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चौघड़िया · डलास

चौघड़ियाडलास21 दिसम्बर 2025

रविवार · पौष · शुक्ल पक्ष

निरयण · लाहिड़ी
तिथि
द्वितीया
नक्षत्र
पूर्वाषाढा
योग
ध्रुव
करण
बालव
वार
रविवार

New Moon

Sunrise 07:26 — Sunset 17:24 · day 9h 57m

2% illuminated · increasing

पंचांग — पाँच अंग पञ्चाङ्ग

तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार, उनके समाप्ति समय के साथ, साथ ही मास और चंद्रमा तथा सूर्य की राशि — इस शहर के सूर्योदय के अनुसार गणना। आधी रात के बाद का समय पारंपरिक विस्तारित घड़ी में दिखता है (जैसे 27:23 = अगली सुबह 03:23)।

तिथि
Dwitiyaद्वितीया23:22 तक
What this means

The lunar day. It is set by how far the Moon has pulled ahead of the Sun — each 12 degrees of separation is one tithi. The tithi shapes which activities the tradition favours, and it ends at the time shown, when the next one begins.

Muhurta ChintamaniTithi-prakaranam (Nanda/Bhadra/Jaya/Rikta/Purna tithi-types)
नक्षत्र
Purva Ashadhaपूर्वाषाढा16:06 तक
What this means

The Moon's star-mansion — the patch of sky it sits in today, one of 27. Each nakshatra has its own temperament that classical texts use to judge what the day is good for.

Brihat SamhitaNakshatra chapters (nakshatra qualities)
योग
Dhruvaध्रुव29:10 तक
What this means

A combined Sun-and-Moon measure (one of 27 nitya-yogas) — not the physical posture practice. A few yogas, such as Vyatipata and Vaidhriti, are best avoided; most are ordinary.

Muhurta ChintamaniYoga enumeration (tyajya-yoga list, v. 33)
करण
Balavaबालव10:34 तक
What this means

Half of a tithi — each lunar day holds two karanas. One of them, Vishti (also called Bhadra), is treated as inauspicious; the rest are workable.

BPHSKarana-jnana-vidhi (11 karanas including Vishti)
वार
Ravivaraरविवार
What this means

The weekday and its ruling planet. Each day's planet colours which tasks the tradition recommends — e.g. Thursday (Jupiter) for auspicious beginnings.

Muhurta ChintamaniVara-prakaranam (weekday lords)
मास
Paushaपौष
What this means

The lunar month. India uses two reckonings — Amanta (new-moon to new-moon) and Purnimanta (full-moon to full-moon) — so the name can differ by region. An 'Adhika' (extra) month is inserted to keep the lunar and solar years aligned.

Nirnaya SindhuAdhikamasa-nirnaya (intercalary month)
पक्ष
शुक्ल पक्ष (बढ़ता चंद्र)
What this means

The fortnight. Shukla is the waxing half (Moon growing toward full); Krishna is the waning half (toward the new moon).

Calendar definition

चंद्र राशि
Dhanu
What this means

The zodiac sign the Moon occupies now. Together with your birth Moon-sign it drives Chandrabala — the Moon's day-to-day favourability for you.

Muhurta Chintamani2.4-2.5 (Chandrabala)
सूर्य राशि
Dhanuधनु

निरयण (लाहिड़ी) गणना; अंग समाप्ति समय शहर के वास्तविक सूर्योदय के अनुसार। “अधिक मास” उस अतिरिक्त चंद्र मास को दर्शाता है जिसमें कोई सौर संक्रांति नहीं होती।

यह पंचांग कैसे गणना होती है

इस पृष्ठ का हर समय सूर्य और चंद्रमा की वास्तविक स्थिति से स्विस एफेमेरिस (वही उच्च-परिशुद्धता खगोलीय इंजन जिसे पेशेवर खगोलशास्त्री उपयोग करते हैं) से निकाला जाता है, किसी छपे पंचांग या तय तालिका से नहीं।

