Kundlitkundlit
चौघड़िया · सैन फ्रांसिस्को

चौघड़ियासैन फ्रांसिस्को13 सितम्बर 2025

शनिवार · भाद्रपद · कृष्ण पक्ष

निरयण · लाहिड़ी
तिथि
सप्तमी
नक्षत्र
रोहिणी
योग
वज्र
करण
बव
वार
शनिवार

Waning Gibbous

Sunrise 06:51 — Sunset 19:18 · day 12h 27m

60% illuminated · decreasing

पंचांग — पाँच अंग पञ्चाङ्ग

तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार, उनके समाप्ति समय के साथ, साथ ही मास और चंद्रमा तथा सूर्य की राशि — इस शहर के सूर्योदय के अनुसार गणना। आधी रात के बाद का समय पारंपरिक विस्तारित घड़ी में दिखता है (जैसे 27:23 = अगली सुबह 03:23)।

तिथि
Saptamiसप्तमी16:34 तक
What this means

The lunar day. It is set by how far the Moon has pulled ahead of the Sun — each 12 degrees of separation is one tithi. The tithi shapes which activities the tradition favours, and it ends at the time shown, when the next one begins.

Muhurta ChintamaniTithi-prakaranam (Nanda/Bhadra/Jaya/Rikta/Purna tithi-types)
नक्षत्र
Rohiniरोहिणी20:11 तक
What this means

The Moon's star-mansion — the patch of sky it sits in today, one of 27. Each nakshatra has its own temperament that classical texts use to judge what the day is good for.

Brihat SamhitaNakshatra chapters (nakshatra qualities)
योग
Vajraवज्र19:05 तक
What this means

A combined Sun-and-Moon measure (one of 27 nitya-yogas) — not the physical posture practice. A few yogas, such as Vyatipata and Vaidhriti, are best avoided; most are ordinary.

Muhurta ChintamaniYoga enumeration (tyajya-yoga list, v. 33)
करण
Bavaबव16:34 तक
What this means

Half of a tithi — each lunar day holds two karanas. One of them, Vishti (also called Bhadra), is treated as inauspicious; the rest are workable.

BPHSKarana-jnana-vidhi (11 karanas including Vishti)
वार
Shanivaraशनिवार
What this means

The weekday and its ruling planet. Each day's planet colours which tasks the tradition recommends — e.g. Thursday (Jupiter) for auspicious beginnings.

Muhurta ChintamaniVara-prakaranam (weekday lords)
मास
Bhadrapadaभाद्रपद
What this means

The lunar month. India uses two reckonings — Amanta (new-moon to new-moon) and Purnimanta (full-moon to full-moon) — so the name can differ by region. An 'Adhika' (extra) month is inserted to keep the lunar and solar years aligned.

Nirnaya SindhuAdhikamasa-nirnaya (intercalary month)
पक्ष
कृष्ण पक्ष (घटता चंद्र)
What this means

The fortnight. Shukla is the waxing half (Moon growing toward full); Krishna is the waning half (toward the new moon).

Calendar definition

चंद्र राशि
Vrishabha
What this means

The zodiac sign the Moon occupies now. Together with your birth Moon-sign it drives Chandrabala — the Moon's day-to-day favourability for you.

Muhurta Chintamani2.4-2.5 (Chandrabala)
सूर्य राशि
Simhaसिंह

निरयण (लाहिड़ी) गणना; अंग समाप्ति समय शहर के वास्तविक सूर्योदय के अनुसार। “अधिक मास” उस अतिरिक्त चंद्र मास को दर्शाता है जिसमें कोई सौर संक्रांति नहीं होती।

यह पंचांग कैसे गणना होती है

इस पृष्ठ का हर समय सूर्य और चंद्रमा की वास्तविक स्थिति से स्विस एफेमेरिस (वही उच्च-परिशुद्धता खगोलीय इंजन जिसे पेशेवर खगोलशास्त्री उपयोग करते हैं) से निकाला जाता है, किसी छपे पंचांग या तय तालिका से नहीं।

