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दिशा शूल

कोयम्बत्तूर · 20 जून 2026

इस दिशा में यात्रा न करें

East पूर्व

Avoid travel toward this direction today

दिशा शूल

पंचांग — पाँच अंग पञ्चाङ्ग

तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार, उनके समाप्ति समय के साथ, साथ ही मास और चंद्रमा तथा सूर्य की राशि — इस शहर के सूर्योदय के अनुसार गणना। आधी रात के बाद का समय पारंपरिक विस्तारित घड़ी में दिखता है (जैसे 27:23 = अगली सुबह 03:23)।

तिथि
Shashthiषष्ठी15:47 तकफिर Saptamiसप्तमी39:21 तक
What this means

The lunar day. It is set by how far the Moon has pulled ahead of the Sun — each 12 degrees of separation is one tithi. The tithi shapes which activities the tradition favours, and it ends at the time shown, when the next one begins.

Muhurta ChintamaniTithi-prakaranam (Nanda/Bhadra/Jaya/Rikta/Purna tithi-types)
नक्षत्र
Maghaमघा09:25 तकफिर Purva Phalguniपूर्वाफाल्गुनी33:31 तक
What this means

The Moon's star-mansion — the patch of sky it sits in today, one of 27. Each nakshatra has its own temperament that classical texts use to judge what the day is good for.

Brihat SamhitaNakshatra chapters (nakshatra qualities)
योग
Vajraवज्र12:48 तकफिर Siddhiसिद्धि35:21 तक
What this means

A combined Sun-and-Moon measure (one of 27 nitya-yogas) — not the physical posture practice. A few yogas, such as Vyatipata and Vaidhriti, are best avoided; most are ordinary.

Muhurta ChintamaniYoga enumeration (tyajya-yoga list, v. 33)
करण
Taitilaतैतिल15:47 तकफिर Garajaगरज27:28 तकक्रम: Taitila (15:47)Garaja (27:28)Vanija (39:21)
What this means

Half of a tithi — each lunar day holds two karanas. One of them, Vishti (also called Bhadra), is treated as inauspicious; the rest are workable.

BPHSKarana-jnana-vidhi (11 karanas including Vishti)
वार
Shanivaraशनिवार
What this means

The weekday and its ruling planet. Each day's planet colours which tasks the tradition recommends — e.g. Thursday (Jupiter) for auspicious beginnings.

Muhurta ChintamaniVara-prakaranam (weekday lords)
मास (अमांत)
Ashadhaआषाढप्रविष्टे/गते: 6
What this means

The lunar month. India uses two reckonings — Amanta (new-moon to new-moon) and Purnimanta (full-moon to full-moon) — so the name can differ by region. An 'Adhika' (extra) month is inserted to keep the lunar and solar years aligned.

Nirnaya SindhuAdhikamasa-nirnaya (intercalary month)
मास (पूर्णिमांत)
Ashadhaआषाढ
पक्ष
शुक्ल पक्ष (बढ़ता चंद्र)
What this means

The fortnight. Shukla is the waxing half (Moon growing toward full); Krishna is the waning half (toward the new moon).

Calendar definition

चंद्र राशि
Simhaसिंह39:40 तकफिर Kanyaकन्या
What this means

The zodiac sign the Moon occupies now. Together with your birth Moon-sign it drives Chandrabala — the Moon's day-to-day favourability for you.

Muhurta Chintamani2.4-2.5 (Chandrabala)
सूर्य राशि
Mithunaमिथुन

निरयण (लाहिड़ी) गणना; अंग समाप्ति समय शहर के वास्तविक सूर्योदय के अनुसार। “अधिक मास” उस अतिरिक्त चंद्र मास को दर्शाता है जिसमें कोई सौर संक्रांति नहीं होती।

यह पंचांग कैसे गणना होती है

इस पृष्ठ का हर समय सूर्य और चंद्रमा की वास्तविक स्थिति से स्विस एफेमेरिस (वही उच्च-परिशुद्धता खगोलीय इंजन जिसे पेशेवर खगोलशास्त्री उपयोग करते हैं) से निकाला जाता है, किसी छपे पंचांग या तय तालिका से नहीं।

