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चौघड़िया · अटलांटा

चौघड़ियाअटलांटा22 दिसम्बर 2026

मङ्गलवार · पौष · शुक्ल पक्ष

निरयण · लाहिड़ी
तिथि
चतुर्दशी
नक्षत्र
रोहिणी
योग
साध्य
करण
गरज
वार
मङ्गलवार

Full Moon

Sunrise 07:40 — Sunset 17:32 · day 9h 52m

96% illuminated · increasing

पंचांग — पाँच अंग पञ्चाङ्ग

तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार, उनके समाप्ति समय के साथ, साथ ही मास और चंद्रमा तथा सूर्य की राशि — इस शहर के सूर्योदय के अनुसार गणना। आधी रात के बाद का समय पारंपरिक विस्तारित घड़ी में दिखता है (जैसे 27:23 = अगली सुबह 03:23)।

तिथि
Chaturdashiचतुर्दशी24:17 तक
What this means

The lunar day. It is set by how far the Moon has pulled ahead of the Sun — each 12 degrees of separation is one tithi. The tithi shapes which activities the tradition favours, and it ends at the time shown, when the next one begins.

Muhurta ChintamaniTithi-prakaranam (Nanda/Bhadra/Jaya/Rikta/Purna tithi-types)
नक्षत्र
Rohiniरोहिणी21:26 तक
What this means

The Moon's star-mansion — the patch of sky it sits in today, one of 27. Each nakshatra has its own temperament that classical texts use to judge what the day is good for.

Brihat SamhitaNakshatra chapters (nakshatra qualities)
योग
Sadhyaसाध्य11:02 तक
What this means

A combined Sun-and-Moon measure (one of 27 nitya-yogas) — not the physical posture practice. A few yogas, such as Vyatipata and Vaidhriti, are best avoided; most are ordinary.

Muhurta ChintamaniYoga enumeration (tyajya-yoga list, v. 33)
करण
Garajaगरज14:08 तक
What this means

Half of a tithi — each lunar day holds two karanas. One of them, Vishti (also called Bhadra), is treated as inauspicious; the rest are workable.

BPHSKarana-jnana-vidhi (11 karanas including Vishti)
वार
Mangalavaraमङ्गलवार
What this means

The weekday and its ruling planet. Each day's planet colours which tasks the tradition recommends — e.g. Thursday (Jupiter) for auspicious beginnings.

Muhurta ChintamaniVara-prakaranam (weekday lords)
मास
Paushaपौष
What this means

The lunar month. India uses two reckonings — Amanta (new-moon to new-moon) and Purnimanta (full-moon to full-moon) — so the name can differ by region. An 'Adhika' (extra) month is inserted to keep the lunar and solar years aligned.

Nirnaya SindhuAdhikamasa-nirnaya (intercalary month)
पक्ष
शुक्ल पक्ष (बढ़ता चंद्र)
What this means

The fortnight. Shukla is the waxing half (Moon growing toward full); Krishna is the waning half (toward the new moon).

Calendar definition

चंद्र राशि
Vrishabha
What this means

The zodiac sign the Moon occupies now. Together with your birth Moon-sign it drives Chandrabala — the Moon's day-to-day favourability for you.

Muhurta Chintamani2.4-2.5 (Chandrabala)
सूर्य राशि
Dhanuधनु

निरयण (लाहिड़ी) गणना; अंग समाप्ति समय शहर के वास्तविक सूर्योदय के अनुसार। “अधिक मास” उस अतिरिक्त चंद्र मास को दर्शाता है जिसमें कोई सौर संक्रांति नहीं होती।

यह पंचांग कैसे गणना होती है

इस पृष्ठ का हर समय सूर्य और चंद्रमा की वास्तविक स्थिति से स्विस एफेमेरिस (वही उच्च-परिशुद्धता खगोलीय इंजन जिसे पेशेवर खगोलशास्त्री उपयोग करते हैं) से निकाला जाता है, किसी छपे पंचांग या तय तालिका से नहीं।

