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चौघड़िया · ग्वालियर

चौघड़ियाग्वालियर14 जुलाई 2027

बुधवार · आषाढ · शुक्ल पक्ष

निरयण · लाहिड़ी
तिथि
एकादशी
नक्षत्र
अनुराधा
योग
शुभ
करण
विष्टि
वार
बुधवार

Waxing Gibbous

Sunrise 05:34 — Sunset 19:11 · day 13h 36m

81% illuminated · increasing

पंचांग — पाँच अंग पञ्चाङ्ग

तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार, उनके समाप्ति समय के साथ, साथ ही मास और चंद्रमा तथा सूर्य की राशि — इस शहर के सूर्योदय के अनुसार गणना। आधी रात के बाद का समय पारंपरिक विस्तारित घड़ी में दिखता है (जैसे 27:23 = अगली सुबह 03:23)।

तिथि
Ekadashiएकादशी13:10 तकफिर Dwadashiद्वादशी38:40 तक
What this means

The lunar day. It is set by how far the Moon has pulled ahead of the Sun — each 12 degrees of separation is one tithi. The tithi shapes which activities the tradition favours, and it ends at the time shown, when the next one begins.

Muhurta ChintamaniTithi-prakaranam (Nanda/Bhadra/Jaya/Rikta/Purna tithi-types)
नक्षत्र
Anuradhaअनुराधा27:18 तकफिर Jyeshthaज्येष्ठा53:39 तक
What this means

The Moon's star-mansion — the patch of sky it sits in today, one of 27. Each nakshatra has its own temperament that classical texts use to judge what the day is good for.

Brihat SamhitaNakshatra chapters (nakshatra qualities)
योग
Shubhaशुभ12:49 तकफिर Shuklaशुक्ल37:03 तक
What this means

A combined Sun-and-Moon measure (one of 27 nitya-yogas) — not the physical posture practice. A few yogas, such as Vyatipata and Vaidhriti, are best avoided; most are ordinary.

Muhurta ChintamaniYoga enumeration (tyajya-yoga list, v. 33)
करण
Vishtiविष्टि13:10 तकफिर Bavaबव25:52 तकक्रम: Vishti (13:10)Bava (25:52)Balava (38:40)
What this means

Half of a tithi — each lunar day holds two karanas. One of them, Vishti (also called Bhadra), is treated as inauspicious; the rest are workable.

BPHSKarana-jnana-vidhi (11 karanas including Vishti)
वार
Budhavaraबुधवार
What this means

The weekday and its ruling planet. Each day's planet colours which tasks the tradition recommends — e.g. Thursday (Jupiter) for auspicious beginnings.

Muhurta ChintamaniVara-prakaranam (weekday lords)
मास (अमांत)
Ashadhaआषाढप्रविष्टे/गते: 30
What this means

The lunar month. India uses two reckonings — Amanta (new-moon to new-moon) and Purnimanta (full-moon to full-moon) — so the name can differ by region. An 'Adhika' (extra) month is inserted to keep the lunar and solar years aligned.

Nirnaya SindhuAdhikamasa-nirnaya (intercalary month)
मास (पूर्णिमांत)
Ashadhaआषाढ
पक्ष
शुक्ल पक्ष (बढ़ता चंद्र)
What this means

The fortnight. Shukla is the waxing half (Moon growing toward full); Krishna is the waning half (toward the new moon).

Calendar definition

चंद्र राशि
Vrishchikaवृश्चिक53:39 तकफिर Dhanuधनु
What this means

The zodiac sign the Moon occupies now. Together with your birth Moon-sign it drives Chandrabala — the Moon's day-to-day favourability for you.

Muhurta Chintamani2.4-2.5 (Chandrabala)
सूर्य राशि
Mithunaमिथुन

निरयण (लाहिड़ी) गणना; अंग समाप्ति समय शहर के वास्तविक सूर्योदय के अनुसार। “अधिक मास” उस अतिरिक्त चंद्र मास को दर्शाता है जिसमें कोई सौर संक्रांति नहीं होती।

यह पंचांग कैसे गणना होती है

इस पृष्ठ का हर समय सूर्य और चंद्रमा की वास्तविक स्थिति से स्विस एफेमेरिस (वही उच्च-परिशुद्धता खगोलीय इंजन जिसे पेशेवर खगोलशास्त्री उपयोग करते हैं) से निकाला जाता है, किसी छपे पंचांग या तय तालिका से नहीं।

