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चौघड़िया · मेरठ

चौघड़ियामेरठ19 अक्टूबर 2025

रविवार · कार्तिक · कृष्ण पक्ष

निरयण · लाहिड़ी
तिथि
त्रयोदशी
नक्षत्र
उत्तराफाल्गुनी
योग
इन्द्र
करण
वणिज
वार
रविवार

Waning Crescent

Sunrise 06:23 — Sunset 17:44 · day 11h 20m

6% illuminated · decreasing

पंचांग — पाँच अंग पञ्चाङ्ग

तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार, उनके समाप्ति समय के साथ, साथ ही मास और चंद्रमा तथा सूर्य की राशि — इस शहर के सूर्योदय के अनुसार गणना। आधी रात के बाद का समय पारंपरिक विस्तारित घड़ी में दिखता है (जैसे 27:23 = अगली सुबह 03:23)।

तिथि
Trayodashiत्रयोदशी13:52 तक
What this means

The lunar day. It is set by how far the Moon has pulled ahead of the Sun — each 12 degrees of separation is one tithi. The tithi shapes which activities the tradition favours, and it ends at the time shown, when the next one begins.

Muhurta ChintamaniTithi-prakaranam (Nanda/Bhadra/Jaya/Rikta/Purna tithi-types)
नक्षत्र
Uttara Phalguniउत्तराफाल्गुनी17:49 तक
What this means

The Moon's star-mansion — the patch of sky it sits in today, one of 27. Each nakshatra has its own temperament that classical texts use to judge what the day is good for.

Brihat SamhitaNakshatra chapters (nakshatra qualities)
योग
Indraइन्द्र26:04 तक
What this means

A combined Sun-and-Moon measure (one of 27 nitya-yogas) — not the physical posture practice. A few yogas, such as Vyatipata and Vaidhriti, are best avoided; most are ordinary.

Muhurta ChintamaniYoga enumeration (tyajya-yoga list, v. 33)
करण
Vanijaवणिज13:52 तक
What this means

Half of a tithi — each lunar day holds two karanas. One of them, Vishti (also called Bhadra), is treated as inauspicious; the rest are workable.

BPHSKarana-jnana-vidhi (11 karanas including Vishti)
वार
Ravivaraरविवार
What this means

The weekday and its ruling planet. Each day's planet colours which tasks the tradition recommends — e.g. Thursday (Jupiter) for auspicious beginnings.

Muhurta ChintamaniVara-prakaranam (weekday lords)
मास
Kartikaकार्तिक
What this means

The lunar month. India uses two reckonings — Amanta (new-moon to new-moon) and Purnimanta (full-moon to full-moon) — so the name can differ by region. An 'Adhika' (extra) month is inserted to keep the lunar and solar years aligned.

Nirnaya SindhuAdhikamasa-nirnaya (intercalary month)
पक्ष
कृष्ण पक्ष (घटता चंद्र)
What this means

The fortnight. Shukla is the waxing half (Moon growing toward full); Krishna is the waning half (toward the new moon).

Calendar definition

चंद्र राशि
Kanya
What this means

The zodiac sign the Moon occupies now. Together with your birth Moon-sign it drives Chandrabala — the Moon's day-to-day favourability for you.

Muhurta Chintamani2.4-2.5 (Chandrabala)
सूर्य राशि
Tulaतुला

निरयण (लाहिड़ी) गणना; अंग समाप्ति समय शहर के वास्तविक सूर्योदय के अनुसार। “अधिक मास” उस अतिरिक्त चंद्र मास को दर्शाता है जिसमें कोई सौर संक्रांति नहीं होती।

यह पंचांग कैसे गणना होती है

इस पृष्ठ का हर समय सूर्य और चंद्रमा की वास्तविक स्थिति से स्विस एफेमेरिस (वही उच्च-परिशुद्धता खगोलीय इंजन जिसे पेशेवर खगोलशास्त्री उपयोग करते हैं) से निकाला जाता है, किसी छपे पंचांग या तय तालिका से नहीं।

