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चौघड़िया · डलास

चौघड़ियाडलास10 जून 2026

बुधवार · ज्येष्ठ · कृष्ण पक्ष

अधिक मासपंचक · Mrityu Panchakगंड मूलनिरयण · लाहिड़ी
तिथि
दशमी
नक्षत्र
रेवती
योग
सौभाग्य
करण
विष्टि
वार
बुधवार

Waning Crescent

Sunrise 06:19 — Sunset 20:33 · day 14h 14m

28% illuminated · decreasing

पंचांग — पाँच अंग पञ्चाङ्ग

तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार, उनके समाप्ति समय के साथ, साथ ही मास और चंद्रमा तथा सूर्य की राशि — इस शहर के सूर्योदय के अनुसार गणना। आधी रात के बाद का समय पारंपरिक विस्तारित घड़ी में दिखता है (जैसे 27:23 = अगली सुबह 03:23)।

तिथि
Dashamiदशमी14:28 तकफिर Ekadashiएकादशी36:06 तक
What this means

The lunar day. It is set by how far the Moon has pulled ahead of the Sun — each 12 degrees of separation is one tithi. The tithi shapes which activities the tradition favours, and it ends at the time shown, when the next one begins.

Muhurta ChintamaniTithi-prakaranam (Nanda/Bhadra/Jaya/Rikta/Purna tithi-types)
नक्षत्र
Revatiरेवती21:46 तकफिर Ashwiniअश्विनी43:58 तक
What this means

The Moon's star-mansion — the patch of sky it sits in today, one of 27. Each nakshatra has its own temperament that classical texts use to judge what the day is good for.

Brihat SamhitaNakshatra chapters (nakshatra qualities)
योग
Saubhagyaसौभाग्य17:33 तकफिर Shobhanaशोभन38:30 तक
What this means

A combined Sun-and-Moon measure (one of 27 nitya-yogas) — not the physical posture practice. A few yogas, such as Vyatipata and Vaidhriti, are best avoided; most are ordinary.

Muhurta ChintamaniYoga enumeration (tyajya-yoga list, v. 33)
करण
Vishtiविष्टि14:28 तकफिर Bavaबव25:22 तकक्रम: Vishti (14:28)Bava (25:22)Balava (36:06)
What this means

Half of a tithi — each lunar day holds two karanas. One of them, Vishti (also called Bhadra), is treated as inauspicious; the rest are workable.

BPHSKarana-jnana-vidhi (11 karanas including Vishti)
वार
Budhavaraबुधवार
What this means

The weekday and its ruling planet. Each day's planet colours which tasks the tradition recommends — e.g. Thursday (Jupiter) for auspicious beginnings.

Muhurta ChintamaniVara-prakaranam (weekday lords)
मास (अमांत)
अधिक Jyeshthaज्येष्ठप्रविष्टे/गते: 28अधिक मास
What this means

The lunar month. India uses two reckonings — Amanta (new-moon to new-moon) and Purnimanta (full-moon to full-moon) — so the name can differ by region. An 'Adhika' (extra) month is inserted to keep the lunar and solar years aligned.

Nirnaya SindhuAdhikamasa-nirnaya (intercalary month)
मास (पूर्णिमांत)
अधिक Jyeshthaज्येष्ठअधिक मास
पक्ष
कृष्ण पक्ष (घटता चंद्र)
What this means

The fortnight. Shukla is the waxing half (Moon growing toward full); Krishna is the waning half (toward the new moon).

Calendar definition

चंद्र राशि
Meenaमीन21:46 तकफिर Meshaमेष
What this means

The zodiac sign the Moon occupies now. Together with your birth Moon-sign it drives Chandrabala — the Moon's day-to-day favourability for you.