  • निरयण राशिचक्र, लाहिड़ी अयनांश — भारत सरकार के कैलेंडर में यही मानक है। सभी नक्षत्र, राशि, तिथि और योग की सीमाएँ इसी से बनती हैं।
  • स्थानीय वास्तविक सूर्योदय — मुहूर्त काल (राहु काल, चौघड़िया, होरा, अभिजित आदि) Dallas के सटीक निर्देशांक के लिए गणना किए गए वास्तविक सूर्योदय से मापे जाते हैं, इसलिए वे आपके स्थान के लिए सही होते हैं, कोई क्षेत्रीय अनुमान नहीं।
  • दो मास परंपराएँ — हम अमांत (अमावस्या से अमावस्या) और पूर्णिमांत (पूर्णिमा से पूर्णिमा) दोनों चंद्र मास दिखाते हैं, क्योंकि भारत के अलग-अलग क्षेत्र अलग परंपरा मानते हैं; अधिक (मलमास) मास होने पर उसे अंकित किया जाता है।

महत्व और शुभ/अशुभ संकेत शास्त्रीय ग्रंथों (मुहूर्त चिंतामणि, बृहत् संहिता, पुराण आदि) से लिए जाते हैं और साथ में उद्धृत किए जाते हैं — हम कभी ऐसा प्रभाव नहीं बताते जो ग्रंथ में न हो।

आपका आज का पंचांग

अपना जन्म नक्षत्र और चंद्र राशि एक बार चुनें — फिर हम आज का आपका ताराबल और चंद्रबल पढ़कर बता देंगे। यह सिर्फ़ इसी डिवाइस पर सेव होता है; हमारे सर्वर पर कभी नहीं जाता।

आज क्या करना शुभ है?

आप जो करने वाले हैं वह चुनें। हम आज के पंचांग को शास्त्रीय मुहूर्त नियम से जाँचकर बताते हैं कि यह शुभ है या नहीं, सबसे अच्छा समय कौन-सा है, और यह किस ग्रंथ से है।

Choghadiya details (text table)
NameDevanagariPlanetPeriodStartEndQuality
Udvegउद्वेगSunday07:2608:41bad
CharचरVenusday08:4109:56neutral
LabhलाभMercuryday09:5611:10good
AmritअमृतMoonday11:1012:25good
KaalकालSaturnday12:2513:40bad
ShubhशुभJupiterday13:4014:54good
RogरोगMarsday14:5416:09bad
Udvegउद्वेगSunday16:0917:24bad
ShubhशुभJupiternight17:2419:09good
RogरोगMarsnight19:0920:54bad
Udvegउद्वेगSunnight20:5422:40bad
CharचरVenusnight22:4024:25neutral
LabhलाभMercurynight24:2502:10good
AmritअमृतMoonnight02:1003:56good
KaalकालSaturnnight03:5605:41bad
ShubhशुभJupiternight05:4107:26good
समय विवरण (तालिका)
कालआरंभसमाप्तिप्रकार
Rahu Kala16:0917:24अशुभ
Yamaghanda Kala12:2513:40अशुभ
Gulika Kala14:5416:09अशुभ
Abhijit Muhurta12:0512:45शुभ

शुभ मुहूर्त शुभ मुहूर्त

सूर्योदय और नक्षत्र के आधार पर बने वे समय जिन्हें शास्त्रीय मुहूर्त ग्रंथ साधना, अध्ययन और नई शुरुआत के लिए बताते हैं।

Brahma Muhurta

ब्रह्म मुहूर्त

05:50 – 06:38

Pratah Sandhya

प्रातः सन्ध्या

06:21 – 07:26

Vijaya Muhurta

विजय मुहूर्त

14:05 – 14:44

Godhuli Muhurta

गोधूलि मुहूर्त

17:12 – 17:36

Sayahna Sandhya

सायाह्न सन्ध्या

17:24 – 18:29

Nishita Muhurta

निशीथ मुहूर्त

24:01 – 24:49

Amrita Kalam

अमृत कालम्

11:43 – 13:28

स्रोत: मुहूर्त चिंतामणि; निर्णय सिंधु। उप-काल की गणना सूर्योदय + शहर के निर्देशांक पर सूर्य नक्षत्र की स्थिति से।

