Kundlitkundlit
अभिजित मुहूर्त · डलास

अभिजित मुहूर्तडलास25 मार्च 2026

बुधवार · चैत्र · शुक्ल पक्ष

निरयण · लाहिड़ी
तिथि
अष्टमी
नक्षत्र
आर्द्रा
योग
सौभाग्य
करण
विष्टि
वार
बुधवार

Waxing Half-Moon

Sunrise 07:25 — Sunset 19:41 · day 12h 16m

47% illuminated · increasing

पंचांग — पाँच अंग पञ्चाङ्ग

तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार, उनके समाप्ति समय के साथ, साथ ही मास और चंद्रमा तथा सूर्य की राशि — इस शहर के सूर्योदय के अनुसार गणना। आधी रात के बाद का समय पारंपरिक विस्तारित घड़ी में दिखता है (जैसे 27:23 = अगली सुबह 03:23)।

तिथि
Ashtamiअष्टमी25:19 तक
What this means

The lunar day. It is set by how far the Moon has pulled ahead of the Sun — each 12 degrees of separation is one tithi. The tithi shapes which activities the tradition favours, and it ends at the time shown, when the next one begins.

Muhurta ChintamaniTithi-prakaranam (Nanda/Bhadra/Jaya/Rikta/Purna tithi-types)
नक्षत्र
Ardraआर्द्रा29:49 तक
What this means

The Moon's star-mansion — the patch of sky it sits in today, one of 27. Each nakshatra has its own temperament that classical texts use to judge what the day is good for.

Brihat SamhitaNakshatra chapters (nakshatra qualities)
योग
Saubhagyaसौभाग्य16:39 तक
What this means

A combined Sun-and-Moon measure (one of 27 nitya-yogas) — not the physical posture practice. A few yogas, such as Vyatipata and Vaidhriti, are best avoided; most are ordinary.

Muhurta ChintamaniYoga enumeration (tyajya-yoga list, v. 33)
करण
Vishtiविष्टि14:17 तक
What this means

Half of a tithi — each lunar day holds two karanas. One of them, Vishti (also called Bhadra), is treated as inauspicious; the rest are workable.

BPHSKarana-jnana-vidhi (11 karanas including Vishti)
वार
Budhavaraबुधवार
What this means

The weekday and its ruling planet. Each day's planet colours which tasks the tradition recommends — e.g. Thursday (Jupiter) for auspicious beginnings.

Muhurta ChintamaniVara-prakaranam (weekday lords)
मास
Chaitraचैत्र
What this means

The lunar month. India uses two reckonings — Amanta (new-moon to new-moon) and Purnimanta (full-moon to full-moon) — so the name can differ by region. An 'Adhika' (extra) month is inserted to keep the lunar and solar years aligned.

Nirnaya SindhuAdhikamasa-nirnaya (intercalary month)
पक्ष
शुक्ल पक्ष (बढ़ता चंद्र)
What this means

The fortnight. Shukla is the waxing half (Moon growing toward full); Krishna is the waning half (toward the new moon).

Calendar definition

चंद्र राशि
Mithuna
What this means

The zodiac sign the Moon occupies now. Together with your birth Moon-sign it drives Chandrabala — the Moon's day-to-day favourability for you.

Muhurta Chintamani2.4-2.5 (Chandrabala)
सूर्य राशि
Meenaमीन

निरयण (लाहिड़ी) गणना; अंग समाप्ति समय शहर के वास्तविक सूर्योदय के अनुसार। “अधिक मास” उस अतिरिक्त चंद्र मास को दर्शाता है जिसमें कोई सौर संक्रांति नहीं होती।

यह पंचांग कैसे गणना होती है

इस पृष्ठ का हर समय सूर्य और चंद्रमा की वास्तविक स्थिति से स्विस एफेमेरिस (वही उच्च-परिशुद्धता खगोलीय इंजन जिसे पेशेवर खगोलशास्त्री उपयोग करते हैं) से निकाला जाता है, किसी छपे पंचांग या तय तालिका से नहीं।

