Kundlitkundlit

दिशा शूल

धनबाद · 24 जुलाई 2025

इस दिशा में यात्रा न करें

South दक्षिण

Avoid travel toward this direction today

दिशा शूल

पंचांग — पाँच अंग पञ्चाङ्ग

तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार, उनके समाप्ति समय के साथ, साथ ही मास और चंद्रमा तथा सूर्य की राशि — इस शहर के सूर्योदय के अनुसार गणना। आधी रात के बाद का समय पारंपरिक विस्तारित घड़ी में दिखता है (जैसे 27:23 = अगली सुबह 03:23)।

तिथि
Amavasyaअमावस्या24:41 तक
What this means

The lunar day. It is set by how far the Moon has pulled ahead of the Sun — each 12 degrees of separation is one tithi. The tithi shapes which activities the tradition favours, and it ends at the time shown, when the next one begins.

Muhurta ChintamaniTithi-prakaranam (Nanda/Bhadra/Jaya/Rikta/Purna tithi-types)
नक्षत्र
Punarvasuपुनर्वसु16:43 तक
What this means

The Moon's star-mansion — the patch of sky it sits in today, one of 27. Each nakshatra has its own temperament that classical texts use to judge what the day is good for.

Brihat SamhitaNakshatra chapters (nakshatra qualities)
योग
Harshanaहर्षण09:50 तक
What this means

A combined Sun-and-Moon measure (one of 27 nitya-yogas) — not the physical posture practice. A few yogas, such as Vyatipata and Vaidhriti, are best avoided; most are ordinary.

Muhurta ChintamaniYoga enumeration (tyajya-yoga list, v. 33)
करण
Nagaनाग13:31 तक
What this means

Half of a tithi — each lunar day holds two karanas. One of them, Vishti (also called Bhadra), is treated as inauspicious; the rest are workable.

BPHSKarana-jnana-vidhi (11 karanas including Vishti)
वार
Guruvaraगुरुवार
What this means

The weekday and its ruling planet. Each day's planet colours which tasks the tradition recommends — e.g. Thursday (Jupiter) for auspicious beginnings.

Muhurta ChintamaniVara-prakaranam (weekday lords)
मास
Shravanaश्रावण
What this means

The lunar month. India uses two reckonings — Amanta (new-moon to new-moon) and Purnimanta (full-moon to full-moon) — so the name can differ by region. An 'Adhika' (extra) month is inserted to keep the lunar and solar years aligned.

Nirnaya SindhuAdhikamasa-nirnaya (intercalary month)
पक्ष
कृष्ण पक्ष (घटता चंद्र)
What this means

The fortnight. Shukla is the waxing half (Moon growing toward full); Krishna is the waning half (toward the new moon).

Calendar definition

चंद्र राशि
Mithuna
What this means

The zodiac sign the Moon occupies now. Together with your birth Moon-sign it drives Chandrabala — the Moon's day-to-day favourability for you.

Muhurta Chintamani2.4-2.5 (Chandrabala)
सूर्य राशि
Karkaकर्क

निरयण (लाहिड़ी) गणना; अंग समाप्ति समय शहर के वास्तविक सूर्योदय के अनुसार। “अधिक मास” उस अतिरिक्त चंद्र मास को दर्शाता है जिसमें कोई सौर संक्रांति नहीं होती।

यह पंचांग कैसे गणना होती है

इस पृष्ठ का हर समय सूर्य और चंद्रमा की वास्तविक स्थिति से स्विस एफेमेरिस (वही उच्च-परिशुद्धता खगोलीय इंजन जिसे पेशेवर खगोलशास्त्री उपयोग करते हैं) से निकाला जाता है, किसी छपे पंचांग या तय तालिका से नहीं।

