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चौघड़िया · श्रीनगर

चौघड़ियाश्रीनगर27 जून 2026

शनिवार · आषाढ · शुक्ल पक्ष

निरयण · लाहिड़ी
तिथि
त्रयोदशी
नक्षत्र
अनुराधा
योग
साध्य
करण
कौलव
वार
शनिवार

Waxing Gibbous

Sunrise 05:22 — Sunset 19:45 · day 14h 23m

92% illuminated · increasing

पंचांग — पाँच अंग पञ्चाङ्ग

तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार, उनके समाप्ति समय के साथ, साथ ही मास और चंद्रमा तथा सूर्य की राशि — इस शहर के सूर्योदय के अनुसार गणना। आधी रात के बाद का समय पारंपरिक विस्तारित घड़ी में दिखता है (जैसे 27:23 = अगली सुबह 03:23)।

तिथि
Trayodashiत्रयोदशी24:43 तकफिर Chaturdashiचतुर्दशी51:06 तक
What this means

The lunar day. It is set by how far the Moon has pulled ahead of the Sun — each 12 degrees of separation is one tithi. The tithi shapes which activities the tradition favours, and it ends at the time shown, when the next one begins.

Muhurta ChintamaniTithi-prakaranam (Nanda/Bhadra/Jaya/Rikta/Purna tithi-types)
नक्षत्र
Anuradhaअनुराधा22:11 तकफिर Jyeshthaज्येष्ठा49:09 तक
What this means

The Moon's star-mansion — the patch of sky it sits in today, one of 27. Each nakshatra has its own temperament that classical texts use to judge what the day is good for.

Brihat SamhitaNakshatra chapters (nakshatra qualities)
योग
Sadhyaसाध्य12:32 तकफिर Shubhaशुभ37:29 तक
What this means

A combined Sun-and-Moon measure (one of 27 nitya-yogas) — not the physical posture practice. A few yogas, such as Vyatipata and Vaidhriti, are best avoided; most are ordinary.

Muhurta ChintamaniYoga enumeration (tyajya-yoga list, v. 33)
करण
Kaulavaकौलव11:32 तकफिर Taitilaतैतिल24:43 तकक्रम: Kaulava (11:32)Taitila (24:43)Garaja (37:55)
What this means

Half of a tithi — each lunar day holds two karanas. One of them, Vishti (also called Bhadra), is treated as inauspicious; the rest are workable.

BPHSKarana-jnana-vidhi (11 karanas including Vishti)
वार
Shanivaraशनिवार
What this means

The weekday and its ruling planet. Each day's planet colours which tasks the tradition recommends — e.g. Thursday (Jupiter) for auspicious beginnings.

Muhurta ChintamaniVara-prakaranam (weekday lords)
मास (अमांत)
Ashadhaआषाढप्रविष्टे/गते: 13
What this means

The lunar month. India uses two reckonings — Amanta (new-moon to new-moon) and Purnimanta (full-moon to full-moon) — so the name can differ by region. An 'Adhika' (extra) month is inserted to keep the lunar and solar years aligned.

Nirnaya SindhuAdhikamasa-nirnaya (intercalary month)
मास (पूर्णिमांत)
Ashadhaआषाढ
पक्ष
शुक्ल पक्ष (बढ़ता चंद्र)
What this means

The fortnight. Shukla is the waxing half (Moon growing toward full); Krishna is the waning half (toward the new moon).

Calendar definition

चंद्र राशि
Vrishchikaवृश्चिक49:09 तकफिर Dhanuधनु
What this means

The zodiac sign the Moon occupies now. Together with your birth Moon-sign it drives Chandrabala — the Moon's day-to-day favourability for you.