  • निरयण राशिचक्र, लाहिड़ी अयनांश — भारत सरकार के कैलेंडर में यही मानक है। सभी नक्षत्र, राशि, तिथि और योग की सीमाएँ इसी से बनती हैं।
  • स्थानीय वास्तविक सूर्योदय — मुहूर्त काल (राहु काल, चौघड़िया, होरा, अभिजित आदि) Dallas के सटीक निर्देशांक के लिए गणना किए गए वास्तविक सूर्योदय से मापे जाते हैं, इसलिए वे आपके स्थान के लिए सही होते हैं, कोई क्षेत्रीय अनुमान नहीं।
  • दो मास परंपराएँ — हम अमांत (अमावस्या से अमावस्या) और पूर्णिमांत (पूर्णिमा से पूर्णिमा) दोनों चंद्र मास दिखाते हैं, क्योंकि भारत के अलग-अलग क्षेत्र अलग परंपरा मानते हैं; अधिक (मलमास) मास होने पर उसे अंकित किया जाता है।

महत्व और शुभ/अशुभ संकेत शास्त्रीय ग्रंथों (मुहूर्त चिंतामणि, बृहत् संहिता, पुराण आदि) से लिए जाते हैं और साथ में उद्धृत किए जाते हैं — हम कभी ऐसा प्रभाव नहीं बताते जो ग्रंथ में न हो।

आपका आज का पंचांग

अपना जन्म नक्षत्र और चंद्र राशि एक बार चुनें — फिर हम आज का आपका ताराबल और चंद्रबल पढ़कर बता देंगे। यह सिर्फ़ इसी डिवाइस पर सेव होता है; हमारे सर्वर पर कभी नहीं जाता।

आज क्या करना शुभ है?

आप जो करने वाले हैं वह चुनें। हम आज के पंचांग को शास्त्रीय मुहूर्त नियम से जाँचकर बताते हैं कि यह शुभ है या नहीं, सबसे अच्छा समय कौन-सा है, और यह किस ग्रंथ से है।

समय विवरण (तालिका)
कालआरंभसमाप्तिप्रकार
Rahu Kala13:3315:05अशुभ
Yamaghanda Kala15:0516:37अशुभ
Gulika Kala12:0113:33अशुभ
Abhijit Muhurta13:0813:57शुभ

शुभ मुहूर्त शुभ मुहूर्त

सूर्योदय और नक्षत्र के आधार पर बने वे समय जिन्हें शास्त्रीय मुहूर्त ग्रंथ साधना, अध्ययन और नई शुरुआत के लिए बताते हैं।

Brahma Muhurta

ब्रह्म मुहूर्त

05:49 – 06:37

Pratah Sandhya

प्रातः सन्ध्या

06:20 – 07:25

Vijaya Muhurta

विजय मुहूर्त

15:35 – 16:25

Godhuli Muhurta

गोधूलि मुहूर्त

19:29 – 19:53

Sayahna Sandhya

सायाह्न सन्ध्या

19:41 – 20:46

Nishita Muhurta

निशीथ मुहूर्त

01:09 – 01:57

Amrita Kalam

अमृत कालम्

02:01 – 03:32

स्रोत: मुहूर्त चिंतामणि; निर्णय सिंधु। उप-काल की गणना सूर्योदय + शहर के निर्देशांक पर सूर्य नक्षत्र की स्थिति से।

अशुभ काल अशुभ काल

राहु काल, यमगंड और गुलिक (ऊपर दिन की समय-रेखा में दिखाए गए) के अलावा, नई शुरुआत के लिए टालने योग्य शास्त्रीय काल।

Varjyam

वर्ज्यम्

15:01 – 16:32

नक्षत्र से निकला वह काल जिसे शास्त्र टालने को कहते हैं।

Dur Muhurtam 8

दुर्मुहूर्तम्

13:08 – 13:57

वार के अनुसार तय अशुभ उप-मुहूर्त।

स्रोत: मुहूर्त चिंतामणि; धर्म सिंधु। उप-काल की गणना सूर्योदय + नक्षत्र की स्थिति से।

आज का सूर्य सूर्य

सूर्य की राशि और नक्षत्र — ऊपर हीरो में दिखाए गए चंद्र-पक्ष की तिथि और नक्षत्र का सूर्य-पक्ष पूरक।

