Kundlitkundlit
चौघड़िया · डलास

चौघड़ियाडलास11 जनवरी 2027

सोमवार · पौष · शुक्ल पक्ष

निरयण · लाहिड़ी
तिथि
चतुर्थी
नक्षत्र
शतभिषा
योग
व्यतीपात
करण
वणिज
वार
सोमवार

Waxing Crescent

Sunrise 07:31 — Sunset 17:38 · day 10h 08m

12% illuminated · increasing

पंचांग — पाँच अंग पञ्चाङ्ग

तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार, उनके समाप्ति समय के साथ, साथ ही मास और चंद्रमा तथा सूर्य की राशि — इस शहर के सूर्योदय के अनुसार गणना। आधी रात के बाद का समय पारंपरिक विस्तारित घड़ी में दिखता है (जैसे 27:23 = अगली सुबह 03:23)।

तिथि
Chaturthiचतुर्थी23:59 तक
What this means

The lunar day. It is set by how far the Moon has pulled ahead of the Sun — each 12 degrees of separation is one tithi. The tithi shapes which activities the tradition favours, and it ends at the time shown, when the next one begins.

Muhurta ChintamaniTithi-prakaranam (Nanda/Bhadra/Jaya/Rikta/Purna tithi-types)
नक्षत्र
Shatabhishaशतभिषा32:44 तक
What this means

The Moon's star-mansion — the patch of sky it sits in today, one of 27. Each nakshatra has its own temperament that classical texts use to judge what the day is good for.

Brihat SamhitaNakshatra chapters (nakshatra qualities)
योग
Vyatipataव्यतीपात30:27 तक
What this means

A combined Sun-and-Moon measure (one of 27 nitya-yogas) — not the physical posture practice. A few yogas, such as Vyatipata and Vaidhriti, are best avoided; most are ordinary.

Muhurta ChintamaniYoga enumeration (tyajya-yoga list, v. 33)
करण
Vanijaवणिज11:02 तक
What this means

Half of a tithi — each lunar day holds two karanas. One of them, Vishti (also called Bhadra), is treated as inauspicious; the rest are workable.

BPHSKarana-jnana-vidhi (11 karanas including Vishti)
वार
Somavaraसोमवार
What this means

The weekday and its ruling planet. Each day's planet colours which tasks the tradition recommends — e.g. Thursday (Jupiter) for auspicious beginnings.

Muhurta ChintamaniVara-prakaranam (weekday lords)
मास
Paushaपौष
What this means

The lunar month. India uses two reckonings — Amanta (new-moon to new-moon) and Purnimanta (full-moon to full-moon) — so the name can differ by region. An 'Adhika' (extra) month is inserted to keep the lunar and solar years aligned.

Nirnaya SindhuAdhikamasa-nirnaya (intercalary month)
पक्ष
शुक्ल पक्ष (बढ़ता चंद्र)
What this means

The fortnight. Shukla is the waxing half (Moon growing toward full); Krishna is the waning half (toward the new moon).

Calendar definition

चंद्र राशि
Kumbha
What this means

The zodiac sign the Moon occupies now. Together with your birth Moon-sign it drives Chandrabala — the Moon's day-to-day favourability for you.

Muhurta Chintamani2.4-2.5 (Chandrabala)
सूर्य राशि
Dhanuधनु

निरयण (लाहिड़ी) गणना; अंग समाप्ति समय शहर के वास्तविक सूर्योदय के अनुसार। “अधिक मास” उस अतिरिक्त चंद्र मास को दर्शाता है जिसमें कोई सौर संक्रांति नहीं होती।

यह पंचांग कैसे गणना होती है

इस पृष्ठ का हर समय सूर्य और चंद्रमा की वास्तविक स्थिति से स्विस एफेमेरिस (वही उच्च-परिशुद्धता खगोलीय इंजन जिसे पेशेवर खगोलशास्त्री उपयोग करते हैं) से निकाला जाता है, किसी छपे पंचांग या तय तालिका से नहीं।