  • निरयण राशिचक्र, लाहिड़ी अयनांश — भारत सरकार के कैलेंडर में यही मानक है (इस तिथि का अयनांश: 24.2268°)। सभी नक्षत्र, राशि, तिथि और योग की सीमाएँ इसी से बनती हैं।
  • स्थानीय वास्तविक सूर्योदय — मुहूर्त काल (राहु काल, चौघड़िया, होरा, अभिजित आदि) Coimbatore के सटीक निर्देशांक के लिए गणना किए गए वास्तविक सूर्योदय से मापे जाते हैं, इसलिए वे आपके स्थान के लिए सही होते हैं, कोई क्षेत्रीय अनुमान नहीं।
  • दो मास परंपराएँ — हम अमांत (अमावस्या से अमावस्या) और पूर्णिमांत (पूर्णिमा से पूर्णिमा) दोनों चंद्र मास दिखाते हैं, क्योंकि भारत के अलग-अलग क्षेत्र अलग परंपरा मानते हैं; अधिक (मलमास) मास होने पर उसे अंकित किया जाता है।

महत्व और शुभ/अशुभ संकेत शास्त्रीय ग्रंथों (मुहूर्त चिंतामणि, बृहत् संहिता, पुराण आदि) से लिए जाते हैं और साथ में उद्धृत किए जाते हैं — हम कभी ऐसा प्रभाव नहीं बताते जो ग्रंथ में न हो।

आपका आज का पंचांग

अपना जन्म नक्षत्र और चंद्र राशि एक बार चुनें — फिर हम आज का आपका ताराबल और चंद्रबल पढ़कर बता देंगे। यह सिर्फ़ इसी डिवाइस पर सेव होता है; हमारे सर्वर पर कभी नहीं जाता।

आज क्या करना शुभ है?

आप जो करने वाले हैं वह चुनें। हम आज के पंचांग को शास्त्रीय मुहूर्त नियम से जाँचकर बताते हैं कि यह शुभ है या नहीं, सबसे अच्छा समय कौन-सा है, और यह किस ग्रंथ से है।

समय विवरण (तालिका)
कालआरंभसमाप्तिप्रकार
Rahu Kala09:1210:48अशुभ
Yamaghanda Kala06:0107:37अशुभ
Gulika Kala06:0107:37अशुभ
Abhijit Muhurta11:5812:49शुभ

शुभ मुहूर्त शुभ मुहूर्त

सूर्योदय और नक्षत्र के आधार पर बने वे समय जिन्हें शास्त्रीय मुहूर्त ग्रंथ साधना, अध्ययन और नई शुरुआत के लिए बताते हैं।

Brahma Muhurta

ब्रह्म मुहूर्त

04:25 – 05:13

Pratah Sandhya

प्रातः सन्ध्या

04:56 – 06:01

Vijaya Muhurta

विजय मुहूर्त

14:31 – 15:22

Godhuli Muhurta

गोधूलि मुहूर्त

18:33 – 18:57

Sayahna Sandhya

सायाह्न सन्ध्या

18:45 – 19:50

Nishita Muhurta

निशीथ मुहूर्त

23:59 – 24:47

Amrita Kalam

अमृत कालम्

22:33 – 24:06

स्रोत: मुहूर्त चिंतामणि; निर्णय सिंधु। उप-काल की गणना सूर्योदय + शहर के निर्देशांक पर सूर्य नक्षत्र की स्थिति से।

अशुभ काल अशुभ काल

राहु काल, यमगंड और गुलिक (ऊपर दिन की समय-रेखा में दिखाए गए) के अलावा, नई शुरुआत के लिए टालने योग्य शास्त्रीय काल।

Varjyam

वर्ज्यम्

21:46 – 23:19

नक्षत्र से निकला वह काल जिसे शास्त्र टालने को कहते हैं।

Dur Muhurtam 1

दुर्मुहूर्तम्

06:01 – 06:52

वार के अनुसार तय अशुभ उप-मुहूर्त।

Dur Muhurtam 2

दुर्मुहूर्तम्

06:52 – 07:43

वार के अनुसार तय अशुभ उप-मुहूर्त।

स्रोत: मुहूर्त चिंतामणि; धर्म सिंधु। उप-काल की गणना सूर्योदय + नक्षत्र की स्थिति से।

आज का सूर्य सूर्य

सूर्य की राशि और नक्षत्र — ऊपर हीरो में दिखाए गए चंद्र-पक्ष की तिथि और नक्षत्र का सूर्य-पक्ष पूरक।