Muhurta Chintamani2.4-2.5 (Chandrabala)
सूर्य राशि
Mithunaमिथुन

निरयण (लाहिड़ी) गणना; अंग समाप्ति समय शहर के वास्तविक सूर्योदय के अनुसार। “अधिक मास” उस अतिरिक्त चंद्र मास को दर्शाता है जिसमें कोई सौर संक्रांति नहीं होती।

यह पंचांग कैसे गणना होती है

इस पृष्ठ का हर समय सूर्य और चंद्रमा की वास्तविक स्थिति से स्विस एफेमेरिस (वही उच्च-परिशुद्धता खगोलीय इंजन जिसे पेशेवर खगोलशास्त्री उपयोग करते हैं) से निकाला जाता है, किसी छपे पंचांग या तय तालिका से नहीं।

  • निरयण राशिचक्र, लाहिड़ी अयनांश — भारत सरकार के कैलेंडर में यही मानक है (इस तिथि का अयनांश: 24.2271°)। सभी नक्षत्र, राशि, तिथि और योग की सीमाएँ इसी से बनती हैं।
  • स्थानीय वास्तविक सूर्योदय — मुहूर्त काल (राहु काल, चौघड़िया, होरा, अभिजित आदि) Srinagar के सटीक निर्देशांक के लिए गणना किए गए वास्तविक सूर्योदय से मापे जाते हैं, इसलिए वे आपके स्थान के लिए सही होते हैं, कोई क्षेत्रीय अनुमान नहीं।
  • दो मास परंपराएँ — हम अमांत (अमावस्या से अमावस्या) और पूर्णिमांत (पूर्णिमा से पूर्णिमा) दोनों चंद्र मास दिखाते हैं, क्योंकि भारत के अलग-अलग क्षेत्र अलग परंपरा मानते हैं; अधिक (मलमास) मास होने पर उसे अंकित किया जाता है।

महत्व और शुभ/अशुभ संकेत शास्त्रीय ग्रंथों (मुहूर्त चिंतामणि, बृहत् संहिता, पुराण आदि) से लिए जाते हैं और साथ में उद्धृत किए जाते हैं — हम कभी ऐसा प्रभाव नहीं बताते जो ग्रंथ में न हो।

आपका आज का पंचांग

अपना जन्म नक्षत्र और चंद्र राशि एक बार चुनें — फिर हम आज का आपका ताराबल और चंद्रबल पढ़कर बता देंगे। यह सिर्फ़ इसी डिवाइस पर सेव होता है; हमारे सर्वर पर कभी नहीं जाता।

आज क्या करना शुभ है?

आप जो करने वाले हैं वह चुनें। हम आज के पंचांग को शास्त्रीय मुहूर्त नियम से जाँचकर बताते हैं कि यह शुभ है या नहीं, सबसे अच्छा समय कौन-सा है, और यह किस ग्रंथ से है।

Choghadiya details (text table)
NameDevanagariPlanetPeriodStartEndQuality
KaalकालSaturnday05:2207:10bad
ShubhशुभJupiterday07:1008:58good
RogरोगMarsday08:5810:46bad
Udvegउद्वेगSunday10:4612:33bad
CharचरVenusday12:3314:21neutral
LabhलाभMercuryday14:2116:09good
AmritअमृतMoonday16:0917:57good
KaalकालSaturnday17:5719:45bad
LabhलाभMercurynight19:4520:57good
AmritअमृतMoonnight20:5722:09good
KaalकालSaturnnight22:0923:21bad
ShubhशुभJupiternight23:2124:33good
RogरोगMarsnight24:3301:46bad
Udvegउद्वेगSunnight01:4602:58bad
CharचरVenusnight02:5804:10neutral
LabhलाभMercurynight04:1005:22good
समय विवरण (तालिका)
कालआरंभसमाप्तिप्रकार
Rahu Kala08:5810:46अशुभ
Yamaghanda Kala05:2207:10अशुभ
Gulika Kala05:2207:10अशुभ
Abhijit Muhurta12:0513:02शुभ