  • निरयण राशिचक्र, लाहिड़ी अयनांश — भारत सरकार के कैलेंडर में यही मानक है। सभी नक्षत्र, राशि, तिथि और योग की सीमाएँ इसी से बनती हैं।
  • स्थानीय वास्तविक सूर्योदय — मुहूर्त काल (राहु काल, चौघड़िया, होरा, अभिजित आदि) San Francisco के सटीक निर्देशांक के लिए गणना किए गए वास्तविक सूर्योदय से मापे जाते हैं, इसलिए वे आपके स्थान के लिए सही होते हैं, कोई क्षेत्रीय अनुमान नहीं।
  • दो मास परंपराएँ — हम अमांत (अमावस्या से अमावस्या) और पूर्णिमांत (पूर्णिमा से पूर्णिमा) दोनों चंद्र मास दिखाते हैं, क्योंकि भारत के अलग-अलग क्षेत्र अलग परंपरा मानते हैं; अधिक (मलमास) मास होने पर उसे अंकित किया जाता है।

महत्व और शुभ/अशुभ संकेत शास्त्रीय ग्रंथों (मुहूर्त चिंतामणि, बृहत् संहिता, पुराण आदि) से लिए जाते हैं और साथ में उद्धृत किए जाते हैं — हम कभी ऐसा प्रभाव नहीं बताते जो ग्रंथ में न हो।

आपका आज का पंचांग

अपना जन्म नक्षत्र और चंद्र राशि एक बार चुनें — फिर हम आज का आपका ताराबल और चंद्रबल पढ़कर बता देंगे। यह सिर्फ़ इसी डिवाइस पर सेव होता है; हमारे सर्वर पर कभी नहीं जाता।

आज क्या करना शुभ है?

आप जो करने वाले हैं वह चुनें। हम आज के पंचांग को शास्त्रीय मुहूर्त नियम से जाँचकर बताते हैं कि यह शुभ है या नहीं, सबसे अच्छा समय कौन-सा है, और यह किस ग्रंथ से है।

Choghadiya details (text table)
NameDevanagariPlanetPeriodStartEndQuality
KaalकालSaturnday06:5108:24bad
ShubhशुभJupiterday08:2409:58good
RogरोगMarsday09:5811:31bad
Udvegउद्वेगSunday11:3113:05bad
CharचरVenusday13:0514:38neutral
LabhलाभMercuryday14:3816:11good
AmritअमृतMoonday16:1117:45good
KaalकालSaturnday17:4519:18bad
LabhलाभMercurynight19:1820:45good
AmritअमृतMoonnight20:4522:11good
KaalकालSaturnnight22:1123:38bad
ShubhशुभJupiternight23:3801:05good
RogरोगMarsnight01:0502:31bad
Udvegउद्वेगSunnight02:3103:58bad
CharचरVenusnight03:5805:24neutral
LabhलाभMercurynight05:2406:51good
समय विवरण (तालिका)
कालआरंभसमाप्तिप्रकार
Rahu Kala09:5811:31अशुभ
Yamaghanda Kala06:5108:24अशुभ
Gulika Kala06:5108:24अशुभ
Abhijit Muhurta12:4013:29शुभ

शुभ मुहूर्त शुभ मुहूर्त

सूर्योदय और नक्षत्र के आधार पर बने वे समय जिन्हें शास्त्रीय मुहूर्त ग्रंथ साधना, अध्ययन और नई शुरुआत के लिए बताते हैं।

Brahma Muhurta

ब्रह्म मुहूर्त

05:15 – 06:03

Pratah Sandhya

प्रातः सन्ध्या

05:46 – 06:51

Vijaya Muhurta

विजय मुहूर्त

15:09 – 15:59

Godhuli Muhurta

गोधूलि मुहूर्त

19:06 – 19:30

Sayahna Sandhya

सायाह्न सन्ध्या

19:18 – 20:23

Nishita Muhurta

निशीथ मुहूर्त

24:41 – 01:29

Amrita Kalam

अमृत कालम्

02:56 – 04:26

स्रोत: मुहूर्त चिंतामणि; निर्णय सिंधु। उप-काल की गणना सूर्योदय + शहर के निर्देशांक पर सूर्य नक्षत्र की स्थिति से।

अशुभ काल अशुभ काल

राहु काल, यमगंड और गुलिक (ऊपर दिन की समय-रेखा में दिखाए गए) के अलावा, नई शुरुआत के लिए टालने योग्य शास्त्रीय काल।

Varjyam

वर्ज्यम्

12:41 – 14:11

नक्षत्र से निकला वह काल जिसे शास्त्र टालने को कहते हैं।

Dur Muhurtam 1

दुर्मुहूर्तम्

06:51 – 07:41

वार के अनुसार तय अशुभ उप-मुहूर्त।

Dur Muhurtam 2

दुर्मुहूर्तम्

07:41 – 08:31

वार के अनुसार तय अशुभ उप-मुहूर्त।

स्रोत: मुहूर्त चिंतामणि; धर्म सिंधु। उप-काल की गणना सूर्योदय + नक्षत्र की स्थिति से।