  • निरयण राशिचक्र, लाहिड़ी अयनांश — भारत सरकार के कैलेंडर में यही मानक है। सभी नक्षत्र, राशि, तिथि और योग की सीमाएँ इसी से बनती हैं।
  • स्थानीय वास्तविक सूर्योदय — मुहूर्त काल (राहु काल, चौघड़िया, होरा, अभिजित आदि) Dhanbad के सटीक निर्देशांक के लिए गणना किए गए वास्तविक सूर्योदय से मापे जाते हैं, इसलिए वे आपके स्थान के लिए सही होते हैं, कोई क्षेत्रीय अनुमान नहीं।
  • दो मास परंपराएँ — हम अमांत (अमावस्या से अमावस्या) और पूर्णिमांत (पूर्णिमा से पूर्णिमा) दोनों चंद्र मास दिखाते हैं, क्योंकि भारत के अलग-अलग क्षेत्र अलग परंपरा मानते हैं; अधिक (मलमास) मास होने पर उसे अंकित किया जाता है।

महत्व और शुभ/अशुभ संकेत शास्त्रीय ग्रंथों (मुहूर्त चिंतामणि, बृहत् संहिता, पुराण आदि) से लिए जाते हैं और साथ में उद्धृत किए जाते हैं — हम कभी ऐसा प्रभाव नहीं बताते जो ग्रंथ में न हो।

आपका आज का पंचांग

अपना जन्म नक्षत्र और चंद्र राशि एक बार चुनें — फिर हम आज का आपका ताराबल और चंद्रबल पढ़कर बता देंगे। यह सिर्फ़ इसी डिवाइस पर सेव होता है; हमारे सर्वर पर कभी नहीं जाता।

आज क्या करना शुभ है?

आप जो करने वाले हैं वह चुनें। हम आज के पंचांग को शास्त्रीय मुहूर्त नियम से जाँचकर बताते हैं कि यह शुभ है या नहीं, सबसे अच्छा समय कौन-सा है, और यह किस ग्रंथ से है।

समय विवरण (तालिका)
कालआरंभसमाप्तिप्रकार
Rahu Kala13:3015:10अशुभ
Yamaghanda Kala06:5108:31अशुभ
Gulika Kala08:3110:10अशुभ
Abhijit Muhurta11:2412:17शुभ

शुभ मुहूर्त शुभ मुहूर्त

सूर्योदय और नक्षत्र के आधार पर बने वे समय जिन्हें शास्त्रीय मुहूर्त ग्रंथ साधना, अध्ययन और नई शुरुआत के लिए बताते हैं।

Brahma Muhurta

ब्रह्म मुहूर्त

03:35 – 04:23

Pratah Sandhya

प्रातः सन्ध्या

04:06 – 05:11

Vijaya Muhurta

विजय मुहूर्त

14:03 – 14:57

Godhuli Muhurta

गोधूलि मुहूर्त

18:18 – 18:42

Sayahna Sandhya

सायाह्न सन्ध्या

18:30 – 19:35

Nishita Muhurta

निशीथ मुहूर्त

23:26 – 24:14

Amrita Kalam

अमृत कालम्

02:16 – 03:47

स्रोत: मुहूर्त चिंतामणि; निर्णय सिंधु। उप-काल की गणना सूर्योदय + शहर के निर्देशांक पर सूर्य नक्षत्र की स्थिति से।

अशुभ काल अशुभ काल

राहु काल, यमगंड और गुलिक (ऊपर दिन की समय-रेखा में दिखाए गए) के अलावा, नई शुरुआत के लिए टालने योग्य शास्त्रीय काल।

Varjyam

वर्ज्यम्

05:19 – 06:50

नक्षत्र से निकला वह काल जिसे शास्त्र टालने को कहते हैं।

Dur Muhurtam 9

दुर्मुहूर्तम्

12:17 – 13:10

वार के अनुसार तय अशुभ उप-मुहूर्त।

Dur Muhurtam 13

दुर्मुहूर्तम्

15:50 – 16:43

वार के अनुसार तय अशुभ उप-मुहूर्त।

स्रोत: मुहूर्त चिंतामणि; धर्म सिंधु। उप-काल की गणना सूर्योदय + नक्षत्र की स्थिति से।

आज का सूर्य सूर्य

सूर्य की राशि और नक्षत्र — ऊपर हीरो में दिखाए गए चंद्र-पक्ष की तिथि और नक्षत्र का सूर्य-पक्ष पूरक।