शुभ मुहूर्त शुभ मुहूर्त

सूर्योदय और नक्षत्र के आधार पर बने वे समय जिन्हें शास्त्रीय मुहूर्त ग्रंथ साधना, अध्ययन और नई शुरुआत के लिए बताते हैं।

Brahma Muhurta

ब्रह्म मुहूर्त

03:46 – 04:34

Pratah Sandhya

प्रातः सन्ध्या

04:17 – 05:22

Vijaya Muhurta

विजय मुहूर्त

14:57 – 15:55

Godhuli Muhurta

गोधूलि मुहूर्त

19:33 – 19:57

Sayahna Sandhya

सायाह्न सन्ध्या

19:45 – 20:50

Nishita Muhurta

निशीथ मुहूर्त

24:09 – 24:57

Amrita Kalam

अमृत कालम्

04:14 – 06:02

स्रोत: मुहूर्त चिंतामणि; निर्णय सिंधु। उप-काल की गणना सूर्योदय + शहर के निर्देशांक पर सूर्य नक्षत्र की स्थिति से।

अशुभ काल अशुभ काल

राहु काल, यमगंड और गुलिक (ऊपर दिन की समय-रेखा में दिखाए गए) के अलावा, नई शुरुआत के लिए टालने योग्य शास्त्रीय काल।

Varjyam

वर्ज्यम्

23:45 – 01:32

नक्षत्र से निकला वह काल जिसे शास्त्र टालने को कहते हैं।

Dur Muhurtam 1

दुर्मुहूर्तम्

05:22 – 06:20

वार के अनुसार तय अशुभ उप-मुहूर्त।

Dur Muhurtam 2

दुर्मुहूर्तम्

06:20 – 07:17

वार के अनुसार तय अशुभ उप-मुहूर्त।

स्रोत: मुहूर्त चिंतामणि; धर्म सिंधु। उप-काल की गणना सूर्योदय + नक्षत्र की स्थिति से।

आज का सूर्य सूर्य

सूर्य की राशि और नक्षत्र — ऊपर हीरो में दिखाए गए चंद्र-पक्ष की तिथि और नक्षत्र का सूर्य-पक्ष पूरक।

सूर्य राशि

Mithuna#3

सूर्य नक्षत्र

Ardra आर्द्रा

पाद 2 / 4

आज चंद्र पाद परिवर्तन

  • 08:43
  • 15:27
  • 22:11
  • 04:55

स्रोत: लाहिड़ी (चित्रपक्ष) निरयण गणना। पाद की गणना नक्षत्र को 3° 20′ के 4 बराबर भागों में बाँटकर।

हिंदू वर्ष विक्रम संवत्

इस वर्ष के विक्रम, शक और गुजराती संवत, साथ में 60-वर्षीय शासन-चक्र से चक्र का नाम (संवत्सर)।

विक्रम संवत

2083

Parabhava पराभव (8 Mar 2027 तक)

वर्ष हब देखें

शक संवत

1948

Kilaka कीलक

गुजराती संवत

2082

Vishvavasu विश्वावसु

मंत्री मंडल — वर्ष शासन

पददेवता
RajaJupiter
SasyadhipatiJupiter

बाकी शासन पद (8) इंजन द्वारा हल होते ही भर जाएँगे।

स्रोत: निर्णय सिंधु; सूर्यसिद्धांत। संवत्सर 60-वर्षीय बृहस्पति चक्र से।

दैनिक दिशाएँ दिशा

मुहूर्त चुनने में काम आने वाली दिन की दिशाएँ — यात्रा के लिए दिशा शूल, यज्ञ के लिए अग्निवास, लाभ की दिशा के लिए चंद्र/राहु वास, अनुष्ठान के समय के लिए शिववास।