  • निरयण राशिचक्र, लाहिड़ी अयनांश — भारत सरकार के कैलेंडर में यही मानक है (इस तिथि का अयनांश: 24.2417°)। सभी नक्षत्र, राशि, तिथि और योग की सीमाएँ इसी से बनती हैं।
  • स्थानीय वास्तविक सूर्योदय — मुहूर्त काल (राहु काल, चौघड़िया, होरा, अभिजित आदि) Gwalior के सटीक निर्देशांक के लिए गणना किए गए वास्तविक सूर्योदय से मापे जाते हैं, इसलिए वे आपके स्थान के लिए सही होते हैं, कोई क्षेत्रीय अनुमान नहीं।
  • दो मास परंपराएँ — हम अमांत (अमावस्या से अमावस्या) और पूर्णिमांत (पूर्णिमा से पूर्णिमा) दोनों चंद्र मास दिखाते हैं, क्योंकि भारत के अलग-अलग क्षेत्र अलग परंपरा मानते हैं; अधिक (मलमास) मास होने पर उसे अंकित किया जाता है।

महत्व और शुभ/अशुभ संकेत शास्त्रीय ग्रंथों (मुहूर्त चिंतामणि, बृहत् संहिता, पुराण आदि) से लिए जाते हैं और साथ में उद्धृत किए जाते हैं — हम कभी ऐसा प्रभाव नहीं बताते जो ग्रंथ में न हो।

आपका आज का पंचांग

अपना जन्म नक्षत्र और चंद्र राशि एक बार चुनें — फिर हम आज का आपका ताराबल और चंद्रबल पढ़कर बता देंगे। यह सिर्फ़ इसी डिवाइस पर सेव होता है; हमारे सर्वर पर कभी नहीं जाता।

आज क्या करना शुभ है?

आप जो करने वाले हैं वह चुनें। हम आज के पंचांग को शास्त्रीय मुहूर्त नियम से जाँचकर बताते हैं कि यह शुभ है या नहीं, सबसे अच्छा समय कौन-सा है, और यह किस ग्रंथ से है।

Choghadiya details (text table)
NameDevanagariPlanetPeriodStartEndQuality
LabhलाभMercuryday05:3407:16good
AmritअमृतMoonday07:1608:58good
KaalकालSaturnday08:5810:40bad
ShubhशुभJupiterday10:4012:23good
RogरोगMarsday12:2314:05bad
Udvegउद्वेगSunday14:0515:47bad
CharचरVenusday15:4717:29neutral
LabhलाभMercuryday17:2919:11good
Udvegउद्वेगSunnight19:1120:29bad
CharचरVenusnight20:2921:47neutral
LabhलाभMercurynight21:4723:05good
AmritअमृतMoonnight23:0524:23good
KaalकालSaturnnight24:2301:40bad
ShubhशुभJupiternight01:4002:58good
RogरोगMarsnight02:5804:16bad
Udvegउद्वेगSunnight04:1605:34bad
समय विवरण (तालिका)
कालआरंभसमाप्तिप्रकार
Rahu Kala12:2314:05अशुभ
Yamaghanda Kala14:0515:47अशुभ
Gulika Kala10:4012:23अशुभ
Abhijit Muhurta11:5512:50शुभ

शुभ मुहूर्त शुभ मुहूर्त

सूर्योदय और नक्षत्र के आधार पर बने वे समय जिन्हें शास्त्रीय मुहूर्त ग्रंथ साधना, अध्ययन और नई शुरुआत के लिए बताते हैं।

Brahma Muhurta

ब्रह्म मुहूर्त

03:58 – 04:46

Pratah Sandhya

प्रातः सन्ध्या

04:29 – 05:34

Vijaya Muhurta

विजय मुहूर्त

14:39 – 15:33

Godhuli Muhurta

गोधूलि मुहूर्त

18:59 – 19:23

Sayahna Sandhya

सायाह्न सन्ध्या

19:11 – 20:16

Nishita Muhurta

निशीथ मुहूर्त

23:59 – 24:47

Amrita Kalam

अमृत कालम्

10:01 – 11:44

स्रोत: मुहूर्त चिंतामणि; निर्णय सिंधु। उप-काल की गणना सूर्योदय + शहर के निर्देशांक पर सूर्य नक्षत्र की स्थिति से।

अशुभ काल अशुभ काल

राहु काल, यमगंड और गुलिक (ऊपर दिन की समय-रेखा में दिखाए गए) के अलावा, नई शुरुआत के लिए टालने योग्य शास्त्रीय काल।
भद्रा24:36 – 13:10