  • निरयण राशिचक्र, लाहिड़ी अयनांश — भारत सरकार के कैलेंडर में यही मानक है। सभी नक्षत्र, राशि, तिथि और योग की सीमाएँ इसी से बनती हैं।
  • स्थानीय वास्तविक सूर्योदय — मुहूर्त काल (राहु काल, चौघड़िया, होरा, अभिजित आदि) Atlanta के सटीक निर्देशांक के लिए गणना किए गए वास्तविक सूर्योदय से मापे जाते हैं, इसलिए वे आपके स्थान के लिए सही होते हैं, कोई क्षेत्रीय अनुमान नहीं।
  • दो मास परंपराएँ — हम अमांत (अमावस्या से अमावस्या) और पूर्णिमांत (पूर्णिमा से पूर्णिमा) दोनों चंद्र मास दिखाते हैं, क्योंकि भारत के अलग-अलग क्षेत्र अलग परंपरा मानते हैं; अधिक (मलमास) मास होने पर उसे अंकित किया जाता है।

महत्व और शुभ/अशुभ संकेत शास्त्रीय ग्रंथों (मुहूर्त चिंतामणि, बृहत् संहिता, पुराण आदि) से लिए जाते हैं और साथ में उद्धृत किए जाते हैं — हम कभी ऐसा प्रभाव नहीं बताते जो ग्रंथ में न हो।

आपका आज का पंचांग

अपना जन्म नक्षत्र और चंद्र राशि एक बार चुनें — फिर हम आज का आपका ताराबल और चंद्रबल पढ़कर बता देंगे। यह सिर्फ़ इसी डिवाइस पर सेव होता है; हमारे सर्वर पर कभी नहीं जाता।

आज क्या करना शुभ है?

आप जो करने वाले हैं वह चुनें। हम आज के पंचांग को शास्त्रीय मुहूर्त नियम से जाँचकर बताते हैं कि यह शुभ है या नहीं, सबसे अच्छा समय कौन-सा है, और यह किस ग्रंथ से है।

Choghadiya details (text table)
NameDevanagariPlanetPeriodStartEndQuality
RogरोगMarsday07:4008:54bad
Udvegउद्वेगSunday08:5410:08bad
CharचरVenusday10:0811:22neutral
LabhलाभMercuryday11:2212:36good
AmritअमृतMoonday12:3613:50good
KaalकालSaturnday13:5015:04bad
ShubhशुभJupiterday15:0416:18good
RogरोगMarsday16:1817:32bad
KaalकालSaturnnight17:3219:18bad
ShubhशुभJupiternight19:1821:04good
RogरोगMarsnight21:0422:50bad
Udvegउद्वेगSunnight22:5024:36bad
CharचरVenusnight24:3602:22neutral
LabhलाभMercurynight02:2204:08good
AmritअमृतMoonnight04:0805:54good
KaalकालSaturnnight05:5407:40bad
समय विवरण (तालिका)
कालआरंभसमाप्तिप्रकार
Rahu Kala15:0416:18अशुभ
Yamaghanda Kala10:0811:22अशुभ
Gulika Kala12:3613:50अशुभ
Abhijit Muhurta12:1612:55शुभ

शुभ मुहूर्त शुभ मुहूर्त

सूर्योदय और नक्षत्र के आधार पर बने वे समय जिन्हें शास्त्रीय मुहूर्त ग्रंथ साधना, अध्ययन और नई शुरुआत के लिए बताते हैं।

Brahma Muhurta

ब्रह्म मुहूर्त

06:04 – 06:52

Pratah Sandhya

प्रातः सन्ध्या

06:35 – 07:40

Vijaya Muhurta

विजय मुहूर्त

14:14 – 14:54

Godhuli Muhurta

गोधूलि मुहूर्त

17:20 – 17:44

Sayahna Sandhya

सायाह्न सन्ध्या

17:32 – 18:37

Nishita Muhurta

निशीथ मुहूर्त

24:12 – 01:00

Amrita Kalam

अमृत कालम्

05:12 – 06:37

स्रोत: मुहूर्त चिंतामणि; निर्णय सिंधु। उप-काल की गणना सूर्योदय + शहर के निर्देशांक पर सूर्य नक्षत्र की स्थिति से।

अशुभ काल अशुभ काल

राहु काल, यमगंड और गुलिक (ऊपर दिन की समय-रेखा में दिखाए गए) के अलावा, नई शुरुआत के लिए टालने योग्य शास्त्रीय काल।