Muhurta Chintamani2.4-2.5 (Chandrabala)
सूर्य राशि
Vrishabhaवृषभ

निरयण (लाहिड़ी) गणना; अंग समाप्ति समय शहर के वास्तविक सूर्योदय के अनुसार। “अधिक मास” उस अतिरिक्त चंद्र मास को दर्शाता है जिसमें कोई सौर संक्रांति नहीं होती।

यह पंचांग कैसे गणना होती है

इस पृष्ठ का हर समय सूर्य और चंद्रमा की वास्तविक स्थिति से स्विस एफेमेरिस (वही उच्च-परिशुद्धता खगोलीय इंजन जिसे पेशेवर खगोलशास्त्री उपयोग करते हैं) से निकाला जाता है, किसी छपे पंचांग या तय तालिका से नहीं।

  • निरयण राशिचक्र, लाहिड़ी अयनांश — भारत सरकार के कैलेंडर में यही मानक है (इस तिथि का अयनांश: 24.2264°)। सभी नक्षत्र, राशि, तिथि और योग की सीमाएँ इसी से बनती हैं।
  • स्थानीय वास्तविक सूर्योदय — मुहूर्त काल (राहु काल, चौघड़िया, होरा, अभिजित आदि) Dallas के सटीक निर्देशांक के लिए गणना किए गए वास्तविक सूर्योदय से मापे जाते हैं, इसलिए वे आपके स्थान के लिए सही होते हैं, कोई क्षेत्रीय अनुमान नहीं।
  • दो मास परंपराएँ — हम अमांत (अमावस्या से अमावस्या) और पूर्णिमांत (पूर्णिमा से पूर्णिमा) दोनों चंद्र मास दिखाते हैं, क्योंकि भारत के अलग-अलग क्षेत्र अलग परंपरा मानते हैं; अधिक (मलमास) मास होने पर उसे अंकित किया जाता है।

महत्व और शुभ/अशुभ संकेत शास्त्रीय ग्रंथों (मुहूर्त चिंतामणि, बृहत् संहिता, पुराण आदि) से लिए जाते हैं और साथ में उद्धृत किए जाते हैं — हम कभी ऐसा प्रभाव नहीं बताते जो ग्रंथ में न हो।

आपका आज का पंचांग

अपना जन्म नक्षत्र और चंद्र राशि एक बार चुनें — फिर हम आज का आपका ताराबल और चंद्रबल पढ़कर बता देंगे। यह सिर्फ़ इसी डिवाइस पर सेव होता है; हमारे सर्वर पर कभी नहीं जाता।

आज क्या करना शुभ है?

आप जो करने वाले हैं वह चुनें। हम आज के पंचांग को शास्त्रीय मुहूर्त नियम से जाँचकर बताते हैं कि यह शुभ है या नहीं, सबसे अच्छा समय कौन-सा है, और यह किस ग्रंथ से है।

Choghadiya details (text table)
NameDevanagariPlanetPeriodStartEndQuality
LabhलाभMercuryday06:1908:06good
AmritअमृतMoonday08:0609:53good
KaalकालSaturnday09:5311:40bad
ShubhशुभJupiterday11:4013:26good
RogरोगMarsday13:2615:13bad
Udvegउद्वेगSunday15:1317:00bad
CharचरVenusday17:0018:46neutral
LabhलाभMercuryday18:4620:33good
Udvegउद्वेगSunnight20:3321:46bad
CharचरVenusnight21:4623:00neutral
LabhलाभMercurynight23:0024:13good
AmritअमृतMoonnight24:1301:26good
KaalकालSaturnnight01:2602:40bad
ShubhशुभJupiternight02:4003:53good
RogरोगMarsnight03:5305:06bad
Udvegउद्वेगSunnight05:0606:19bad
समय विवरण (तालिका)
कालआरंभसमाप्तिप्रकार
Rahu Kala13:2615:13अशुभ
Yamaghanda Kala15:1317:00अशुभ
Gulika Kala11:4013:26अशुभ
Abhijit Muhurta12:5813:55शुभ

