha#5

सूर्य नक्षत्र

Magha मघा

पाद 2 / 4

आज चंद्र पाद परिवर्तन

  • 06:20
  • 12:17
  • 18:14
  • 24:11

स्रोत: लाहिड़ी (चित्रपक्ष) निरयण गणना। पाद की गणना नक्षत्र को 3° 20′ के 4 बराबर भागों में बाँटकर।

हिंदू वर्ष विक्रम संवत्

इस वर्ष के विक्रम, शक और गुजराती संवत, साथ में 60-वर्षीय शासन-चक्र से चक्र का नाम (संवत्सर)।

विक्रम संवत

2082

Vishvavasu विश्वावसु

वर्ष हब देखें

शक संवत

1947

Plavanga प्लवङ्ग

गुजराती संवत

2081

Krodhi क्रोधी

मंत्री मंडल — वर्ष शासन

पददेवता
RajaSun
MantriSun

बाकी शासन पद (8) इंजन द्वारा हल होते ही भर जाएँगे।

स्रोत: निर्णय सिंधु; सूर्यसिद्धांत। संवत्सर 60-वर्षीय बृहस्पति चक्र से।

दैनिक दिशाएँ दिशा

मुहूर्त चुनने में काम आने वाली दिन की दिशाएँ — यात्रा के लिए दिशा शूल, यज्ञ के लिए अग्निवास, लाभ की दिशा के लिए चंद्र/राहु वास, अनुष्ठान के समय के लिए शिववास।

Disha Shool

South दक्षिण

अशुभ

स्रोत: Avoid travel toward this direction today

Chandra Vasa

North उत्तर

शुभ

स्रोत: Direction favored by today's moon position

Rahu Vasa

South दक्षिण

अशुभ

स्रोत: Direction occupied by Rahu; avoid offerings facing here

Agnivasa

Prithvi पृथ्वी

शुभ

स्रोत: Agni's dwelling for homa-suitability assessment

Shiva Vasa

Krida क्रीडा

अशुभ

स्रोत: Shiva's location for rudrabhisheka timing

Homahuti

Ketu केतु

अशुभ

स्रोत: Khala planet: offering inauspicious (खलग्रह के मुख में होमाहुति शुभ नहीं होती)

आज की बल तालिका

ताराबल और चंद्रबल — मुहूर्त चुनने में काम आने वाली दो शास्त्रीय बल जाँच। यदि आपका जन्म नक्षत्र या जन्म राशि अनुकूल सूची में आए, तो दिन नई शुरुआत के लिए ठीक है।

आज अनुकूल जन्म राशियाँ

Vrishabha, Karka, Kanya, Tula, Makara, Kumbha

ताराबल — सभी 27 जन्म नक्षत्र
#जन्म नक्षत्रतारागुण
1AshwiniMitra मित्रसामान्य
2BharaniVadha वधसामान्य
3KrittikaSadhaka साधकसामान्य
4RohiniPratyari प्रत्यरिसामान्य
5MrigashiraKshema क्षेमसामान्य
6ArdraVipat विपत्सामान्य
7PunarvasuSampat सम्पत्सामान्य
8PushyaJanma जन्मसामान्य
9AshleshaAti-Mitra अतिमित्रसामान्य
10MaghaMitra मित्रसामान्य
11Purva PhalguniVadha वधसामान्य
12Uttara PhalguniSadhaka साधकसामान्य
13HastaPratyari प्रत्यरिसामान्य
14ChitraKshema क्षेमसामान्य
15SwatiVipat विपत्सामान्य
16VishakhaSampat सम्पत्सामान्य
17AnuradhaJanma जन्मसामान्य
18JyeshthaAti-Mitra अतिमित्रसामान्य
19MulaMitra मित्रसामान्य
20Purva AshadhaVadha वधसामान्य
21Uttara AshadhaSadhaka साधकसामान्य
22ShravanaPratyari प्रत्यरिसामान्य
23DhanishthaKshema क्षेमसामान्य
24ShatabhishaVipat विपत्सामान्य
25Purva BhadrapadaSampat सम्पत्सामान्य
26Uttara BhadrapadaJanma जन्मसामान्य
27RevatiAti-Mitra अतिमित्रसामान्य
चंद्रबल — सभी 12 जन्म राशि
#जन्म राशिजन्म से भावअनुकूल
1Mesha4नहीं
2Vrishabha3हाँ
3Mithuna2नहीं
4Karka1हाँ
5Simha12नहीं
6Kanya11हाँ
7Tula10हाँ
8Vrishchika9नहीं
9Dhanu8नहीं
10Makara7हाँ
11Kumbha6हाँ
12Meena5नहीं