सूर्य राशि

Meena#12

सूर्य नक्षत्र

Uttara Bhadrapada उत्तरभाद्रपदा

पाद 3 / 4

आज चंद्र पाद परिवर्तन

  • 12:45
  • 18:26
  • 24:08
  • 05:49

स्रोत: लाहिड़ी (चित्रपक्ष) निरयण गणना। पाद की गणना नक्षत्र को 3° 20′ के 4 बराबर भागों में बाँटकर।

हिंदू वर्ष विक्रम संवत्

इस वर्ष के विक्रम, शक और गुजराती संवत, साथ में 60-वर्षीय शासन-चक्र से चक्र का नाम (संवत्सर)।

विक्रम संवत

2083

Parabhava पराभव

वर्ष हब देखें

शक संवत

1948

Kilaka कीलक

गुजराती संवत

2082

Vishvavasu विश्वावसु

मंत्री मंडल — वर्ष शासन

पददेवता
RajaSun
MantriSun

बाकी शासन पद (8) इंजन द्वारा हल होते ही भर जाएँगे।

स्रोत: निर्णय सिंधु; सूर्यसिद्धांत। संवत्सर 60-वर्षीय बृहस्पति चक्र से।

दैनिक दिशाएँ दिशा

मुहूर्त चुनने में काम आने वाली दिन की दिशाएँ — यात्रा के लिए दिशा शूल, यज्ञ के लिए अग्निवास, लाभ की दिशा के लिए चंद्र/राहु वास, अनुष्ठान के समय के लिए शिववास।

Disha Shool

North उत्तर

अशुभ

स्रोत: Avoid travel toward this direction today

Chandra Vasa

West पश्चिम

शुभ

स्रोत: Direction favored by today's moon position

Rahu Vasa

Southeast आग्नेय

अशुभ

स्रोत: Direction occupied by Rahu; avoid offerings facing here

Agnivasa

Akasha आकाश

सामान्य

स्रोत: Agni's dwelling for homa-suitability assessment

Shiva Vasa

Kailasha कैलाश

शुभ

स्रोत: Shiva's location for rudrabhisheka timing

Homahuti

Venus शुक्र

शुभ

स्रोत: Benefic planet: offering auspicious

आज की बल तालिका

ताराबल और चंद्रबल — मुहूर्त चुनने में काम आने वाली दो शास्त्रीय बल जाँच। यदि आपका जन्म नक्षत्र या जन्म राशि अनुकूल सूची में आए, तो दिन नई शुरुआत के लिए ठीक है।

आज अनुकूल जन्म राशियाँ

Mesha, Mithuna, Simha, Kanya, Dhanu, Makara

ताराबल — सभी 27 जन्म नक्षत्र
#जन्म नक्षत्रतारागुण
1AshwiniSadhaka साधकसामान्य
2BharaniPratyari प्रत्यरिसामान्य
3KrittikaKshema क्षेमसामान्य
4RohiniVipat विपत्सामान्य
5MrigashiraSampat सम्पत्सामान्य
6ArdraJanma जन्मसामान्य
7PunarvasuAti-Mitra अतिमित्रसामान्य
8PushyaMitra मित्रसामान्य
9AshleshaVadha वधसामान्य
10MaghaSadhaka साधकसामान्य
11Purva PhalguniPratyari प्रत्यरिसामान्य
12Uttara PhalguniKshema क्षेमसामान्य
13HastaVipat विपत्सामान्य
14ChitraSampat सम्पत्सामान्य
15SwatiJanma जन्मसामान्य
16VishakhaAti-Mitra अतिमित्रसामान्य
17AnuradhaMitra मित्रसामान्य
18JyeshthaVadha वधसामान्य
19MulaSadhaka साधकसामान्य
20Purva AshadhaPratyari प्रत्यरिसामान्य
21Uttara AshadhaKshema क्षेमसामान्य
22ShravanaVipat विपत्सामान्य
23DhanishthaSampat सम्पत्सामान्य
24ShatabhishaJanma जन्मसामान्य
25Purva BhadrapadaAti-Mitra अतिमित्रसामान्य
26Uttara BhadrapadaMitra मित्रसामान्य
27RevatiVadha वधसामान्य
चंद्रबल — सभी 12 जन्म राशि
#जन्म राशिजन्म से भावअनुकूल
1Mesha3हाँ
2Vrishabha2नहीं
3Mithuna1हाँ
4Karka12नहीं
5Simha11हाँ
6Kanya10हाँ
7Tula9नहीं
8Vrishchika8नहीं
9Dhanu7हाँ
10Makara6हाँ
11Kumbha5नहीं
12Meena4नहीं