  • निरयण राशिचक्र, लाहिड़ी अयनांश — भारत सरकार के कैलेंडर में यही मानक है। सभी नक्षत्र, राशि, तिथि और योग की सीमाएँ इसी से बनती हैं।
  • स्थानीय वास्तविक सूर्योदय — मुहूर्त काल (राहु काल, चौघड़िया, होरा, अभिजित आदि) Meerut के सटीक निर्देशांक के लिए गणना किए गए वास्तविक सूर्योदय से मापे जाते हैं, इसलिए वे आपके स्थान के लिए सही होते हैं, कोई क्षेत्रीय अनुमान नहीं।
  • दो मास परंपराएँ — हम अमांत (अमावस्या से अमावस्या) और पूर्णिमांत (पूर्णिमा से पूर्णिमा) दोनों चंद्र मास दिखाते हैं, क्योंकि भारत के अलग-अलग क्षेत्र अलग परंपरा मानते हैं; अधिक (मलमास) मास होने पर उसे अंकित किया जाता है।

महत्व और शुभ/अशुभ संकेत शास्त्रीय ग्रंथों (मुहूर्त चिंतामणि, बृहत् संहिता, पुराण आदि) से लिए जाते हैं और साथ में उद्धृत किए जाते हैं — हम कभी ऐसा प्रभाव नहीं बताते जो ग्रंथ में न हो।

आपका आज का पंचांग

अपना जन्म नक्षत्र और चंद्र राशि एक बार चुनें — फिर हम आज का आपका ताराबल और चंद्रबल पढ़कर बता देंगे। यह सिर्फ़ इसी डिवाइस पर सेव होता है; हमारे सर्वर पर कभी नहीं जाता।

आज क्या करना शुभ है?

आप जो करने वाले हैं वह चुनें। हम आज के पंचांग को शास्त्रीय मुहूर्त नियम से जाँचकर बताते हैं कि यह शुभ है या नहीं, सबसे अच्छा समय कौन-सा है, और यह किस ग्रंथ से है।

Choghadiya details (text table)
NameDevanagariPlanetPeriodStartEndQuality
Udvegउद्वेगSunday06:2307:48bad
CharचरVenusday07:4809:13neutral
LabhलाभMercuryday09:1310:38good
AmritअमृतMoonday10:3812:03good
KaalकालSaturnday12:0313:28bad
ShubhशुभJupiterday13:2814:54good
RogरोगMarsday14:5416:19bad
Udvegउद्वेगSunday16:1917:44bad
ShubhशुभJupiternight17:4419:19good
RogरोगMarsnight19:1920:54bad
Udvegउद्वेगSunnight20:5422:28bad
CharचरVenusnight22:2824:03neutral
LabhलाभMercurynight24:0301:38good
AmritअमृतMoonnight01:3803:13good
KaalकालSaturnnight03:1304:48bad
ShubhशुभJupiternight04:4806:23good
समय विवरण (तालिका)
कालआरंभसमाप्तिप्रकार
Rahu Kala16:1917:44अशुभ
Yamaghanda Kala12:0313:28अशुभ
Gulika Kala14:5416:19अशुभ
Abhijit Muhurta11:4112:26शुभ

शुभ मुहूर्त शुभ मुहूर्त

सूर्योदय और नक्षत्र के आधार पर बने वे समय जिन्हें शास्त्रीय मुहूर्त ग्रंथ साधना, अध्ययन और नई शुरुआत के लिए बताते हैं।

Brahma Muhurta

ब्रह्म मुहूर्त

04:47 – 05:35

Pratah Sandhya

प्रातः सन्ध्या

05:18 – 06:23

Vijaya Muhurta

विजय मुहूर्त

13:57 – 14:42

Godhuli Muhurta

गोधूलि मुहूर्त

17:32 – 17:56

Sayahna Sandhya

सायाह्न सन्ध्या

17:44 – 18:49

Nishita Muhurta

निशीथ मुहूर्त

23:39 – 24:27

Amrita Kalam

अमृत कालम्

21:47 – 23:32

स्रोत: मुहूर्त चिंतामणि; निर्णय सिंधु। उप-काल की गणना सूर्योदय + शहर के निर्देशांक पर सूर्य नक्षत्र की स्थिति से।

