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चौघड़िया · डलास

चौघड़ियाडलास9 नवम्बर 2025

रविवार · कार्तिक · कृष्ण पक्ष

निरयण · लाहिड़ी
तिथि
पञ्चमी
नक्षत्र
आर्द्रा
योग
साध्य
करण
तैतिल
वार
रविवार

Waning Gibbous

Sunrise 06:53 — Sunset 17:28 · day 10h 35m

78% illuminated · decreasing

पंचांग — पाँच अंग पञ्चाङ्ग

तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार, उनके समाप्ति समय के साथ, साथ ही मास और चंद्रमा तथा सूर्य की राशि — इस शहर के सूर्योदय के अनुसार गणना। आधी रात के बाद का समय पारंपरिक विस्तारित घड़ी में दिखता है (जैसे 27:23 = अगली सुबह 03:23)।

तिथि
Panchamiपञ्चमी14:25 तक
What this means

The lunar day. It is set by how far the Moon has pulled ahead of the Sun — each 12 degrees of separation is one tithi. The tithi shapes which activities the tradition favours, and it ends at the time shown, when the next one begins.

Muhurta ChintamaniTithi-prakaranam (Nanda/Bhadra/Jaya/Rikta/Purna tithi-types)
नक्षत्र
Ardraआर्द्रा08:34 तक
What this means

The Moon's star-mansion — the patch of sky it sits in today, one of 27. Each nakshatra has its own temperament that classical texts use to judge what the day is good for.

Brihat SamhitaNakshatra chapters (nakshatra qualities)
योग
Sadhyaसाध्य24:35 तक
What this means

A combined Sun-and-Moon measure (one of 27 nitya-yogas) — not the physical posture practice. A few yogas, such as Vyatipata and Vaidhriti, are best avoided; most are ordinary.

Muhurta ChintamaniYoga enumeration (tyajya-yoga list, v. 33)
करण
Taitilaतैतिल14:25 तक
What this means

Half of a tithi — each lunar day holds two karanas. One of them, Vishti (also called Bhadra), is treated as inauspicious; the rest are workable.

BPHSKarana-jnana-vidhi (11 karanas including Vishti)
वार
Ravivaraरविवार
What this means

The weekday and its ruling planet. Each day's planet colours which tasks the tradition recommends — e.g. Thursday (Jupiter) for auspicious beginnings.

Muhurta ChintamaniVara-prakaranam (weekday lords)
मास
Kartikaकार्तिक
What this means

The lunar month. India uses two reckonings — Amanta (new-moon to new-moon) and Purnimanta (full-moon to full-moon) — so the name can differ by region. An 'Adhika' (extra) month is inserted to keep the lunar and solar years aligned.

Nirnaya SindhuAdhikamasa-nirnaya (intercalary month)
पक्ष
कृष्ण पक्ष (घटता चंद्र)
What this means

The fortnight. Shukla is the waxing half (Moon growing toward full); Krishna is the waning half (toward the new moon).

Calendar definition

चंद्र राशि
Mithuna
What this means

The zodiac sign the Moon occupies now. Together with your birth Moon-sign it drives Chandrabala — the Moon's day-to-day favourability for you.

Muhurta Chintamani2.4-2.5 (Chandrabala)
सूर्य राशि
Tulaतुला

निरयण (लाहिड़ी) गणना; अंग समाप्ति समय शहर के वास्तविक सूर्योदय के अनुसार। “अधिक मास” उस अतिरिक्त चंद्र मास को दर्शाता है जिसमें कोई सौर संक्रांति नहीं होती।

यह पंचांग कैसे गणना होती है

इस पृष्ठ का हर समय सूर्य और चंद्रमा की वास्तविक स्थिति से स्विस एफेमेरिस (वही उच्च-परिशुद्धता खगोलीय इंजन जिसे पेशेवर खगोलशास्त्री उपयोग करते हैं) से निकाला जाता है, किसी छपे पंचांग या तय तालिका से नहीं।