शुभ मुहूर्त शुभ मुहूर्त

सूर्योदय और नक्षत्र के आधार पर बने वे समय जिन्हें शास्त्रीय मुहूर्त ग्रंथ साधना, अध्ययन और नई शुरुआत के लिए बताते हैं।

Brahma Muhurta

ब्रह्म मुहूर्त

04:43 – 05:31

Pratah Sandhya

प्रातः सन्ध्या

05:14 – 06:19

Vijaya Muhurta

विजय मुहूर्त

15:49 – 16:46

Godhuli Muhurta

गोधूलि मुहूर्त

20:21 – 20:45

Sayahna Sandhya

सायाह्न सन्ध्या

20:33 – 21:38

Nishita Muhurta

निशीथ मुहूर्त

01:02 – 01:50

Amrita Kalam

अमृत कालम्

14:08 – 15:39

स्रोत: मुहूर्त चिंतामणि; निर्णय सिंधु। उप-काल की गणना सूर्योदय + शहर के निर्देशांक पर सूर्य नक्षत्र की स्थिति से।

अशुभ काल अशुभ काल

राहु काल, यमगंड और गुलिक (ऊपर दिन की समय-रेखा में दिखाए गए) के अलावा, नई शुरुआत के लिए टालने योग्य शास्त्रीय काल।
पंचकMrityu Panchakमृत्यु पंचक21:46 तकभद्रा03:22 – 14:28

Panchak active: Mrityu Panchak (onset-weekday flavour)

Varjyam

वर्ज्यम्

10:19 – 11:50

नक्षत्र से निकला वह काल जिसे शास्त्र टालने को कहते हैं।

Dur Muhurtam 8

दुर्मुहूर्तम्

12:58 – 13:55

वार के अनुसार तय अशुभ उप-मुहूर्त।

स्रोत: मुहूर्त चिंतामणि; धर्म सिंधु। उप-काल की गणना सूर्योदय + नक्षत्र की स्थिति से।

आज का सूर्य सूर्य

सूर्य की राशि और नक्षत्र — ऊपर हीरो में दिखाए गए चंद्र-पक्ष की तिथि और नक्षत्र का सूर्य-पक्ष पूरक।

सूर्य राशि

Vrishabha#2

सूर्य नक्षत्र

Mrigashira मृगशिरा

पाद 1 / 4

आज चंद्र पाद परिवर्तन

  • 10:21
  • 16:01
  • 21:40
  • 03:20

स्रोत: लाहिड़ी (चित्रपक्ष) निरयण गणना। पाद की गणना नक्षत्र को 3° 20′ के 4 बराबर भागों में बाँटकर।

हिंदू वर्ष विक्रम संवत्

इस वर्ष के विक्रम, शक और गुजराती संवत, साथ में 60-वर्षीय शासन-चक्र से चक्र का नाम (संवत्सर)।

विक्रम संवत

2083

Parabhava पराभव (7 Mar 2027 तक)

वर्ष हब देखें

शक संवत

1948

Kilaka कीलक

गुजराती संवत

2082

Vishvavasu विश्वावसु

मंत्री मंडल — वर्ष शासन

पददेवता
RajaJupiter
SasyadhipatiJupiter

बाकी शासन पद (8) इंजन द्वारा हल होते ही भर जाएँगे।

स्रोत: निर्णय सिंधु; सूर्यसिद्धांत। संवत्सर 60-वर्षीय बृहस्पति चक्र से।

दैनिक दिशाएँ दिशा

मुहूर्त चुनने में काम आने वाली दिन की दिशाएँ — यात्रा के लिए दिशा शूल, यज्ञ के लिए अग्निवास, लाभ की दिशा के लिए चंद्र/राहु वास, अनुष्ठान के समय के लिए शिववास।
गंड मूलRevatiरेवती21:46 तक

Revati Gand Mool: Mool Shanti advised; junction of Meena-Mesha.