  • निरयण राशिचक्र, लाहिड़ी अयनांश — भारत सरकार के कैलेंडर में यही मानक है। सभी नक्षत्र, राशि, तिथि और योग की सीमाएँ इसी से बनती हैं।
  • स्थानीय वास्तविक सूर्योदय — मुहूर्त काल (राहु काल, चौघड़िया, होरा, अभिजित आदि) Dallas के सटीक निर्देशांक के लिए गणना किए गए वास्तविक सूर्योदय से मापे जाते हैं, इसलिए वे आपके स्थान के लिए सही होते हैं, कोई क्षेत्रीय अनुमान नहीं।
  • दो मास परंपराएँ — हम अमांत (अमावस्या से अमावस्या) और पूर्णिमांत (पूर्णिमा से पूर्णिमा) दोनों चंद्र मास दिखाते हैं, क्योंकि भारत के अलग-अलग क्षेत्र अलग परंपरा मानते हैं; अधिक (मलमास) मास होने पर उसे अंकित किया जाता है।

महत्व और शुभ/अशुभ संकेत शास्त्रीय ग्रंथों (मुहूर्त चिंतामणि, बृहत् संहिता, पुराण आदि) से लिए जाते हैं और साथ में उद्धृत किए जाते हैं — हम कभी ऐसा प्रभाव नहीं बताते जो ग्रंथ में न हो।

आपका आज का पंचांग

अपना जन्म नक्षत्र और चंद्र राशि एक बार चुनें — फिर हम आज का आपका ताराबल और चंद्रबल पढ़कर बता देंगे। यह सिर्फ़ इसी डिवाइस पर सेव होता है; हमारे सर्वर पर कभी नहीं जाता।

आज क्या करना शुभ है?

आप जो करने वाले हैं वह चुनें। हम आज के पंचांग को शास्त्रीय मुहूर्त नियम से जाँचकर बताते हैं कि यह शुभ है या नहीं, सबसे अच्छा समय कौन-सा है, और यह किस ग्रंथ से है।

Choghadiya details (text table)
NameDevanagariPlanetPeriodStartEndQuality
AmritअमृतMoonday07:3108:47good
KaalकालSaturnday08:4710:03bad
ShubhशुभJupiterday10:0311:19good
RogरोगMarsday11:1912:35bad
Udvegउद्वेगSunday12:3513:51bad
CharचरVenusday13:5115:07neutral
LabhलाभMercuryday15:0716:23good
AmritअमृतMoonday16:2317:38good
CharचरVenusnight17:3819:23neutral
LabhलाभMercurynight19:2321:07good
AmritअमृतMoonnight21:0722:51good
KaalकालSaturnnight22:5124:35bad
ShubhशुभJupiternight24:3502:19good
RogरोगMarsnight02:1904:03bad
Udvegउद्वेगSunnight04:0305:47bad
CharचरVenusnight05:4707:31neutral
समय विवरण (तालिका)
कालआरंभसमाप्तिप्रकार
Rahu Kala08:4710:03अशुभ
Yamaghanda Kala11:1912:35अशुभ
Gulika Kala13:5115:07अशुभ
Abhijit Muhurta12:1412:55शुभ

शुभ मुहूर्त शुभ मुहूर्त

सूर्योदय और नक्षत्र के आधार पर बने वे समय जिन्हें शास्त्रीय मुहूर्त ग्रंथ साधना, अध्ययन और नई शुरुआत के लिए बताते हैं।

Brahma Muhurta

ब्रह्म मुहूर्त

05:55 – 06:43

Pratah Sandhya

प्रातः सन्ध्या

06:26 – 07:31

Vijaya Muhurta

विजय मुहूर्त

14:16 – 14:56

Godhuli Muhurta

गोधूलि मुहूर्त

17:26 – 17:50

Sayahna Sandhya

सायाह्न सन्ध्या

17:38 – 18:43

Nishita Muhurta

निशीथ मुहूर्त

24:11 – 24:59

Amrita Kalam

अमृत कालम्

12:32 – 14:17

स्रोत: मुहूर्त चिंतामणि; निर्णय सिंधु। उप-काल की गणना सूर्योदय + शहर के निर्देशांक पर सूर्य नक्षत्र की स्थिति से।

अशुभ काल अशुभ काल

राहु काल, यमगंड और गुलिक (ऊपर दिन की समय-रेखा में दिखाए गए) के अलावा, नई शुरुआत के लिए टालने योग्य शास्त्रीय काल।