स्रोत: मुहूर्त चिंतामणि; बृहत् संहिता। ताराबल जन्म-नक्षत्र से आज के नक्षत्र तक 9-चक्र का उपयोग करता है।

उदय लग्न (उगती राशि) समय-रेखा

दिन के हर समय पूर्वी क्षितिज पर कौन सी राशि उग रही है। खंड की चौड़ाई वास्तविक उदय अवधि के अनुपात में है।
सभी 13 खंड (तालिका)
#राशिआरंभसमाप्ति
12Meena मीन07:2508:25
1Mesha मेष08:2509:55
2Vrishabha वृषभ09:5511:45
3Mithuna मिथुन11:4514:05
4Karka कर्क14:0516:25
5Simha सिंह16:2518:50
6Kanya कन्या18:5021:10
7Tula तुला21:1023:35
8Vrishchika वृश्चिक23:3501:55
9Dhanu धनु01:5503:55
10Makara मकर03:5505:35
11Kumbha कुम्भ05:3507:00
12Meena मीन07:0007:25

पंचक रहित मुहूर्त पञ्चक रहित मुहूर्त

पंचक श्रेणी के अनुसार 15 शास्त्रीय दिन-मुहूर्त खंड। हरा = शुभ; गुलाबी = टालें। चौड़ाई वास्तविक अवधि के अनुपात में है।
सभी 15 खंड (तालिका)
#नामआरंभसमाप्तिगुण
1Shubha शुभ07:2508:14शुभ
2Roga रोग08:1409:03अशुभ
3Mrityu मृत्यु09:0309:52अशुभ
4Agni अग्नि09:5210:41अशुभ
5Raja राज10:4111:30अशुभ
6Chora चोर11:3012:19अशुभ
7Shubha शुभ12:1913:08शुभ
8Roga रोग13:0813:57अशुभ
9Mrityu मृत्यु13:5714:46अशुभ
10Agni अग्नि14:4615:35अशुभ
11Raja राज15:3516:25अशुभ
12Chora चोर16:2517:14अशुभ
13Shubha शुभ17:1418:03शुभ
14Roga रोग18:0318:52अशुभ
15Mrityu मृत्यु18:5219:41अशुभ

स्रोत: मुहूर्त चिंतामणि; निर्णय सिंधु।

ऋतु और अयन

वैदिक ऋतु, अयन, दिन/रात की लंबाई और सौर-दोपहर — आज के पंचांग के आसपास का ऋतु ढाँचा।

ऋतु (वैदिक)

Vasantaवसन्त

ऋतु (दृक)

Shishiraशिशिर

अयन

Uttarayanaउत्तरायण

दिनमान

12h 16m

रात्रिमान

11h 44m

मध्याह्न

13:33

स्रोत: सूर्यसिद्धांत। दिनमान = सूर्योदय→सूर्यास्त के मिनट; मध्याह्न = स्थानीय सौर दोपहर।

अभिजित मुहूर्त - डलास, 25 मार्च 2026

डलास के आकाश में बुधवार, 25 मार्च 2026 का दिन एक विशेष संयोग लेकर आता है। सूर्य प्रातः 07:25 बजे उगता है और सायं 19:41 बजे अस्त होता है, जिससे दिन में 12 घंटे 16 मिनट का उजाला मिलता है। शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि के साथ आर्द्रा नक्षत्र दिन को दिशा देता है। दिन का योग सौभाग्य है, जो इस 25 मार्च 2026 के पंचांग को पूरा करता है। सूर्योदय से पहले प्रातः 05:49 से प्रातः 06:37 तक ब्रह्म मुहूर्त रहता है — प्रार्थना और मनन के लिए आदर्श समय।