आज का सूर्य सूर्य

सूर्य की राशि और नक्षत्र — ऊपर हीरो में दिखाए गए चंद्र-पक्ष की तिथि और नक्षत्र का सूर्य-पक्ष पूरक।

सूर्य राशि

Simha#5

सूर्य नक्षत्र

Uttara Phalguni उत्तराफाल्गुनी

पाद 1 / 4

आज चंद्र पाद परिवर्तन

  • 08:54
  • 14:34
  • 20:14
  • 01:53

स्रोत: लाहिड़ी (चित्रपक्ष) निरयण गणना। पाद की गणना नक्षत्र को 3° 20′ के 4 बराबर भागों में बाँटकर।

हिंदू वर्ष विक्रम संवत्

इस वर्ष के विक्रम, शक और गुजराती संवत, साथ में 60-वर्षीय शासन-चक्र से चक्र का नाम (संवत्सर)।

विक्रम संवत

2082

Vishvavasu विश्वावसु

वर्ष हब देखें

शक संवत

1947

Plavanga प्लवङ्ग

गुजराती संवत

2081

Krodhi क्रोधी

मंत्री मंडल — वर्ष शासन

पददेवता
RajaSun
MantriSun

बाकी शासन पद (8) इंजन द्वारा हल होते ही भर जाएँगे।

स्रोत: निर्णय सिंधु; सूर्यसिद्धांत। संवत्सर 60-वर्षीय बृहस्पति चक्र से।

दैनिक दिशाएँ दिशा

मुहूर्त चुनने में काम आने वाली दिन की दिशाएँ — यात्रा के लिए दिशा शूल, यज्ञ के लिए अग्निवास, लाभ की दिशा के लिए चंद्र/राहु वास, अनुष्ठान के समय के लिए शिववास।

Disha Shool

East पूर्व

अशुभ

स्रोत: Avoid travel toward this direction today

Chandra Vasa

South दक्षिण

शुभ

स्रोत: Direction favored by today's moon position

Rahu Vasa

West पश्चिम

अशुभ

स्रोत: Direction occupied by Rahu; avoid offerings facing here

Agnivasa

Prithvi पृथ्वी

शुभ

स्रोत: Agni's dwelling for homa-suitability assessment

Shiva Vasa

Kailasha कैलाश

शुभ

स्रोत: Shiva's location for rudrabhisheka timing

Homahuti

Jupiter गुरु

शुभ

स्रोत: Benefic planet: offering auspicious

आज की बल तालिका

ताराबल और चंद्रबल — मुहूर्त चुनने में काम आने वाली दो शास्त्रीय बल जाँच। यदि आपका जन्म नक्षत्र या जन्म राशि अनुकूल सूची में आए, तो दिन नई शुरुआत के लिए ठीक है।

आज अनुकूल जन्म राशियाँ

Vrishabha, Karka, Simha, Vrishchika, Dhanu, Meena

ताराबल — सभी 27 जन्म नक्षत्र
#जन्म नक्षत्रतारागुण
1AshwiniKshema क्षेमसामान्य
2BharaniVipat विपत्सामान्य
3KrittikaSampat सम्पत्सामान्य
4RohiniJanma जन्मसामान्य
5MrigashiraAti-Mitra अतिमित्रसामान्य
6ArdraMitra मित्रसामान्य
7PunarvasuVadha वधसामान्य
8PushyaSadhaka साधकसामान्य
9AshleshaPratyari प्रत्यरिसामान्य
10MaghaKshema क्षेमसामान्य
11Purva PhalguniVipat विपत्सामान्य
12Uttara PhalguniSampat सम्पत्सामान्य
13HastaJanma जन्मसामान्य
14ChitraAti-Mitra अतिमित्रसामान्य
15SwatiMitra मित्रसामान्य
16VishakhaVadha वधसामान्य
17AnuradhaSadhaka साधकसामान्य
18JyeshthaPratyari प्रत्यरिसामान्य
19MulaKshema क्षेमसामान्य
20Purva AshadhaVipat विपत्सामान्य
21Uttara AshadhaSampat सम्पत्सामान्य
22ShravanaJanma जन्मसामान्य
23DhanishthaAti-Mitra अतिमित्रसामान्य
24ShatabhishaMitra मित्रसामान्य
25Purva BhadrapadaVadha वधसामान्य
26Uttara BhadrapadaSadhaka साधकसामान्य
27RevatiPratyari प्रत्यरिसामान्य
चंद्रबल — सभी 12 जन्म राशि
#जन्म राशिजन्म से भावअनुकूल
1Mesha2नहीं
2Vrishabha1हाँ
3Mithuna12नहीं
4Karka11हाँ
5Simha10हाँ
6Kanya9नहीं
7Tula8नहीं
8Vrishchika7हाँ
9Dhanu6हाँ
10Makara5नहीं
11Kumbha4नहीं
12Meena3हाँ