Varjyam

वर्ज्यम्

14:17 – 16:03

नक्षत्र से निकला वह काल जिसे शास्त्र टालने को कहते हैं।

Dur Muhurtam 12

दुर्मुहूर्तम्

14:56 – 15:37

वार के अनुसार तय अशुभ उप-मुहूर्त।

Dur Muhurtam 13

दुर्मुहूर्तम्

15:37 – 16:17

वार के अनुसार तय अशुभ उप-मुहूर्त।

स्रोत: मुहूर्त चिंतामणि; धर्म सिंधु। उप-काल की गणना सूर्योदय + नक्षत्र की स्थिति से।

आज का सूर्य सूर्य

सूर्य की राशि और नक्षत्र — ऊपर हीरो में दिखाए गए चंद्र-पक्ष की तिथि और नक्षत्र का सूर्य-पक्ष पूरक।

सूर्य राशि

Dhanu#9

सूर्य नक्षत्र

Uttara Ashadha उत्तराषाढा

पाद 1 / 4

आज चंद्र पाद परिवर्तन

  • 12:59
  • 19:34
  • 02:09

स्रोत: लाहिड़ी (चित्रपक्ष) निरयण गणना। पाद की गणना नक्षत्र को 3° 20′ के 4 बराबर भागों में बाँटकर।

हिंदू वर्ष विक्रम संवत्

इस वर्ष के विक्रम, शक और गुजराती संवत, साथ में 60-वर्षीय शासन-चक्र से चक्र का नाम (संवत्सर)।

विक्रम संवत

2084

Plavanga प्लवङ्ग

वर्ष हब देखें

शक संवत

1949

Saumya सौम्य

गुजराती संवत

2083

Parabhava पराभव

मंत्री मंडल — वर्ष शासन

पददेवता
RajaMoon
MantriMoon

बाकी शासन पद (8) इंजन द्वारा हल होते ही भर जाएँगे।

स्रोत: निर्णय सिंधु; सूर्यसिद्धांत। संवत्सर 60-वर्षीय बृहस्पति चक्र से।

दैनिक दिशाएँ दिशा

मुहूर्त चुनने में काम आने वाली दिन की दिशाएँ — यात्रा के लिए दिशा शूल, यज्ञ के लिए अग्निवास, लाभ की दिशा के लिए चंद्र/राहु वास, अनुष्ठान के समय के लिए शिववास।

Disha Shool

East पूर्व

अशुभ

स्रोत: Avoid travel toward this direction today

Chandra Vasa

West पश्चिम

शुभ

स्रोत: Direction favored by today's moon position

Rahu Vasa

Northwest वायव्य

अशुभ

स्रोत: Direction occupied by Rahu; avoid offerings facing here

Agnivasa

Akasha आकाश

सामान्य

स्रोत: Agni's dwelling for homa-suitability assessment

Shiva Vasa

Smashana श्मशान

अशुभ

स्रोत: Shiva's location for rudrabhisheka timing

Homahuti

Mercury बुध

शुभ

स्रोत: Benefic planet: offering auspicious

आज की बल तालिका

ताराबल और चंद्रबल — मुहूर्त चुनने में काम आने वाली दो शास्त्रीय बल जाँच। यदि आपका जन्म नक्षत्र या जन्म राशि अनुकूल सूची में आए, तो दिन नई शुरुआत के लिए ठीक है।