Disha Shool

East पूर्व

अशुभ

स्रोत: Avoid travel toward this direction today

Nakshatra Shool

North उत्तर

अशुभ

स्रोत: Avoid travel toward this direction while today's nakshatra prevails

Chandra Vasa

North उत्तर

शुभ

स्रोत: Direction favored by today's moon position

Rahu Vasa

West पश्चिम

अशुभ

स्रोत: Direction occupied by Rahu; avoid offerings facing here

Agnivasa

Prithvi पृथ्वी

शुभ

स्रोत: Agni's dwelling for homa-suitability assessment

Shiva Vasa

Sabha सभा

शुभ

स्रोत: Shiva's location for rudrabhisheka timing

Homahuti

Saturn शनि

अशुभ

स्रोत: Khala planet: offering inauspicious (खलग्रह के मुख में होमाहुति शुभ नहीं होती)

Anandadi Yoga

Amrita अमृत

शुभ

स्रोत: Auspicious day-yoga (Anandadi)

तमिल योग தமிழ் யோகம்

नक्षत्र और वार से बना दिन का तमिल-परंपरा का योग — तमिल मुहूर्त में काम आने वाला सिद्ध / अमृत / मरण / मुशल परिवार।

Tamil Yoga

Siddha सिद्ध

शुभ

स्रोत: Auspicious Tamil yoga

आज की बल तालिका

ताराबल और चंद्रबल — मुहूर्त चुनने में काम आने वाली दो शास्त्रीय बल जाँच। यदि आपका जन्म नक्षत्र या जन्म राशि अनुकूल सूची में आए, तो दिन नई शुरुआत के लिए ठीक है।

आज अनुकूल जन्म राशियाँ

Vrishabha, Mithuna, Kanya, Vrishchika, Makara, Kumbha

चंद्राष्टम (टालें): Mesha

ताराबल — सभी 27 जन्म नक्षत्र
#जन्म नक्षत्रतारागुण
1AshwiniMitra मित्रसामान्य
2BharaniVadha वधसामान्य
3KrittikaSadhaka साधकसामान्य
4RohiniPratyari प्रत्यरिसामान्य
5MrigashiraKshema क्षेमसामान्य
6ArdraVipat विपत्सामान्य
7PunarvasuSampat सम्पत्सामान्य
8PushyaJanma जन्मसामान्य
9AshleshaAti-Mitra अतिमित्रसामान्य
10MaghaMitra मित्रसामान्य
11Purva PhalguniVadha वधसामान्य
12Uttara PhalguniSadhaka साधकसामान्य
13HastaPratyari प्रत्यरिसामान्य
14ChitraKshema क्षेमसामान्य
15SwatiVipat विपत्सामान्य
16VishakhaSampat सम्पत्सामान्य
17AnuradhaJanma जन्मसामान्य
18JyeshthaAti-Mitra अतिमित्रसामान्य
19MulaMitra मित्रसामान्य
20Purva AshadhaVadha वधसामान्य
21Uttara AshadhaSadhaka साधकसामान्य
22ShravanaPratyari प्रत्यरिसामान्य
23DhanishthaKshema क्षेमसामान्य
24ShatabhishaVipat विपत्सामान्य
25Purva BhadrapadaSampat सम्पत्सामान्य
26Uttara BhadrapadaJanma जन्मसामान्य
27RevatiAti-Mitra अतिमित्रसामान्य
चंद्रबल — सभी 12 जन्म राशि
#जन्म राशिजन्म से भावअनुकूल
1Mesha8नहीं
2Vrishabha7हाँ
3Mithuna6हाँ
4Karka5नहीं
5Simha4नहीं
6Kanya3हाँ
7Tula2नहीं
8Vrishchika1हाँ
9Dhanu12नहीं
10Makara11हाँ
11Kumbha10हाँ
12Meena9नहीं

स्रोत: मुहूर्त चिंतामणि; बृहत् संहिता। ताराबल जन्म-नक्षत्र से आज के नक्षत्र तक 9-चक्र का उपयोग करता है।

