Kundlitkundlit

दिशा शूल

कोयम्बत्तूर · 15 जून 2026

इस दिशा में यात्रा न करें

East पूर्व

Avoid travel toward this direction today

दिशा शूल

पंचांग — पाँच अंग पञ्चाङ्ग

तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार, उनके समाप्ति समय के साथ, साथ ही मास और चंद्रमा तथा सूर्य की राशि — इस शहर के सूर्योदय के अनुसार गणना। आधी रात के बाद का समय पारंपरिक विस्तारित घड़ी में दिखता है (जैसे 27:23 = अगली सुबह 03:23)।

तिथि
Amavasyaअमावस्या08:24 तकफिर Pratipadaप्रतिपदा28:31 तक
What this means

The lunar day. It is set by how far the Moon has pulled ahead of the Sun — each 12 degrees of separation is one tithi. The tithi shapes which activities the tradition favours, and it ends at the time shown, when the next one begins.

Muhurta ChintamaniTithi-prakaranam (Nanda/Bhadra/Jaya/Rikta/Purna tithi-types)
नक्षत्र
Mrigashiraमृगशिरा19:08 तकफिर Ardraआर्द्रा40:12 तक
What this means

The Moon's star-mansion — the patch of sky it sits in today, one of 27. Each nakshatra has its own temperament that classical texts use to judge what the day is good for.

Brihat SamhitaNakshatra chapters (nakshatra qualities)
योग
Shulaशूल08:55 तकफिर Gandaगण्ड28:39 तक
What this means

A combined Sun-and-Moon measure (one of 27 nitya-yogas) — not the physical posture practice. A few yogas, such as Vyatipata and Vaidhriti, are best avoided; most are ordinary.

Muhurta ChintamaniYoga enumeration (tyajya-yoga list, v. 33)
करण
Kimstughnaकिंस्तुघ्न08:24 तकफिर Kimstughnaकिंस्तुघ्न18:26 तकक्रम: Kimstughna (08:24)Kimstughna (18:26)Bava (28:31)Balava (38:39)
What this means

Half of a tithi — each lunar day holds two karanas. One of them, Vishti (also called Bhadra), is treated as inauspicious; the rest are workable.

BPHSKarana-jnana-vidhi (11 karanas including Vishti)
वार
Somavaraसोमवार
What this means

The weekday and its ruling planet. Each day's planet colours which tasks the tradition recommends — e.g. Thursday (Jupiter) for auspicious beginnings.

Muhurta ChintamaniVara-prakaranam (weekday lords)
मास (अमांत)
अधिक Jyeshthaज्येष्ठप्रविष्टे/गते: 32अधिक मास
What this means

The lunar month. India uses two reckonings — Amanta (new-moon to new-moon) and Purnimanta (full-moon to full-moon) — so the name can differ by region. An 'Adhika' (extra) month is inserted to keep the lunar and solar years aligned.

Nirnaya SindhuAdhikamasa-nirnaya (intercalary month)
मास (पूर्णिमांत)
अधिक Jyeshthaज्येष्ठअधिक मास
पक्ष
कृष्ण पक्ष (घटता चंद्र)
What this means

The fortnight. Shukla is the waxing half (Moon growing toward full); Krishna is the waning half (toward the new moon).

Calendar definition

चंद्र राशि
Vrishabhaवृषभ08:40 तकफिर Mithunaमिथुन
What this means

The zodiac sign the Moon occupies now. Together with your birth Moon-sign it drives Chandrabala — the Moon's day-to-day favourability for you.