आज अनुकूल जन्म राशियाँ

Mesha, Vrishabha, Simha, Kanya, Dhanu, Kumbha

ताराबल — सभी 27 जन्म नक्षत्र
#जन्म नक्षत्रतारागुण
1AshwiniSadhaka साधकसामान्य
2BharaniPratyari प्रत्यरिसामान्य
3KrittikaKshema क्षेमसामान्य
4RohiniVipat विपत्सामान्य
5MrigashiraSampat सम्पत्सामान्य
6ArdraJanma जन्मसामान्य
7PunarvasuAti-Mitra अतिमित्रसामान्य
8PushyaMitra मित्रसामान्य
9AshleshaVadha वधसामान्य
10MaghaSadhaka साधकसामान्य
11Purva PhalguniPratyari प्रत्यरिसामान्य
12Uttara PhalguniKshema क्षेमसामान्य
13HastaVipat विपत्सामान्य
14ChitraSampat सम्पत्सामान्य
15SwatiJanma जन्मसामान्य
16VishakhaAti-Mitra अतिमित्रसामान्य
17AnuradhaMitra मित्रसामान्य
18JyeshthaVadha वधसामान्य
19MulaSadhaka साधकसामान्य
20Purva AshadhaPratyari प्रत्यरिसामान्य
21Uttara AshadhaKshema क्षेमसामान्य
22ShravanaVipat विपत्सामान्य
23DhanishthaSampat सम्पत्सामान्य
24ShatabhishaJanma जन्मसामान्य
25Purva BhadrapadaAti-Mitra अतिमित्रसामान्य
26Uttara BhadrapadaMitra मित्रसामान्य
27RevatiVadha वधसामान्य
चंद्रबल — सभी 12 जन्म राशि
#जन्म राशिजन्म से भावअनुकूल
1Mesha11हाँ
2Vrishabha10हाँ
3Mithuna9नहीं
4Karka8नहीं
5Simha7हाँ
6Kanya6हाँ
7Tula5नहीं
8Vrishchika4नहीं
9Dhanu3हाँ
10Makara2नहीं
11Kumbha1हाँ
12Meena12नहीं

स्रोत: मुहूर्त चिंतामणि; बृहत् संहिता। ताराबल जन्म-नक्षत्र से आज के नक्षत्र तक 9-चक्र का उपयोग करता है।

उदय लग्न (उगती राशि) समय-रेखा

दिन के हर समय पूर्वी क्षितिज पर कौन सी राशि उग रही है। खंड की चौड़ाई वास्तविक उदय अवधि के अनुपात में है।
सभी 13 खंड (तालिका)
#राशिआरंभसमाप्ति
9Dhanu धनु07:3107:46
10Makara मकर07:4609:26
11Kumbha कुम्भ09:2610:51
12Meena मीन10:5112:11
1Mesha मेष12:1113:41
2Vrishabha वृषभ13:4115:36
3Mithuna मिथुन15:3617:51
4Karka कर्क17:5120:16
5Simha सिंह20:1622:36
6Kanya कन्या22:3624:56
7Tula तुला24:5603:21
8Vrishchika वृश्चिक03:2105:41
9Dhanu धनु05:4107:31

पंचक रहित मुहूर्त पञ्चक रहित मुहूर्त

पंचक श्रेणी के अनुसार 15 शास्त्रीय दिन-मुहूर्त खंड। हरा = शुभ; गुलाबी = टालें। चौड़ाई वास्तविक अवधि के अनुपात में है।
सभी 15 खंड (तालिका)
#नामआरंभसमाप्तिगुण
1Shubha शुभ07:3108:11शुभ
2Roga रोग08:1108:52अशुभ
3Mrityu मृत्यु08:5209:32अशुभ
4Agni अग्नि09:3210:13अशुभ
5Raja राज10:1310:53अशुभ
6Chora चोर10:5311:34अशुभ
7Shubha शुभ11:3412:14शुभ
8Roga रोग12:1412:55अशुभ
9Mrityu मृत्यु12:5513:35अशुभ
10Agni अग्नि13:3514:16अशुभ
11Raja राज14:1614:56अशुभ
12Chora चोर14:5615:37अशुभ
13Shubha शुभ15:3716:17शुभ
14Roga रोग16:1716:58अशुभ
15Mrityu मृत्यु16:5817:38अशुभ

स्रोत: मुहूर्त चिंतामणि; निर्णय सिंधु।

ऋतु और अयन

वैदिक ऋतु, अयन, दिन/रात की लंबाई और सौर-दोपहर — आज के पंचांग के आसपास का ऋतु ढाँचा।

ऋतु (वैदिक)

Hemantaहेमन्त

ऋतु (दृक)

Hemantaहेमन्त

अयन

Dakshinayanaदक्षिणायन

दिनमान

10h 8m

रात्रिमान

13h 52m

मध्याह्न

12:35

स्रोत: सूर्यसिद्धांत। दिनमान = सूर्योदय→सूर्यास्त के मिनट; मध्याह्न = स्थानीय सौर दोपहर।