उदय लग्न (उगती राशि) समय-रेखा

दिन के हर समय पूर्वी क्षितिज पर कौन सी राशि उग रही है। खंड की चौड़ाई वास्तविक उदय अवधि के अनुपात में है।
सभी 13 खंड (तालिका)
#राशिआरंभसमाप्ति
3Mithuna मिथुन05:2206:57
4Karka कर्क06:5709:22
5Simha सिंह09:2211:42
6Kanya कन्या11:4214:07
7Tula तुला14:0716:32
8Vrishchika वृश्चिक16:3218:52
9Dhanu धनु18:5220:57
10Makara मकर20:5722:32
11Kumbha कुम्भ22:3223:52
12Meena मीन23:5201:12
1Mesha मेष01:1202:42
2Vrishabha वृषभ02:4204:37
3Mithuna मिथुन04:3705:22

पंचक रहित मुहूर्त पञ्चक रहित मुहूर्त

पंचक श्रेणी के अनुसार 15 शास्त्रीय दिन-मुहूर्त खंड। हरा = शुभ; गुलाबी = टालें। चौड़ाई वास्तविक अवधि के अनुपात में है।
सभी 15 खंड (तालिका)
#नामआरंभसमाप्तिगुण
1Roga रोग05:2206:20अशुभ
2Mrityu मृत्यु06:2007:17अशुभ
3Agni अग्नि07:1708:15अशुभ
4Raja राज08:1509:12अशुभ
5Chora चोर09:1210:10अशुभ
6Shubha शुभ10:1011:07शुभ
7Roga रोग11:0712:05अशुभ
8Mrityu मृत्यु12:0513:02अशुभ
9Agni अग्नि13:0214:00अशुभ
10Raja राज14:0014:57अशुभ
11Chora चोर14:5715:55अशुभ
12Shubha शुभ15:5516:52शुभ
13Roga रोग16:5217:50अशुभ
14Mrityu मृत्यु17:5018:47अशुभ
15Agni अग्नि18:4719:45अशुभ

स्रोत: मुहूर्त चिंतामणि; निर्णय सिंधु।

ऋतु और अयन

वैदिक ऋतु, अयन, दिन/रात की लंबाई और सौर-दोपहर — आज के पंचांग के आसपास का ऋतु ढाँचा।

ऋतु (वैदिक)

Grishmaग्रीष्म

ऋतु (दृक)

Grishmaग्रीष्म

अयन

Uttarayanaउत्तरायण

दिनमान

14h 22m

रात्रिमान

9h 38m

मध्याह्न

12:33

स्रोत: सूर्यसिद्धांत। दिनमान = सूर्योदय→सूर्यास्त के मिनट; मध्याह्न = स्थानीय सौर दोपहर।

पंचांग और युग पञ्चाङ्ग गणना

इस तिथि के लिए संदर्भ दिन-गणना और कैलेंडर पहचान — कलियुग वर्ष, अहर्गण, जूलियन दिन और राष्ट्रीय (शक) नागरिक तिथियाँ।
पंचांग / युग विवरण
कलियुग वर्ष5127
कलि अहर्गण1872753
जूलियन दिन2461218.5
संशोधित जूलियन दिन61218
राता डाई739794
राष्ट्रीय नागरिक (शक)Ashadha 6, 1948 Shaka
राष्ट्रीय निरयण (शक)Ashadha 13, 1948 Shaka
लाहिड़ी अयनांश24.2271°

दिन के जूलियन दिन और लाहिड़ी अयनांश से निकाला गया।

चौघड़िया - श्रीनगर, 27 जून 2026

शनिवार, 27 जून 2026 — श्रीनगर के लिए यह दिन पंचांग की दृष्टि से ध्यान देने योग्य है। दिन की शुरुआत प्रातः 05:22 बजे सूर्योदय से होती है और सायं 19:45 बजे अस्त होता है, जिससे दिन में 14 घंटे 22 मिनट का उजाला मिलता है। शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि के साथ अनुराधा नक्षत्र दिन को दिशा देता है। दिन का योग साध्य है, जो इस 27 जून 2026 के पंचांग को पूरा करता है। सूर्योदय से पहले रात्रि 03:46 से रात्रि 04:34 तक ब्रह्म मुहूर्त रहता है — प्रार्थना और मनन के लिए आदर्श समय।