सूर्य राशि

Karka#4

सूर्य नक्षत्र

Pushya पुष्य

पाद 2 / 4

आज चंद्र पाद परिवर्तन

  • 05:16
  • 11:01
  • 16:47
  • 22:33
  • 04:19

स्रोत: लाहिड़ी (चित्रपक्ष) निरयण गणना। पाद की गणना नक्षत्र को 3° 20′ के 4 बराबर भागों में बाँटकर।

हिंदू वर्ष विक्रम संवत्

इस वर्ष के विक्रम, शक और गुजराती संवत, साथ में 60-वर्षीय शासन-चक्र से चक्र का नाम (संवत्सर)।

विक्रम संवत

2082

Vishvavasu विश्वावसु

वर्ष हब देखें

शक संवत

1947

Plavanga प्लवङ्ग

गुजराती संवत

2081

Krodhi क्रोधी

मंत्री मंडल — वर्ष शासन

पददेवता
RajaSun
MantriSun

बाकी शासन पद (8) इंजन द्वारा हल होते ही भर जाएँगे।

स्रोत: निर्णय सिंधु; सूर्यसिद्धांत। संवत्सर 60-वर्षीय बृहस्पति चक्र से।

दैनिक दिशाएँ दिशा

मुहूर्त चुनने में काम आने वाली दिन की दिशाएँ — यात्रा के लिए दिशा शूल, यज्ञ के लिए अग्निवास, लाभ की दिशा के लिए चंद्र/राहु वास, अनुष्ठान के समय के लिए शिववास।

Disha Shool

South दक्षिण

अशुभ

स्रोत: Avoid travel toward this direction today

Chandra Vasa

West पश्चिम

शुभ

स्रोत: Direction favored by today's moon position

Rahu Vasa

South दक्षिण

अशुभ

स्रोत: Direction occupied by Rahu; avoid offerings facing here

Agnivasa

Akasha आकाश

सामान्य

स्रोत: Agni's dwelling for homa-suitability assessment

Shiva Vasa

Vrishabha वृषभ

शुभ

स्रोत: Shiva's location for rudrabhisheka timing

Homahuti

Ketu केतु

अशुभ

स्रोत: Khala planet: offering inauspicious (खलग्रह के मुख में होमाहुति शुभ नहीं होती)

आज की बल तालिका

ताराबल और चंद्रबल — मुहूर्त चुनने में काम आने वाली दो शास्त्रीय बल जाँच। यदि आपका जन्म नक्षत्र या जन्म राशि अनुकूल सूची में आए, तो दिन नई शुरुआत के लिए ठीक है।

आज अनुकूल जन्म राशियाँ

Mesha, Mithuna, Simha, Kanya, Dhanu, Makara

ताराबल — सभी 27 जन्म नक्षत्र
#जन्म नक्षत्रतारागुण
1AshwiniVadha वधसामान्य
2BharaniSadhaka साधकसामान्य
3KrittikaPratyari प्रत्यरिसामान्य
4RohiniKshema क्षेमसामान्य
5MrigashiraVipat विपत्सामान्य
6ArdraSampat सम्पत्सामान्य
7PunarvasuJanma जन्मसामान्य
8PushyaAti-Mitra अतिमित्रसामान्य
9AshleshaMitra मित्रसामान्य
10MaghaVadha वधसामान्य
11Purva PhalguniSadhaka साधकसामान्य
12Uttara PhalguniPratyari प्रत्यरिसामान्य
13HastaKshema क्षेमसामान्य
14ChitraVipat विपत्सामान्य
15SwatiSampat सम्पत्सामान्य
16VishakhaJanma जन्मसामान्य
17AnuradhaAti-Mitra अतिमित्रसामान्य
18JyeshthaMitra मित्रसामान्य
19MulaVadha वधसामान्य
20Purva AshadhaSadhaka साधकसामान्य
21Uttara AshadhaPratyari प्रत्यरिसामान्य
22ShravanaKshema क्षेमसामान्य
23DhanishthaVipat विपत्सामान्य
24ShatabhishaSampat सम्पत्सामान्य
25Purva BhadrapadaJanma जन्मसामान्य
26Uttara BhadrapadaAti-Mitra अतिमित्रसामान्य
27RevatiMitra मित्रसामान्य
चंद्रबल — सभी 12 जन्म राशि
#जन्म राशिजन्म से भावअनुकूल
1Mesha3हाँ
2Vrishabha2नहीं
3Mithuna1हाँ
4Karka12नहीं
5Simha11हाँ
6Kanya10हाँ
7Tula9नहीं
8Vrishchika8नहीं
9Dhanu7हाँ
10Makara6हाँ
11Kumbha5नहीं
12Meena4नहीं