आज राहु काल अपराह्ण 13:33 से अपराह्ण 15:05 के बीच है; यह समय नई शुरुआत के लिए टालना बेहतर है। आज दिशाशूल उत्तर दिशा में है — बुधवार को इस ओर नई यात्रा टालने की परंपरा है। दिन का सबसे शुभ चौघड़िया लाभ (प्रातः 07:25–प्रातः 08:57) है — नई शुरुआत के लिए यही चुनें। आर्द्रा नक्षत्र का स्वामी राहु है, और यही ग्रह-गणना को डलास की स्थानीय लय से बाँधता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

डलास में 25 मार्च 2026 को राहु काल कब है?
डलास में 25 मार्च 2026 को राहु काल अपराह्ण 13:33 से अपराह्ण 15:05 तक रहता है। यह करीब 90 मिनट की खिड़की राहु के अधीन होती है और नया काम, यात्रा या शुभ कार्य शुरू करने से आमतौर पर बचा जाता है। यह समय हर दिन सूर्योदय के अनुसार बदलता है, इसलिए हर शहर में अलग होता है।
डलास में 25 मार्च 2026 को सूर्योदय प्रातः 07:25 बजे क्यों होता है?
डलास में 25 मार्च 2026 को सूर्योदय प्रातः 07:25 बजे होता है — यह शहर के अक्षांश (32.78°N) और इस तारीख को पृथ्वी के झुकाव से तय होता है। सूर्योदय और सूर्यास्त (सायं 19:41) वैदिक दिन की लंबाई तय करते हैं और राहु काल से लेकर चौघड़िया तक सभी गणनाएँ डलास के स्थानीय क्षितिज से जोड़ते हैं।
डलास में 25 मार्च 2026 को कौन-सा योग है?
डलास में 25 मार्च 2026 को सौभाग्य योग है, जो सायं 19:32 से अपराह्ण 16:39 तक सक्रिय रहता है। पंचांग में योग सूर्य और चन्द्र की मिली-जुली स्थिति से बनता है और 27 योगों के चक्र में घूमता है। सौभाग्य योग का अपना स्वभाव होता है जो दिन के कामों की शुभता पर असर डालता है।

संबंधित पंचांग पृष्ठ

दैनिक प्रामाणिकता

तांत्रिक बंदा खिड़कियाँ

Vat

वट

स्रोत:

साधना विधान

Nakshatra-Vara Yoga Sadhana

नक्षत्र-वार योग साधना

- Muhurta Chintamani, Brihat Samhita

Kali Ashtami Puja

काली अष्टमी पूजा

- Kali Tantra, Mahanirvana Tantra

Ashtami Durga Puja

अष्टमी दुर्गा पूजा

- Devi Mahatmya, Durga Saptashati

Vishti (Bhadra) Karana Shanti

विष्टि (भद्रा) करण शान्ति

- Muhurta Chintamani, Dharmasindhu

Vishti (Bhadra) Karana Upaya

विष्टि (भद्रा) करण उपाय

- Muhurta Chintamani, Dharmasindhu

दिन दुर्लभता अंक

0.5625718891539626/ 100

डलास — 25 मार्च

सूर्योदय
प्रातः 07:25
सूर्यास्त
सायं 19:41
तिथि
अष्टमी (शुक्ल पक्ष)
नक्षत्र
आर्द्रा (प्रथम पाद)
योग
सौभाग्य
करण
विष्टि
माह
चैत्र
चन्द्र राशि
मिथुन
सूर्य राशि
मीन
राहु काल
अपराह्ण 13:33–अपराह्ण 15:05
शुभ चौघड़िया
लाभ (प्रातः 07:25–प्रातः 08:57)
Embed this Abhijit Muhurta on your site
Theme
Width
HTML iframe
<iframe src="https://kundlit.com/embed/abhijit-muhurta?city=Dallas" width="360" height="300" loading="lazy" referrerpolicy="no-referrer-when-downgrade" style="border:0;border-radius:12px;max-width:100%" title="Abhijit Muhurta — Kundlit"></iframe>
WordPress
[iframe src="https://kundlit.com/embed/abhijit-muhurta?city=Dallas" width="360" height="300"]
URL only
https://kundlit.com/embed/abhijit-muhurta?city=Dallas

Free to embed, including on commercial sites. Attribution is built into the widget — please don't remove it. The widget loads ~3KB of styles and one live API call; no cookies, no tracking scripts.

Live preview