Varjyam

वर्ज्यम्

05:41 – 07:25

नक्षत्र से निकला वह काल जिसे शास्त्र टालने को कहते हैं।

Dur Muhurtam 8

दुर्मुहूर्तम्

11:55 – 12:50

वार के अनुसार तय अशुभ उप-मुहूर्त।

स्रोत: मुहूर्त चिंतामणि; धर्म सिंधु। उप-काल की गणना सूर्योदय + नक्षत्र की स्थिति से।

आज का सूर्य सूर्य

सूर्य की राशि और नक्षत्र — ऊपर हीरो में दिखाए गए चंद्र-पक्ष की तिथि और नक्षत्र का सूर्य-पक्ष पूरक।

सूर्य राशि

Mithuna#3

सूर्य नक्षत्र

Punarvasu पुनर्वसु

पाद 3 / 4

आज चंद्र पाद परिवर्तन

  • 07:49
  • 14:19
  • 20:49
  • 03:19

स्रोत: लाहिड़ी (चित्रपक्ष) निरयण गणना। पाद की गणना नक्षत्र को 3° 20′ के 4 बराबर भागों में बाँटकर।

हिंदू वर्ष विक्रम संवत्

इस वर्ष के विक्रम, शक और गुजराती संवत, साथ में 60-वर्षीय शासन-चक्र से चक्र का नाम (संवत्सर)।

विक्रम संवत

2084

Plavanga प्लवङ्ग (25 Feb 2028 तक)

वर्ष हब देखें

शक संवत

1949

Saumya सौम्य

गुजराती संवत

2083

Parabhava पराभव

मंत्री मंडल — वर्ष शासन

पददेवता
RajaMercury
SasyadhipatiSaturn

बाकी शासन पद (8) इंजन द्वारा हल होते ही भर जाएँगे।

स्रोत: निर्णय सिंधु; सूर्यसिद्धांत। संवत्सर 60-वर्षीय बृहस्पति चक्र से।

दैनिक दिशाएँ दिशा

मुहूर्त चुनने में काम आने वाली दिन की दिशाएँ — यात्रा के लिए दिशा शूल, यज्ञ के लिए अग्निवास, लाभ की दिशा के लिए चंद्र/राहु वास, अनुष्ठान के समय के लिए शिववास।

Disha Shool

North उत्तर

अशुभ

स्रोत: Avoid travel toward this direction today

Nakshatra Shool

North उत्तर

अशुभ

स्रोत: Avoid travel toward this direction while today's nakshatra prevails

Chandra Vasa

North उत्तर

शुभ

स्रोत: Direction favored by today's moon position

Rahu Vasa

Southeast आग्नेय

अशुभ

स्रोत: Direction occupied by Rahu; avoid offerings facing here

Agnivasa

Swarga स्वर्ग

शुभ

स्रोत: Agni's dwelling for homa-suitability assessment

Shiva Vasa

Smashana श्मशान

अशुभ

स्रोत: Shiva's location for rudrabhisheka timing

Homahuti

Saturn शनि

अशुभ

स्रोत: Khala planet: offering inauspicious (खलग्रह के मुख में होमाहुति शुभ नहीं होती)

Anandadi Yoga

Saumya सौम्य

शुभ

स्रोत: Auspicious day-yoga (Anandadi)

तमिल योग தமிழ் யோகம்

नक्षत्र और वार से बना दिन का तमिल-परंपरा का योग — तमिल मुहूर्त में काम आने वाला सिद्ध / अमृत / मरण / मुशल परिवार।

Tamil Yoga

Amrita अमृत

शुभ

स्रोत: Auspicious Tamil yoga

आज की बल तालिका

ताराबल और चंद्रबल — मुहूर्त चुनने में काम आने वाली दो शास्त्रीय बल जाँच। यदि आपका जन्म नक्षत्र या जन्म राशि अनुकूल सूची में आए, तो दिन नई शुरुआत के लिए ठीक है।