स्रोत: मुहूर्त चिंतामणि; बृहत् संहिता। ताराबल जन्म-नक्षत्र से आज के नक्षत्र तक 9-चक्र का उपयोग करता है।

उदय लग्न (उगती राशि) समय-रेखा

दिन के हर समय पूर्वी क्षितिज पर कौन सी राशि उग रही है। खंड की चौड़ाई वास्तविक उदय अवधि के अनुपात में है।
सभी 13 खंड (तालिका)
#राशिआरंभसमाप्ति
4Karka कर्क05:1107:01
5Simha सिंह07:0109:11
6Kanya कन्या09:1111:26
7Tula तुला11:2613:41
8Vrishchika वृश्चिक13:4115:56
9Dhanu धनु15:5618:01
10Makara मकर18:0119:46
11Kumbha कुम्भ19:4621:21
12Meena मीन21:2122:51
1Mesha मेष22:5124:26
2Vrishabha वृषभ24:2602:26
3Mithuna मिथुन02:2604:41
4Karka कर्क04:4105:11

पंचक रहित मुहूर्त पञ्चक रहित मुहूर्त

पंचक श्रेणी के अनुसार 15 शास्त्रीय दिन-मुहूर्त खंड। हरा = शुभ; गुलाबी = टालें। चौड़ाई वास्तविक अवधि के अनुपात में है।
सभी 15 खंड (तालिका)
#नामआरंभसमाप्तिगुण
1Shubha शुभ05:1106:04शुभ
2Roga रोग06:0406:57अशुभ
3Mrityu मृत्यु06:5707:51अशुभ
4Agni अग्नि07:5108:44अशुभ
5Raja राज08:4409:37अशुभ
6Chora चोर09:3710:30अशुभ
7Shubha शुभ10:3011:24शुभ
8Roga रोग11:2412:17अशुभ
9Mrityu मृत्यु12:1713:10अशुभ
10Agni अग्नि13:1014:03अशुभ
11Raja राज14:0314:57अशुभ
12Chora चोर14:5715:50अशुभ
13Shubha शुभ15:5016:43शुभ
14Roga रोग16:4317:36अशुभ
15Mrityu मृत्यु17:3618:30अशुभ

स्रोत: मुहूर्त चिंतामणि; निर्णय सिंधु।

ऋतु और अयन

वैदिक ऋतु, अयन, दिन/रात की लंबाई और सौर-दोपहर — आज के पंचांग के आसपास का ऋतु ढाँचा।

ऋतु (वैदिक)

Varshaवर्षा

ऋतु (दृक)

Grishmaग्रीष्म

अयन

Dakshinayanaदक्षिणायन

दिनमान

13h 19m

रात्रिमान

10h 41m

मध्याह्न

11:50

स्रोत: सूर्यसिद्धांत। दिनमान = सूर्योदय→सूर्यास्त के मिनट; मध्याह्न = स्थानीय सौर दोपहर।

दिशा शूल - धनबाद, 24 जुलाई 2025

गुरुवार, 24 जुलाई 2025 — धनबाद के लिए यह दिन पंचांग की दृष्टि से ध्यान देने योग्य है। दिन की शुरुआत प्रातः 05:11 बजे सूर्योदय से होती है और सायं 18:30 बजे अस्त होता है, जिससे दिन में 13 घंटे 19 मिनट का उजाला मिलता है। तिथि अमावस्या (कृष्ण पक्ष) है और दिन का नक्षत्र पुनर्वसु है। हर्षण योग पूरे दिन पर असर डालता है। धनबाद के लिए ब्रह्म मुहूर्त रात्रि 03:35 से रात्रि 04:23 तक है; यही वह समय है जिसे शास्त्र साधना और पढ़ाई के लिए सर्वोत्तम बताते हैं।