सूर्य राशि

Mithuna#3

सूर्य नक्षत्र

Mrigashira मृगशिरा

पाद 4 / 4

आज चंद्र पाद परिवर्तन

  • 09:28
  • 15:28
  • 21:28
  • 03:28

स्रोत: लाहिड़ी (चित्रपक्ष) निरयण गणना। पाद की गणना नक्षत्र को 3° 20′ के 4 बराबर भागों में बाँटकर।

हिंदू वर्ष विक्रम संवत्

इस वर्ष के विक्रम, शक और गुजराती संवत, साथ में 60-वर्षीय शासन-चक्र से चक्र का नाम (संवत्सर)।

विक्रम संवत

2083

Parabhava पराभव (8 Mar 2027 तक)

वर्ष हब देखें

शक संवत

1948

Kilaka कीलक

गुजराती संवत

2082

Vishvavasu विश्वावसु

मंत्री मंडल — वर्ष शासन

पददेवता
RajaJupiter
SasyadhipatiJupiter

बाकी शासन पद (8) इंजन द्वारा हल होते ही भर जाएँगे।

स्रोत: निर्णय सिंधु; सूर्यसिद्धांत। संवत्सर 60-वर्षीय बृहस्पति चक्र से।

दैनिक दिशाएँ दिशा

मुहूर्त चुनने में काम आने वाली दिन की दिशाएँ — यात्रा के लिए दिशा शूल, यज्ञ के लिए अग्निवास, लाभ की दिशा के लिए चंद्र/राहु वास, अनुष्ठान के समय के लिए शिववास।
गंड मूलMaghaमघा09:25 तक

Magha Gand Mool: Mool Shanti and Pitru-tarpana advised; ruled by Ketu.

Disha Shool

East पूर्व

अशुभ

स्रोत: Avoid travel toward this direction today

Nakshatra Shool

North उत्तर

अशुभ

स्रोत: Avoid travel toward this direction while today's nakshatra prevails

Chandra Vasa

East पूर्व

शुभ

स्रोत: Direction favored by today's moon position

Rahu Vasa

West पश्चिम

अशुभ

स्रोत: Direction occupied by Rahu; avoid offerings facing here

Agnivasa

Patala पाताल

अशुभ

स्रोत: Agni's dwelling for homa-suitability assessment

Shiva Vasa

Sabha सभा

शुभ

स्रोत: Shiva's location for rudrabhisheka timing

Homahuti

Mercury बुध

शुभ

स्रोत: Benefic planet: offering auspicious

Anandadi Yoga

Padma पद्म

शुभ

स्रोत: Auspicious day-yoga (Anandadi)

तमिल योग தமிழ் யோகம்

नक्षत्र और वार से बना दिन का तमिल-परंपरा का योग — तमिल मुहूर्त में काम आने वाला सिद्ध / अमृत / मरण / मुशल परिवार।

Tamil Yoga

Mushala मुसल

अशुभ

स्रोत: Inauspicious Tamil yoga -- avoid new ventures

आज की बल तालिका

ताराबल और चंद्रबल — मुहूर्त चुनने में काम आने वाली दो शास्त्रीय बल जाँच। यदि आपका जन्म नक्षत्र या जन्म राशि अनुकूल सूची में आए, तो दिन नई शुरुआत के लिए ठीक है।

आज अनुकूल जन्म राशियाँ

Mithuna, Simha, Tula, Vrishchika, Kumbha, Meena

चंद्राष्टम (टालें): Makara

ताराबल — सभी 27 जन्म नक्षत्र
#जन्म नक्षत्रतारागुण
1AshwiniJanma जन्मसामान्य
2BharaniAti-Mitra अतिमित्रसामान्य
3KrittikaMitra मित्रसामान्य
4RohiniVadha वधसामान्य
5MrigashiraSadhaka साधकसामान्य
6ArdraPratyari प्रत्यरिसामान्य
7PunarvasuKshema क्षेमसामान्य
8PushyaVipat विपत्सामान्य
9AshleshaSampat सम्पत्सामान्य
10MaghaJanma जन्मसामान्य
11Purva PhalguniAti-Mitra अतिमित्रसामान्य
12Uttara PhalguniMitra मित्रसामान्य
13HastaVadha वधसामान्य
14ChitraSadhaka साधकसामान्य
15SwatiPratyari प्रत्यरिसामान्य
16VishakhaKshema क्षेमसामान्य
17AnuradhaVipat विपत्सामान्य
18JyeshthaSampat सम्पत्सामान्य
19MulaJanma जन्मसामान्य
20Purva AshadhaAti-Mitra अतिमित्रसामान्य
21Uttara AshadhaMitra मित्रसामान्य
22ShravanaVadha वधसामान्य
23DhanishthaSadhaka साधकसामान्य
24ShatabhishaPratyari प्रत्यरिसामान्य
25Purva BhadrapadaKshema क्षेमसामान्य
26Uttara BhadrapadaVipat विपत्सामान्य
27RevatiSampat सम्पत्सामान्य
चंद्रबल — सभी 12 जन्म राशि
#जन्म राशिजन्म से भावअनुकूल
1Mesha5नहीं
2Vrishabha4नहीं
3Mithuna3हाँ
4Karka2नहीं
5Simha1हाँ
6Kanya12नहीं
7Tula11हाँ
8Vrishchika10हाँ
9Dhanu9नहीं
10Makara8नहीं
11Kumbha7हाँ
12Meena6हाँ