  • निरयण राशिचक्र, लाहिड़ी अयनांश — भारत सरकार के कैलेंडर में यही मानक है। सभी नक्षत्र, राशि, तिथि और योग की सीमाएँ इसी से बनती हैं।
  • स्थानीय वास्तविक सूर्योदय — मुहूर्त काल (राहु काल, चौघड़िया, होरा, अभिजित आदि) Dallas के सटीक निर्देशांक के लिए गणना किए गए वास्तविक सूर्योदय से मापे जाते हैं, इसलिए वे आपके स्थान के लिए सही होते हैं, कोई क्षेत्रीय अनुमान नहीं।
  • दो मास परंपराएँ — हम अमांत (अमावस्या से अमावस्या) और पूर्णिमांत (पूर्णिमा से पूर्णिमा) दोनों चंद्र मास दिखाते हैं, क्योंकि भारत के अलग-अलग क्षेत्र अलग परंपरा मानते हैं; अधिक (मलमास) मास होने पर उसे अंकित किया जाता है।

महत्व और शुभ/अशुभ संकेत शास्त्रीय ग्रंथों (मुहूर्त चिंतामणि, बृहत् संहिता, पुराण आदि) से लिए जाते हैं और साथ में उद्धृत किए जाते हैं — हम कभी ऐसा प्रभाव नहीं बताते जो ग्रंथ में न हो।

आपका आज का पंचांग

अपना जन्म नक्षत्र और चंद्र राशि एक बार चुनें — फिर हम आज का आपका ताराबल और चंद्रबल पढ़कर बता देंगे। यह सिर्फ़ इसी डिवाइस पर सेव होता है; हमारे सर्वर पर कभी नहीं जाता।

आज क्या करना शुभ है?

आप जो करने वाले हैं वह चुनें। हम आज के पंचांग को शास्त्रीय मुहूर्त नियम से जाँचकर बताते हैं कि यह शुभ है या नहीं, सबसे अच्छा समय कौन-सा है, और यह किस ग्रंथ से है।

Choghadiya details (text table)
NameDevanagariPlanetPeriodStartEndQuality
Udvegउद्वेगSunday06:5308:12bad
CharचरVenusday08:1209:32neutral
LabhलाभMercuryday09:3210:51good
AmritअमृतMoonday10:5112:10good
KaalकालSaturnday12:1013:30bad
ShubhशुभJupiterday13:3014:49good
RogरोगMarsday14:4916:08bad
Udvegउद्वेगSunday16:0817:28bad
ShubhशुभJupiternight17:2819:08good
RogरोगMarsnight19:0820:49bad
Udvegउद्वेगSunnight20:4922:30bad
CharचरVenusnight22:3024:10neutral
LabhलाभMercurynight24:1001:51good
AmritअमृतMoonnight01:5103:32good
KaalकालSaturnnight03:3205:12bad
ShubhशुभJupiternight05:1206:53good
समय विवरण (तालिका)
कालआरंभसमाप्तिप्रकार
Rahu Kala16:0817:28अशुभ
Yamaghanda Kala12:1013:30अशुभ
Gulika Kala14:4916:08अशुभ
Abhijit Muhurta11:4912:32शुभ

शुभ मुहूर्त शुभ मुहूर्त

सूर्योदय और नक्षत्र के आधार पर बने वे समय जिन्हें शास्त्रीय मुहूर्त ग्रंथ साधना, अध्ययन और नई शुरुआत के लिए बताते हैं।

Brahma Muhurta

ब्रह्म मुहूर्त

05:17 – 06:05

Pratah Sandhya

प्रातः सन्ध्या

05:48 – 06:53

Vijaya Muhurta

विजय मुहूर्त

13:56 – 14:39

Godhuli Muhurta

गोधूलि मुहूर्त

17:16 – 17:40

Sayahna Sandhya

सायाह्न सन्ध्या

17:28 – 18:33

Nishita Muhurta

निशीथ मुहूर्त

23:46 – 24:34

Amrita Kalam

अमृत कालम्

04:54 – 06:22

स्रोत: मुहूर्त चिंतामणि; निर्णय सिंधु। उप-काल की गणना सूर्योदय + शहर के निर्देशांक पर सूर्य नक्षत्र की स्थिति से।