स्रोत: मुहूर्त चिंतामणि; बृहत् संहिता। ताराबल जन्म-नक्षत्र से आज के नक्षत्र तक 9-चक्र का उपयोग करता है।

उदय लग्न (उगती राशि) समय-रेखा

दिन के हर समय पूर्वी क्षितिज पर कौन सी राशि उग रही है। खंड की चौड़ाई वास्तविक उदय अवधि के अनुपात में है।
सभी 13 खंड (तालिका)
#राशिआरंभसमाप्ति
5Simha सिंह06:5107:11
6Kanya कन्या07:1109:41
7Tula तुला09:4112:06
8Vrishchika वृश्चिक12:0614:31
9Dhanu धनु14:3116:36
10Makara मकर16:3618:06
11Kumbha कुम्भ18:0619:26
12Meena मीन19:2620:41
1Mesha मेष20:4122:06
2Vrishabha वृषभ22:0623:56
3Mithuna मिथुन23:5602:11
4Karka कर्क02:1104:41
5Simha सिंह04:4106:51

पंचक रहित मुहूर्त पञ्चक रहित मुहूर्त

पंचक श्रेणी के अनुसार 15 शास्त्रीय दिन-मुहूर्त खंड। हरा = शुभ; गुलाबी = टालें। चौड़ाई वास्तविक अवधि के अनुपात में है।
सभी 15 खंड (तालिका)
#नामआरंभसमाप्तिगुण
1Agni अग्नि06:5107:41अशुभ
2Raja राज07:4108:31अशुभ
3Chora चोर08:3109:20अशुभ
4Shubha शुभ09:2010:10शुभ
5Roga रोग10:1011:00अशुभ
6Mrityu मृत्यु11:0011:50अशुभ
7Agni अग्नि11:5012:40अशुभ
8Raja राज12:4013:29अशुभ
9Chora चोर13:2914:19अशुभ
10Shubha शुभ14:1915:09शुभ
11Roga रोग15:0915:59अशुभ
12Mrityu मृत्यु15:5916:49अशुभ
13Agni अग्नि16:4917:39अशुभ
14Raja राज17:3918:28अशुभ
15Chora चोर18:2819:18अशुभ

स्रोत: मुहूर्त चिंतामणि; निर्णय सिंधु।

ऋतु और अयन

वैदिक ऋतु, अयन, दिन/रात की लंबाई और सौर-दोपहर — आज के पंचांग के आसपास का ऋतु ढाँचा।

ऋतु (वैदिक)

Varshaवर्षा

ऋतु (दृक)

Varshaवर्षा

अयन

Dakshinayanaदक्षिणायन

दिनमान

12h 27m

रात्रिमान

11h 33m

मध्याह्न

13:05

स्रोत: सूर्यसिद्धांत। दिनमान = सूर्योदय→सूर्यास्त के मिनट; मध्याह्न = स्थानीय सौर दोपहर।

चौघड़िया - सैन फ्रांसिस्को, 13 सितम्बर 2025

सैन फ्रांसिस्को के आकाश में शनिवार, 13 सितम्बर 2025 का दिन एक विशेष संयोग लेकर आता है। सूर्य प्रातः 06:51 बजे उगता है और सायं 19:18 बजे अस्त होता है, जिससे दिन में 12 घंटे 27 मिनट का उजाला मिलता है। आज की तिथि कृष्ण पक्ष की सप्तमी है, और नक्षत्र रोहिणी रहेगा। आज वज्र योग रहेगा — यही दिन के मूल पंचांग की पहचान बनाता है। ब्रह्म मुहूर्त — सुबह से पहले का ध्यान-काल — प्रातः 05:15 से प्रातः 06:03 तक रहता है, जो पूजा और अध्ययन के लिए सबसे शुभ माना जाता है।