Varjyam

वर्ज्यम्

14:23 – 15:47

नक्षत्र से निकला वह काल जिसे शास्त्र टालने को कहते हैं।

Dur Muhurtam 4

दुर्मुहूर्तम्

09:38 – 10:18

वार के अनुसार तय अशुभ उप-मुहूर्त।

Dur Muhurtam 9

दुर्मुहूर्तम्

12:55 – 13:35

वार के अनुसार तय अशुभ उप-मुहूर्त।

स्रोत: मुहूर्त चिंतामणि; धर्म सिंधु। उप-काल की गणना सूर्योदय + नक्षत्र की स्थिति से।

आज का सूर्य सूर्य

सूर्य की राशि और नक्षत्र — ऊपर हीरो में दिखाए गए चंद्र-पक्ष की तिथि और नक्षत्र का सूर्य-पक्ष पूरक।

सूर्य राशि

Dhanu#9

सूर्य नक्षत्र

Mula मूल

पाद 2 / 4

आज चंद्र पाद परिवर्तन

  • 10:52
  • 16:08
  • 21:24
  • 02:40

स्रोत: लाहिड़ी (चित्रपक्ष) निरयण गणना। पाद की गणना नक्षत्र को 3° 20′ के 4 बराबर भागों में बाँटकर।

हिंदू वर्ष विक्रम संवत्

इस वर्ष के विक्रम, शक और गुजराती संवत, साथ में 60-वर्षीय शासन-चक्र से चक्र का नाम (संवत्सर)।

विक्रम संवत

2083

Parabhava पराभव

वर्ष हब देखें

शक संवत

1948

Kilaka कीलक

गुजराती संवत

2082

Vishvavasu विश्वावसु

मंत्री मंडल — वर्ष शासन

पददेवता
RajaMoon
MantriMoon

बाकी शासन पद (8) इंजन द्वारा हल होते ही भर जाएँगे।

स्रोत: निर्णय सिंधु; सूर्यसिद्धांत। संवत्सर 60-वर्षीय बृहस्पति चक्र से।

दैनिक दिशाएँ दिशा

मुहूर्त चुनने में काम आने वाली दिन की दिशाएँ — यात्रा के लिए दिशा शूल, यज्ञ के लिए अग्निवास, लाभ की दिशा के लिए चंद्र/राहु वास, अनुष्ठान के समय के लिए शिववास।

Disha Shool

North उत्तर

अशुभ

स्रोत: Avoid travel toward this direction today

Chandra Vasa

South दक्षिण

शुभ

स्रोत: Direction favored by today's moon position

Rahu Vasa

North उत्तर

अशुभ

स्रोत: Direction occupied by Rahu; avoid offerings facing here

Agnivasa

Prithvi पृथ्वी

शुभ

स्रोत: Agni's dwelling for homa-suitability assessment

Shiva Vasa

Krida क्रीडा

अशुभ

स्रोत: Shiva's location for rudrabhisheka timing

Homahuti

Moon चन्द्र

शुभ

स्रोत: Benefic planet: offering auspicious

आज की बल तालिका

ताराबल और चंद्रबल — मुहूर्त चुनने में काम आने वाली दो शास्त्रीय बल जाँच। यदि आपका जन्म नक्षत्र या जन्म राशि अनुकूल सूची में आए, तो दिन नई शुरुआत के लिए ठीक है।