स्रोत: मुहूर्त चिंतामणि; बृहत् संहिता। ताराबल जन्म-नक्षत्र से आज के नक्षत्र तक 9-चक्र का उपयोग करता है।

उदय लग्न (उगती राशि) समय-रेखा

दिन के हर समय पूर्वी क्षितिज पर कौन सी राशि उग रही है। खंड की चौड़ाई वास्तविक उदय अवधि के अनुपात में है।
सभी 13 खंड (तालिका)
#राशिआरंभसमाप्ति
3Mithuna मिथुन06:0107:56
4Karka कर्क07:5610:06
5Simha सिंह10:0612:06
6Kanya कन्या12:0614:06
7Tula तुला14:0616:11
8Vrishchika वृश्चिक16:1118:21
9Dhanu धनु18:2120:31
10Makara मकर20:3122:26
11Kumbha कुम्भ22:2624:11
12Meena मीन24:1101:51
1Mesha मेष01:5103:41
2Vrishabha वृषभ03:4105:41
3Mithuna मिथुन05:4106:01

पंचक रहित मुहूर्त पञ्चक रहित मुहूर्त

पंचक श्रेणी के अनुसार 15 शास्त्रीय दिन-मुहूर्त खंड। हरा = शुभ; गुलाबी = टालें। चौड़ाई वास्तविक अवधि के अनुपात में है।
सभी 15 खंड (तालिका)
#नामआरंभसमाप्तिगुण
1Chora चोर06:0106:52अशुभ
2Shubha शुभ06:5207:43शुभ
3Roga रोग07:4308:34अशुभ
4Mrityu मृत्यु08:3409:25अशुभ
5Agni अग्नि09:2510:16अशुभ
6Raja राज10:1611:07अशुभ
7Chora चोर11:0711:58अशुभ
8Shubha शुभ11:5812:49शुभ
9Roga रोग12:4913:40अशुभ
10Mrityu मृत्यु13:4014:31अशुभ
11Agni अग्नि14:3115:22अशुभ
12Raja राज15:2216:13अशुभ
13Chora चोर16:1317:03अशुभ
14Shubha शुभ17:0317:54शुभ
15Roga रोग17:5418:45अशुभ

स्रोत: मुहूर्त चिंतामणि; निर्णय सिंधु।

ऋतु और अयन

वैदिक ऋतु, अयन, दिन/रात की लंबाई और सौर-दोपहर — आज के पंचांग के आसपास का ऋतु ढाँचा।

ऋतु (वैदिक)

Grishmaग्रीष्म

ऋतु (दृक)

Grishmaग्रीष्म

अयन

Uttarayanaउत्तरायण

दिनमान

12h 44m

रात्रिमान

11h 16m

मध्याह्न

12:23

स्रोत: सूर्यसिद्धांत। दिनमान = सूर्योदय→सूर्यास्त के मिनट; मध्याह्न = स्थानीय सौर दोपहर।

पंचांग और युग पञ्चाङ्ग गणना

इस तिथि के लिए संदर्भ दिन-गणना और कैलेंडर पहचान — कलियुग वर्ष, अहर्गण, जूलियन दिन और राष्ट्रीय (शक) नागरिक तिथियाँ।
पंचांग / युग विवरण
कलियुग वर्ष5127
कलि अहर्गण1872746
जूलियन दिन2461211.5
संशोधित जूलियन दिन61211
राता डाई739787
राष्ट्रीय नागरिक (शक)Jyeshtha 30, 1948 Shaka
राष्ट्रीय निरयण (शक)Ashadha 6, 1948 Shaka
लाहिड़ी अयनांश24.2268°