Disha Shool

North उत्तर

अशुभ

स्रोत: Avoid travel toward this direction today

Nakshatra Shool

South दक्षिण

अशुभ

स्रोत: Avoid travel toward this direction while today's nakshatra prevails

Chandra Vasa

North उत्तर

शुभ

स्रोत: Direction favored by today's moon position

Rahu Vasa

Southeast आग्नेय

अशुभ

स्रोत: Direction occupied by Rahu; avoid offerings facing here

Agnivasa

Swarga स्वर्ग

शुभ

स्रोत: Agni's dwelling for homa-suitability assessment

Shiva Vasa

Smashana श्मशान

अशुभ

स्रोत: Shiva's location for rudrabhisheka timing

Homahuti

Rahu राहु

अशुभ

स्रोत: Khala planet: offering inauspicious (खलग्रह के मुख में होमाहुति शुभ नहीं होती)

Anandadi Yoga

Utpata उत्पात

अशुभ

स्रोत: Inauspicious day-yoga (Anandadi) -- avoid new ventures

तमिल योग தமிழ் யோகம்

नक्षत्र और वार से बना दिन का तमिल-परंपरा का योग — तमिल मुहूर्त में काम आने वाला सिद्ध / अमृत / मरण / मुशल परिवार।

Tamil Yoga

Mushala मुसल

अशुभ

स्रोत: Inauspicious Tamil yoga -- avoid new ventures

आज की बल तालिका

ताराबल और चंद्रबल — मुहूर्त चुनने में काम आने वाली दो शास्त्रीय बल जाँच। यदि आपका जन्म नक्षत्र या जन्म राशि अनुकूल सूची में आए, तो दिन नई शुरुआत के लिए ठीक है।

आज अनुकूल जन्म राशियाँ

Vrishabha, Mithuna, Kanya, Tula, Makara, Meena

चंद्राष्टम (टालें): Simha

ताराबल — सभी 27 जन्म नक्षत्र
#जन्म नक्षत्रतारागुण
1AshwiniAti-Mitra अतिमित्रसामान्य
2BharaniMitra मित्रसामान्य
3KrittikaVadha वधसामान्य
4RohiniSadhaka साधकसामान्य
5MrigashiraPratyari प्रत्यरिसामान्य
6ArdraKshema क्षेमसामान्य
7PunarvasuVipat विपत्सामान्य
8PushyaSampat सम्पत्सामान्य
9AshleshaJanma जन्मसामान्य
10MaghaAti-Mitra अतिमित्रसामान्य
11Purva PhalguniMitra मित्रसामान्य
12Uttara PhalguniVadha वधसामान्य
13HastaSadhaka साधकसामान्य
14ChitraPratyari प्रत्यरिसामान्य
15SwatiKshema क्षेमसामान्य
16VishakhaVipat विपत्सामान्य
17AnuradhaSampat सम्पत्सामान्य
18JyeshthaJanma जन्मसामान्य
19MulaAti-Mitra अतिमित्रसामान्य
20Purva AshadhaMitra मित्रसामान्य
21Uttara AshadhaVadha वधसामान्य
22ShravanaSadhaka साधकसामान्य
23DhanishthaPratyari प्रत्यरिसामान्य
24ShatabhishaKshema क्षेमसामान्य
25Purva BhadrapadaVipat विपत्सामान्य
26Uttara BhadrapadaSampat सम्पत्सामान्य
27RevatiJanma जन्मसामान्य
चंद्रबल — सभी 12 जन्म राशि
#जन्म राशिजन्म से भावअनुकूल
1Mesha12नहीं
2Vrishabha11हाँ
3Mithuna10हाँ
4Karka9नहीं
5Simha8नहीं
6Kanya7हाँ
7Tula6हाँ
8Vrishchika5नहीं
9Dhanu4नहीं
10Makara3हाँ
11Kumbha2नहीं
12Meena1हाँ