स्रोत: मुहूर्त चिंतामणि; बृहत् संहिता। ताराबल जन्म-नक्षत्र से आज के नक्षत्र तक 9-चक्र का उपयोग करता है।

उदय लग्न (उगती राशि) समय-रेखा

दिन के हर समय पूर्वी क्षितिज पर कौन सी राशि उग रही है। खंड की चौड़ाई वास्तविक उदय अवधि के अनुपात में है।
सभी 13 खंड (तालिका)
#राशिआरंभसमाप्ति
5Simha सिंह06:0608:06
6Kanya कन्या08:0610:16
7Tula तुला10:1612:31
8Vrishchika वृश्चिक12:3114:46
9Dhanu धनु14:4616:51
10Makara मकर16:5118:36
11Kumbha कुम्भ18:3620:11
12Meena मीन20:1121:41
1Mesha मेष21:4123:21
2Vrishabha वृषभ23:2101:21
3Mithuna मिथुन01:2103:36
4Karka कर्क03:3605:51
5Simha सिंह05:5106:06

पंचक रहित मुहूर्त पञ्चक रहित मुहूर्त

पंचक श्रेणी के अनुसार 15 शास्त्रीय दिन-मुहूर्त खंड। हरा = शुभ; गुलाबी = टालें। चौड़ाई वास्तविक अवधि के अनुपात में है।
सभी 15 खंड (तालिका)
#नामआरंभसमाप्तिगुण
1Chora चोर06:0606:57अशुभ
2Shubha शुभ06:5707:48शुभ
3Roga रोग07:4808:39अशुभ
4Mrityu मृत्यु08:3909:30अशुभ
5Agni अग्नि09:3010:21अशुभ
6Raja राज10:2111:12अशुभ
7Chora चोर11:1212:04अशुभ
8Shubha शुभ12:0412:55शुभ
9Roga रोग12:5513:46अशुभ
10Mrityu मृत्यु13:4614:37अशुभ
11Agni अग्नि14:3715:28अशुभ
12Raja राज15:2816:19अशुभ
13Chora चोर16:1917:10अशुभ
14Shubha शुभ17:1018:01शुभ
15Roga रोग18:0118:52अशुभ

स्रोत: मुहूर्त चिंतामणि; निर्णय सिंधु।

ऋतु और अयन

वैदिक ऋतु, अयन, दिन/रात की लंबाई और सौर-दोपहर — आज के पंचांग के आसपास का ऋतु ढाँचा।

ऋतु (वैदिक)

Varshaवर्षा

ऋतु (दृक)

Varshaवर्षा

अयन

Dakshinayanaदक्षिणायन

दिनमान

12h 46m

रात्रिमान

11h 14m

मध्याह्न

12:29

स्रोत: सूर्यसिद्धांत। दिनमान = सूर्योदय→सूर्यास्त के मिनट; मध्याह्न = स्थानीय सौर दोपहर।

दिशा शूल - इंदौर, 21 अगस्त 2025

इंदौर के आकाश में गुरुवार, 21 अगस्त 2025 का दिन एक विशेष संयोग लेकर आता है। सूर्य प्रातः 06:06 बजे उगता है और सायं 18:52 बजे अस्त होता है, जिससे दिन में 12 घंटे 46 मिनट का उजाला मिलता है। तिथि त्रयोदशी (कृष्ण पक्ष) है और दिन का नक्षत्र पुष्य है। व्यतीपात योग पूरे दिन पर असर डालता है। इंदौर के लिए ब्रह्म मुहूर्त रात्रि 04:30 से प्रातः 05:18 तक है; यही वह समय है जिसे शास्त्र साधना और पढ़ाई के लिए सर्वोत्तम बताते हैं।