अशुभ काल अशुभ काल

राहु काल, यमगंड और गुलिक (ऊपर दिन की समय-रेखा में दिखाए गए) के अलावा, नई शुरुआत के लिए टालने योग्य शास्त्रीय काल।

Varjyam

वर्ज्यम्

23:32 – 01:16

नक्षत्र से निकला वह काल जिसे शास्त्र टालने को कहते हैं।

Dur Muhurtam 14

दुर्मुहूर्तम्

16:13 – 16:58

वार के अनुसार तय अशुभ उप-मुहूर्त।

स्रोत: मुहूर्त चिंतामणि; धर्म सिंधु। उप-काल की गणना सूर्योदय + नक्षत्र की स्थिति से।

आज का सूर्य सूर्य

सूर्य की राशि और नक्षत्र — ऊपर हीरो में दिखाए गए चंद्र-पक्ष की तिथि और नक्षत्र का सूर्य-पक्ष पूरक।

सूर्य राशि

Tula#7

सूर्य नक्षत्र

Chitra चित्रा

पाद 3 / 4

आज चंद्र पाद परिवर्तन

  • 11:17
  • 17:51
  • 24:26

स्रोत: लाहिड़ी (चित्रपक्ष) निरयण गणना। पाद की गणना नक्षत्र को 3° 20′ के 4 बराबर भागों में बाँटकर।

हिंदू वर्ष विक्रम संवत्

इस वर्ष के विक्रम, शक और गुजराती संवत, साथ में 60-वर्षीय शासन-चक्र से चक्र का नाम (संवत्सर)।

विक्रम संवत

2082

Vishvavasu विश्वावसु

वर्ष हब देखें

शक संवत

1947

Plavanga प्लवङ्ग

गुजराती संवत

2081

Krodhi क्रोधी

मंत्री मंडल — वर्ष शासन

पददेवता
RajaSun
MantriSun

बाकी शासन पद (8) इंजन द्वारा हल होते ही भर जाएँगे।

स्रोत: निर्णय सिंधु; सूर्यसिद्धांत। संवत्सर 60-वर्षीय बृहस्पति चक्र से।

दैनिक दिशाएँ दिशा

मुहूर्त चुनने में काम आने वाली दिन की दिशाएँ — यात्रा के लिए दिशा शूल, यज्ञ के लिए अग्निवास, लाभ की दिशा के लिए चंद्र/राहु वास, अनुष्ठान के समय के लिए शिववास।

Disha Shool

West पश्चिम

अशुभ

स्रोत: Avoid travel toward this direction today

Chandra Vasa

South दक्षिण

शुभ

स्रोत: Direction favored by today's moon position

Rahu Vasa

Southwest नैऋत्य

अशुभ

स्रोत: Direction occupied by Rahu; avoid offerings facing here

Agnivasa

Prithvi पृथ्वी

शुभ

स्रोत: Agni's dwelling for homa-suitability assessment

Shiva Vasa

Krida क्रीडा

अशुभ

स्रोत: Shiva's location for rudrabhisheka timing

Homahuti

Ketu केतु

अशुभ

स्रोत: Khala planet: offering inauspicious (खलग्रह के मुख में होमाहुति शुभ नहीं होती)

आज की बल तालिका

ताराबल और चंद्रबल — मुहूर्त चुनने में काम आने वाली दो शास्त्रीय बल जाँच। यदि आपका जन्म नक्षत्र या जन्म राशि अनुकूल सूची में आए, तो दिन नई शुरुआत के लिए ठीक है।