धनबाद में राहु काल अपराह्ण 13:30 से अपराह्ण 15:10 तक रहेगा — इस दौरान कोई नया काम शुरू न करें। दिशाशूल आज दक्षिण की ओर है, इसलिए गुरुवार को उस दिशा की यात्रा कुछ देर टाल दें। अच्छे समय के लिए शुभ चौघड़िया (प्रातः 05:11–प्रातः 06:51) सबसे उत्तम मुहूर्त है। पुनर्वसु नक्षत्र गुरु के अधिकार में है, जिससे यह दिन आकाशीय समय और धनबाद की भूमि — दोनों से जुड़ जाता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

धनबाद में 24 जुलाई 2025 को राहु काल कब है?
धनबाद में 24 जुलाई 2025 को राहु काल अपराह्ण 13:30 से अपराह्ण 15:10 तक रहता है। यह करीब 90 मिनट की खिड़की राहु के अधीन होती है और नया काम, यात्रा या शुभ कार्य शुरू करने से आमतौर पर बचा जाता है। यह समय हर दिन सूर्योदय के अनुसार बदलता है, इसलिए हर शहर में अलग होता है।
धनबाद में 24 जुलाई 2025 को सूर्योदय प्रातः 05:11 बजे क्यों होता है?
धनबाद में 24 जुलाई 2025 को सूर्योदय प्रातः 05:11 बजे होता है — यह शहर के अक्षांश (23.80°N) और इस तारीख को पृथ्वी के झुकाव से तय होता है। सूर्योदय और सूर्यास्त (सायं 18:30) वैदिक दिन की लंबाई तय करते हैं और राहु काल से लेकर चौघड़िया तक सभी गणनाएँ धनबाद के स्थानीय क्षितिज से जोड़ते हैं।
क्या 24 जुलाई 2025 को अमावस्या है?
हाँ, धनबाद से गणना करने पर 24 जुलाई 2025 को अमावस्या (नया चाँद) है। अमावस्या तिथि रात्रि 02:29 से रात्रि 00:41 तक रहती है। यह दिन पितरों के तर्पण के लिए विशेष माना जाता है, और कई लोग व्रत रखते हैं या शिव-काली मंदिर जाते हैं।

संबंधित पंचांग पृष्ठ

दैनिक प्रामाणिकता

तांत्रिक बंदा खिड़कियाँ

Anar

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Kachnar

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मेहंदी

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साधना विधान

Nakshatra-Vara Yoga Sadhana

नक्षत्र-वार योग साधना

- Muhurta Chintamani, Brihat Samhita

Kali Maha Mantra Japa

काली महामन्त्र जप

- Rudrayamala Tantra

Pitru Tarpana

पितृ तर्पण

- Dharmasindhu, Nirnaya Sindhu

Devi Kavacham Patha

देवी कवचम् पाठ

- Devi Mahatmya, Markandeya Purana

Tila Homa (Sesame Oblation)

तिल होम

- Graha Shanti Vidhi

Chandi Patha (Durga Saptashati)

चण्डी पाठ

- Markandeya Purana, Devi Mahatmya

Baglamukhi Stambhana Sadhana

बगलामुखी स्तम्भन साधना

- Baglamukhi Tantra, Rudrayamala, Mantra Mahodadhi

Tara Sadhana

तारा साधना

- Tara Tantra, Todala Tantra, Tantrasara (Krishnananda)

Dhumavati Sadhana

धूमावती साधना

- Shakta Pramoda, Dhumavati Tantra, Mantra Mahodadhi, Tantrasara (Krishnananda)

Bhuvaneshwari Amavasya Dhyana

भुवनेश्वरी अमावस्या ध्यान

- Tantrasara, Todala Tantra

दिन दुर्लभता अंक

0.5625718891539626/ 100

धनबाद — 24 जुलाई

सूर्योदय
प्रातः 05:11
सूर्यास्त
सायं 18:30
तिथि
अमावस्या (कृष्ण पक्ष)
नक्षत्र
पुनर्वसु (द्वितीय पाद)
योग
हर्षण
करण
नाग
माह
श्रावण
चन्द्र राशि
मिथुन
सूर्य राशि
कर्क
राहु काल
अपराह्ण 13:30–अपराह्ण 15:10
शुभ चौघड़िया
शुभ (प्रातः 05:11–प्रातः 06:51)