आज अनुकूल जन्म राशियाँ

Vrishabha, Mithuna, Kanya, Vrishchika, Makara, Kumbha

चंद्राष्टम (टालें): Mesha

ताराबल — सभी 27 जन्म नक्षत्र
#जन्म नक्षत्रतारागुण
1AshwiniMitra मित्रअनुकूल
2BharaniVadha वधप्रतिकूल
3KrittikaSadhaka साधकअनुकूल
4RohiniPratyari प्रत्यरिप्रतिकूल
5MrigashiraKshema क्षेमअनुकूल
6ArdraVipat विपत्प्रतिकूल
7PunarvasuSampat सम्पत्अनुकूल
8PushyaJanma जन्मप्रतिकूल
9AshleshaAti-Mitra अतिमित्रअनुकूल
10MaghaMitra मित्रअनुकूल
11Purva PhalguniVadha वधप्रतिकूल
12Uttara PhalguniSadhaka साधकअनुकूल
13HastaPratyari प्रत्यरिप्रतिकूल
14ChitraKshema क्षेमअनुकूल
15SwatiVipat विपत्प्रतिकूल
16VishakhaSampat सम्पत्अनुकूल
17AnuradhaJanma जन्मप्रतिकूल
18JyeshthaAti-Mitra अतिमित्रअनुकूल
19MulaMitra मित्रअनुकूल
20Purva AshadhaVadha वधप्रतिकूल
21Uttara AshadhaSadhaka साधकअनुकूल
22ShravanaPratyari प्रत्यरिप्रतिकूल
23DhanishthaKshema क्षेमअनुकूल
24ShatabhishaVipat विपत्प्रतिकूल
25Purva BhadrapadaSampat सम्पत्अनुकूल
26Uttara BhadrapadaJanma जन्मप्रतिकूल
27RevatiAti-Mitra अतिमित्रअनुकूल
चंद्रबल — सभी 12 जन्म राशि
#जन्म राशिजन्म से भावअनुकूल
1Mesha8नहीं
2Vrishabha7हाँ
3Mithuna6हाँ
4Karka5नहीं
5Simha4नहीं
6Kanya3हाँ
7Tula2नहीं
8Vrishchika1हाँ
9Dhanu12नहीं
10Makara11हाँ
11Kumbha10हाँ
12Meena9नहीं

स्रोत: मुहूर्त चिंतामणि; बृहत् संहिता। ताराबल जन्म-नक्षत्र से आज के नक्षत्र तक 9-चक्र का उपयोग करता है।

उदय लग्न (उगती राशि) समय-रेखा

दिन के हर समय पूर्वी क्षितिज पर कौन सी राशि उग रही है। खंड की चौड़ाई वास्तविक उदय अवधि के अनुपात में है।
सभी 13 खंड (तालिका)
#राशिआरंभसमाप्ति
3Mithuna मिथुन05:3405:54
4Karka कर्क05:5408:09
5Simha सिंह08:0910:24
6Kanya कन्या10:2412:39
7Tula तुला12:3914:59
8Vrishchika वृश्चिक14:5917:14
9Dhanu धनु17:1419:19
10Makara मकर19:1921:04
11Kumbha कुम्भ21:0422:34
12Meena मीन22:3423:59
1Mesha मेष23:5901:39
2Vrishabha वृषभ01:3903:34
3Mithuna मिथुन03:3405:34

पंचक रहित मुहूर्त पञ्चक रहित मुहूर्त

पंचक श्रेणी के अनुसार 15 शास्त्रीय दिन-मुहूर्त खंड। हरा = शुभ; गुलाबी = टालें। चौड़ाई वास्तविक अवधि के अनुपात में है।
सभी 15 खंड (तालिका)
#नामआरंभसमाप्तिगुण
1Mrityu मृत्यु05:3406:29अशुभ
2Agni अग्नि06:2907:23अशुभ
3Raja राज07:2308:18अशुभ
4Chora चोर08:1809:12अशुभ
5Shubha शुभ09:1210:06शुभ
6Roga रोग10:0611:01अशुभ
7Mrityu मृत्यु11:0111:55अशुभ
8Agni अग्नि11:5512:50अशुभ
9Raja राज12:5013:44अशुभ
10Chora चोर13:4414:39अशुभ
11Shubha शुभ14:3915:33शुभ
12Roga रोग15:3316:27अशुभ
13Mrityu मृत्यु16:2717:22अशुभ
14Agni अग्नि17:2218:16अशुभ
15Raja राज18:1619:11अशुभ

स्रोत: मुहूर्त चिंतामणि; निर्णय सिंधु।

ऋतु और अयन

वैदिक ऋतु, अयन, दिन/रात की लंबाई और सौर-दोपहर — आज के पंचांग के आसपास का ऋतु ढाँचा।

ऋतु (वैदिक)

Grishmaग्रीष्म

ऋतु (दृक)

Grishmaग्रीष्म

अयन

Uttarayanaउत्तरायण

दिनमान

13h 36m

रात्रिमान

10h 24m

मध्याह्न

12:23

स्रोत: सूर्यसिद्धांत। दिनमान = सूर्योदय→सूर्यास्त के मिनट; मध्याह्न = स्थानीय सौर दोपहर।