अशुभ काल अशुभ काल

राहु काल, यमगंड और गुलिक (ऊपर दिन की समय-रेखा में दिखाए गए) के अलावा, नई शुरुआत के लिए टालने योग्य शास्त्रीय काल।

Varjyam

वर्ज्यम्

24:21 – 02:06

नक्षत्र से निकला वह काल जिसे शास्त्र टालने को कहते हैं।

Dur Muhurtam 14

दुर्मुहूर्तम्

16:04 – 16:44

वार के अनुसार तय अशुभ उप-मुहूर्त।

स्रोत: मुहूर्त चिंतामणि; धर्म सिंधु। उप-काल की गणना सूर्योदय + नक्षत्र की स्थिति से।

आज का सूर्य सूर्य

सूर्य की राशि और नक्षत्र — ऊपर हीरो में दिखाए गए चंद्र-पक्ष की तिथि और नक्षत्र का सूर्य-पक्ष पूरक।

सूर्य राशि

Dhanu#9

सूर्य नक्षत्र

Mula मूल

पाद 2 / 4

आज चंद्र पाद परिवर्तन

  • 09:33
  • 16:04
  • 22:35
  • 05:06

स्रोत: लाहिड़ी (चित्रपक्ष) निरयण गणना। पाद की गणना नक्षत्र को 3° 20′ के 4 बराबर भागों में बाँटकर।

हिंदू वर्ष विक्रम संवत्

इस वर्ष के विक्रम, शक और गुजराती संवत, साथ में 60-वर्षीय शासन-चक्र से चक्र का नाम (संवत्सर)।

विक्रम संवत

2082

Vishvavasu विश्वावसु

वर्ष हब देखें

शक संवत

1947

Plavanga प्लवङ्ग

गुजराती संवत

2081

Krodhi क्रोधी

मंत्री मंडल — वर्ष शासन

पददेवता
RajaSun
MantriSun

बाकी शासन पद (8) इंजन द्वारा हल होते ही भर जाएँगे।

स्रोत: निर्णय सिंधु; सूर्यसिद्धांत। संवत्सर 60-वर्षीय बृहस्पति चक्र से।

दैनिक दिशाएँ दिशा

मुहूर्त चुनने में काम आने वाली दिन की दिशाएँ — यात्रा के लिए दिशा शूल, यज्ञ के लिए अग्निवास, लाभ की दिशा के लिए चंद्र/राहु वास, अनुष्ठान के समय के लिए शिववास।

Disha Shool

West पश्चिम

अशुभ

स्रोत: Avoid travel toward this direction today

Chandra Vasa

East पूर्व

शुभ

स्रोत: Direction favored by today's moon position

Rahu Vasa

Southwest नैऋत्य

अशुभ

स्रोत: Direction occupied by Rahu; avoid offerings facing here

Agnivasa

Patala पाताल

अशुभ

स्रोत: Agni's dwelling for homa-suitability assessment

Shiva Vasa

Vrishabha वृषभ

शुभ

स्रोत: Shiva's location for rudrabhisheka timing

Homahuti

Sun सूर्य

शुभ

स्रोत: Benefic planet: offering auspicious

आज की बल तालिका

ताराबल और चंद्रबल — मुहूर्त चुनने में काम आने वाली दो शास्त्रीय बल जाँच। यदि आपका जन्म नक्षत्र या जन्म राशि अनुकूल सूची में आए, तो दिन नई शुरुआत के लिए ठीक है।