Muhurta Chintamani2.4-2.5 (Chandrabala)
सूर्य राशि
Vrishabhaवृषभ

निरयण (लाहिड़ी) गणना; अंग समाप्ति समय शहर के वास्तविक सूर्योदय के अनुसार। “अधिक मास” उस अतिरिक्त चंद्र मास को दर्शाता है जिसमें कोई सौर संक्रांति नहीं होती।

यह पंचांग कैसे गणना होती है

इस पृष्ठ का हर समय सूर्य और चंद्रमा की वास्तविक स्थिति से स्विस एफेमेरिस (वही उच्च-परिशुद्धता खगोलीय इंजन जिसे पेशेवर खगोलशास्त्री उपयोग करते हैं) से निकाला जाता है, किसी छपे पंचांग या तय तालिका से नहीं।

  • निरयण राशिचक्र, लाहिड़ी अयनांश — भारत सरकार के कैलेंडर में यही मानक है (इस तिथि का अयनांश: 24.2266°)। सभी नक्षत्र, राशि, तिथि और योग की सीमाएँ इसी से बनती हैं।
  • स्थानीय वास्तविक सूर्योदय — मुहूर्त काल (राहु काल, चौघड़िया, होरा, अभिजित आदि) Coimbatore के सटीक निर्देशांक के लिए गणना किए गए वास्तविक सूर्योदय से मापे जाते हैं, इसलिए वे आपके स्थान के लिए सही होते हैं, कोई क्षेत्रीय अनुमान नहीं।
  • दो मास परंपराएँ — हम अमांत (अमावस्या से अमावस्या) और पूर्णिमांत (पूर्णिमा से पूर्णिमा) दोनों चंद्र मास दिखाते हैं, क्योंकि भारत के अलग-अलग क्षेत्र अलग परंपरा मानते हैं; अधिक (मलमास) मास होने पर उसे अंकित किया जाता है।

महत्व और शुभ/अशुभ संकेत शास्त्रीय ग्रंथों (मुहूर्त चिंतामणि, बृहत् संहिता, पुराण आदि) से लिए जाते हैं और साथ में उद्धृत किए जाते हैं — हम कभी ऐसा प्रभाव नहीं बताते जो ग्रंथ में न हो।

आपका आज का पंचांग

अपना जन्म नक्षत्र और चंद्र राशि एक बार चुनें — फिर हम आज का आपका ताराबल और चंद्रबल पढ़कर बता देंगे। यह सिर्फ़ इसी डिवाइस पर सेव होता है; हमारे सर्वर पर कभी नहीं जाता।

आज क्या करना शुभ है?

आप जो करने वाले हैं वह चुनें। हम आज के पंचांग को शास्त्रीय मुहूर्त नियम से जाँचकर बताते हैं कि यह शुभ है या नहीं, सबसे अच्छा समय कौन-सा है, और यह किस ग्रंथ से है।

समय विवरण (तालिका)
कालआरंभसमाप्तिप्रकार
Rahu Kala07:3609:11अशुभ
Yamaghanda Kala10:4712:22अशुभ
Gulika Kala13:5815:33अशुभ
Abhijit Muhurta11:5712:48शुभ

शुभ मुहूर्त शुभ मुहूर्त

सूर्योदय और नक्षत्र के आधार पर बने वे समय जिन्हें शास्त्रीय मुहूर्त ग्रंथ साधना, अध्ययन और नई शुरुआत के लिए बताते हैं।

Brahma Muhurta

ब्रह्म मुहूर्त

04:24 – 05:12

Pratah Sandhya

प्रातः सन्ध्या

04:55 – 06:00

Vijaya Muhurta

विजय मुहूर्त

14:29 – 15:20

Godhuli Muhurta

गोधूलि मुहूर्त

18:32 – 18:56

Sayahna Sandhya

सायाह्न सन्ध्या

18:44 – 19:49

Nishita Muhurta

निशीथ मुहूर्त

23:58 – 24:46

Amrita Kalam

अमृत कालम्

01:01 – 02:25

स्रोत: मुहूर्त चिंतामणि; निर्णय सिंधु। उप-काल की गणना सूर्योदय + शहर के निर्देशांक पर सूर्य नक्षत्र की स्थिति से।