आज अनुकूल जन्म राशियाँ

Mesha, Karka, Kanya, Vrishchika, Dhanu, Meena

ताराबल — सभी 27 जन्म नक्षत्र
#जन्म नक्षत्रतारागुण
1AshwiniVipat विपत्सामान्य
2BharaniSampat सम्पत्सामान्य
3KrittikaJanma जन्मसामान्य
4RohiniAti-Mitra अतिमित्रसामान्य
5MrigashiraMitra मित्रसामान्य
6ArdraVadha वधसामान्य
7PunarvasuSadhaka साधकसामान्य
8PushyaPratyari प्रत्यरिसामान्य
9AshleshaKshema क्षेमसामान्य
10MaghaVipat विपत्सामान्य
11Purva PhalguniSampat सम्पत्सामान्य
12Uttara PhalguniJanma जन्मसामान्य
13HastaAti-Mitra अतिमित्रसामान्य
14ChitraMitra मित्रसामान्य
15SwatiVadha वधसामान्य
16VishakhaSadhaka साधकसामान्य
17AnuradhaPratyari प्रत्यरिसामान्य
18JyeshthaKshema क्षेमसामान्य
19MulaVipat विपत्सामान्य
20Purva AshadhaSampat सम्पत्सामान्य
21Uttara AshadhaJanma जन्मसामान्य
22ShravanaAti-Mitra अतिमित्रसामान्य
23DhanishthaMitra मित्रसामान्य
24ShatabhishaVadha वधसामान्य
25Purva BhadrapadaSadhaka साधकसामान्य
26Uttara BhadrapadaPratyari प्रत्यरिसामान्य
27RevatiKshema क्षेमसामान्य
चंद्रबल — सभी 12 जन्म राशि
#जन्म राशिजन्म से भावअनुकूल
1Mesha6हाँ
2Vrishabha5नहीं
3Mithuna4नहीं
4Karka3हाँ
5Simha2नहीं
6Kanya1हाँ
7Tula12नहीं
8Vrishchika11हाँ
9Dhanu10हाँ
10Makara9नहीं
11Kumbha8नहीं
12Meena7हाँ

स्रोत: मुहूर्त चिंतामणि; बृहत् संहिता। ताराबल जन्म-नक्षत्र से आज के नक्षत्र तक 9-चक्र का उपयोग करता है।

उदय लग्न (उगती राशि) समय-रेखा

दिन के हर समय पूर्वी क्षितिज पर कौन सी राशि उग रही है। खंड की चौड़ाई वास्तविक उदय अवधि के अनुपात में है।
सभी 13 खंड (तालिका)
#राशिआरंभसमाप्ति
7Tula तुला06:2308:38
8Vrishchika वृश्चिक08:3810:58
9Dhanu धनु10:5813:03
10Makara मकर13:0314:43
11Kumbha कुम्भ14:4316:13
12Meena मीन16:1317:38
1Mesha मेष17:3819:13
2Vrishabha वृषभ19:1321:08
3Mithuna मिथुन21:0823:23
4Karka कर्क23:2301:43
5Simha सिंह01:4303:58
6Kanya कन्या03:5806:18
7Tula तुला06:1806:23

पंचक रहित मुहूर्त पञ्चक रहित मुहूर्त

पंचक श्रेणी के अनुसार 15 शास्त्रीय दिन-मुहूर्त खंड। हरा = शुभ; गुलाबी = टालें। चौड़ाई वास्तविक अवधि के अनुपात में है।
सभी 15 खंड (तालिका)
#नामआरंभसमाप्तिगुण
1Chora चोर06:2307:09अशुभ
2Shubha शुभ07:0907:54शुभ
3Roga रोग07:5408:39अशुभ
4Mrityu मृत्यु08:3909:25अशुभ
5Agni अग्नि09:2510:10अशुभ
6Raja राज10:1010:55अशुभ
7Chora चोर10:5511:41अशुभ
8Shubha शुभ11:4112:26शुभ
9Roga रोग12:2613:11अशुभ
10Mrityu मृत्यु13:1113:57अशुभ
11Agni अग्नि13:5714:42अशुभ
12Raja राज14:4215:28अशुभ
13Chora चोर15:2816:13अशुभ
14Shubha शुभ16:1316:58शुभ
15Roga रोग16:5817:44अशुभ

स्रोत: मुहूर्त चिंतामणि; निर्णय सिंधु।

ऋतु और अयन

वैदिक ऋतु, अयन, दिन/रात की लंबाई और सौर-दोपहर — आज के पंचांग के आसपास का ऋतु ढाँचा।

ऋतु (वैदिक)

Sharadशरद्

ऋतु (दृक)