आज अनुकूल जन्म राशियाँ

Vrishabha, Karka, Simha, Vrishchika, Dhanu, Meena

ताराबल — सभी 27 जन्म नक्षत्र
#जन्म नक्षत्रतारागुण
1AshwiniKshema क्षेमसामान्य
2BharaniVipat विपत्सामान्य
3KrittikaSampat सम्पत्सामान्य
4RohiniJanma जन्मसामान्य
5MrigashiraAti-Mitra अतिमित्रसामान्य
6ArdraMitra मित्रसामान्य
7PunarvasuVadha वधसामान्य
8PushyaSadhaka साधकसामान्य
9AshleshaPratyari प्रत्यरिसामान्य
10MaghaKshema क्षेमसामान्य
11Purva PhalguniVipat विपत्सामान्य
12Uttara PhalguniSampat सम्पत्सामान्य
13HastaJanma जन्मसामान्य
14ChitraAti-Mitra अतिमित्रसामान्य
15SwatiMitra मित्रसामान्य
16VishakhaVadha वधसामान्य
17AnuradhaSadhaka साधकसामान्य
18JyeshthaPratyari प्रत्यरिसामान्य
19MulaKshema क्षेमसामान्य
20Purva AshadhaVipat विपत्सामान्य
21Uttara AshadhaSampat सम्पत्सामान्य
22ShravanaJanma जन्मसामान्य
23DhanishthaAti-Mitra अतिमित्रसामान्य
24ShatabhishaMitra मित्रसामान्य
25Purva BhadrapadaVadha वधसामान्य
26Uttara BhadrapadaSadhaka साधकसामान्य
27RevatiPratyari प्रत्यरिसामान्य
चंद्रबल — सभी 12 जन्म राशि
#जन्म राशिजन्म से भावअनुकूल
1Mesha2नहीं
2Vrishabha1हाँ
3Mithuna12नहीं
4Karka11हाँ
5Simha10हाँ
6Kanya9नहीं
7Tula8नहीं
8Vrishchika7हाँ
9Dhanu6हाँ
10Makara5नहीं
11Kumbha4नहीं
12Meena3हाँ

स्रोत: मुहूर्त चिंतामणि; बृहत् संहिता। ताराबल जन्म-नक्षत्र से आज के नक्षत्र तक 9-चक्र का उपयोग करता है।

उदय लग्न (उगती राशि) समय-रेखा

दिन के हर समय पूर्वी क्षितिज पर कौन सी राशि उग रही है। खंड की चौड़ाई वास्तविक उदय अवधि के अनुपात में है।
सभी 13 खंड (तालिका)
#राशिआरंभसमाप्ति
9Dhanu धनु07:4009:20
10Makara मकर09:2011:00
11Kumbha कुम्भ11:0012:20
12Meena मीन12:2013:40
1Mesha मेष13:4015:10
2Vrishabha वृषभ15:1017:00
3Mithuna मिथुन17:0019:20
4Karka कर्क19:2021:45
5Simha सिंह21:4524:05
6Kanya कन्या24:0502:30
7Tula तुला02:3004:50
8Vrishchika वृश्चिक04:5007:15
9Dhanu धनु07:1507:40

पंचक रहित मुहूर्त पञ्चक रहित मुहूर्त

पंचक श्रेणी के अनुसार 15 शास्त्रीय दिन-मुहूर्त खंड। हरा = शुभ; गुलाबी = टालें। चौड़ाई वास्तविक अवधि के अनुपात में है।
सभी 15 खंड (तालिका)
#नामआरंभसमाप्तिगुण
1Agni अग्नि07:4008:19अशुभ
2Raja राज08:1908:59अशुभ
3Chora चोर08:5909:38अशुभ
4Shubha शुभ09:3810:18शुभ
5Roga रोग10:1810:57अशुभ
6Mrityu मृत्यु10:5711:37अशुभ
7Agni अग्नि11:3712:16अशुभ
8Raja राज12:1612:55अशुभ
9Chora चोर12:5513:35अशुभ
10Shubha शुभ13:3514:14शुभ
11Roga रोग14:1414:54अशुभ
12Mrityu मृत्यु14:5415:33अशुभ
13Agni अग्नि15:3316:13अशुभ
14Raja राज16:1316:52अशुभ
15Chora चोर16:5217:32अशुभ

स्रोत: मुहूर्त चिंतामणि; निर्णय सिंधु।

ऋतु और अयन

वैदिक ऋतु, अयन, दिन/रात की लंबाई और सौर-दोपहर — आज के पंचांग के आसपास का ऋतु ढाँचा।

ऋतु (वैदिक)

Hemantaहेमन्त

ऋतु (दृक)

Hemantaहेमन्त

अयन

Dakshinayanaदक्षिणायन

दिनमान

9h 52m

रात्रिमान

14h 8m

मध्याह्न

12:36

स्रोत: सूर्यसिद्धांत। दिनमान = सूर्योदय→सूर्यास्त के मिनट; मध्याह्न = स्थानीय सौर दोपहर।