अशुभ काल अशुभ काल

राहु काल, यमगंड और गुलिक (ऊपर दिन की समय-रेखा में दिखाए गए) के अलावा, नई शुरुआत के लिए टालने योग्य शास्त्रीय काल।

Varjyam

वर्ज्यम्

03:06 – 04:30

नक्षत्र से निकला वह काल जिसे शास्त्र टालने को कहते हैं।

Dur Muhurtam 12

दुर्मुहूर्तम्

15:20 – 16:11

वार के अनुसार तय अशुभ उप-मुहूर्त।

Dur Muhurtam 13

दुर्मुहूर्तम्

16:11 – 17:02

वार के अनुसार तय अशुभ उप-मुहूर्त।

स्रोत: मुहूर्त चिंतामणि; धर्म सिंधु। उप-काल की गणना सूर्योदय + नक्षत्र की स्थिति से।

आज का सूर्य सूर्य

सूर्य की राशि और नक्षत्र — ऊपर हीरो में दिखाए गए चंद्र-पक्ष की तिथि और नक्षत्र का सूर्य-पक्ष पूरक।

सूर्य राशि

Vrishabha#2

सूर्य नक्षत्र

Mrigashira मृगशिरा

पाद 2 / 4

आज चंद्र पाद परिवर्तन

  • 08:41
  • 13:55
  • 19:10
  • 24:24
  • 05:38

स्रोत: लाहिड़ी (चित्रपक्ष) निरयण गणना। पाद की गणना नक्षत्र को 3° 20′ के 4 बराबर भागों में बाँटकर।

हिंदू वर्ष विक्रम संवत्

इस वर्ष के विक्रम, शक और गुजराती संवत, साथ में 60-वर्षीय शासन-चक्र से चक्र का नाम (संवत्सर)।

विक्रम संवत

2083

Parabhava पराभव (8 Mar 2027 तक)

वर्ष हब देखें

शक संवत

1948

Kilaka कीलक

गुजराती संवत

2082

Vishvavasu विश्वावसु

मंत्री मंडल — वर्ष शासन

पददेवता
RajaJupiter
SasyadhipatiJupiter

बाकी शासन पद (8) इंजन द्वारा हल होते ही भर जाएँगे।

स्रोत: निर्णय सिंधु; सूर्यसिद्धांत। संवत्सर 60-वर्षीय बृहस्पति चक्र से।

दैनिक दिशाएँ दिशा

मुहूर्त चुनने में काम आने वाली दिन की दिशाएँ — यात्रा के लिए दिशा शूल, यज्ञ के लिए अग्निवास, लाभ की दिशा के लिए चंद्र/राहु वास, अनुष्ठान के समय के लिए शिववास।

Disha Shool

East पूर्व

अशुभ

स्रोत: Avoid travel toward this direction today

Nakshatra Shool

West पश्चिम

अशुभ

स्रोत: Avoid travel toward this direction while today's nakshatra prevails

Chandra Vasa

South दक्षिण

शुभ

स्रोत: Direction favored by today's moon position

Rahu Vasa

Northwest वायव्य

अशुभ

स्रोत: Direction occupied by Rahu; avoid offerings facing here

Agnivasa

Prithvi पृथ्वी

शुभ

स्रोत: Agni's dwelling for homa-suitability assessment

Shiva Vasa

Vrishabha वृषभ

शुभ

स्रोत: Shiva's location for rudrabhisheka timing

Homahuti

Sun सूर्य

शुभ

स्रोत: Benefic planet: offering auspicious

Anandadi Yoga

Vardhamana वर्धमान

शुभ

स्रोत: Auspicious day-yoga (Anandadi)

तमिल योग தமிழ் யோகம்

नक्षत्र और वार से बना दिन का तमिल-परंपरा का योग — तमिल मुहूर्त में काम आने वाला सिद्ध / अमृत / मरण / मुशल परिवार।