अशुभ काल अशुभ काल

राहु काल, यमगंड और गुलिक (ऊपर दिन की समय-रेखा में दिखाए गए) के अलावा, नई शुरुआत के लिए टालने योग्य शास्त्रीय काल।

Varjyam

वर्ज्यम्

18:15 – 19:43

नक्षत्र से निकला वह काल जिसे शास्त्र टालने को कहते हैं।

Dur Muhurtam 14

दुर्मुहूर्तम्

16:03 – 16:46

वार के अनुसार तय अशुभ उप-मुहूर्त।

स्रोत: मुहूर्त चिंतामणि; धर्म सिंधु। उप-काल की गणना सूर्योदय + नक्षत्र की स्थिति से।

आज का सूर्य सूर्य

सूर्य की राशि और नक्षत्र — ऊपर हीरो में दिखाए गए चंद्र-पक्ष की तिथि और नक्षत्र का सूर्य-पक्ष पूरक।

सूर्य राशि

Tula#7

सूर्य नक्षत्र

Vishakha विशाखा

पाद 1 / 4

आज चंद्र पाद परिवर्तन

  • 08:36
  • 14:16
  • 19:57
  • 01:37

स्रोत: लाहिड़ी (चित्रपक्ष) निरयण गणना। पाद की गणना नक्षत्र को 3° 20′ के 4 बराबर भागों में बाँटकर।

हिंदू वर्ष विक्रम संवत्

इस वर्ष के विक्रम, शक और गुजराती संवत, साथ में 60-वर्षीय शासन-चक्र से चक्र का नाम (संवत्सर)।

विक्रम संवत

2082

Vishvavasu विश्वावसु

वर्ष हब देखें

शक संवत

1947

Plavanga प्लवङ्ग

गुजराती संवत

2081

Krodhi क्रोधी

मंत्री मंडल — वर्ष शासन

पददेवता
RajaSun
MantriSun

बाकी शासन पद (8) इंजन द्वारा हल होते ही भर जाएँगे।

स्रोत: निर्णय सिंधु; सूर्यसिद्धांत। संवत्सर 60-वर्षीय बृहस्पति चक्र से।

दैनिक दिशाएँ दिशा

मुहूर्त चुनने में काम आने वाली दिन की दिशाएँ — यात्रा के लिए दिशा शूल, यज्ञ के लिए अग्निवास, लाभ की दिशा के लिए चंद्र/राहु वास, अनुष्ठान के समय के लिए शिववास।

Disha Shool

West पश्चिम

अशुभ

स्रोत: Avoid travel toward this direction today

Chandra Vasa

West पश्चिम

शुभ

स्रोत: Direction favored by today's moon position

Rahu Vasa

Southwest नैऋत्य

अशुभ

स्रोत: Direction occupied by Rahu; avoid offerings facing here

Agnivasa

Patala पाताल

अशुभ

स्रोत: Agni's dwelling for homa-suitability assessment

Shiva Vasa

Sabha सभा

शुभ

स्रोत: Shiva's location for rudrabhisheka timing

Homahuti

Mars मङ्गल

अशुभ

स्रोत: Khala planet: offering inauspicious (खलग्रह के मुख में होमाहुति शुभ नहीं होती)

आज की बल तालिका

ताराबल और चंद्रबल — मुहूर्त चुनने में काम आने वाली दो शास्त्रीय बल जाँच। यदि आपका जन्म नक्षत्र या जन्म राशि अनुकूल सूची में आए, तो दिन नई शुरुआत के लिए ठीक है।