दिन के जूलियन दिन और लाहिड़ी अयनांश से निकाला गया।

दिशा शूल - कोयम्बत्तूर, 20 जून 2026

कोयम्बत्तूर में शनिवार, 20 जून 2026 का दिन अपनी अलग ऊर्जा के साथ शुरू होता है। कोयम्बत्तूर में सूरज प्रातः 06:01 बजे निकलता है और सायं 18:45 बजे अस्त होता है, जिससे दिन में 12 घंटे 44 मिनट का उजाला मिलता है। तिथि षष्ठी (शुक्ल पक्ष) है और दिन का नक्षत्र मघा है। वज्र योग पूरे दिन पर असर डालता है। कोयम्बत्तूर के लिए ब्रह्म मुहूर्त रात्रि 04:25 से प्रातः 05:13 तक है; यही वह समय है जिसे शास्त्र साधना और पढ़ाई के लिए सर्वोत्तम बताते हैं।

कोयम्बत्तूर में राहु काल प्रातः 09:12 से प्रातः 10:48 तक रहेगा — इस दौरान कोई नया काम शुरू न करें। दिशाशूल आज पूर्व की ओर है, इसलिए शनिवार को उस दिशा की यात्रा कुछ देर टाल दें। अच्छे समय के लिए शुभ चौघड़िया (प्रातः 07:37–प्रातः 09:12) सबसे उत्तम मुहूर्त है। मघा नक्षत्र केतु के अधिकार में है, जिससे यह दिन आकाशीय समय और कोयम्बत्तूर की भूमि — दोनों से जुड़ जाता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कोयम्बत्तूर में 20 जून 2026 को राहु काल कब है?
कोयम्बत्तूर में 20 जून 2026 को राहु काल प्रातः 09:12 से प्रातः 10:48 तक रहता है। यह करीब 90 मिनट की खिड़की राहु के अधीन होती है और नया काम, यात्रा या शुभ कार्य शुरू करने से आमतौर पर बचा जाता है। यह समय हर दिन सूर्योदय के अनुसार बदलता है, इसलिए हर शहर में अलग होता है।
कोयम्बत्तूर में 20 जून 2026 को सूर्योदय प्रातः 06:01 बजे क्यों होता है?
कोयम्बत्तूर में 20 जून 2026 को सूर्योदय प्रातः 06:01 बजे होता है — यह शहर के अक्षांश (11.02°N) और इस तारीख को पृथ्वी के झुकाव से तय होता है। सूर्योदय और सूर्यास्त (सायं 18:45) वैदिक दिन की लंबाई तय करते हैं और राहु काल से लेकर चौघड़िया तक सभी गणनाएँ कोयम्बत्तूर के स्थानीय क्षितिज से जोड़ते हैं।
कोयम्बत्तूर में 20 जून 2026 को कौन-सा योग है?
कोयम्बत्तूर में 20 जून 2026 को वज्र योग है, जो अपराह्ण 14:53 से दोपहर 12:48 तक सक्रिय रहता है। पंचांग में योग सूर्य और चन्द्र की मिली-जुली स्थिति से बनता है और 27 योगों के चक्र में घूमता है। वज्र योग का अपना स्वभाव होता है जो दिन के कामों की शुभता पर असर डालता है।

संबंधित पंचांग पृष्ठ

दैनिक प्रामाणिकता

तांत्रिक बंदा खिड़कियाँ

Peepal

पीपल

स्रोत:

साधना विधान

Skanda Shashthi Puja

स्कन्द षष्ठी पूजा

- Skanda Purana, Kumara Tantra

Sarvartha Siddhi Yoga Sadhana

सर्वार्थसिद्धि योग साधना

- Muhurta Chintamani

Sarvartha Siddhi Yoga Sadhana

सर्वार्थ सिद्धि योग साधना

- Muhurta Chintamani

दिन दुर्लभता अंक

0.16836565566729245/ 100

कोयम्बत्तूर — 20 जून

सूर्योदय
प्रातः 06:01
सूर्यास्त
सायं 18:45
तिथि
षष्ठी (शुक्ल पक्ष)
नक्षत्र
मघा (चतुर्थ पाद)
योग
वज्र
करण
तैतिल, गरज
माह
आषाढ
चन्द्र राशि
सिंह → कन्या
सूर्य राशि
मिथुन
राहु काल
प्रातः 09:12–प्रातः 10:48
शुभ चौघड़िया
शुभ (प्रातः 07:37–प्रातः 09:12)