पंचांग और युग पञ्चाङ्ग गणना

इस तिथि के लिए संदर्भ दिन-गणना और कैलेंडर पहचान — कलियुग वर्ष, अहर्गण, जूलियन दिन और राष्ट्रीय (शक) नागरिक तिथियाँ।
पंचांग / युग विवरण
कलियुग वर्ष5128
कलि अहर्गण1873135
जूलियन दिन2461600.5
संशोधित जूलियन दिन61600
राता डाई740176
राष्ट्रीय नागरिक (शक)Ashadha 23, 1949 Shaka
राष्ट्रीय निरयण (शक)Ashadha 30, 1949 Shaka
लाहिड़ी अयनांश24.2417°

दिन के जूलियन दिन और लाहिड़ी अयनांश से निकाला गया।

चौघड़िया - ग्वालियर, 14 जुलाई 2027

बुधवार, 14 जुलाई 2027 — ग्वालियर के लिए यह दिन पंचांग की दृष्टि से ध्यान देने योग्य है। दिन की शुरुआत प्रातः 05:34 बजे सूर्योदय से होती है और सायं 19:11 बजे अस्त होता है, जिससे दिन में 13 घंटे 36 मिनट का उजाला मिलता है। आज की तिथि शुक्ल पक्ष की एकादशी है, और नक्षत्र अनुराधा रहेगा। आज शुभ योग रहेगा — यही दिन के मूल पंचांग की पहचान बनाता है। ब्रह्म मुहूर्त — सुबह से पहले का ध्यान-काल — रात्रि 03:58 से रात्रि 04:46 तक रहता है, जो पूजा और अध्ययन के लिए सबसे शुभ माना जाता है।

दोपहर 12:23 से अपराह्ण 14:05 तक राहु काल रहता है, इसलिए ग्वालियर में इस खिड़की में शुभ काम रोक कर रखें। बुधवार का दिशाशूल उत्तर दिशा है; इस दिशा में नया प्रस्थान न करें तो अच्छा। शुभ पक्ष में लाभ चौघड़िया (प्रातः 05:34–प्रातः 07:16) दिन की सबसे अच्छी खिड़की है। शनि के स्वामित्व वाला अनुराधा नक्षत्र इस प्राचीन पंचांग को ग्वालियर के क्षितिज तक ले आता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ग्वालियर में 14 जुलाई 2027 को राहु काल कब है?
ग्वालियर में 14 जुलाई 2027 को राहु काल दोपहर 12:23 से अपराह्ण 14:05 तक रहता है। यह करीब 90 मिनट की खिड़की राहु के अधीन होती है और नया काम, यात्रा या शुभ कार्य शुरू करने से आमतौर पर बचा जाता है। यह समय हर दिन सूर्योदय के अनुसार बदलता है, इसलिए हर शहर में अलग होता है।
ग्वालियर में 14 जुलाई 2027 को सूर्योदय प्रातः 05:34 बजे क्यों होता है?
ग्वालियर में 14 जुलाई 2027 को सूर्योदय प्रातः 05:34 बजे होता है — यह शहर के अक्षांश (26.22°N) और इस तारीख को पृथ्वी के झुकाव से तय होता है। सूर्योदय और सूर्यास्त (सायं 19:11) वैदिक दिन की लंबाई तय करते हैं और राहु काल से लेकर चौघड़िया तक सभी गणनाएँ ग्वालियर के स्थानीय क्षितिज से जोड़ते हैं।
क्या 14 जुलाई 2027 को एकादशी है?
हाँ, ग्वालियर से देखने पर 14 जुलाई 2027 को शुक्ल एकादशी है। एकादशी तिथि दोपहर 12:09 से अपराह्ण 13:10 तक रहती है। एकादशी वैष्णव परंपरा की सबसे पवित्र तिथियों में से एक है — भक्त व्रत रखते हैं, अन्न से परहेज़ करते हैं और दिनभर जप-पाठ करते हैं।

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दिन दुर्लभता अंक

0.31088336643526826/ 100

ग्वालियर — 14 जुलाई

सूर्योदय
प्रातः 05:34
सूर्यास्त
सायं 19:11
तिथि
एकादशी (शुक्ल पक्ष)
नक्षत्र
अनुराधा (प्रथम पाद)
योग
शुभ
करण
विष्टि, बव
माह
आषाढ
चन्द्र राशि
वृश्चिक → धनु
सूर्य राशि
मिथुन
राहु काल
दोपहर 12:23–अपराह्ण 14:05
शुभ चौघड़िया
लाभ (प्रातः 05:34–प्रातः 07:16)
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