स्रोत: मुहूर्त चिंतामणि; बृहत् संहिता। ताराबल जन्म-नक्षत्र से आज के नक्षत्र तक 9-चक्र का उपयोग करता है।

उदय लग्न (उगती राशि) समय-रेखा

दिन के हर समय पूर्वी क्षितिज पर कौन सी राशि उग रही है। खंड की चौड़ाई वास्तविक उदय अवधि के अनुपात में है।
सभी 13 खंड (तालिका)
#राशिआरंभसमाप्ति
2Vrishabha वृषभ06:1906:44
3Mithuna मिथुन06:4408:59
4Karka कर्क08:5911:24
5Simha सिंह11:2413:44
6Kanya कन्या13:4416:04
7Tula तुला16:0418:29
8Vrishchika वृश्चिक18:2920:49
9Dhanu धनु20:4922:54
10Makara मकर22:5424:34
11Kumbha कुम्भ24:3401:54
12Meena मीन01:5403:14
1Mesha मेष03:1404:49
2Vrishabha वृषभ04:4906:19

पंचक रहित मुहूर्त पञ्चक रहित मुहूर्त

पंचक श्रेणी के अनुसार 15 शास्त्रीय दिन-मुहूर्त खंड। हरा = शुभ; गुलाबी = टालें। चौड़ाई वास्तविक अवधि के अनुपात में है।
सभी 15 खंड (तालिका)
#नामआरंभसमाप्तिगुण
1Mrityu मृत्यु06:1907:16अशुभ
2Agni अग्नि07:1608:13अशुभ
3Raja राज08:1309:10अशुभ
4Chora चोर09:1010:07अशुभ
5Shubha शुभ10:0711:04शुभ
6Roga रोग11:0412:01अशुभ
7Mrityu मृत्यु12:0112:58अशुभ
8Agni अग्नि12:5813:55अशुभ
9Raja राज13:5514:52अशुभ
10Chora चोर14:5215:49अशुभ
11Shubha शुभ15:4916:46शुभ
12Roga रोग16:4617:42अशुभ
13Mrityu मृत्यु17:4218:39अशुभ
14Agni अग्नि18:3919:36अशुभ
15Raja राज19:3620:33अशुभ

स्रोत: मुहूर्त चिंतामणि; निर्णय सिंधु।

ऋतु और अयन

वैदिक ऋतु, अयन, दिन/रात की लंबाई और सौर-दोपहर — आज के पंचांग के आसपास का ऋतु ढाँचा।

ऋतु (वैदिक)

Grishmaग्रीष्म

ऋतु (दृक)

Vasantaवसन्त

अयन

Uttarayanaउत्तरायण

दिनमान

14h 14m

रात्रिमान

9h 46m

मध्याह्न

13:26

स्रोत: सूर्यसिद्धांत। दिनमान = सूर्योदय→सूर्यास्त के मिनट; मध्याह्न = स्थानीय सौर दोपहर।

पंचांग और युग पञ्चाङ्ग गणना

इस तिथि के लिए संदर्भ दिन-गणना और कैलेंडर पहचान — कलियुग वर्ष, अहर्गण, जूलियन दिन और राष्ट्रीय (शक) नागरिक तिथियाँ।
पंचांग / युग विवरण
कलियुग वर्ष5127
कलि अहर्गण1872736
जूलियन दिन2461201.5
संशोधित जूलियन दिन61201
राता डाई739777
राष्ट्रीय नागरिक (शक)Jyeshtha 20, 1948 Shaka
राष्ट्रीय निरयण (शक)Jyeshtha 28, 1948 Shaka
लाहिड़ी अयनांश24.2264°