Tamil Yoga

Amrita अमृत

शुभ

स्रोत: Auspicious Tamil yoga

आज की बल तालिका

ताराबल और चंद्रबल — मुहूर्त चुनने में काम आने वाली दो शास्त्रीय बल जाँच। यदि आपका जन्म नक्षत्र या जन्म राशि अनुकूल सूची में आए, तो दिन नई शुरुआत के लिए ठीक है।

आज अनुकूल जन्म राशियाँ

Vrishabha, Karka, Simha, Vrishchika, Dhanu, Meena

चंद्राष्टम (टालें): Tula

ताराबल — सभी 27 जन्म नक्षत्र
#जन्म नक्षत्रतारागुण
1AshwiniPratyari प्रत्यरिसामान्य
2BharaniKshema क्षेमसामान्य
3KrittikaVipat विपत्सामान्य
4RohiniSampat सम्पत्सामान्य
5MrigashiraJanma जन्मसामान्य
6ArdraAti-Mitra अतिमित्रसामान्य
7PunarvasuMitra मित्रसामान्य
8PushyaVadha वधसामान्य
9AshleshaSadhaka साधकसामान्य
10MaghaPratyari प्रत्यरिसामान्य
11Purva PhalguniKshema क्षेमसामान्य
12Uttara PhalguniVipat विपत्सामान्य
13HastaSampat सम्पत्सामान्य
14ChitraJanma जन्मसामान्य
15SwatiAti-Mitra अतिमित्रसामान्य
16VishakhaMitra मित्रसामान्य
17AnuradhaVadha वधसामान्य
18JyeshthaSadhaka साधकसामान्य
19MulaPratyari प्रत्यरिसामान्य
20Purva AshadhaKshema क्षेमसामान्य
21Uttara AshadhaVipat विपत्सामान्य
22ShravanaSampat सम्पत्सामान्य
23DhanishthaJanma जन्मसामान्य
24ShatabhishaAti-Mitra अतिमित्रसामान्य
25Purva BhadrapadaMitra मित्रसामान्य
26Uttara BhadrapadaVadha वधसामान्य
27RevatiSadhaka साधकसामान्य
चंद्रबल — सभी 12 जन्म राशि
#जन्म राशिजन्म से भावअनुकूल
1Mesha2नहीं
2Vrishabha1हाँ
3Mithuna12नहीं
4Karka11हाँ
5Simha10हाँ
6Kanya9नहीं
7Tula8नहीं
8Vrishchika7हाँ
9Dhanu6हाँ
10Makara5नहीं
11Kumbha4नहीं
12Meena3हाँ

स्रोत: मुहूर्त चिंतामणि; बृहत् संहिता। ताराबल जन्म-नक्षत्र से आज के नक्षत्र तक 9-चक्र का उपयोग करता है।

उदय लग्न (उगती राशि) समय-रेखा

दिन के हर समय पूर्वी क्षितिज पर कौन सी राशि उग रही है। खंड की चौड़ाई वास्तविक उदय अवधि के अनुपात में है।
सभी 14 खंड (तालिका)
#राशिआरंभसमाप्ति
2Vrishabha वृषभ06:0006:05
3Mithuna मिथुन06:0508:20
4Karka कर्क08:2010:25
5Simha सिंह10:2512:25
6Kanya कन्या12:2514:25
7Tula तुला14:2516:30
8Vrishchika वृश्चिक16:3018:45
9Dhanu धनु18:4520:50
10Makara मकर20:5022:45
11Kumbha कुम्भ22:4524:30
12Meena मीन24:3002:10
1Mesha मेष02:1004:00
2Vrishabha वृषभ04:0006:00
3Mithuna मिथुन06:0006:00