आज अनुकूल जन्म राशियाँ

Mithuna, Karka, Tula, Dhanu, Kumbha, Meena

ताराबल — सभी 27 जन्म नक्षत्र
#जन्म नक्षत्रतारागुण
1AshwiniSampat सम्पत्सामान्य
2BharaniJanma जन्मसामान्य
3KrittikaAti-Mitra अतिमित्रसामान्य
4RohiniMitra मित्रसामान्य
5MrigashiraVadha वधसामान्य
6ArdraSadhaka साधकसामान्य
7PunarvasuPratyari प्रत्यरिसामान्य
8PushyaKshema क्षेमसामान्य
9AshleshaVipat विपत्सामान्य
10MaghaSampat सम्पत्सामान्य
11Purva PhalguniJanma जन्मसामान्य
12Uttara PhalguniAti-Mitra अतिमित्रसामान्य
13HastaMitra मित्रसामान्य
14ChitraVadha वधसामान्य
15SwatiSadhaka साधकसामान्य
16VishakhaPratyari प्रत्यरिसामान्य
17AnuradhaKshema क्षेमसामान्य
18JyeshthaVipat विपत्सामान्य
19MulaSampat सम्पत्सामान्य
20Purva AshadhaJanma जन्मसामान्य
21Uttara AshadhaAti-Mitra अतिमित्रसामान्य
22ShravanaMitra मित्रसामान्य
23DhanishthaVadha वधसामान्य
24ShatabhishaSadhaka साधकसामान्य
25Purva BhadrapadaPratyari प्रत्यरिसामान्य
26Uttara BhadrapadaKshema क्षेमसामान्य
27RevatiVipat विपत्सामान्य
चंद्रबल — सभी 12 जन्म राशि
#जन्म राशिजन्म से भावअनुकूल
1Mesha9नहीं
2Vrishabha8नहीं
3Mithuna7हाँ
4Karka6हाँ
5Simha5नहीं
6Kanya4नहीं
7Tula3हाँ
8Vrishchika2नहीं
9Dhanu1हाँ
10Makara12नहीं
11Kumbha11हाँ
12Meena10हाँ

स्रोत: मुहूर्त चिंतामणि; बृहत् संहिता। ताराबल जन्म-नक्षत्र से आज के नक्षत्र तक 9-चक्र का उपयोग करता है।

उदय लग्न (उगती राशि) समय-रेखा

दिन के हर समय पूर्वी क्षितिज पर कौन सी राशि उग रही है। खंड की चौड़ाई वास्तविक उदय अवधि के अनुपात में है।
सभी 13 खंड (तालिका)
#राशिआरंभसमाप्ति
9Dhanu धनु07:2609:11
10Makara मकर09:1110:46
11Kumbha कुम्भ10:4612:11
12Meena मीन12:1113:31
1Mesha मेष13:3115:01
2Vrishabha वृषभ15:0116:56
3Mithuna मिथुन16:5619:11
4Karka कर्क19:1121:36
5Simha सिंह21:3623:56
6Kanya कन्या23:5602:16
7Tula तुला02:1604:41
8Vrishchika वृश्चिक04:4107:01
9Dhanu धनु07:0107:26

पंचक रहित मुहूर्त पञ्चक रहित मुहूर्त

पंचक श्रेणी के अनुसार 15 शास्त्रीय दिन-मुहूर्त खंड। हरा = शुभ; गुलाबी = टालें। चौड़ाई वास्तविक अवधि के अनुपात में है।
सभी 15 खंड (तालिका)
#नामआरंभसमाप्तिगुण
1Chora चोर07:2608:06अशुभ
2Shubha शुभ08:0608:46शुभ
3Roga रोग08:4609:26अशुभ
4Mrityu मृत्यु09:2610:06अशुभ
5Agni अग्नि10:0610:45अशुभ
6Raja राज10:4511:25अशुभ
7Chora चोर11:2512:05अशुभ
8Shubha शुभ12:0512:45शुभ
9Roga रोग12:4513:25अशुभ
10Mrityu मृत्यु13:2514:05अशुभ
11Agni अग्नि14:0514:44अशुभ
12Raja राज14:4415:24अशुभ
13Chora चोर15:2416:04अशुभ
14Shubha शुभ16:0416:44शुभ
15Roga रोग16:4417:24अशुभ

स्रोत: मुहूर्त चिंतामणि; निर्णय सिंधु।

ऋतु और अयन

वैदिक ऋतु, अयन, दिन/रात की लंबाई और सौर-दोपहर — आज के पंचांग के आसपास का ऋतु ढाँचा।

ऋतु (वैदिक)

Hemantaहेमन्त

ऋतु (दृक)