Sharadशरद्

अयन

Dakshinayanaदक्षिणायन

दिनमान

11h 20m

रात्रिमान

12h 40m

मध्याह्न

12:03

स्रोत: सूर्यसिद्धांत। दिनमान = सूर्योदय→सूर्यास्त के मिनट; मध्याह्न = स्थानीय सौर दोपहर।

चौघड़िया - मेरठ, 19 अक्टूबर 2025

रविवार, 19 अक्टूबर 2025 को मेरठ का पंचांग एक खास लय लेकर आता है। आज सूर्योदय प्रातः 06:23 बजे होता है और अपराह्ण 17:44 बजे अस्त होता है, जिससे दिन में 11 घंटे 20 मिनट का उजाला मिलता है। आज की तिथि कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी है, और नक्षत्र उत्तराफाल्गुनी रहेगा। आज इन्द्र योग रहेगा — यही दिन के मूल पंचांग की पहचान बनाता है। ब्रह्म मुहूर्त — सुबह से पहले का ध्यान-काल — रात्रि 04:47 से प्रातः 05:35 तक रहता है, जो पूजा और अध्ययन के लिए सबसे शुभ माना जाता है।

अपराह्ण 16:19 से अपराह्ण 17:44 तक राहु काल रहता है, इसलिए मेरठ में इस खिड़की में शुभ काम रोक कर रखें। रविवार का दिशाशूल पश्चिम दिशा है; इस दिशा में नया प्रस्थान न करें तो अच्छा। शुभ पक्ष में लाभ चौघड़िया (प्रातः 09:13–प्रातः 10:38) दिन की सबसे अच्छी खिड़की है। सूर्य के स्वामित्व वाला उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र इस प्राचीन पंचांग को मेरठ के क्षितिज तक ले आता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मेरठ में 19 अक्टूबर 2025 को राहु काल कब है?
मेरठ में 19 अक्टूबर 2025 को राहु काल अपराह्ण 16:19 से अपराह्ण 17:44 तक रहता है। यह करीब 90 मिनट की खिड़की राहु के अधीन होती है और नया काम, यात्रा या शुभ कार्य शुरू करने से आमतौर पर बचा जाता है। यह समय हर दिन सूर्योदय के अनुसार बदलता है, इसलिए हर शहर में अलग होता है।
मेरठ में 19 अक्टूबर 2025 को सूर्योदय प्रातः 06:23 बजे क्यों होता है?
मेरठ में 19 अक्टूबर 2025 को सूर्योदय प्रातः 06:23 बजे होता है — यह शहर के अक्षांश (28.98°N) और इस तारीख को पृथ्वी के झुकाव से तय होता है। सूर्योदय और सूर्यास्त (अपराह्ण 17:44) वैदिक दिन की लंबाई तय करते हैं और राहु काल से लेकर चौघड़िया तक सभी गणनाएँ मेरठ के स्थानीय क्षितिज से जोड़ते हैं।
मेरठ में 19 अक्टूबर 2025 को कौन-सा योग है?
मेरठ में 19 अक्टूबर 2025 को इन्द्र योग है, जो रात्रि 01:48 से रात्रि 02:04 तक सक्रिय रहता है। पंचांग में योग सूर्य और चन्द्र की मिली-जुली स्थिति से बनता है और 27 योगों के चक्र में घूमता है। इन्द्र योग का अपना स्वभाव होता है जो दिन के कामों की शुभता पर असर डालता है।

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इन्द्र योग साधना

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त्रयोदशी प्रदोष व्रत

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दिन दुर्लभता अंक

0.3071874917278944/ 100

मेरठ — 19 अक्टूबर

सूर्योदय
प्रातः 06:23
सूर्यास्त
अपराह्ण 17:44
तिथि
त्रयोदशी (कृष्ण पक्ष)
नक्षत्र
उत्तराफाल्गुनी (तृतीय पाद)
योग
इन्द्र
करण
वणिज
माह
कार्तिक
चन्द्र राशि
कन्या
सूर्य राशि
तुला
राहु काल
अपराह्ण 16:19–अपराह्ण 17:44
शुभ चौघड़िया
लाभ (प्रातः 09:13–प्रातः 10:38)
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