पंचक रहित मुहूर्त पञ्चक रहित मुहूर्त

पंचक श्रेणी के अनुसार 15 शास्त्रीय दिन-मुहूर्त खंड। हरा = शुभ; गुलाबी = टालें। चौड़ाई वास्तविक अवधि के अनुपात में है।
सभी 15 खंड (तालिका)
#नामआरंभसमाप्तिगुण
1Roga रोग06:0006:51अशुभ
2Mrityu मृत्यु06:5107:42अशुभ
3Agni अग्नि07:4208:33अशुभ
4Raja राज08:3309:24अशुभ
5Chora चोर09:2410:15अशुभ
6Shubha शुभ10:1511:06शुभ
7Roga रोग11:0611:57अशुभ
8Mrityu मृत्यु11:5712:48अशुभ
9Agni अग्नि12:4813:39अशुभ
10Raja राज13:3914:29अशुभ
11Chora चोर14:2915:20अशुभ
12Shubha शुभ15:2016:11शुभ
13Roga रोग16:1117:02अशुभ
14Mrityu मृत्यु17:0217:53अशुभ
15Agni अग्नि17:5318:44अशुभ

स्रोत: मुहूर्त चिंतामणि; निर्णय सिंधु।

ऋतु और अयन

वैदिक ऋतु, अयन, दिन/रात की लंबाई और सौर-दोपहर — आज के पंचांग के आसपास का ऋतु ढाँचा।

ऋतु (वैदिक)

Grishmaग्रीष्म

ऋतु (दृक)

Vasantaवसन्त

अयन

Uttarayanaउत्तरायण

दिनमान

12h 44m

रात्रिमान

11h 16m

मध्याह्न

12:22

स्रोत: सूर्यसिद्धांत। दिनमान = सूर्योदय→सूर्यास्त के मिनट; मध्याह्न = स्थानीय सौर दोपहर।

पंचांग और युग पञ्चाङ्ग गणना

इस तिथि के लिए संदर्भ दिन-गणना और कैलेंडर पहचान — कलियुग वर्ष, अहर्गण, जूलियन दिन और राष्ट्रीय (शक) नागरिक तिथियाँ।
पंचांग / युग विवरण
कलियुग वर्ष5127
कलि अहर्गण1872741
जूलियन दिन2461206.5
संशोधित जूलियन दिन61206
राता डाई739782
राष्ट्रीय नागरिक (शक)Jyeshtha 25, 1948 Shaka
राष्ट्रीय निरयण (शक)Jyeshtha 32, 1948 Shaka
लाहिड़ी अयनांश24.2266°

दिन के जूलियन दिन और लाहिड़ी अयनांश से निकाला गया।

दिशा शूल - कोयम्बत्तूर, 15 जून 2026

कोयम्बत्तूर में सोमवार, 15 जून 2026 का दिन अपनी अलग ऊर्जा के साथ शुरू होता है। कोयम्बत्तूर में सूरज प्रातः 06:00 बजे निकलता है और सायं 18:44 बजे अस्त होता है, जिससे दिन में 12 घंटे 44 मिनट का उजाला मिलता है। आज की तिथि कृष्ण पक्ष की अमावस्या है, और नक्षत्र मृगशिरा रहेगा। आज शूल योग रहेगा — यही दिन के मूल पंचांग की पहचान बनाता है। ब्रह्म मुहूर्त — सुबह से पहले का ध्यान-काल — रात्रि 04:24 से प्रातः 05:12 तक रहता है, जो पूजा और अध्ययन के लिए सबसे शुभ माना जाता है।