चौघड़िया - अटलांटा, 22 दिसम्बर 2026

मंगलवार, 22 दिसम्बर 2026 को अटलांटा का पंचांग एक खास लय लेकर आता है। आज सूर्योदय प्रातः 07:40 बजे होता है और अपराह्ण 17:32 बजे अस्त होता है, जिससे दिन में 9 घंटे 52 मिनट का उजाला मिलता है। शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि के साथ रोहिणी नक्षत्र दिन को दिशा देता है। दिन का योग साध्य है, जो इस 22 दिसम्बर 2026 के पंचांग को पूरा करता है। सूर्योदय से पहले प्रातः 06:04 से प्रातः 06:52 तक ब्रह्म मुहूर्त रहता है — प्रार्थना और मनन के लिए आदर्श समय।

आज राहु काल अपराह्ण 15:04 से अपराह्ण 16:18 के बीच है; यह समय नई शुरुआत के लिए टालना बेहतर है। आज दिशाशूल उत्तर दिशा में है — मंगलवार को इस ओर नई यात्रा टालने की परंपरा है। दिन का सबसे शुभ चौघड़िया लाभ (प्रातः 11:22–दोपहर 12:36) है — नई शुरुआत के लिए यही चुनें। रोहिणी नक्षत्र का स्वामी चन्द्र है, और यही ग्रह-गणना को अटलांटा की स्थानीय लय से बाँधता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अटलांटा में 22 दिसम्बर 2026 को राहु काल कब है?
अटलांटा में 22 दिसम्बर 2026 को राहु काल अपराह्ण 15:04 से अपराह्ण 16:18 तक रहता है। यह करीब 90 मिनट की खिड़की राहु के अधीन होती है और नया काम, यात्रा या शुभ कार्य शुरू करने से आमतौर पर बचा जाता है। यह समय हर दिन सूर्योदय के अनुसार बदलता है, इसलिए हर शहर में अलग होता है।
अटलांटा में 22 दिसम्बर 2026 को सूर्योदय प्रातः 07:40 बजे क्यों होता है?
अटलांटा में 22 दिसम्बर 2026 को सूर्योदय प्रातः 07:40 बजे होता है — यह शहर के अक्षांश (33.75°N) और इस तारीख को पृथ्वी के झुकाव से तय होता है। सूर्योदय और सूर्यास्त (अपराह्ण 17:32) वैदिक दिन की लंबाई तय करते हैं और राहु काल से लेकर चौघड़िया तक सभी गणनाएँ अटलांटा के स्थानीय क्षितिज से जोड़ते हैं।
अटलांटा में 22 दिसम्बर 2026 को कौन-सा योग है?
अटलांटा में 22 दिसम्बर 2026 को साध्य योग है, जो अपराह्ण 15:02 से प्रातः 11:02 तक सक्रिय रहता है। पंचांग में योग सूर्य और चन्द्र की मिली-जुली स्थिति से बनता है और 27 योगों के चक्र में घूमता है। साध्य योग का अपना स्वभाव होता है जो दिन के कामों की शुभता पर असर डालता है।

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Neem

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तुलसी (बुद्धि प्रयोग)

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Vat (Rohini/P.Phalguni alt)

वट (रोहिणी व पू. फाल्गुनी)

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Angaraka Chaturdashi Puja

अङ्गारक चतुर्दशी पूजा

- Parashurama Samhita, Hanuman Tantra

दिन दुर्लभता अंक

0.5071109212215239/ 100

अटलांटा — 22 दिसम्बर

सूर्योदय
प्रातः 07:40
सूर्यास्त
अपराह्ण 17:32
तिथि
चतुर्दशी (शुक्ल पक्ष)
नक्षत्र
रोहिणी (द्वितीय पाद)
योग
साध्य
करण
गरज
माह
पौष
चन्द्र राशि
वृषभ
सूर्य राशि
धनु
राहु काल
अपराह्ण 15:04–अपराह्ण 16:18
शुभ चौघड़िया
लाभ (प्रातः 11:22–दोपहर 12:36)
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