चौघड़िया - डलास, 11 जनवरी 2027

डलास में सोमवार, 11 जनवरी 2027 का दिन अपनी अलग ऊर्जा के साथ शुरू होता है। डलास में सूरज प्रातः 07:31 बजे निकलता है और अपराह्ण 17:38 बजे अस्त होता है, जिससे दिन में 10 घंटे 8 मिनट का उजाला मिलता है। तिथि चतुर्थी (शुक्ल पक्ष) है और दिन का नक्षत्र शतभिषा है। व्यतीपात योग पूरे दिन पर असर डालता है। डलास के लिए ब्रह्म मुहूर्त प्रातः 05:55 से प्रातः 06:43 तक है; यही वह समय है जिसे शास्त्र साधना और पढ़ाई के लिए सर्वोत्तम बताते हैं।

डलास में राहु काल प्रातः 08:47 से प्रातः 10:03 तक रहेगा — इस दौरान कोई नया काम शुरू न करें। दिशाशूल आज पूर्व की ओर है, इसलिए सोमवार को उस दिशा की यात्रा कुछ देर टाल दें। अच्छे समय के लिए अमृत चौघड़िया (प्रातः 07:31–प्रातः 08:47) सबसे उत्तम मुहूर्त है। शतभिषा नक्षत्र राहु के अधिकार में है, जिससे यह दिन आकाशीय समय और डलास की भूमि — दोनों से जुड़ जाता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

डलास में 11 जनवरी 2027 को राहु काल कब है?
डलास में 11 जनवरी 2027 को राहु काल प्रातः 08:47 से प्रातः 10:03 तक रहता है। यह करीब 90 मिनट की खिड़की राहु के अधीन होती है और नया काम, यात्रा या शुभ कार्य शुरू करने से आमतौर पर बचा जाता है। यह समय हर दिन सूर्योदय के अनुसार बदलता है, इसलिए हर शहर में अलग होता है।
डलास में 11 जनवरी 2027 को सूर्योदय प्रातः 07:31 बजे क्यों होता है?
डलास में 11 जनवरी 2027 को सूर्योदय प्रातः 07:31 बजे होता है — यह शहर के अक्षांश (32.78°N) और इस तारीख को पृथ्वी के झुकाव से तय होता है। सूर्योदय और सूर्यास्त (अपराह्ण 17:38) वैदिक दिन की लंबाई तय करते हैं और राहु काल से लेकर चौघड़िया तक सभी गणनाएँ डलास के स्थानीय क्षितिज से जोड़ते हैं।
डलास में 11 जनवरी 2027 को कौन-सा योग है?
डलास में 11 जनवरी 2027 को व्यतीपात योग है, जो प्रातः 06:08 से प्रातः 06:27 तक सक्रिय रहता है। पंचांग में योग सूर्य और चन्द्र की मिली-जुली स्थिति से बनता है और 27 योगों के चक्र में घूमता है। व्यतीपात योग का अपना स्वभाव होता है जो दिन के कामों की शुभता पर असर डालता है।

संबंधित पंचांग पृष्ठ

दैनिक प्रामाणिकता

तांत्रिक बंदा खिड़कियाँ

Kela

केला

स्रोत:

Kadamba (Shatabhisha — Varuna)

कदम्ब (शतभिषा — वरुण)

स्रोत:

साधना विधान

Vyatipata Yoga Dosha Nivaran

व्यतीपात योग दोष निवारण

- Dharmasindhu, Nirnaya Sindhu

Ganesha Puja & Modaka Offering

गणेश पूजा

- Ganesha Purana

Sankalpa Vrata

संकल्प व्रत

- Dharmasindhu, Vrata Ratnakara

Devi Kavacham Patha

देवी कवचम् पाठ

- Devi Mahatmya, Markandeya Purana

Chaturthi Ganesha Vrata

चतुर्थी गणेश व्रत

- Ganesha Purana, Mudgala Purana

दिन दुर्लभता अंक

0.30498478134153906/ 100

डलास — 11 जनवरी

सूर्योदय
प्रातः 07:31
सूर्यास्त
अपराह्ण 17:38
तिथि
चतुर्थी (शुक्ल पक्ष)
नक्षत्र
शतभिषा (प्रथम पाद)
योग
व्यतीपात
करण
वणिज
माह
पौष
चन्द्र राशि
कुम्भ
सूर्य राशि
धनु
राहु काल
प्रातः 08:47–प्रातः 10:03
शुभ चौघड़िया
अमृत (प्रातः 07:31–प्रातः 08:47)
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