दिन के जूलियन दिन और लाहिड़ी अयनांश से निकाला गया।

चौघड़िया - डलास, 10 जून 2026

बुधवार, 10 जून 2026 को डलास का पंचांग एक खास लय लेकर आता है। आज सूर्योदय प्रातः 06:19 बजे होता है और सायं 20:33 बजे अस्त होता है, जिससे दिन में 14 घंटे 14 मिनट का उजाला मिलता है। आज की तिथि कृष्ण पक्ष की दशमी है, और नक्षत्र रेवती रहेगा। आज सौभाग्य योग रहेगा — यही दिन के मूल पंचांग की पहचान बनाता है। ब्रह्म मुहूर्त — सुबह से पहले का ध्यान-काल — रात्रि 04:43 से प्रातः 05:31 तक रहता है, जो पूजा और अध्ययन के लिए सबसे शुभ माना जाता है।

अपराह्ण 13:26 से अपराह्ण 15:13 तक राहु काल रहता है, इसलिए डलास में इस खिड़की में शुभ काम रोक कर रखें। बुधवार का दिशाशूल उत्तर दिशा है; इस दिशा में नया प्रस्थान न करें तो अच्छा। शुभ पक्ष में लाभ चौघड़िया (प्रातः 06:19–प्रातः 08:06) दिन की सबसे अच्छी खिड़की है। बुध के स्वामित्व वाला रेवती नक्षत्र इस प्राचीन पंचांग को डलास के क्षितिज तक ले आता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

डलास में 10 जून 2026 को राहु काल कब है?
डलास में 10 जून 2026 को राहु काल अपराह्ण 13:26 से अपराह्ण 15:13 तक रहता है। यह करीब 90 मिनट की खिड़की राहु के अधीन होती है और नया काम, यात्रा या शुभ कार्य शुरू करने से आमतौर पर बचा जाता है। यह समय हर दिन सूर्योदय के अनुसार बदलता है, इसलिए हर शहर में अलग होता है।
डलास में 10 जून 2026 को सूर्योदय प्रातः 06:19 बजे क्यों होता है?
डलास में 10 जून 2026 को सूर्योदय प्रातः 06:19 बजे होता है — यह शहर के अक्षांश (32.78°N) और इस तारीख को पृथ्वी के झुकाव से तय होता है। सूर्योदय और सूर्यास्त (सायं 20:33) वैदिक दिन की लंबाई तय करते हैं और राहु काल से लेकर चौघड़िया तक सभी गणनाएँ डलास के स्थानीय क्षितिज से जोड़ते हैं।
डलास में 10 जून 2026 को कौन-सा योग है?
डलास में 10 जून 2026 को सौभाग्य योग है, जो सायं 20:00 से अपराह्ण 17:33 तक सक्रिय रहता है। पंचांग में योग सूर्य और चन्द्र की मिली-जुली स्थिति से बनता है और 27 योगों के चक्र में घूमता है। सौभाग्य योग का अपना स्वभाव होता है जो दिन के कामों की शुभता पर असर डालता है।

संबंधित पंचांग पृष्ठ

दैनिक प्रामाणिकता

तांत्रिक बंदा खिड़कियाँ

Vat

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साधना विधान

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रेवती नक्षत्र पूषन् पूजा

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सर्वार्थ सिद्धि योग साधना

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Vishti (Bhadra) Karana Shanti

विष्टि (भद्रा) करण शान्ति

- Muhurta Chintamani, Dharmasindhu

Vishti (Bhadra) Karana Upaya

विष्टि (भद्रा) करण उपाय

- Muhurta Chintamani, Dharmasindhu

दिन दुर्लभता अंक

0.5604140666131024/ 100

डलास — 10 जून

सूर्योदय
प्रातः 06:19
सूर्यास्त
सायं 20:33
तिथि
दशमी (कृष्ण पक्ष)
नक्षत्र
रेवती (द्वितीय पाद)
योग
सौभाग्य
करण
विष्टि, बव
माह
अधिक ज्येष्ठ
चन्द्र राशि
मीन → मेष
सूर्य राशि
वृषभ
राहु काल
अपराह्ण 13:26–अपराह्ण 15:13
शुभ चौघड़िया
लाभ (प्रातः 06:19–प्रातः 08:06)
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