आज राहु काल प्रातः 08:58 से प्रातः 10:46 के बीच है; यह समय नई शुरुआत के लिए टालना बेहतर है। आज दिशाशूल पूर्व दिशा में है — शनिवार को इस ओर नई यात्रा टालने की परंपरा है। दिन का सबसे शुभ चौघड़िया शुभ (प्रातः 07:10–प्रातः 08:58) है — नई शुरुआत के लिए यही चुनें। अनुराधा नक्षत्र का स्वामी शनि है, और यही ग्रह-गणना को श्रीनगर की स्थानीय लय से बाँधता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

श्रीनगर में 27 जून 2026 को राहु काल कब है?
श्रीनगर में 27 जून 2026 को राहु काल प्रातः 08:58 से प्रातः 10:46 तक रहता है। यह करीब 90 मिनट की खिड़की राहु के अधीन होती है और नया काम, यात्रा या शुभ कार्य शुरू करने से आमतौर पर बचा जाता है। यह समय हर दिन सूर्योदय के अनुसार बदलता है, इसलिए हर शहर में अलग होता है।
श्रीनगर में 27 जून 2026 को सूर्योदय प्रातः 05:22 बजे क्यों होता है?
श्रीनगर में 27 जून 2026 को सूर्योदय प्रातः 05:22 बजे होता है — यह शहर के अक्षांश (34.08°N) और इस तारीख को पृथ्वी के झुकाव से तय होता है। सूर्योदय और सूर्यास्त (सायं 19:45) वैदिक दिन की लंबाई तय करते हैं और राहु काल से लेकर चौघड़िया तक सभी गणनाएँ श्रीनगर के स्थानीय क्षितिज से जोड़ते हैं।
श्रीनगर में 27 जून 2026 को कौन-सा योग है?
श्रीनगर में 27 जून 2026 को साध्य योग है, जो प्रातः 11:38 से दोपहर 12:32 तक सक्रिय रहता है। पंचांग में योग सूर्य और चन्द्र की मिली-जुली स्थिति से बनता है और 27 योगों के चक्र में घूमता है। साध्य योग का अपना स्वभाव होता है जो दिन के कामों की शुभता पर असर डालता है।

संबंधित पंचांग पृष्ठ

दैनिक प्रामाणिकता

तांत्रिक बंदा खिड़कियाँ

Beri

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Rohitaka

रोहितक

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त्रि-ग्रह योग महासाधना

- Muhurta Chintamani, Brihat Samhita, Dharmasindhu

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नक्षत्र-वार योग साधना

- Muhurta Chintamani, Brihat Samhita

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अनुराधा नक्षत्र मित्र साधना

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Tila Homa (Sesame Oblation)

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Sankalpa Vrata

संकल्प व्रत

- Dharmasindhu, Vrata Ratnakara

Rudra Abhisheka & Homa

रुद्र अभिषेक एवं होम

- Yajur Veda, Shatarudriya

Siddha Yoga Maha Sadhana

सिद्ध योग महासाधना

- Muhurta Chintamani, Dharmasindhu

दिन दुर्लभता अंक

0.6934206198461952/ 100

श्रीनगर — 27 जून

सूर्योदय
प्रातः 05:22
सूर्यास्त
सायं 19:45
तिथि
त्रयोदशी (शुक्ल पक्ष)
नक्षत्र
अनुराधा (द्वितीय पाद)
योग
साध्य
करण
कौलव, तैतिल
माह
आषाढ
चन्द्र राशि
वृश्चिक → धनु
सूर्य राशि
मिथुन
राहु काल
प्रातः 08:58–प्रातः 10:46
शुभ चौघड़िया
शुभ (प्रातः 07:10–प्रातः 08:58)
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