Hemantaहेमन्त

अयन

Dakshinayanaदक्षिणायन

दिनमान

9h 57m

रात्रिमान

14h 3m

मध्याह्न

12:25

स्रोत: सूर्यसिद्धांत। दिनमान = सूर्योदय→सूर्यास्त के मिनट; मध्याह्न = स्थानीय सौर दोपहर।

चौघड़िया - डलास, 21 दिसम्बर 2025

रविवार, 21 दिसम्बर 2025 — डलास के लिए यह दिन पंचांग की दृष्टि से ध्यान देने योग्य है। दिन की शुरुआत प्रातः 07:26 बजे सूर्योदय से होती है और अपराह्ण 17:24 बजे अस्त होता है, जिससे दिन में 9 घंटे 57 मिनट का उजाला मिलता है। शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि के साथ पूर्वाषाढा नक्षत्र दिन को दिशा देता है। दिन का योग ध्रुव है, जो इस 21 दिसम्बर 2025 के पंचांग को पूरा करता है। सूर्योदय से पहले प्रातः 05:50 से प्रातः 06:38 तक ब्रह्म मुहूर्त रहता है — प्रार्थना और मनन के लिए आदर्श समय।

आज राहु काल अपराह्ण 16:09 से अपराह्ण 17:24 के बीच है; यह समय नई शुरुआत के लिए टालना बेहतर है। आज दिशाशूल पश्चिम दिशा में है — रविवार को इस ओर नई यात्रा टालने की परंपरा है। दिन का सबसे शुभ चौघड़िया लाभ (प्रातः 09:56–प्रातः 11:10) है — नई शुरुआत के लिए यही चुनें। पूर्वाषाढा नक्षत्र का स्वामी शुक्र है, और यही ग्रह-गणना को डलास की स्थानीय लय से बाँधता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

डलास में 21 दिसम्बर 2025 को राहु काल कब है?
डलास में 21 दिसम्बर 2025 को राहु काल अपराह्ण 16:09 से अपराह्ण 17:24 तक रहता है। यह करीब 90 मिनट की खिड़की राहु के अधीन होती है और नया काम, यात्रा या शुभ कार्य शुरू करने से आमतौर पर बचा जाता है। यह समय हर दिन सूर्योदय के अनुसार बदलता है, इसलिए हर शहर में अलग होता है।
डलास में 21 दिसम्बर 2025 को सूर्योदय प्रातः 07:26 बजे क्यों होता है?
डलास में 21 दिसम्बर 2025 को सूर्योदय प्रातः 07:26 बजे होता है — यह शहर के अक्षांश (32.78°N) और इस तारीख को पृथ्वी के झुकाव से तय होता है। सूर्योदय और सूर्यास्त (अपराह्ण 17:24) वैदिक दिन की लंबाई तय करते हैं और राहु काल से लेकर चौघड़िया तक सभी गणनाएँ डलास के स्थानीय क्षितिज से जोड़ते हैं।
डलास में 21 दिसम्बर 2025 को कौन-सा योग है?
डलास में 21 दिसम्बर 2025 को ध्रुव योग है, जो प्रातः 05:05 से प्रातः 05:10 तक सक्रिय रहता है। पंचांग में योग सूर्य और चन्द्र की मिली-जुली स्थिति से बनता है और 27 योगों के चक्र में घूमता है। ध्रुव योग का अपना स्वभाव होता है जो दिन के कामों की शुभता पर असर डालता है।

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- Dharmasindhu, Yama Smriti

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- Muhurta Chintamani, Dharmasindhu

दिन दुर्लभता अंक

0.33454808566219874/ 100

डलास — 21 दिसम्बर

सूर्योदय
प्रातः 07:26
सूर्यास्त
अपराह्ण 17:24
तिथि
द्वितीया (शुक्ल पक्ष)
नक्षत्र
पूर्वाषाढा (तृतीय पाद)
योग
ध्रुव
करण
बालव
माह
पौष
चन्द्र राशि
धनु
सूर्य राशि
धनु
राहु काल
अपराह्ण 16:09–अपराह्ण 17:24
शुभ चौघड़िया
लाभ (प्रातः 09:56–प्रातः 11:10)
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