प्रातः 07:36 से प्रातः 09:11 तक राहु काल रहता है, इसलिए कोयम्बत्तूर में इस खिड़की में शुभ काम रोक कर रखें। सोमवार का दिशाशूल पूर्व दिशा है; इस दिशा में नया प्रस्थान न करें तो अच्छा। शुभ पक्ष में अमृत चौघड़िया (प्रातः 06:00–प्रातः 07:36) दिन की सबसे अच्छी खिड़की है। मंगल के स्वामित्व वाला मृगशिरा नक्षत्र इस प्राचीन पंचांग को कोयम्बत्तूर के क्षितिज तक ले आता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कोयम्बत्तूर में 15 जून 2026 को राहु काल कब है?
कोयम्बत्तूर में 15 जून 2026 को राहु काल प्रातः 07:36 से प्रातः 09:11 तक रहता है। यह करीब 90 मिनट की खिड़की राहु के अधीन होती है और नया काम, यात्रा या शुभ कार्य शुरू करने से आमतौर पर बचा जाता है। यह समय हर दिन सूर्योदय के अनुसार बदलता है, इसलिए हर शहर में अलग होता है।
कोयम्बत्तूर में 15 जून 2026 को सूर्योदय प्रातः 06:00 बजे क्यों होता है?
कोयम्बत्तूर में 15 जून 2026 को सूर्योदय प्रातः 06:00 बजे होता है — यह शहर के अक्षांश (11.02°N) और इस तारीख को पृथ्वी के झुकाव से तय होता है। सूर्योदय और सूर्यास्त (सायं 18:44) वैदिक दिन की लंबाई तय करते हैं और राहु काल से लेकर चौघड़िया तक सभी गणनाएँ कोयम्बत्तूर के स्थानीय क्षितिज से जोड़ते हैं।
क्या 15 जून 2026 को अमावस्या है?
हाँ, कोयम्बत्तूर से गणना करने पर 15 जून 2026 को अमावस्या (नया चाँद) है। अमावस्या तिथि दोपहर 12:20 से प्रातः 08:24 तक रहती है। यह दिन पितरों के तर्पण के लिए विशेष माना जाता है, और कई लोग व्रत रखते हैं या शिव-काली मंदिर जाते हैं।

संबंधित पंचांग पृष्ठ

दैनिक प्रामाणिकता

तांत्रिक बंदा खिड़कियाँ

Shakhota

शाखोट

स्रोत:

साधना विधान

Pitru Tarpana

पितृ तर्पण

- Dharmasindhu, Nirnaya Sindhu

Bhuvaneshwari Amavasya Dhyana

भुवनेश्वरी अमावस्या ध्यान

- Tantrasara, Todala Tantra

Kimstughna Karana Sadhana

किंस्तुघ्न करण साधना

- Muhurta Chintamani

Kali Maha Mantra Japa

काली महामन्त्र जप

- Rudrayamala Tantra

Devi Kavacham Patha

देवी कवचम् पाठ

- Devi Mahatmya, Markandeya Purana

Tila Homa (Sesame Oblation)

तिल होम

- Graha Shanti Vidhi

Chandi Patha (Durga Saptashati)

चण्डी पाठ

- Markandeya Purana, Devi Mahatmya

Baglamukhi Stambhana Sadhana

बगलामुखी स्तम्भन साधना

- Baglamukhi Tantra, Rudrayamala, Mantra Mahodadhi

Tara Sadhana

तारा साधना

- Tara Tantra, Todala Tantra, Tantrasara (Krishnananda)

Dhumavati Sadhana

धूमावती साधना

- Shakta Pramoda, Dhumavati Tantra, Mantra Mahodadhi, Tantrasara (Krishnananda)

दिन दुर्लभता अंक

0.5692677753303671/ 100

कोयम्बत्तूर — 15 जून

सूर्योदय
प्रातः 06:00
सूर्यास्त
सायं 18:44
तिथि
अमावस्या (कृष्ण पक्ष)
नक्षत्र
मृगशिरा (द्वितीय पाद)
योग
शूल
करण
किंस्तुघ्न, किंस्तुघ्न
माह
अधिक ज्येष्ठ
चन्द्र राशि
वृषभ → मिथुन
सूर्य राशि
वृषभ
राहु काल
प्रातः 07:36–प्रातः 09:11
शुभ चौघड़िया
अमृत (प्रातः 06:00–प्रातः 07:36)