आज अनुकूल जन्म राशियाँ

Mesha, Mithuna, Simha, Kanya, Dhanu, Makara

ताराबल — सभी 27 जन्म नक्षत्र
#जन्म नक्षत्रतारागुण
1AshwiniSadhaka साधकसामान्य
2BharaniPratyari प्रत्यरिसामान्य
3KrittikaKshema क्षेमसामान्य
4RohiniVipat विपत्सामान्य
5MrigashiraSampat सम्पत्सामान्य
6ArdraJanma जन्मसामान्य
7PunarvasuAti-Mitra अतिमित्रसामान्य
8PushyaMitra मित्रसामान्य
9AshleshaVadha वधसामान्य
10MaghaSadhaka साधकसामान्य
11Purva PhalguniPratyari प्रत्यरिसामान्य
12Uttara PhalguniKshema क्षेमसामान्य
13HastaVipat विपत्सामान्य
14ChitraSampat सम्पत्सामान्य
15SwatiJanma जन्मसामान्य
16VishakhaAti-Mitra अतिमित्रसामान्य
17AnuradhaMitra मित्रसामान्य
18JyeshthaVadha वधसामान्य
19MulaSadhaka साधकसामान्य
20Purva AshadhaPratyari प्रत्यरिसामान्य
21Uttara AshadhaKshema क्षेमसामान्य
22ShravanaVipat विपत्सामान्य
23DhanishthaSampat सम्पत्सामान्य
24ShatabhishaJanma जन्मसामान्य
25Purva BhadrapadaAti-Mitra अतिमित्रसामान्य
26Uttara BhadrapadaMitra मित्रसामान्य
27RevatiVadha वधसामान्य
चंद्रबल — सभी 12 जन्म राशि
#जन्म राशिजन्म से भावअनुकूल
1Mesha3हाँ
2Vrishabha2नहीं
3Mithuna1हाँ
4Karka12नहीं
5Simha11हाँ
6Kanya10हाँ
7Tula9नहीं
8Vrishchika8नहीं
9Dhanu7हाँ
10Makara6हाँ
11Kumbha5नहीं
12Meena4नहीं

स्रोत: मुहूर्त चिंतामणि; बृहत् संहिता। ताराबल जन्म-नक्षत्र से आज के नक्षत्र तक 9-चक्र का उपयोग करता है।

उदय लग्न (उगती राशि) समय-रेखा

दिन के हर समय पूर्वी क्षितिज पर कौन सी राशि उग रही है। खंड की चौड़ाई वास्तविक उदय अवधि के अनुपात में है।
सभी 13 खंड (तालिका)
#राशिआरंभसमाप्ति
7Tula तुला06:5307:33
8Vrishchika वृश्चिक07:3309:53
9Dhanu धनु09:5311:53
10Makara मकर11:5313:33
11Kumbha कुम्भ13:3314:58
12Meena मीन14:5816:18
1Mesha मेष16:1817:48
2Vrishabha वृषभ17:4819:43
3Mithuna मिथुन19:4321:58
4Karka कर्क21:5824:23
5Simha सिंह24:2302:43
6Kanya कन्या02:4305:03
7Tula तुला05:0306:53

पंचक रहित मुहूर्त पञ्चक रहित मुहूर्त

पंचक श्रेणी के अनुसार 15 शास्त्रीय दिन-मुहूर्त खंड। हरा = शुभ; गुलाबी = टालें। चौड़ाई वास्तविक अवधि के अनुपात में है।
सभी 15 खंड (तालिका)
#नामआरंभसमाप्तिगुण
1Agni अग्नि06:5307:35अशुभ
2Raja राज07:3508:18अशुभ
3Chora चोर08:1809:00अशुभ
4Shubha शुभ09:0009:42शुभ
5Roga रोग09:4210:25अशुभ
6Mrityu मृत्यु10:2511:07अशुभ
7Agni अग्नि11:0711:49अशुभ
8Raja राज11:4912:32अशुभ
9Chora चोर12:3213:14अशुभ
10Shubha शुभ13:1413:56शुभ
11Roga रोग13:5614:39अशुभ
12Mrityu मृत्यु14:3915:21अशुभ
13Agni अग्नि15:2116:03अशुभ
14Raja राज16:0316:46अशुभ
15Chora चोर16:4617:28अशुभ

स्रोत: मुहूर्त चिंतामणि; निर्णय सिंधु।

ऋतु और अयन

वैदिक ऋतु, अयन, दिन/रात की लंबाई और सौर-दोपहर — आज के पंचांग के आसपास का ऋतु ढाँचा।

ऋतु (वैदिक)

Sharadशरद्

ऋतु (दृक)