इंदौर में राहु काल अपराह्ण 14:05 से अपराह्ण 15:41 तक रहेगा — इस दौरान कोई नया काम शुरू न करें। दिशाशूल आज दक्षिण की ओर है, इसलिए गुरुवार को उस दिशा की यात्रा कुछ देर टाल दें। अच्छे समय के लिए शुभ चौघड़िया (प्रातः 06:06–प्रातः 07:42) सबसे उत्तम मुहूर्त है। पुष्य नक्षत्र शनि के अधिकार में है, जिससे यह दिन आकाशीय समय और इंदौर की भूमि — दोनों से जुड़ जाता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इंदौर में 21 अगस्त 2025 को राहु काल कब है?
इंदौर में 21 अगस्त 2025 को राहु काल अपराह्ण 14:05 से अपराह्ण 15:41 तक रहता है। यह करीब 90 मिनट की खिड़की राहु के अधीन होती है और नया काम, यात्रा या शुभ कार्य शुरू करने से आमतौर पर बचा जाता है। यह समय हर दिन सूर्योदय के अनुसार बदलता है, इसलिए हर शहर में अलग होता है।
इंदौर में 21 अगस्त 2025 को सूर्योदय प्रातः 06:06 बजे क्यों होता है?
इंदौर में 21 अगस्त 2025 को सूर्योदय प्रातः 06:06 बजे होता है — यह शहर के अक्षांश (22.72°N) और इस तारीख को पृथ्वी के झुकाव से तय होता है। सूर्योदय और सूर्यास्त (सायं 18:52) वैदिक दिन की लंबाई तय करते हैं और राहु काल से लेकर चौघड़िया तक सभी गणनाएँ इंदौर के स्थानीय क्षितिज से जोड़ते हैं।
इंदौर में 21 अगस्त 2025 को कौन-सा योग है?
इंदौर में 21 अगस्त 2025 को व्यतीपात योग है, जो सायं 18:13 से अपराह्ण 16:14 तक सक्रिय रहता है। पंचांग में योग सूर्य और चन्द्र की मिली-जुली स्थिति से बनता है और 27 योगों के चक्र में घूमता है। व्यतीपात योग का अपना स्वभाव होता है जो दिन के कामों की शुभता पर असर डालता है।

संबंधित पंचांग पृष्ठ

दैनिक प्रामाणिकता

तांत्रिक बंदा खिड़कियाँ

Rudrajata

रुद्रजटा

स्रोत:

Lakshmana

लक्ष्मणा

स्रोत:

Sudarshana

सुदर्शन

स्रोत:

Bhatkataiya

भटकटैया

स्रोत:

Shweta Gunja

श्वेत गुञ्जा

स्रोत:

Nagarvela (Paan)

नागरवेल (पान)

स्रोत:

Giloy

गिलोय

स्रोत:

साधना विधान

Guru Mantra Diksha

गुरु मन्त्र दीक्षा

- Muhurta Chintamani

Lakshmi Puja

लक्ष्मी पूजा

- Shri Sukta, Lakshmi Tantra

Matangi Sadhana

मातंगी साधना

- Matangi Tantra, Shakta Pramoda, Tantrasara, Mantra Mahodadhi

Pushya Yoga Graha Sadhana

पुष्य योग ग्रह साधना

- Muhurta Chintamani

Amrit Siddhi Yoga Sadhana

अमृत सिद्धि योग साधना

- Muhurta Chintamani, Dharmasindhu

Amrit Siddhi Yoga Diksha Sadhana

अमृत सिद्धि योग दीक्षा साधना

- Muhurta Chintamani, Mantra Mahodadhi

Vyatipata Yoga Dosha Nivaran

व्यतीपात योग दोष निवारण

- Dharmasindhu, Nirnaya Sindhu

Shiva Linga Abhisheka

शिव लिंग अभिषेक

- Shiva Purana, Pradosha Mahatmya

Mahamrityunjaya Japa

महामृत्युञ्जय जप

- Rig Veda 7.59.12, Yajur Veda 3.60

Sankalpa Vrata

संकल्प व्रत

- Dharmasindhu, Vrata Ratnakara

Rudra Abhisheka & Homa

रुद्र अभिषेक एवं होम

- Yajur Veda, Shatarudriya

Trayodashi Pradosha Vrata

त्रयोदशी प्रदोष व्रत

- Shiva Purana, Pradosha Mahatmya

दिन दुर्लभता अंक

0.5604140666131024/ 100

इंदौर — 21 अगस्त

सूर्योदय
प्रातः 06:06
सूर्यास्त
सायं 18:52
तिथि
त्रयोदशी (कृष्ण पक्ष)
नक्षत्र
पुष्य (प्रथम पाद)
योग
व्यतीपात
करण
वणिज
माह
भाद्रपद
चन्द्र राशि
कर्क
सूर्य राशि
सिंह
राहु काल
अपराह्ण 14:05–अपराह्ण 15:41
शुभ चौघड़िया
शुभ (प्रातः 06:06–प्रातः 07:42)