प्रातः 09:58 से प्रातः 11:31 तक राहु काल रहता है, इसलिए सैन फ्रांसिस्को में इस खिड़की में शुभ काम रोक कर रखें। शनिवार का दिशाशूल पूर्व दिशा है; इस दिशा में नया प्रस्थान न करें तो अच्छा। शुभ पक्ष में शुभ चौघड़िया (प्रातः 08:24–प्रातः 09:58) दिन की सबसे अच्छी खिड़की है। चन्द्र के स्वामित्व वाला रोहिणी नक्षत्र इस प्राचीन पंचांग को सैन फ्रांसिस्को के क्षितिज तक ले आता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सैन फ्रांसिस्को में 13 सितम्बर 2025 को राहु काल कब है?
सैन फ्रांसिस्को में 13 सितम्बर 2025 को राहु काल प्रातः 09:58 से प्रातः 11:31 तक रहता है। यह करीब 90 मिनट की खिड़की राहु के अधीन होती है और नया काम, यात्रा या शुभ कार्य शुरू करने से आमतौर पर बचा जाता है। यह समय हर दिन सूर्योदय के अनुसार बदलता है, इसलिए हर शहर में अलग होता है।
सैन फ्रांसिस्को में 13 सितम्बर 2025 को सूर्योदय प्रातः 06:51 बजे क्यों होता है?
सैन फ्रांसिस्को में 13 सितम्बर 2025 को सूर्योदय प्रातः 06:51 बजे होता है — यह शहर के अक्षांश (37.77°N) और इस तारीख को पृथ्वी के झुकाव से तय होता है। सूर्योदय और सूर्यास्त (सायं 19:18) वैदिक दिन की लंबाई तय करते हैं और राहु काल से लेकर चौघड़िया तक सभी गणनाएँ सैन फ्रांसिस्को के स्थानीय क्षितिज से जोड़ते हैं।
सैन फ्रांसिस्को में 13 सितम्बर 2025 को कौन-सा योग है?
सैन फ्रांसिस्को में 13 सितम्बर 2025 को वज्र योग है, जो रात्रि 22:02 से सायं 19:05 तक सक्रिय रहता है। पंचांग में योग सूर्य और चन्द्र की मिली-जुली स्थिति से बनता है और 27 योगों के चक्र में घूमता है। वज्र योग का अपना स्वभाव होता है जो दिन के कामों की शुभता पर असर डालता है।

संबंधित पंचांग पृष्ठ

दैनिक प्रामाणिकता

तांत्रिक बंदा खिड़कियाँ

Tulsi (Intellect prayoga)

तुलसी (बुद्धि प्रयोग)

स्रोत:

Vat (Rohini/P.Phalguni alt)

वट (रोहिणी व पू. फाल्गुनी)

स्रोत:

साधना विधान

Amrit Siddhi Yoga Sadhana

अमृत सिद्धि योग साधना

- Muhurta Chintamani, Dharmasindhu

Amrit Siddhi Yoga Diksha Sadhana

अमृत सिद्धि योग दीक्षा साधना

- Muhurta Chintamani, Mantra Mahodadhi

Surya Saptami Arghya Puja

सूर्य सप्तमी अर्घ्य पूजा

- Aditya Hridaya Stotra, Surya Siddhanta

Bava Karana Auspicious Puja

बव करण शुभ पूजा

- Muhurta Chintamani

दिन दुर्लभता अंक

0.3094012663539396/ 100

सैन फ्रांसिस्को — 13 सितम्बर

सूर्योदय
प्रातः 06:51
सूर्यास्त
सायं 19:18
तिथि
सप्तमी (कृष्ण पक्ष)
नक्षत्र
रोहिणी (द्वितीय पाद)
योग
वज्र
करण
बव
माह
भाद्रपद
चन्द्र राशि
वृषभ
सूर्य राशि
सिंह
राहु काल
प्रातः 09:58–प्रातः 11:31
शुभ चौघड़िया
शुभ (प्रातः 08:24–प्रातः 09:58)
Embed this Choghadiya on your site
Theme
Width
HTML iframe
<iframe src="https://kundlit.com/embed/choghadiya?city=San+Francisco" width="360" height="420" loading="lazy" referrerpolicy="no-referrer-when-downgrade" style="border:0;border-radius:12px;max-width:100%" title="Choghadiya — Kundlit"></iframe>
WordPress
[iframe src="https://kundlit.com/embed/choghadiya?city=San+Francisco" width="360" height="420"]
URL only
https://kundlit.com/embed/choghadiya?city=San+Francisco

Free to embed, including on commercial sites. Attribution is built into the widget — please don't remove it. The widget loads ~3KB of styles and one live API call; no cookies, no tracking scripts.

Live preview