Sharadशरद्

अयन

Dakshinayanaदक्षिणायन

दिनमान

10h 35m

रात्रिमान

13h 25m

मध्याह्न

12:10

स्रोत: सूर्यसिद्धांत। दिनमान = सूर्योदय→सूर्यास्त के मिनट; मध्याह्न = स्थानीय सौर दोपहर।

चौघड़िया - डलास, 9 नवम्बर 2025

डलास के आकाश में रविवार, 9 नवम्बर 2025 का दिन एक विशेष संयोग लेकर आता है। सूर्य प्रातः 06:53 बजे उगता है और अपराह्ण 17:28 बजे अस्त होता है, जिससे दिन में 10 घंटे 35 मिनट का उजाला मिलता है। तिथि पञ्चमी (कृष्ण पक्ष) है और दिन का नक्षत्र आर्द्रा है। साध्य योग पूरे दिन पर असर डालता है। डलास के लिए ब्रह्म मुहूर्त प्रातः 05:17 से प्रातः 06:05 तक है; यही वह समय है जिसे शास्त्र साधना और पढ़ाई के लिए सर्वोत्तम बताते हैं।

डलास में राहु काल अपराह्ण 16:08 से अपराह्ण 17:28 तक रहेगा — इस दौरान कोई नया काम शुरू न करें। दिशाशूल आज पश्चिम की ओर है, इसलिए रविवार को उस दिशा की यात्रा कुछ देर टाल दें। अच्छे समय के लिए लाभ चौघड़िया (प्रातः 09:32–प्रातः 10:51) सबसे उत्तम मुहूर्त है। आर्द्रा नक्षत्र राहु के अधिकार में है, जिससे यह दिन आकाशीय समय और डलास की भूमि — दोनों से जुड़ जाता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

डलास में 9 नवम्बर 2025 को राहु काल कब है?
डलास में 9 नवम्बर 2025 को राहु काल अपराह्ण 16:08 से अपराह्ण 17:28 तक रहता है। यह करीब 90 मिनट की खिड़की राहु के अधीन होती है और नया काम, यात्रा या शुभ कार्य शुरू करने से आमतौर पर बचा जाता है। यह समय हर दिन सूर्योदय के अनुसार बदलता है, इसलिए हर शहर में अलग होता है।
डलास में 9 नवम्बर 2025 को सूर्योदय प्रातः 06:53 बजे क्यों होता है?
डलास में 9 नवम्बर 2025 को सूर्योदय प्रातः 06:53 बजे होता है — यह शहर के अक्षांश (32.78°N) और इस तारीख को पृथ्वी के झुकाव से तय होता है। सूर्योदय और सूर्यास्त (अपराह्ण 17:28) वैदिक दिन की लंबाई तय करते हैं और राहु काल से लेकर चौघड़िया तक सभी गणनाएँ डलास के स्थानीय क्षितिज से जोड़ते हैं।
डलास में 9 नवम्बर 2025 को कौन-सा योग है?
डलास में 9 नवम्बर 2025 को साध्य योग है, जो रात्रि 03:32 से रात्रि 00:35 तक सक्रिय रहता है। पंचांग में योग सूर्य और चन्द्र की मिली-जुली स्थिति से बनता है और 27 योगों के चक्र में घूमता है। साध्य योग का अपना स्वभाव होता है जो दिन के कामों की शुभता पर असर डालता है।

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वट

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Naga Panchami Puja

नाग पंचमी पूजा

- Garuda Purana, Narada Purana

दिन दुर्लभता अंक

0.3064520357723386/ 100

डलास — 9 नवम्बर

सूर्योदय
प्रातः 06:53
सूर्यास्त
अपराह्ण 17:28
तिथि
पञ्चमी (कृष्ण पक्ष)
नक्षत्र
आर्द्रा (चतुर्थ पाद)
योग
साध्य
करण
तैतिल
माह
कार्तिक
चन्द्र राशि
मिथुन
सूर्य राशि
तुला
राहु काल
अपराह्ण 16:08–अपराह्ण 17:28
शुभ चौघड़िया
लाभ (प्रातः 09:32–प्रातः 10:51)
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